It’s owing to the efforts of Maharja Digvijay Singh of Jamnagar that India has great relations with Poland: PM Modi in Jamnagar

भारत माता की जय.... 

आप सभी सोच रहे होंगे कि ये नरेंद्र भाई पगड़ी पहनकर क्यों आए? और जब मुख्यमंत्री पगड़ी पहनने जा रहे थे तो मैंने कहा कि आप इस पगड़ी के ऊपर ही पगड़ी पहनाइए, मैं ये पगड़ी नहीं उतार सकता ।  मैं रास्ते में जाम साहब के दर्शन करने गया और मेरा सौभाग्य है कि मुझे उनका अनोखा प्यार, पूरे परिवार का अनोखा प्यार मिला और जाम साहब ने मुझे पगड़ी पहनाई, तो फिर कुछ नहीं बचता भाई और इसलिए मैंने कहा जाम साहब की यह पगड़ी मेरे लिए एक बेहतरीन पेशकश है और जामनगर के साथ मेरे रिश्ते की कई विशेषताएं रही हैं। पिछले 2 दिनों से मैं गुजरात में यात्रा कर रहा हूं । यहाँ वोट मांगने के लिए गुजरात आने की जरूरत नहीं है, कई लोग मुझसे कहते थे सर आपको यहाँ प्रचार करने की जरूरत है? मैंने कहा भाई प्रचार और प्रेम में अंतर है। मैं यहां प्रचार करने नहीं आया हूं, मैं यहां प्रेम का स्वाद चखने आया हूं।

गुजरात की धरती ने जो प्यार और आशीर्वाद दिया है, वह बहुत बड़ी पूंजी है । आज जब मैं जामनगर आया तो कई पुरानी बातें ताजा हो गईं। जब में संगठन का काम करता था तब भी में यहाँ आता था, लेकिन एक बार एक बहुत महत्वपूर्ण घटना घटी। भूचर मोरी के युद्ध की घटना और हमारे क्षत्रिय समाज के नेता मुझे निमंत्रण देने आये। तभी किसी ने मेरे कान में कहा " साहब आप नहीं आएंगे हमें मालूम है पर यह हमारा फर्ज है इसलिए हम आये है यहाँ । मैंने कहा क्यों नहीं आएँगे? तो बोले कोई भी मुख्यमंत्री नहीं आया आज तक । मैंने कहा क्यों नहीं आएँगे? वो तो हम सब सीएम में ट्राई कर चुके हैं, फिर क्या हुआ? तो कहा सर, ऐसी मान्यता है कि जहां इतने वीर मरे, जिनके संरक्षक वहां शहीद हुए, जिनकी वहाँ पूजा की जाती है परन्तु लेकिन किसी ने गुजरात के मुख्यमंत्रीओ के कान भर दिए हैं कि अगर आप इस भूचर मोरी में जाएंगे, तो आप अपना मुख्यमंत्री पद गवां देंगे वगैरह वगैरहइसके कारण एक भी मुख्यमंत्री नहीं आ रहा था । 

मैंने कहा कि मेरे क्षत्रिय समाज का यह बलिदान मेरे मुख्यमंत्री पद के सामने कुछ नहीं है, मैं आऊंगा और मैं गया था । मैंने बड़े गर्व से इस कार्यक्रम की सराहना की और इसे प्रोत्साहित भी किया । तो आज मैं जामनगर के साथ अपनी कई यादें लेकर वापस जामनगर आया हूं और ढेर सारी बातें करने के मूड में हूं। मैं जहां भी गया हूं वहां अपार आशीर्वाद, अभूतपूर्व उत्साह और आनंद देखा है और इस बार हिंदुस्तान में जहां भी गया हूं, 2014 के चुनाव में भी में गया, जो भाई ये फोटो लेकर खड़े हैं, बैठ जाओ । मैंने देखा कि तुम क्या लाए हो, प्लीज़ आपकी वजह से आपके पीछे बैठा व्यक्ति परेशानी हो सकती है, आप बैठ जाओ । आपका प्यार मेरे सिर पर है और चाहे वह गुजरात हो, तमिलनाडु हो, कश्मीर हो या कन्याकुमारी हो या असम हो, मैं जहां भी गया हूं मैंने ऐसा उत्साह, इतना उत्साह और इतना उत्साह और प्रतिबद्धता देखी है, 2014 में, 2019 में, वह 2024 में जो मैं देख रहा हूं। 

