Can the Congress, which takes 85% commission, create the future of the youth of Karnataka, asks PM Modi in Shivamogga
People of Karnataka have decided to reject Congress' fake promises. They have made up their minds to deflate the balloon of lies created by the Congress ecosystem: PM Modi

भारत माता की। भारत माता की। बजरंगबली की। बजरंगबली की।
मलेनाडिना मडिलु, सौंदर्यदा होनलु, शिवमोग्गदा जनतेगे नमस्कारगळु
राष्ट्रकवि कुवेम्पु की धरती को मैं श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। देवी सिंगधूरु चौडेश्वरी, आज मैं उन्हें भी प्रणाम करता हूं। शिवमोगा शहर में ही श्री कोटे आंजनेय भी हैं। उन्हें भी आज पूरा हिंदुस्तान प्रणाम कर रहा है। मैं महान आध्यात्मिक व्यक्तित्व पूज्य श्रीधर स्वामी जी को भी श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं। कुछ दिन पहले मैं रैयता बंधु येदियुरप्पा जी के जन्म दिवस पर शिवमोगा आया था। और कुछ दिन पहले ईश्वरप्पा के साथ फोन पर बात किया। पूरे प्रदेश में कार्यकर्ताओं को चार्ज कर दिया। शिवमोगा ने हम सभी को बार-बार बहुत प्रेम दिया है, बहुत स्नेह दिया है, बहुत आशीर्वाद दिया है। आज आपके इस उत्साह ने मेरा ये विश्वास पक्का कर दिया है कि कर्नाटका में बीजेपी सरकार की वापसी होने जा रही है। येदियुरप्पा जी ने जो संकल्प लिया है वो पूरा होने वाला है। आज पूरा कर्नाटका कह रहा है- ई बारिया निर्धारा, ई बारिया निर्धारा, ई बारिया निर्धारा, बहुमतदा बीजेपी सरकारा ! आपका कर्नाटका के एक-एक नागरिक का मुझ पर इतना प्यार है। इतना प्यार है कि भाषा हमारे प्रेम में रुकावट नहीं बन रही है। ये आपका प्यार मैं जीवनभर नहीं भूलूंगा।

सहोदर-सहोदरियरे,
यहां आने से पहले मैं बैंगलुरू में, फिर एक बार आज सुबह जनता जनार्दन के दर्शन के लिए निकला था। और यहां आना था तो जरा जल्दी ही निकल गया। कोई पोलिटिकल पार्टी 11 बजे के पहले कार्यक्रम करने की हिम्मत नहीं कर सकती। बड़े शहर में तो कभी नहीं कर सकती है। और आज सुबह-सुबह बैंगलुरू में बारिश हो रही थी। वरुण देवता आशीर्वाद देने के लिए पधार गए थे। और मैं सुबह-सुबह जनता-जनार्दन के दर्शन के लिए निकला और ईश्वर रूपी रूपी जनता जनार्दन ने पुष्प वर्षा करके अपना आशीर्वाद बरसाया।

साथियों, वैसे तो आज लंबा रोड शो होने वाला था। लेकिन बाद में पता चला कि आज नीट का एक्जाम है। मैंने पार्टी से कहा- हमारी एग्जाम तो 10 तारीख को है। इन बच्चों की एग्जाम आज है। और इसीलिए हमें पहले बच्चों के एग्जाम का ख्याल करना चाहिए और इसीलिए हमने सुबह-सुबह रोड शो कर दिया। और जल्दी-जल्दी पूरा कर दिया। भाइयों-बहनों, उसके बावजूद भी, संडे के दिन आज बैंगलुरू ने जो ताकत दिखाई है, जो विश्वास दिखाया है, जो प्यार दिखाया है। वो मेरे हृदय को छूने वाला था दोस्तों। मैं जीवनभर कर्नाटका का ऋणी रहूंगा। जिस तरह आप सभी, पूरे कर्नाटका की पूरी जनता, लगातार अपना आशीर्वाद दे रही है, अपना स्नेह दिखा रही है, लेकिन मैं आज शिवमोगा की इस धरती से, रैयता बंधु येदियुरप्पा जी की धरती से पूरे कर्नाटका को विश्वास देना चाहता हूं, असली गारंटी देना चाहता हूं कि आपने मुझे जो प्यार दिया है। आपने मुझे जो आशीर्वाद दिया है। मैं कर्नाटका का विकास करके आपको ब्याज समेत लौटाऊंगा।



