India & Indonesia agree to prioritize defence and security cooperation.
India & Indonesia agree to build a strong economic & development partnership that strengthens the flow of ideas, trade, capital etc
Both countries agree to work closely in the fields of pharmaceuticals, IT & software, & skill development.
Agreement to speed up establishment of Chairs of Indian & Indonesian Studies in each other's universities.

आदरणीय राष्ट्राध्यक्ष जोको   विदोदो ,

सन्माननीय अतिथी

स्नेही आणि माध्यम प्रतिनिधी,

 

अलीकडेच  'असेह' येथे  भूकंपात जीवित हानी झालेल्याना मी मनापासून श्रद्धांजली अर्पण करतो.

मित्रानो ,

राष्ट्राध्यक्ष जोको विदोदो यांचे त्यांच्या पहिल्या  भारत भेटीसाठी मी, स्वागत करतो.

मी जोको विदोदो यांना नोव्हेंबर २०१४ मध्ये सर्वप्रथम भेटलोदोन्ही  देशांच्या भागीदारीमुळे कशाप्रकारचा लाभ दोन्ही देशांना होऊ शकतो यावर  आम्ही  चर्चा केली.

 

महामहिम ,

तुम्ही एका उत्कृष्ठ राष्ट्राचे नेते आहेत. जगातील सर्वात लोकप्रिय, लोकशाही, बहुत्व वाद  आणिसामाजिक  बांधिलकी  असलेले   मुस्लिम राष्ट्र म्हणून जग इंडोनेशियाला ओळखतं. ही सर्व आपली मूल्येआहेत.

 

महामहिम,

ऐतिहासिक  काळापासून  आपल्या राष्ट्रांनी  आणि समाजाने वाणिज्य    तसेच संस्कृती क्षेत्रात मजबूतधागे बांधले आहेत. आपण अशा  मध्यवर्ती भौगोलिक क्षेत्रात राहतो   जे  जागतिक  बदलाला अनुसरून   झपाट्याने राजकीय , आर्थिक आणि धोरणात्मक बदल अंगीकारत आहोत.  तुमच्या भेटी मुळे दोन्हीदेशांच्या धोरणात्मक संबंधांना मान्यता मिळाली असून  इंडो- भारत विभागात   समाजाला विशिष्ठ वळणलावण्या साठी  शांतता , समृद्धी आणि  स्थेर्यानेकृती करण्या साठी तुमची ही  भेट महत्वाची  आहे

मित्रांनो ,

पूर्व कृती धोरणातील इंडोनेशिया हा   भारताचा एक  मौल्यवान भागीदार  असून  दक्षिण आशियातीलसर्वात मोठी अर्थव्यवस्था म्हणून नावारूपाला येत आहे.  तर  भारत जगातील सर्वाधिक जलद गतीनेवाढणारी मोठी अर्थव्यवस्था आहे. दोन्ही मोठ्या लोकशाही आणि  उभरत्या  अर्थव्यवस्था  असल्याने, आपण आर्थिक आणि धोरणात्मक रुची वाटून घ्यायला हव्यात.

आपण समान आव्हाने आणि समस्यानां तोंड देत आहोत.   माझ्या आणि  अध्यक्षांच्या सविस्तर  चर्चेत  आम्ही   आज   सहकार्यावर  जोर दिला .आम्ही संरक्षण आणि सुरक्षेला प्राथमिकता देण्यासंबंधी सहमतीदर्शवली. जसे कीदोन्ही समुद्रीतटीय महत्वाची शेजारील राष्ट्रे असल्याने आम्ही समुद्रीय मार्गाच्या सुरक्षाआणि संरक्षणाच्या सहकारिते साठी आणि नैसर्गिक आपतींनां  तसेच पर्यावरणीय सुरक्षेसाठी  सहमतझालो आहोत.   आमचे समुद्रीय सहकार्यावरील संयुक्त वक्तव्य हे या क्षेत्रातील आमची कटिबद्धता आणि  धोरणाचे कार्यक्षेत्र निश्चित करते. आमची भागीदारी  नक्कीच दहशहतवाद संपुष्टात आणणे, संघटित गुन्हे , नाशिली पदार्थ आणि मानवी विक्री या समस्यांवर  तोडगा काढेल.