क्योंकि 2014 में जब वो गए थे तो सब यही सोच रहे थे कि ये भाई क्या करेगा

मैं गुजरात के लोगों को जानता हूं लेकिन हर कोई इतना नहीं जानता, 2019 में गया तो सब बोले की आदमी काम का है और 2024 में देखता हूं कि इस भाई ने हमारे देश का नाम दुनिया में रोशन किया, मोदी सर आगे बढ़ो और हम जहां भी जाएं, एक आवाज, "फिर एकबार मोदी सरकार"

मित्रो

गुजरात ने जितना वर्तमान में योगदान दिया है, उतना ही योगदान अतीत में भी देश के लिए दिया है। और आज भी जब पोलिश संसद का सत्र शुरू होता है तो सबसे पहली बात जो वो लोग दोहराते है वो है जामनगर, दिग्विजयजी महाराज साहब। 

और बाद में संसद शुरू होती है । और उनके द्वारा बोए गए बीजों के कारण, पोलैंड के साथ हमारे रिश्ते आज भी बहुत मजबूत हैं, और जैसा कि मैंने कहा, जाम साहब के परिवार के साथ मेरा रिश्ता घर जैसा है। उनका आशीर्वाद रहा है इसलिए आज मैं यहां आते समय उनका आशीर्वाद लेने गया और उन्होंने मुझे प्यार से पगड़ी पहनाई और आशीर्वाद दिया। और जब जाम साहब कहते हैं 'विजय भव' तो वो जीत पक्की हो जाती है। हमारे देश के राजा-महाराजाओं ने अखंड भारत बनाने के लिए पीढ़ियों तक अपना राजपाठ त्याग दिया था। यह देश उनके योगदान को कभी नहीं भूलेगा. लेकिन आजादी के 75 साल बाद भी इतिहास की एक अहम घटना को नकारा गया । शहजादे द्वारा बोली जाने वाली भाषा को यह देश आज भी स्वीकार नहीं कर सकता । लेकिन मैंने भारत की एकता में सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा बनाई है और वहां मैं उन शाही परिवारों का एक संग्रहालय बना रहा हूं जिन्होंने देश की एकता में योगदान दिया है। आजादी के इतने वर्षों के बाद भी किसी सरकार ने यह सम्मान देने के बारे में नहीं सोचा, लेकिन मैंने इसे संभव बनाया है क्योंकि मैं इतिहास की महानता को मानने वाला व्यक्ति हूं और मैं जानता हूं कि जो लोग इतिहास भूल जाते हैं वे कभी इतिहास नहीं बना सकते।

मित्रो,

कांग्रेस की शुरुआत दुष्प्रचार से हुई और उसी के कारण आज कांग्रेस की राजनीति निराशा में बदल गयी है। कांग्रेस में देश की प्रगति के प्रति वही हताशा और नफरत है, जो पहले गुजरात को लेकर कांग्रेस की हताशा थी। आज दुनिया में भारत का कद भी बढ़ रहा है और भारत का सम्मान भी बढ़ रहा है। फिर कांग्रेस और उसके युवराज विदेश जाकर भारत को बदनाम करने वाले लंबे-लंबे भाषण देते हैं। 2014 में जब उन्होंने सत्ता छोड़ी तो हमारे देश की अर्थव्यवस्था दुनिया में 11वें स्थान पर थी। और आपको जानकर ख़ुशी होगी कि जब देश आज़ाद हुआ तो हम दुनिया में छठे नंबर पर थे और उन्होंने उसे 11वें नंबर पर पहुंचा दिया। और फिर चाय बेचने वाला आया, वहां बहुत बुद्धिमान लोग बैठे थे लेकिन उसकी रगों में गुजराती खून था और वह दुनिया की 11वीं अर्थव्यवस्था को पांचवीं अर्थव्यवस्था में ले आया। और मैं आपका आशीर्वाद सत्ता या सुख के लिए नहीं चाहता, पद या प्रतिष्ठा के लिए नहीं चाहता। 2014 में प्रधान मंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद, मोदी का नाम इतिहास में दर्ज हो गया है, लेकिन मोदी इसके लिए नहीं जीते हैं पर महेनता करने के लिए अपने सपनों पर अड़े हुए हैं। मोदी आपका आशीर्वाद मांग रहे हैं, मेरे मन में संकल्प है कि मैं तीसरे कार्यकाल में उस संकल्प को पूरा करूंगा और मेरा संकल्प भारत को दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में लाना है। और आप कल्पना कर सकते हैं कि जब भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा तो भारत के प्रति दुनिया का नजरिया कैसे बदल जाएगा। भारत के पास भारत की जरूरतों को पूरा करने, भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने और अपने युवाओं के सपनों को साकार करने की क्षमता होगी। भारत आत्मनिर्भर बनेगा, हिंदुस्तान को कभी दुनिया में किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और मैं भारत को ऐसा बनाने का आशीर्वाद चाहता हूं। 

