Text of PM's remarks at launch of Social Security Schemes

Published By : Admin | May 9, 2015 | 22:12 IST
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उपस्थित सभी महानुभाव,

यह कार्यक्रम कलकत्ता के एक सभागृह में हो रहा है, लेकिन देश के 115 स्था नों पर simultaneous यह कार्यक्रम चल रहा है। उस कार्यक्रम में उपस्थित भी सभी महानुभाव को मैं अपना प्रणाम करता हूं।

आज पूज्य। गुरूदेव रविंद्रनाथ टैगोर की जन्म जयंती का पावन पर्व है। बंगाल का स्म>रण करते हुए हर एक हिंदुस्ताटनी का सिर ऊंचा हो जाता है, आंखों में चमक आ जाती है, सीना चौड़ा हो जाता है। भारत के ऐतिहासिक जीवन की अनेक घटनाएं हैं, जिसकी प्रेरणा इस धरती से मिली। अगर परिवर्तन का कहीं प्रारंभ हुआ तो इसी धरती से हुआ। और गोखले जी कहा करते थे कि बंगाल जो आज सोचता है, हिंदुस्ताीन बाद में वही सोचता है।

और यह धरती एक समय था जब हिंदुस्ता्न की आर्थिक विकास की पूरी बागडोर उसके हाथ में थी। भारत की आर्थिक गतिविधि बंगाल से केंद्रित होती थी। इस धरती की विशेषता रही है कि मां दुर्गा की पूजा में तो लीन रहते हैं। लेकिन इसे सरस्वषती का भी आर्शीवाद है और साथ-साथ लक्ष्मी का भी आशीर्वाद है। और जहां सरस्वाती और लक्ष्मीm दोनों को आशीर्वाद मिले हो ऐसी यह धरती रही है। औद्योगिक जगत में भी manufacturing sector की बात करें, यही धरती है जिसने बहुत बड़ा योगदान किया है।

और अभी आदरणीय मुख्यजमंत्री जी अपने भाषण में उल्ले ख कर रहीं थी कि गांवों में बैंक भी नहीं है। 60 साल का हिसाब है यह। उनकी पीड़ा बहुत स्वालभाविक है, मैं भी उसमें अपना स्वनर जोड़ता हूं। लेकिन उन्हों ने यह बात मेरे सामने रखी, क्योंतकि उनको भरोसा है, अगर करेगा तो यही करेगा। आप कल्पूना कर सकते हैं कि देश में गरीबों के लिए बैंकों का राष्ट्री यकरण किया गया था। लेकिन इस देश के गरीब को कभी हमें बैंकों में देखने का अवसर नहीं मिला था।

आज भी यह जो स्कीाम लेकर के हम आए हैं, 80 से 90 Percent इस देश के लोग हैं, जिनको कोई insurance नहीं है, जिनको कोई पेंशन की संभावना नहीं है। सवा सौ करोड़ का देश, 80-90 प्रतिशत जनसंख्या, इन सामान्य आवश्यकताओं की पूर्ति उसके भाग्य में न लिखी हो तो कितनी पीड़ा होती है। और ये सारी योजनाएं जन्म ले रही हैं, आ रही हैं, वो गरीबों के प्रति हमारे दायित्व में से एक है, गरीबों के प्रति संवेदना में से एक है। और हम विकास कितना ही करें, नई ऊंचाइयों को कितना ही पाएं, प्राप्त करें। लेकिन अगर इसके सुफल गरीबों की झोंपड़ी तक नहीं पहुंचते हैं तो विकास अधूरा है। और इसलिए एक तरफ हम विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए सारी दुनिया को झकझोर रहे हैं, Make in India के लिए प्रेरित कर रहे हैं तो दूसरी तरफ गरीब से गरीब का बैंक का खाता खुले इसके लिए दिन-रात कोशिश करते हैं। और मुझे खुशी है कि जब प्रधानमंत्री जन-धन योजना हम लेकर के हम आए, 15 अगस्त को मैंने घोषित किया, 26 जनवरी तक पूरा करने की कल्पना थी, लेकिन देश के बैंकों में काम करने वाले सभी मित्रों ने इतनी मदद की, एक ऐसा जनांदोलन बन गया। 15 करोड़ नए खाते खोल दिए और आज देश में करीब-करीब 95 percent से ज्यादा लोग अर्थव्यवस्था की जो मुख्यधारा होती है Banking Sector उससे जुड़ गए हैं। जो कभी आधे भी नहीं थे।