मित्रानो,

दोन्ही  देशांदरम्यान  आर्थिक संबंधांना बळकटी आणि विकास साधण्यासाठी नवीन कल्पनांचा स्रोत , व्यापार, भांडवल, आणि परस्पर सामाजिक संबंधांना मी आणि राष्ट्राध्यक्षांनी सहमती दिली आहे.

मी राष्ट्राध्यक्ष विदोदो यांच्या भारतीय कंपन्यांसह माहिती तंत्रज्ञान आणि सॉफ्टवेअर, कौशल्य विकास , औषधे या क्षेत्रात  कार्य करण्याला सहमत आहे. आमची दोन्ही राष्ट्रे हि विकसनशील राष्ट्रे असून आम्हीपायाभूत सुविधा , दोन्ही देशांच्या क्षमता लक्षात घेऊन  द्वि-मार्गीय गुंतवणूक स्रोत वाढविण्याचे ठरवलेआहे

या अनुषंगाने , मुख्य कार्यकारी अधिकाऱ्यांचा एक फोरम विस्तारित आणि  उद्योग ते  औद्योगिक  संबंधांसाठी  नवीन क्षितिजे शोधण्यासाठी नेतृत्व करेल. सेवा आणि गुंतवणूक तसेच विभागीय एकात्मिकआर्थिक भागीदारी  क्षेत्रात भारत -आशिया  मुक्त  व्यापार कराराच्या त्वरित  अंमलबजावणीसाठी आम्ही  सहमत आहोत,  या दिशेने उचललेल्या  पावलांना  अंतिम स्वरूप   देणे  हे  महत्वाचे  राहील

दोन  दशकांपूर्वीच्या जुन्या मौल्यवान अंतराळ क्षेत्रातील  आमच्यातील   सहकार्याला  आम्ही ध्यानातठेवून मी आणि राष्ट्राध्यक्ष विदोदो  शाश्वत भागीदारीसाठी मंत्रीस्तरीय यंत्रणा राबविण्यासाठी एक बैठकघेण्याचे निर्देश देत आहोत.

मित्रानो,

आमच्या दोन्ही समाजातील  ऐतिहासिक   आणि बळकट सांस्कृतिक संलग्नता हा आमचा भागीदारीवारसा असून,  राष्ट्राध्यक्ष आणि   मी   दोघेही  आमच्या  ऐतिहासिक  संबंधांवर  संशोधन  करण्याच्यामहत्वाला पाठींबा देतो. तसेच  दोन्ही  देशांच्या (भारत -इंडोनेशिया ) विद्यापीठांमध्ये परस्पर  अभ्यास   कार्यक्रम  प्रस्थापित करण्याच्या  गतीला  संमती   दर्शवितो. आम्ही   शिष्यवृत्ती आणि  प्रशिक्षण  कार्यक्रमांच्या विस्ताराला   सहमती   देतो. व्यक्ती  व्यक्तींमधील प्रत्यक्ष संबंध वाढविण्याचे महत्व आम्हीजाणतो आणि म्हणूनच आम्ही   गरुडा   इंडोनेशीयाच्या    थेट    मुंबई     विमानसेवेचे  स्वागत करतो.

महामहिम,

 तुम्ही  भारताला भेट  दिल्याबद्दल  मी  पुन्हा एकदा आभार मानतोमी  आपले   द्विपक्षीय   संबंध  वृद्धिंगत   करण्याचे  आश्वासन  देतो  आणि  मला  विश्वास  आहे  की, आजची   आपली  चर्चा आणिहस्ताक्षरीत   करारामुळे  कृती  धोरणाच्या   प्रतिबद्धतेला  एक नवीन  आयाम प्राप्त  होईलमी  माझेभाषण संपण्यापूर्वी सर्व इंडोनेशियातील  मित्रांचे  आभार   मानतो . धन्यवाद !

