मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ महनुभाव, और भारत माता की सेवा के लिए अपने आप को समर्पित करने वाले सभी वीर बहादुर जवानों,
ये बड़ा सौभाग्य है की आज मातृभूमि के लिए जीवन अर्पण करने वाले वीर शहीदों को नमन करने का मुझे अवसर मिला I मुझे विश्वास है कि भारत माँ की सेवा करने वाले इन वीर शहीदों को स्मरण करते हुए उनको नमन किया है तब, मुझे उन सभी वीर शहीद आत्माओं का आशीर्वाद मिलेगा, जो मुझे देश की सेवा करने की और अधिक ताक़त देगा I त्याग तपस्या में कोई कमी न रहे, इसके लिए उनका जीवन, हम जैसे नागरिकों के लिए भी प्रेरक है I आप लोग मातृभूमि के लिए अपना घर-बार-गाँव, यार-दोस्त-परिवार छोड़ कर के उन कठिन क्षेत्रों में काम करते हैं, जिस कठिनाई का अंदाज़ सामान्य जीवन जीने वाले नागरिकों को होना बहुत मुश्किल होता है I लेकिन आप ये जो साधना करते हैं, जो तपस्या करते हैं, उसी की बदौलत देश के कोटि कोटि नागरिक सुख-चैन की ज़िंदगी जी सकते हैं I कोटि कोटि जनों के आशीर्वाद आपके साथ हैं, और जब कोटि कोटि जनों के आशीर्वाद आपके साथ हैं, तो आपकी रक्षा जो कोटि-कोटि जनों के आशीर्वाद से बना रहता है। इस से बड़ा कोई रक्षा-कवच नहीं हो सकता है I
मैं इस मत का हूँ कि अगर देश विकास करना चाहता है, देश अगर प्रगति करना चाहता है, तो देश में सुख, शांति, सद्भावना, भाईचारा, ये अनिवार्य होता है, और उसी की नीव पर देश विकास की नयी उँचाइयों को पाता रहता है I ये सुख शांति तब तक प्राप्त नहीं होती है, जब तक हम हमारी सीमाओं को सुरक्षित न करें, हमारे सुरक्षा बलों को समर्थ न करें, हमारे सुरक्षा बलों को आधुनिक न करें, तब तक ये संभव नहीं होगा और राष्ट्र के विकास के लिए भी सुरक्षा का क्षेत्र सबसे ज़्यादा सशक्त होना, समय की माँग है I
मैं सैन्य-बल के आधुनिकरण के पक्ष का हूँ I ना सिर्फ़ सैन्य-बल, सब प्रकार के सुरक्षा बलों के आधुनिकरण के पक्ष का हूँ I विज्ञान बहुत आगे बढ़ चुका है I टेक्नालजी बहुत आगे बढ़ चुकी है I अब शायद आने वाले नज़दीक के भविष्य में आमने-सामने लड़ाई के कुछ अवसर ही रहने वाले हैं I बहुत बढ़ा बदलाव आने वाला है I और तब जाकर के सेना को आधुनिक बनाना, वैज्ञानिक बनाना, टेक्नालजी से सू-सज्य बनाना, यह समय की माँग है, और हमारी यह प्राथमिकता रही है I आज देखिए हमारी कठिनाई कैसी है, कि सेना के जवानों के लिए जितना खर्च करना चाहिए, सुरक्षा बलों के लिए जितना खर्च करना चाहिए, उससे काफ़ी ज़्यादा हमारा बजट, हमारे सुरक्षा के संसाधनों को import करने में जाता है I अगर हम defence offset में आत्म-निर्भर होते हैं, सेना के लिए आवश्यक आधुनिक से आधुनिक प्रकार के शस्त्र हम अपने यहाँ उत्पादित करते हैं तो बजट का काफ़ी हिस्सा, जो आज विदेशों में जा रहा है, वो हमारे सैन्य-बल के लोगों के कल्याण के लिए खर्च किया जा सकता है I अगर हम शस्त्र-अस्त्रों का उत्पादन अपने देश में करने पर बल दें, तो हमारे देश के नौजवानों को रोज़गार उपलब्ध होता है, और जो देश शस्त्र-अस्त्र उत्पादन करने की क्षमता रखता है, वो सेना के जवानों के साथ-साथ उस देश के नागरिकों का मनोबल भी बहुत ऊँचा होता हैI उनको विश्वास होता है कि मेरी सेना के जवानों के हाथ खाली नहीं हैं,उनकी भुजाओं में सामर्थ्यवान अस्त्र-शस्त्र भरे पड़े हैंI जो उसके दिल दिमाग़ में जुझारूपन है और दिल दिमाग के जुझारूपन के साथ अस्त्र-शस्त्र का बल अनिवार्य है, और इसलिए, भारत को आत्म-रक्षा के लिए शस्त्र-अस्त्र के उत्पादन में आत्म-निर्भर होना बहुत आवश्यक है I आत्म-निर्भर व्यक्ति ही जैसे आत्म-गौरव से जी सकता है, वैसे आत्म निर्भर देश भी आत्म-गौरव के साथ विश्व के सामने सर ऊँचा करके जी सकता हैI
बदले हुए कालखण्ड में पूरा विश्व भारत की तरफ बड़ी आशा के साथ से देख रहा हैI विश्व भी, जो शांति की तलाश में है, उसे भी लगता है की भारत एक catalytic agent के रूप में एक बहुत बड़ी भूमिका अदा कर सकता हैI
विश्व के सामर्थ्यवान देश आज भारत के साथ बराबरी के साथ बात करने के लिए उत्सुक हैं I ये तभी संभव हुआ है के हम सामर्थ के साथ खड़े हैं I
मेरे नौजवान साथियो, आपकी ये तपस्या कभी बेकार नहीं जाएगी I आपका कल्याण, आपके परिवारजनों का कल्याण, आपकी संतानों का उज्ज्वल भविष्य, ये भारत की सामूहिक ज़िम्मेवारी है, और मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूँ क्योंकि मेरी सरकार इस विषय में प्रतिबद्ध है, और सेना के जवान के परिवार की चिंता अगर देश करता है, तो जवान हंसते-हंसते देश की चिंता करता है. इस मंत्र को मैं भली भाँति समझता हूँ, और इसलिए, वन्दे-मातरम का मंत्र लेकर के, देश की आज़ादी के लिए कितने लोगों ने जीवन दे दिया I
आज , हर दो कदम पर जय हिंद- जय हिंद- जय हिंद सुनाई देता है I एक जवान दूसरे जवान को मिलता है तो जय हिंद कह करके ग्रीट करता है I ये जय हिंद करने के लिए सीमा पर जवान, देश में किसान, 65% नौजवान – गाओं हो, खेत हो, खलिहान हो, शहर हो, सीमा हो – हर कोने पर ये “जय हिंद” का नारा, ये “भारत माँ की जय” की ललकार, हमें देश को आगे बढ़ाने की ताक़त दे I हम देश को और नयी उँचाइयों पर ले जायें I सवा सौ करोड़ देशवासियों के सपनो को पूरा करने का संकल्प लेकर के हम आगे बढ़ें I और उन संकल्पों की सुरक्षा भी आपके हाथों में है I मुझे विश्वास है, सवा सौ करोड़ देशवासियों को विश्वास है, के देश को कभी दुनिया की कोई ताक़त आपके रहते हुए ना झुका सकती है, ना कभी उसे पराजित कर सकती है I ये विजय का विश्वास लेकर के निकले हुए आप लोग कभी पराजित हो नही सकते, और जहाँ विजयश्री का मंत्र होता है, वहाँ ईश्वर का भी आशीर्वाद रहते हैं, और कभी हम अकेले नहीं होते I दूर-दूर पहाड़ी-नदी में कभी आप अकेले सेना के साथ अपनी ज़िम्मेदारी अगर निभा रहे हो, दूर-दूर चले गए हों आपके अगल-बगल में कोई दिखता नहीं होगा, लेकिन आप विश्वास करना कि आप अकेले नहीं होंगे, एक प्लस-वन आपके साथ होगा, वो ईश्वरीय शक्ति आपके साथ होती है हर पल होती है, क्यों? इसलिए की आप नि-स्वार्थ भाव से पवित्र कार्य करने के लिए चल पड़े हैं और जो नि-स्वार्थ भाव से पवित्र कार्य करता है, उसके ईश्वर हमेशा साथ रहता है I और जिसके साथ ईश्वर रहता है, वहाँ पराजय की कभी संभावना नहीं होती I वहाँ सिर्फ़ जै ही जै लिखा हुआ होता है I और वही जै अल्टिमेट्ली जय -हिंद का मंत्र बन जाता है I ये जय हिन्द का मंत्र हम सबको देश को आगे ले जाने की प्रेरणा देता है I
