भारत-इंडोनेशिया संबंध विशेष हैं: प्रधानमंत्री मोदी
हम सभी इस बात पर गर्व महसूस करते हैं कि भारतीय समुदाय ने इंडोनेशिया में खुद को प्रतिष्ठित किया है: पीएम मोदी
पिछले 4 सालों में भारत ने अद्वितीय बदलाव देखा है: प्रधानमंत्री
भारत और इंडोनेशिया, दोनों को अपनी लोकतांत्रिक व्यवस्था और विविधता पर गर्व है: प्रधानमंत्री मोदी
2014 में भारत के लोगों ने एक गरीब पृष्ठभूमि से संबंधित एक व्यक्ति के नेतृत्व में सरकार के लिए मतदान किया, इसी तरह इंडोनेशिया के लोगों ने राष्ट्रपति जोको विडोडो को चुना, जिनकी पृष्ठभूमि भी विनम्र है: पीएम मोदी
भारतीयों का यहां बसना हमारे रिश्तों की मजबूत कड़ी है। आप इंडोनेशिया के विकास में भी बहुत बड़ा योगदान दे रहे हैं: प्रधानमंत्री
हमारी पहली प्राथमिकता देश को भ्रष्टाचार मुक्त, नागरिक केंद्रित और विकास अनुकूल बनाना है: प्रधानमंत्री मोदी
जीएसटी ने भारत को एक बेहतर कर अनुपालन प्रणाली दी है; इससे बेहतर राजस्व प्रणाली सुनिश्चित हुई है: पीएम मोदी
‘ईज ऑफ लिविंग’ को बढ़ावा देने के लिए हम आधुनिक आधारभूत संरचना पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं; हम एक ऐसी प्रणाली बना रहे हैं जो पारदर्शी और संवेदनशील है: प्रधानमंत्री

इंडोनेशिया में इंडिया को जीने वाले आप सभी बंधुओं को मेरा नमस्कार।

सलामत सोरे, तमान – तमान। (Good Evening Friends)

आपा काबार? (आप कैसे हैं।)

साया सनांग सकाली बर- अदा दी सिनी (मुझे यहां आकर बहुत खुशी है)

मैं इंडोनेशिया की जनता, आप सभी का और विशेषतौर पर राष्ट्रपति विडोडो का आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने रमज़ान के इस पवित्र महीने में मेरा स्वागत किया। आज सुबह इंडोनेशिया की विविधता की झलक भी देखने को मिली। विभिन्न पोशाक पहने हुए नागरिकों और बच्चों ने मेरा स्वागत किया। इसने मेरे ह्रदय को छू लिया।

साथियों,

कुछ महीने पहले ही हमने सभी 10 आसियान नेताओं के साथ भारत का गणतंत्र दिवस मनाया। आसियान में इन्डोनेशिया सबसे बड़ी जनसंख्या का एक अहम सदस्य है। मैं राष्ट्रपति विडोडो का आभारी हूं कि उन्होंने हमें तब उनके आतिथ्य सत्कार का अवसर दिया। यह एक संयोग मात्र ही नहीं है कि सन् 1950 में भारत के पहले गणतंत्र दिवस में भी इंडोनेशिया के राष्ट्रपति मुख्य अतिथि थे।

साथियों,

बीते चार वर्षों में सवा सौ करोड़ भारतीयों के प्रतिनिधि के रुप में दुनिया में जहां-जहां भी मैं गया, मेरा प्रयास रहा है कि आप जैसे उन लाखों बंधुओं और बहनों से मिलूं, जिनका मूल भारत भूमि में है। इस दौरान मेरी जितनी भी बातचीत हुई, उसमें एक बात समान रही है। वो बात है मां भारती के प्रति अटूट श्रद्धा और सम्मान। यहां इंडोनेशिया में भी यही भावना मैं अपने सामने देख सकता हूं। इंडोनेशिया के प्रति आपकी जितनी भक्ति है, उतनी ही प्रबल भावना अपनी जड़ों से जुड़ने की है। आप में से अधिकांश इंडोनेशिया के नागरिक हैं लेकिन हृद्य के एक कोने में कहीं भारत भी बसा हुआ है।

