If voted back to power, Congress-RJD will push Bihar back to the days of misery and darkness: PM Modi
The people of Bihar have long witnessed the scale of poor governance, lawlessness and corruption rampant during the Congress-RJD days: PM Modi in Bihar
Since coming to power in 2014, BJP-led NDA has is leading the nation away from darkness and lighting people’s lives with its guiding mantra of ‘Sabka Sath, Sabka Vikas’: Prime Minister Modi

 कैलाशपति जी का आशीर्वाद तो संगठन के कार्य में भी मुझे मिला और वे गुजरात के गवर्नर थे उसके कारण भी मिला। गुजरात के विकास के लिए उनके मार्गदर्शन का मैं हमेशा आभारी रहूंगा।

साथियो, आपके इस उत्साह और समर्थन का परिणाम है की 6 चरणों के बाद विरोधी दलों की हालत पस्त है और उनके नेताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है। इसलिए ही मोदी को गाली देने का ये कंपटिशन बड़ा तेज़ हो गया है। अभी जब मैं आ रहा था तो सुशील जी का भाषण सुनाई दे रहा था वो सारी सूची बता रहे थे, कैसी-कैसी गालियां ये निकाल के ले आए हैं।

दोस्तो, आपका प्यार, आपका आशीर्वाद, आपका उत्साह, आपका जोश, ये सब कुछ मेरे सर आंखों पर। अब आप इजाजत दें, अब आप इजाजत दें तो मैं बोलना शुरू करूं, मैं बोलूं क्या? मैं अपनी बात बताऊं क्या? आपका उत्साह, आपका प्यार, यही तो मेरी ताकत है दोस्तों लेकिन जो काम के लिए मुझे बुलाया है वो भी तो करना पड़ेगा ना। तो बोलना शुरू करूं, आपका प्यार बना रहेगा, ये जोश, उत्साह 19 को भी चलाना है, चलेगा?

भाइयो-बहनो, वो जीत तो सकते नहीं, गाली देकर ही अपने मन की भड़ास निकाल रहे हैं। साथियो, ये केंद्र में मजबूर और कमजोर खिचड़ी सरकार बनाने के चक्कर में थे। सोच रहे थे की कमजोर सरकार आई तो फिर इन्हें सरकार को ब्लैकमेल करके जनता को लूटने का लाइसेंस मिल जाएगा। लेकिन आपके इस चौकीदार ने इनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है। 10 दिन के बाद 23 मई के नतीजे तय हैं, क्या नतीजा आने वाला है, क्या नतीजा आने वाला है? फिर एक बार...मोदी सरकार, फिर एक बार...मोदी सरकार। नतीजे तय हैं लेकिन एक बात याद रखिए बिहार में, पूरे हिंदुस्तान में, जहां भी चुनाव बाकी है उन सभी के लिए मैं कहना चाहता हूं। विजय निश्चित है लेकिन हम याद रखें बचपन में हमें सिखाया गया है की बूंद-बूंद से ही घड़ा भरता है, बूंद-बूंद से ही घड़ा भरता है। इसलिए आपको भी 19 मई को घर से निकलना है और देश में एक मजबूत सरकार बनाने के लिए वोट देना है और इस विजय को अधिक भव्य बनाना ये हमारा सपना है। 

साथियो, ये चुनाव सिर्फ ये तय करने के लिए नहीं है की कौन सा दल या गठबंधन जीतेगा, बल्कि ये यह चुनाव तय करेगा की आने वाले वर्षों में भारत कितनी तेजी से विकास करेगा। ये चुनाव 21वीं सदी के हमारे बच्चों का भविष्य तय करेगा। लेकिन आप मुझे बताइए ये महामिलावट वाले भारत की विकास की बात कभी भी करते हैं क्या? ये भारत के विकास की बात करते है क्या? भारत के विकास की चर्चा करते हैं क्या? भारत के विकास का उनका एजेंडा बताते हैं क्या? ये लोग सिर्फ और सिर्फ अपना हित करना जानते हैं, गरीबों का नहीं। इन लोगों ने समझ लिया है की कुछ जातियां उनकी गुलाम हैं, जैसे कहेंगे, उस जाति के लोग वैसा ही करेंगे। ये लोग बोल रहे हैं की जब देश की बात आती है तो हम सब पहले भारतीय होते हैं और बाद में कुछ और होते हैं।