ये काम सौ-सवा सौ दिन में पूरा कर दिया गया। और मैंने गरीबों को कहा था कि ये देश आपके लिए हैं, सरकार आपके लिए हैं, बैंक आपके लिए हैं। आपको एक पैसा देना नहीं है, बैंक का खाता खोलना है, Zero balance से। लेकिन गरीबों में अमीरी बहुत होती है। अमीरों की गरीबी की चर्चा करने की तो हिम्मत लोगों में कम होती है, लेकिन गरीबों की अमीरी की चर्चा मैं आज करना चाहता हूं। हमने तो कहा था Zero balance से खाते खोल देंगे। लेकिन मैं आज उन गरीबों को सलाम करता हूं कि उन्होंने मन में सोचा कि ये तो अच्छा नहीं है, ये तो हमें शोभा नहीं देता है। और मैं आज गर्व से कहता हूं कि ये जो 15 करोड़ बैंक खाते खुले उसमें 15 हजार 800 करोड़ रुपए राशि गरीबों ने जमा कर दी।

इस देश के गरीबों की अमीरी की ताकत देखिए। और तब जाकर के मन करता है, इन गरीबों के लिए कुछ करते रहना चाहिए। और मेरा ये विश्वास है, गरीबों को सहारा नहीं चाहिए। हमें हमारी सोच बदलनी होगी, हमारे कार्यकलाप बदलने होंगे, हमारे तौर-तरीके बदलने होंगे। गरीबों को सहारा नहीं चाहिए, गरीबों को शक्ति चाहिए। अगर उसको शक्ति मिलेगी तो गरीब गरीबी के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है और गरीबी से मुक्ति का आनंद लेने के लिए वो पूरी शक्ति लगाने के लिए तैयार है, उसे शक्ति देने की आवश्यकता है।

और आज जब गुरुदेव रविंद्र नाथ जी की जन्म जयंती की अवसर पर मैं बोल रहा हूं तब गुरुदेव ने 1906 में आत्मत्राण इस कविता में जो लिखा था, मैं समझता हूं 1906 की वो बात आज 2015 में भी हमें लागू हो रही है। गुरुदेव ने कहा था “It is not my prayer that you will save me from difficulties, give me the strength to overcome the difficulty. do not take away my burden or console me, give me the capacity to bear my burden” - यह बात गुरूदेव जी ने कही थी। और आज हमारा संकल्पe है उस आदेश का पालन करना जो गुरूदेव ने दिया है। और उसी में से यह योजना और कलकत्तेi की धरती पर हो रहा है। क्योंिकि मुझे विश्वांस है, जो चीज इस धरती से प्रारंभ होती है वो फिर आगे बढ़ती ही बढ़ती जाती है, परिणाम मिलता ही मिलता है। और रविंद्रनाथ जी के गुरूदेव की जन्मढ जंयती पर कोई चीज प्रारंभ होती हो और उन्होंंने जो भावना व्यिक्त की थी उसी की अभिव्य क्ति होती हो तो मुझे विश्वारस है गुरूदेव के आशीर्वाद इस योजना को सफल बनाएंगे और देश के गरीबों एक नई शक्ति प्राप्ति करने का अवसर प्रतिपादित होगा। यह मेरा पूरा विश्वारस है।

हमने जब प्रधानमंत्री जनधन योजना शुरू की तब कई लोगों को लग रहा था कि क्या् होगा, कैसे होगा लेकिन आज अनुभव यह आ रहा है कि गरीबों के लिए एक के बाद एक योजनाएं - एक बार बैंक खाता खुल गया, तो हम बात वहां रोकना नहीं चाहते। वो तो हमारा foundation था हम एक के बाद एक हमारी बातें unfold करते चले जा रहे हैं। हमने कहा आपको हैरानी होगी, इस देश में कुछ लोगों को सरकारी पेंशन मिलता है करीब 35 लाख लोग, करीब-करीब 35 लाख लोग और कितना पेंशन मिलता था? किसी को सात रुपया, किसी को 20 रुपया, किसी को सवा सौ, किसी को ढ़ाई सौ। बेचारे को पेंशन लेने के लिए जाना है इस उम्र में ऑटो रिक्शास में जाए या बस में जाए तो पेंशन से ज्याकदा खर्चा उसका बस में जाने से होता था। लेकिन यह चल रहा था। हमने आकर तय किया कि जिसको भी पेंशन मिलता है एक हजार से कम किसी को नहीं होगा। और हमने देना प्रारंभ कर दिया है। क्यों ? गरीब सम्माान से जीए, उसे शक्ति चाहिए। वो शक्ति देना का प्रयास उसको हमने आगे बढ़ाया।