सहोदर-सहोदरियरे,
कर्नाटका विधानसभा चुनाव प्रचार भी अब अपने आखिरी दौर की तरफ बढ़ रहा है। कांग्रेस ने अपना झूठ फैलाने के लिए जो इकोसिस्टम बनाया है, वो पिछले काफी समय से, कर्नाटका में एक गुब्बारा, एक ‘बलून’ फुला रहे थे। झूठ-झूठ की हवा भर-भर करके। उस गुब्बारे पर, इस ‘बलून’ पर एक से बढ़कर एक झूठी फूंकें मारकर हवा भरी जा रही थी। ऐसे-ऐसे झूठ, ऐसी-ऐसी बातें, जिनसे जमीनी सच्चाई बिल्कुल अलग थी। कर्नाटका की जनता जानती थी, कि कांग्रेस का इकोसिस्टम चाहे जितना बड़ा गुब्बारा फुला ले, कोई फर्क नहीं पड़ेगा। और चुनाव प्रचार होते ही कर्नाटका की जनता ने कांग्रेस का ये बलून, ये गुब्बारा, ये जनता ने ही उसको चूर-चूर कर दिया। अब कांग्रेस इतनी डरी हुई है, इतनी घबराई हुई है कि झूठ बोलने से गाड़ी नहीं चली। तो जो लोग इन दिनों चुनाव प्रचार नहीं कर रहे हैं उनको भी लाना पड़ रहा है। अब कांग्रेस के नेता, अभी से एक-दूसरे पर हार का ठीकरा फोड़ने लगे हैं। कर्नाटका में चारों तरफ से एक ही आवाज़ आ रही है, कर्नाटका का एक ही संकल्प सुनाई दे रहा है, कर्नाटका का एक ही मंत्र गूंज रहा है- ई बारिया निर्धारा,ई बारिया निर्धारा, ई बारिया निर्धारा, बहुमतदा बीजेपी सरकारा !

बंधु-भगिनियरे,
ये क्षेत्र देश के सबसे उपजाऊ क्षेत्रों में से एक है। यहां जिस प्रकार फसलों की वैरायटी, क्रॉप की वैरायटी पाई जाती है, वो इस क्षेत्र को एग्रीकल्चर हब के रूप में पहचान देता है। कांग्रेस और बीजेपी सरकार होने से क्या अंतर आता है, इसका प्रमाण सुपारी Import से जुड़ी नीति है। अब आप ये सुपारी Import की कांग्रेस की नीति और बीजेपी की नीति की तुलना कीजिए। तो आपके यहां के किसानों के लिए हमारे दिल में क्या जगह है वो आपको पता चलेगा, और अभी नहीं, मैं जब गुजरात का मुख्यमंत्री था, येदियुरप्पा जी यहां कर्नाटका के मुख्यमंत्री थे, और सुपारी पर बड़ा संकट आ गया। येदियुरप्पा जी डेलिगेशन लेकर गुजरात आए और मुझे कहा- मोदी जी आप मुख्यमंत्री हैं, इतनी बड़ी सरकार है। कर्नाटका के सुपारी के किसानों की मदद कीजिए। और मुझे खुशी है मैं मुख्यमंत्री था तब भी मैंने येदियुरप्पा जी ने जो कहा वो सारा कर दिया था दोस्तों। यहां के सुपारी किसान, सुपारी के Import से होने वाले नुकसान से चिंतित थे। अब मुझे बताइए, जब इतनी सुपारी की पैदावार होती है, इतने किसान अपना सुपारी पर गुजारा करते हैं। और आप विदेश से सुपारी मंगवाओगे तो भारत के किसान का क्या होगा। कर्नाटका के किसान का क्या होगा। ये यहां के किसान के साथ अन्याय है कि नहीं है। मुझे जवाब दीजिए, अन्याय है कि नहीं है। यहां के किसान के साथ धोखा है कि नहीं है। ये सुपारी के किसान के खिलाफ षडयंत्र है कि नहीं है। उन्होंने विदेशों से कम कीमत वाली सुपारी Import से करने का निर्णय कर लिया और हमारे किसानों की कमाई, इनकम कम होती गई। लेकिन कांग्रेस की सरकार ने इस पर कोई ध्यान ही नहीं दिया।

