PM Modi addresses public meeting in Thiruvananthapuram, Kerala

Published By : Admin | April 18, 2019 | 20:40 IST
I urge all the eligible voters in Kerala to turn out and exercise their franchise in support of the BJP: PM Modi
Only the BJP can ensure social justice for every group in Kerala like we did across the country: PM Modi
Everybody has seen how the UDF and LDF are threatening the traditions and religious practices of the people here: Prime Minister Modi

Prime Minister Narendra Modi addressed a major public meeting in Thiruvananthapuram in Kerala today.

Urging his supporters in the southern state to vote for the BJP in the ongoing General elections, PM Modi said, “The faith and affection towards the BJP and me has only increased over time. I am here to seek the blessings of the people so that we continue to transform this faith into rapid development. This is why, I urge all the eligible voters in Kerala to turn out and exercise their franchise in support of the BJP during these elections and strengthen our resolve to bring rapid development in Kerala.”

 

 

Taking on the regional rivals, the UDF and the ruling LDF for their ineffective policies and rampant corruption, PM Modi said, “Only the BJP can ensure social justice for every group in Kerala. Everybody has seen how the UDF and LDF are threatening the traditions and religious practices of the people here while they indulge in corruption, bribery and other illegal activities. Can anyone forgive the Congress for the humiliation and suffering it gave to Mr. Nambi Narayan, whose entire career was destroyed by the false allegations of the Congress. This is the true face of these parties, they are not people-centric, they are ‘family-centric’ instead.” He further commented on the issue of Congress President contesting elections from the seat of Wayanad in Kerala and said that the Congress party had done so because it wanted to replicate the ‘Amethi Model of Development’ in Wayanad and added that contesting from South India was not giving a message to the people of the South, it was rather about appeasing specific communities that was the main motivation behind such a decision.

 

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गुजरात के मुख्यमंत्री श्रीमान भूपेंद्र भाई पटेल, राज्य के उप मुख्यमंत्री श्री हर्ष भाई संघवी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे साथी अश्विनी वैष्णव जी, राज्य के मंत्री भाई अर्जुन मोढवाडिया जी, केन्स और अल्फा ओमेगा सेमीकंडक्टर्स के प्रतिनिधिगण अन्य महानुभाव, देवियों और सज्जनों।

पिछले महीने के अंतिम दिन भी मैं साणंद में था, और इस महीने के अंतिम दिन भी मैं साणंद में हूं। 28 फरवरी को माइक्रोन के प्लांट में प्रोडक्शन की शुरुआत हुई, और आज 31 मार्च को, केन्स टेक्नॉलॉजी के सेमीकंडक्टर प्लांट में प्रोडक्शन शुरु हो रहा है। ये मात्र संयोग नहीं है, ये इस बात का प्रमाण है कि भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम, किस पेस से, किस गति से, किस स्पीड के साथ डेवलप हो रहा है। मैं केन्स टेक्नॉलॉजी की पूरी लीडरशिप को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। रमेश रघु congratulations. गुजरात सरकार को, इस प्लांट में काम कर रहे और सभी साथियों को मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आज सुबह मैं एक डिवाइन वाले कार्यक्रम में था और अभी मैं डिजिटल वाले कार्यक्रम में हूं।

साथियों,

मुझे इस बात की भी बेहद खुशी है कि भारत की कंपनी ने semiconductor चिप्स बनाने में रुचि दिखाई, और नतीजा हम सबके सामने है। हमारे भारत की अपनी कंपनी केन्स अब ग्लोबल semiconductor सप्लाई चेन का एक मजबूत हिस्सा बन गई है। ये एक बहुत शानदार शुरुआत है, एक गर्व का पल है, हर भारतवासी के लिए गर्व का पल है। आने वाले दिनों में भारत की बहुत सारी कंपनियां, ग्लोबल collaboration के माध्यम से, दुनिया को एक resilient semiconductor सप्लाइ चेन देने जा रही है।

साथियों,

आज का ये दिन, मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड, इस मंत्र को सही मायने में चरितार्थ करता है। इस प्रोजेक्ट में प्रोडक्शन शुरु होने से, भारत ग्लोबल मार्केट में, एक भरोसेमंद सेमीकंडक्टर सप्लायर के रूप में अपना रोल और सशक्त कर रहा है। आज एक प्रकार से साणंद और सिलिकॉन वैली के बीच नया ब्रिज सा बन गया है। कैलिफोर्निया की कंपनी के लिए, साणंद का ये प्लांट Intelligent Power Modules दे रहा है। मुझे बताया गया है कि यहां बनने वाले प्रोडक्ट्स का एक बड़ा हिस्सा, पहले ही एक्सपोर्ट के लिए बुक हो चुका है। साणंद में बनने वाले modules अमेरिका की कंपनियों तक पहुंचेंगे, और वहां से पूरी दुनिया को पावर देंगे। मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड के मंत्र की सफलता की गूंज दुनिया के कोने-कोने में पहुंचेगी।

