India has a long tradition of handicrafts and Varanasi has played a key role in this regard: PM Modi
We want our weavers and artisans belonging to the carpet industry to prosper and get global recognition: PM Modi
For the carpet sector, our mantra is Farm to Fibre, Fibre to Fabric, Fabric to Fashion and Fashion to Foreign: PM Modi

வாரணாசியில் நடைபெறும் இந்தியா கம்பளக் கண்காட்சியில் பிரதமர் திரு. நரேந்திரமோடி இன்று (21.10.2018) காணொலி மூலம் உரையாற்றினார்.

வெளிநாடுகளிலிருந்தும் இந்தியாவிலிருந்தும் வந்திருந்த விருந்தினர்களை வரவேற்ற பிரதமர், வாரணாசியில் உள்ள தீன்தயாள் கைவினைப்பொருட்கள் இணையத்தில் இந்தியா கம்பளக் கண்காட்சி நடைபெறுவது இதுவே முதல் முறை என்று கூறினார். வாரணாசி, பாடோஹி, மிர்ஸாபூர் ஆகிய இடங்கள் கம்பள தொழிலின் முக்கிய மையங்கள் என்று கூறினார். கைவினைப் பொருட்கள், சிறு மற்றும் நடுத்தர தொழில்கள் ஆகியவற்றை ஊக்குவிப்பதில் எடுக்கப்படும் நடவடிக்கைகள் குறித்து பிரதமர் பேசினார்.

கைவினைப் பொருட்களைப் பொறுத்தவரை இந்தியா நீண்ட பாரம்பரியம் கொண்டது என்று குறிப்பிட்ட பிரதமர், வாரணாசி இந்த வகையில் முக்கிய பங்காற்றியுள்ளது என்றார். இது தொடர்பாக இந்த பகுதியைச் சேர்ந்த மாபெரும் ஞானக் கவிஞர் கபீரின் பெயரை அவர் குறிப்பிட்டார்.

கைவினைப்பொருட்கள் விடுதலைப்போராட்டத்தின் ஊக்க ஊற்றாக விளங்கியது என்றும், தற்சார்பு நிலையை பெறுவதற்கும் அது உதவுகிறது என்றும் அவர் கூறினார். இந்த வகையில் பிரதமர் மகாத்மாகாந்தி, சத்தியாகிரகம், ராட்டை ஆகியனப்பற்றி குறிப்பிட்டார்.

இந்தியா இன்று மிகப்பெரிய கம்பள உற்பத்தி நாடாக திகழ்கிறது என்றும், உலக சந்தையில் இந்திய கம்பளத்தின் பங்கு 35 சதவீதம் என்றும் பிரதமர் கூறினார். இந்தத் துறையில் குறிப்பிடத்தக்க ஏற்றுமதி சாதனைகள் குறித்தும் பிரதமர் பேசினார். இந்தத் துறையின் வளர்ச்சிக்கு உயர்ந்து வரும் நடுத்தர வகுப்பினரின் பொருளாதார நிலையும், கம்பளத் தொழிலுக்கு அரசு மூலம் அளிக்கப்பட்டு வரும் ஆதரவும் அடிப்படைக் காரணங்கள் என்று அவர் கூறினார். கம்பள உற்பத்தியாளர்கள் திறன்களை வெகுவாக பாராட்டிய பிரதமர், இதன் காரணமாகவே “இந்தியாவில் தயாரிக்கப்பட்ட கம்பளம்” பெரிய வர்த்தகச் சின்னமாக மாறிவிட்டது என்றார். கம்பள ஏற்றுமதியாளர்களுக்கு வழங்கப்பட்டு வரும் போக்குவரத்து ஆதரவு குறித்தும் கம்பளங்களின் தரத்தை உறுதி செய்வதற்கு உலகத்தரம் வாய்ந்த சோதனைக்கூடங்கள் ஏற்படுத்தப்பட்டு இருப்பதையும் பற்றி பிரதமர் பேசினார். இந்தத் துறைக்கு கிடைத்து வரும் கடன் வசதிகள் உள்ளிட்ட இதர வசதிகள் குறித்தும் பிரதமர் குறிப்பிட்டார்.

கம்பள தயாரிப்பாளர்களின் திறனும், கடுமையான உழைப்பும் நாட்டின் மிகச்சிறந்த வலுவாக மாறுவதை உறுதி செய்வதில் மத்திய அரசு முனைப்புடன் செயல்படுகிறது என்று பிரதமர் திரு.நரேந்திரமோடி தெரிவித்தார்.