आपने 2014 में मुझे दिल्ली में भेजा, आपकी सेवा करने का अवसर दिया। Nine Years पहले सुपारी पर मिनिमम इंपोर्ट प्राइस -MIP, सिर्फ Hundred Rupees Per KG के आसपास थी। 100 Rupees Per KG था। हमने सोचा कि ये मेरे कर्नाटका के किसानों को मार देगा। हमने हिम्मत की। दुनिया के लोग राजी हों, नाराजी हों परवाह नहीं की। हमने आज सुपारी का मिनिमम इंपोर्ट प्राइस Three Hundred Fifty Rupees Per KG कर दिया। तो कोई बाहर से लाने की हिम्मत ही नहीं कर रहा है। इतनी कीमत से कोई ला ही नहीं सकता है। फायदा किसको हुआ। कर्नाटका के किसान को हुआ। सुपारी वाले किसान को हुआ। यानि हमने MIP को 3 गुणा से अधिक बढ़ाया है, ताकि कर्नाटका के सुपारी किसानों को कोई परेशानी ना हो।

स्नेहितरे,
बीजेपी सरकार एक तरफ अपने किसानों को Import से सुरक्षा दे रही है, वहीं दूसरी तरफ Agriculture Export बढ़ाने के लिए भी काम कर रही है। कांग्रेस की सरकारों के दौरान हमारा Agriculture Export बहुत ही सीमित था। लेकिन आज भारत दुनिया के Top Ten, दुनिया के Top Ten Agriculture Exporter देशों में पहुंच गया है। कोरोना काल में भी भारत ने रिकॉर्ड Agriculture Export किया है, और जिसका सीधा-सीधा लाभ ये मेरे रैयता बंधुओं को हुआ है, मेरे किसान भाइयों को हुआ है। बीजेपी सरकार बीज से बाज़ार तक, हर प्रकार की सुविधा किसानों को दे रही है। पिछले 9 वर्षों में Two Thousand से अधिक, दो हजार से ज्यादा हमने बीज की वैरायटीज, नई- नई वैरायटी किसानों के लिए उपलब्ध कराई है। नौ साल में दो हजार नई वैरायटी बीज की। ये भी अपने आप में एक रिकार्ड है। बड़े-बड़े संकटों के बावजूद हमने देश में फर्टिलाइज़र की कभी कमी नहीं होने दी। रूस-यूक्रेन संकट के कारण दुनिया में फर्टिलाइज़र की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि हो गई। लेकिन हमने देश के किसानों पर इसका बोझ नहीं पड़ने दिया। यूरिया की बढ़ती कीमतों की वजह से Two Lakh Crore Rupees, दो लाख करोड़ रुपये, उससे भी ज्यादा का बोझ, जो किसानों पर पड़ने वाला था, लेकिन ये आपका बेटा दिल्ली में बैठा था न, आ वो बोझ आप पर नहीं पड़ने दिया, बोझ सरकार खुद उठा रही है।

स्नेहितरे,
कांग्रेस सरकारों के पास सूखे (Drought), बाढ़ (Flood) और दूसरी आपदाओं से किसानों को सुरक्षा देने की कोई स्पष्ट नीति नहीं थी। आज पीएम फसल बीमा योजना के तहत देश में One Lakh, Thirty Thousand Crore Rupees, एक लाख तीस हजार करोड़ रुपया, बीमा योजना से किसानों को मदद दी गई है, मुआवजा दिया गया है। इसमें कर्नाटका के किसानों को भी दस हजार करोड़ रुपये, Ten Thousand करोड़ रुपए मिले हैं। कांग्रेस के कमीशन काल में देश के करोड़ों किसान बैंकिंग सिस्टम से बाहर थे। हमने करोड़ों छोटे किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा दी। कांग्रेस कर्जमाफी के नाम पर अपने लोगों की, बिचौलियों की तिजोरियां भरती थी। हमने पीएम किसान सम्मान निधि से Eighteen Thousand करोड़ रुपए सीधे कर्नाटका के किसानों के बैंक खातों में जमा किए हैं।

स्नेहितरे,
शिवमोगा के पास कर्नाटका की महान महिला संत अक्का महादेवी की जन्मभूमि है। उनकी महिमा और उनके तेज के बारे में सुनकर स्वयं जगद्गुरु बसवेश्वरा उन्हें अक्का कहते थे। ये हमारा सौभाग्य है कि हमें ऐसी महान संत का आशीर्वाद मिला, जिनके शब्द आज भी लोगों को प्रेरित करते हैं। लेकिन एक ये भी सत्य है कि कांग्रेस के दशकों के शासन में बेटियों की शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को पीछे धकेल दिया गया। दशकों तक, कांग्रेस सरकार ने स्कूलों में बेटियों के लिए अलग टॉयलेट नहीं बनवाया। टॉयलेट ना होने की वजह से बेटियां स्कूल छोड़ देती थीं। इससे बेटियों की शिक्षा पर बुरा असर पड़ता था। बीजेपी ने बेटियों के साथ हो रहे इस अन्याय को दूर करने के लिए अभियान चलाया है। अब, ज्यादा से ज्यादा लड़कियां स्कूल जा रही हैं, हमारी बेटियां स्कूल जा रही हैं और अपनी पढ़ाई पूरी कर रही हैं।

