This is a moment filled with new dreams and new resolutions: PM Modi while inaugurating the Delhi BJP’s new Office
Next-gen GST reforms will save nearly Rs 20,000 on family's annual expenditure of Rs 1 lakh for meeting its daily needs: PM Modi
The BJP was founded 45 years ago, and with the guidance and blessings of our senior leaders, we have made significant progress: PM
BJP’s connection with Delhi goes back to the Jana Sangh days and is built on trust and commitment to the city: PM Modi

आप सबको नए कार्यालय की बहुत-बहुत बधाई। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष श्रीमान जेपी नड्डा जी, दिल्ली की मुख्यमंत्री बहन रेखा गुप्ता जी, दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा जी, दिल्ली भाजपा की सह-प्रभारी बहन अलका गुर्जर जी, दिल्ली के सभी माननीय सांसद, दिल्ली सरकार के सभी मंत्रीगण, अन्य वरिष्ठजन साथी और यहां उपस्थित भारतीय जनता पार्टी के समर्थ और समर्पित सभी कार्यकर्ता साथी। नवरात्र के इन पावन दिनों में आज दिल्ली भाजपा को अपना नया कार्यालय मिला है। ये नए सपनों और नए संकल्पों से भरा हुआ पल है। मैं दिल्ली भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

भारतीय जनता पार्टी की स्थापना को 45 वर्ष हो चुके हैं। अटल जी, आडवाणी जी, नानाजीदेशमुख, राजमाता विजियाराजे सिंधिया जी, मुरली मनोहर जोशी जी ऐसे अनेक व्यक्तित्वों के आशीर्वाद और परिश्रम से ये पार्टी आगे बढ़ी। लेकिन साथियों, जिस बीज से भाजपा आज इतना बड़ा वटवृक्ष बना है, उसका रोपण अक्टूबर 1951 में हुआ था। तब श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में जनसंघ की स्थापना हुई थी। और उसी दौर में दिल्ली जनसंघ को भी वैद्य गुरूदत्त जी के रूप में अपना पहला अध्यक्ष मिला। फिर समय-समय पर आडवाणी जी, डॉ.भाई महावीर, हरदयाल देवगुण जी दिल्ली जनसंघ की कमान संभालते रहे। 1980 में जब भाजपा की स्थापना हुई, तो वीके मल्होत्रा जी को दिल्ली भाजपा के पहले अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। आज दिल्ली भाजपा जिस मजबूती में हैं, वो बीते दशकों में हमारे लाखों कार्यकर्ताओं के त्याग और परिश्रम का परिणाम है। केदारनाथ साहनी जी, साहिब सिंह वर्मा जी, मदनलाल खुराना जी, ऐसे अनेक दिग्गज नेताओं ने हमें सेवा की अमिट राह दिखाई। अरुण जेटली जी और सुषमा स्वराज जी जैसे कितने ही व्यक्तित्वों ने पार्टी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

साथियों,

दिल्ली और बीजेपी का संबंध सिर्फ एक शहर और पार्टी का नहीं है। ये संबंध सेवा, संस्कार और सुख-दुख की साथी होने का है। पहले जनसंघ के रूप में और फिर भाजपा के रूप में, हमारी पार्टी दिल्ली के दिल से, दिल्ली के हितों से जुड़ी रही है। जनसंघ की स्थापना के बाद से हमने दिल्ली के लोगों की हर तरह से सेवा की। बंटवारे के बाद दिल्ली आए पीड़ितों के लिए जनसंघ के कार्यकर्ताओं ने पुनर्वास की व्यवस्थाएं बनाई। जब यहां मेट्रोपॉलिटन काउंसिल बनी, तो आडवाणी जी और वीके मल्होत्रा जी जैसे नेता दिल्ली के लोगों की आवाज बने। आपातकाल के दौर में, दिल्ली के लोगों के साथ जनसंघ के नेताओं ने सत्ता के दमन के खिलाफ संघर्ष किया। 1984 के जिन सिख दंगों में दिल्ली की आत्मा पर, मानवता पर एक भयंकर आघात हुआ, उस संकटकाल में भी, दिल्ली बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने हमारे सिख भाई-बहनों की हरसंभव रक्षा की। दिल्ली और बीजेपी का साथ भावना का है, भरोसे का है।