मैं आज, आप सभी जवानों को मेरी तरफ से बहुत बहुत शुभकामनायें देता हूँ, और मैं आपको विश्वास देता हूँ की चाहे सरकार हो या समाज हो, पूरा देश आपके साथ खड़ा है I जैसा अभी बताया गया, देश के जवान कई सालों से प्रतीक्षा कर रहे थे, की आज़ाद हिन्दुस्तान में एक हमारा नैशनल वॉर म्यूज़ीयम बनाना चाहिए, नैशनल वॉर मेमोरियल बनाना चाहिए I मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ, और वैसे भी, मैं जबसे शासकीय व्यवस्था में आया हूँ, जब कभी गुजरात का मुख्यमंत्री रहा, या अभी प्रधानमंत्री बना, मेरा अनुभव रहा है कि जो अच्छे-अच्छे काम हैं, वो मेरे लिए बाकि रह गये हैं I वो सारे अच्छे-अच्छे काम मुझे ही करने हैं, और मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ की जो सौभाग्य मुझे मिला है, वो सौभाग्य मैं पूरा करके रहूँगा और सम्मान प्राप्त हों। देश की आम इंसान को गौरव हो इसके लिए आवश्यक सारे कदम उठाउँगाI मैं फिर एक बार, आप सबको बहुत बहुत शुभ-कामनायें देता हूँ और आपकी रक्षा राष्ट्र की रक्षा के लिए बहुत अनिवार्य है, इस बात को समझते हुए, आपको हर प्रकार से सज्य करना, ये शासन का दायित्व है I त्याग और तपस्या की आपकी भावना बहुत उँची होने के बावजूद भी आपकी रक्षा करने की भावना भी शासन के लिए सर्वोपरि रहनी चाहिए, इस मंत्र को लेकर के हम काम करते हैं I फिर एक बार, आपके बीच आने का मुझे अवसर मिला, आपसे मिलने का अवसर मिला – मैं आप सबका बहुत बहुत शुक्रगुज़ार हूँ, और आप सबको बहुत बहुत शुभकामनायें देता हूँ I
जय हिंद I
ବନ୍ଧୁଗଣ,
ଆଜି ଦେଶବ୍ୟାପୀ ହଜାର ହଜାର ଯୁବକ ଯୁବତୀଙ୍କ ପାଇଁ ଏକ ଅତ୍ୟନ୍ତ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ଦିନ।ଆଜି ୫୧ ହଜାରରୁ ଅଧିକ ଯୁବକ-ଯୁବତୀ ସରକାରୀ ଚାକିରିର ନିଯୁକ୍ତିପତ୍ର ପାଇଛନ୍ତି। ଆଜି, ଆପଣମାନେ ସମସ୍ତେ ଦେଶର ବିକାଶ ଯାତ୍ରାରେ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ଏବଂ ଦାୟିତ୍ବପୂର୍ଣ୍ଣ ଅଂଶୀଦାର ହେବାକୁ ଯାଉଛନ୍ତି। ଆପଣମାନେ ରେଳବାଇ, ବ୍ୟାଙ୍କିଙ୍ଗ, ପ୍ରତିରକ୍ଷା, ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ, ଶିକ୍ଷା ଏବଂ ଆହୁରି ଅନେକ କ୍ଷେତ୍ରରେ ନୂତନ ଦାୟିତ୍ୱ ଗ୍ରହଣ କରିବାକୁ ଯାଉଛନ୍ତି। ଆଗାମୀ ବର୍ଷଗୁଡ଼ିକରେ ଏକ ବିକଶିତ ଭାରତ ପାଇଁ ସଂକଳ୍ପ ପୂରଣ କରିବାରେ ଆପଣମାନେ ସମସ୍ତେ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ଭୂମିକା ଗ୍ରହଣ କରିବେ।
ବନ୍ଧୁଗଣ,
ଏହି ସ୍ଥାନରେ ପହଞ୍ଚିବା ପାଇଁ ଆପଣମାନେ ନିଶ୍ଚିତ ଭାବରେ ଅନେକ ପ୍ରସ୍ତୁତି ଏବଂ କଠିନ ପରିଶ୍ରମ କରିଛନ୍ତି। ଏହି ସଫଳତା ପାଇଁ ମୁଁ ଆପଣଙ୍କୁ ଏବଂ ଆପଣଙ୍କ ପରିବାରକୁ ଅଭିନନ୍ଦନ ଜଣାଉଛି। ଆପଣମାଙ୍କର ଏହି ସଫଳତା ପଛରେ ପିତାମାତା ଏବଂ ପରିବାରର ଅବଦାନ ଅତୁଳନୀୟ । ଆମେ କେବଳ ନିଜ ପାଇଁ କିମ୍ବା ଆମ ପରିବାର ଯୋଗୁଁ ଏହି ପଦବୀରେ ପହଞ୍ଚି ନାହୁଁ ଏଥିରେ ସମାଜର ମଧ୍ୟ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ଅବଦାନ ରହିଛି । ଏହି ବିଶାଳ ଦେଶର ୧୪୦ କୋଟି ନାଗରିକଙ୍କ ଅବଦାନର ମଧ୍ୟ ବହୁତ ମହତ୍ୱ ରହିଛି। ସେଥିପାଇଁ ଆମର ଦାୟିତ୍ୱ କେବଳ ନିଜ ପ୍ରତି କିମ୍ବା ପରିବାର ପ୍ରତି ନୁହେଁ, ସମଗ୍ର ସମାଜ ପ୍ରତି ମଧ୍ୟ ରହିଛି। ମୁଁ ନିଶ୍ଚିତ ଯେ ଆପଣମାନେ ଏସବୁ କାର୍ଯ୍ୟ ପାଇଁ ନିଜକୁ ଆହୁରି ସକ୍ଷମ କରିବେ । ମୁଁ ଆପଣ ସମସ୍ତଙ୍କୁ ଏଥି ପାଇଁ ଅନେକ ଅନେକ ଶୁଭେଚ୍ଛା ଜଣାଉଛି।

