भारत और रवांडा के संबंध समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं, हमारे लिए यह गर्व का विषय है कि रवांडा की आर्थिक विकास और राष्ट्रीय विकास यात्रा में भारत आपका विश्वस्त साझेदार रहा है: प्रधानमंत्री मोदी
भारत बहुत जल्द रवांडा में अपना पहला हाई कमीशन शुरू करेगा: पीएम मोदी
हम रवांडा के साथ अपने व्यापारिक और निवेश संबंधों को और अधिक मजबूत करना चाहते हैं: प्रधानमंत्री

Your Excellency President
पॉल कगामे,

Distinguished delegates,
Members of the Media,

यह पहला अवसर है जब भारत का कोई प्रधानमंत्री Rwanda आया है। और मेरा सौभाग्य है कि मेरे मित्र राष्ट्रपति कगामे जी के निमंत्रण पर यह सुअवसर मुझे मिला है।

राष्ट्रपति जी के दोस्ताना शब्दों, और मेरे तथा मेरे delegation के गर्मजोशी भरे स्वागत और सम्मान के लिए मैं ह्रदय से आभार प्रकट करता हूँ। राष्ट्रपति जी स्वयं मेरा स्वागत करने airport आए। उनका यह special gesture पूरे भारत का सम्मान है। कल सुबह, Kigali जेनोसाइड मेमोरियल पर मैं श्रद्धाजंलि अर्पित करूंगा। 1994 के जेनोसाइड के बाद Rwanda ने जो शांति-प्रक्रिया अपनाई है, वह सच्चे अर्थों में सराहनीय और अनूठी है। President Kagame का कुशल नेतृत्व ही है जिनके प्रभावी और सक्षम शासन से Rwanda आज तेज गति से आर्थिक प्रगति कर रहा है।

Friends,

भारत और Rwanda के संबंध समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं। हमारे लिए यह गर्व का विषय है कि Rwanda की आर्थिक विकास और राष्ट्रीय विकास यात्रा में भारत आपका विश्वस्त साझेदार रहा है। Rwanda की विकास यात्रा में हमारा योगदान आगे भी बना रहेगा। हम training, technology, infrastructure development और project assistance के क्षेत्रों में सहयोग करते रहे हैं। Finance, management, rural development और ICT जैसे क्षेत्रों में हम Rwanda के लिए अग्रणी भारतीय संस्थानों में training प्रदान करते हैं। Capacity building में इस योगदान को हम और बढ़ाना चाहेंगे। आज हमने Two hundred million dollars के lines of credit और training के विषय पर समझौते किये हैं। आज हमने नए क्षेत्रों जैसे लेदर और डेरी research सहित दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर भी चर्चा की है। इस संदर्भ में, मैं कल राष्ट्रपति जी के साथ रवेरू आदर्श गाँव की यात्रा के बारे में बहुत उत्सुक हूँ। भारत स्वयं एक कृषि प्रधान देश है, और हमारी अधिकांश जन-संख्या गावों में बसती है। और इसलिए, मैं ग्रामीण जीवन को सुधारने के लिए Rwanda के अनुभव से और राष्ट्रपति जी की पहलों से लाभान्वित होना चाहता हूँ। मेनीफेकचरिंग Sector, Hospitality और Tourism सहित हमने ऐसे बहुत से क्षेत्र प्रस्तावित किए हैं जहां भारत और Rwanda व्यापक विकासात्मक भागीदारी मजबूत कर सकते हैं। हम अपने व्यापारिक और निवेश संबंधों को और अधिक मजबूत करना चाहते हैं। और इसलिए, President कगामे और मैं कल दोनों देशों के प्रमुख business leaders से मिलेंगे और उनके सुझावों पर विचार करेंगे।

Friends,

मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि हम शीघ्र ही Rwanda में High Commission खोलने वाले है। इससे न सिर्फ़ हमारी सरकारों के बीच घनिष्ठ संवाद संभव होगा,साथ ही कोनसूलर, पासपोर्ट और वीज़ा तथा अन्य सुविधाएं भी सुलभ होंगी। हम दोनों देशों के बीच संबंधों को आने वाले समय में और अधिक उच्च स्तर पर ले जाने के लिए आशान्वित हैं।

मैं एक बार फिर राष्ट्रपति जी को अपना हार्दिक आभार देता हूँ। और सवा सौ करोड़ भारतीयों की ओर से रवांडा के लोंगों को भी शुभकामनाएं देता हूँ।

धन्यवाद।

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प्रधानमंत्री की सेशेल्स की राजकीय यात्रा
June 28, 2026

27 से 29 जून 2026 तक सेशेल्स की अपनी राजकीय यात्रा के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने आज माहे द्वीप के विक्टोरिया स्थित स्टेट हाउस में आधिकारिक वार्ता की।

वार्ता में द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने स्वास्थ्य, शिक्षा, क्षमता विकास, डिजिटल परिवर्तन, सतत् विकास, सामाजिक अवसंरचना, अक्षय ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा तथा रक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को और सुदृढ़ करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने हिंद महासागर क्षेत्र में अवैध मत्स्यन, मादक पदार्थों की तस्करी और समुद्री डकैती जैसी चुनौतियों सहित क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों नेताओं ने भारत द्वारा घोषित विशेष आर्थिक पैकेज के अंतर्गत परियोजनाओं और पहलों के कार्यान्वयन में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की विकास प्राथमिकताओं के समर्थन तथा दोनों देशों के बीच घनिष्ठ और स्थायी साझेदारी को और गहरा करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

आधिकारिक वार्ता के उपरांत दोनों नेताओं ने भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक संयुक्त स्मारक लोगो जारी किया। इसके बाद क्षमता विकास, यूपीआई, स्वास्थ्य, कृषि, पोत परिवहन, अंतरिक्ष, प्रत्यर्पण तथा ऋण सहायता (लाइन ऑफ क्रेडिट) के क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों/समझौतों का आदान-प्रदान किया गया। ऋण सहायता (लाइन ऑफ क्रेडिट) की राशि 1,250 करोड़ रुपये है। समझौता ज्ञापनों/समझौतों की पूरी सूची यहाँ [link] देखी जा सकती है। इसके अतिरिक्त, सेशेल्स की विकास आवश्यकताओं के समर्थन में खाद्य सुरक्षा, अवसंरचना, स्वास्थ्य, व्यावसायिक प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा तथा रक्षा के क्षेत्रों में कई घोषणाएँ भी की गईं। इन घोषणाओं का विवरण यहाँ [link] देखा जा सकता है। सेशेल्स ने आपदा-प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन (सीडीआरआई) में शामिल होने की भी घोषणा की।

दिन के बाद के हिस्‍से में प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की राष्ट्रीय विधानसभा के विशेष अधिवेशन को संबोधित किया और ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। अपने संबोधन में उन्होंने भारत और सेशेल्स के बीच मित्रता के ऐतिहासिक संबंधों पर प्रकाश डाला तथा लोकतंत्र, विधि का शासन और जन-केंद्रित सुशासन जैसे साझा मूल्यों को रेखांकित किया, जो दोनों देशों का मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि परस्पर विश्वास और घनिष्ठ सहयोग ने विकास सहयोग, समुद्री सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार, स्वास्थ्य तथा क्षमता विकास जैसे क्षेत्रों में विस्तृत एक मजबूत साझेदारी को आकार दिया है। प्रधानमंत्री ने दोनों लोकतंत्रों के बीच संसदीय आदान-प्रदान को और बढ़ाने का भी आह्वान किया। प्रधानमंत्री का पूरा संबोधन यहाँ [link] देखा जा सकता है।

सेशेल्स के विपक्ष के नेता महामहिम श्री बर्नार्ड जॉर्जेस ने भी प्रधानमंत्री से भेंट की। दोनों नेताओं ने भारत-सेशेल्स द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की और दोनों देशों के बीच विशेष मित्रता को और सुदृढ़ बनाने के प्रति अपना दृढ़ समर्थन व्यक्त किया।