मित्रो,

कांग्रेस के धुरंधर देश की प्रगति को कम आंकते हुए कहते हैं कि तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्या जरूरत है? सोते रहो भाई. जो लोग खटखट कर हर बात का हल मांग रहे हैं गरीबी उन्मूलन, जो मांग रहे हैं एक झटके में गरीबी उन्मूलन, जो फंसे हैं खटखट और पटाखों में, समस्याओं और चुनौतियों से कैसे बचें, उनका सामना कैसे करें, समस्याओं का समाधान कैसे करें यह कैसे करना है, चुनौतियों का सामना कैसे करना है, शायद कभी सोचा ही नहीं होगा। साथियों, नीति क्या है, निर्णय क्या है और जब नीति स्पष्ट होती है तो परिणाम भी बढ़िया होता है।

मित्रो,

कांग्रेस का जहर इतना बढ़ गया है, इतना बढ़ गया है कि पता नहीं चार जून तक ये जहर कहां फैल जाएगा। जब कांग्रेस का घोषणापत्र आया तो मैंने देश को विशेषकर देश के वैचारिक वर्ग को सचेत किया, मैंने उन्हें बताया कि कांग्रेस का घोषणापत्र खतरे की चेतावनी है और मैंने स्पष्ट रूप से कहा कि मैं कांग्रेस के घोषणापत्र में मुस्लिम लीग की छाप देखता हूं। तो कुछ लोगों को लगा होगा कि ये कोई राजनीतिक बयान है। लेकिन जब लोगों को इसका विवरण पता चलने लगा तो देश में चिंता बढ़ने लगी. देश की आजादी के पहले मुस्लिम लीग ने जो भाषा बोली, भारत के विभाजन का जो नैरेटिव रचा, दुर्भाग्य से आज उन्हीं मुद्दों पर कांग्रेस अपने घोषणापत्र देशवासियों के सामने वोट मांग रहा है। इंडी अलायंस की रैलियों में इंडी अलायंस के नेता मुस्लिम मतदाताओं से जिहाद को वोट देने की अपील कर रहे हैं! और वो भी कोई मदरसे का बच्चा नहीं बोल रहा है, एक पढ़े-लिखे परिवार से आया कांग्रेस का नेता जो कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचा है वो किस जिहाद की बात कर रहा है । अब कांग्रेस और वोट जिहाद का क्या रिश्ता है ये आपको कांग्रेस के इतिहास से पता चलेगा, आपको याद होगा जब देश में जिहाद के नाम पर आतंकवादी हमले हुए थे तो सबसे पहले कांग्रेस के लोग ही उन आतंकवादियों के बचाव में आये थे। कश्मीर में अलगाववादियों की मेजबानी तत्कालीन प्रधानमंत्री ने की थी जिसकी तस्वीरें मौजूद हैं। 26/11 को मुंबई में रुका हुआ हमला हुआ था, जिसमें कसाब और अन्य आतंकियों को बचाने के लिए कांग्रेस नेता आगे आये थे। मुंबई आतंकी हमले के जिहादियों को बचाने के लिए लिखी गईं किताबें, जिसके विमोचन कार्यक्रम में कांग्रेस नेता हाजर थे। कांग्रेस नेता कह रहे थे कि जब दिल्ली में बाटला हाउस एनकाउंटर में एक जिहादी आतंकवादी मारा गया तो कांग्रेस मैडम की आंखों से आंसू निकल रहे थे, आंसू बह रहे थे। अफजल गुरु को फांसी माफी के लिए यही इकोसिस्टम के लोग सुप्रीम कोर्ट से लेकर राष्ट्रपति तक पहुंचे और यही लोग अब देश में वोट जिहाद का नारा लगा रहे हैं ।

