If voted back to power, Congress-RJD will push Bihar back to the days of misery and darkness: PM Modi
The people of Bihar have long witnessed the scale of poor governance, lawlessness and corruption rampant during the Congress-RJD days: PM Modi in Bihar
Since coming to power in 2014, BJP-led NDA has is leading the nation away from darkness and lighting people’s lives with its guiding mantra of ‘Sabka Sath, Sabka Vikas’: Prime Minister Modi

 कैलाशपति जी का आशीर्वाद तो संगठन के कार्य में भी मुझे मिला और वे गुजरात के गवर्नर थे उसके कारण भी मिला। गुजरात के विकास के लिए उनके मार्गदर्शन का मैं हमेशा आभारी रहूंगा।

साथियो, आपके इस उत्साह और समर्थन का परिणाम है की 6 चरणों के बाद विरोधी दलों की हालत पस्त है और उनके नेताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है। इसलिए ही मोदी को गाली देने का ये कंपटिशन बड़ा तेज़ हो गया है। अभी जब मैं आ रहा था तो सुशील जी का भाषण सुनाई दे रहा था वो सारी सूची बता रहे थे, कैसी-कैसी गालियां ये निकाल के ले आए हैं।

दोस्तो, आपका प्यार, आपका आशीर्वाद, आपका उत्साह, आपका जोश, ये सब कुछ मेरे सर आंखों पर। अब आप इजाजत दें, अब आप इजाजत दें तो मैं बोलना शुरू करूं, मैं बोलूं क्या? मैं अपनी बात बताऊं क्या? आपका उत्साह, आपका प्यार, यही तो मेरी ताकत है दोस्तों लेकिन जो काम के लिए मुझे बुलाया है वो भी तो करना पड़ेगा ना। तो बोलना शुरू करूं, आपका प्यार बना रहेगा, ये जोश, उत्साह 19 को भी चलाना है, चलेगा?

भाइयो-बहनो, वो जीत तो सकते नहीं, गाली देकर ही अपने मन की भड़ास निकाल रहे हैं। साथियो, ये केंद्र में मजबूर और कमजोर खिचड़ी सरकार बनाने के चक्कर में थे। सोच रहे थे की कमजोर सरकार आई तो फिर इन्हें सरकार को ब्लैकमेल करके जनता को लूटने का लाइसेंस मिल जाएगा। लेकिन आपके इस चौकीदार ने इनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है। 10 दिन के बाद 23 मई के नतीजे तय हैं, क्या नतीजा आने वाला है, क्या नतीजा आने वाला है? फिर एक बार...मोदी सरकार, फिर एक बार...मोदी सरकार। नतीजे तय हैं लेकिन एक बात याद रखिए बिहार में, पूरे हिंदुस्तान में, जहां भी चुनाव बाकी है उन सभी के लिए मैं कहना चाहता हूं। विजय निश्चित है लेकिन हम याद रखें बचपन में हमें सिखाया गया है की बूंद-बूंद से ही घड़ा भरता है, बूंद-बूंद से ही घड़ा भरता है। इसलिए आपको भी 19 मई को घर से निकलना है और देश में एक मजबूत सरकार बनाने के लिए वोट देना है और इस विजय को अधिक भव्य बनाना ये हमारा सपना है। 

साथियो, ये चुनाव सिर्फ ये तय करने के लिए नहीं है की कौन सा दल या गठबंधन जीतेगा, बल्कि ये यह चुनाव तय करेगा की आने वाले वर्षों में भारत कितनी तेजी से विकास करेगा। ये चुनाव 21वीं सदी के हमारे बच्चों का भविष्य तय करेगा। लेकिन आप मुझे बताइए ये महामिलावट वाले भारत की विकास की बात कभी भी करते हैं क्या? ये भारत के विकास की बात करते है क्या? भारत के विकास की चर्चा करते हैं क्या? भारत के विकास का उनका एजेंडा बताते हैं क्या? ये लोग सिर्फ और सिर्फ अपना हित करना जानते हैं, गरीबों का नहीं। इन लोगों ने समझ लिया है की कुछ जातियां उनकी गुलाम हैं, जैसे कहेंगे, उस जाति के लोग वैसा ही करेंगे। ये लोग बोल रहे हैं की जब देश की बात आती है तो हम सब पहले भारतीय होते हैं और बाद में कुछ और होते हैं।