साथियों,

जनसंघ के जमाने में और उसके बाद भी, जब भी बड़े राष्ट्रीय आयोजन हुए, आंदोलन हुए, उसके केंद्र में हमेशा दिल्ली ही रही। और उस समय शहर में तीन-तीन, चार-चार बड़े आंदोलन जनसंघ और बीजेपी के लोग करते थे। हमारे ज्यादा लोग चुनकर के देश में कोई ज्यादा लोग नहीं आए थे, लेकिन राष्ट्रीय मुद्दों पर आंदोलन की ऐसी परंपरा हम लोगों ने खड़ी की थी, हमारे भूतपूर्व सभी नेताओं ने, कार्यकर्ताओं ने। और मैं देख रहा था कि हिंदुस्तान के कोने-कोने से जब लोग दिल्ली आते थे, तो कभी भी उनको ये महसूस नहीं होने दिया, दिल्ली के कार्यकर्ताओं ने कि हम कहीं बाहर के हैं। दिल्ली के कार्यकर्ता देशभर से आए हुए कार्यकताओं को अपने घरों में रखते थे। क्योंकि उस समय हमारे पास उतनी व्यवस्थाएं नहीं थीं। और जब सारी, जनसंघ के जमाने में, भाजपा के जमाने में कार्यकर्ता आते थे तो पांच-पांच, सात-सात दिन रूकते थे। अगली ट्रेन का आरक्षण मिले ना मिले, इंतजार करना पड़ता था। इतनी दूर से आने पड़ता था। तो इन सबको पांच-पांच, सात-सात दिन तक दिल्ली के कार्यकर्ता अपने घरों में रखते थे। और उनकी सारी व्यवस्थाएं देखते थे। यानि एक प्रकार से पूरे देश में इस विचार को पहुंचाने में दिल्ली के कार्यकर्ताओं के वो अथक पुरूषार्थ, परिश्रम आज बीजेपी को यहां पहुंचाने में मदद की है। और इसलिए, आज जब हम इस नए कार्यालय में प्रवेश कर रहे हैं, तो हमें दिल्ली भाजपा के इतिहास, उसके सेवाकार्यों से निरंतर प्रेरणा लेते हुए आगे बढ़ना है।

साथियों,

हमारे लिए कोई भी भाजपा कार्यालय, किसी देवालय से, किसी मंदिर से कम नहीं है। कोई भी भाजपा कार्यालय सिर्फ इमारतें नहीं हैं, ये वो मजबूत कड़ियां हैं, जो पार्टी को जमीन से, जन-अपेक्षाओं से जोड़े रखती हैं। भाजपा, सत्ता के लिए नहीं, सेवा के लिए सरकार में है। ये कार्यालय इसी चेतना को जागृत रखते हैं। इसलिए, हमें निरंतर प्रयास करते रहना होगा कि दिल्ली भाजपा के इस नए कार्यालय की पहचान, यहां की सुविधाओं से नहीं, बल्कि जन-सुनवाई और जनसेवा से होनी चाहिए। हमें हमेशा-हमेशा याद रखना होगा। इस कार्यालय में हमारा कार्यकर्ता किसी ना किसी जरूरतमंद की उम्मीदें लेकर आएगा। हम उन उम्मीदों पर खरा उतरें, ये हम सबका सामूहिक प्रयास होना चाहिए। इस कार्यालय में बैठकर लिए गए निर्णयों में जितनी संवेदना और सेवाभाव होगा, उतना ही दिल्ली के लोगों का हित होगा।

साथियों,

कई वर्षों के अंतराल के बाद दिल्ली में आज भाजपा की सरकार है। दिल्ली के लोगों ने अपने सपनों, अपने बेहतर भविष्य की उम्मीद भाजपा पर जताई है। इसलिए नए प्रदेश कार्यालय में बैठने वाले प्रत्येक जनप्रतिनिधि का दायित्व बहुत बड़ा है। दिल्ली के लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए दिल्ली भाजपा, हमारी ये सरकार कठोर परिश्रम कर रही है। झुग्गी-बस्तियों में रहने वालों के लिए नए घर बनाना। दिल्ली के सैकड़ों सरकारी स्कूलों-अस्पतालों को बेहतर बनाना, दिल्ली में सैकड़ों इलेक्ट्रिक बसें चलवाना, यमुना जी को साफ करवाने के लिए दिन-रात मेहनत करना, यमुनाजी के तट पर शहर के दूसरे हिस्सों में शानदार लिविंग स्पेस बनाना, मेट्रो-फ्लाईओवर के काम को गति देना। दिल्ली सरकार, दिल्ली के नवनिर्माण में लगी है। और इसलिए दिल्ली भाजपा सरकार और दिल्ली भाजपा कार्यालय जब कंधे से कंधा मिलाकर ऐसे ही चलेंगे, तो हम विकसित भारत, विकसित दिल्ली का सपना और तेजी से पूरा कर पाएंगे।