साथियो,

कांग्रेस पार्टी फिलहाल दो रणनीतियों पर चुनाव लड़ रही है। पहला मुद्दा है समाज को जाति के नाम पर बांटना और दूसरा मुद्दा है तुष्टिकरण के जरिए अपना वोट बैंक मजबूत करना । इसलिए सबसे पहले कांग्रेस पार्टी ने दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों के आरक्षण को लेकर झूठी अफवाहें फैलाना शुरू किया । इस मुद्दे को चुनावी एजेंडा बनाने की कोशिश की और अब कांग्रेस आरक्षण के अपने असली मकसद की ओर मुड़ गई है ।  कांग्रेस पार्टी एससी, एसटी, ओबीसी का आरक्षण छीनना चाहती है और उनके आरक्षण का कुछ हिस्सा छीनकर एससी, एसटी, ओबीसी समुदाय के साथ अन्याय करते हुए संविधान में बदलाव कर मुसलमानो को  धर्म के आधार पर आरक्षण देने की तैयारी कर रही है। कर्नाटक में कांग्रेस ने क्या किया? रातों-रात फतवा जारी कर दिया, आदेश जारी कर दिया और रातों-रात कर्नाटक में मुस्लिम समुदाय के कई लोगों को ओबीसी घोषित कर दिया। सभी मुस्लिम ओबीसी । कर्णाटक में ओबीसी समुदाय को संविधान से जो 27 टका आरक्षण मिलता है, उस पर रातों-रात धावा बोलकर ओबीसी समुदाय के हिस्से से डाका डाला गया और वह भी धर्म के आधार पर आरक्षण देकर। 

जब देश का संविधान बना तो महीनों तक चर्चा चली, देश की कांग्रेस और उस समय के आजादी आंदोलन के दिग्गज नेताओं ने संविधान बनाया, चर्चा हुई, उसमें कोई आरएसएस या बीजेपी का सदस्य नहीं था । देश के एक प्रमुख विद्वान थे बाबा साहेब अम्बेडकर और उन्होंने विचार विमर्श करके निर्णय लिया कि भारत जैसे देश में धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता। धर्म के नाम पर आरक्षण देश में कितनी बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है, इस पर बाबा साहब अंबेडकर ने विस्तार से प्रकाश डाला। 

इस बात को बाबा साहब अम्बेडकर ने साफ तौर पर खारिज कर दिया था और देश का जो संविधान बना था वह देश में धर्म के नाम पर आरक्षण पर रोक लगाता है। दलित, आदिवासी, ओबीसी संविधान इसकी इजाजत देता है। लेकिन कांग्रेस पार्टी धर्म के नाम पर आरक्षण की बात करके अपना वोट बैंक मजबूत करना चाहती है और जब मैंने इस कांग्रेस के पापों को उजागर किया और पिछले 9 दिनों से मैं मांग कर रहा हूं कि कांग्रेस पार्टी को जवाब देना चाहिए, मैंने दिया है उन्हें एक चुनाव। 9 दिन हो गए, तीन उम्मीदवार हैं, लेकिन किसी ने कोई जवाब नहीं दिया, मैं बार-बार कहता हूं, मैं मीडिया को एक बार फिर से जगाना चाहता हूं, मैं देशवासियों को भी जगाना चाहता हूं, क्योंकि ये लोग एक भयानक समस्या की ओर ले जा रहे हैं। मैं जागना चाहता हूं और मेरी तीन चुनौतियां क्या हैं

मेरी पहली चुनौती है "क्या कांग्रेस लिखित गारंटी देगी कि वह संविधान बदल देगी और मुसलमानों को आरक्षण नहीं देगी"! यह लिखकर दो।

दूसरा "धर्म के आधार पर आरक्षण देने से दलित, आदिवासी, बक्शीपंच ओबीसी के अधिकार खत्म नहीं होंगे" क्या कांग्रेस यह लिखित में दे सकती है?

तीसरी चुनौती "क्या ये कांग्रेस लिखित में दे सकती है कि उनकी राज्य सरकारें, उनके सहयोगियों की सरकारें गारंटी देती हैं कि वे ओबीसी कोटा पर छापा मारकर और मुसलमानों को शामिल करके अपना गुप्त एजेंडा नहीं चलाएंगे? इसका मतलब है कि वे चुप हैं। क्या उनके दिमाग में, उनकी सोच में कुछ गड़बड़ है। 

जामनगर के लोग मुझे बताएं कि जब देश पर इतना बड़ा खतरा मंडरा रहा हो तो मोदी चुप रह सकते हैं? क्या मोदी देश को फिर से विभाजित होने देंगे?  

