Remarks by PM Modi at joint press meet with President Kagame of Rwanda

Published By : Admin | July 23, 2018 | 22:44 IST
The relationship between India and Rwanda has stood the test of time; it is a matter of pride for us that India has been a trusted partner in Rwanda's economic as well as national development: PM Modi
India will open its first high commission in Rwanda soon: PM Modi
We want to strengthen our business and investment ties with Rwanda: Prime Minister Modi

Your Excellency President
पॉल कगामे,

Distinguished delegates,
Members of the Media,

यह पहला अवसर है जब भारत का कोई प्रधानमंत्री Rwanda आया है। और मेरा सौभाग्य है कि मेरे मित्र राष्ट्रपति कगामे जी के निमंत्रण पर यह सुअवसर मुझे मिला है।

राष्ट्रपति जी के दोस्ताना शब्दों, और मेरे तथा मेरे delegation के गर्मजोशी भरे स्वागत और सम्मान के लिए मैं ह्रदय से आभार प्रकट करता हूँ। राष्ट्रपति जी स्वयं मेरा स्वागत करने airport आए। उनका यह special gesture पूरे भारत का सम्मान है। कल सुबह, Kigali जेनोसाइड मेमोरियल पर मैं श्रद्धाजंलि अर्पित करूंगा। 1994 के जेनोसाइड के बाद Rwanda ने जो शांति-प्रक्रिया अपनाई है, वह सच्चे अर्थों में सराहनीय और अनूठी है। President Kagame का कुशल नेतृत्व ही है जिनके प्रभावी और सक्षम शासन से Rwanda आज तेज गति से आर्थिक प्रगति कर रहा है।

 Friends,

भारत और Rwanda के संबंध समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं। हमारे लिए यह गर्व का विषय है कि Rwanda की आर्थिक विकास और राष्ट्रीय विकास यात्रा में भारत आपका विश्वस्त साझेदार रहा है। Rwanda की विकास यात्रा में हमारा योगदान आगे भी बना रहेगा। हम training, technology, infrastructure development और project assistance के क्षेत्रों में सहयोग करते रहे हैं। Finance, management, rural development और ICT जैसे क्षेत्रों में हम Rwanda के लिए अग्रणी भारतीय संस्थानों में training प्रदान करते हैं। Capacity building में इस योगदान को हम और बढ़ाना चाहेंगे। आज हमने Two hundred million dollars के lines of credit और training के विषय पर समझौते किये हैं। आज हमने नए क्षेत्रों जैसे लेदर और डेरी research सहित दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर भी चर्चा की है। इस संदर्भ में, मैं कल राष्ट्रपति जी के साथ रवेरू आदर्श गाँव की यात्रा के बारे में बहुत उत्सुक हूँ। भारत स्वयं एक कृषि प्रधान देश है, और हमारी अधिकांश जन-संख्या गावों में बसती है। और इसलिए, मैं ग्रामीण जीवन को सुधारने के लिए Rwanda के अनुभव से और राष्ट्रपति जी की पहलों से लाभान्वित होना चाहता हूँ। मेनीफेकचरिंग Sector, Hospitality और Tourism सहित हमने ऐसे बहुत से क्षेत्र प्रस्तावित किए हैं जहां भारत और Rwanda व्यापक विकासात्मक भागीदारी मजबूत कर सकते हैं। हम अपने व्यापारिक और निवेश संबंधों को और अधिक मजबूत करना चाहते हैं। और इसलिए, President कगामे और मैं कल दोनों देशों के प्रमुख business leaders से मिलेंगे और उनके सुझावों पर विचार करेंगे।

 Friends,

मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि हम शीघ्र ही Rwanda में High Commission खोलने वाले है। इससे न सिर्फ़ हमारी सरकारों के बीच घनिष्ठ संवाद संभव होगा,साथ ही कोनसूलर, पासपोर्ट और वीज़ा तथा अन्य सुविधाएं भी सुलभ होंगी। हम दोनों देशों के बीच संबंधों को आने वाले समय में और अधिक उच्च स्तर पर ले जाने के लिए आशान्वित हैं।

मैं एक बार फिर राष्ट्रपति जी को अपना हार्दिक आभार देता हूँ। और सवा सौ करोड़ भारतीयों की ओर से रवांडा के लोंगों को भी शुभकामनाएं देता हूँ।

धन्यवाद।

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Text of PM’s remarks during inauguration of Swaminarayan Hindu Temple in Paris
September 06, 2026

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!