भाइयो और बहनो, ये वो लोग हैं, जिन्होंने दशकों तक गरीबों के नाम पर वोट बटोरे, बड़े-बड़े पद हासिल किए, लेकिन जब काम करने की बारी आई, तो सबसे पहले उन्होंने गरीबों को भूलने का ही काम किया। ये लोग भी गरीबी से निकले थे, लेकिन इन लोगों ने आज हजारों करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली है। राजनीति में कब से इतनी तनख्वाह मिलने लगी की अरबों-खरबों का मालिक हो जाए। भाइयो और बहनो, इन लोगों ने आपसे लूट कर, अपने लिए बड़े-बड़े बंगले बनाए, लाखों की गाड़ियां खरीदी हैं। जबकि आपका ये सेवक गुजरात में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहा और पांच साल से देश का प्रधानमंत्री है, लेकिन एक पल के लिए भी न मैंने, ना मैं अपने लिए जीया हूं और न ही अपने रिश्तेदारों के लिए मैंने अपना समय बिताया है। मेरे लिए तो आप ही मेरा परिवार हैं। 130 करोड़ हिंदुस्तानी, यही मेरा परिवार है, इन्हीं के लिए जीता हूं, इन्हीं के लिए जीऊंगा।  

साथियो, ईमानदारी की इस ताकत ने, गरीबी के जीवन ने मुझे वो ताकत दी की मैं गरीबों के लिए इतना कुछ कर पाया। हमारी सरकार का, हमारी सरकार की हर योजना के केंद्र में गांव और गरीब रहे हैं। आजादी के बाद, हमारी पहली ऐसी सरकार है जिसने गांवों के बारे में इतना सोचा है, इतना काम किया है। हम देश के हर गांव तक सड़क पहुंचाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। गांव में रहने वाली माताओ-बहनो के लिए करोड़ों शौचालय बनाकर हमने उनकी पीड़ा कम की है। गांव में रहने वाली गरीब बहनों को हमने मुफ्त गैस कनेक्शन दिया है। गांव में रहने वाले हर गरीब के पास अपनी पक्की छत हो, इस पर भी हमारी सरकार काम कर रही है। ये आप लोग इतना प्यार करते हो और वो लोग परेशान हो जाते हैं। गांव में रहने वाले हर व्यक्ति के पास अपना बैंक खाता हो, इसकी कोशिश हमने जन धन योजना के माध्यम से की है। अब तक डाकघरों को बैंक में बदलकर हर गांव तक बैंक ले जाने का काम भी किया जा रहा है। गांव में रहने वाले दूर-दराज इलाकों में बच्चों को ही ध्यान में रखकर हम मिशन इंद्रधनुष चला रहे हैं।

साथियो, दशकों से गरीब पैसे के अभाव में बिना इलाज से ही तड़पता रहा। इलाज के लिए घर-बार तक बिक जाता था, लेकिन ये महामिलावटी आपको झूठे नारे ही देते रहे। आपके इस सेवक ने इलाज की आपकी चिंता को समझा और इसी वजह से आज आयुष्मान भारत आपके सामने है। आज गरीब से गरीब का भी अच्छे अस्पताल में मुफ्त इलाज संभव हो पाया है। भाइयो और बहनो, पिछले पांच साल में जितना भाजपा एनडीए की सरकार ने गरीबों के लिए किया है उतना पहले कभी नहीं हुआ, इसीलिए जब आज गरीब मोदी, मोदी करता है, मोदी को आशीर्वाद देता है तो इनका पारा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है।
भाइयो और बहनो, कांग्रेस हो या आरजेडी, इनकी सोच में ही खोट है। ये 21वीं सदी के भारत को नहीं समझ सकते। ये बिहार को, देश को अंधेरे में ही रखना चाहते हैं। इनकी इसी कोशिश के बीच, एनडीए का प्रयास, घर-घर को रोशन करने का है। अभी कुछ दिन पहले ही यहां बक्सर में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये एक बहुत बड़े पावर प्लांट के शिलान्यास का मुझे अवसर मिला था।

