India-Indonesia ties are special: PM Modi
We are all proud of the manner in which the Indian diaspora has distinguished itself in Indonesia: PM Modi
In the last four years, India has witnessed unparalleled transformation, says PM Modi in Indonesia
Both India and Indonesia are proud of their democratic ethos and their diversity: PM Modi
In 2014 the people of India voted for a Government headed by a person belonging to a poor background. Similarly, the people of Indonesia elected President Widodo whose background is also humble: PM
Indian diaspora in Indonesia further strengthens the vibrant people-to-people ties between both our countries: PM Modi
Ensuring a corruption-free, citizen-centric and development-friendly ecosystem is our priority: PM Modi
GST has enhanced the tax compliance system in India; it has ensured a better revenue system: PM Modi
To enhance ‘Ease of Living’, we are focussing on modern infrastructure; we are creating a system which is transparent as well as sensitive: PM Modi

इंडोनेशिया में इंडिया को जीने वाले आप सभी बंधुओं को मेरा नमस्कार।

सलामत सोरे, तमान – तमान। (Good Evening Friends)

आपा काबार? (आप कैसे हैं।)

साया सनांग सकाली बर- अदा दी सिनी (मुझे यहां आकर बहुत खुशी है)

मैं इंडोनेशिया की जनता, आप सभी का और विशेषतौर पर राष्ट्रपति विडोडो का आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने रमज़ान के इस पवित्र महीने में मेरा स्वागत किया। आज सुबह इंडोनेशिया की विविधता की झलक भी देखने को मिली। विभिन्न पोशाक पहने हुए नागरिकों और बच्चों ने मेरा स्वागत किया। इसने मेरे ह्रदय को छू लिया।

साथियों,

कुछ महीने पहले ही हमने सभी 10 आसियान नेताओं के साथ भारत का गणतंत्र दिवस मनाया। आसियान में इन्डोनेशिया सबसे बड़ी जनसंख्या का एक अहम सदस्य है। मैं राष्ट्रपति विडोडो का आभारी हूं कि उन्होंने हमें तब उनके आतिथ्य सत्कार का अवसर दिया। यह एक संयोग मात्र ही नहीं है कि सन् 1950 में भारत के पहले गणतंत्र दिवस में भी इंडोनेशिया के राष्ट्रपति मुख्य अतिथि थे।

साथियों,

बीते चार वर्षों में सवा सौ करोड़ भारतीयों के प्रतिनिधि के रुप में दुनिया में जहां-जहां भी मैं गया, मेरा प्रयास रहा है कि आप जैसे उन लाखों बंधुओं और बहनों से मिलूं, जिनका मूल भारत भूमि में है। इस दौरान मेरी जितनी भी बातचीत हुई, उसमें एक बात समान रही है। वो बात है मां भारती के प्रति अटूट श्रद्धा और सम्मान। यहां इंडोनेशिया में भी यही भावना मैं अपने सामने देख सकता हूं। इंडोनेशिया के प्रति आपकी जितनी भक्ति है, उतनी ही प्रबल भावना अपनी जड़ों से जुड़ने की है। आप में से अधिकांश इंडोनेशिया के नागरिक हैं लेकिन हृद्य के एक कोने में कहीं भारत भी बसा हुआ है।

साथियों,

हमारा संस्कृत और संस्कृति का रिश्ता है। और आप सभी जो यहां इंडोनेशिया में आज रच बस गए हैं, हमारे इस रिश्ते की मजबूत कड़ी हैं। आप में से यहां कई चार-पांच पीढ़ियों से हैं तो, ऐसे भी तमाम लोग हैं जो बीते दो-तीन दशकों से यहां पहुंचे हैं। आज आप में से कोई कपड़े के कारोबार से जुड़ा है तो कोई स्पोर्ट्स के सामान का व्यापार कर रहा है। कोई इंजीनियर है, कोई कंसल्टेंट। कोई सीए है तो कोई बैंकर तो कोई अध्यात्मिक गुरू। भारत से ही संबंध रखने वाले श्री गुरुनाम सिंह जी ने 1962 के जकार्ता एशियन गेम्स में इंडोनेशिया के लिए मेडल भी जीता था। मुझे बहुत प्रसन्नता भी है और गर्व भी, कि अपने तप से, कठिन परिश्रम से ना सिर्फ आप सभी ने यहां के परिवेश को अनुकूल बनाया, बल्कि आज आप इंडोनेशिया के विकास में भी बहुत बड़ा योगदान दे रहे हैं।