साथियों,

यहां बनने वाले इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल्स से, भारत और विश्व के इलेक्ट्रिक व्हीकल इकोसिस्टम को, हैवी इंडस्ट्री को बहुत बल मिलेगा। यही ग्लोबल पार्टनरशिप ही दुनिया के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है।

साथियों,

21वीं सदी का ये दशक आरंभ से दुनिया के लिए अनेक चुनौतियां लेकर आया है। संकट पेंडमिक का रहा है, conflicts का रहा है। इसमें भी सबसे बड़ी भुक्तभोगी, ग्लोबल सप्लाई चेन रही है। चाहे चिप्स हो, रेयर अर्थ मिनरल्स हों, एनर्जी हो, ये conflicts की वजह से बहुत प्रभावित हुए हैं। ये मानवता के तेज विकास से जुड़ी चीज़ें हैं, इनकी सप्लाई चेन में, इनके फ्लो में ब्रेक लगने से, पूरी ह्यूमैनिटी का विकास प्रभावित होता है। इसलिए भारत जैसे डेमोक्रेटिक देश का इस दिशा में आगे बढ़ना, पूरे विश्व के विकास के लिए बहुत अहम है।

साथियों,

हमने कोरोना की आपदा के समय ही तय कर लिया था, कि भारत सेमीकंडक्टर सेक्टर का नया ग्लोबल हब बनेगा, इस सेक्टर में आत्मनिर्भर बनेगा। और सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भरता, सिर्फ एक चिप तक सीमित नहीं है। इसका मतलब है, AI में, इलेक्ट्रिक व्हीकल में, क्लीन एनर्जी में, डिफेंस में, इलेक्ट्रॉनिक्स में, ऐसे अनेक सेक्टर में भी आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा। इसलिए, साल 2021 में भारत ने इंडिया-सेमीकंडक्टर मिशन शुरु किया। यह mission सिर्फ एक industrial policy नहीं है, यह भारत के आत्मविश्वास का ऐलान है। और इसका इंपैक्ट सबके सामने है। इस मिशन के तहत, देश के 6 राज्यों में एक लाख साठ हज़ार करोड़ रुपए के 10 प्रोजेक्ट्स पर काम हो रहा है। केन्स और माइक्रोन के प्रोजेक्ट्स भी इसी का हिस्सा हैं। सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन और मैन्यूफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता के लिए भारत ने ध्रुव Sixty Four जैसा, आधुनिक माइक्रोप्रोसेसर विकसित किया है। इससे 5G इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स, industrial automation, ऐसे अनेक सेक्टर्स के लिए हमें एक अपना सुरक्षित platform मिला है।

साथियों,

सेमीकंडक्टर मिशन की अब तक की सफलता के बाद, अब भारत ने इसके अगले फेज की तरफ कदम बढ़ाया है। इसी सोच के साथ, इस वर्ष के बजट में इंडिया-सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की गई है। इस फेज का फोकस, भारत में सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट्स और मटीरियल्स के प्रोडक्शन पर है। अब हमारा प्रयास, एक फुल स्टैक भारतीय सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार करने का है। ताकि हम डोमेस्टिक और ग्लोबल सप्लाई चेन में बड़ी पार्टनरशिप कर सकें।

साथियों,

भारत आज industry led research and training centres को प्रोत्साहित कर रहा है। ताकि technology development भी हो और एक future ready skilled workforce भी तैयार हो। बहुत जल्द ही, देश में 85 हजार से अधिक डिजाइन प्रोफेशनल्स तैयार करने के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जाएगा। साथ ही, पूरे इकोसिस्टम की जरूरतों को देखते हुए प्रोफेशनल्स की ट्रेनिंग की भी व्यवस्था की जा रही है। सेमीकंडक्टर डिजाइन को बढ़ावा देने के लिए चिप्स टू स्टार्टअप भी कार्यक्रम चल रहा है। आज देश की करीब 400 यूनिवर्सिटीज और स्टार्टअप्स को, आधुनिक डिजाइन टूल्स तक access दी गई है। इससे फिफ्टी फाइव से अधिक चिप्स का डिजाइन और निर्माण किया जा चुका है।

साथियों,

इंडस्ट्री एस्टीमेट्स के अनुसार, आज भारत का सेमीकंडक्टर मार्केट करीब फिफ्टी बिलियन डॉलर, यानी करीब-करीब साढ़े चार लाख करोड़ रुपए का है। ये इस दशक के अंत तक सौ बिलियन डॉलर यानी नौ लाख करोड़ रुपए को पार कर सकता है। ये दिखाता है कि भारत में इस सेक्टर में कितनी ज्यादा संभावनाएं हैं। हमारा टारगेट अपनी ज़रूरतों की अधिक से अधिक चिप्स, भारत में ही बनाने का है। भारत के इस संकल्प को लेकर दुनियाभर के निवेशकों में जो उत्साह है, वो हमारे लिए बहुत बड़ी पूंजी है।