भाइयो और बहनो, ये वो लोग हैं, जिन्होंने दशकों तक गरीबों के नाम पर वोट बटोरे, बड़े-बड़े पद हासिल किए, लेकिन जब काम करने की बारी आई, तो सबसे पहले उन्होंने गरीबों को भूलने का ही काम किया। ये लोग भी गरीबी से निकले थे, लेकिन इन लोगों ने आज हजारों करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली है। राजनीति में कब से इतनी तनख्वाह मिलने लगी की अरबों-खरबों का मालिक हो जाए। भाइयो और बहनो, इन लोगों ने आपसे लूट कर, अपने लिए बड़े-बड़े बंगले बनाए, लाखों की गाड़ियां खरीदी हैं। जबकि आपका ये सेवक गुजरात में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहा और पांच साल से देश का प्रधानमंत्री है, लेकिन एक पल के लिए भी न मैंने, ना मैं अपने लिए जीया हूं और न ही अपने रिश्तेदारों के लिए मैंने अपना समय बिताया है। मेरे लिए तो आप ही मेरा परिवार हैं। 130 करोड़ हिंदुस्तानी, यही मेरा परिवार है, इन्हीं के लिए जीता हूं, इन्हीं के लिए जीऊंगा।  

साथियो, ईमानदारी की इस ताकत ने, गरीबी के जीवन ने मुझे वो ताकत दी की मैं गरीबों के लिए इतना कुछ कर पाया। हमारी सरकार का, हमारी सरकार की हर योजना के केंद्र में गांव और गरीब रहे हैं। आजादी के बाद, हमारी पहली ऐसी सरकार है जिसने गांवों के बारे में इतना सोचा है, इतना काम किया है। हम देश के हर गांव तक सड़क पहुंचाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। गांव में रहने वाली माताओ-बहनो के लिए करोड़ों शौचालय बनाकर हमने उनकी पीड़ा कम की है। गांव में रहने वाली गरीब बहनों को हमने मुफ्त गैस कनेक्शन दिया है। गांव में रहने वाले हर गरीब के पास अपनी पक्की छत हो, इस पर भी हमारी सरकार काम कर रही है। ये आप लोग इतना प्यार करते हो और वो लोग परेशान हो जाते हैं। गांव में रहने वाले हर व्यक्ति के पास अपना बैंक खाता हो, इसकी कोशिश हमने जन धन योजना के माध्यम से की है। अब तक डाकघरों को बैंक में बदलकर हर गांव तक बैंक ले जाने का काम भी किया जा रहा है। गांव में रहने वाले दूर-दराज इलाकों में बच्चों को ही ध्यान में रखकर हम मिशन इंद्रधनुष चला रहे हैं।

साथियो, दशकों से गरीब पैसे के अभाव में बिना इलाज से ही तड़पता रहा। इलाज के लिए घर-बार तक बिक जाता था, लेकिन ये महामिलावटी आपको झूठे नारे ही देते रहे। आपके इस सेवक ने इलाज की आपकी चिंता को समझा और इसी वजह से आज आयुष्मान भारत आपके सामने है। आज गरीब से गरीब का भी अच्छे अस्पताल में मुफ्त इलाज संभव हो पाया है। भाइयो और बहनो, पिछले पांच साल में जितना भाजपा एनडीए की सरकार ने गरीबों के लिए किया है उतना पहले कभी नहीं हुआ, इसीलिए जब आज गरीब मोदी, मोदी करता है, मोदी को आशीर्वाद देता है तो इनका पारा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है।
भाइयो और बहनो, कांग्रेस हो या आरजेडी, इनकी सोच में ही खोट है। ये 21वीं सदी के भारत को नहीं समझ सकते। ये बिहार को, देश को अंधेरे में ही रखना चाहते हैं। इनकी इसी कोशिश के बीच, एनडीए का प्रयास, घर-घर को रोशन करने का है। अभी कुछ दिन पहले ही यहां बक्सर में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये एक बहुत बड़े पावर प्लांट के शिलान्यास का मुझे अवसर मिला था।