स्नेहितरे,
बीजेपी आज ऐसी आधुनिक व्यवस्था बना रही है जिसमें हमारी बेटियों को हायर एजुकेशन हासिल करने में कोई परेशानी ना हो। ये व्यवस्था बेटियों को साइंस और टेक्नॉलजी के फील्ड में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है। आज हमारी बहनें-बेटियां हर फील्ड, हर सेक्टर में एक नई लहर पैदा कर रही हैं। वो भारत में हो रहे startup revolution में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। बेटियों के सामने तीनों सेनाओं में भर्ती से जुड़ी जो बाधाएं थीं, उन्हें भी बीजेपी सरकार ने हटा दिया है। यहां तक कि अब उनके लिए सैनिक स्कूल भी खुल गए हैं। आज हर बेटी के पास अक्का महादेवी जैसी शक्ति है। अक्का महादेवी का आशीर्वाद है। और मुझे विश्वास है, यही नारी शक्ति 21वीं सदी में भारत को सबसे आगे ले जाएगी।

स्नेहितरे,
आज मैं कर्नाटका के फर्स्ट टाइम वोटर्स, जो पहली बार मतदान करने वाले हैं, जिनकी 18 साल की उमर हुई है, मैं आज इन फर्स्ट टाइम वोटरों से सवाल करना चाहता हूं। मेरे सवाल को समझें, सोचें। क्या कर्नाटका का विकास ऐसी कांग्रेस पार्टी कर सकती है, जिसका लक्ष्य भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण हो? कर सकती है क्या? कांग्रेस भला कर सकती है क्या? जरा पूरी ताकत से बताइए, कर सकती है क्या? कांग्रेस हमारे नौजवानों का भविष्य बना सकती है? आपके पिता जी को, माता जी को, दादा-दादी को जो मुसीबतें झेलनी पड़ी…ये मोदी आपको ऐसी मुसीबतों से गुजरने देना नहीं चाहता है। आपके माता-पिता को जो तकलीफ पड़ी, वो तकलीफें मोदी हटाना चाहता है ताकि आप आगे बढ़ सकें।

भाइयों-बहनों, क्या Eighty Five Percent कमीशन खाने वाली कांग्रेस, कर्नाटका के नौजवानों का भविष्य बना सकती है? बना सकती है? जोर से बताइए…बना सकती है? कभी नहीं बना सकती दोस्तों। कांग्रेस ने कभी देश के नौजवानों के बारे में नहीं सोचा। ये बीजेपी की सरकार है जिसके रहते पिछले 9 साल में देश में हर Two Days में, हर दूसने दिन एक नया कॉलेज बना है। ये बीजेपी सरकार है जिसके रहते पिछले 9 साल में Every Week, हर सप्ताह एक नई यूनिवर्सिटी बनी है। ये बीजेपी सरकार है जिसके रहते पिछले 9 साल में देश में Three Hundred से ज्यादा नए मेडिकल कॉलेज बने हैं। ये बीजेपी है जिसने देश के युवाओं को कदम-कदम पर अपने कागज अटेस्ट कराने की परेशानी से मुक्ति दिलाई। ये बीजेपी है जिसने ग्रुप सी और ग्रुप डी की नौकरियों से इंटरव्यू की परंपरा और भ्रष्टाचार के दरवाजे बंद कर दिए हैं। ये बीजेपी है जिसने देश के नौजवानों की इस समस्या को समझा। कांग्रेस कभी नहीं समझ पाई कि बैंक से मदद लेते हुए नौजवानों को कोई गारंटी देने में कितनी दिक्कत आती है। देश के नौजवानों की ये परेशानी हमने समाप्त कर दी। बीजेपी सरकार, नौजवानों की गारंटी खुद मोदी ले रहा है, मुद्रा योजना के द्वारा ले रहा है। आज मुद्रा योजना के तहत देश के नौजवानों को बिना गारंटी Twenty Lakh Crore Rupees, 20 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की मदद दी गई है। इस योजना ने देश के करोड़ों नौजवानों को अपना रोजगार शुरू करने में मदद की है। इसका लाभ कर्नाटका के, शिवमोगा के भी हजारों युवाओं को मिला है।