साथियों,

हमारा संस्कृत और संस्कृति का रिश्ता है। और आप सभी जो यहां इंडोनेशिया में आज रच बस गए हैं, हमारे इस रिश्ते की मजबूत कड़ी हैं। आप में से यहां कई चार-पांच पीढ़ियों से हैं तो, ऐसे भी तमाम लोग हैं जो बीते दो-तीन दशकों से यहां पहुंचे हैं। आज आप में से कोई कपड़े के कारोबार से जुड़ा है तो कोई स्पोर्ट्स के सामान का व्यापार कर रहा है। कोई इंजीनियर है, कोई कंसल्टेंट। कोई सीए है तो कोई बैंकर तो कोई अध्यात्मिक गुरू। भारत से ही संबंध रखने वाले श्री गुरुनाम सिंह जी ने 1962 के जकार्ता एशियन गेम्स में इंडोनेशिया के लिए मेडल भी जीता था। मुझे बहुत प्रसन्नता भी है और गर्व भी, कि अपने तप से, कठिन परिश्रम से ना सिर्फ आप सभी ने यहां के परिवेश को अनुकूल बनाया, बल्कि आज आप इंडोनेशिया के विकास में भी बहुत बड़ा योगदान दे रहे हैं।

साथियों,

एक दौर वो भी था, जब आपके पूर्वजों को अलग-अलग परिस्थितियों की वजह से भारत छोड़ना पड़ा। आज एक दौर वो भी है जब दुनिया भर में भारत की मजबूत पहचान बनी है। पिछले 4 वर्षों में भारत ने दुनिया की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने का काम किया है।

आज भारत दुनिया की सबसे open economies में से एक है। भारत में रिकॉर्ड स्तर पर विदेशी निवेश हो रहा है।
भारत का Foreign Exchange Reserve लगभग 300 बिलियन डॉलर से बढ़कर 400 बिलियन डॉलर के पार पहुंच गया है।
Greenfield FDI को आकर्षित करने वाला भारत दुनिया का नंबर वन देश बन गया है।
FDI Confidence Index में भारत top two emerging market में से एक है।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के Global Competitiveness Index में भारत की रैंकिंग 71 से सुधरकर 40 हो गई है।
Ease of Doing Business की रैंकिंग में भारत 142 से सौवें नंबर पर आ गया है।
Logistics Performance Index में 19 अंकों का सुधार हुआ है।
Global Innovation Index में भारत की रैकिंग 21 अंक उछली है।
अंकटाड की रिपोर्ट में भारत को भविष्य की मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में Top तीन में रखा गया है।
पिछले 14 वर्षों में पहली बार Moody's ने भारत की क्रेडिट रैंटिंग में सुधार किया है।

