Prime Minister’s remarks at BRICS Plenary Session

Published By : Admin | July 26, 2018 | 16:55 IST
PM Modi talks about fourth industrial revolution, employment, promoting skill development among youth
The coming times would see radical changes in industrial production, design, and manufacturing: PM Modi
The curriculum of schools and universities must be created in such a way that it can prepare our youth for the future: PM

Your Excellencies,President Cyril Ramaphosa, 
President Temer, 
President Putin, 
President Xi Jinping, 

आज दुनिया अनेक प्रकार के बदलावों से चौराहे पर है।

नई औद्योगिक technology और digital इंटरफ़ेस जिस नई दुनिया का निर्माण कर रहे हैं, वह एक अवसर भी है, और एक चुनौती भी।

नई प्रणालियों और उत्पादों से आर्थिक प्रगति के नए रास्ते खुलेंगे।

विकास और प्रगति के केंद्र में हमेशा लोग और मानवीय मूल्य सबसे महत्वपूर्ण हैं। इसलिए technology जगत में चौथी औद्योगिक क्रांति के उन परिणामों पर भी हमें गंभीर विचार करने कीज़रुरत है जो हम जैसे देशों की जनता और अर्थव्यवस्था पर दूरगामी प्रभाव डालेंगे।

Industry 4.0 (four point zero) का एक स्वागत योग्य परिणाम होगा अधिक नजदीकी संपर्क। The World will be flatter. जो इसका लाभ उठा सकेंगे वे अधिक प्रगति कर सकेंगे। अनेक वंचित वर्ग technology और विकास की कई अवस्थाओं के पार बड़ी छलांग लगा पाएंगे।

परन्तु, बढ़ती असमानताएं और तेज परिवर्तनों का समाज पर और मानवीय मूल्यों पर क्या प्रभाव होगा, यह कहना मुश्किल है।

Fourth Industrial Revolution में पूंजी से ज्यादा महत्व प्रतिभा का होगा। High-skill परन्तु अस्थाई work रोजगार का नया चेहरा होगा।

Industrial production, design, और manufacturing में मौलिक बदलाव आएंगे। Digital platforms, automation, और data-flows से भौगोलिक दूरियों का महत्व कम हो जाएगा। Digital platforms, e-commerceऔर marketplaces जब ऐसी technologies से जुड़ेंगे, तो एक नए प्रकार के industry और business leaders सामने आएंगे।

वे जिस प्रकार से और जितनी तेज़ी से जितनी संपत्ति, संसाधनों और विचारों पर नियंत्रण कर सकते हैं, या नियंत्रण खो सकते हैं, वह मानव के इतिहास में पहले कभी संभव नहीं था। हम यह नहीं जानते कि इसका परिणाम क्या होगा, लेकिन यह स्पष्ट है कि जो भी होगा गहरा और गंभीर होगा।

ऐसे में, मैं मानता हूँ कि BRICS framework में हमारी चर्चा हमें fourth Industrial revolution के लिए तैयार करने में मदद करेगी।

हमें इस बात पर चर्चा करनी चाहिए कि हम आने वाले समय के लिए अपने आप को किस तरह अच्छी तरह से तैयार कर सकते हैं।

एक अहम सवाल रोजगार के प्रकार और अवसरों का होगा। जहाँ तक हम देख सकते हैं, Traditional manufacturing हमारे युवाओं के लिए रोजगार का एक प्रमुख जरिया बनी रहेगी। दूसरी ओर, हमारे workers के लिए यह अत्यंत आवश्यक होगा कि वे अपनी skills में बदलाव ला सकें।

इसलिए, शिक्षा और कौशल विकास के लिए हमारी नज़रिए और नीतियों में तेज़ी से बदलाव लाना होगा।

School और University पाठ्यक्रम को इस तरह बनाना होगा जिससे ये हमारे युवाओं को भविष्य के लिए तैयार कर सकें। हमें बहुत सजग रहना होगा कि technology के क्षेत्र में आने वाले तेज बदलाव कम से कम उसी गति से पाठ्यक्रमों में स्थान पा सकें।