साथियो, विकास के ये काम तभी हो सकते हैं जब देश सुरक्षित हो लेकिन इन महामिलावटी लोगों को न देश की सुरक्षा की चिंता है न ही इनकी कोई नीति है। इसी वजह से 2014 से पहले पूरे देश में आतंक की विनाश लीला चलती रही।

साथियो, एनडीए की सरकार ने अपनी एजेंसियों को, अपने सपूतों को हमने खुली छूट दे दी। जिसके कारण आज देश के भीतर भी सफाई हो रही है और सीमा के उस पार भी सफाई हो रही है। ये नया हिंदुस्तान है, ये आतंकियों को घर में घुसकर के मारता है। मारना चाहिए कि नहीं मारना चाहिए? हिम्मत के साथ करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए? पूरी ताकत के साथ करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए? इस देश में से आतंकवाद खत्म होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए? ये निर्दोषों को मारने वाली दुनिया समाप्त होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए?

साथियो, एक तरफ हम आतंकियों और नक्सलियों के खिलाफ सफाई अभियान में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ महामिलावट वाले उनको बचाने में लगे हैं। ये लोग भारत के टुकड़े-टुकड़े करने की इच्छा रखने वालों को, पत्थरबाजों को, उनके समर्थकों को, नक्सलियों के समर्थकों को खुला लाइसेंस देना चाहते हैं। ये महामिलावटी देश की अखंडता और सुरक्षा को दांव पर लगाने निकले हैं। इन्हें रोकना, हम सभी का कर्तव्य है।

साथियो, सबका साथ-सबका विकास हमारा मंत्र है और सबको सुरक्षा-सबको सम्मान ये हमारा प्रण है। इसी लक्ष्य पर चलते हुए एनडीए ने हर वर्ग, हर क्षेत्र के विकास के लिए काम किया है। किसी भी वर्ग के हितों से छेड़छाड़ किए बिना, सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों को 10% का आरक्षण इसी सोच का परिणाम निकला है।
OBC कमीशन को संवैधानिक दर्जा देना भी सामाजिक न्याय को सशक्त करने वाला है। भाइयो और बहनो, किसानों के बैंक खाते में सीधे पैसे जमा होने शुरू हो चुके है और अब 23 मई को जब चुनाव का नतीजा आएगा फिर एक बार...मोदी सरकार, फिर एक बार...मोदी सरकार, फिर एक बार जब मोदी सरकार बनेगी तो किसानों को, खेत मजदूर को, छोटे दुकानदार को, ऐसे लोगों को हर महीने पेंशन मिले इसकी सुविधा उसकी योजना भी बनाई जाएगी। इसी तरह हम व्यापारियों के लिए भी राष्ट्रीय व्यापारी आयोग और 50 लाख रुपए तक का बिना गारंटी का ऋण, दुकानदारों को 50 लाख रुपए तक बिना गारंटी का कर्ज, ये सुविधा भी फिर एक बार मोदी सरकार बनने के बाद हम शुरू करने वाले हैं। यहां मेगा फूड पार्क के लिए भी स्वीकृति दी जा चुकी है। इस पार्क के माध्यम से भी यहां रोजगार का निर्माण होगा और किसानों को अपनी उपज का उचित दाम मिलेगा।