भाइयों और बहनों,

भारत जहां दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है वहीं इंडोनेशिया में भी लोकतंत्र की जड़ें बहुत मजबूत हैं। यही कारण है कि जिस प्रकार सवा सौ करोड़ भारतीयों ने मुझ जैसे साधारण नागरिक को प्रधान सेवक बनने का अवसर दिया, वैसे ही इंडोनेशिया की जनता ने भी विडोडो जी को अपना राष्ट्रपति चुना। साथियों, भारत और इंडोनेशिया सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता और सद्भाव के प्रतीक हैं। यहां अनेक भाषाएं बोलियां हैं, सैकड़ों समुदाय रहते हैं, तो भारत में भी कोस-कोस पर बदले पानी, चार कोस पर वाणी की कहावत मशहूर है। मैंने कहीं पढ़ा है कि इंडोनेशिया के बोर्नियो द्वीप में सत्रह सौ साल पहले के अवशेष हैं जो भारत के साथ संबंधों के सबूत हैं। अभी तीन-चार दिन पहले ही मैं ओडिशा के कटक में था। वहां पर जिस मैदान में विशाल जनसभा का आयोजन किया गया, उसका नाम था ‘बालीजात्रा’। बालीजात्रा का क्या मतलब है? इंडोनेशिया के बाली की यात्रा। सैकड़ों वर्ष पूर्व ओडिशा के महान नाविक, कटक से निकलकर ही जावा-सुमात्रा और बोर्नियो तक आते थे। आज भी हर साल अक्तूबर-नवंबर में ओडिशा में ‘बालीजात्रा’ का उत्सव बहुत ही शान, बहुत ही धूम-धाम से मनाया जाता है।इंडोनेशिया का गुजरात से भी पुराना नाता रहा है। जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था, तो एक बार मुझे किसी ने कहा था कि 12वीं सदी के आसपास कच्छ में रहने वाले जो मुसलमान निकले, उनमें से काफी यहां इंडोनेशिया में भी आकर बसे थे। उन लोगों के साथ गुजराती भाषा, गुजराती खान-पान भी इंडोनेशिया पहुंची थी। मुझे बताया गया है कि बुबुर गुजरात, गुजराती खिचड़ी इंडोनेशिया में कई मुस्लिम परिवारों में भी बनाई जाती है। आज भी कई ऐसे शब्द इस्तेमाल में हैं जो भारत इंडोनेशिया के संबंधों की प्राचीनता और घनिष्ठता पर प्रकाश डालते हैं । जैसे भाई के लिए 'सहोदर', निधन के लिए 'माटी', रंगों या colourके लिए 'वर्ण', Group के लिए 'समूह' या 'समूअ', 'उपवास' और 'पुवास', 'बहासा' और 'भाषा'; 'रूपियाह' और 'रुपया'। ऐसे शब्दों को इकट्ठा करें तो पूरी डिक्शनरी बन जाएगी।ये समानताएं स्वाभाविक हैं। भारत और इंडोनेशिया के बीच सिर्फ 90 नॉटिकल मील का फासला है। यानि, हम 90 नॉटिकल मील दूर नहीं, 90 नॉटिकल मील पास हैं। पड़ोसी हैं।

साथियों,

मुझे बताया गया है कि भारत और इंडोनेशिया के गहरे सांस्कृतिक संबंधों को यहाँ कई प्रकार से मनाया जाता है।यहां ‘इंडोनेशिया तमिल संगम’ के सांस्कृतिक आयोजनों को भी एक अलग पहचान मिली है। पिछले वर्ष जकार्ता व अन्य स्थानों पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित सफल कार्यक्रमों के बारे में भी मुझे बताया गया है। मुझे यह भी जानकारी मिली है कि बाली में मशहूर भारतीय Traditional medicines के सेंटर, पंचकर्म-आयुर्वेद सेंटरों की लोकप्रियता निरंतर बढ़ रही है। हाल के वर्षों में Holistic Healthcare के प्रति दुनिया भर में आकर्षण बढ़ा है। आपके लिए भी पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धतियों का Ambassador बनने का ये बेहतरीन अवसर है।

साथियों,

वैसे, ये भी एक संयोग ही है कुछ दिन पूर्व ही मुझे नेपाल के जनकपुर में मां जानकी का आशीर्वाद लेने का अवसर मिला था। और अब में यहां इंडोनेशिया में हूँ, जहां पर रामकथा को एक नयी भूमि और नये परिवेश मिले। ये अपने आप में इंडोनेशिया की विशेषता है कि यहां रामायण का मंचन करने वाले कलाकार मुस्लिम हैं। आज कुछ समय पहले राष्ट्रपति विडोडो और मैंने पतंगों की एक प्रदर्शनी देखी। यह देख कर बहुत ख़ुशी हुई की रामायण और महाभारत जैसी कथाओं और परम्पराओं को इंडोनेशिया के सामान्य जनजीवन में आज भी विशेष स्थान प्राप्त है।आस्था और संस्कृति किस प्रकार साथ-साथ पल्लवित और पोषित होते है, उसकी ये बहुत बड़ी मिसाल है।

