Government is open to discuss all issues in Parliament: PM

Published By : Admin | November 18, 2019 | 10:09 IST
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Government is open to discuss all issues in Parliament: PM
Like the previous session, I urge the MPs to actively participate in all debates and discussions: PM

नमस्कार साथियों 2019 का यह आखिरी सत्र है, और यह बहुत महत्वपूर्ण सत्र भी है। क्योंकि राज्यसभा का यह 250वां सत्र है। 250 सत्रों की अपनी यात्रा का बहुत ही प्रेरक स्मृतियों के साथ राज्यसभा का 250वां सत्र प्रारंभ हो रहा है। उसी प्रकार से इसी सत्र के दरमियान 26 तारीख को हमारा संविधान दिवस है। जबकि हमारे संविधान के 70 साल हो रहे हैं, यह संविधान देश की एकता, अखंडता, भारत की विविधता, भारत के सौंदर्य को अपने में समेटे हुए है और देश के लिए वे चालक ऊर्जा शक्ति है।

तो संविधान के 70 साल अपने आप में, इस सदन के माध्यम से देशवासियों के लिए भी एक जागृति का अवसर बन सकता है। पिछले दिनों करीब-करीब सभी दल के नेताओं से मिलने का मौका मिला है और यह सत्र भी जैसे पिछली बार नई सरकार बनने के बाद सभी दलों के सहयोग के कारण, सभी माननीय सांसदों के सहयोग के कारण हर किसी की सक्रिय सकारात्मक भूमिका के कारण गत सत्र अभूतपूर्व सिद्धियों से भरा हुआ था।

और ये मुझे सार्वजनिक रूप से गर्व से कहना चाहिए कि ये सिद्धि सरकार की नही होती है, ये सिद्धि ट्रेजरी बेंच की नही होती है, ये सिद्धि पूरे सदन की होती है और सभी सांसद उसके हकदार होते हैं और इसलिए मैं फिर एक बार सकारात्मक सक्रिय भूमिका के लिए सभी सांसदों का आभार व्यक्त करता हूं, और आशा करता हूं ये सत्र भी देश के विकास की यात्रा को, देश को गति देने में, दुनिया जिस तेजी से आगे बढ़ रही है उसके साथ कदम मिलाने का सामर्थ्य हम हमारी संसद से भी प्रकट करें। हम सभी मुद्दों पर खुलकर के चर्चा चाहते हैं उत्तम से उत्तम बहस हो ये आवश्यक है।

वाद हो, विवाद हो, संवाद हो, हर कोई अपनी बुद्धि शक्ति का प्रचुर मात्रा में उपयोग करे। और सदन की चर्चा को समृद्ध बनाने में योगदान दें और उससे जो अमृत निकलता है वो देश के उज्जवल भविष्य के लिए काम आता है। तो इन सभी सांसदों को शुभकामनाएं देते हुए आप सबका भी बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं।

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एक भयंकर हादसा हुआ। असहनीय वेदना मैं अनुभव कर रहा हूं और अनेक राज्यों के नागरिक इस यात्रा में कुछ न कुछ उन्होंने गंवाया है। जिन लोगों ने अपना जीवन खोया है, ये बहुत बड़ा दर्दनाक और वेदना से भी परे मन को विचलित करने वाला है।

जिन परिवारजनों को injury हुई है उनके लिए भी सरकार उनके उत्तम स्वास्थ्य के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी। जो परिजन हमने खोए हैं वो तो वापिस नहीं ला पाएंगे, लेकिन सरकार उनके दुख में, परिजनों के दुख में उनके साथ है। सरकार के लिए ये घटना अत्यंत गंभीर है, हर प्रकार की जांच के निर्देश दिए गए हैं और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसको सख्त से सख्त सजा हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

मैं उड़ीसा सरकार का भी, यहां के प्रशासन के सभी अधिकारियों का जिन्‍होंने जिस तरह से इस परिस्थिति में अपने पास जो भी संसाधन थे लोगों की मदद करने का प्रयास किया। यहां के नागरिकों का भी हृदय से अभिनंदन करता हूं क्योंकि उन्होंने इस संकट की घड़ी में चाहे ब्‍लड डोनेशन का काम हो, चाहे rescue operation में मदद की बात हो, जो भी उनसे बन पड़ता था करने का प्रयास किया है। खास करके इस क्षेत्र के युवकों ने रातभर मेहनत की है।

मैं इस क्षेत्र के नागरिकों का भी आदरपूर्वक नमन करता हूं कि उनके सहयोग के कारण ऑपरेशन को तेज गति से आगे बढ़ा पाए। रेलवे ने अपनी पूरी शक्ति, पूरी व्‍यवस्‍थाएं rescue operation में आगे रिलीव के लिए और जल्‍द से जल्‍द track restore हो, यातायात का काम तेज गति से फिर से आए, इन तीनों दृष्टि से सुविचारित रूप से प्रयास आगे बढ़ाया है।

लेकिन इस दुख की घड़ी में मैं आज स्‍थान पर जा करके सारी चीजों को देख करके आया हूं। अस्पताल में भी जो घायल नागरिक थे, उनसे मैंने बात की है। मेरे पास शब्द नहीं हैं इस वेदना को प्रकट करने के लिए। लेकिन परमात्मा हम सबको शक्ति दे कि हम जल्‍द से जल्‍द इस दुख की घड़ी से निकलें। मुझे पूरा विश्वास है कि हम इन घटनाओं से भी बहुत कुछ सीखेंगे और अपनी व्‍यवस्‍थाओं को भी और जितना नागरिकों की रक्षा को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ाएंगे। दुख की घड़ी है, हम सब प्रार्थना करें इन परिजनों के लिए।