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Text of PM's remarks at beginning of the Budget Session of Parliament
January 29, 2026
The President’s Address Reflects Confidence and Aspirations of 140 crore Indians: PM
India-EU Free Trade Agreement Opens Vast Opportunities for Youth, Farmers, and Manufacturers: PM
Our Government believes in Reform, Perform, Transform; Nation is moving Rapidly on Reform Express: PM
India’s Democracy and Demography are a Beacon of Hope for the World: PM
The time is for Solutions, Empowering Decisions and Accelerating Reforms: PM

नमस्कार साथियों!

कल राष्ट्रपति जी का उद्बोधन 140 करोड़ देशवासियों के आत्मविश्वास की अभिव्यक्ति था, 140 करोड़ देशवासियों के पुरुषार्थ का लेखा-जोखा था और 140 करोड़ देशवासी और उसमें भी ज्यादातर युवा, उनके एस्पिरेशन को रेखांकित करने का बहुत ही सटीक उद्बोधन, सभी सांसदों के लिए कई मार्गदर्शक बातें भी, कल आदरणीय राष्ट्रपति जी ने सदन में सबके सामने रखी हैं। सत्र के प्रारंभ में ही और 2026 के प्रारंभ में ही, आदरणीय राष्ट्रपति जी ने सांसदों से जो अपेक्षाएं व्यक्त की हैं, उन्होंने बहुत ही सरल शब्दों में राष्ट्र के मुखिया के रूप में जो भावनाएं व्यक्त की हैं, मुझे पूरा विश्वास है कि सभी माननीय सांसदों ने उसको गंभीरता से लिया ही होगा और यह सत्र अपने आप में बहुत ही महत्वपूर्ण सत्र होता है। यह बजट सत्र है, 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है, यह दूसरी चौथाई का प्रारंभ हो रहा है, और 2047 विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यह महत्वपूर्ण 25 वर्ष का दौर आरंभ हो रहा है और यह दूसरे क्वार्टर का, इस शताब्दी के दूसरे क्वार्टर का यह पहला बजट आ रहा है और वित्त मंत्री निर्मला जी, देश की पहली वित्त मंत्री ऐसी हैं, महिला वित्त मंत्री ऐसी हैं, जो लगातार 9वीं बार देश के संसद में बजट प्रस्तुत करने जा रही है। यह अपने आप में एक गौरव पल के रूप में भारत के संसदीय इतिहास में रजिस्टर हो रहा है।

साथियों,

इस वर्ष का प्रारंभ बहुत ही पॉजिटिव नोट के साथ शुरू हुआ है। आत्मविश्वास से भरा हिंदुस्तान आज विश्व के लिए आशा की किरण भी बना है, आकर्षण का केंद्र भी बना है। इस क्वार्टर के प्रारंभ में ही भारत और यूरोपीय यूनियन का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट आने वाली दिशाएं कितनी उज्ज्वल हैं, भारत के युवाओं का भविष्य कितना उज्ज्वल है, उसकी एक झलक है। यह फ्री ट्रेड फॉर एंबिशियस भारत है, यह फ्री ट्रेड फॉर एस्पिरेशनल यूथ है, यह फ्री ट्रेड फॉर आत्मनिर्भर भारत है और मुझे पक्का विश्वास है, खास करके जो भारत के मैन्युफैक्चरर्स हैं, वे इस अवसर को अपनी क्षमताएं बढ़ाने के लिए करेंगे। और मैं सभी प्रकार के उत्पादकों से यही कहूंगा कि जब भारत यूरोपियन यूनियन के बीच मदर ऑफ ऑल डील्स जिसको कहते हैं, वैसा समझौता हुआ है तब, मेरे देश के उद्योगकार, मेरे देश के मैन्युफैक्चरर्स, अब तो बहुत बड़ा बाजार खुल गया, अब बहुत सस्ते में हमारा माल पहुंच जाएगा, इतने भाव से वो बैठे ना रहे, यह एक अवसर है, और इस अवसर का सबसे पहले मंत्र यह होता है, कि हम क्वालिटी पर बल दें, हम अब जब बाजार खुल गया है तो उत्तम से उत्तम क्वालिटी लेकर के बाजार में जाएं और अगर उत्तम से उत्तम क्वालिटी लेकर के जाते हैं, तो हम यूरोपियन यूनियन के 27 देशों के खरीदारों से पैसे ही कमाते हैं इतना ही नहीं, क्वालिटी के कारण से उनका दिल जीत लेते हैं, और वो लंबे अरसे तक प्रभाव रहता है उसका, दशकों तक उसका प्रभाव रहता है। कंपनियों का ब्रांड देश के ब्रांड के साथ नए गौरव को प्रस्थापित कर देता है और इसलिए 27 देशों के साथ हुआ यह समझौता, हमारे देश के मछुआरे, हमारे देश के किसान, हमारे देश के युवा, सर्विस सेक्टर में जो लोग विश्व में अलग-अलग जगह पर जाने के उत्सुक हैं, उनके लिए बहुत बड़े अवसर लेकर के आ रहा है। और मुझे पक्का विश्वास है, एक प्रकार से कॉन्फिडेंस कॉम्पिटेटिव और प्रोडक्टिव भारत की दिशा में यह बहुत बड़ा कदम है।