साथियो

मैं आज जामनगर की धरती से देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं और कांग्रेस के नेताओं से कहना चाहता हूं कि जब तक मोदी जिंदा है, जब तक मोदी जिंदा है, मैं इस देश को धर्म के आधार पर दोबारा नहीं टूटने दूंगा। मैं धर्म के आधार पर दलितों, आदिवासियों, बख्शी पंचों का हक नहीं छीनने दूंगा, जब तक जिंदा हूं तब तक लड़ता रहूंगा और जवाब देने की बजाय मुंह छिपाकर आंखों में धूल झोंक रही है कांग्रेस देशवासियों का। 

साथियो

कांग्रेस के लोग, उसके शहजाद और उनका इकोसिस्टम हमारी आस्था पर हमला करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। आपको याद होगा कुछ समय पहले मैं विकास कार्यों के लिए द्वारका आया था। द्वारिकाधीश के दर्शन के बाद मैं हमारे ग्रंथों में वर्णित द्वारिका के दर्शन के लिए समुद्र के तल पर गया और मैंने कुछ समय तक समुद्र के अंदर ध्यान और पूजा भी की। कांग्रेस के शहजादे भी इससे परेशान हैं और मैं भी हैरान हूं, जो लोग उत्तर प्रदेश, बिहार में अपने आप को यदुवंशी कहते हैं, वे उन लोगों के साथ बैठे हैं जो श्रीकृष्ण की द्वारिका को अस्वीकार करते हैं और उन शहजादों के साथ बैठे हैं जो पूजा करने पर उनका मजाक उड़ाते हैं। उन्होंने कहा कि समुद्र के अंदर पूजा के लिए कुछ भी नहीं है। अरे, उन लोगों का क्या करें जिनके पास सामान्य ज्ञान भी नहीं है? आप बताएं कि क्या इन लोगों में दूसरे धर्मों के लिए इस तरह बोलने की हिम्मत है? क्या ये लोग दूसरे धर्मों को गलत ठहरा सकते हैं और उनका मज़ाक उड़ा सकते हैं? यह राम मंदिर का बहिष्कार करता है, द्वारिका का गलत चित्रण करता है। हिंदू धर्म की शक्ति ने घोषणा की कि मैं हिंदू धर्म में शक्ति की अवधारणा को नष्ट कर दूंगा। क्या इस देश में सत्ता के विनाश की कोई कल्पना कर सकता है? हम शक्ति के उपासक हैं। 

यही कांग्रेस का चरित्र है, उन लोगों ने अभी कहा है कि हम शिव और राम को लड़वाएंगे और उन्होंने यह भी कहा है कि हम राम को हराएंगे। कांग्रेस को क्या हो गया है? इसलिए मैं कहता हूं कि सभी को कांग्रेस से सावधान रहने की जरूरत है। अब बताओ किसी को किसी से ख़ुशी या नाराजगी हो सकती है। लेकिन अगर कोई इसके लिए कांग्रेस को वोट देने की बात करता है तो मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि अगर किसी को भारत में सरकार बनानी है तो उस पार्टी को कम से कम 272 सीटें जीतनी होंगी या नहीं? जरा 272 सीटें लाकर दिखा दीजिए, इस देश में बीजेपी के अलावा कोई भी पार्टी 270 सीटों पर चुनाव नहीं लड़ रही है. अब मैं चुनाव नहीं लड़ रहा हूं और प्रधानमंत्री नहीं बन रहा हूं, अब मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि अगर आप 272 सीटों से ऊपर चुनाव नहीं लड़ रहे हैं तो उन्हें वोट देकर अपना वोट क्यों बर्बाद कर रहे हैं? इसमें क्या तर्क है? अरे आप सबको क्या फ़र्क पड़ता है कि आप वोट देने की सोच रहे हैं, अरे खुद कांग्रेस का राजघराना जो दिल्ली में रहता है वो कांग्रेस को ही वोट नहीं देने वाला है. अब आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है लेकिन यह सच बात है। वे जहां रहते हैं, जहां उन्हें वोट देना है, वहां कांग्रेस का कोई उम्मीदवार नहीं है.,यहां हमारा जो अहमद भाई का परिवार है, अहमद भाई कांग्रेस के एक बड़े यार्ड के नेता थे, वो परिवार भी इस बार कांग्रेस को वोट नहीं दे सकता. भरूच में भी कांग्रेस का कोई उम्मीदवार नहीं है. उनके एक बड़े नेता यहीं भावनगर में भी रहते हैं, अगर उनका वोट भावनगर में होगा तो वो कांग्रेस को वोट नहीं दे पाएंगे. अगर कांग्रेस के नेता कांग्रेस को वोट देने में सक्षम नहीं हैं तो देशवासियों को कांग्रेस को वोट देकर अपना वोट बर्बाद करने की क्या जरूरत है?