साथियों,

भाजपा-NDA की सरकारों ने देश में सुशासन का एक नया मॉडल दिया है। हम विकास भी और विरासत भी के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हमने देश की, देशवासियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। हमने बड़े-बड़े घोटालों से देश को मुक्ति दिलाकर, भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक जंग का विश्वास जगाया है।

साथियों,

भाजपा के सुशासन का एक और मजबूत पहलू है। हमारी सरकारों का फोकस डिलीवरी पर है। और सामान्य जन की बचत बढ़ाने पर भी है। मैं आपको टैक्स का एक उदाहरण देता हूं। 2014 में जब कांग्रेस की सरकार थी। ये बयानबाजी करने वाले लोग, बयान-बहादुर, आए दिन झूठे बयान देने में एक्सपर्ट हैं। लेकिन मैं जरा उनका कच्चा चिठ्ठा खोलता हूं। 2014 तक हमारे देश में इनकम टैक्स का क्या हाल था। दो लाख रुपए से ज्यादा की आय होने पर टैक्स लग जाता था। हमारे आने से पहले दो लाख की आय के ऊपर टैक्स लग जाता था। आज 12 लाख रुपए तक की इनकम पर भी टैक्स जीरो है।

साथियों,

यही स्थिति Goods और Services पर लगने वाले टैक्स की भी थी। 2014 से पहले अगर एक सामान्य परिवार अपनी रोज की जरूरतों पर साल में एक लाख रुपया अगर खर्च करता है, तो उसे करीब पच्चीस हजार रुपया टैक्स देना पड़ता था। ये मैं 2014 से पहले की कथा सुना रहा हूं। हम 2017 में GST लेकर आए, तो सामान सस्ते हुए, टैक्स भी कम हुआ। अब नेक्स्ट जेनरेशन GST रिफॉर्म्स के बाद एक लाख के खर्च पर उस परिवार को सिर्फ पांच या छह हजार रुपए का ही टैक्स देना पड़ता है। यानि 11 साल पहले की तुलना में सीधे करीब बीस हजार की बचत उस परिवार को हर साल तय है। अगर इनकम टैक्स और GST की बचत दोनों को मिला लें, तो हर साल देशवासियों के करीब ढाई लाख करोड़ रुपये की बचत होने वाली है।

साथियों,

भाजपा सरकारों के हर नेक काम का लाभ, हर लाभार्थी तक पहुंचना जरूरी है। इसके लिए भाजपा के हर कार्यकर्ता को हमेशा जागरूक रहना है। निरंतर काम करना है। आज के इस शुभ अवसर पर, जब इतनी बड़ी संख्या में नए-पुराने सभी कार्यकर्ताओं से मैं मिला हूं, तो मैं आपसे कुछ मांगने के लिए भी अपेक्षा लेकर आता हूं। और आप तो भली-भांति मुझे जातने हैं। कि मैं ऐसे ही काम नहीं करता, कुछ काम आपको भी देते रहता हूं। मेरा आपसे कुछ आग्रह है, जो मैं दिल्ली और देशभर के अपने कार्यकर्ता परिवार से साझा करना चाहता हूं। हमें ये सुनिश्चित करना है कि नेक्स्ट जेनरेशन GST रिफॉर्म्स का फायदा सामान्य से सामान्य व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। हमें ग्राहकों को भी जानकारी देनी है और अपने दुकानदार भाइयों को भी जागरूक करना है। जहां हम विपक्ष में हैं, वहां तो हमारी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। वहां जो सरकार है, वो GST में कमी का पूरा लाभ जनता को दे, ये हमें पक्का करना ही होगा। ये विपक्ष में बयानबाज लोग हैं, करते उल्टा हैं, ये हिमाचल वालों ने जैसे ही हमने जीएसटी से दाम कम कर दिया, उन्होंने सीमेंट पर पैसा बढ़ा दिया और तिजोरी भरने का खेल शुरू कर दिया। यानि जो जनता को मिलना चाहिए, जो जनता के हक का है। वो हिमाचल में सरकार लूटने में तुरंत, उसी दिन लग गई।