साथियों,

देश का ध्यान बजट की तरफ होना बहुत स्वाभाविक है, लेकिन इस सरकार की यह पहचान रही है- रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। और अब तो हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं, बहुत तेजी से चल पड़े हैं और मैं संसद के भी सभी साथियों का आभार व्यक्त करता हूं, इस रिफॉर्म एक्सप्रेसवे को गति देने में वे भी अपनी सकारात्मक शक्ति को लगा रहे हैं और उसके कारण रिफॉर्म एक्सप्रेस को भी लगातार गति मिल रही है। देश लॉन्ग टर्म पेंडिंग प्रॉब्लम अब उससे निकल करके, लॉन्ग टर्म सॉल्यूशन के मार्ग पर मजबूती के साथ कदम रख रहा है। और जब लॉन्ग टर्म सॉल्यूशंस होते हैं, तब predictivity होती है, जो विश्व में एक भरोसा पैदा करती है! हमारे हर निर्णय में राष्ट्र की प्रगति यह हमारा लक्ष्य है, लेकिन हमारे सारे निर्णय ह्यूमन सेंट्रिक हैं। हमारी भूमिका, हमारी योजनाएं, ह्यूमन सेंट्रिक है। हम टेक्नोलॉजी के साथ स्पर्धा भी करेंगे, हम टेक्नोलॉजी को आत्मसात भी करेंगे, हम टेक्नोलॉजी के सामर्थ्य को स्वीकार भी करेंगे, लेकिन उसके साथ-साथ हम मानव केंद्रीय व्यवस्था को जरा भी कम नहीं आकेंगे, हम संवेदनशीलताओं की महत्वता को समझते हुए टेक्नोलॉजी की जुगलबंदी के साथ आगे बढ़ने के व्यू के साथ आगे सोचेंगे। जो हमारे टिकाकार रहते हैं साथी, हमारे प्रति पसंद ना पसंद का रवैया रहता है और लोकतंत्र में बहुत स्वाभाविक है, लेकिन एक बात हर कोई कहता है, कि इस सरकार ने लास्ट माइल डिलीवरी पर बल दिया है। योजनाओं को फाइलों तक नहीं, उसे लाइफ तक पहुंचाने का प्रयास रहता है। और यही हमारी जो परंपरा है, उसको हम आने वाले दिनों में रिफॉर्म एक्सप्रेस में नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म के साथ आगे बढ़ाने वाले हैं। भारत की डेमोक्रेसी और भारत की डेमोग्राफी, आज दुनिया के लिए एक बहुत बड़ी उम्मीद है, तब इस लोकतंत्र के मंदिर में हम विश्व समुदाय को भी कोई संदेश दें, हमारे सामर्थ्य का, हमारे लोकतंत्र के प्रति समर्पण का, लोकतंत्र की प्रक्रियाओं के द्वारा हुए निर्णय का सम्मान करने का यह अवसर है, और विश्व इसका जरूर स्वागत भी करता है, स्वीकार भी करता है। आज जिस प्रकार से देश आगे बढ़ रहा है आज समय व्यवधान का नहीं है, आज समय समाधान का है। आज प्राथमिकता व्यवधान नहीं है, आज प्राथमिकता समाधान है। आज भूमिका व्यवधान के माध्यम से रोते बैठने का नहीं है, आज हिम्मत के साथ समाधानकारी निर्णयों का कालखंड है। मैं सभी माननीय सांसदों से आग्रह करूंगा कि वे आएं, राष्ट्र के लिए आवश्यक समाधानों के दौर को हम गति दें, निर्णयों को हम शक्ति दें और लास्ट माइल डिलीवरी में हम सफलतापूर्वक आगे बढ़ें, साथियों आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद, बहुत-बहुत शुभकामनाएं।