ये चुनाव सिर्फ ये तय करने के लिए नहीं है कि कौन सा दल या गठबंधन जीतेगा, बल्कि ये चुनाव तय करेगा कि आने वाले वर्षों में भारत कितनी तेजी से विकास करेगा: प्रधानमंत्री मोदी
ये महामिलावटी लोग सिर्फ और सिर्फ समाज के विभाजन के बल पर वोट बटोरने की राजनीति करते हैं, यही कारण है कि आज़ादी के बाद इतने दशकों तक बिहार सहित इस समूचे पूर्वी भारत को विकास की रोशनी से दूर रखा गया: पीएम मोदी
सबका साथ, सबका विकास हमारा मंत्र है और सबको सुरक्षा, सबको सम्मान हमारा प्रण, इसी लक्ष्य पर चलते हुए एनडीए ने हर वर्ग, हर क्षेत्र के विकास के लिए काम किया है, किसी भी वर्ग के हितों से छेड़छाड़ किए बिना, सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों को आरक्षण इसी सोच का परिणाम है: प्रधानमंत्री

 कैलाशपति जी का आशीर्वाद तो संगठन के कार्य में भी मुझे मिला और वे गुजरात के गवर्नर थे उसके कारण भी मिला। गुजरात के विकास के लिए उनके मार्गदर्शन का मैं हमेशा आभारी रहूंगा।

साथियो, आपके इस उत्साह और समर्थन का परिणाम है की 6 चरणों के बाद विरोधी दलों की हालत पस्त है और उनके नेताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है। इसलिए ही मोदी को गाली देने का ये कंपटिशन बड़ा तेज़ हो गया है। अभी जब मैं आ रहा था तो सुशील जी का भाषण सुनाई दे रहा था वो सारी सूची बता रहे थे, कैसी-कैसी गालियां ये निकाल के ले आए हैं।

दोस्तो, आपका प्यार, आपका आशीर्वाद, आपका उत्साह, आपका जोश, ये सब कुछ मेरे सर आंखों पर। अब आप इजाजत दें, अब आप इजाजत दें तो मैं बोलना शुरू करूं, मैं बोलूं क्या? मैं अपनी बात बताऊं क्या? आपका उत्साह, आपका प्यार, यही तो मेरी ताकत है दोस्तों लेकिन जो काम के लिए मुझे बुलाया है वो भी तो करना पड़ेगा ना। तो बोलना शुरू करूं, आपका प्यार बना रहेगा, ये जोश, उत्साह 19 को भी चलाना है, चलेगा?

भाइयो-बहनो, वो जीत तो सकते नहीं, गाली देकर ही अपने मन की भड़ास निकाल रहे हैं। साथियो, ये केंद्र में मजबूर और कमजोर खिचड़ी सरकार बनाने के चक्कर में थे। सोच रहे थे की कमजोर सरकार आई तो फिर इन्हें सरकार को ब्लैकमेल करके जनता को लूटने का लाइसेंस मिल जाएगा। लेकिन आपके इस चौकीदार ने इनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है। 10 दिन के बाद 23 मई के नतीजे तय हैं, क्या नतीजा आने वाला है, क्या नतीजा आने वाला है? फिर एक बार...मोदी सरकार, फिर एक बार...मोदी सरकार। नतीजे तय हैं लेकिन एक बात याद रखिए बिहार में, पूरे हिंदुस्तान में, जहां भी चुनाव बाकी है उन सभी के लिए मैं कहना चाहता हूं। विजय निश्चित है लेकिन हम याद रखें बचपन में हमें सिखाया गया है की बूंद-बूंद से ही घड़ा भरता है, बूंद-बूंद से ही घड़ा भरता है। इसलिए आपको भी 19 मई को घर से निकलना है और देश में एक मजबूत सरकार बनाने के लिए वोट देना है और इस विजय को अधिक भव्य बनाना ये हमारा सपना है। 