साथियों,

हमें भारत को आत्मनिर्भर बनाना है और स्वदेशी को अपनाना है। ये भाजपा कार्यकर्ताओं की जिम्मेवारी है कि हर दुकान पर एक बोर्ड लगा रहना चाहिए। और बोर्ड भी बड़ा हो, डेढ़-दो फुट का बोर्ड हो और उस पर लिखा हो– गर्व से कहो ये स्वदेशी है। ये हर दुकान पे लगना चाहिए। ये दायित्व बीजेपी के हर कार्यकर्ता का है। ये स्वदेशी है, ये भाव गर्व-पूर्वक व्यक्त होना चाहिए। हमें गांव-गांव, गली-गली का अभियान बनाना है। विदेशी उत्पादों पर जितनी हमारी निर्भरता कम होगी, उतना ही देश के लिए बेहतर होगा।

साथियों,

आजकल देशभर में स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान भी चल रहा है। ये बहनों-बेटियों के स्वास्थ्य की जांच का बहुत बड़ा अभियान है। अब तक लाखों कैंप्स में 3 करोड़ से ज्यादा महिलाओं की मुफ्त जांच हो चुकी है। टीबी, ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर ऐसी अनेक बीमारियों को शुरुआत में ही पकड़ना बहुत जरूरी है। स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार से इसमें बहुत मदद मिल रही है। दिल्ली के भाजपा कार्यकर्ताओं को भी चाहिए कि ज्यादा से ज्यादा बहनें इन हेल्थ कैंप्स का लाभ ले पाएं।

साथियों,

दिल्ली देश की राजधानी तो है ही, ये सांस्कृतिक विविधताओं की भी राजधानी है। दिल्ली में एक मिनी इंडिया बसता है। अलग-अलग राज्यों के लाखों लोग यहां बसे हुए हैं। इसलिए हमें दिल्ली में निरंतर एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को भी मजबूत करना है। बीते वर्षों में ये हमने दिल्ली में होते देखा है। यहां सिख गुरुओं के प्रकाश पर्व बहुत उल्लास से मनाए गए। हमने यहां असम के वीर योद्धा लाचित बोरफुकन जी की 400वीं जयंती पर बहुत बड़ा आयोजन किया। हम यहां छठ महापर्व भी मनाते हैं। दुर्गा पूजा में बंगाल के रंगों का आनंद लेते हैं। पोंगल और पुथांडु पर प्रकृति का नमन करते हैं। मुझे भी कई बार दिल्ली के ऐसे अनेक उत्सवों में जाने का अवसर मिला है। अभी मैंने देखा हमारी मुख्यमंत्री बहन रेखा गुप्ता जी भी तेलगू छात्र संघ द्वारा आयोजित बथुकम्मा उत्सव में शामिल हुईं। मेरा दिल्ली भाजपा से आग्रह है। सभी कार्यकर्ताओं से आग्रह है। देश के कोने-कोने के ऐसे पर्वों को, क्योंकि वहां के लोग यहां रहते हैं। उनके साथ मिलकर हिंदुस्तान के किसी भी कोने का कोई भी उत्सव ऐसा नहीं हो, कि जो हम यहां रहने वाले उस राज्य के लोगों के साथ मिलकर धूम-धाम से सेलीब्रेट ना करें। ये हमने करना चाहिए। देश से यहां रहने के लिए लोगों को लगना कि एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना ये सिर्फ नारा नहीं है, भाजपा मेरा परिवार है। उस भाव से वो प्रगट होती है। देश का हर उत्सव दिल्ली में भारत और भारतीयता के उत्सव जैसा बने, हम सबको इसके लिए प्रयास करना चाहिए।

जब हमें लगता है कि सिंगापुर एयरपोर्ट पर उतरते हैं तो दीवाली के समय वहां रोशनी होती है। दीवाली की शुभकामनाएं लिखी होती हैं। दुनिया के अनेक देशों में जब दीवाली का दीया वहां के मुखिया जलाते हैं तो हमें आनंद होता है कि नहीं होता है। हमें गर्व होता है कि देखिए, हमारे देश की दीवाली वहां मना रहे हैं। वैसे ही हिंदुस्तान के हर राज्य का प्रमुख त्योहार अगर हम यहां मनाएंगे, उस पूरे राज्य में खुशी की लहर छा जाएगी दोस्तो। देश की एकता के लिए बहुत जरूरी है और हम जिन विचारों को लेकर के जीए हैं। देशभक्ति हमारे लिए प्रथम है। हमें उसको बढ़-चढ़कर के पूरा करना है।