हमारे देश में कभी-कभी लोगों को लगता है कि ये जो बहुत बड़े-बड़े औद्योगिक घराने हैं न वो देश में बहुत बड़ी आर्थिक क्रांति करते हैं। यह बहुत बड़ा भ्रम है। उनका योगदान है लेकिन बहुत सीमित है। देश के अर्थतंत्र को कौन चलाता है? जो छोटा-सा कारोबार करने वाला व्योक्ति है, चौराहे पर खड़े रहकर के सब्जीह बेचता है, धोबी की दुकान चलाता है, biscuit बेचता है, चाय-पान का गल्लाह चलाता है, कपड़े बेचता है, readymade garment बेचता है। छोटे-छोटे लोग! हिंदुस्ताान में करीब साढ़े पांच करोड़ से ज्याेदा ये लोग देश को अर्थतंत्र को गति देते हैं। और बड़े-बड़े औद्योगिक घराने बहुत कम लोगों को रोजगार देते हैं, यह पांच-साढ़े पांच करोड़ जो छोटे काम करने वाले लोग हैं, वे करीब 14 करोड़ लोगों को रोजगार देते हैं, आप कल्पोना कर सकते हैं यानि 14 करोड़ परिवारों का पेट भरने का काम इनके द्वारा होता है। और उनकी Total संपदा जो है इतने सारे लोगों की बहुत ज्या दा नहीं है। कोई 11-12 लाख करोड़ रुपया है। और वो जो पैसा उनको चाहिए interest से, बाजार से - कोई बैंक वाला उनको पैसा नहीं देता है, व्याोपारी बड़े छोटे हैं। इन सबका average जो कर्ज है वो seventeen thousand rupees है, average अगर निकाली जाए तो seventeen thousand. उनको साहूकारों से पैसा लेना पड़ता है। उस प्रकार की कंपनियों के वहां जाना पड़ता है पैसा लेने के लिए कि जिसमें उनका खून चूस लिया जाता है। हम गरीबों की भलाई के लिए काम करने वाली सरकार होने के कारण हम एक मुद्रा बैंक का Concept इस बजट में लाए हैं और बजट में लाए इतना ही नहीं अभी तो बजट सत्र चल रहा है, वो मुद्रा बैंक का काम आरंभ हो गया। और उसके अंतर्गत ये जो साढ़े पांच करोड़ सामान्य लोग हैं, जिनको 5 हजार, 10 हजार रुपया भी मिल जाए तो बहुत तेजी से अपने काम को बढ़ा सकते हैं। उनको बैंक loan देने के लिए एक बहुत बड़ा अभियान हमने चलाया है। उनको पैसे मिलने चाहिए, सरकार सामने से जाकर के पूछ रही है कि बताओ भाई तुम्हारे आगे बढ़ने की कोई योजना है क्या? गरीबों के लिए काम करना है, एक के बाद एक कैसे काम होते हैं।

उसी प्रकार से हमारे यहां, हम Corruption के खिलाफ भी बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं, एक ऐसी क्रांति ला रहे हैं जो इस प्रकार के Leakages को अपने आप ताले लग जाएंगे। हमारे यहां गैस सिलिंडर लेने वाले को सब्सिडी मिलती है। अमीर हो, गरीब हो सबको सब्सिडी मिलती है। हमने तय किया कि सब्सिडी Direct बैंक के खाते में जाएगी। जन-धन account खोल दिए, और उस बैंक के खाते में जिसके पास गैस सिलिंडर, Direct सब्सिडी जाएगी, ये दुनिया का सबसे बड़ा विक्रम है कि करीब 12 करोड़ से ज्यादा लोगों के खाते में भारत सरकार सीधी-सीधी गैस सिलिंडर की सब्सिडी देती है। और उसके कारण पहले किसी न किसी नाम से सब्सिडी जाती थी वो सारा बंद हो गया, पहले की तुलना में बहुत बड़ा फर्क आया है। आकंड़ा में बोलना नहीं चाहता हूं इसलिए क्योंकि मैं चाहता हूं कुछ खोज करने वाले लोग इसको खोजें, आप कल्पना नहीं कर सकते हैं अरबों-खरबों रुपयों का leakage था, अरबों-खरबों रुपयों का, जो हमने रोक दिया।

