मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ महनुभाव, और भारत माता की सेवा के लिए अपने आप को समर्पित करने वाले सभी वीर बहादुर जवानों,
ये बड़ा सौभाग्य है की आज मातृभूमि के लिए जीवन अर्पण करने वाले वीर शहीदों को नमन करने का मुझे अवसर मिला I मुझे विश्वास है कि भारत माँ की सेवा करने वाले इन वीर शहीदों को स्मरण करते हुए उनको नमन किया है तब, मुझे उन सभी वीर शहीद आत्माओं का आशीर्वाद मिलेगा, जो मुझे देश की सेवा करने की और अधिक ताक़त देगा I त्याग तपस्या में कोई कमी न रहे, इसके लिए उनका जीवन, हम जैसे नागरिकों के लिए भी प्रेरक है I आप लोग मातृभूमि के लिए अपना घर-बार-गाँव, यार-दोस्त-परिवार छोड़ कर के उन कठिन क्षेत्रों में काम करते हैं, जिस कठिनाई का अंदाज़ सामान्य जीवन जीने वाले नागरिकों को होना बहुत मुश्किल होता है I लेकिन आप ये जो साधना करते हैं, जो तपस्या करते हैं, उसी की बदौलत देश के कोटि कोटि नागरिक सुख-चैन की ज़िंदगी जी सकते हैं I कोटि कोटि जनों के आशीर्वाद आपके साथ हैं, और जब कोटि कोटि जनों के आशीर्वाद आपके साथ हैं, तो आपकी रक्षा जो कोटि-कोटि जनों के आशीर्वाद से बना रहता है। इस से बड़ा कोई रक्षा-कवच नहीं हो सकता है I
मैं इस मत का हूँ कि अगर देश विकास करना चाहता है, देश अगर प्रगति करना चाहता है, तो देश में सुख, शांति, सद्भावना, भाईचारा, ये अनिवार्य होता है, और उसी की नीव पर देश विकास की नयी उँचाइयों को पाता रहता है I ये सुख शांति तब तक प्राप्त नहीं होती है, जब तक हम हमारी सीमाओं को सुरक्षित न करें, हमारे सुरक्षा बलों को समर्थ न करें, हमारे सुरक्षा बलों को आधुनिक न करें, तब तक ये संभव नहीं होगा और राष्ट्र के विकास के लिए भी सुरक्षा का क्षेत्र सबसे ज़्यादा सशक्त होना, समय की माँग है I
मैं सैन्य-बल के आधुनिकरण के पक्ष का हूँ I ना सिर्फ़ सैन्य-बल, सब प्रकार के सुरक्षा बलों के आधुनिकरण के पक्ष का हूँ I विज्ञान बहुत आगे बढ़ चुका है I टेक्नालजी बहुत आगे बढ़ चुकी है I अब शायद आने वाले नज़दीक के भविष्य में आमने-सामने लड़ाई के कुछ अवसर ही रहने वाले हैं I बहुत बढ़ा बदलाव आने वाला है I और तब जाकर के सेना को आधुनिक बनाना, वैज्ञानिक बनाना, टेक्नालजी से सू-सज्य बनाना, यह समय की माँग है, और हमारी यह प्राथमिकता रही है I आज देखिए हमारी कठिनाई कैसी है, कि सेना के जवानों के लिए जितना खर्च करना चाहिए, सुरक्षा बलों के लिए जितना खर्च करना चाहिए, उससे काफ़ी ज़्यादा हमारा बजट, हमारे सुरक्षा के संसाधनों को import करने में जाता है I अगर हम defence offset में आत्म-निर्भर होते हैं, सेना के लिए आवश्यक आधुनिक से आधुनिक प्रकार के शस्त्र हम अपने यहाँ उत्पादित करते हैं तो बजट का काफ़ी हिस्सा, जो आज विदेशों में जा रहा है, वो हमारे सैन्य-बल के लोगों के कल्याण के लिए खर्च किया जा सकता है I अगर हम