साथियो, विकास के ये काम तभी हो सकते हैं जब देश सुरक्षित हो लेकिन इन महामिलावटी लोगों को न देश की सुरक्षा की चिंता है न ही इनकी कोई नीति है। इसी वजह से 2014 से पहले पूरे देश में आतंक की विनाश लीला चलती रही।

साथियो, एनडीए की सरकार ने अपनी एजेंसियों को, अपने सपूतों को हमने खुली छूट दे दी। जिसके कारण आज देश के भीतर भी सफाई हो रही है और सीमा के उस पार भी सफाई हो रही है। ये नया हिंदुस्तान है, ये आतंकियों को घर में घुसकर के मारता है। मारना चाहिए कि नहीं मारना चाहिए? हिम्मत के साथ करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए? पूरी ताकत के साथ करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए? इस देश में से आतंकवाद खत्म होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए? ये निर्दोषों को मारने वाली दुनिया समाप्त होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए?

साथियो, एक तरफ हम आतंकियों और नक्सलियों के खिलाफ सफाई अभियान में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ महामिलावट वाले उनको बचाने में लगे हैं। ये लोग भारत के टुकड़े-टुकड़े करने की इच्छा रखने वालों को, पत्थरबाजों को, उनके समर्थकों को, नक्सलियों के समर्थकों को खुला लाइसेंस देना चाहते हैं। ये महामिलावटी देश की अखंडता और सुरक्षा को दांव पर लगाने निकले हैं। इन्हें रोकना, हम सभी का कर्तव्य है।

साथियो, सबका साथ-सबका विकास हमारा मंत्र है और सबको सुरक्षा-सबको सम्मान ये हमारा प्रण है। इसी लक्ष्य पर चलते हुए एनडीए ने हर वर्ग, हर क्षेत्र के विकास के लिए काम किया है। किसी भी वर्ग के हितों से छेड़छाड़ किए बिना, सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों को 10% का आरक्षण इसी सोच का परिणाम निकला है।
OBC कमीशन को संवैधानिक दर्जा देना भी सामाजिक न्याय को सशक्त करने वाला है। भाइयो और बहनो, किसानों के बैंक खाते में सीधे पैसे जमा होने शुरू हो चुके है और अब 23 मई को जब चुनाव का नतीजा आएगा फिर एक बार...मोदी सरकार, फिर एक बार...मोदी सरकार, फिर एक बार जब मोदी सरकार बनेगी तो किसानों को, खेत मजदूर को, छोटे दुकानदार को, ऐसे लोगों को हर महीने पेंशन मिले इसकी सुविधा उसकी योजना भी बनाई जाएगी। इसी तरह हम व्यापारियों के लिए भी राष्ट्रीय व्यापारी आयोग और 50 लाख रुपए तक का बिना गारंटी का ऋण, दुकानदारों को 50 लाख रुपए तक बिना गारंटी का कर्ज, ये सुविधा भी फिर एक बार मोदी सरकार बनने के बाद हम शुरू करने वाले हैं। यहां मेगा फूड पार्क के लिए भी स्वीकृति दी जा चुकी है। इस पार्क के माध्यम से भी यहां रोजगार का निर्माण होगा और किसानों को अपनी उपज का उचित दाम मिलेगा।