साथियों,

पिछली सदी में जब हम दोनों देश आज़ाद हुए तब से ही हम वैश्विक और क्षेत्रीय स्तर पर एक दूसरे के साथ सहयोग कर रहे हैं। बीते चार वर्षों से हमारे संबंधों में और प्रगाढ़ता आई है। आज भारत और इंडोनेशिया के बीच संबंध नई ऊंचाई पर हैं। राजनयिक हो, स्ट्रैटेजिक या फिर आर्थिक सहयोग, भारत और इंडोनेशिया साथ मिलकर चुनौतियों का मुकाबला कर रहे हैं, अवसरों का उपयोग कर रहे हैं। आज भारत और इंडोनेशिया ने अपनी स्ट्रैटेजिक साझेदारी को एक अलग स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया है। राष्ट्रपति विडोडो और मैंने आज इसे एक कदम और आगे बढ़ाकर ‘काम्प्रिहेन्सिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा दिया है। हमारी सेनाओं के बीच सम्मिलित अभ्यास हो रहे हैं। सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी हमारे बीच तालमेल बढ़ रहा है। आज इंडोनेशिया ASEAN देशों में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। आज हमारा व्यापार 18 अरब डॉलर से अधिक तक पहुंच चुका है।

साथियों,

भारत और इंडोनेशिया के बीच मजबूत संबंधों का एक और आधार है हमारे लोग । यानि आप सब। हमारे यहां एक बहुत बड़ी आबादी ऐसी है जो 35 वर्ष से कम उम्र की है। इनकी ऊर्जा को सही दिशा और प्रोत्साहन देने का प्रयास बीते चार वर्षों से भारत में हमारी सरकार ने किया है। इसीलिए, मेरी सरकार के काम करने की स्पीड तेज़ है और scale बहुत व्यापक है। देश के लोगों की आशाओं-अपेक्षाओं के अनुरूप हमने Good Governance पर बल दिया है, Minimum Government, Maximum Governance पर बल दिया है। हम Citizen-First के मंत्र को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। सरकार बहुत ग्राउंड लेवल पर जाकर बड़े प्रशासनिक, वित्तीय और कानूनी कदम उठा रही है।हमारी सरकार के लिए Corruption Free, Citizen-Centric और Development Friendly Ecosystem सबसे बड़ी प्राथमिकता है। पासपोर्ट के लिए अब भारत में महीनों या हफ्तों का इंतजार नहीं करना पड़ता, दो से तीन दिन में पासपोर्ट लोगों के घर पहुंच जाता है। इंडोनेशिया समेत 163 देशों के लोगों को e-Visa की सुविधा दी गई है। e-Visa पर भारत आने वाले टूरिस्टों की संख्या में करीब-करीब 150 प्रतिशत की बढोतरी हुई है।बीते वर्षों में भारत में 1400 से ज्यादा पुराने कानून खत्म किए जा चुके हैं। Goods and Service Tax - GST ने भारत को एक बेहतर Tax Compliance सिस्टम, बेहतर Revenue सिस्टम दिया है।

साथियों,

हम देश के नागरिकों के लिए Ease of Living और देश के लिए Modern Infrastuructureके Unique Combination पर काम कर रहे हैं। हम भारत में एक ऐसे सिस्टम का निर्माण कर रहे हैं जो ना सिर्फ Transparent हो बल्कि Sensitive भी हो।

