पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांच्या अध्यक्षतेखालील आर्थिक व्यवहार विषयक मंत्रिमंडळ समितीने 2026-27 च्या विपणन हंगामासाठी 14 खरीप पिकांच्या किमान आधारभूत किमतींमध्ये (एमएसपी) वाढ करण्यास मंजुरी दिली आहे.
शेतकऱ्यांना त्यांच्या उत्पादनासाठी रास्त भाव मिळावा, यासाठी केंद्र सरकारने 2026-27 विपणन हंगामासाठी खरीप पिकांच्या किमान आधारभूत किमतींत वाढ केली आहे. मागील वर्षाच्या तुलनेत एमएसपीत सर्वाधिक वाढ सूर्यफूल बियांसाठी (₹622 प्रति क्विंटल) सुचवण्यात आली आहे, त्याखालोखाल कापूस (₹ 557 प्रति क्विंटल), कारळे (नायजरसीड ) (₹515 प्रति क्विंटल) आणि तीळ (₹ 500 प्रति क्विंटल) आहेत .
विपणन हंगाम 2026-27 साठी सर्व खरीप पिकांसाठी किमान आधारभूत किंमत :
(रुपये प्रति क्विंटल)
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S. No . |
पिके |
एमएसपी 2026-27 |
Cost* KMS 2026-27 |
Margin over cost (%) |
एमएसपी |
MS MSP Increase in 2026-27 |
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धान्य |
2025- 26 |
2013- 14 |
over 2025-26 |
over 2013-14 |
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1. |
तांदूळ |
सर्वसाधारण |
2441 |
1627 |
50 |
2369 |
1310 |
72 |
1131 (86%) |
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ग्रेड ए ^ |
2461 |
- |
- |
2389 |
1345 |
72 |
1116 (83%) |
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2. |
ज्वारी |
हायब्रीड |
4023 |
2682 |
50 |
3699 |
1500 |
324 |
2523 (168%) |
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मालदांडी ^ |
4073 |
- |
- |
3749 |
1520 |
324 |
2553 (168%) |
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3. |
बाजरी |
2900 |
1858 |
56 |
2775 |
1250 |
125 |
1650 (132%) |
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4. |
नाचणी |
5205 |
3470 |
50 |
4886 |
1500 |
319 |
3705 (247%) |
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5. |
मका |
2410 |
1544 |
56 |
2400 |
1310 |
10 |
1100 (84%) |
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डाळी |
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6. |
तूर |
8450 |
5496 |
54 |
8000 |
4300 |
450 |
4150 (97%) |
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7. |
मूग |
8780 |
5438 |
61 |
8768 |
4500 |
12 |
4280 (95%) |
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8. |
उडीद |
8200 |
5418 |
51 |
7800 |
4300 |
400 |
3900 (91%) |
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तेलबिया |
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9. |
शेंगदाणा |
7517 |
5011 |
50 |
7263 |
4000 |
254 |
3517 (88%) |
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10. |
सूर्यफूल बिया |
8343 |
5562 |
50 |
7721 |
3700 |
622 |
4643 (125%) |
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11. |
सोयाबीन (पिवळा) |
5708 |
3805 |
50 |
5328 |
2560 |
380 |
3148 (123%) |
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12. |
तीळ |
10346 |
6897 |
50 |
9846 |
4500 |
500 |
5846 (130%) |
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13. |
कारळे |
10052 |
6701 |
50 |
9537 |
3500 |
515 |
6552 (187%) |
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व्यावसायिक |
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14. |
कापूस () |
((मध्यम धाग्याचा कापूस ) ) |
8267 |
5511 |
50 |
7710 |
3700 |
557 |
4567 (123%) |
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(लांब धाग्याचा कापूस ) |
8667 |
- |
- |
8110 |
4000 |
557 |
4667 (117%) |
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*या खर्चात सर्व अदा केलेले खर्च समाविष्ट आहेत, जसे की भाड्याने घेतलेले मनुष्यबळ, बैल/यंत्राचा वापर , भाड्याने घेतलेल्या जमिनीचे भाडे, बियाणे, खते, सेंद्रिय खते यांसारख्या सामग्रीच्या वापरावरील खर्च, सिंचन शुल्क, अवजारे आणि शेतघरांवरील घसारा, खेळत्या भांडवलावरील व्याज, पंपसेट चालवण्यासाठी डिझेल/वीज इत्यादी, किरकोळ खर्च आणि कौटुंबिक श्रमाचे मूल्य.
^ भात (ग्रेड ए), ज्वारी (मालदांडी) आणि कापूस (लांब धाग्याचा) यांच्यासाठी खर्चाची माहिती स्वतंत्रपणे संकलित केलेली नाही.
विपणन हंगाम 2026-27 साठी खरीप पिकांच्या किमान आधारभूत किमतीतील वाढ ही, किमान आधारभूत किंमत, अखिल भारतीय भारित सरासरी उत्पादन खर्चाच्या किमान दीडपट पातळीवर निश्चित करण्याच्या, केंद्रीय अर्थसंकल्प 2018-19 मधील घोषणेला अनुसरून आहे. शेतकऱ्यांना त्यांच्या उत्पादन खर्चावर मिळणारा अपेक्षित नफा मूग या पिकाला सर्वाधिक (61%) मिळेल, त्यानंतर बाजरी (56%), मका (56%) आणि तूर (54%) पिकांना मिळेल असा अंदाज आहे. उर्वरित पिकांसाठी, शेतकऱ्यांना त्यांच्या उत्पादन खर्चापेक्षा 50% अधिक लाभ अपेक्षित आहे.
अलिकडच्या काही वर्षांत, सरकारने तृणधान्यांव्यतिरिक्त कडधान्ये आणि तेलबिया, तसेच पौष्टिक तृणधान्ये/श्री अन्न यांसारख्या पिकांना जास्त किमान आधारभूत किंमत (एमएसपी) देऊन त्यांच्या लागवडीला प्रोत्साहन दिले आहे.
2014-15 ते 2025-26 या कालावधीत धान खरेदी 8418 एलएमटी होती, तर 2004-05 ते 2013-14 या कालावधीत 4590 एलएमटी धान खरेदी झाली होती.
2014-15 ते 2025-26 या कालावधीत 14 खरीप पिकांची खरेदी 8746 एलएमटी होती, तर 2004-05 ते 2013-14 या कालावधीत 4679 एलएमटी खरेदी झाली.
2014-15 ते 2025-26 या काळात धान उत्पादक शेतकऱ्यांना 16.08 लाख कोटी रुपये किमान आधारभूत किंमत म्हणून देण्यात आले, तर 2004-05 ते 2013-14 या कालावधीत शेतकऱ्यांना 4.44 लाख कोटी रुपये देण्यात आले.
2014-15 ते 2025-26 या काळात 14 खरीप पिके घेणाऱ्या शेतकऱ्यांना किमान आधारभूत किंमत म्हणून 18.99 लाख कोटी रुपये देण्यात आले, तर 2004-05 ते 2013-14 या काळात शेतकऱ्यांना 4.75 लाख कोटी रुपये देण्यात आले.