साथियों,

एक दौर वो भी था, जब आपके पूर्वजों को अलग-अलग परिस्थितियों की वजह से भारत छोड़ना पड़ा। आज एक दौर वो भी है जब दुनिया भर में भारत की मजबूत पहचान बनी है। पिछले 4 वर्षों में भारत ने दुनिया की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने का काम किया है।

  • आज भारत दुनिया की सबसे open economies में से एक है। भारत में रिकॉर्ड स्तर पर विदेशी निवेश हो रहा है।
  • भारत का Foreign Exchange Reserve लगभग 300 बिलियन डॉलर से बढ़कर 400 बिलियन डॉलर के पार पहुंच गया है।
  • Greenfield FDI को आकर्षित करने वाला भारत दुनिया का नंबर वन देश बन गया है।
  • FDI Confidence Index में भारत top two emerging market में से एक है।
  • वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के Global Competitiveness Index में भारत की रैंकिंग 71 से सुधरकर 40 हो गई है।
  • Ease of Doing Business की रैंकिंग में भारत 142 से सौवें नंबर पर आ गया है।
  • Logistics Performance Index में 19 अंकों का सुधार हुआ है।
  • Global Innovation Index में भारत की रैकिंग 21 अंक उछली है।
  • अंकटाड की रिपोर्ट में भारत को भविष्य की मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में Top तीन में रखा गया है।
  • पिछले 14 वर्षों में पहली बार Moody's ने भारत की क्रेडिट रैंटिंग में सुधार किया है।

भाइयों और बहनों,

भारत जहां दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है वहीं इंडोनेशिया में भी लोकतंत्र की जड़ें बहुत मजबूत हैं। यही कारण है कि जिस प्रकार सवा सौ करोड़ भारतीयों ने मुझ जैसे साधारण नागरिक को प्रधान सेवक बनने का अवसर दिया, वैसे ही इंडोनेशिया की जनता ने भी विडोडो जी को अपना राष्ट्रपति चुना। साथियों, भारत और इंडोनेशिया सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता और सद्भाव के प्रतीक हैं। यहां अनेक भाषाएं बोलियां हैं, सैकड़ों समुदाय रहते हैं, तो भारत में भी कोस-कोस पर बदले पानी, चार कोस पर वाणी की कहावत मशहूर है। मैंने कहीं पढ़ा है कि इंडोनेशिया के बोर्नियो द्वीप में सत्रह सौ साल पहले के अवशेष हैं जो भारत के साथ संबंधों के सबूत हैं। अभी तीन-चार दिन पहले ही मैं ओडिशा के कटक में था। वहां पर जिस मैदान में विशाल जनसभा का आयोजन किया गया, उसका नाम था ‘बालीजात्रा’। बालीजात्रा का क्या मतलब है? इंडोनेशिया के बाली की यात्रा। सैकड़ों वर्ष पूर्व ओडिशा के महान नाविक, कटक से निकलकर ही जावा-सुमात्रा और बोर्नियो तक आते थे। आज भी हर साल अक्तूबर-नवंबर में ओडिशा में ‘बालीजात्रा’ का उत्सव बहुत ही शान, बहुत ही धूम-धाम से मनाया जाता है।इंडोनेशिया का गुजरात से भी पुराना नाता रहा है। जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था, तो एक बार मुझे किसी ने कहा था कि 12वीं सदी के आसपास कच्छ में रहने वाले जो मुसलमान निकले, उनमें से काफी यहां इंडोनेशिया में भी आकर बसे थे। उन लोगों के साथ गुजराती भाषा, गुजराती खान-पान भी इंडोनेशिया पहुंची थी। मुझे बताया गया है कि बुबुर गुजरात, गुजराती खिचड़ी इंडोनेशिया में कई मुस्लिम परिवारों में भी बनाई जाती है। आज भी कई ऐसे शब्द इस्तेमाल में हैं जो भारत इंडोनेशिया के संबंधों की प्राचीनता और घनिष्ठता पर प्रकाश डालते हैं । जैसे भाई के लिए 'सहोदर', निधन के लिए 'माटी', रंगों या colourके लिए 'वर्ण', Group के लिए 'समूह' या 'समूअ', 'उपवास' और 'पुवास', 'बहासा' और 'भाषा'; 'रूपियाह' और 'रुपया'। ऐसे शब्दों को इकट्ठा करें तो पूरी डिक्शनरी बन जाएगी।ये समानताएं स्वाभाविक हैं। भारत और इंडोनेशिया के बीच सिर्फ 90 नॉटिकल मील का फासला है। यानि, हम 90 नॉटिकल मील दूर नहीं, 90 नॉटिकल मील पास हैं। पड़ोसी हैं।