और इसलिए मेरे भाइयो-बहनो, जब मैं आज जामनगर की धरती पर आशीर्वाद लेने आया हूं, तो आप देखिए, जब मैं गुजरात में था, तो मैंने पानी के लिए बहुत ताकत लगाई है। आज हम पूरे क्षेत्र के लिए अभूतपूर्व कनेक्टिविटी विकसित कर रहे हैं। अमृतसर-भटिंडा-जामनगर कॉरिडोर, 80 करोड़ रुपये, सोचिए कितनी ताकत बनने वाली है। धोराजी - जामकंदोराणा - कालावाड खंड के चौड़ीकरण का मतलब है कि सड़क चौड़ी हो रही है। यहां द्वारका में सुदर्शन सेतु है, अब सुदर्शन सेतु देखने के लिए पर्यटक अलग से आते हैं, नहीं तो पहले बेटद्वारका जाना है तो रुकना पड़ेगा भाई, रुकना पड़ेगा और अगर समुद्र पागल है तो दो कदम पीछे रुकना पड़ेगा । आज सुदर्शन सेतु दर्शनीय बन गया है। जामनगर-अहमदाबाद वंदे भारत ट्रेन बाबा, अगर आप यात्रा नहीं करना चाहते तो भी लोग ट्रेन देखने के लिए स्टेशन पार जाते हैं, ट्रेन के साथ फोटो खिंचाते हैं। आजादी के 75 साल बाद लाल डब्बे वाली ट्रेन से एक खूबसूरत ट्रेन दिखी । अमृत ​​योजना के तहत जामनगर रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण किया जा रहा है और मैं ऐसा रेलवे स्टेशन बनाना चाहता हूं कि आप एयरपोर्ट को भूल जाएं। मुझे हमारे जामनगर में औद्योगिक विकास याद है, जब मैं नया मुख्यमंत्री बना, जामनगर में चुनाव लड़ा, मेरी जिंदगी सबसे पहले सौराष्ट्र से शुरू हुई। सौराष्ट्र की धरती ने मुझे पहली बार जन प्रतिनिधि बनने का आशीर्वाद दिया और वहीं से यह सफर शुरू हुआ, उस समय मैंने कहा था कि राजकोट, मोरबी और जामनगर एक ऐसा त्रिकोण है जो मिनी जापान के रूप में विकसित होने की ताकत रखता है और उस समय मेरे धनुष का मज़ाक उड़ाया गया। यहां तक ​​कि मीडिया वाले भी मेरे बाल खींचते थे और जैसा कि आप आज देख सकते हैं, एक समय गुजरात में हमारी खेती की हालत बहुत खराब थी क्योंकि 10 साल में से 7 साल सूखा पड़ता था! आज हम कृषि में 8 से 10 प्रतिशत की ग्रोथ के साथ आगे बढ़ रहे हैं, क्योंकि हमने पानी पर फोकस किया। हमारे गुजरात की पहचान क्या थी? दलाली का अर्थ है एक जगह से माल लेकर दूसरी जगह बेचना और बीच में जो कुछ मिले उससे अपना गुजारा करना। उससे आगे कुछ नहीं और उससे बाहर आज गुजरात एक औद्योगिक राज्य बन गया है और मित्र, आने वाले दिनों को सुनहरे अक्षरों में लिख दो, तुम देखते हो कैसे लाइन बंद हो गई है, ये ब्रास है। लेकिन गुजरात में हवाई जहाज बनने हैं, गुजरात में इलेक्ट्रिक वाहन बनने हैं, दुनिया में सिर्फ 4 या 5 देश हैं जहां सेमीकंडक्टर बनते हैं, ये सेमीकंडक्टर भारत में गुजरात में बनने हैं भाई। इसका मतलब है कि एक समय आएगा जब भारत में चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहन की चिप गुजरात में बनेगी। ये क्रांतिकारी चीजें हो रही हैं। गुजरात ग्रीन हाइड्रोजन, दुनिया का सबसे बड़ा ऊर्जा क्षेत्र ग्रीन हाइड्रोजन जिसमें गुजरात दुनिया का सबसे बड़ा हब बनने जा रहा है। ऐसे अनेक क्षेत्रों में हिरन इस गुजरात को भरना है और मेरा एक और सपना है, ये मध्यम वर्गीय, उच्च मध्यम वर्गीय परिवारों के लोग हैं, बाकी सबके लिए, मेरे लिए आपका बिजली का बिल शून्य है।