साथियो, इस क्षेत्र में भगवान राम और माता सीता के चरण पड़े हैं। आस्था की इस महत्वपूर्ण धरोहर को हमने युवाओं के रोजगार से जोड़ने का भी बीड़ा उठाया है। रामायण सर्किट से बक्सर को जोड़ा गया है। इसके तहत यहां पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाओं का निर्माण हो रहा है इसी प्रकार महादेव घाट पर गंगा आरती को और दिव्य बनाने का प्रयास भी निरंतर चल रहा है।
साथियो, भव्य और दिव्य भारत बनाने की ये यात्रा सशक्त हो इसीलिए आपका एक-एक वोट एनडीए को पड़ना चाहिए। कमल के फूल उस पर और तीर के निशान पर या बंगले के निशान पर जो भी वोट पड़ेगा वो वोट सीधा-सीधा मोदी के खाते में जाएगा। आप अपना बूथ मजबूत बनाएंगे, अपना बूथ मजबूत बनाएंगे? घर-घर जाएंगे, मतदाताओं से मिलेंगे, वोटिंग के लिए समझाएंगे? ज्यादा से ज्यादा वोट करवाएंगे, इतनी गर्मी में भी वोट करवाएंगे, पूरी मेहनत करेंगे? शांति से मतदान करवाएंगे, कमल खिलाएंगे, तीर चलाएंगे, बंगला बनाएंगे? देश को महान बनाएंगे, देश को मजबूत बनाएंगे? भाइयो बहनो, भारत मजबूत बनाने के लिए आपका वोट, सबका वोट बहुत जरूरी है।

मेरे साथ बोलिए
भारत माता की... जय
भारत माता की... जय
भारत माता की... जय।

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What gets measured gets improved and ultimately gets transformed: PM
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नमस्कार!

पिछले कुछ समय में मुझे एक-दो बार टीवी9 भारतवर्ष देखने का मौका मिला है। नॉर्मली भी युद्धों और मिसाइलों पर आपका बहुत फोकस होता है और आजकल तो आपको कंटेंट की ओवरफीडिंग हो रही है। बड़े-बड़े देश टीवी9 को इतना सारा कंटेंट देने पर तुले हुए हैं, लेकिन On a Serious Note, आज विश्व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वो अभूतपूर्व है और बेहद गंभीर है। और इन स्थितियों के बीच, आज टीवी-9 नेटवर्क ने विचारों का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाया है। आज इस समिट में आप सभी India and the world, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। इस समिट के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। सभी अतिथियों का अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज जब दुनिया, conflicts के कारण उलझी हुई है, जब इन conflicts के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया पर दिख रहे हैं, तब India and the world की बात करना बहुत ही प्रासंगिक है। भारत आज वो देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। 2014 के पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर के आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब भारत चुनौतियों को टालता नहीं है बल्कि चुनौतियों से टकराता है। आप बीते 5-6 साल में देखिए, कोरोना की महामारी के बाद चुनौतियां एक के बाद एक बढ़ती ही गई हैं। ऐसा कोई साल नहीं है, जिसने भारत की, भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के एकजुट प्रयास से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। इस समय युद्ध की परिस्थितियों में भी भारत की नीति और रणनीति देखकर, भारत का सामर्थ्य देखकर दुनिया के अनेकों देश हैरान हैं। हमारे यहां कहावत है, सांच को आंच नहीं। 28 फरवरी से दुनिया में जो उथल-पुथल मची है, इन कठोर विपरीत परिस्थितियों में भी भारत प्रगति के, विकास के, विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इन 23 दिनों में भारत ने अपनी Relationship Building Capacity दिखाई है, Decision Making Capacity दिखाई है और Crisis Management Capacity दिखाई है।

साथियों,

आज जब दुनिया इतने सारे खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय bridges बनाए हैं। Gulf से लेकर Global West तक, Global South से लेकर पड़ोसी देशों तक भारत सभी का trusted partner है। कुछ लोग पूछते हैं, हम किसके साथ हैं? तो उनको मेरा जवाब यही है कि हम भारत के साथ हैं, हम भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं, संवाद के साथ हैं।