साथियों,

मुझे बताया गया है कि भारत और इंडोनेशिया के गहरे सांस्कृतिक संबंधों को यहाँ कई प्रकार से मनाया जाता है।यहां ‘इंडोनेशिया तमिल संगम’ के सांस्कृतिक आयोजनों को भी एक अलग पहचान मिली है। पिछले वर्ष जकार्ता व अन्य स्थानों पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित सफल कार्यक्रमों के बारे में भी मुझे बताया गया है। मुझे यह भी जानकारी मिली है कि बाली में मशहूर भारतीय Traditional medicines के सेंटर, पंचकर्म-आयुर्वेद सेंटरों की लोकप्रियता निरंतर बढ़ रही है। हाल के वर्षों में Holistic Healthcare के प्रति दुनिया भर में आकर्षण बढ़ा है। आपके लिए भी पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धतियों का Ambassador बनने का ये बेहतरीन अवसर है।

साथियों,

वैसे, ये भी एक संयोग ही है कुछ दिन पूर्व ही मुझे नेपाल के जनकपुर में मां जानकी का आशीर्वाद लेने का अवसर मिला था। और अब में यहां इंडोनेशिया में हूँ, जहां पर रामकथा को एक नयी भूमि और नये परिवेश मिले। ये अपने आप में इंडोनेशिया की विशेषता है कि यहां रामायण का मंचन करने वाले कलाकार मुस्लिम हैं। आज कुछ समय पहले राष्ट्रपति विडोडो और मैंने पतंगों की एक प्रदर्शनी देखी। यह देख कर बहुत ख़ुशी हुई की रामायण और महाभारत जैसी कथाओं और परम्पराओं को इंडोनेशिया के सामान्य जनजीवन में आज भी विशेष स्थान प्राप्त है।आस्था और संस्कृति किस प्रकार साथ-साथ पल्लवित और पोषित होते है, उसकी ये बहुत बड़ी मिसाल है।

साथियों,

पिछली सदी में जब हम दोनों देश आज़ाद हुए तब से ही हम वैश्विक और क्षेत्रीय स्तर पर एक दूसरे के साथ सहयोग कर रहे हैं। बीते चार वर्षों से हमारे संबंधों में और प्रगाढ़ता आई है। आज भारत और इंडोनेशिया के बीच संबंध नई ऊंचाई पर हैं। राजनयिक हो, स्ट्रैटेजिक या फिर आर्थिक सहयोग, भारत और इंडोनेशिया साथ मिलकर चुनौतियों का मुकाबला कर रहे हैं, अवसरों का उपयोग कर रहे हैं। आज भारत और इंडोनेशिया ने अपनी स्ट्रैटेजिक साझेदारी को एक अलग स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया है। राष्ट्रपति विडोडो और मैंने आज इसे एक कदम और आगे बढ़ाकर ‘काम्प्रिहेन्सिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा दिया है। हमारी सेनाओं के बीच सम्मिलित अभ्यास हो रहे हैं। सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी हमारे बीच तालमेल बढ़ रहा है। आज इंडोनेशिया ASEAN देशों में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। आज हमारा व्यापार 18 अरब डॉलर से अधिक तक पहुंच चुका है।

साथियों,

भारत और इंडोनेशिया के बीच मजबूत संबंधों का एक और आधार है हमारे लोग । यानि आप सब। हमारे यहां एक बहुत बड़ी आबादी ऐसी है जो 35 वर्ष से कम उम्र की है। इनकी ऊर्जा को सही दिशा और प्रोत्साहन देने का प्रयास बीते चार वर्षों से भारत में हमारी सरकार ने किया है। इसीलिए, मेरी सरकार के काम करने की स्पीड तेज़ है और scale बहुत व्यापक है। देश के लोगों की आशाओं-अपेक्षाओं के अनुरूप हमने Good Governance पर बल दिया है, Minimum Government, Maximum Governance पर बल दिया है। हम Citizen-First के मंत्र को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। सरकार बहुत ग्राउंड लेवल पर जाकर बड़े प्रशासनिक, वित्तीय और कानूनी कदम उठा रही है।हमारी सरकार के लिए Corruption Free, Citizen-Centric और Development Friendly Ecosystem सबसे बड़ी प्राथमिकता है। पासपोर्ट के लिए अब भारत में महीनों या हफ्तों का इंतजार नहीं करना पड़ता, दो से तीन दिन में पासपोर्ट लोगों के घर पहुंच जाता है। इंडोनेशिया समेत 163 देशों के लोगों को e-Visa की सुविधा दी गई है। e-Visa पर भारत आने वाले टूरिस्टों की संख्या में करीब-करीब 150 प्रतिशत की बढोतरी हुई है।बीते वर्षों में भारत में 1400 से ज्यादा पुराने कानून खत्म किए जा चुके हैं। Goods and Service Tax - GST ने भारत को एक बेहतर Tax Compliance सिस्टम, बेहतर Revenue सिस्टम दिया है।