जन-धन account खुलते ही उसको follow-up में किस प्रकार से काम होता है, इसके ये उदाहरण है। और आज तीन नई योजनाएं हैं। हमारे देश, हम जब मुद्रा बैंक लाए तो हमने कहा था “Funding the Unfunded” जिनको Fund नहीं मिलता है, जिनके पैसे नहीं मिलते हैं, उनको Fund देंगे। जब हम जन-धन योजना लेकर के आए तो हमने कहा था, जिसको Banking की व्यवस्था नहीं है, उसको Banking की व्यवस्था, जिसका खाता नहीं, उसका खाता खोलेंगे और आज हम आए हैं कि जिसको सुरक्षा का कवच नहीं है, उसको हम सुरक्षा का कवच देंगे।

एक योजना है प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना - अभी फिल्म में हमने देखा, बड़ा चोट पहुंचाने वाला dialogue था कि 12 रुपए में कफन भी नहीं मिलता है। 12 रुपए में दो लाख रुपए की Insurance scheme हम लेकर के आए हैं, क्योंकि हम चाहते हैं कि देश के सामान्य व्यक्ति के जीवन में - क्योंकि संकट अमीर को नहीं आता है, संकट गरीब को आता है, फुटपाथ पर सोता है, बेचारे को मरना पड़ता है, साईकिल लेकर जाता है, मर जाता है, बच्चा स्कूल जाता है, बस के नीचे आता है, मरता है - उनकी सुरक्षा कौन करेगा? और इसलिए एक जागरुकता आए, भागीदारी बने और जैसे रविंद्रनाथ जी टेगौर ने हमें आदेश दिया है, गुरुदेव का आदेश है, उसको शक्ति दो - ये शक्ति देने का प्रयास है।

2 लाख रुपए का Insurance, अगर Injury हो गई, तो दो लाख रुपया भी मिल सकता है, एक लाख रुपया भी मिल सकता है। आप भी सोचिए, आपके यहां ड्राइवर होगा, आपके यहां झाड़ू-पोंछा करने वाले, कोई बाई काम करती होगी, खाना पकाने वाला कोई काम करता होगा। क्या आपको नहीं लगता है कि 12 रुपया खुद आपकी जेब से देकर के, उसको सुरक्षा का बीमा नहीं निकाल सकते आप? मैं इस देश के उन करोड़ों लोगों से आज प्रार्थना करना चाहता हूं कि आप अपनी जेब से, अपने यहां जो काम करने वाले लोग हैं, आपका ड्राइवर है, वो आपकी Society का lift man हो, गरीब लोग जिसके साथ आपका नेता, आपके मोहल्ले में झाडू लगाने आता है। आप उसे कहिए मेरे लिए 12 रुपये कुछ नहीं है। शाम को कभी कॉफी पीने जाता हूं तो 12 रुपये से ज्या दा खर्च करके आ जाता हूं। मैं तेरे लिए खर्च करूंगा। और अगर एक किस्तै बैंक में जमा कर दी और बैंक वालों को कह दिया कि ब्या ज उसका काटते रहिए, मुझे बताइये कि उसके जीवन को कितनी बड़ी सुरक्षा मिलेगी। और वो कभी आपको छोड़कर के जाएगा क्याउ? कभी नहीं जाएगा।