साथियों,

संकट के इसी समय में जब global supply chains डगमगा रही हैं, भारत ने diversification और resilience का मॉडल पेश किया है। Energy हो, fertilizers हों या essential goods अपने नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए भारत ने निरंतर प्रयास किया है और आज भी कर रहे है।

साथियों,

जब राष्ट्रनीति ही राजनीति का मुख्य आधार हो, तब देश का भविष्य सर्वोपरि होता है। लेकिन जब राजनीति में व्यक्तिगत स्वार्थ हावी हो जाता है, तब लोग देश के फ्यूचर के बजाय अपने फ्यूचर के बारे में सोचते हैं। आप ज़रा याद कीजिए 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ था? तब कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया था और तब कांग्रेस ने देश की नहीं बल्कि अपनी सत्ता की चिंता की। उस वक्त कांग्रेस ने एक लाख अड़तालीस हज़ार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने खुद कहा था कि वो आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं। यह जानते हुए भी कि ऑयल बॉन्ड का फैसला गलत है, जो रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रहे थे, उन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय किया क्योंकि जवाबदेही उस समय नहीं होनी थी, उस बॉन्ड पर री-पेमेंट 2020 के बाद होनी थी।

साथियों,

बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है, और इस धुलाई का खर्चा कम नहीं आया है, ऐसी लाँड्री आपने देखी नहीं होगी। 1 लाख 48 हज़ार करोड़ रुपए की जगह, देश को 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पेमेंट करनी पड़ी क्योंकि इसमें ब्याज भी जुड़ गया था। यानी हमने करीब-करीब दोगुनी राशि चुकाने के लिए मजबूर हुए। आजकल कांग्रेस के जो नेता बयानों की मिसाइलें दाग रहे हैं, मिसाइल आई तो टीवी9 को मजा आएगा, उनकी इस विषय का जिक्र आते ही बोलती बंद हो जाती है।

साथियों,

पश्चिम एशिया में बनी परिस्थितियों पर मैंने आज लोकसभा में अपना वक्तव्य दिया है। दुनिया में जहां भी युद्ध हो रहे हैं, वो भारत की सीमा से दूर हैं। लेकिन आज की व्यवस्थाओं में कोई भी देश युद्धों से दुष्प्रभाव से दूर रहे, ऐसा संभव नहीं होता। अनेक देशों में तो स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। और इन हालातों में हम देख रहे हैं कि राजनीतिक स्वार्थ से भरे कुछ लोग, कुछ दल, संकट के इस समय में भी अपने लिए राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं। इसलिए मैं टीवी9 के मंच से फिर कहूंगा, यह समय संयम का है, संवेदनशीलता का है। हमने कोरोना महासंकट के दौरान भी देखा है, जब देशवासी एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो कितने सार्थक परिणाम आते हैं। इसी भाव के साथ हमें इस युद्ध से बनी परिस्थितियों का सामना करना है।

साथियों,

दुनिया की हर उथल-पुथल के बीच, भारत ने अपनी प्रगति की गति को भी बनाए रखा है। अगर मैं 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद, बीते 23 दिनों का ही ब्यौरा दूं, तो पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक देश में हजारों करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का काम हुआ है। दिल्ली मेट्रो रेल के महत्वपूर्ण कॉरिडोर्स का लोकार्पण, सिलचर का हाई स्पीड कॉरिडोर का शिलान्यास, कोटा में नए एयरपोर्ट का शिलान्यास, मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देना, ऐसे अनेक काम बीते 23 दिनों में ही हुए हैं। बीते एक महीने के दौरान ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भव्य स्कीम को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देशभर में 100 plug-and-play industrial parks विकसित किए जाएंगे। देश में Small Hydro Power Development Scheme को भी हरी झंडी दी गई है। इससे आने वाले वर्षों में 1,500 मेगावाट नई hydro power capacity जोड़ी जाएगी। इसी दौरान जल जीवन मिशन को साल 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। किसानों के हित में भी अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। बीते एक महीने में ही पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। और जो हमारे MSMEs हैं, जो हमारे निर्यातक हैं, उनके लिए भी करीब 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की भी घोषणा की गई है। यह सारे कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए देश कितनी तेज गति से काम कर रहा है।