शस्त्र-अस्त्रों का उत्पादन अपने देश में करने पर बल दें, तो हमारे देश के नौजवानों को रोज़गार उपलब्ध होता है, और जो देश शस्त्र-अस्त्र उत्पादन करने की क्षमता रखता है, वो सेना के जवानों के साथ-साथ उस देश के नागरिकों का मनोबल भी बहुत ऊँचा होता हैI उनको विश्वास होता है कि मेरी सेना के जवानों के हाथ खाली नहीं हैं,उनकी भुजाओं में सामर्थ्यवान अस्त्र-शस्त्र भरे पड़े हैंI जो उसके दिल दिमाग़ में जुझारूपन है और दिल दिमाग के जुझारूपन के साथ अस्त्र-शस्त्र का बल अनिवार्य है, और इसलिए, भारत को आत्म-रक्षा के लिए शस्त्र-अस्त्र के उत्पादन में आत्म-निर्भर होना बहुत आवश्यक है I आत्म-निर्भर व्यक्ति ही जैसे आत्म-गौरव से जी सकता है, वैसे आत्म निर्भर देश भी आत्म-गौरव के साथ विश्व के सामने सर ऊँचा करके जी सकता हैI
बदले हुए कालखण्ड में पूरा विश्व भारत की तरफ बड़ी आशा के साथ से देख रहा हैI विश्व भी, जो शांति की तलाश में है, उसे भी लगता है की भारत एक catalytic agent के रूप में एक बहुत बड़ी भूमिका अदा कर सकता हैI
विश्व के सामर्थ्यवान देश आज भारत के साथ बराबरी के साथ बात करने के लिए उत्सुक हैं I ये तभी संभव हुआ है के हम सामर्थ के साथ खड़े हैं I
मेरे नौजवान साथियो, आपकी ये तपस्या कभी बेकार नहीं जाएगी I आपका कल्याण, आपके परिवारजनों का कल्याण, आपकी संतानों का उज्ज्वल भविष्य, ये भारत की सामूहिक ज़िम्मेवारी है, और मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूँ क्योंकि मेरी सरकार इस विषय में प्रतिबद्ध है, और सेना के जवान के परिवार की चिंता अगर देश करता है, तो जवान हंसते-हंसते देश की चिंता करता है. इस मंत्र को मैं भली भाँति समझता हूँ, और इसलिए, वन्दे-मातरम का मंत्र लेकर के, देश की आज़ादी के लिए कितने लोगों ने जीवन दे दिया I
आज , हर दो कदम पर जय हिंद- जय हिंद- जय हिंद सुनाई देता है I एक जवान दूसरे जवान को मिलता है तो जय हिंद कह करके ग्रीट करता है I ये जय हिंद करने के लिए सीमा पर जवान, देश में किसान, 65% नौजवान – गाओं हो, खेत हो, खलिहान हो, शहर हो, सीमा हो – हर कोने पर ये “जय हिंद” का नारा, ये “भारत माँ की जय” की ललकार, हमें देश को आगे बढ़ाने की ताक़त दे I हम देश को और नयी उँचाइयों पर ले जायें I सवा सौ करोड़ देशवासियों के सपनो को पूरा करने का संकल्प लेकर के हम आगे बढ़ें I और उन संकल्पों की सुरक्षा भी आपके हाथों में है I मुझे विश्वास है, सवा सौ करोड़ देशवासियों को विश्वास है, के देश को कभी दुनिया की कोई ताक़त आपके रहते हुए ना झुका सकती है, ना कभी उसे पराजित कर सकती है I ये विजय का विश्वास लेकर के निकले हुए आप लोग कभी पराजित हो नही सकते, और जहाँ विजयश्री का मंत्र होता है, वहाँ ईश्वर का भी आशीर्वाद रहते हैं, और कभी हम अकेले नहीं होते I दूर-दूर पहाड़ी-नदी में कभी आप अकेले सेना के साथ अपनी ज़िम्मेदारी