साथियों,

हम देश के नागरिकों के लिए Ease of Living और देश के लिए Modern Infrastuructureके Unique Combination पर काम कर रहे हैं। हम भारत में एक ऐसे सिस्टम का निर्माण कर रहे हैं जो ना सिर्फ Transparent हो बल्कि Sensitive भी हो।

  • रेलवे लाइनों को ब्रॉड गेज में बदलने की रफ्तार दोगुनी हो गई है।
  • रेल लाइनों का बिजलीकरण तीन गुनी रफ्तार से हो रहा है।
  • गांवों में सड़कें और नेशनल हाइवेज मेरी सरकार दोगुनी रफ्तार से बना रही है।
  • पहले जिस स्पीड से पावर ट्रांसमिशन लाइन बिछाई जा रही थी, आज यही काम उससे दोगुनी रफ्तार से हो रहा है।
  • पहले सिर्फ 59 गांव पंचायतों के मुकाबले हमने 1 लाख 10 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ दिया है।
  • पहले सिर्फ 28 सरकारी योजनाओं के मुकाबले अब 400 से ज्यादा योजनाओं का पैसा लोगों को सीधे बैंक खाते में मिल रहा है।
  • यहां तक की जो LED बल्ब पहले साढ़े तीन सौ रुपए में मिला करता था, वो भी अब 40-50 रुपए में मिलने लगा है।
  • पहले जहां भारत में सिर्फ 2 मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियां थीं, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 120 हो गई है। भारत में बन रहे मोबाइल ने Import करने का खर्च भी घटाकर आधा कर दिया है।

भारत में आज बड़ी संख्या में नए इंजीनियरिंग कॉलेज खुल रहे हैं, मैनेजमेंट कॉलेज, मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। सिर्फ पिछले ढाई साल में भारत में 9 हजार से ज्यादा स्टार्ट अप रजिस्टर किए गए हैं। दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा Start-up ecosystem भारत में बना है।आज दुनिया भर में भारत के पासपोर्ट की ताकत बढ़ी है। दुनिया की शक्तिशाली व्यवस्थाओं का भारत हिस्सा बना है। भारत Solar Energy को मानव कल्याण के हित में ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने के लिए International Solar Alliance की अगुवाई करने वाले देशों में से एक है। हमारी सरकार भारत को 21वीं सदी की आवश्यकताओं- आशाओं-अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार करने का काम कर रही है। आज भारत न्यू इंडिया के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। हमें न्यू इंडिया बनाना है 2022 तक, जब स्वतंत्र भारत 75 वर्ष का होगा।

साथियों,

यहां इंडोनेशिया में सुख-दुख में एक दूसरे का साथ देने की परंपरा और वसुधैव कुंटुबकम के मंत्र पर आप अडिग हैं। मुझे बताया गया है कि हाल में बाली में जो ज्वालामुखी का हादसा हुआ, उसमें फंसे हज़ारों भारतीय पर्यटकों को बाली और सूराबाया के लोगों ने न सिर्फ बचाया बल्कि उन्हें स्वदेश भेजने का प्रबंध भी किया। इस मानवीय व्यव्हार के लिए मैं आपकी दिल से प्रशंसा करता हूँ। और आपको धन्यवाद भी देता हूँ।मानवीय मूल्यों का यही संरक्षण भारत की विरासत का अभिन्न अंग रहा है। हम इसे भारत में भी उतने ही गौरव के साथ जी रहे हैं। चाहे नेपाल में भूकंप हो या श्रीलंका में बाढ़ की आपदा, भारत की पहचान संकट के समय सबसे पहले उपस्थित रहने वाला देश के तौर पर बन रही है। संकट में फंसे 90,000 भारतीयों को एनडीए सरकार के दौरान सुरक्षित वापस लाया गया है।

साथियों,

India और Indonesia सिर्फ नाम से ही मिलते जुलते नहीं हैं। यह तालमेल सिर्फ तुक यानि Rhyme का ही नहीं, ताल यानि Rhythm का भी है। यह तालमेल हमारी संस्कृति का है, हमारी परंपराओं का है। हमारी आस्था का है, व्यवस्था का है। लोक संपर्क का है, लोकतंत्र का है।