साथियों,

मुझे दिल्ली भाजपा पर, भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता पर पूरा विश्वास है। आप जनता-जनार्दन की अपेक्षाओं पर इसी तरह खरा उतरते रहिए। ऐसे ही दिल्ली को दुनिया की सबसे बेहतरीन, हमें संकल्प लेकर के चलना है साथियो, हमें एक बेहतरीन राजधानी बनाने के लिए दिन-रात एक कर देने हैं, दोस्तो। और मुझे पूरा विश्वास है कि आप जब ये करेंगे ना, तो देश बड़े गर्व से भर जाएगा। देश के हर कोने में कि हमारी राजधानी ऐसी है। और ये हमें करना चाहिए। एक बार फिर आप सभी को इस नए कार्यालय के लिए, आने वाली विजयादशमी, दीपावली और छठ पर्व की मैं बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

मेरे साथ बोलिए...

भारत माता की जय !

भारत माता की जय !

भारत माता की जय !

बहुत-बहुत धन्यवाद।

Explore More
अयोध्येत श्री राम जन्मभूमी मंदिर ध्वजारोहण उत्सवात पंतप्रधानांनी केलेले भाषण

लोकप्रिय भाषण

अयोध्येत श्री राम जन्मभूमी मंदिर ध्वजारोहण उत्सवात पंतप्रधानांनी केलेले भाषण
38 Per Cent Women In Rural And Semi-Urban Use UPI Weekly For Daily Essentials: Survey

Media Coverage

38 Per Cent Women In Rural And Semi-Urban Use UPI Weekly For Daily Essentials: Survey
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
The government places great emphasis on bringing a 'technology culture' to agriculture: PM Modi
March 06, 2026
This year’s Union Budget gives a strong push to agriculture and rural transformation : PM
Government has continuously strengthened the agriculture sector ,major efforts have reduced the risks for farmers and provided them with basic economic security: PM
If we scale high-value agriculture together, it will transform agriculture into a globally competitive sector: PM
As export-oriented production increases, employment will be created in rural areas through processing and value addition: PM
Fisheries can become a major platform for export growth, a high-value, high-impact sector of rural prosperity: PM
The government is developing digital public infrastructure for agriculture through AgriStack: PM
Technology delivers results when systems adopt it, institutions integrate it, and entrepreneurs build innovations on it: PM

नमस्कार !

बजट वेबिनार सीरीज के तीसरे वेबिनार में, मैं आप सभी का अभिनंदन करता हूं। इससे पहले, टेक्नोलॉजी, रिफॉर्म्स और इकोनॉमिक ग्रोथ जैसे अहम विषयों पर दो वेबिनार हो चुके हैं। आज, Rural Economy और Agriculture जैसे अहम सेक्टर पर चर्चा हो रही है। आप सभी ने बजट निर्माण में अपने मूल्यवान सुझावों से बहुत सहयोग दिया, और आपने देखा होगा बजट में आप सबके सुझाव रिफ्लेक्ट हो रहे हैं, बहुत काम आए हैं। लेकिन अब बजट आ चुका है, अब बजट के बाद उसके full potential का लाभ देश को मिले, इस दिशा में भी आपका अनुभव, आपके सुझाव और सरल तरीके से बजट का सर्वाधिक लोगों को लाभ हो। बजट का पाई-पाई पैसा जिस हेतु से दिया गया है, उसको परिपूर्ण कैसे करें? जल्द से जल्द कैसे करें? आपके सुझाव ये वेबिनार के लिए बहुत अहम है।