भारत में, इस उद्देश्य के लिए National Skill Development Mission की शुरूआत की गई है। इसका उद्देश्य हमारे युवाओं को relevant technical और vocational skills प्रदान करना है।

हमारी सरकार का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि affordable और quality technical, vocational तथा उच्च शिक्षा तक महिलाओं, पुरूषों और समाज के सभी वर्गों की समान रूप से पहुंच हो।

Excellencies, 

नए अवसरों का उचित उपयोग एक ओर रोजगार मांगने वालों को रोजगार देने वाला बना सकता है। वहीं दूसरी ओर रोजगार विहीनों के लिए सामाजिक सुरक्षा की सशक्त व्यवस्था अनिवार्य होगी।

सामाजिक सुरक्षा लाभों की portability से डिजिटल युग में skilled workers की mobility सुनिश्चित होगी।

Excellencies, 

बेहतर service delivery, productivity levels बढ़ाने और labour issues के बेहतर management के लिए technological innovations सहायता कर सकते हैं।

भारत में हमारा अनुभव इस मामले में बहुत सकारात्मक रहा है। श्रम कानूनों का पालन, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा और अनेक सरकारी योजनाओं का लाभार्थियों को सीधा भुगतान technology द्वारा बेहतर delivery का उदाहरण है।

आज के समय में technology सबसे बड़ा disruptor बन चुकी है। Industry 4.0(four point zero) के परिणामों की कल्पना करना भी मुश्किल है।

इस प्रकार के disruption से globalization और migration को बेहतर multilateral coordination और collaboration के माध्यम से manage करना होगा।

खास तौर पर Unorganised sector में skilled, semi-skilled और un-skilled, सभी कामगारों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना और भी महत्वपूर्ण हो जाएगा।

Cyber Security की चुनौतियों से और उनसे निबटने के लिए एकजुट हो कर काम करने के महत्त्व से हम सब भली भांति परिचित हैं। Industry 4.0 (four point zero) इन चुनौतियों और ज़रूरतों को और भी बढ़ा देगा।

भारत Fourth Industrial Revolution के विषयपर BRICS देशों के साथ मिलकर काम करना चाहता है। इस संबंध में हमें मिलकर best practices और policies साझा करनी चाहिए।

आजकल हो रहे और भविष्य में होने वाले technology परिवर्तनों का BRICS देशों और पूरी दुनिया के लिए महत्त्व को ध्यान में रखते हुए मैं यह सुझाव देना चाहूँगा कि हमारे मंत्रिइस विषय पर और विस्तार से विचार करें। और आवश्यकतानुसार विशेषज्ञों की मदद भी लें।

आप सभी का धन्यवाद।

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Text of Prime Minister's opening address during the 18th BRICS Summit session: "Resilience, Innovation, Cooperation, and Sustainability: Shaping the Future for Inclusive Global Development"
September 13, 2026

Your Highness,
Excellencies,
नमस्कार।

ब्रिक्स के विस्तृत परिवार में आप सभी का हार्दिक स्वागत है।

आज यह सभागार अलग-अलग महाद्वीपों, संस्कृतियों और विकास यात्राओं को एक साथ जोड़ रहा है। यह ब्रिक्स की बढ़ती ताकत, आकर्षण और अभूतपूर्व विश्वास का प्रमाण है।

Friends,

भारत की अध्यक्षता में हमने सभी प्रयास Resilience, Innovation, Cooperation और Sustainability, इन चार स्तंभों पर केंद्रित किये हैं। मुझे खुशी है कि आप सबके सहयोग और समर्थन से हम अपने साझा vision को win-win सहयोग में बदल सके।

आज विश्व में तनावों की संख्या लगातार बढ़ रही है, और सामान्य मानव के जीवन पर इसका बहुत negative प्रभाव भी हो रहा है, और व्यापक प्रभाव भी हो रहा है।

महामारियों, climate disasters और supply-chain disruptions ने दिखाया है कि आज के interconnected world में कोई भी संकट एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। इसलिए हमने ब्रिक्स समूह में Resilience बढ़ाने पर विशेष बल दिया है। चुनौतियों को समय रहते पहचानना, उनके लिए तैयार रहना और तुरंत कार्रवाई करना भी उतना ही आवश्यक है।