ବନ୍ଧୁଗଣ,
ଆପଣମାନେ ସମସ୍ତେ ଜାଣନ୍ତି ଯେ ମାତ୍ର ଦୁଇ ଦିନ ପୂର୍ବରୁ ମୁଁ ପାଞ୍ଚଟି ଦେଶର ଯାତ୍ରା ଫେରିଥିଲି। ଯଦିଓ ଏହା କେବଳ ପାଞ୍ଚଟି ଦେଶ ଯାତ୍ରା ଥିଲା, ମୁଁ ଅନେକ ଦେଶର ପ୍ରମୁଖ କମ୍ପାନୀର ନେତୃତ୍ୱଦାତାମାନଙ୍କ ସହିତ ଭେଟିଥିଲି, କଥା ହୋଇଥିଲି ଏବଂ ଆଲୋଚନା ମଧ୍ୟ କରିଥିଲି । ମୁଁ ପ୍ରତେକ ସ୍ଥାନରେ ଗୋଟିଏ କଥା ନିରନ୍ତର ଅନୁଭବ କରିଥିଲି। ସମଗ୍ର ବିଶ୍ୱ ଭାରତର ଯୁବଶକ୍ତି ଏବଂ ଭାରତର ପ୍ରଯୁକ୍ତିବିଦ୍ୟା ପ୍ରଗତିକୁ ନେଇ ବହୁତ ଉତ୍ସାହିତ ଅଛି। ଆଜି, ବିଶ୍ୱ ଭାରତର ବିକାଶ ଯାତ୍ରାର ଏକ ଅଂଶ ହେବାକୁ ଚାହୁଁଛି। ଭାରତ ମଧ୍ୟ ବିଶ୍ୱର ବିଭିନ୍ନ ଦେଶ ସହିତ ସହଭାଗୀତା କରୁଛି। ଏହାର ଉଦ୍ଦେଶ୍ୟ ହେଉଛି ଯୁବପିଢିଙ୍କ ପାଇଁ ନୂତନ ସୁଯୋଗ ସୃଷ୍ଟି କରିବା , ନିଯୁକ୍ତି ପ୍ରଦାନ କରିବା ଏବଂ ସେମାନଙ୍କର କ୍ଷମତାକୁ ବିକାଶିତ କରିବା । ମୁଁ ପ୍ରକୃତରେ ଚାହୁଁଛି ଯେ ମୋ ଦେଶର ଯୁବପିଢ଼ି ବିଶ୍ୱସ୍ତରରେ ପରିଚିତ ହୁଅନ୍ତୁ। ଏହି ଗସ୍ତ ସମୟରେ ନେଦରଲ୍ୟାଣ୍ଡରେ,ସେମିକଣ୍ଡକ୍ଟର, ଜଳ, କୃଷି ଏବଂ ଉନ୍ନତ ଉତ୍ପାଦନ ଉପରେ ଆଲୋଚନା ହୋଇଥିଲା। ସ୍ୱିଡେନ ସହିତ, କୃତ୍ରିମ ବୁଦ୍ଧିମତ୍ତା (AI) ଏବଂ ଡିଜିଟାଲ୍ ନବସୃଜନରେ ସହଯୋଗ ଉପରେ ଅନେକ ଆଲୋଚନା ହୋଇଥିଲା। ନରୱେ ସହିତ, ସବୁଜ ପ୍ରଯୁକ୍ତିବିଦ୍ୟା ଏବଂ ସାମୁଦ୍ରିକ ସହଯୋଗ ଉପରେ ଆଲୋଚନା ହୋଇଥିଲା । ରଣନୈତିକ ଶକ୍ତି ଏବଂ ପ୍ରଯୁକ୍ତିବିଦ୍ୟା ସହଭାଗୀତା ଉପରେ UAE ସହିତ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ଚୁକ୍ତିନାମା ହୋଇଥିଲା। ଇଟାଲୀ ସହିତ, ପ୍ରତିରକ୍ଷା, ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ଖଣିଜ ପଦାର୍ଥ ଏବଂ ବିଜ୍ଞାନ ଓ ପ୍ରଯୁକ୍ତିବିଦ୍ୟା ଭଳି ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ କ୍ଷେତ୍ରରେ ସହଭାଗୀତା ଉପରେ ଚୁକ୍ତିନାମା ସ୍ଵାକ୍ଷର ହୋଇଥିଲା।
ବନ୍ଧୁଗଣ,
ଏହି ସମସ୍ତ ଚୁକ୍ତିନାମା ଭାରତର ଯୁବପିଢ଼ିଙ୍କୁ ସିଧାସଳଖ ଲାଭ ଦେବ। ଯେପରି ଆପଣ ଲକ୍ଷ୍ୟ କରିଥିବେ, ଏହି ସମସ୍ତ ବିଷୟଗୁଡ଼ିକ ଏକ ଉଜ୍ଜ୍ୱଳ ଏବଂ ସମର୍ଥ ଭାରତର ଭବିଷ୍ୟତର ନିଶ୍ଚୟତା ନେଇ ଆସୁଛି।। କାରଣ ପ୍ରତ୍ୟେକ ନୂତନ ନିବେଶ, ପ୍ରତ୍ୟେକ ପ୍ରଯୁକ୍ତିବିଦ୍ୟା ସହଭାଗୀତା, ପ୍ରତ୍ୟେକ ଶିଳ୍ପ ସହଯୋଗ ଭାରତର ଯୁବପିଢ଼ି ପାଇଁ କେବଳ ନୂତନ ସୁଯୋଗ ଆଣିଥାଏ ତାହା ନୁହେଁ ବରଂ ଅଗଣିତ ନୂତନ ଅବସର ମଧ୍ୟ ସୃଷ୍ଟି କରିଥାଏ।
ମୋର ଯୁବ ସାଥୀମାନେ,
ଆମକୁ ମନେ ରଖିବାକୁ ପଡିବ ଯେ ଏଗୁଡ଼ିକ ସେହି କ୍ଷେତ୍ର, ଯେଉଁଥିରେ ଆସୁଥିବା ନିବେଶ ଏବଂ ସହଭାଗିତା ଆଗାମୀ ୩-୪ ଦଶକର ବିଶ୍ୱ ଅର୍ଥନୈତିକ ବୃଦ୍ଧିକୁ ଦିଗନିର୍ଦ୍ଦେଶ କରିବାକୁ ଥିବା ଶିଳ୍ପଗୁଡ଼ିକୁ ଗଢ଼ି ତୋଳିବ। ଏଥିରେ ନିଶ୍ଚିତ ଭାବେ ଭାରତର ଯୁବମାନଙ୍କର ବହୁତ ବଡ଼ ଭୂମିକା ରହିବ।

ବନ୍ଧୁଗଣ,
ମୁଁ ଆପଣଙ୍କୁ ଏକ ଉଦାହରଣ ଦେବାକୁ ଚାହୁଁଛି, ଯେ ଭାରତ କିପରି ବିଶ୍ୱ ପାଇଁ ଏକ ବିଶ୍ୱସ୍ତ ଯୋଗାଣ ଶୃଙ୍ଖଳ ସହଭାଗୀ ହେଉଛି। ଉଦାହରଣ ସ୍ୱରୂପ, ନେଦରଲ୍ୟାଣ୍ଡର ଏକ ସେମିକଣ୍ଡକ୍ଟର କମ୍ପାନୀ ASML - ଆପଣମାନଙ୍କ ମଧ୍ୟରୁ ଅନେକ ଏହି ନାମ ସହିତ ପରିଚିତ ଥିବେ - ଭାରତର ଟାଟା ଇଲେକ୍ଟ୍ରୋନିକ୍ସ ସହିତ ଏକ ଚୁକ୍ତିନାମା କରିଛି। ଭାରତ ବିଶ୍ୱର କେବଳ କିଛି ଦେଶ ମଧ୍ୟରୁ ଗୋଟିଏ ଯାହା ସହିତ ଏହି କମ୍ପାନୀ ଏକ ଚୁକ୍ତିନାମା ସ୍ୱାକ୍ଷର କରିଛି। କେବଳ ASML ଏବଂ ଟାଟା ଇଲେକ୍ଟ୍ରୋନିକ୍ସ ମଧ୍ୟରେ ଏହି ଚୁକ୍ତିନାମା ଭାରତରେ ଅଗଣିତ ନୂତନ ନିଯୁକ୍ତି ସୁଯୋଗ ସୃଷ୍ଟି କରିବ ଏବଂ ଭାରତକୁ ପରବର୍ତ୍ତୀ ପିଢ଼ିର ପ୍ରଯୁକ୍ତିବିଦ୍ୟା ପାଇଁ ନୂତନ ସମ୍ଭାବନା ସୃଷ୍ଟି ମଧ୍ୟ କରିବ । ସେହିପରି, ସ୍ୱିଡେନ ସହିତ ପ୍ରଯୁକ୍ତିବିଦ୍ୟା ଏବଂ AI ସହଭାଗୀତା ଓ UAE ସହିତ ସୁପରକମ୍ପ୍ୟୁଟିଂ ସହଯୋଗ ଭାରତର ପ୍ରଯୁକ୍ତିବିଦ୍ୟା କ୍ଷମତାକୁ ଯଥେଷ୍ଟ ମଜବୁତ କରିବ। ଏହି ଚୁକ୍ତିନାମା ନିସନ୍ଦେହରେ ଯୁବପିଢ଼ି ପାଇଁ ନୂତନ ସୁଯୋଗ ସୃଷ୍ଟି କରିବ।