साथियो, ये चुनाव सिर्फ ये तय करने के लिए नहीं है की कौन सा दल या गठबंधन जीतेगा, बल्कि ये यह चुनाव तय करेगा की आने वाले वर्षों में भारत कितनी तेजी से विकास करेगा। ये चुनाव 21वीं सदी के हमारे बच्चों का भविष्य तय करेगा। लेकिन आप मुझे बताइए ये महामिलावट वाले भारत की विकास की बात कभी भी करते हैं क्या? ये भारत के विकास की बात करते है क्या? भारत के विकास की चर्चा करते हैं क्या? भारत के विकास का उनका एजेंडा बताते हैं क्या? ये लोग सिर्फ और सिर्फ अपना हित करना जानते हैं, गरीबों का नहीं। इन लोगों ने समझ लिया है की कुछ जातियां उनकी गुलाम हैं, जैसे कहेंगे, उस जाति के लोग वैसा ही करेंगे। ये लोग बोल रहे हैं की जब देश की बात आती है तो हम सब पहले भारतीय होते हैं और बाद में कुछ और होते हैं।

भाइयो और बहनो, ये वो लोग हैं, जिन्होंने दशकों तक गरीबों के नाम पर वोट बटोरे, बड़े-बड़े पद हासिल किए, लेकिन जब काम करने की बारी आई, तो सबसे पहले उन्होंने गरीबों को भूलने का ही काम किया। ये लोग भी गरीबी से निकले थे, लेकिन इन लोगों ने आज हजारों करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली है। राजनीति में कब से इतनी तनख्वाह मिलने लगी की अरबों-खरबों का मालिक हो जाए। भाइयो और बहनो, इन लोगों ने आपसे लूट कर, अपने लिए बड़े-बड़े बंगले बनाए, लाखों की गाड़ियां खरीदी हैं। जबकि आपका ये सेवक गुजरात में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहा और पांच साल से देश का प्रधानमंत्री है, लेकिन एक पल के लिए भी न मैंने, ना मैं अपने लिए जीया हूं और न ही अपने रिश्तेदारों के लिए मैंने अपना समय बिताया है। मेरे लिए तो आप ही मेरा परिवार हैं। 130 करोड़ हिंदुस्तानी, यही मेरा परिवार है, इन्हीं के लिए जीता हूं, इन्हीं के लिए जीऊंगा।  

साथियो, ईमानदारी की इस ताकत ने, गरीबी के जीवन ने मुझे वो ताकत दी की मैं गरीबों के लिए इतना कुछ कर पाया। हमारी सरकार का, हमारी सरकार की हर योजना के केंद्र में गांव और गरीब रहे हैं। आजादी के बाद, हमारी पहली ऐसी सरकार है जिसने गांवों के बारे में इतना सोचा है, इतना काम किया है। हम देश के हर गांव तक सड़क पहुंचाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। गांव में रहने वाली माताओ-बहनो के लिए करोड़ों शौचालय बनाकर हमने उनकी पीड़ा कम की है। गांव में रहने वाली गरीब बहनों को हमने मुफ्त गैस कनेक्शन दिया है। गांव में रहने वाले हर गरीब के पास अपनी पक्की छत हो, इस पर भी हमारी सरकार काम कर रही है। ये आप लोग इतना प्यार करते हो और वो लोग परेशान हो जाते हैं। गांव में रहने वाले हर व्यक्ति के पास अपना बैंक खाता हो, इसकी कोशिश हमने जन धन योजना के माध्यम से की है। अब तक डाकघरों को बैंक में बदलकर हर गांव तक बैंक ले जाने का काम भी किया जा रहा है। गांव में रहने वाले दूर-दराज इलाकों में बच्चों को ही ध्यान में रखकर हम मिशन इंद्रधनुष चला रहे हैं।