अब सोचिए अगर बिजली का बिल जीरो हो जाए तो आपको अपने जीवन में नई दिशा में आगे बढ़ने का कितना मौका मिलेगा। उसके लिए हमने पीएम सूर्यघर योजना बनाई है. सोलर पैनल के लिए सरकार से पैसा मिलेगा. आप अपने घर पर सोलर पैनल लगाकर बिजली पैदा करें, जितनी बिजली आपको चाहिए उतनी मुफ्त में इस्तेमाल करें और अतिरिक्त बिजली सरकार खरीदेगी और आपको पैसे देगी। न केवल आपकी परिवहन लागत, चाहे वह आपकी स्कूटी हो, स्कूटर हो, मोटरसाइकिल हो, कार हो, अब बिजली बिल की तरह पेट्रोल का ईंधन बिल भी शून्य है और ईंधन बिल भी शून्य है। काना खुराक के बिना मुफ्त में मुफ्त। पीएम सूर्यघर योजना आपके घर में पैदा होने वाली बिजली है, पुराने जमाने में जो इलेक्ट्रिक वाहन आ रहे हैं, उनकी बैटरी को अपने घर में चार्ज करें और फिर उसे सड़क पर ले जाएं और यह आपके लिए अच्छा होगा और मजे से चलाएगा। इसी दिशा में जाना है भाइयों। 

वैश्विक मानचित्र पर जामनगर स्वास्थ्य की दृष्टि से दुनिया का एक महत्वपूर्ण WHO केंद्र है, जामनगर में वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा के लिए एक केंद्र बनाया जा रहा है। पूरी दुनिया आयुर्वेद की ओर रुख कर रही है, जामनगर का आयुर्वेद विश्वविद्यालय इसका प्रेरणा केंद्र बन गया है। आज भारत के आयुर्वेद को विश्व में पहचान मिली है। हमने 2023 को बाजरा वर्ष के रूप में मनाया, हमारे छोटे किसान, जहां पानी की कम मांग है, हमारी बड़ी अनाज वाली फसलें जैसे ज्वार, बाजरा और वो सब। किसी ने इसके लिए नहीं पूछा. घर में लड़के सोचते हैं कि ये सब पुराना हो गया है. आज यह सिद्ध हो गया है कि हमारे पूर्वज जो खाते थे वह सुपर फ़ूड है और हमने जो बाजरा वर्ष मनाया उसका नाम "श्री अन्न" था। क्योंकि भारत में अलग-अलग जगहों के अलग-अलग नाम हैं। अब ये श्री अन्ना दुनिया में है और ये मेरा सपना है कि दुनिया की डाइनिंग टेबल इन छोटे किसानों द्वारा उगाया गया श्री अन्ना खायेगी और जब मैं पिछली बार अमेरिका गया था तो अमेरिका के राष्ट्रपति ने वहां के प्रधानमंत्री को ऐसा सम्मान दिया था। भारत पहली बार. भारत के किसी भी प्रधान मंत्री ने वह सम्मान प्राप्त नहीं किया और भव्य भोज का आयोजन नहीं किया। उस भोज की खास बात यह थी कि सभी के भोजन में शाकाहारी भोजन तो था ही, हमारा ज्वार, बाजरी, बाजरा, श्री अन्ना का भोजन भी था। व्हाइट हाउस में भी सुपर फूड का महत्व बढ़ता जा रहा है।