आभारी आहे.

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June 20, 2026
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जॉय जगन्नाथ! जॉय मां किचकेश्वरी! मोर सबू भाई,भौणी,मां,मौसी मानंकु मोर नमोस्कार।

माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी, राज्यपाल श्री हरि बाबु जी, यहां के लोकप्रिय मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी जी, उप मुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव जी, प्रवती परीदा जी, ओडिशा के मंत्री गणेश सिंह खूंटिया जी, कृष्ण चंद्र महापात्र जी, सांसद नबा चरण माझी जी, मनमोहन सामल जी, बैजयंत पांडा जी, अन्य महानुभाव, भाइयों और बहनों।

हमारा ओडिशा इन दिनों उत्सवों के आनंद में डूबा हुआ है। यहाँ का गणपर्व रज, पिछले हफ्ते ही धूमधाम से मनाया गया है। महाप्रभु जगन्नाथ जी की रथ यात्रा की तैयारियां भी पुरजोश चल रही है। मयूरभंज के बारीपदा रथ यात्रा को लेकर भी उत्साह का माहौल है। और, इस सबके बीच ही लोकतन्त्र का विकास का उत्सव भी चल रहा है। ओडिशा की बीजेपी सरकार ने अपने 2 साल भी पूर्ण किए हैं। इस मौके पर, आप सबके बीच आना, मयूरभंज आने का ये सौभाग्य, और इतनी बड़ी संख्या में आप सबकी उपस्थिति, ये अवसर मेरे लिए बहुत खास है। आपका अपनापन मुझे बार-बार यहां खींच लाता है। मैं आप सभी का हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूँ। और ओडिशा की जनता को डबल इंजन सरकार में विकास यात्रा की भी बधाई देता हूँ, शुभकामनाएं देता हूं। साथ ही, इस अवसर पर मैं पंडित रघुनाथ मुर्मू जी, डॉ. दमयंती बेश्रा जी, और श्री चरण हेम्ब्रम जी जैसी विभूतियों को भी नमन करता हूँ। रघुनाथ मुर्मू जी ने संथाली भाषा के लिए ओल चिकी लिपि का निर्माण किया था। हमारी सरकार ने संथाली भाषा में भारत के संविधान को प्रस्तुत किया है। ओडिशा की संतानों को पद्म सम्मान देकर सम्मानित किया है। पिछले 2 वर्षों में ओडिशा सरकार भी इन सभी विभूतियों के सपनों को पूरा करने में दिन रात पुरुषार्थ कर रही है।

साथियों,

आज का ये अवसर इसलिए भी विशेष है, क्योंकि मयूरभंज की धरती पर पली-बढ़ीं, ओडिशा की बेटी, माननीय राष्ट्रपति जी हमारे बीच उपस्थित हैं। आज उनका जन्मदिन भी है। मैं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकमानाएं देता हूं, मैं उनके दीर्घायु होने और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं। जनगन्नाथ जी भगवान के श्री चरणों में प्रार्थना करता हूं। ओडिशा की बेटी आज देश के इतने बड़े पद पर पहुंची हैं, हमारा मार्गदर्शन कर रही हैं, ये हम सभी के लिए बहुत गौरव की बात है। राष्ट्रपति जी का व्यक्तित्व, उनका उदार और सहृदय स्वभाव, राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए उनका अटल समर्पण, उन्होंने मयूरभंज ही नहीं, पूरे ओडिशा की पहचान सशस्त की है। मैं इस अवसर पर, उनका विशेष रूप से अभिनंदन करता हूँ।