अगर निभा रहे हो, दूर-दूर चले गए हों आपके अगल-बगल में कोई दिखता नहीं होगा, लेकिन आप विश्वास करना कि आप अकेले नहीं होंगे, एक प्लस-वन आपके साथ होगा, वो ईश्वरीय शक्ति आपके साथ होती है हर पल होती है, क्यों? इसलिए की आप नि-स्वार्थ भाव से पवित्र कार्य करने के लिए चल पड़े हैं और जो नि-स्वार्थ भाव से पवित्र कार्य करता है, उसके ईश्वर हमेशा साथ रहता है I और जिसके साथ ईश्वर रहता है, वहाँ पराजय की कभी संभावना नहीं होती I वहाँ सिर्फ़ जै ही जै लिखा हुआ होता है I और वही जै अल्टिमेट्ली जय -हिंद का मंत्र बन जाता है I ये जय हिन्द का मंत्र हम सबको देश को आगे ले जाने की प्रेरणा देता है I
मैं आज, आप सभी जवानों को मेरी तरफ से बहुत बहुत शुभकामनायें देता हूँ, और मैं आपको विश्वास देता हूँ की चाहे सरकार हो या समाज हो, पूरा देश आपके साथ खड़ा है I जैसा अभी बताया गया, देश के जवान कई सालों से प्रतीक्षा कर रहे थे, की आज़ाद हिन्दुस्तान में एक हमारा नैशनल वॉर म्यूज़ीयम बनाना चाहिए, नैशनल वॉर मेमोरियल बनाना चाहिए I मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ, और वैसे भी, मैं जबसे शासकीय व्यवस्था में आया हूँ, जब कभी गुजरात का मुख्यमंत्री रहा, या अभी प्रधानमंत्री बना, मेरा अनुभव रहा है कि जो अच्छे-अच्छे काम हैं, वो मेरे लिए बाकि रह गये हैं I वो सारे अच्छे-अच्छे काम मुझे ही करने हैं, और मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ की जो सौभाग्य मुझे मिला है, वो सौभाग्य मैं पूरा करके रहूँगा और सम्मान प्राप्त हों। देश की आम इंसान को गौरव हो इसके लिए आवश्यक सारे कदम उठाउँगाI मैं फिर एक बार, आप सबको बहुत बहुत शुभ-कामनायें देता हूँ और आपकी रक्षा राष्ट्र की रक्षा के लिए बहुत अनिवार्य है, इस बात को समझते हुए, आपको हर प्रकार से सज्य करना, ये शासन का दायित्व है I त्याग और तपस्या की आपकी भावना बहुत उँची होने के बावजूद भी आपकी रक्षा करने की भावना भी शासन के लिए सर्वोपरि रहनी चाहिए, इस मंत्र को लेकर के हम काम करते हैं I फिर एक बार, आपके बीच आने का मुझे अवसर मिला, आपसे मिलने का अवसर मिला – मैं आप सबका बहुत बहुत शुक्रगुज़ार हूँ, और आप सबको बहुत बहुत शुभकामनायें देता हूँ I
जय हिंद I
ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ: ನೀವು ಹೊಸ ಕ್ಷೇತ್ರದಲ್ಲಿ ಧೈರ್ಯ ತೋರಿಸಿದ್ದೀರಿ. ಅತ್ಯಂತ ಮುಖ್ಯವಾದ ವಿಷಯವೆಂದರೆ ನೀವು ಸರ್ಕಾರದ ಮಾತನ್ನು ನಂಬಿದ್ದೀರಿ. ನಾವು ಯಾವುದೇ ನಿರ್ಧಾರಗಳನ್ನು ತೆಗೆದುಕೊಂಡರೂ, ನಾವು ಅವುಗಳಲ್ಲಿ ಸ್ಥಿರವಾಗಿರಬೇಕು, ನಾವು ಅವುಗಳನ್ನು ಮತ್ತೆ ಮತ್ತೆ ಬದಲಾಯಿಸಬಾರದು ಎಂಬುದು ನನ್ನ ಅಭಿಪ್ರಾಯ. ಇದರಿಂದಾಗಿ ಅಪಾಯ ಸ್ವೀಕರಿಸಲು ಬಯಸುವ ಯಾರಾದರೂ ನಂಬಿಕೆ ಅಥವಾ ವಿಶ್ವಾಸ ಹೊಂದಬಹುದು, ಸರಿ, ಏನಾದರೂ ತಪ್ಪಾದಲ್ಲಿ ಅದು ನನ್ನ ತಪ್ಪಿನಿಂದಾಗಿರುತ್ತದೆ, ಆದರೆ ಯಾರೂ ನನ್ನನ್ನು ಕೈಬಿಡುವುದಿಲ್ಲ. ಇದು ನಮ್ಮ ಪ್ರಯತ್ನವಾಗಿತ್ತು - ಆ ನಂಬಿಕೆ ಮತ್ತು ವಿಶ್ವಾಸವನ್ನು ಸೃಷ್ಟಿಸುವುದು.