ବନ୍ଧୁଗଣ,
ଆଜି, ସ୍ୱଚ୍ଛ ଶକ୍ତି, ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ଖଣିଜ ପଦାର୍ଥ, ସବୁଜ ହାଇଡ୍ରୋଜେନ ଏବଂ ସ୍ଥାୟୀ ଉତ୍ପାଦନ ସହିତ ଜଡିତ କ୍ଷେତ୍ରଗୁଡ଼ିକ ମଧ୍ୟ ଦ୍ରୁତ ଗତିରେ ବୃଦ୍ଧି ପାଉଛି ଏବଂ ଆଗକୁ ବଢ଼ୁଛି। ଏଗୁଡ଼ିକ ସହିତ ଜଡିତ ସହଭାଗୀତା ଏକ ନୂତନ ଅର୍ଥନୀତି ଏବଂ ସୁଯୋଗର ଦ୍ୱାର ଖୋଲି ଦେଉଛି। ସ୍ୱିଡେନ୍, ନରୱେ ଏବଂ ଇଟାଲୀ ପରି ଦେଶମାନଙ୍କ ସହିତ ଗ୍ରୀନ୍ ଟ୍ରାନ୍ଜିସନ୍ ଏବଂ ସସ୍ଟେନେବଲ୍ ଟେକ୍ନୋଲୋଜିରେ ସହଯୋଗ ମଧ୍ୟ ବଢ଼ୁଛି। ଏହା ଭାରତକୁ କ୍ଲିନ୍ ମାନୁଫ୍ୟାକ୍ଚରିଂ ସମ୍ବନ୍ଧୀୟ ଭବିଷ୍ୟତ ଶିଳ୍ପଗୁଡ଼ିକରେ ଶକ୍ତିଶାଳୀ କରିବ। ଏହା ବ୍ୟତୀତ, ଭାରତ ବନ୍ଦର, ଜାହାଜ ଚଳାଚଳ ଏବଂ ସାମୁଦ୍ରିକ ଭିତ୍ତିଭୂମି ସହିତ ଜଡିତ ଚୁକ୍ତିନାମା ଉପରେ ଦ୍ରୁତ ଗତିରେ କାମ କରିଛି। UAE ଏବଂ ନରୱେ ସହିତ ସହଭାଗୀତା ଭାରତର ଜାହାଜ ନିର୍ମାଣ ଇକୋସିଷ୍ଟମକୁ ମଜବୁତ କରିବ। ଆପଣମାନେ ଜାଣନ୍ତି ଯେ, ଜାହାଜ ନିର୍ମାଣ ପାଇଁ ଯଥେଷ୍ଟ ପରିମାଣର ଦକ୍ଷ ମାନବଶକ୍ତି ଆବଶ୍ୟକ। ଏହାର ଅର୍ଥ ହେଉଛି ଯେ ଭାରତୀୟ ଇଞ୍ଜିନିୟର, ଟେକ୍ନିସିଆନ ଏବଂ କୁଶଳୀ ଶ୍ରମିକଙ୍କ ଚାହିଦା ପାଇଁ ଏତେ ଚାହିଦା ବଢ଼ିବ ଯେ ଆପଣମାନେ କଳ୍ପନା ମଧ୍ୟ କରିପାରିବେ ନାହିଁ।
ବନ୍ଧୁଗଣ,
ପ୍ରତ୍ୟେକ ନୂତନ ସହଭାଗିତା ସହିତ ଆମେ ଭାରତୀୟ ଷ୍ଟାର୍ଟଅପ୍, ଗବେଷକ ଏବଂ ଯୁବ ବୃତ୍ତିଗତଙ୍କ ପାଇଁ ବିଶ୍ୱ ସହିତ ଯୋଡ଼ିବାର ନୂତନ ପଥ ସୃଷ୍ଟି କରୁଛୁ। ଏହା ମାଧ୍ୟମରେ ଭାରତୀୟ ଯୁବମାନେ ଉନ୍ନତ ଦକ୍ଷତା, ବିଶ୍ୱ ବଜାର ଏବଂ ବିକାଶର ନୂତନ ସୁଯୋଗ ପାଇବେ। ଆଜି, ବିଶ୍ୱ ସେହି ଦେଶଗୁଡ଼ିକୁ ସମ୍ମାନ କରେ ଯେଉଁମାନେ ନବସୃଜନ କରନ୍ତି, ନିର୍ମାଣ କରନ୍ତି ଏବଂ ବଡ଼ ପରିମାଣରେ ସଫଳତାର ସହିତ କାର୍ଯ୍ୟକରି ପାରନ୍ତି। ଭାରତ ତିନୋଟି ଦିଗରେ ଦ୍ରୁତ ଗତିରେ ପ୍ରଗତି କରୁଛି, ଏବଂ ଏଏହି ପରିବର୍ତ୍ତନର ସବୁଠାରୁ ବଡ଼ ଶକ୍ତି ହେଉଛନ୍ତି ଆପଣମାନେ—ମୋର ଯୁବ ବନ୍ଧୁମାନେ, ଭାରତର ଯୁବଶକ୍ତି । ମୁଁ ବିଶ୍ୱର ଯେକୌଣସି ସ୍ଥାନକୁ ଯାଏ, ସେଠାରେ ଆଲୋଚନା ସମୟରେ ଭାରତର ଯୁବଶକ୍ତି ବିଷୟରେ ନିଶ୍ଚୟ ଆଲୋଚନା କରେ।

ବନ୍ଧୁଗଣ,
ଆଜି, ପ୍ରତ୍ୟେକ ଭାରତୀୟ ଏକ ଦୃଢ଼ ସଂକଳ୍ପ ସହିତ ଆଗକୁ ବଢ଼ୁଛନ୍ତି। ଏହି ସଂକଳ୍ପ ହେଉଛି ୨୦୪୭ ସୁଦ୍ଧା ଏକ ବିକଶିତ ଭାରତ ନିର୍ମାଣ କରିବା। ଏହି ଲକ୍ଷ୍ୟ ହାସଲ କରିବା ପାଇଁ, ଦେଶ ବିଭିନ୍ନ କ୍ଷେତ୍ରରେ ନିବେଶ କରୁଛି। ଏହି ନିବେଶ ଦେଶର ଯୁବପିଢ଼ିଙ୍କ ପାଇଁ ଲକ୍ଷ ଲକ୍ଷ ନୂତନ ନିଯୁକ୍ତି ସୁଯୋଗ ସୃଷ୍ଟି କରୁଛି। ଉଦାହରଣ ସ୍ୱରୂପ, ଆଜି, ଭାରତରେ ଅର୍ଦ୍ଧପରିବାହୀ ଉତ୍ପାଦନ ପାଇଁ ଏକ ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ଯୋଗାଣ ଶୃଙ୍ଖଳ ସୃଷ୍ଟି ହେଉଛି। ଆଗାମୀ ସମୟରେ, ଭାରତର ୧୦ଟି ବୃହତ୍ତମ ଅର୍ଦ୍ଧପରିବାହୀ ୟୁନିଟ୍ ବିଶ୍ୱ ସ୍ତରରେ ନିଜର ଛାପ ସୃଷ୍ଟି କରିବ। ଏଗୁଡ଼ିକ ଭାରତର ଯୁବପିଢ଼ିଙ୍କ ସମ୍ଭାବନା, ସେମାନଙ୍କର ବୁଦ୍ଧି, ସେମାନଙ୍କର ପ୍ରତିବଦ୍ଧତା ଏବଂ ସ୍ୱାଭାବିକ ଭାବରେ ନିଯୁକ୍ତି ସୁଯୋଗ ଦ୍ୱାରା ପରିଚାଳିତ ହେବ। ଭାରତ ଜାହାଜ ନିର୍ମାଣ ଠାରୁ ଆରମ୍ଭ କରି ଜାହାଜ ମରାମତି ଏବଂ ଓଭରହାଲିଂ ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ଏକ ଇକୋସିଷ୍ଟମ ମଧ୍ୟ ବିକଶିତ କରୁଛି। ଏଥିପାଇଁ ପ୍ରାୟ ୭୫,୦୦୦ କୋଟି ଟଙ୍କାର ନିବେଶ କରାଯାଉଛି। ସେହିପରି, ଆମେ ଭାରତ ଭିତରେ ଏକ ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ MRO ଇକୋସିଷ୍ଟମ, ଅର୍ଥାତ୍ ରକ୍ଷଣାବେକ୍ଷଣ, ଓଭରହାଲ ଏବଂ ରିପେୟାର୍ ସୁବିଧା ମଧ୍ୟ ବିକଶିତ କରୁଛୁ। ଏହା ଦେଶର ବିମାନ ଚଳାଚଳ କ୍ଷେତ୍ରକୁ ବହୁତ ଲାଭ ଦେବ ଏବଂ ନିଶ୍ଚିତ ଭାବରେ ଭାରତର ଯୁବପିଢ଼ି ପାଇଁ ନିଯୁକ୍ତିର ଏକ ନୂତନ କ୍ଷେତ୍ର ସୃଷ୍ଟି କରିବ।