रेलवे लाइनों को ब्रॉड गेज में बदलने की रफ्तार दोगुनी हो गई है।
रेल लाइनों का बिजलीकरण तीन गुनी रफ्तार से हो रहा है।
गांवों में सड़कें और नेशनल हाइवेज मेरी सरकार दोगुनी रफ्तार से बना रही है।
पहले जिस स्पीड से पावर ट्रांसमिशन लाइन बिछाई जा रही थी, आज यही काम उससे दोगुनी रफ्तार से हो रहा है।
पहले सिर्फ 59 गांव पंचायतों के मुकाबले हमने 1 लाख 10 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ दिया है।
पहले सिर्फ 28 सरकारी योजनाओं के मुकाबले अब 400 से ज्यादा योजनाओं का पैसा लोगों को सीधे बैंक खाते में मिल रहा है।
यहां तक की जो LED बल्ब पहले साढ़े तीन सौ रुपए में मिला करता था, वो भी अब 40-50 रुपए में मिलने लगा है।
पहले जहां भारत में सिर्फ 2 मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियां थीं, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 120 हो गई है। भारत में बन रहे मोबाइल ने Import करने का खर्च भी घटाकर आधा कर दिया है।

भारत में आज बड़ी संख्या में नए इंजीनियरिंग कॉलेज खुल रहे हैं, मैनेजमेंट कॉलेज, मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। सिर्फ पिछले ढाई साल में भारत में 9 हजार से ज्यादा स्टार्ट अप रजिस्टर किए गए हैं। दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा Start-up ecosystem भारत में बना है।आज दुनिया भर में भारत के पासपोर्ट की ताकत बढ़ी है। दुनिया की शक्तिशाली व्यवस्थाओं का भारत हिस्सा बना है। भारत Solar Energy को मानव कल्याण के हित में ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने के लिए International Solar Alliance की अगुवाई करने वाले देशों में से एक है। हमारी सरकार भारत को 21वीं सदी की आवश्यकताओं- आशाओं-अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार करने का काम कर रही है। आज भारत न्यू इंडिया के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। हमें न्यू इंडिया बनाना है 2022 तक, जब स्वतंत्र भारत 75 वर्ष का होगा।

साथियों,

यहां इंडोनेशिया में सुख-दुख में एक दूसरे का साथ देने की परंपरा और वसुधैव कुंटुबकम के मंत्र पर आप अडिग हैं। मुझे बताया गया है कि हाल में बाली में जो ज्वालामुखी का हादसा हुआ, उसमें फंसे हज़ारों भारतीय पर्यटकों को बाली और सूराबाया के लोगों ने न सिर्फ बचाया बल्कि उन्हें स्वदेश भेजने का प्रबंध भी किया। इस मानवीय व्यव्हार के लिए मैं आपकी दिल से प्रशंसा करता हूँ। और आपको धन्यवाद भी देता हूँ।मानवीय मूल्यों का यही संरक्षण भारत की विरासत का अभिन्न अंग रहा है। हम इसे भारत में भी उतने ही गौरव के साथ जी रहे हैं। चाहे नेपाल में भूकंप हो या श्रीलंका में बाढ़ की आपदा, भारत की पहचान संकट के समय सबसे पहले उपस्थित रहने वाला देश के तौर पर बन रही है। संकट में फंसे 90,000 भारतीयों को एनडीए सरकार के दौरान सुरक्षित वापस लाया गया है।

साथियों,

India और Indonesia सिर्फ नाम से ही मिलते जुलते नहीं हैं। यह तालमेल सिर्फ तुक यानि Rhyme का ही नहीं, ताल यानि Rhythm का भी है। यह तालमेल हमारी संस्कृति का है, हमारी परंपराओं का है। हमारी आस्था का है, व्यवस्था का है। लोक संपर्क का है, लोकतंत्र का है।