साथियो, दशकों से गरीब पैसे के अभाव में बिना इलाज से ही तड़पता रहा। इलाज के लिए घर-बार तक बिक जाता था, लेकिन ये महामिलावटी आपको झूठे नारे ही देते रहे। आपके इस सेवक ने इलाज की आपकी चिंता को समझा और इसी वजह से आज आयुष्मान भारत आपके सामने है। आज गरीब से गरीब का भी अच्छे अस्पताल में मुफ्त इलाज संभव हो पाया है। भाइयो और बहनो, पिछले पांच साल में जितना भाजपा एनडीए की सरकार ने गरीबों के लिए किया है उतना पहले कभी नहीं हुआ, इसीलिए जब आज गरीब मोदी, मोदी करता है, मोदी को आशीर्वाद देता है तो इनका पारा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है।
भाइयो और बहनो, कांग्रेस हो या आरजेडी, इनकी सोच में ही खोट है। ये 21वीं सदी के भारत को नहीं समझ सकते। ये बिहार को, देश को अंधेरे में ही रखना चाहते हैं। इनकी इसी कोशिश के बीच, एनडीए का प्रयास, घर-घर को रोशन करने का है। अभी कुछ दिन पहले ही यहां बक्सर में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये एक बहुत बड़े पावर प्लांट के शिलान्यास का मुझे अवसर मिला था।

साथियो, विकास के ये काम तभी हो सकते हैं जब देश सुरक्षित हो लेकिन इन महामिलावटी लोगों को न देश की सुरक्षा की चिंता है न ही इनकी कोई नीति है। इसी वजह से 2014 से पहले पूरे देश में आतंक की विनाश लीला चलती रही।

साथियो, एनडीए की सरकार ने अपनी एजेंसियों को, अपने सपूतों को हमने खुली छूट दे दी। जिसके कारण आज देश के भीतर भी सफाई हो रही है और सीमा के उस पार भी सफाई हो रही है। ये नया हिंदुस्तान है, ये आतंकियों को घर में घुसकर के मारता है। मारना चाहिए कि नहीं मारना चाहिए? हिम्मत के साथ करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए? पूरी ताकत के साथ करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए? इस देश में से आतंकवाद खत्म होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए? ये निर्दोषों को मारने वाली दुनिया समाप्त होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए?

साथियो, एक तरफ हम आतंकियों और नक्सलियों के खिलाफ सफाई अभियान में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ महामिलावट वाले उनको बचाने में लगे हैं। ये लोग भारत के टुकड़े-टुकड़े करने की इच्छा रखने वालों को, पत्थरबाजों को, उनके समर्थकों को, नक्सलियों के समर्थकों को खुला लाइसेंस देना चाहते हैं। ये महामिलावटी देश की अखंडता और सुरक्षा को दांव पर लगाने निकले हैं। इन्हें रोकना, हम सभी का कर्तव्य है।

साथियो, सबका साथ-सबका विकास हमारा मंत्र है और सबको सुरक्षा-सबको सम्मान ये हमारा प्रण है। इसी लक्ष्य पर चलते हुए एनडीए ने हर वर्ग, हर क्षेत्र के विकास के लिए काम किया है। किसी भी वर्ग के हितों से छेड़छाड़ किए बिना, सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों को 10% का आरक्षण इसी सोच का परिणाम निकला है।
OBC कमीशन को संवैधानिक दर्जा देना भी सामाजिक न्याय को सशक्त करने वाला है। भाइयो और बहनो, किसानों के बैंक खाते में सीधे पैसे जमा होने शुरू हो चुके है और अब 23 मई को जब चुनाव का नतीजा आएगा फिर एक बार...मोदी सरकार, फिर एक बार...मोदी सरकार, फिर एक बार जब मोदी सरकार बनेगी तो किसानों को, खेत मजदूर को, छोटे दुकानदार को, ऐसे लोगों को हर महीने पेंशन मिले इसकी सुविधा उसकी योजना भी बनाई जाएगी। इसी तरह हम व्यापारियों के लिए भी राष्ट्रीय व्यापारी आयोग और 50 लाख रुपए तक का बिना गारंटी का ऋण, दुकानदारों को 50 लाख रुपए तक बिना गारंटी का कर्ज, ये सुविधा भी फिर एक बार मोदी सरकार बनने के बाद हम शुरू करने वाले हैं। यहां मेगा फूड पार्क के लिए भी स्वीकृति दी जा चुकी है। इस पार्क के माध्यम से भी यहां रोजगार का निर्माण होगा और किसानों को अपनी उपज का उचित दाम मिलेगा।