साथियों,

ये कार्यक्रम जब बना, तो इसमें मूल कारण तो लॉजिस्टिक था, लंबे अर्से से यहां आने के लिए चर्चा चल रही थी, लेकिन कोई तालमेल नहीं बैठता था। 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योगा दिवस कोलकाता में तय हुआ, तो फिर मैंने कहा अच्छा है, आज बंग दिवस भी है, तो क्यों न मैं सुबह मयूरभंज होकर के शाम को फिर कोलकाता के कार्यक्रम में जाऊं। और इसके कारण ये 20 जून तय हुई। लेकिन कुछ चीजें ऐसी होती हैं, जिसकी मंगल कामनाएं ईश्वरआधीन होती हैं, और इसलिए आज एक शुभ मंगल हो गया, कि राष्ट्रपति का जन्मदिन भी, मुझे आज उनके गांव में जाकर के, उनको शुभकामनाएं देने का अवसर मिला।

साथियों,

आज मैं राष्ट्रपति जी के साथ पहाड़पुर भी गया था। मैं इस क्षेत्र के बच्चों के लिए उनके द्वारा बनवाए गए स्कूल भी गया। बच्चों के साथ कुछ यादगार समय बिताने का अवसर मुझे मिला। मैं देख रहा था, बच्चों के चेहरों की चमक, राष्ट्रपति जी की उपस्थिति और आत्मीयता, वहां मुझे ऐसा कुछ भी नहीं लगा, किसी बच्चे को ये लगा हो कि राष्ट्रपति जी आई हैं, हर बच्चे को लगता था उनकी मां आई है। वे बच्चे भी बहुत भाग्यवान हैं, कैसे इस क्षेत्र के गरीब, वंचित और आदिवसी समाज के बच्चों को प्रेरणा मिल रही है, उन्हें देश के लिए कुछ बड़ा करने का आत्मविश्वास मिल रहा है। मैं राष्ट्रपति जी का आभारी हूं कि उन्होंने इन अनुभवों से गुजरने का आज मुझे अवसर दिया। ये मेरा दिन, एक प्रकार से मेरी शिक्षा का दिवस था, कुछ सीखने का अवसर था मेरे लिए।

साथियों,

मैं आपको सरकार का ये निर्णय भी बताना चाहता हूं कि पहाड़पुर गांव को, अब तेजी से सुर्यग्राम, सोलर विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। यानी यहां हर घर में सोलर बिजली बने, इसे सुनिश्चित किया जाएगा। और हम तो बड़ा गर्व के साथ कह सकते हैं कि यही ओडिशा है, जहां कोणार्क में सुर्य मंदिर की एक पहचान है, वैसे ही पहाड़पुर सुर्यग्राम की पहचान बन जाएगा। सुर्यग्राम, से पूरा गांव सोलर विलेज के रूप में पहचाना जाए, इस दिशा में काम तुरंत शुरू हो ऐसा मेरा प्रयास रहेगा। इस अभियान से, पहाड़पुर के लोगों को मुफ्त सोलर बिजली भी मिलेगी और जो ज्यादा बिजली होगी, वो उनकी आय भी बढ़ाएगी।

साथियों,

ओडिशा में डबल इंजन सरकार के 2 साल कई मायनों में ऐतिहासिक रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी जी के नेतृत्व में, आज ओडिशा तेज गति से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। आज यहां गरीब कल्याण की योजनाओं से सामान्य मानवी का जीवन बदल रहा है। ओडिशा में आर्थिक गतिविधियाँ निवेश और उद्योगों को आकर्षित करने का सामर्थ्य आज नज़र आ रहा है। यहाँ रोजगार के नए अवसरों के लिए तेजी से काम हो रहा है।

साथियों,

केंद्र सरकार का विज़न है- पूर्वी भारत के विकास से भारत का विकास। इसीलिए, हम पूर्वोदय की नीति पर काम कर रहे हैं। जिस पूर्वी भारत को काँग्रेस के दौर में पिछड़ेपन का पर्याय बना दिया गया था, आज वो प्रगति का प्रवेश द्वार बन रहा है। आज ओडिशा खुद इस बदलाव का साक्षी बन रहा है।