स्नेहितरे,
कांग्रेस की पॉलिटिक्स भी पेपर पर होती है और विकास भी पेपर पर ही होता है। अब जो मैं बताने जा रहा हूं, वो कर्नाटका के युवा साथियों को बहुत ध्यान से सुनना चाहिए। कांग्रेस ने यहां कर्नाटका में वादा किया है कि अगले Five Years में प्राइवेट सेक्टर में Ten Lakhs नौकरियां देगी। यानि पांच साल में 10 लाख नौकरियां देंगे। ये कांग्रेस ने गारंटी दी है। देखिए झूठ कैसा बोलते हैं। कर्नाटका का युवान समझता है। ये झूठ पकड़ जाएगा। यानि पांच साल में 10 लाख नौकरी, यानी हर साल Two Lakh Jobs. ये कांग्रेस का झूठ देखिए हर साल Two Lakh Jobs. अब मैं आपको बताता हूं कि कांग्रेस कैसे लोगों को धोखा दे रही है। कर्नाटका में बीजेपी सरकार सिर्फ साढ़े 3 साल से है। येदियुरप्पा जी और बोम्मई जी ने मिलकर के साढ़े तीन साल उनको मौका मिला। यह ऐसा समय है जब पूरी दुनिया महामारी के संकट और उसके प्रभावों से जूझ रही है। इसके बावजूद कर्नाटका की बीजेपी सरकार में हर साल कर्नाटका में Thirteen Lakhs से ज्यादा Formal jobs बढ़ी हैं। 13 लाख से ज्यादा हर वर्ष। अब आपको समझ आया, कहां उनकी बातें और कहां हमारा काम। हमने कर्नाटका के युवाओं के लिए हर साल Thirteen Lakhs से ज्यादा Formal Jobs बनाई हैं। और कांग्रेस आपसे वादा कर रही है कि वो हर साल Two Lakhs, Formal jobs उपलब्ध कराएगी। इसलिए ही मैं कहता हूं कि कांग्रेस सरकार, कर्नाटका को रिवर्स गियर में डाल देगी। रिवर्स गियर में। इसलिए कर्नाटका के लोगों को कांग्रेस से बहुत सावधान रहने की जरूरत है।

बंधु-भगिनियरे,
जैसी कांग्रेस की नीतियां हैं, उससे Investors कर्नाटका से बाहर ही जाएंगे। बीजेपी सरकार ने कर्नाटका में Investment बढ़ाने के लिए जो कानून बनाए उनको कांग्रेस खत्म करना चाहती है। जब Investors पड़ोस के राज्यों में चले जाएंगे तो कर्नाटका के युवा, कर्नाटका के श्रमिकों को बहुत नुकसान होगा। शिवमोगा तो ऑटोमोबाइल पार्ट्स का हब है। यहां अनेक foundries हैं। आज भारत दुनिया का तीसरा ऑटोमोबाइल मार्केट बन चुका है। एक तरफ बीजेपी मेड इन इंडिया को प्रमोट कर रही है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस investment को रोकने की साजिश कर रही है।

बंधु-भगिनियरे,
शिवमोगा, वेस्टर्न घाट के लिए मशहूर मले-नाडू का गेटवे है। यहां मशहूर जोग जलपाता है। और यहां तो घर-घर में जानते हैं- गंगा स्नाना, तुंगा पाना यानि जिसने गंगा स्नान नहीं किया और तुंगा नदी का पान नहीं पिया, उसके जीवन में कुछ ना कुछ अधूरा है। राष्ट्रकवि कुवेम्पु की राष्ट्रभक्ति की विरासत, और "येसुरु बिट्टरू - ईसुरू बिडेवू" इस नारे से आज़ादी की अलख जलाने वाला गांव भी यहीं है। बीजेपी सरकार, हमारी पुरातन संस्कृति को, विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए पूरी ईमानदारी से जुटी हुई है। लेकिन कांग्रेस की सरकारों ने इसमें तुष्टिकरण की ही राजनीति की। कांग्रेस ने हमारी आस्था, आध्यात्म के हर प्रतीक को या तो बेहाल छोड़ा या फिर उनको विवादों में रहने दिया। आज बीजेपी सरकार हमारी संस्कृति-सभ्यता के ऐसे हर स्थान को भव्य बनाने में जुटी है।