साथियों,

आप सभी जानते हैं, कृषि, एग्रीकल्चर, विश्वकर्मा, ये सब हमारी अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है। एग्रीकल्चर, भारत की लॉन्ग टर्म डेवलपमेंट जर्नी का Strategic Pillar भी है, और इसी सोच के साथ हमारी सरकार ने कृषि सेक्टर को लगातार मजबूत किया है। करीब 10 करोड़ किसानों को 4 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पीएम किसान सम्मान निधि मिली है। MSP में हुए Reforms से अब किसानों को डेढ़ गुना तक रिटर्न मिल रहा है। इंस्टिट्यूशनल क्रेडिट कवरेज 75 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। पीएम फसल बीमा योजना के तहत लगभग 2 लाख करोड़ रुपए के क्लेम सेटल किए गए हैं। ऐसे अनेक प्रयासों से किसानों का रिस्क बहुत कम हुआ है, और उन्हें एक बेसिक इकोनॉमिक सिक्योरिटी मिली है। इससे कृषि क्षेत्र का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। आज खाद्यान्न और दालों से लेकर तिलहन तक देश रिकॉर्ड उत्पादन कर रहा है। लेकिन अब, जब 21वीं सदी का दूसरा क्वार्टर शुरू हो चुका है, 25 साल बीत चुके हैं, तब कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा से भरना भी उतना ही आवश्यक है। इस साल के बजट में इस दिशा में नए प्रयास हुए हैं। मुझे विश्वास है, इस वेबिनार में आप सभी के बीच हुई चर्चा, इससे निकले सुझाव, बजट प्रावधानों को जल्द से जल्द जमीन पर उतारने में मदद करेंगे।

साथियों,

आज दुनिया के बाजार खुल रहे हैं, ग्लोबल डिमांड बदल रही है। इस वेबिनार में अपनी खेती को एक्सपोर्ट ओरिएंटेड बनाने पर भी ज्यादा से ज्यादा चर्चा आवश्य़क है। हमारे पास Diverse Climate है, हमें इसका पूरा फायदा उठाना है। एग्रो क्लाइमेटिक जोन, उस विषय में हम बहुत समृद्ध है। इस साल का बजट इन सब बातों के लिए अनगिनत नए अवसर देने वाला बजट है। प्रोडक्टिविटी बढ़ाने की दिशा तय करता है, और एक्सपोर्ट स्ट्रेंथ को बढ़ावा देता है। बजट में हमने high value agriculture पर फोकस किया है। नारियल, काजू, कोको, चंदन, ऐसे उत्पादों के regional-specific promotion की बात कही है, और आपको मालूम है, दक्षिण के हमारे जो राज्य हैं खासकर केरल है, तमिलनाडु है, नारियल की पैदावार बहुत करते हैं। लेकिन अब वो क्रॉप, वो सारे पेड़ इतने पुराने हो चुके हैं कि उसकी वो क्षमता नहीं रही है। केरल के किसानों को अतिरिक्त लाभ हो, तमिलनाडु के किसानों को अतिरिक्त लाभ हो। इसलिए इस बार कोकोनट पर एक विशेष बल दिया गया है, जिसका फायदा आने वाले दिनों में हमारे इन किसानों को मिलेगा।

साथियों,

नॉर्थ ईस्ट की तरफ देखें, अगरवुड बहुत कम लोगों को मालूम है, जो ये अगरबत्ती शब्द है ना, वो अगरवुड से आया हुआ है। अब हिमालयन राज्यों में टेम्परेट नट क्रॉप्स, और इन्हें बढ़ावा देने का प्रस्ताव बजट में रखा गया है। जब एक्सपोर्ट ओरिएंटेड प्रोडक्शन बढ़ेगा, तो ग्रामीण क्षेत्रों में प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन के जरिए रोजगार सृजन होगा। इस दिशा में एक coordinated action कैसे हो, आप सभी स्टेकहोल्डर्स मिलकर जरूर मंथन करें। अगर हम मिलकर High Value Agriculture को स्केल करते हैं, तो ये एग्रीकल्चर को ग्लोबली कंपेटिटिव सेक्टर में बदल सकता है। एग्री experts, इंडस्ट्री और किसान एक साथ कैसे आएं, किसानों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने के लिए किस तरह से गोल्स सेट किए जाएं, क्वालिटी, ब्रांडिंग और स्टैंडर्ड्स, ऐसे हर पहलू, इन सबको कैसे प्रमोट किया जाए, इन सारे विषयों पर चर्चा, इस वेबिनार को, इसके महत्व को बढ़ाएंगे। मैं एक और बात आपसे कहना चाहूंगा। आज दुनिया हेल्थ के संबंध में ज्यादा कॉनशियस है। होलिस्टिक हेल्थ केयर और उसमें ऑर्गेनिक डाइट, ऑर्गेनिक फूड, इस पर बहुत रुचि है। भारत में हमें केमिकल फ्री खेती पर बल देना ही होगा, हमें नेचुरल फार्मिंग पर बल देना होगा। नेचुरल फार्मिंग से, केमिकल फ्री प्रोडक्ट से दुनिया के बाजार तक पहुंचने में हमारे लिए एक राजमार्ग बन जाता है। उसके लिए सर्टिफिकेशन, लेबोरेटरी ये सारी व्यवस्थाएं सरकार सोच रही है। लेकिन आप लोग इसमें भी जरूर अपने विचार रखिए।