साथियों,

ओडिशा के पास समुद्र है, खनिज संपदा है, कृषि की शक्ति है और सबसे सामर्थ्यवान यहां युवा प्रतिभा है। इस सामर्थ्य का पूरा उपयोग करने के लिए हम मिलकर काम कर रहे हैं। इसीलिए, आज ओडिशा में रेलवे इनफ्रास्ट्रक्चर में रिकॉर्ड निवेश हो रहा है। नई सड़कें और आर्थिक कॉरिडोर बन रहे हैं। पोर्ट्स का विस्तार हो रहा है। ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और आधुनिक उद्योगों में निवेश आ रहा है। आज भी यहां ओडिशा के विकास से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। इन परियोजनाओं पर लगभग 47 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बिजली, सड़क, रेलवे, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी इन परियोजनाओं से, आप सभी लोगों को बहुत सुविधा होने वाली है। मैं इन परियोजनाओं के लिए ओडिशा के लोगों को बहुत बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

हमारी सरकार ओडिशा के संसाधनों को, ओडिशा की संभावनाओं में बदल रही है। ओडिशा में बड़ा निवेश आए, यहाँ नए उद्योग लगें, इसके लिए उत्कर्ष ओडिशा जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके तहत, अब तक करीब 20 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। साढ़े 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की अनेक मेगा परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है। उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण बने, इसके लिए ओडिशा के समग्र विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। पावर सेक्टर में 6 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश हो रहा है। समृद्ध शहर योजना के तहत शहरी विकास को गति दी जा रही है। आने वाले वर्षों में इन प्रयासों का परिणाम हमें देखने को मिलने वाला है।

साथियों,

डबल इंजन सरकार की बड़ी विशेषता ये है कि वो खुद जनता तक पहुँचती है। हमारा प्रयास है कि सामान्य नागरिक को किसी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़े। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि युवाओं, महिलाओं, किसानों और आम लोगों की अपेक्षाएँ आज पूरी हो रही हैं। आप देखिए, धान खरीद में किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल देने का निर्णय लिया गया। सुभद्रा योजना के माध्यम से एक करोड़ से अधिक माताओं और बहनों तक आर्थिक सहायता पहुंचाई गई। आयुष्मान भारत को लागू करके ओडिशा के परिवारों के लिए देशभर के अस्पतालों में इलाज का रास्ता खोला गया। आदिवासी विद्यार्थियों की पढ़ाई बीच में न छूटे, इसके लिए माधो सिंह हाथ-खर्चा योजना शुरू की गई। महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी के भक्तों की भावनाओं का सम्मान करते हुए श्रीमंदिर के श्रद्धालुओं के लिए सारे द्वार खोल दिए गए, चारों-चार द्वार खोल दिए गए। डबल इंजन की ताकत मिलने से आज यहां चारों दिशाओं में विकास सुनिश्चित हो रहा है।

साथियों,

यहां बीते दिनों स्वच्छता को लेकर जो विशेष अभियान चला है, उसकी भी मुझे जानकारी मिली है। और मैं देख रहा था सोशल मीडिया में तो सफाई अभियान छाया हुआ है, यानी स्वच्छता से स्वागत, मैं ओडिशा की इस पहल के लिए, यहां के नगारिको का, सरकार का, मुख्यमंत्री जी का, इस प्रशंसनीय पहल के लिए बहुत ही प्रशंसा करता हूं, संतोष व्यक्त करता हूं।

साथियों,

स्वच्छता हमारे जीवन शैली का हिस्सा होनी चाहिए, हर रोज की आदत होनी चाहिए। मैं यहां स्वच्छता अभियान से जुड़े सभी लोगों का हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