स्नेहितरे,
कर्नाटका में बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनना तय हो चुका है। लेकिन इसके लिए ये बहुत जरूरी है कि बीजेपी का हर समर्थक वोट देने जरूर जाए। वोट देने जाएंगे न। लोगों को ले जाएंगे न। शहर हो या गांव, आपका एक-एक वोट, कर्नाटका में बीजेपी की मजबूत सरकार बनाने में मदद करेगा। इसलिए मेरे कर्नाटका के भाइयों-बहनों, ऐसा तो नहीं होगा न रोड शो जबर्दस्त हो गया, सभा जबर्दस्त हो गई, मोदी जी आ गए, येदियुरप्पा जी आ गए, ईश्वरप्पा जी आ गए, अब चलो सो जाओ, ऐसा तो नहीं करेंगे न। नहीं करेंगे न। बूथ-बूथ पर जाएंगे, मतदाताओं से मिलेंगे, मतदान करवाएंगे। हर बूथ को जीतेंगे। मैं रिजल्ट देखने वाला हूं। हर बूथ को जीतेंगे। पक्का करेंगे। अच्छा मेरा एक काम करेंगे। (क्यों भई बंद हो गए।) मेरा एक काम करेंगे। ऐसे नहीं, हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से बताइए, मेरा एक काम करेंगे। और जोर से बोलिए, आवाज दिल्ली तक जानी चाहिए, मेरा काम करेंगे। ये मेरा पर्सनल काम है, करेंगे, पक्का करेंगे। अच्छा मुझे मोबाइल की फ्लैशलाइट चालू करके बताइए। ताकि मुझे दूर-दूर दिखाई दे। हर कोई अपने मोबाइल की फ्लैशलाइट चालू करिए। हर कोई अपने मोबाइल की फ्लैशलाइट चालू करिए। हरेक के मोबाइल की फ्लैशलाइट चालू हो। अच्छा मैं काम बताऊं आपको। मेरा काम बताऊं। आप करेंगे। आपको घर-घर जाना है। जाकर के कहना है कि मोदी जी शिवमोगा आए थे। और आपको नमस्कार भेजा है। ये कह देंगे। मेरा नमस्कार पहुंचाएंगे। मेरा प्रणाम पहुंचाएंगे। जब हर घर मेरा नमस्कार पहुंचेगा, हर परिवार से मुझे आशीर्वाद मिलेगा। उस आशीर्वाद से मुझे नई ऊर्जा मिलेगी। और उस ऊर्जा से मैं आपकी सेवा ज्यादा करूंगा।

बोलो भारत माता की। भारत माता की। भारत माता की। बजरंगबली की। बजरंगबली की। बजरंगबली की। बजरंगबली की।
बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Cabinet approves increase in the Judge strength of the Supreme Court of India by Four to 37 from 33
May 05, 2026

The Union Cabinet chaired by the Prime Minister Shri Narendra Modi today has approved the proposal for introducing The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 in Parliament to amend The Supreme Court (Number of Judges) Act, 1956 for increasing the number of Judges of the Supreme Court of India by 4 from the present 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Point-wise details:

Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 provides for increasing the number of Judges of the Supreme Court by 04 i.e. from 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Major Impact:

The increase in the number of Judges will allow Supreme Court to function more efficiently and effectively ensuring speedy justice.

Expenditure:

The expenditure on salary of Judges and supporting staff and other facilities will be met from the Consolidated Fund of India.

Background:

Article 124 (1) in Constitution of India inter-alia provided “There shall be a Supreme Court of India consisting of a Chief Justice of India and, until Parliament by law prescribes a larger number, of not more than seven other Judges…”.

An act to increase the Judge strength of the Supreme Court of India was enacted in 1956 vide The Supreme Court (Number of Judges) Act 1956. Section 2 of the Act provided for the maximum number of Judges (excluding the Chief Justice of India) to be 10.

The Judge strength of the Supreme Court of India was increased to 13 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1960, and to 17 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1977. The working strength of the Supreme Court of India was, however, restricted to 15 Judges by the Cabinet, excluding the Chief Justice of India, till the end of 1979, when the restriction was withdrawn at the request of the Chief Justice of India.

The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1986 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India, excluding the Chief Justice of India, from 17 to 25. Subsequently, The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2008 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India from 25 to 30.

The Judge strength of the Supreme Court of India was last increased from 30 to 33 (excluding the Chief Justice of India) by further amending the original act vide The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2019.