इसी सोच के साथ, infectious diseases के prevention और response के लिए BRICS Integrated Early Warning System पर सहमति बनी है। Disaster Management के लिए Early Warning Data Integration Guidelines तैयार की गई हैं। BRICS Logistics Supply Chain Cooperation Framework हमारी supply chains को अधिक reliable और resilient बनाने में सहायक होगा।

Friends,

Innovation के अंतर्गत BRICS Incubator Network हमारे start-ups और incubators को आपस में जोड़ेगा। Innovative और scalable solutions को बढ़ावा देने के लिए हमने BRICS Startup Innovation Fund का प्रस्ताव रखा है।

BRICS Network on Digital Agriculture किसानों के लिए नई संभावनाएं तैयार करेगा। इसके माध्यम से AI, geospatial technology और Digital Public Infrastructure को किसानों की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ा जाएगा।

Technology और Critical Minerals का weaponization हमारी साझा प्रगति में बाधा बन सकता है। इसलिए हमने technology के adoption में inclusivity पर बल दिया है।

Friends,

भारत ने ब्रिक्स के मंच से मित्रता, सहभागिता और सहयोग को आगे बढ़ाया है।

हमारा प्रयास रहा है कि ब्रिक्स cooperation केवल सरकारों तक सीमित न रहे। हमारे entrepreneurs, farmers, researchers, women, youth और सामान्य नागरिक भी इसके सक्रिय भागीदार बनें।

हमने BRICS CONNECT के माध्यम से skills, employability, women in workforce, social security और capacity building को बढ़ावा दिया है।

छोटे उद्यमों को knowledge, finance और नए markets से जोड़ने के लिए, BRICS MSME Cooperation Portal का इनिश्यटिव लिया गया है।

हमारे शहरों के बीच best practices साझा करने के लिए BRICS Urban Mobility Hub की स्थापना की गई है।

Friends,

भारतीय सभ्यता में प्रकृति को माँ का दर्जा दिया गया है। सदियों से हमारी मान्यता रही है कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विकल्प नहीं, पूरक हैं। BRICS में भी हमने मानव विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन पर बल दिया है।

यही Sustainability का आधार है। यह भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व भी है। इस दिशा में हमने कई पहलुओं पर प्रगति की है।

Smart Grids और Energy Storage के लिए हमने BRICS Digital Centre of Excellence बनाया है। यह हमारे clean energy systems को अधिक reliable, efficient और accessible बनाने में मदद करेगा।

Agro-Ecology और Regenerative Agriculture के Centers of Excellence, पारंपरिक ज्ञान को modern science से जोड़ेंगे। Community-based climate adaptation के लिए तैयार किये गए सिद्धांत, indigenous knowledge को climate action का महत्वपूर्ण आधार बनाएँगे।

Friends,

इन चारों स्तंभों पर आगे बढ़ते हुए BRICS के माध्यम से हमने inclusive global growth को बढ़ावा देने का प्रयास किया है। क्योंकि हमारा मानना है कि BRICS में विकसित solutions का लाभ केवल ब्रिक्स तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इन्हें ग्लोबल साउथ की आवश्यकताओं के अनुरूप adaptable और accessible बनाना चाहिए।

साथियों,

मैं मेरे निजी अनुभव से कह सकता हूं कि BRICS में Global South के देशों का विश्वास बढ़ा है, क्योंकि BRICS में-

उनकी आवाज सुनी जाती है।
उनके अनुभव का सम्मान होता है।
और solutions उनके लिए नहीं, उनके साथ मिलकर बनाए जाते हैं।

BRICS की शक्ति हमारी diversity और cooperation में है।

We may be rooted in different realities, but together, we rise through cooperation, and blossom for humanity.

हमारी विविधता हमारी पहचान रहे, हमारा सहयोग हमारी प्रेरणा बने, और हमारी प्रगति पूरी मानवता के काम आए।

आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।