ବନ୍ଧୁଗଣ,
ଆଜି ଭାରତ ଏକ ପ୍ରମୁଖ ଇଲେକ୍ଟ୍ରୋନିକ୍ସ ଉତ୍ପାଦନକାରୀ ଦେଶ। ଆମେ ଭାରତ ଭିତରେ ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ଇଲେକ୍ଟ୍ରୋନିକ୍ସ ମୂଲ୍ୟ ଶୃଙ୍ଖଳା ନିର୍ମାଣ କରୁଛୁ। ଚାଲୁଥିବା PLI ଯୋଜନା ଦେଶରେ ରେକର୍ଡ ସଂଖ୍ୟକ ଇଲେକ୍ଟ୍ରୋନିକ୍ସ ଉତ୍ପାଦନକୁ ଆଗେଇ ନେଉଛି, ଏବଂ ଲକ୍ଷ ଲକ୍ଷ ଯୁବକ ମଧ୍ୟ ଚାକିରି ପାଉଛନ୍ତି।
ବନ୍ଧୁଗଣ,
ଏପରି ଅନେକ ଅଭିଯାନରେ ଭାରତର ସରକାରୀ ଏବଂ ବେସରକାରୀ କ୍ଷେତ୍ର ମିଳିତ ଭାବେ ବହୁତ ବଡ଼ ନିବେଶ କରୁଛନ୍ତି। ଏହି ନିବେଶ ଦେଶର ଯୁବପିଢ଼ିଙ୍କୁ ଦେଶ ଭିତରେ ଚାକିରି ଯୋଗାଇ ଦେଉଛି ଏବଂ ସେମାନଙ୍କ ସ୍ୱପ୍ନ ପୂରଣ କରୁଛି। ଜଣେ ସରକାରୀ କର୍ମଚାରୀ ଭାବରେ, ଯାହା ଆଜି ଆପଣଙ୍କର ନିଯୁକ୍ତି ପତ୍ର ପୂରଣ କରିବା ପରେ ଆପଣଙ୍କର ପରିଚୟ ହେବ, ଆପଣଙ୍କୁ ସର୍ବଦା ମନେ ରଖିବାକୁ ପଡିବ ଯେ ବ୍ୟବସାୟରେ ସହଜୀକରଣ (Ease of Doing Business) କେତେ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ।

ବନ୍ଧୁଗଣ,
ଭାରତର ଅଭିବୃଦ୍ଧିର କାହାଣୀ ଏବଂ ନୂତନ ନିଯୁକ୍ତି ସୃଷ୍ଟି କରିବାର ସାମର୍ଥ କଥା ଆପଣ ସମସ୍ତେ ଜାଣିଛନ୍ତି । ଏଥିପାଇଁ ଭିତ୍ତିଭୂମି ଏକ ବିରାଟ ଭୂମିକା ଗ୍ରହଣ କରେ। ଯେତେବେଳେ ଗାଁ, ଛୋଟ ସହର ଏବଂ ଦୂରଦୂରାନ୍ତ ଅଞ୍ଚଳ ବିକାଶ ସହିତ ଯୋଡ଼ି ହୋଇଯାଏ, ଦେଶର ପ୍ରଗତିର ଲାଭ ଅଧିକ ଲୋକଙ୍କ ପାଖରେ ପହଞ୍ଚେ। ଗତ ୧୨ ବର୍ଷ ମଧ୍ୟରେ, ରେଳ, ରାଜପଥ, ବିମାନବନ୍ଦର, ଲଜିଷ୍ଟିକ୍ସ, ବନ୍ଦର ଏବଂ ଡିଜିଟାଲ୍ ଭିତ୍ତିଭୂମି ଏକ ଅକଳ୍ପନୀୟ ଗତିରେ ବିସ୍ତାରିତ ଏବଂ ବିକଶିତ ହୋଇଛି, ପ୍ରତ୍ୟେକ ସ୍ତରରେ କାମ କରାଯାଉଛି। ଆଜି, ଯଦି ଆପଣ ଆପଣଙ୍କ ଅଞ୍ଚଳରେ ଯେକୌଣସି ଦିଗରେ ୧୦୦ କିଲୋମିଟର ଯାତ୍ରା କରନ୍ତି, ତେବେ ଆପଣ ଭାରତ ସରକାରଙ୍କ ଦ୍ୱାରା କୌଣସି ନା କୌଣସି ବିକାଶମୂଳକ କାମ ଚାଲୁଥିବା ଦେଖିବେ। ଗାଁଗୁଡ଼ିକରେ ମଧ୍ୟ ପରିବର୍ତ୍ତନ ଦ୍ରୁତ ଗତିରେ ଦୃଶ୍ୟମାନ ହେଉଛି। ବର୍ଦ୍ଧିତ ସଂଯୋଗୀକରଣ ଚାଷୀ, ଛୋଟ ବ୍ୟବସାୟ ଏବଂ ଛାତ୍ରଙ୍କ ପାଇଁ ନୂତନ ପଥ ଖୋଲିଛି। ଆଜି, ଲକ୍ଷ ଲକ୍ଷ ପରିବାରର ସ୍ଥାୟୀ ଘର ବସବାସ କରୁଛନ୍ତି। ଏହାର ଅର୍ଥ ହେଉଛି ଯେ ଆମେ ବିଶ୍ୱର ଅନେକ ଦେଶ ଅପେକ୍ଷା ବହୁ ଗୁଣ ଅଧିକ ନୂତନ ଘର ନିର୍ମାଣ କରୁଛୁ। କେବଳ ଏତିକି ନୁହେଁ, ମୁଁ କେବେବି ସ୍ୱଚ୍ଛତା ଅଭିଯାନକୁ ଭୁଲିବାକୁ ଦେଉନାହିଁ। ସ୍ୱଚ୍ଛତା ଅଭିଯାନରେ ଶୌଚାଳୟର ବଡ଼ ଭୂମିକା ରହିଛି ଏବଂ ଆମେ ମଧ୍ୟ ଏହା ଉପରେ ଅଧିକ ଗୁରୁତ୍ୱ ଦେଉଛୁ। ଆଜି ଲକ୍ଷ ଲକ୍ଷ ଘରେ ବିଦ୍ୟୁତ୍ ପହଞ୍ଚିଛି। ଛାତ ଉପରେ ସୌରଶକ୍ତି - ଏହି କ୍ଷେତ୍ରରେ ଅନେକ ନୂତନ ବିକ୍ରେତା ପ୍ରବେଶ କରିଛନ୍ତି। ଏବେ, ଜଳ ଜୀବନ ମିଶନକୁ ଦେଖନ୍ତୁ, ଯାହା ଟ୍ୟାପ୍ ପାଣି ଯୋଗାଇ ଦେଉଛି। ମୁଁ ସହରଗୁଡ଼ିକରେ PNG ସଂଯୋଗ ବୃଦ୍ଧି କରିବାକୁ ଚାହୁଁଥିଲି, କିନ୍ତୁ ମୁଁ ପ୍ଲମ୍ବର ପାଇଲି ନାହିଁ; ଅଭାବ ଥିଲା, କାରଣ ବହୁ ସଂଖ୍ୟକ ପ୍ଲମ୍ବର ପୂର୍ବରୁ ଜଳ ଜୀବନ ମିଶନରେ ନିୟୋଜିତ ଥିଲେ। ଏବେ, ମୋତେ ଶକ୍ତି ପାଇଁ ବଡ଼ ବଡ଼ ସହରଗୁଡ଼ିକରେ PNG ସଂଯୋଗ ଦ୍ରୁତ ଗତିରେ ବୃଦ୍ଧି କରିବାକୁ ପଡିଲା, ତେଣୁ ଆପଣ କଳ୍ପନା କରିପାରିବେ ଯେ କେବେ କେବେ ଲୋକଙ୍କ ଆବଶ୍ୟକତା ବଢେ ସେତେବେଳେ ଲୋକମାନଙ୍କର ଅଭାବ ମଧ୍ୟ ଦେଖାଯାଏ ।
ବନ୍ଧୁଗଣ,