साथियों,

एक्सपोर्ट बढ़ाने में एक बहुत बड़ा फैक्टर फिशरीज सेक्टर का पोटेंशियल भी है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश भी है। आज हमारे अलग-अलग तरह के जलाशय, तालाब, ये सब मिलाकर लगभग 4 लाख टन मछली उत्पादन होता है। जबकि इसमें 20 लाख टन अतिरिक्त उत्पादन की संभावना मौजूद है। अब विचार कीजिए आप, 4 लाख टन से हम अतिरिक्त 20 लाख टन जोड़ दें, तो हमारे गरीब मछुआरे भाई-बहन हैं, उनकी जिंदगी कैसी बदल जाएगी। हमारे पास Rural Income को डायवर्सिफाई करने का अवसर है। फिशरीज एक्सपोर्ट ग्रोथ का बड़ा प्लेटफॉर्म बन सकता है, दुनिया में इसकी मांग है। इस वेबिनार से अगर बहुत ही प्रैक्टिकल सुझाव निकलते हैं, तो कैसे रिज़रवॉयर, उसकी पोटेंशियल की सटीक मैपिंग की जाए, कैसे क्लस्टर प्लानिंग की जाए, कैसे फिशरीज डिपार्टमेंट और लोकल कम्युनिटी के बीच मजबूत कोऑर्डिनेशन हो, तो बहुत ही उत्तम होगा। हैचरी, फीड, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग, एक्सपोर्ट, उसके लिए आवश्यक लॉजिस्टिक्स, हर स्तर पर हमें नए बिजनेस मॉडल विकसित करने ही होंगे। ये Rural Prosperity, ग्रामीण समृद्धि के लिए, वहां की हाई वैल्यू, हाई इम्पैक्ट सेक्टर के रूप में परिवर्तित करने का एक अवसर है हमारे लिए, और इस दिशा में भी हम सबको मिलकर काम करना है, और आप आज जो मंथन करेंगे, उसके लिए, उस कार्य के लिए रास्ता बनेगा।

साथियों,

पशुपालन सेक्टर, ग्रामीण इकोनॉमी का हाई ग्रोथ पिलर है। भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा मिल्क प्रोड्यूसर है, Egg प्रोडक्शन में हम दूसरे स्थान पर है। हमें इसे और आगे ले जाने के लिए ब्रीडिंग क्वालिटी, डिजीज प्रिवेंशन और साइंटिफिक मैनेजमेंट पर फोकस करना होगा। एक और अहम विषय पशुधन के स्वास्थ्य का भी है। मैं जब One Earth One Health की बात करता हूं, तो उसमें पौधा हो या पशु, सबके स्वास्थ्य की बात शामिल है। भारत अब वैक्सीन उत्पादन में आत्मनिर्भर है। फुट एंड माउथ डिजीज, उससे पशुओं को बचाने के लिए सवा सौ करोड़ से अधिक डोज पशुओं को लगाई जा चुकी है। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत टेक्नोलॉजी का विस्तार किया जा रहा है। हमारी सरकार में अब पशुपालन क्षेत्र के किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड का भी लाभ मिल रहा है। निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए एनिमल हसबेंड्री इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड की शुरुआत भी की गई है, और आपको ये पता है हम लोगों ने गोबरधन योजना लागू की है। गांव के पशुओं के निकलने वाला मलमूत्र है, गांव का जो वेस्ट है, कूड़ा-कचरा है। हम गोबरधन योजना में इसका उपयोग करके गांव भी स्वच्छ रख सकते हैं, दूध से आय होती है, तो गोबर से भी आय हो सकती है, और एनर्जी सिक्योरिटी की दिशा में गैस सप्लाई में भी ये गोबरधन बहुत बड़ा योगदान दे सकता है। ये मल्टीपर्पज बेनिफिट वाला काम है, और गांव के लिए बहुत उपयोगी है। मैं चाहूंगा कि सभी राज्य सरकारें इसको प्राथमिकता दें, इसको आगे बढ़ाएं।