साथियो, इस क्षेत्र में भगवान राम और माता सीता के चरण पड़े हैं। आस्था की इस महत्वपूर्ण धरोहर को हमने युवाओं के रोजगार से जोड़ने का भी बीड़ा उठाया है। रामायण सर्किट से बक्सर को जोड़ा गया है। इसके तहत यहां पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाओं का निर्माण हो रहा है इसी प्रकार महादेव घाट पर गंगा आरती को और दिव्य बनाने का प्रयास भी निरंतर चल रहा है।

साथियो, भव्य और दिव्य भारत बनाने की ये यात्रा सशक्त हो इसीलिए आपका एक-एक वोट एनडीए को पड़ना चाहिए। कमल के फूल उस पर और तीर के निशान पर या बंगले के निशान पर जो भी वोट पड़ेगा वो वोट सीधा-सीधा मोदी के खाते में जाएगा। आप अपना बूथ मजबूत बनाएंगे, अपना बूथ मजबूत बनाएंगे? घर-घर जाएंगे, मतदाताओं से मिलेंगे, वोटिंग के लिए समझाएंगे? ज्यादा से ज्यादा वोट करवाएंगे, इतनी गर्मी में भी वोट करवाएंगे, पूरी मेहनत करेंगे? शांति से मतदान करवाएंगे, कमल खिलाएंगे, तीर चलाएंगे, बंगला बनाएंगे? देश को महान बनाएंगे, देश को मजबूत बनाएंगे? भाइयो बहनो, भारत मजबूत बनाने के लिए आपका वोट, सबका वोट बहुत जरूरी है।

मेरे साथ बोलिए
भारत माता की... जय
भारत माता की... जय
भारत माता की... जय।

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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रधानमंत्री ने विभाजन पीड़ितों के साहस को किया याद
August 14, 2026
प्रधानमंत्री ने परिश्रम और पुरुषार्थ के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर हम विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास का वह एक ऐसा क्षण था जिसने कई जिंदगियां तबाह कर दीं, लोगों के परिवार उजड़ गए, कई लोगों को अपनों को खोना पड़ा और लोगों ने अत्यधिक पीड़ा झेली।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में भी लोगों ने शून्य से शुरू कर अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपरीत परिस्थितियों को उपलब्धियों में बदला और राष्ट्र की प्रगति में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों का जीवन सभी को मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाता है। श्री मोदी ने उम्मीद जताई कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने तथा विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे।

प्रधानमंत्री ने उस भयावह दौर से उबरकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान देने वाले सभी देशवासियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अपने साहस और क्षमता से उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को साकार करने का उदाहरण प्रस्तुत किया। श्री मोदी ने सभी से सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने एक सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि परिश्रम, उद्यम और समर्पित प्रयासों से ही विविध कलाएं, विज्ञान, तकनीकी कौशल, शिल्प तथा नवाचार विकसित होते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसलिए, किसी को भाग्य के भरोसे नहीं बैठना चाहिए बल्कि साहस, कर्मठता और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर दृढ़ता से अग्रसर रहना चाहिए क्योंकि पुरुषार्थ ही भाग्य का निर्माता है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर श्रृंखलाबद्ध पोस्ट में लिखा:

आज हम #PartitionHorrorsRemembranceDay मना रहे हैं। विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को हम याद करते हैं। इतिहास का वह क्षण कई जिंदगियों को तहस-नहस कर देने वाला था…परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खोया और असहनीय पीड़ा सहनी पड़ी।
इन सब पर विजय प्राप्त करते हुए, लोगों ने शून्य से अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपत्ति को सफलता में परिवर्तित किया और राष्ट्र की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उनकी जीवन यात्राएं हमें मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाती हैं। आशा है कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा और हम सब मिलकर एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करेंगे।

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

It is through hard work, enterprise and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship and innovations flourish, paving the way for success. Therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.