साथियों,

Management की दुनिया में एक सिद्धांत कहा जाता है - What gets measured, gets managed. लेकिन मैं इसमें एक बात और जोड़ना चाहता हूं, What gets measured, gets improved और ultimately, gets transformed. क्योंकि आकलन जागरूकता पैदा करता है। आकलन जवाबदेही तय करता है और सबसे महत्वपूर्ण आकलन संभावनाओं को जन्म देता है।

साथियों,

अगर आप 2014 से पहले के 10-11 साल और 2014 के बाद के 10-11 साल का आप आकलन करेंगे, तो यही पाएंगे कि कैसे इसी सिद्धांत पर चलते हुए, भारत ने हर सेक्टर को Transform किया है। जैसे पहले हाईवे बनते थे, करीब 11-12 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से, आज भारत करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन की स्पीड से हाईवे बना रहा है। पहले पोर्ट्स पर शिप का Turnaround Time, 5-6 दिन का होता था। आज वही काम, करीब-करीब 2 दिन से भी कम समय में पूरा हो रहा है। पहले Startup Culture के बारे में चर्चा ही नहीं होती थी। 2014 से पहले, हमारे देश में 400-500 स्टार्ट अप्स ही थे। आज भारत में 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रर्ड स्टार्ट अप्स हैं। पहले मेडिकल education में सीटें भी सीमित थीं, करीब 50-55 हजार MBBS seats थीं, आज यह बढ़कर सवा लाख से ज्यादा हो चुकी हैं। पहले देश के Banking system से भी करोड़ों लोग बाहर थे। देश में सिर्फ 25 करोड़ के आसपास ही बैंक account थे। वहीं जनधन योजना के माध्यम से 55 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुले हैं। पहले हमारे देश में airports की संख्या भी 70 से कम थी। आज एयरपोर्ट्स की संख्या भी बढ़कर 160 से ज्यादा हो चुकी है।

साथियों,

पहले भी योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन आज फर्क है, आज परिणाम दिखते हैं। पहले गति धीमी थी, आज भारत fastrack पर है। पहले संभावनाएं भी अंधकार में थीं, आज संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं। इसलिए दुनिया को भी यह संदेश मिल रहा है कि यह नया भारत है। यह अपने विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है।

साथियों,

आज हमारा प्रयास है कि अतीत में विकास का जो असंतुलन पैदा हो गया था, उसको अवसरों में बदला जाए। अब जैसे हमारा पूर्वी भारत है। हमारा पूर्वी भारत संसाधनों से समृद्ध है, दशकों तक वहां जिन्होंने सरकारें चलाई हैं, उनकी उपेक्षा ने पूर्वी भारत के विकास पर ब्रेक लगा दी थी। अब हालात बदल रहे हैं। जिस असम में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है। ओडिशा में सेमीकंडक्टर से लेकर पेट्रोकेमिकल्स तक अनेक नए-नए सेक्टर का विकास हो रहा है। जिस बिहार में 6-7 दशक में गंगा जी पर एक बड़ा पुल बन पाया था एक, उस बिहार में पिछले एक दशक में 5 से ज्यादा नए पुल बनाए गए हैं। यूपी में कभी कट्टा मैन्युफैक्चरिंग की कहानियां कही जाती थीं, आज यूपी, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।

साथियों,

पूर्वी भारत का एक और बड़ा राज्य पश्चिम बंगाल है। पश्चिम बंगाल, एक समय में भारत के कल्चर, एजुकेशन, इंडस्ट्री और ट्रेड का हब होता था। बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है। लेकिन दुर्भाग्य से, आज वहां एक ऐसी निर्मम सरकार है, जो विकास पर ब्रेक लगाकर बैठी है। TV9 बांग्ला के जो दर्शक हैं, वो जानते हैं कि बंगाल में आयुष्मान योजना पर निर्मम सरकार ने ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम आवास योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू हुई योजना के लिए ब्रेक लगाया हुआ है। यानी विकास और जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता निर्मम सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ को दे रही है।