भाइयों और बहनों,

भारत और इंडोनेशिया सांस्कृतिक बंधन से बंधे हुए हैं। हमारे बहुत पुराने संबंध हैं। लेकिन आज हम सभी के सामने ये भी सवाल है कि क्या ये पुरातत्व का ही विषय रहेगा? हमारी आने वाली पीढ़ियां, भविष्य में हमारा People to People Contacts और कैसे बढ़े, कैसे मजबूत हो, जीवंत रहे, इस पर भी हमें मिलकर काम करना होगा।आप में अनेक ऐसे होंगे जो कभी भारत नहीं गए। ऐसे भी कई लोग होंगे जिनका काफी सालों से स्वदेश जाना नहीं हुआ होगा। मेरा आपसे आग्रह है कि, एक बार अपने दोस्तों के साथ भारत ज़रूर आएं। भारत में किस प्रकार बदलाव आ रहा है ये आप अनुभव कर पाएंगे। मैं आपको बताना चाहता हूँ कि इंडोनेशिया के नागरिकों को 30 दिन के लिए भारत यात्रा के निशुल्क वीसा की व्यवस्था की जा रही है।अगले कुछ महीनों में एक बड़ा अवसर आपका इंतज़ार कर रहा है। अगले वर्ष जनवरी में उत्तर प्रदेश के प्रयाग में कुंभ का आयोजन होने वाला है। आस्था का ये मेला आपके लिए एक नया अनुभव होगा। यहां आपको अपने भारत की समृद्ध आध्यात्मिकता का दर्शन तो होगा ही, New India की झांकी भी मिलेगी। आपको मैं New India में बन रहे नए अवसरों से जुड़ने का आमंत्रण देता हूं। आप आइए और बदले माहौल का लाभ भी उठाइए। तथा उसे और बदलने में अपना योगदान भी कीजिये।

आपने मुझे यहां इतना मान दिया, सम्मान दिया, इसके लिए फिर एक बार आपका और इंडोनेशिया की सरकार को यहां के प्रशासन को मैं बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं।

तेरीमा कासिह कालियान तलह बर-अदा दी सिनी (यहां आने के लिए आप सब का बहुत बहुत धन्यवाद)
सलामत रमादान !