ಸಿಇಒ: ನಾವು ಭಾರತದ ಮೊದಲ ಬಾಹ್ಯಾಕಾಶ ತಂತ್ರಜ್ಞಾನ ಯುನಿಕಾರ್ನ್ ಹೊಂದಿದ್ದೇವೆ. ಜುಲೈ 18ರಂದು ನಾವು ಭಾರತದ ಮೊದಲ ಖಾಸಗಿ ರಾಕೆಟ್ ಅನ್ನು ಯಶಸ್ವಿಯಾಗಿ ಉಡಾಯಿಸಿದ್ದೇವೆ, ಉಪಗ್ರಹಗಳ ಉಡಾವಣೆ ಮಾಡಿದ್ದೇವೆ. ಇದು ಕೇವಲ ಆರಂಭ. ಸಾಮಾನ್ಯವಾಗಿ, ಇದು ಸ್ಕೈರೂಟ್ಗೆ ಮಾಡುವ ಒಂದು ಪೂರ್ವಸಿದ್ಧತಾ ಅಭ್ಯಾಸವಷ್ಟೆ, ಇದು ಕೇವಲ ಆರಂಭ. ಮುಂದಿನ ವರ್ಷದ ಮಧ್ಯಭಾಗದ ವೇಳೆಗೆ ನಾವು ತಿಂಗಳಿಗೆ ಒಂದು ಉಡಾವಣೆ ನಡೆಸುತ್ತೇವೆ. ಈ ವಲಯವನ್ನು ಖಾಸಗಿ ರಂಗಕ್ಕೆ ತೆರೆದಿರುವುದಕ್ಕೆ ನಿಮಗೆ ಧನ್ಯವಾದಗಳು ಸರ್. ಈಗಾಗಲೇ 3 ಕಾರ್ಖಾನೆಗಳನ್ನು ನಿರ್ಮಿಸಲಾಗಿದೆ. ನಾವು ಈಗಾಗಲೇ ತಿಂಗಳಿಗೆ ಒಂದು ರಾಕೆಟ್ ಸಾಮರ್ಥ್ಯವನ್ನು ಹೊಂದಿದ್ದೇವೆ. ಇದು ಸಹ ಕೇವಲ ಆರಂಭ. ನಮ್ಮ ಭವಿಷ್ಯದ ಕನಸು ವಾರಕ್ಕೆ ಒಂದು ಉಡಾವಣೆ ಮತ್ತು ದಿನಕ್ಕೆ ಹಲವಾರು ಉಡಾವಣೆಗಳನ್ನು ಮಾಡುವ ಉದ್ದೇಶ ಹೊಂದಿದ್ದೇವೆ.

ಸಿಇಒ: ನಾವು ವಿಶ್ವದ ಅತ್ಯಾಧುನಿಕ ಎಂಜಿನ್ಗಳಲ್ಲಿ ಒಂದಾದ ಎಂಜಿನ್ ತಯಾರಿಸಿದ್ದೇವೆ. ಸರ್, ನಾವು ಅದನ್ನು ಸಿದ್ಧಪಡಿಸಿದ್ದೇವೆ ಮತ್ತು ಅದರ ಪರೀಕ್ಷೆ ನಡೆಯುತ್ತಿದೆ.
ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ: ಹೂಡಿಕೆದಾರರಿಗೆ ನಂಬಿಕೆ, ವಿಶ್ವಾಸ ಮೂಡಿದೆಯೇ?
ಸಿಇಒ: ಸರ್, ಸ್ಕೈರೂಟ್ನ ಮೊದಲ ಉಡಾವಣೆಯ ನಂತರ ಅವರ ವಿಶ್ವಾಸ ಹೆಚ್ಚಾಗಿದೆ.
ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ: ಒಳ್ಳೆಯದು. ಆ ಮಾರ್ಗವು ನಿಮಗೆ ಸಹಾಯ ಮಾಡುತ್ತಿದೆಯೇ?
ಸಿಇಒ: ಇದು ಬಹಳಷ್ಟು ಸಹಾಯ ಮಾಡುತ್ತಿದೆ.

ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ: ಈಗ ಜಗತ್ತು ಭಾರತದ ಸ್ಟಾರ್ಟ್ ಅಪ್ ಗಳನ್ನು ಹುಡುಕುತ್ತಿರಬಹುದು, ಇದರ ಹಿಂದೆ ಯಾರಿದ್ದಾರೆ ಎಂದು ಆಶ್ಚರ್ಯ ಪಡುತ್ತಿರಬಹುದು. ಏಕೆಂದರೆ ಏನೇ ಒಂದು ಪ್ರಗತಿ ಆದಾಗ, ತಕ್ಷಣ ಜನರ ಗಮನ ಅಲ್ಲಿಗೆ ಹೋಗುತ್ತದೆ.
ಸಿಇಒ: ಬಾಹ್ಯಾಕಾಶ ಉದ್ಯಮವು ತೆರೆದುಕೊಂಡ ನಂತರ, ನಾವು ಒಂದು ಉತ್ತಮ ಪ್ರವೃತ್ತಿಯನ್ನು ನೋಡಿದ್ದೇವೆ ಎಂದು ನಾನು ಭಾವಿಸುತ್ತೇನೆ. ಅಮರಿಕ ಮತ್ತು ಯುರೋಪಿನಲ್ಲಿರುವ ನಮ್ಮ ನಾಗರಿಕರು ಮತ್ತೆ ನಮ್ಮೊಂದಿಗೆ ಕೆಲಸ ಮಾಡಲು ಬಯಸುತ್ತಿದ್ದಾರೆ.
ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ: ನಾವು ಅನೇಕ ಜನರನ್ನು ಸಂಪರ್ಕಿಸಬೇಕು. ಮೆಹ್ತಾ ಹೇಳಿದಂತೆ, ಈಗ ವಿದೇಶಕ್ಕೆ ಹೋಗಿದ್ದ ಜನರು ಹಿಂತಿರುಗುತ್ತಿದ್ದಾರೆ. ವಿಶ್ವಾದ್ಯಂತ ಜನರು ತಮ್ಮ ಜೀವನ ಕಂಡುಕೊಳ್ಳಲು ಬಯಸಿದರೆ, ಅವರು ಭಾರತಕ್ಕೆ ಬರಬೇಕು ಎಂದು ಭಾವಿಸುವಂತಹ ಪ್ರಭಾವಲಯವನ್ನು ನಾವು ಸೃಷ್ಟಿಸಬೇಕು ಎಂದು ನಾನು ನಂಬುತ್ತೇನೆ. ಯಾವುದಾದರೂ ಭಾರತೀಯ ಸ್ಟಾರ್ಟಪ್ಗೆ ಸೇರಿ. ಯಾವುದಾದರೂ ಭಾರತೀಯ ಬಾಹ್ಯಾಕಾಶ ಸಂಸ್ಥೆಗೆ ಸೇರಿ. ಇಡೀ ಪ್ರತಿಭಾನ್ವಿತ ಗುಂಪನ್ನು ಒಂದು ಆಯಸ್ಕಾಂತದಂತೆ, ನಿಮ್ಮ ಕಾರಣದಿಂದಾಗಿ ನಾವು ಆಕರ್ಷಿಸಬಹುದು, ಅದು ನಮಗೆ ಬಹಳ ದೊಡ್ಡ ಶಕ್ತಿಯಾಗಬಹುದು ಎಂದು ನಾನು ದೃಢವಾಗಿ ನಂಬುತ್ತೇನೆ.