ଏହି ପରିବର୍ତ୍ତନଗୁଡ଼ିକର ପ୍ରଭାବ ସାଧାରଣ ନାଗରିକଙ୍କ ସୁବିଧା ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ସୀମିତ ରହେନାହିଁ । ଯେତେବେଳେ ଗାଁଗୁଡ଼ିକରେ ରାସ୍ତା ହେଲା , ବଜାରକୁ ଯାତାୟାତ ସହଜ ହୋଇଗଲା। ବିଦ୍ୟୁତ୍ ସୁବିଧା ଉନ୍ନତ ହେବା ସହିତ, ଛୋଟ ବ୍ୟବସାୟ ସମୃଦ୍ଧ ହେବା ଆରମ୍ଭ ହେଲା। ଗ୍ରାମଗୁଡ଼ିକରେ ମଧ୍ୟ, କୃଷି ସହିତ ମୂଲ୍ୟ ବୃଦ୍ଧି ଆରମ୍ଭ ହୋଇଛି। ପୂର୍ବରୁ, ସେମାନେ ଲାଲ ଲଙ୍କା ବିକ୍ରି କରୁଥିଲେ, କିନ୍ତୁ ବର୍ତ୍ତମାନ, ବିଦ୍ୟୁତ୍ ସହିତ, ସେମାନେ ଲଙ୍କା ପାଉଡର ତିଆରି କରନ୍ତି, ପ୍ୟାକେଟ କରନ୍ତି ଏବଂ ତା'ପରେ ବିକ୍ରି କରନ୍ତି। ଏହା ଗ୍ରାମଗୁଡ଼ିକରେ ଛୋଟ ଶିଳ୍ପର ଅଭିବୃଦ୍ଧିକୁ ଦ୍ରୁତ କରିଛି । ଡିଜିଟାଲ୍ ସଂଯୋଗ ବୃଦ୍ଧି ସହିତ, ଗ୍ରାମବାସୀ ଆଧୁନିକତା ସହିତ ସମନ୍ୱିତ ହୋଇ ବିଶ୍ୱ ସହିତ ଯୋଡ଼ି ହେଉଛନ୍ତି। ସହର ଏବଂ ଗ୍ରାମ ମଧ୍ୟରେ ପାର୍ଥକ୍ୟ କାମ ହେଉଛି, ଅର୍ଥନୀତିର ଗତିକୁ ତ୍ୱରାନ୍ୱିତ କରୁଛି। ଏହି ସବୁର ସକାରାତ୍ମକ ପ୍ରଭାବ ଦେଶର ଯୁବପିଢ଼ିଙ୍କ ପାଇଁ ଏକ ଉଜ୍ଜ୍ୱଳ ଭବିଷ୍ୟତର ସୁନିଶ୍ଚିତ କରେ। କେବଳ ନିଯୁକ୍ତି ସୃଷ୍ଟି ହୁଏ ନାହିଁ, ବରଂ ଦେଶ ସ୍ୱାଭିମାନର ନୂତନ ଭାବନା ସହିତ ଆଗକୁ ବଢ଼େ ଏବଂ ଲକ୍ଷ ଲକ୍ଷ ଲୋକ ନୂତନ ସୁଯୋଗ ପାଆନ୍ତି।
ବନ୍ଧୁଗଣ,
ଆଜି, ଭାରତର ଯୁବପିଢ଼ିଙ୍କ ପାଖରେ ଆଗକୁ ବଢ଼ିବା ଏବଂ ସେମାନଙ୍କର ସ୍ୱପ୍ନ ପୂରଣ କରିବାର ସୁଯୋଗ ଅଛି ଯାହା ପୂର୍ବରୁ କେବେ ଦେଖାଯାଇନଥିଲା। ମୁଁ କାହାକୁ ଦୋଷ ଦେଉନାହିଁ, କିନ୍ତୁ ବାସ୍ତବତା ହେଉଛି ଯେ ସବୁକିଛି ବହୁତ ଦ୍ରୁତ ଗତିରେ, ବିଶାଳ ସ୍ତରରେ ଏବଂ ବିବିଧତାରେ ପରିପୂର୍ଣ୍ଣ ହେଉଛି। ଆଜି, ଉତ୍ପାଦନ, ପ୍ରଯୁକ୍ତିବିଦ୍ୟା, ଷ୍ଟାର୍ଟଅପ୍, ଡିଜିଟାଲ୍ ସେବା, ରେଳବାଇ, ପ୍ରତିରକ୍ଷା ଏବଂ ଏପରିକି ମହାକାଶ ସମେତ ଅନେକ କ୍ଷେତ୍ରରେ ଅଗଣିତ ସୁଯୋଗ ଆମ ପାଇଁ ଅପେକ୍ଷା କରିଛି। ଆମର ପ୍ରୟାସ ହେଉଛି ଯେ କିପରି ଯଥାସମ୍ଭବ ଅଧିକ ଯୁବକ ଏହି ନୂତନ ସୁଯୋଗର ଲାଭ ନେଇପାରିବେ ଏବଂ ଦେଶର ଯୁବପିଢ଼ି ସେମାନଙ୍କର ପ୍ରତିଭା ପ୍ରଦର୍ଶନ କରିବାର ପ୍ରଚୁର ସୁଯୋଗ ପାଇବେ। ତେଣୁ, ଦକ୍ଷତା ବିକାଶ, ଶିଳ୍ପ-ସଂଯୁକ୍ତ ଶିକ୍ଷା ଏବଂ ଭବିଷ୍ୟତର ପ୍ରଯୁକ୍ତିବିଦ୍ୟା ଉପରେ ନିରନ୍ତର ଗୁରୁତ୍ୱ ଦିଆଯାଉଛି। ଆଇଟିଆଇ ଗୁଡ଼ିକୁ ଆଧୁନିକୀକରଣ କରାଯାଉଛି। ଜାତୀୟ ଦକ୍ଷତା ତାଲିମ ପ୍ରତିଷ୍ଠାନଗୁଡ଼ିକୁ ସୁଦୃଢ଼ କରାଯାଉଛି। ପିଏମ ସେତୁ ଭଳି ଅଭିଯାନ ଏହି ଦିଗରେ କାମ କରୁଛି।

ବନ୍ଧୁଗଣ,
ଗତ କିଛି ବର୍ଷ ମଧ୍ୟରେ, ଦେଶରେ ସ୍ୱ-ନିଯୁକ୍ତି ଏବଂ ଉଦ୍ୟୋଗର ଏକ ନୂତନ ସଂସ୍କୃତି ବିକଶିତ ହୋଇଛି। ଭାରତ ବିଶ୍ୱର ତୃତୀୟ ସର୍ବବୃହତ ଷ୍ଟାର୍ଟଅପ୍ ଇକୋସିଷ୍ଟ ପାଲଟିଛି । ଏହି ସଂଖ୍ୟା ମନେରଖନ୍ତୁ, ଦେଶରେ ୨୩୦,୦୦୦ରୁ ଅଧିକ ସ୍ୱୀକୃତିପ୍ରାପ୍ତ ଷ୍ଟାର୍ଟଅପ୍ ଅଛି। ସେମାନଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ, ଯୁବକମାନେ ମଧ୍ୟ ସାମିଲ ଅଛନ୍ତି। ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ କଥା ହେଉଛି ଏହି ପରିବର୍ତ୍ତନ କେବଳ ବଡ଼ ସହରଗୁଡ଼ିକରେ ସୀମିତ ନୁହେଁ, ଏବଂ ମୁଁ ଏଥି ପାଇଁ ବହୁତ ଖୁସି। ଆଜିକାଲି, ଟାୟାର-୨ ଏବଂ ଟାୟାର-୩ ସହରଗୁଡ଼ିକର ବହୁ ସଂଖ୍ୟକ ଯୁବକ ମଧ୍ୟ ଷ୍ଟାର୍ଟଅପ୍ ଏବଂ ନବସୃଜନର ଦୁନିଆରେ ସେମାନଙ୍କର ଶକ୍ତି ପ୍ରଦର୍ଶନ କରୁଛନ୍ତି; ସେମାନଙ୍କର ସାମର୍ଥ୍ୟକୁ ସ୍ୱୀକାରଯୋଗ୍ୟ । ଏହି ପରିବର୍ତ୍ତନ ଏବେ ଦେଶର ଅର୍ଥନୀତିର ଏକ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ଅଂଶ। ଏହି ପରିବର୍ତ୍ତନରେ ଆମର ମହିଳାମାନଙ୍କ ଭୂମିକା ମଧ୍ୟ ନିରନ୍ତର ବୃଦ୍ଧି ପାଉଛି। ଆଜି ମହିଳା ନେତୃତ୍ୱାଧୀନ ଷ୍ଟାର୍ଟଅପ୍ ବିଷୟରେ ଶୁଣିଲେ ମନ ଗର୍ବରେ ଭରିଯାଏ। ମୁଁ ବିଶ୍ୱକୁ କହୁଛି ଯେ ଆମ ଦେଶର ଷ୍ଟାର୍ଟଅପ୍ରେ ମହିଳାଙ୍କ ଭୂମିକା ଯଥେଷ୍ଟ ବୃଦ୍ଧି ପାଉଛି, ଏବଂ ବହୁ ସଂଖ୍ୟକ ମହିଳା ଆଗକୁ ଆସୁଛନ୍ତି। ମୁଦ୍ରା ଯୋଜନା ଅଧୀନରେ, ଲକ୍ଷ ଲକ୍ଷ ମହିଳା ଆର୍ଥିକ ସହାୟତା ପାଇଛନ୍ତି। ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ସ୍ୱନିଧି ଭଳି ଯୋଜନା ମଧ୍ୟ ଲକ୍ଷ ଲକ୍ଷ ମହିଳାଙ୍କୁ ଆତ୍ମନିର୍ଭରଶୀଳ ହେବାର ସୁଯୋଗ ଦେଇଛି। ଆଜି, ଗାଁ ଏବଂ ଛୋଟ ସହରରେ, ପୂର୍ବ ଅପେକ୍ଷା ଅଧିକ ମହିଳା ନିଜସ୍ୱ ଭାବରେ ନୂତନ ବ୍ୟବସାୟ ଆରମ୍ଭ କରୁଛନ୍ତି।