उसी प्रकार से प्रधानमंत्री जीवन ज्योोति बीमा योजना - पहले वाला जो 12 रुपये वाली स्की म में है Natural Calamity में भी अगर किसी के मृत्युन होती है तब भी उसको benefit मिलेगा। अगर आज ऐसी स्की म नेपाल में हुई होती, तो नेपाल में जो हादसा हुआ उसने परिवारजनों को सबको मदद मिल जाती। और Natural Calamity हमारे हाथ में नहीं होती है। उसी प्रकार से प्रधानमंत्री जीवन ज्योीति बीमा योजना 18 से 50 साल के उम्र के लोगों की है। आमतौर पर आपको मालूम है आप insurance निकालने जाए तो पता नहीं कितने डॉक्टेर आपको check करते हैं, कितना Medical checkup होता है - और वो तय करते हैं कि इनको दें या न दें। पता नहीं यह लुढ़क जाएगा तो। यह स्की म ऐसी है आपको सिर्फ form भरना है। अगर आप बीमार भी होंगे तो भी इसको बीमा मिल सकता है। पहली बार इस प्रकार की सोच के साथ हम आए हैं। गरीब से गरीब व्यीक्ति भी और per day एक रुपये से ज्यासदा नहीं है। 330 रुपये एक दिन का एक रुपया। अगर आप अपने ही employee को, even house wife भी अपना insurance निकाल सकती है। आप अपने छोटे-मोटे काम करने वाले अपने घर के साथ दुकान में काम करने वाले लोग, उनसे भी यह करवा सकते हैं। आप विचार कीजिए 330 रुपया एक व्यमक्ति के लिए साल में खर्च करना, न उनके लिए कोई कठिन है, न उनके लिए कोई करे तो भी कठिन नहीं है। लेकिन एक समाज को सुरक्षा देने का एक बहुत बड़ा काम हो सकता है।

तीसरी हमारी योजना आज जिसका हम प्रांरभ कर रहे हैं - अटल पेंशन योजना। आप देखिए कि हिंदुस्तापन में 10-15% लोगों को ही यह नसीब होता है पेंशन। बाकी सबके लिए बुढ़ापा कहां बिताएंगे चिंता का विषय है, कैसे बिताएंगे चिंता का विषय है। हमारे 60 साल से ऊपर के लोगों की जिंदगी कैसी हो? यह योजना ऐसी है जिसको वोट से लेना-देना नहीं है, क्योंीकि यह योजना का लाभ जब वो 60 साल का होगा, तब शुरू होगा। और अभी तो लगेगा हां यार योजना में जोड़ गया, लेकिन जब लाभ मिलना शुरू होगा न तब उसको रविंद्रनाथ टैगोर की याद आएगी, तब यह कोलकाता के कार्यक्रम की याद आएगी - और तब यह प्रसंग याद आएगा कि हां यार उस दिन यह हुआ था। अब बुढ़ापे में बच्चेद तो नहीं देख रहे, लेकिन यह मोदी जी कुछ करके गए थे यार, कुछ काम आ गया। सामान्यच रहते राजनेता उन योजनाओं को लाते हैं जिसके कारण अगले चुनाव में फायदा हो जाए। लेकिन मैं राजनेता नहीं हूं। मैं एक प्रधान सेवक के रूप में आया हूं। और इसलिए आज जो योजना लाया हूं उन नौजवानों के लिए हैं ताकि आप जब 60 साल के होंगे आपको कभी किसी के सहारे की जरूरत न पड़े। आपके भीतर की शक्ति हो, आपकी अपनी शक्ति हो। आप अपना गौरव के साथ बुढ़ापा भी बिता सको।

अगर आपकी आवश्य कता एक हजार रुपये की पेंशन की है तो उसकी स्की म है, दो हजार पेंशन चाहते हो तो उसकी स्कीयम है, तीन हजार पेंशन चाहते है तो उसकी स्की,म है, चार हजार चाहो तो उसकी स्की म है, पांच हजार चाहो तो उसकी स्कीचम है। और जून महीने से मई महीने तक उसका tenure है, उसमें जुड़ने का। बचत आपको करनी है, लेकिन यह पहली बार ऐसी पेंशन स्कीसम है कि सरकार उसमें गांरटी देती है और आपके पैसे कम पड़ गए तो पैसे भरने का जिम्मास सरकार लेती है। अगर आपको उसका रिटर्न कम मिलेगा तो उसकी जिम्मेावारी सरकार लेती है। और उसके कारण, सामान्य गृहणी भी ये अटल पेंशुं योजना के साथ जुड़ सकती है। किसान - कभी किसान ने सोचा है कि मेरे लिए पेंशन हो सकता है? इस योजना के साथ अगर आज 18 से 40 की उम्र का किसान का बेटा जुड़ा जाता है तो वो जब 60 साल का होगा, अपने आप उसका पेंशन आना शुरू हो जाएगी। एक सुरक्षा का माहौल बनेगा और उसी माहौल को बनाने के लिए सामान्य मानव के जीवन में... और खासकर के गरीब और निम्न, मध्यम वर्ग के लोग जो जीवन को एक संतोष के साथ जीना चाहते हैं, उनके लिए सरकार की योजनाएं होनी चाहिए।