ಸಿಇಒ: ಮುಂದಿನ 18 ತಿಂಗಳಲ್ಲಿ ನಾವು ಜಾಗತಿಕ ಮಟ್ಟದ ನಿಲ್ದಾಣ ಜಾಲವನ್ನು ಸ್ಥಾಪಿಸಲು ಬಯಸುತ್ತೇವೆ ಎಂಬುದು ನಮ್ಮ ದೃಷ್ಟಿಯಾಗಿದೆ.
ಸಿಇಒ: 5 ವರ್ಷ ಅಥವಾ 15 ವರ್ಷಗಳ ಕಾಲ ಬಾಹ್ಯಾಕಾಶದಲ್ಲಿ ಒಂದು ಸ್ಥಳದಿಂದ ಮತ್ತೊಂದು ಸ್ಥಳಕ್ಕೆ ಚಲಿಸಲು ಉಪಗ್ರಹಗಳು ಬಳಸುವ ಎಂಜಿನ್ಗಳನ್ನು ನಾವು ತಯಾರಿಸುತ್ತೇವೆ. ಜಾಗತಿಕವಾಗಿ ನಮಗೆ ಉತ್ತಮ ಸ್ಪಂದನೆ ಅಥವಾ ಪ್ರತಿಕ್ರಿಯೆ ವ್ಯಕ್ತವಾಗಿದೆ. ಸರ್, ನಿಮ್ಮ ಪ್ರಯತ್ನವು ಇದರಲ್ಲಿಯೂ ಬಹಳ ಮುಖ್ಯವಾಗಿದೆ, ಏಕೆಂದರೆ ಈಗ ಭಾರತೀಯ ಕಂಪನಿಗಳು ರಫ್ತಿಗೆ ಸರ್ಕಾರದ ಬೆಂಬಲ ಪಡೆಯುತ್ತಿವೆ.

ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ: ವೆಚ್ಚದ ವಿಷಯದಲ್ಲಿ ನಾವು ತುಂಬಾ ಸ್ಪರ್ಧಾತ್ಮಕವಾಗಿದ್ದೇವೆ, ಪ್ರತಿಭೆಯಲ್ಲಿ ಯಾವುದೇ ಪ್ರಶ್ನೆಯಿಲ್ಲ, ನಮ್ಮ ಜನರ ಅಪಾಯ ಸ್ವೀಕರಿಸುವ ಸಾಮರ್ಥ್ಯ ಹೇಗಾದರೂ ಹೆಚ್ಚಾಗಿದೆ. ಅದರಿಂದ ನಾವು ಬೇಗನೆ ನಮ್ಮ ಸ್ಥಾನವನ್ನು ಪಡೆಯಬಹುದು.
ಸಿಇಒ: ಈ ರೋಬೋಟಿಕ್ ಬಾಹ್ಯಾಕಾಶ ನೌಕೆ ಬಾಹ್ಯಾಕಾಶಕ್ಕೆ ಹೋಗುತ್ತದೆ, ನಿಷ್ಕ್ರಿಯ ಅಥವಾ ಸತ್ತ ಉಪಗ್ರಹವನ್ನು ಭೌತಿಕವಾಗಿ ಸೆರೆಹಿಡಿಯುತ್ತದೆ ಮತ್ತು ಅದನ್ನು ಕಕ್ಷೆಯಿಂದ ಹೊರಹಾಕುತ್ತದೆ.