साथियों,

देश में इस तरह की राजनीति की शुरुआत जिस दल ने की है, वो अपने गुनाहों से बच नहीं सकती और वो पार्टी है - कांग्रेस। कांग्रेस पार्टी की राजनीति का एक ही लक्ष्य रहा है, किसी भी तरह विकास का विरोध और कांग्रेस यह तब से कर रही है, जब मैं गुजरात में था। गुजरात में वर्षों तक जनता ने हमें आशीर्वाद दिया, तो कांग्रेस ने उस जनादेश को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने गुजरात की छवि पर सवाल उठाए, उसकी प्रगति को कटघरे में खड़ा किया और जब यही विश्वास पूरे देश में दिखाई दिया, तो कांग्रेस का विरोध भी रीजनल से नेशनल हो गया।

साथियों,

जब राजनीति में विरोध, विकास के विरोध में बदल जाए, जब आलोचना देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने लगे, तब यह सिर्फ सरकार का विरोध नहीं रह जाता, यह देश की प्रगति से असहज होने की मानसिकता बन जाती है। आज कांग्रेस इसी मानसिकता की गुलाम बन चुकी है। आज स्थिति यह है कि देश की हर सफलता पर प्रश्न उठाया जाता है, हर उपलब्धि में कमी खोजी जाती है और हर प्रयास के असफल होने की कामना की जाती है। कोविड के समय, देश ने अपनी वैक्सीन बनाई, तो कांग्रेस ने उस पर भी संदेह जताया। Make in India की बात हुई, तो कहा गया कि यह सफल नहीं होगा, बब्बर शेर कहकर इसका मजाक उड़ाया गया। जब देश में डिजिटल इंडिया अभियान शुरू हुआ, तो उसका मजाक उड़ाया गया। लेकिन हर बार यह कांग्रेस का दुर्भाग्य और देश का सौभाग्य रहा कि भारत ने हर चुनौती को सफलता में बदला। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव का उदाहरण है। भारत डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया का अग्रणी देश है। भारत मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,

लोकतंत्र में विरोध जरूरी होता है। लेकिन विरोध और विद्वेष के बीच एक रेखा होती है। सरकार का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन देश को बदनाम करना, यह कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। जब विरोध इस स्तर तक पहुंच जाए कि देश की उपलब्धियां भी असहज करने लगें, तो यह राजनीति नहीं, यह दृष्टिकोण की समस्या है। अभी हमने ग्लोबल AI समिट में भी देखा है। जब पूरी दुनिया भारत में जुटी हुई थी, तो कांग्रेस के लोग कपड़े फाड़ने वहां पहुंच गए थे। इन लोगों को देश की इज्जत की कितनी परवाह है, यह इसी से पता चलता है। इसलिए आज आवश्यकता है कि देशहित को, दलहित से ऊपर रखा जाए क्योंकि अंत में राजनीति से ऊपर, राष्ट्र होता है, राष्ट्र का विकास होता है।

साथियों,

आज का यह दिन भी हमें यही प्रेरणा देता है। आज के ही दिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज ही, समाजवादी आंदोलन के प्रखर आदर्श डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती भी है। यह वो प्रेरणाएं हैं, जिन्होंने देश को हमेशा स्व से ऊपर रखा है। देशहित को सबसे ऊपर रखने की यही प्रेरणा, भारत को विकसित भारत बनाएगी। यही प्रेरणा भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि टीवी9 की यह समिट भी भारत के आत्मविश्वास और दुनिया के भरोसे पर, भारतीयों पर जो भरोसा है, उस भरोसे को और सशक्त करेगी। आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं और आपके बीच आने का अवसर दिया, आप सबसे मिलने का मौका लिया, इसलिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

नमस्‍कार!