और इसलिए वोट की राजनीति से हटकर के भी, समाज में अगर शक्ति पैदा करेंगे तो शक्तिशाली समाज स्वंय गरीबी के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए एक बहुत बड़ी सेना बनकर के खड़ा हो सकता है। और हमारी कोशिश ये है, हमें गरीबी के खिलाफ लड़ाई लड़ना है लेकिन उस लड़ाई लड़ने के लिए हमारे सिपाही, हम गरीबों को वो ताकत देना चाहते हैं, वो स्वंय इस गरीबी के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए हमारे सिपाही बनेंगे।

और इसलिए गरीबों के कल्याण के लिए आज इन तीन योजनाओं का आरंभ हो रहा है। मुझे विश्वास है कि देश के गरीब 115 स्थान पर इस कार्यक्रम को जो सुन रहे हैं। आज कार्यक्रम का आरंभ हो रहा है विधिवत रूप से, लेकिन हमने जब प्रधानमंत्री जन-धन योजना शुरू की थी तो एक हफ्ते पहले ट्रायल शुरू किया था कि भई देखो कैसे मामला गाड़ी चलती है। और तब हमारा अनुभव था प्रथम सप्ताह में जब हमने काम किया शुरू, नया था, लोगों को समझाना था। लेकिन एक सप्ताह के अंदर हम करीब 1 करोड़ लोगों के बैंक खाते खोलने में सफल हुए थे। वो भी अपने आप में एक बहुत बड़ा record था। इस बार भी हमने 1 मई से Trail basis पर काम शुरू किया था। बहुत बड़ा announcement नहीं किया था, ऐसे ही शुरू किया था। और आज मुझे गर्व के साथ कहना है कि इस 1 मई से शुरू किया हमने, इस 7 दिन के भीतर-भीतर 5 करोड़, 5 लाख लोगों ने enrolment करा दिया है।

ये अपने आप में सरकार की बातों पर भरोसा कितना है, स्वंय की सुरक्षा के लिए सामान्य मानव जुड़ने के लिए कितना आतुर है और हमारे banking sector के लोग भी सरकार के इस काम को करने के लिए कितने उमंग और उत्साह के साथ जुड़ रहे हैं, इसका ये जीता-जागता उदाहरण है। और मैं पश्चिम बंगाल को भी बधाई देता हूं, ये 5 करोड़, 5 लाख में, 42 लाख पश्चिम बंगाल में भी है, 42 lakhs. आने वाले दिनों में... क्योंकि 1 जून से योजना विधिवत रूप से प्रारंभ होने वाली है। अधिकतम लोगों से मेरा आग्रह है कि 1 जून के पहले इस योजना का लाभ लेने के लिए अपने निकट बैंकों का संपर्क करके, वो जुड़ें। और अटल पेंशन योजना में सरकार की तरफ से जो special incentive दिया जा रहा है, जिसमें सरकार आपको गारंटी दे रही है, सरकार कुछ न कुछ धन दे रही है, ये 31 December तक है। मैं चाहता हूं कि 31 December तक अटल पेंशन योजना में जो भारत सरकार का आपको योगदान मिल रहा है उसका फायदा उठाइए, जून महीने से कार्यक्रम प्रारंभ हो रहा है लेकिन इस बार हमने 30 अगस्त तक उसको लंबा किया है। तो मैं चाहूंगा कि 30 अगस्त के पहले इन तीन योजनाओं में सर्वाधिक लोग जुड़ें।