साथियों,

हमने पिछले अनुभवों से समझा है कि केवल एक ही फसल पर टिके रहना किसान के लिए जोखिम भरा है। इससे आय के विकल्प भी सीमित हो जाते हैं। इसलिए, हम crop diversification पर फोकस कर रहे हैं। इसके अलावा, National Mission on Edible Oils And Pulses, National Mission on Natural Farming, ये सभी एग्रीकल्चर सेक्टर की ताकत बढ़ा रहे हैं।

साथियों,

आप भी जानते हैं एग्रीकल्चर स्टेट सब्जेक्ट है, राज्यों का भी एक बड़ा एग्रीकल्चर बजट होता है, हमें राज्यों को भी निरंतर प्रेरित करना है कि वो अपना दायित्व निभाने में, हम उनको कैसे मदद दें, हमारे सुझाव उनको कैसे काम आएं। राज्य का भी एक-एक पैसा जो गांव के लिए, किसान के लिए तय हुआ है, वो सही उपयोग हो। हमें बजट प्रावधानों को जिला स्तर तक मजबूत करना होगा। तभी नई पॉलिसीज का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाया जा सकता है।

साथियों,

ये टेक्नोलॉजी की सदी है और सरकार का बहुत जोर एग्रीकल्चर में टेक्नोलॉजी कल्चर लाने पर भी है। आज e-NAM के माध्यम से मार्केट एक्सेस का डेमोक्रेटाइजेशन हुआ है। सरकार एग्रीस्टैक के जरिए, एग्रीकल्चर के लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रही है। इसके तहत डिजिटल पहचान, यानी किसान आईडी बनाई जा रही है। अब तक लगभग 9 करोड़ किसानों की किसान आईडी बन चुकी है, और लगभग 30 करोड़ भूमि पार्सलों का डिजिटल सर्वे किया गया है। भारत-विस्तार जैसे AI आधारित प्लेटफॉर्म, रिसर्च इंस्टीट्यूशंस और किसानों के बीच की दूरी कम कर रहे हैं।

लेकिन साथियों,

टेक्नोलॉजी तभी परिणाम देती है, जब सिस्टम उसे अपनाएं, संस्थाएं उसे इंटीग्रेट करें और एंटरप्रेन्योर्स उस पर इनोवेशन खड़ा करें। इस वेबिनार में आपको इससे जुड़े सुझावों को मजबूती से सामने लाना होगा। हम टेक्नोलॉजी को कैसे सही तरीके से इंटीग्रेट करें, इस दिशा में इस वेबिनार से निकले सुझावों की बहुत बड़ी भूमिका होगी।

साथियों,

हमारी सरकार ग्रामीण समृद्धि के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वामित्व योजना, पीएम ग्रामीण सड़क योजना, स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक मदद, इसने रूरल इकोनॉमी को निरंतर मजबूत किया है। लखपति दीदी अभियान की सफलता को भी हमें नई ऊंचाई देनी है। अभी तक गांव की 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने में हम सफल हो चुके हैं। अब 2029 तक, 2029 तक 3 करोड़ में और 3 करोड़ जोड़ना है, और 3 करोड़ और लखपति दीदियां बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। ये लक्ष्य और तेजी से कैसे प्राप्त किया जाए, इसे लेकर भी आपके सुझाव महत्वपूर्ण होंगे।

साथियों,

देश में स्टोरेज का बहुत बड़ा अभियान चल रहा है। लाखों गोदाम बनाए जा रहे हैं। स्टोरेज के अलावा एग्री एंटरप्रेन्योर्स प्रोसेसिंग, सप्लाई चैन, एग्री-टेक, एग्री-फिनटेक, एक्सपोर्ट, इन सब में इनोवेशन और निवेश बढ़ाना आज समय की मांग है। मुझे विश्वास है आज जो आप मंथन करेंगे, उससे निकले अमृत से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी। आप सबको इस वेबिनार के लिए मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं, और मुझे पूरा विश्वास है कि जमीन से जुड़े हुए विचार, जड़ों से जुड़े हुए विचार, इस बजट को सफल बनाने के लिए, गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए बहुत काम आएंगे। आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

बहुत-बहुत धन्यवाद। नमस्कार।