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प्रधानमंत्री ने नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की
June 11, 2026
विकसित भारत की परिकल्पना प्रत्येक राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के 70 करोड़ युवाओं को देश की संपत्ति बताया और राज्यों से इस जनसांख्यिकीय लाभांश को विकास लाभांश में बदलने का आग्रह किया
प्रधानमंत्री ने राज्यों को युवाओं और एमएसएमई के लिए अवसर पैदा करने तथा उन देशों से सक्रिय रूप से निवेश आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहित किया जिनके साथ भारत ने मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं
राज्यों को एक ज़िला एक उत्पाद को मजबूत करना चाहिए और रक्षा विनिर्माण में अवसरों का लाभ उठाना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए और लोगों को भविष्य के लिए तैयार कौशल से सुसज्जित किया जाना चाहिए
प्रधानमंत्री ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का सामना करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता का उल्लेख किया
प्रधानमंत्री मोदी ने अल नीनो से उत्पन्न चिंताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आग्रह किया
मुख्यमंत्री/उप राज्यपाल/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को कार्यालय में 12 वर्ष पूरे करने पर बधाई दी
राज्यों ने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और भारत की क्षमता को मजबूत करने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की
सभी राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों ने बैठक में भाग लिया; पहली बार सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इसमें भाग लिया
बैठक का विषय : विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। इस वर्ष बैठक का विषय विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास था। इसमें 28 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों ने भाग लिया। यह पहला अवसर था जब सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में भाग लिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में जब कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं अनिश्चितता और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही हैं, भारत की विकास गाथा दुनिया को प्रेरित करती रहती है। उन्होंने आत्मनिर्भरता के प्रति राष्ट्र के संकल्प को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में विशेष रूप से वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने और लागू करने के महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने सहकारी संघवाद के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विकसित भारत की परिकल्पना हर राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने भारत की जनसांख्यिकीय शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश के युवा इसकी सबसे बड़ी संपत्ति हैं, जिसमें लगभग 70 करोड़ भारतीय 25 वर्ष से कम आयु के हैं। इसे जनसांख्यिकीय लाभांश बताते हुए उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे इसे शिक्षा, कौशल विकास और क्षमता निर्माण की पहल के माध्यम से विकास लाभांश में बदलने पर ध्यान केंद्रित करें जो युवाओं को भविष्य के अवसरों और चुनौतियों के लिए तैयार करे।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में कई देशों के साथ हुए भारत के मुक्त व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए राज्यों को युवाओं और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए अवसर पैदा करने और हितधारकों को इन समझौतों से होने वाले फायदों का प्रभावी ढंग से लाभ उठाने के लिए तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने राज्यों से सक्रिय रूप से सहयोगी देशों से निवेश आकर्षित करने का भी आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने महिला नेतृत्व वाले विकास पर बल देते हुए, राज्यों से लखपति दीदी की संख्या 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया और नारी शक्ति के लिए सुरक्षित तथा संरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने राज्यों से एक ज़िला एक उत्पाद (ओडीओपी) पहल पर ध्यान केंद्रित करने और इसके आसपास निर्यात के अनुकूल रणनीतियों को विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने रक्षा विनिर्माण का एक उभरते क्षेत्र के रूप में उल्लेख किया जहां भारत एक विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। श्री मोदी ने राज्यों को इसके विकास से उत्पन्न अवसरों का लाभ उठाने के लिए नीतियां तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रधानमंत्री ने निवारक उपायों, जागरूकता अभियानों और प्रभावी शासन के माध्यम से नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने अल नीनो की स्थिति से उत्पन्न चिंताओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा प्राकृतिक और जैविक खेती की प्रथाओं को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चालू खरीफ सीजन के दौरान किसानों द्वारा 11 लाख टन जैविक खाद की खरीद टिकाऊ कृषि में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री ने जिला स्तर पर प्रगति का मूल्यांकन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। श्री मोदी ने विशेष रूप से आकांक्षी जिला मानकों के माध्यम से सुझाव दिया कि इसी तरह कृषि के क्षेत्र में 100 जिलों की पहचान की जानी चाहिए ताकि सकारात्मक परिणाम लाए जा सकें। उन्होंने राज्यों से इस प्रयास में आगे आने का आग्रह किया ताकि महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण के माध्यम से एक अभूतपूर्व परिवर्तन हासिल किया जा सके।

प्रधानमंत्री ने विकसित भारत@2047 की परिकल्पना साकार करने के लिए एक निगरानी ढांचे और लक्षित 100-दिवसीय तथा पांच-वर्षीय लक्ष्यों की आवश्यकता पर बल दिया।

निवेश आकर्षित करने के लिए सुशासन, पारदर्शिता और बुनियादी ढांचे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने राज्यों से ब्रांडिंग, कारोबार करने में आसानी और डेटा केंद्रों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में उभरते अवसरों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। श्री मोदी ने भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक कौशल से लोगों को सुसज्जित करने के लिए अधिक प्रयासों का आह्वान किया।

मुख्यमंत्रियों/उपराज्यपालों/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके कार्यालय में 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर बधाई दी। उन्होंने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और ऊर्जा आवश्यकताओं के संबंध में भारत की क्षमता को मजबूत करने और इसकी विकास गति को बनाए रखने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि चर्चा रचनात्मक रही और यह राज्यों की आकांक्षाओं, आशाओं, अनुभवों, सर्वोत्तम प्रथाओं तथा चुनौतियों को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने बैठक में भाग लेने के लिए सभी मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भरोसा जताया कि सहयोग, नवाचार और विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता के माध्यम से भारत वर्ष 2047 तक विकसित भारत की ओर अपनी यात्रा को गति दे सकता है।