मैंने अपने जीवन का कुछ महत्वपूर्ण कालखंड जनजातीय क्षेत्रों में एक वालंटियर के रूप में काम करते हुए बिताया है। माननीय राष्ट्रपति जी तो बरसों तक ऐसे क्षेत्रों में चुनौतियां का सामना करती रही हैं। आप और हम जानते हैं कि जनजातीय क्षेत्रों में जीवन की सुविधाएं आसानी से नहीं पहुंचती थीं। इसलिए, हमारी सरकार ने जनजातीय विकास को बहुत प्राथमिकता दी है। हमने ऐसे इलाकों को सुविधाओं से जोड़ने के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान शुरू किया। इसके तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, आवास से जुड़े विभाग मिलकर के सर्वागीण विकास के लिए काम कर रहे हैं। ताकि वहां रहने वाले लोगों की कठिनाइयां दूर हो सकें। इसी तरह, पीएम जनमन अभियान तो राष्ट्रपति जी के साथ हुई चर्चाओं का, उनके मार्गदर्शन का ही परिणाम है। ये विशेष रूप से देश के ऐसे जनजातीय समूहों के लिए है, जो जनजातीय समुदाय में भी सबसे पीछे रह गए हैं। ऐसे जनजातीय समुदायों तक अब सरकार स्वयं चलकर उनके गांव, उनके दरवाजे तक पहुंच रही है।

साथियों,

आदिवासी समाज के उत्थान के लिए हम आदिवासी युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसरों से जोड़ रहे हैं। इन बच्चों को पढ़ाई की बेहतर सुविधा मिले, इसके लिए देश में करीब 500 एकलव्य मॉडल स्कूल खोले गए हैं। करीब साढ़े सात सौ एकलव्य स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। प्री-मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक लेवल पर, डेढ़ करोड़ से अधिक आदिवासी बच्चों को सैकड़ों करोड़ रुपए की स्कॉलर्शिप दी गई है। मुझे ये बताते हुए भी खुशी है कि यहां मयूरभंज में एक और नवोदय विद्यालय बनाने के लिए भी स्वीकृति दे दी गई है।

साथियों,

दूर-दराज इलाकों में रहने के कारण, जनजातीय समाज स्वास्थ्य से जुड़ी कठिनाइयों का भी शिकार रहा है। सिकल सेल एनीमिया जैसी बीमारियाँ एक बहुत बड़ी चुनौती रही हैं। हमने इनके खिलाफ देश भर में अभियान चलाया, चार करोड़ से ज्यादा हेल्थ कार्ड बांटे, मुफ्त इलाज के लिए करोड़ों आदिवासी लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड दिये। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर साफ पानी पहुंचाया जा रहा है। इन प्रयासों का परिणाम आज हमें दिख रहा है। आदिवासी समाज दशकों पुरानी कठिनाइयों से बाहर आ रहा है, और, विकास की मुख्यधारा का हिस्सा बन रहा है।

साथियों,

आने वाले समय में हमारे सामने दो महत्वपूर्ण पड़ाव हैं। 2036 में ओडिशा के गठन के 100 वर्ष पूरे होंगे। और, 2047 में भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने वाले हैं। यानी, ओडिशा और देश का लक्ष्य एक ही दिशा में है। ओडिशा की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, तो भारत मजबूत होगा। मुझे ओडिशा के सामर्थ्य पर भरोसा है। हमें मिलकर ओडिशा को विकास की बुलंदियों पर पहुंचाना है।

साथियों,

कल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस भी मनाया जाना है। ज्ञान और योग की धरती ओडिशा, योग यहाँ के संस्कारों का हिस्सा रहा है। मैं ओडिशा की धरती से पूरे देश से, पूरी दुनिया के लोगों से आह्वान करता हूँ, आप सब ज्यादा से ज्यादा संख्या में योग दिवस में हिस्सा लें। मैं एक बार फिर आप सभी को आज के अवसर, और विकास परियोजनाओं की बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मैं माननीय राष्ट्रपति जी का विशेष रूप से आभार प्रकट करता हूं, कि मुझे उनके साथ उनकी कर्मभूमि को देखने का मौका मिला। एक बार फिर उन्हें जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई। बहुत-बहुत धन्यवाद।

जय जगन्नथ।

जय जगन्नथ।

जय जगन्नथ।