साथियो, इस क्षेत्र में भगवान राम और माता सीता के चरण पड़े हैं। आस्था की इस महत्वपूर्ण धरोहर को हमने युवाओं के रोजगार से जोड़ने का भी बीड़ा उठाया है। रामायण सर्किट से बक्सर को जोड़ा गया है। इसके तहत यहां पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाओं का निर्माण हो रहा है इसी प्रकार महादेव घाट पर गंगा आरती को और दिव्य बनाने का प्रयास भी निरंतर चल रहा है।
साथियो, भव्य और दिव्य भारत बनाने की ये यात्रा सशक्त हो इसीलिए आपका एक-एक वोट एनडीए को पड़ना चाहिए। कमल के फूल उस पर और तीर के निशान पर या बंगले के निशान पर जो भी वोट पड़ेगा वो वोट सीधा-सीधा मोदी के खाते में जाएगा। आप अपना बूथ मजबूत बनाएंगे, अपना बूथ मजबूत बनाएंगे? घर-घर जाएंगे, मतदाताओं से मिलेंगे, वोटिंग के लिए समझाएंगे? ज्यादा से ज्यादा वोट करवाएंगे, इतनी गर्मी में भी वोट करवाएंगे, पूरी मेहनत करेंगे? शांति से मतदान करवाएंगे, कमल खिलाएंगे, तीर चलाएंगे, बंगला बनाएंगे? देश को महान बनाएंगे, देश को मजबूत बनाएंगे? भाइयो बहनो, भारत मजबूत बनाने के लिए आपका वोट, सबका वोट बहुत जरूरी है।

मेरे साथ बोलिए
भारत माता की... जय
भारत माता की... जय
भारत माता की... जय।

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وزیر اعظم نے تقسیم کے ہولناک واقعات کی یاد کے دن تقسیم سے متاثرہ افراد کی بہادری کو خراج تحسین پیش کیا
August 14, 2026
وزیر اعظم نے محنت اور انسانی جدوجہد کی طاقت کو اجاگر کرتے ہوئے سنسکرت سبھاشتم شیئر کیا 

وزیر اعظم جناب نریندر مودی نے آج کہا کہ تقسیم ہند کی ہولناکیوں کی یاد کے دن کے موقع پر ہم ان تمام لوگوں کی ہمت اور حوصلے کو یاد کرتے ہیں جو تقسیم سے متاثر ہوئے تھے۔ انہوں نے کہا کہ یہ تاریخ کا وہ المناک باب تھا جس نے بے شمار زندگیاں اجاڑ دیں، خاندانوں کو اپنے گھر بار سے محروم ہونا پڑا، متعددلوگوں کو اپنوں کو کھونا پڑا اور لوگوں کو بے پناہ مصائب برداشت کرنے پڑے۔

وزیر اعظم نے کہا کہ اس کے باوجود لوگوں نے تمام تر مشکلات پر قابو پاتے ہوئے ازسرنو اپنی زندگیاں سنواریں، نامساعد حالات کو کامیابی میں بدلا اور ملک کی ترقی میں گراں قدر تعاون دیا۔ انہوں نے کہا کہ ان لوگوں کی زندگی کےمشکلوں بھرا سفر ہمیں انسانی عزم و حوصلے کی قوت کا احساس دلاتے ہیں۔ جناب مودی نے امید ظاہر کی کہ یہ دن ہمارے ملک میں ہم آہنگی اور بھائی چارے کے تحفظ کے عزم کو مزید مضبوط کرے گا اور ہمیں ایک ساتھ مل کر ایک وکست بھارت کی تعمیر کی سمت کام کرنے کی ترغیب دے گا۔

وزیر اعظم نے ان تمام ہم وطنوں کو دلی خراج عقیدت پیش کیا جنہوں نے اس ہولناک دور سے نکل کر ملک کی ترقی میں گراں قدر خدمات انجام دیں۔ انہوں نے کہا کہ اپنی ہمت اور صلاحیت کے ذریعے ان لوگوں نے ثابت کیا کہ نامساعد حالات میں بھی عزم و ارادوں کو حقیقت میں بدلا جا سکتا ہے۔ جناب نریندر مودی نے سبھی لوگوں سے اپیل کی کہ وہ ملک میں خیرسگالی اور باہمی یکجہتی کے جذبے کو مزید مضبوط کریں۔