ಸಿಇಒ: ಬಾಹ್ಯಾಕಾಶದಲ್ಲಿ ಇಂಧನ ಕೇಂದ್ರವನ್ನು ಸ್ಥಾಪಿಸುವ ದೃಷ್ಟಿಯೊಂದಿಗೆ ಡಾಕಿಂಗ್ ಮತ್ತು ಇಂಧನ ತುಂಬುವ ತಂತ್ರಜ್ಞಾನಗಳಲ್ಲಿ ಕೆಲಸ ಮಾಡುತ್ತಿರುವ ಮೊದಲ ಭಾರತೀಯ ಕಂಪನಿ ನಾವಾಗಿದ್ದೇವೆ.
ಸಿಇಒ: ನನ್ನ ಹೆಸರು ಅಂತರಿಕ್ಷ್, ನನ್ನ ಸಹ-ಸಂಸ್ಥಾಪಕಿ ಮೋನಿಕಾ ಕೂಡ ಇಲ್ಲಿದ್ದಾರೆ. ಸರ್, ನಾವು ಭಾರತದ ಮೊದಲ ಬಾಹ್ಯಾಕಾಶ ಫಾರ್ಮಾ ಸ್ಟಾರ್ಟ್ ಅಪ್. ನಾವು ಬಾಹ್ಯಾಕಾಶಕ್ಕೆ ಹೋಗಬಹುದಾದ, ಅಲ್ಲಿ ಔಷಧಗಳನ್ನು ತಯಾರಿಸಬಹುದಾದ ಮತ್ತು ಬಾಹ್ಯಾಕಾಶದಿಂದ ಹಿಂದಿರುಗಬಹುದಾದ ಉಪಗ್ರಹಗಳನ್ನು ತಯಾರಿಸುತ್ತಿದ್ದೇವೆ.
ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ: ನಿಮ್ಮ ಹೆಸರು ಅಂತರಿಕ್ಷ್-ನಿಮ್ಮ ಕುಟುಂಬ ಈಗಾಗಲೇ ಈ ಕ್ಷೇತ್ರದಲ್ಲಿದೆಯೇ?

ಸಿಇಒ: ಇಲ್ಲ ಸರ್, ನನ್ನ ತಾಯಿ ನನಗೆ ಈ ಹೆಸರು ಇಟ್ಟಿದ್ದಾರೆ.
ಸಿಇಒ: ಒಂದು ಉಡಾವಣೆಯ ನಂತರ, ಕಳೆದ 1 ತಿಂಗಳಲ್ಲಿ ನಾವು 8 ಉಡಾವಣಾ ಗುತ್ತಿಗೆ ಒಪ್ಪಂದಗಳನ್ನು ಪಡೆದಿದ್ದೇವೆ.
ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ: ಒಳ್ಳೆಯದು, ಒಳ್ಳೆಯದು.
ಸಿಇಒ: ಹೆಚ್ಚಾಗಿ ಅವೆಲ್ಲವೂ ಅಂತಾರಾಷ್ಟ್ರೀಯ ಒಪ್ಪಂದಗಳಾಗಿವೆ.
ಸಿಇಒ: ಸರ್, ಇದೀಗ ನಾವು 1 ದಶಲಕ್ಷ ರೈತರೊಂದಿಗೆ ಈ ನಾವೀನ್ಯತೆಯನ್ನು ಪ್ರಾರಂಭಿಸಲು ಯೋಜಿಸಿದ್ದೇವೆ.
ಸಿಇಒ: ಸರ್ ಇದು ನಿಮಗಾಗಿ, ಆದ್ದರಿಂದ ಒಂದು ನೆನಪು ಉಳಿಯುತ್ತದೆ.
ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ: ಅದ್ಭುತ.
ಸಿಇಒ: ನೀವು ಖಾಸಗಿ ರಂಗಕ್ಕೆ ಬಾಹ್ಯಾಕಾಶ ವಲಯವನ್ನು ತೆರೆದಿದ್ದರಿಂದ ಖಾಸಗಿ ಉಪಗ್ರಹಗಳು ಈಗ ಭಾರತದ ಸೌಂದರ್ಯವನ್ನು ತೋರಿಸುತ್ತಿವೆ.