भाइयों और बहनों,

भारत और इंडोनेशिया सांस्कृतिक बंधन से बंधे हुए हैं। हमारे बहुत पुराने संबंध हैं। लेकिन आज हम सभी के सामने ये भी सवाल है कि क्या ये पुरातत्व का ही विषय रहेगा? हमारी आने वाली पीढ़ियां, भविष्य में हमारा People to People Contacts और कैसे बढ़े, कैसे मजबूत हो, जीवंत रहे, इस पर भी हमें मिलकर काम करना होगा।आप में अनेक ऐसे होंगे जो कभी भारत नहीं गए। ऐसे भी कई लोग होंगे जिनका काफी सालों से स्वदेश जाना नहीं हुआ होगा। मेरा आपसे आग्रह है कि, एक बार अपने दोस्तों के साथ भारत ज़रूर आएं। भारत में किस प्रकार बदलाव आ रहा है ये आप अनुभव कर पाएंगे। मैं आपको बताना चाहता हूँ कि इंडोनेशिया के नागरिकों को 30 दिन के लिए भारत यात्रा के निशुल्क वीसा की व्यवस्था की जा रही है।अगले कुछ महीनों में एक बड़ा अवसर आपका इंतज़ार कर रहा है। अगले वर्ष जनवरी में उत्तर प्रदेश के प्रयाग में कुंभ का आयोजन होने वाला है। आस्था का ये मेला आपके लिए एक नया अनुभव होगा। यहां आपको अपने भारत की समृद्ध आध्यात्मिकता का दर्शन तो होगा ही, New India की झांकी भी मिलेगी। आपको मैं New India में बन रहे नए अवसरों से जुड़ने का आमंत्रण देता हूं। आप आइए और बदले माहौल का लाभ भी उठाइए। तथा उसे और बदलने में अपना योगदान भी कीजिये।

आपने मुझे यहां इतना मान दिया, सम्मान दिया, इसके लिए फिर एक बार आपका और इंडोनेशिया की सरकार को यहां के प्रशासन को मैं बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं।

तेरीमा कासिह कालियान तलह बर-अदा दी सिनी (यहां आने के लिए आप सब का बहुत बहुत धन्यवाद)
सलामत रमादान !

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PM Modi interacts with Energy Sector CEOs
January 28, 2026
CEOs express strong confidence in India’s growth trajectory
CEOs express keen interest in expanding their business presence in India
PM says India will play decisive role in the global energy demand-supply balance
PM highlights investment potential of around USD 100 billion in exploration and production, citing investor-friendly policy reforms introduced by the government
PM calls for innovation, collaboration, and deeper partnerships, across the entire energy value chain

Prime Minister Shri Narendra Modi interacted with CEOs of the global energy sector as part of the ongoing India Energy Week (IEW) 2026, at his residence at Lok Kalyan Marg earlier today.

During the interaction, the CEOs expressed strong confidence in India’s growth trajectory. They conveyed their keen interest in expanding and deepening their business presence in India, citing policy stability, reform momentum, and long-term demand visibility.

Welcoming the CEOs, Prime Minister said that these roundtables have emerged as a key platform for industry-government alignment. He emphasized that direct feedback from global industry leaders helps refine policy frameworks, address sectoral challenges more effectively, and strengthen India’s position as an attractive investment destination.

Highlighting India’s robust economic momentum, Prime Minister stated that India is advancing rapidly towards becoming the world’s third-largest economy and will play a decisive role in the global energy demand-supply balance.

Prime Minister drew attention to significant investment opportunities in India’s energy sector. He highlighted an investment potential of around USD 100 billion in exploration and production, citing investor-friendly policy reforms introduced by the government. He also underscored the USD 30 billion opportunity in Compressed Bio-Gas (CBG). In addition, he outlined large-scale opportunities across the broader energy value chain, including gas-based economy, refinery–petrochemical integration, and maritime and shipbuilding.

Prime Minister observed that while the global energy landscape is marked by uncertainty, it also presents immense opportunity. He called for innovation, collaboration, and deeper partnerships, reiterating that India stands ready as a reliable and trusted partner across the entire energy value chain.

The high-level roundtable saw participation from 27 CEOs and senior corporate dignitaries representing leading global and Indian energy companies and institutions, including TotalEnergies, BP, Vitol, HD Hyundai, HD KSOE, Aker, LanzaTech, Vedanta, International Energy Forum (IEF), Excelerate, Wood Mackenzie, Trafigura, Staatsolie, Praj, ReNew, and MOL, among others. The interaction was also attended by Union Minister for Petroleum and Natural Gas, Shri Hardeep Singh Puri and the Minister of State for Petroleum and Natural Gas, Shri Suresh Gopi and senior officials of the Ministry.