ବନ୍ଧୁଗଣ,
ନୀତି ଏବଂ ନିଷ୍ପତ୍ତିର ଏହି ଅଭିଯାନ ମଧ୍ୟରେ, ଆପଣମାନଙ୍କୁ ଆଉ ଗୋଟିଏ କଥା ମନେ ରଖିବାକୁ ପଡିବ: ଯେକୌଣସି ବ୍ୟବସ୍ଥାର ପ୍ରକୃତ ଶକ୍ତି ଏହାର ଜନସାଧାରଣ । ଲୋକମାନେ ହେଉଛନ୍ତି ଶକ୍ତି ଏବଂ ଏହା ହେଉଛି ଲୋକଙ୍କ ଶକ୍ତି ଯାହା ଜାତୀୟ ଶକ୍ତି ସୃଷ୍ଟି କରେ। ଆପଣ ଯେଉଁ ବ୍ୟବସ୍ଥାର ଅଂଶ ହେବାକୁ ଯାଉଛନ୍ତି ତାହା ଲକ୍ଷ ଲକ୍ଷ ଦେଶବାସୀଙ୍କ ଜୀବନ, ଲକ୍ଷ ଲକ୍ଷ ଦେଶବାସୀଙ୍କ ଆଶା ଏବଂ ଆକାଂକ୍ଷା ସହିତ ସିଧାସଳଖ ଜଡିତ। ସରକାରୀ ଚାକିରି ହେଉଛି ଲୋକଙ୍କ ଜୀବନକୁ ସହଜ କରିବାର ଏକ ମାଧ୍ୟମ। ଆପଣ ଯେକୌଣସି ବିଭାଗରେ କାମ କରନ୍ତୁ, ଆପଣଙ୍କର ଆଚରଣ, ସମ୍ବେଦନଶୀଳତା ଏବଂ ଆଭିମୁଖ୍ୟ ବହୁତ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ହେବ। ଦେଶ ଆପଣଙ୍କ ଉପରେ ନିଜର ବିଶ୍ୱାସ ରଖିଛି। ଏବେ ଆପଣଙ୍କ କାମ, ଆପଣଙ୍କ ଆଚରଣ, ଆପଣଙ୍କ କଥା ଏବଂ ଆପଣଙ୍କ ଆଚରଣ ମାଧ୍ୟମରେ ସେହି ବିଶ୍ୱାସକୁ ଆହୁରି ମଜବୁତ କରିବା ଆପଣଙ୍କର ଦାୟିତ୍ୱ। ଏକ ନୂତନ ବିଶ୍ୱାସ ଦେଶବାସୀଙ୍କ ହୃଦୟରେ ପୂର୍ଣ୍ଣ ହେବ, ଏବଂ ଆପଣଙ୍କୁ ଭେଟିବା ପରେ ସେମାନେ ନୂତନ ଆଶା ସହିତ ଆଗକୁ ବଢ଼ିବେ। ତେଣୁ, ପ୍ରତ୍ୟେକ ଯୁବ କର୍ମଯୋଗୀ ନିଜ କାର୍ଯ୍ୟକୁ ଏକ ଦାୟିତ୍ୱ ଭାବରେ ଦେଖିବେ। ମୋ ପାଇଁ, ଆପଣମାନେ ବହୁତ କିଛି । ପୂର୍ବରୁ, ଆମେ ଶୁଣିଥିଲୁ, "ସହସ୍ତ୍ରବାହୁ ୱାଲେ ଅମୁକ, ସହସ୍ତ୍ରବାହୁ ୱାଲେ ଧିକନେ।" ଆଜି, ଆପଣମାନେ ସରକାରଙ୍କ ବଳ , ସରକାରଙ୍କ ଶକ୍ତି। ଯେଉଁମାନେ ପୂର୍ବରୁ ସରକାରରେ ଅଛନ୍ତି ସେମାନେ ସେଠାରେ ଅଛନ୍ତି, ଏବଂ ଯେଉଁମାନେ ନୂତନ ଅଛନ୍ତି ସେମାନେ ସେଠାରେ ଅଛନ୍ତି। ଆଜି, ଭାରତର ଲୋକଙ୍କ ଆକାଂକ୍ଷା ଦ୍ରୁତ ଗତିରେ ବୃଦ୍ଧି ପାଉଛି, ଏବଂ ମୁଁ ଏହାକୁ ବିକାଶର ଏକ ସକାରାତ୍ମକ ସଙ୍କେତ ବୋଲି ଭାବୁଛି। ଆମକୁ ଆମ ଲୋକଙ୍କ ଆକାଂକ୍ଷାକୁ ବୁଝିବାକୁ ପଡିବ ଏବଂ ଦ୍ରୁତ ଗତିରେ କାର୍ଯ୍ୟ କରିବାକୁ ପଡିବ। ଏପରି ପରିସ୍ଥିତିରେ, ସାର୍ବଜନୀନ ସେବାରେ ପ୍ରବେଶ କରୁଥିବା ଯୁବକମାନଙ୍କର ଭୂମିକା ବହୁତ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ହୋଇଯାଇଛି। ଆପଣଙ୍କୁ ନିରନ୍ତର ଶିଖିବାକୁ ପଡିବ ଏବଂ ନୂତନ ପ୍ରଯୁକ୍ତିବିଦ୍ୟା, ନୂତନ ବ୍ୟବସ୍ଥା ଏବଂ ନୂତନ ଆବଶ୍ୟକତା ପାଇଁ ନିଜକୁ ପ୍ରସ୍ତୁତ କରିବାକୁ ପଡିବ। iGOT କର୍ମଯୋଗୀ ପ୍ଲାଟଫର୍ମ ଆପଣଙ୍କୁ ଏଥିରେ ବହୁତ ସାହାଯ୍ୟ କରିବ। କର୍ମଯୋଗୀ ପ୍ରାରମ୍ଭ ଭଳି ମଡ୍ୟୁଲ ଆପଣଙ୍କର ଦାୟିତ୍ୱ ବୁଝିବା ପାଇଁ ବହୁତ ସହଜ କରିବ। ମୁଁ ଆପଣଙ୍କୁ ଏହାର ସର୍ବାଧିକ ଲାଭ ଉଠାଇବାକୁ ଅନୁରୋଧ କରୁଛି।
ବନ୍ଧୁଗଣ,
ଆଜି, ଭାରତର ଯୁବପିଢ଼ି ବିଶ୍ୱର ପ୍ରତ୍ୟେକ କ୍ଷେତ୍ରରେ ନିଜର ପରିଚୟ ସୃଷ୍ଟି କରୁଛନ୍ତି। ଏହି ସମାନ ଉତ୍ସାହ ଓ ଏହି ଶକ୍ତି ସାର୍ବଜନୀନ ସେବାରେ ମଧ୍ୟ ପ୍ରତିଫଳିତ ହେବା ଉଚିତ। ଏପରି ଯୁବକମାନଙ୍କ ପ୍ରୟାସରେ ଏକ ବିକଶିତ ଭାରତ ନିର୍ମାଣ ହେବ, ଯେଉଁମାନେ ନିଜ କାମକୁ ଦେଶ ଏବଂ ଲୋକଙ୍କ ସେବାର ଏକ ମାଧ୍ୟମ ବୋଲି ଭାବନ୍ତି। ଆମ ଦେଶରେ କୁହାଯାଏ ଯେ ଲୋକଙ୍କ ସେବା କରିବା ହେଉଛି ଈଶ୍ୱରଙ୍କ ସେବା। ମୋର ପୂର୍ଣ୍ଣ ବିଶ୍ୱାସ ଯେ ଆଜି ନିଯୁକ୍ତି ପତ୍ର ପାଇଥିବା ଆମର ଯୁବ ସହକର୍ମୀମାନେ ଭାରତର ବିକାଶ ଯାତ୍ରାକୁ ନୂତନ ଗତି ଦେବେ। ଆପଣଙ୍କ କାର୍ଯ୍ୟ ଏବଂ ଆପଣଙ୍କ ନିଷ୍ପତ୍ତି ଏକ ବିକଶିତ ଭାରତର ସଂକଳ୍ପକୁ ପୂରଣ କରିବ। ଆପଣମାନେ କେବେବି ସେହି ମନ୍ତ୍ରକୁ ଭୁଲିଯିବା ଉଚିତ୍ ନୁହେଁ। ଆମର ମନ୍ତ୍ର ହେଉଛି: ନାଗରିକ ଦେବୋ ଭବ। ନାଗରିକମାନେ ହିଁ ଈଶ୍ୱର। ନାଗରିକଙ୍କ କଲ୍ୟାଣ ଆମର କର୍ତ୍ତବ୍ୟ। ପୁଣି ଥରେ, ମୁଁ ଆଜି ନିଯୁକ୍ତି ପତ୍ର ପାଇଥିବା ସମସ୍ତ ଯୁବକମାନଙ୍କୁ ସେମାନଙ୍କର ଆଗାମୀ ଜୀବନ ଏବଂ ଦେଶ ସେବା କରିବାର ଏହି ସୁଯୋଗ ପୂରଣ କରିବା ପାଇଁ ମୋର ଶୁଭକାମନା ଜଣାଉଛି। ଆପଣ ସମସ୍ତଙ୍କୁ ବହୁତ ବହୁତ ଧନ୍ୟବାଦ।