साथियो

सौनी योजना, मुझे याद है कि जब मैंने राजकोट में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और सौनी योजना की घोषणा की थी, तब प्रेस ने हेडलाइन बनाई थी कि मोदी ने नई चुनाव नीति निकाली है क्योंकि उन्होंने चुनाव से कुछ दिन पहले ऐसा किया था। आज पानी पहुंचे या नहीं, झील भरी या नहीं। भाई-बहनों ने कच्छ की खाई में पानी पहुंचाया, सबकी योजना ने नया जीवन दिया है। जामनगर जिले के 400 से ज्यादा गांवों में नल से पानी, मेरी माताएं-बहनें एक-एक करके दो-दो किलोमीटर तक गरहुला लेकर जाती थीं, इस मोदी ने आपका गरहुला और नल से पानी छीन लिया। फिलहाल गैस बोतलों में आ रही है और अब गैस पाइपलाइन से आएगी। इस मोदी ने सब कुछ स्पष्ट रूप से व्यवस्थित और तय किया है। रक्षा के मामले में हमारा यहां बड़ा बेस है, हम रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहे हैं। कई क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं। मेरे कहने का तात्पर्य यह है कि भाइयो, हम भारी संख्या में आगे बढ़ रहे हैं, मुझे आपसे उम्मीद है, आपका आशीर्वाद है, मुझे यह भी पता है कि आप 26-26 सीटें जीतने वाले हैं। आप भी जानते हैं कि मोदी हमारे घर का लड़का है तो हमें उस पर कायम रहना है, आप भी जानते हैं । 

7 मई को मैं उम्मीद कर रहा हूं कि चाहे कितनी भी गर्मी हो, चाहे कितना भी व्यस्तता हो, हमारे गुजरात में पूरे भारत में सबसे ज्यादा मतदान होना चाहिए। हमारे गुजरात को वोटिंग के अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ने हैं. तोड़ना? हर पोलिंग बूथ पर धक्का? कितनी भी गर्मी हो, पहले मतदान फिर जलपान।

मेरी दूसरी अपेक्षा अधिक से अधिक मतदान केंद्र जीतना है। सिर्फ लोकसभा या विधानसभा उपचुनाव जीतने के लिए नहीं, मैं सभी पोलिंग बूथों पर रहना चाहता हूं, आपकी मदद के बिना जीतना चाहता हूं? मदद करना? क्या आप आशीर्वाद देंगे?

बेन पूनम बेन जामनगर से चुनाव लड़ रही हैं, आपका आशीर्वाद उन पर बना रहे और हमारे साथी अर्जुनभाई मोढवाडिया पोरबंदर से चुनाव लड़ रहे हैं। हमारे दोनों सहयोगियों को भारी बहुमत से विजयी बनायें।

यहां से मुझे कलकत्ता के लिए निकलना है, कल बंगाल में गुजरात के रोमांच के बारे में बात करूंगा.

एक बार फिर मुझसे बात करो भारत माता की, फिर एकबार, अबकी बार...

भारत माता...

आपका बहुत-बहुत धन्यवाद

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Prime Minister and Prime Minster of Sweden exchange special gifts celebrating the shared cultural legacy of Rabindranath Tagore
May 17, 2026

The Prime Minister of Sweden, H.E. Mr. Ulf Kristersson and Prime Minister Shri Narendra Modi exchanged special commemorative gifts to celebrate the legacy of Nobel Laureate Gurudev Rabindranath Tagore.

The gift from Prime Minister Kristersson comprised a box containing two replicas of hand-written epigrams by Gurudev Rabindranath Tagore, accompanied by a small explanatory text and a photograph of Gurudev Tagore taken in 1921 during his visit to Uppsala University. The originals, recently discovered in the Swedish National Archives, were created by Gurudev Tagore during his visits to Sweden in 1921 and 1926.

Prime Minister Modi presented to Prime Minster Kristersson a set of collected works of Rabindranath Tagore, along with a specially handcrafted bag from Shantiniketan with motifs that Gurudev chose to empower local artisans. The bag symbolizes Tagore’s philosophy that art is not meant to be confined to galleries, but to breathe life into everyday objects, bridging the gap between the intellectual and the functional.

Although Gurudev Tagore could not travel to Sweden in 1913 to receive the Nobel Prize, he was received by King Gustav V when he visited Sweden in 1921. These gifts symbolize the shared cultural and intellectual heritage between India and Sweden, and pay tribute to the enduring legacy of Rabindranath Tagore. The exchange of gifts also coincides with the centenary of Gurudev’s historic visit to Sweden in 1926.