وزیر اعظم نے ایک سنسکرت سبھاشتم شیئر کرتے ہوئے اس بات پر زور دیا کہ محنت، جدوجہد اور لگن کے ذریعے مختلف فنون، علوم، سائنسی و تکنیکی مہارتیں، ہنرمندی اور اختراعات فروغ پاتی ہیں اور کامیابی کی راہ ہموار ہوتی ہے۔ انہوں نے مزید کہا کہ اس لیے انسان کو قسمت کے سہارے بیٹھے نہیں رہنا چاہیے، بلکہ ہمت، محنت اور مسلسل کوشش کے ساتھ اپنے مقاصد کی جانب ثابت قدمی سے آگے بڑھنا چاہیے، کیونکہ انسانی جدوجہد ہی تقدیر کی تشکیل کرتی ہے۔

وزیر اعظم نے ایکس پر سلسلہ وار پوسٹس میں لکھا:

آج ہم تقسیم ہند# کی ہولناکیوں کی یادکادن منا رہے ہیں۔ ہم ان تمام لوگوں کی ہمت و حوصلے کو یاد کرتے ہیں جو تقسیم سے متاثر ہوئے تھے۔ یہ تاریخ کا ایک ایسا لمحہ تھا جس نے بے شمار زندگیاں تہس نہس کر دیں… خاندان اجڑ گئے، اپنوں سے بچھڑنا پڑا اور لوگوں کو بے پناہ مصائب اور مشکلات برداشت کرنا پڑے۔

اس کے باوجود لوگوں نے ان حالات پر قابو پاتے ہوئے صفرسطح سے اپنی زندگیاں دوبارہ سنواریں، مشکلات کو کامیابی میں بدلا اور ملک کی ترقی میں بے حد اہم کردار ادا کیا۔ ان کی زندگی کے سفر ہمیں انسانی عزم و حوصلے کی قوت کا احساس دلاتے ہیں۔’’یہ دن ہمارے ملک میں باہمی ہم آہنگی اور بھائی چارے کے تحفظ کے عزم کو مزید مضبوط کرے اور ہم سب کو مل کر ایک ترقی یافتہ بھارت کی تعمیر کے لیے کام کرنے کی ترغیب دے۔‘‘

’تقسیم ہند کی ہولناکیوں کی یاد کے دن کے موقع پر ان تمام ہم وطنوں کو دل کی گہرائیوں سے خراجِ عقیدت پیش کرتا ہوں، جنہوں نے اس ہولناک دور سے نکل کر ملک کی ترقی میں گراں قدر کردار ادا کیا۔ انہوں نے اپنی ہمت اور صلاحیت سے یہ ثابت کیا کہ نامساعد حالات میں بھی اپنے عزم و ارادوں کو کس طرح پایۂ تکمیل تک پہنچایا جا سکتا ہے۔ آئیے، خیرسگالی اور قومی یکجہتی کے جذبے کو مزید مضبوط کریں۔‘

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।

कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

محنت، جدوجہد اور لگن کے ذریعے ہی مختلف فنون، علوم، سائنسی و تکنیکی مہارتیں، ہنرمندی اور اختراعات فروغ پاتی ہیں اور کامیابی کی راہ ہموار کرتی ہیں۔ اس لیے انسان کو قسمت کے سہارے بیٹھے نہیں رہنا چاہیے، بلکہ ہمت، محنت اور مسلسل کوشش کے ساتھ اپنے مقاصد کی جانب ثابت قدمی سے آگے بڑھنا چاہیے، کیونکہ انسان کی جدوجہد ہی تقدیر کو تشکیل دیتی ہے۔