साथियों,

भारत एक सशक्त सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तो बना ही रहा है, साथ ही, रॉ मटीरियल की रिज़ीलियन्ट सप्लाई चेन के लिए भी बड़े प्रयास कर रहा है। पैक्स सिलिका में भारत का शामिल होना इसी प्रयास का ही एक हिस्सा है। दुनियाभर में जो हमारे पार्टनर्स हैं, उनके साथ मिलकर भारत में हम एक सुरक्षित सप्लाई चेन सुनिश्चित करना चाहते हैं।

साथियों,

क्रिटिकल मिनरल्स में आत्मनिर्भरता के लिए, भारत ने नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन भी शुरु किया है। इसके तहत, क्रिटिकल मिनरल्स की माइनिंग और प्रोडक्शन पर बल दिया जा रहा है। मिनरल्स की री-साइकलिंग के लिए भी 1500 करोड़ रुपए की स्कीम शुरु की गई है। इस वर्ष के बजट में, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरलम् जैसे कोस्टल स्टेट्स को मिलाकर रेयर अर्थ कॉरिडोर के निर्माण की घोषणा की गई है। ये कॉरिडोर,एक ऐसा Integrated नेटवर्क होगा, जो माइनिंग, रिफाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग की एक सशक्त चेन बनाएगा। हमारा प्रयास है कि देश में क्रिटिकल मिनरल्स का एक राष्ट्रीय भंडार हो। अच्छा होता कि, ये काम 30-40 वर्ष पहले शुरु होता। लेकिन अब भारत इसके लिए मिशन मोड पर काम कर रहा है।

साथियों,

भारत का मानना है, 21वीं सदी का ये कालखंड, सिर्फ economic competition का समय नहीं है। ये फ्यूचर के tech landscape को शेप करने का समय है। इसलिए, मैं इस दशक को, इस डैकेड को, भारत का टैकेड कहता हूं। इस दशक में भारत, टेक्नॉलॉजी से जुड़े जो initiatives ले रहा है, वो आने वाले दशकों में भारत की लीडरशिप को सशक्त करेंगे। आप सभी, हाल में हुई AI impact summit की सफलता से परिचित हैं। अगर AI adoption के मामले में देखें, तो भारत दुनिया में सबसे आगे है। हम भारतीय, टेक को एक्सप्लोर करते हैं। डिजिटल इंडिया की सफलता, फिनटेक में हो रहा शानदार काम, ये technology पर भारतीयों के भरोसे को ही हम देख पाते हैं, उसे दिखाता है। और भारत का जो AI इकोसिस्टम है, उसको हमारे सेमीकंडक्टर सेक्टर के उभार से बहुत मदद मिलेगी।

साथियों,

21वीं सदी का भारत केवल बदलाव का साक्षी नहीं, बल्कि बदलाव का नेतृत्व करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।हमारी नीतियां और हमारे निर्णय, आने वाले दशकों की टेक्नोलॉजी और एनर्जी सेक्टोरिटी की मजबूत नींव रख रहे हैं। इसलिए आज भारत हर क्रिटिकल टेक्नॉलॉजी पर अभूतपूर्व निवेश कर रहा है, रिफॉर्म्स कर रहा है। हमने space sector को private players के लिए खोला है, IN-SPACe जैसी संस्थाएं बनाई गईं हैं। इसका परिणाम आज दिख रहा है। स्पेस से जुड़े हमारे स्टार्ट अप्स बहुत ही शानदार काम कर रहे हैं। इसी तरह, हाल में ही हमने Nuclear sector में SHANTI Bill जैसे ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। ये रीन्युएबल एनर्जी मिक्स में, न्यूक्लियर एनर्जी के हिस्से को बहुत अधिक बढ़ाने जा रहा है। ये हमारे AI फ्यूचर के लिए भी बहुत ज़रूरी है।

साथियों,

भारत क्वांटम कंप्यूटिंग को भी एक स्ट्रटीजिक एसेट मानकर, मिशन मोड पर काम कर रहा है। ये भारत के डिजिटल फ्यूचर को सशक्त करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा। यानी भारत, आज टेक्नॉलॉजी के विकास और टेक्नॉलॉजी के यूज, दोनों ही मामलों में बहुत तेज़ी से काम कर रहा है। ये पूरी दुनिया के इन्वेस्टर्स के लिए बहुत बड़ा अवसर है। हम Ease of Doing Business, Ease of Manufacturing, Ease in Logistics, इस पर भी निरंतर काम कर रहे हैं।

साथियों,

मुझे विश्वास है, केन्स के इस प्लांट से निकलने वाले प्रोडक्ट factory of the world के रूप में भारत के सफर को और मज़बूती देंगे। एक बार फिर आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं। बहुत बहुत धन्यवाद।