मुझे विश्वास है कि एक ऐसी सुरक्षा की व्यवस्था हम लेकर के आए हैं जो मूलतः गरीबों के लिए है, सामान्य मानव के लिए है और जो संपन्न लोग हैं, वे भी अपने यहां काम करने वाले लोगों के लिए इस काम में जुड़कर के अपने यहां काम करने वाले और कुछ तो परिवार ऐसे होते हैं दो-दो पीढ़ी तक एक परिवार उनके यहां काम करता है। ड्राइवर होंगे तो तीन पीढ़ी से ड्राइवर उनके यहीं काम करने वाले होंगे, एक प्रकार से वो परिवार के अंग बन जाते हैं। सरकार की ये योजना आपके माध्यम से गरीब की सेवा का एक कारण बन सकता है, आपके जीवन में भी संतोष का कारण बन सकता है। और आखिरकर ये धरती ऐसी है स्वामी विवेकानंद ने हमें दरिद्र नारायण की सेवा करने की प्रेरणा दी थी। ये धरती ऐसी है जहां से रामकिशन मिशन के द्वारा आज भी गरीबों के कितने सेवा के काम हो रहे हैं। हम भी उस संकल्प को लेकर के आगे बढ़ें, इस व्यवस्था का फायदा उठाएं, जन-धन की योजना को जन-कल्याण में परिवर्तित करें। इसी एक अपेक्षा के साथ मैं आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

धन्यवाद।

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ইচিল-ইনাওশিং,

জয়রামজীনা হায়বীখিবগী মতুং ইন্না নখোয়দা চাউখৎ-থৌরাংগী থৌশিলশিং অসি খুৎশিন্নরবা মতুংদা ঐহাক্না অতোপ্পা কলচরেল হেরিতেজ অমা উবা ফংজরগনি অমসুং চহি কয়াগী মতুংদা ঐহাক্না অমুক হন্না কূল্লু দসেরাদা শরুক য়াবগী খুদোংচাবা ফংজগনি। লাইরেম্বা-লাইরেম্বী কয়াগা লোয়ননা ভগৱাব রগুনাথজীগী খোঙচৎ অসিদা য়াওদুনা লৈবাক্কীদমক থৌনিজগনি। অমসুং ঙসি ঐহাক্না বিলাসপুরদা লাকপা মতমদা হৌখ্রবা মতম নীংশিংলকপা হায়বা অসি মহৌশানি। মতম অমদা ঐখোয়না মফম অসিদা খোঙনা চৎলমখি। করিগুম্বা মতমদা, ঐহাক, ধুমলজী, নদ্দাজীনা মসিদগী খোঙনা কৈথেল চৎলমখি। ঐখোয়না রথ য়াত্রাগী অচৌবা থৌরমগা লোয়ননা বিলাসপুরগী লম্বীশিং ফাওদুনা চৎখি। অমসুং স্বর্ন জয়েন্তী রথ য়াত্রানা মফম অসিদা ফাওদুনা চৎকি অমসুং মেন মার্কেৎতগী থোরকই অমসুং মফম অসিদা মীয়ামগী মীতিন অমা পাঙথোকখি। অমসুং কয়ারক হন্না ঐহাক্না মফম অসিদা লাকখি অমসুং ময়ামগী মরক্তা লৈখি।

হিমাচলগী লমদম অসিদা থবক তৌবা মতমদা ঐহাক্না হিমাচল চাউখৎ খোঙচৎকা লেপ্পা লৈতনা খোঙলোই ওইবগী খুদোংচাবা ফংজখি। অমসুং অনুরাগজীনা হৌনা হায়খিবা অদু ঐহাক্না তাজৈ, মসি মোদীজীনা তৌরম্বনি, মসি মোদীজীনা তৌরম্বনি, মসি মোদীজীনা তৌরম্বনি হায়খি। ঐখোয়গী নদ্দাজীনসু হায় মসি মোদীজীনা তৌরম্বনি, মসি মোদীজীনা তৌরম্বনি, মসি মোদীজীনা তৌরম্বনি অমসুং ঐখোয়গী মু্খ্য মন্ত্রীনসু হায়, মসি মোদীজীনা তৌরম্বনি, মসি মোদীজীনা তৌরম্বনি, মসি মোদীজীনা তৌরম্বনি। অদুবু ঐহাক্না অচুম্বা অদু হায়জগে, মসি কনানা তৌরম্বনো হায়বা অদু ঐহাক্না হায়য়ুরা? ওইরক্লিবা পুম্নমক অসি নখোয়না ওইহনবনি। মসি নখোয়না মরম ওইরগা ঙমহনবনি। করিগুম্বা নখোয়না দিল্লীদা লৈবা মোদীদা খক্তা থৌজাল পীনবীরগা হিমাচলদা লৈরইবা মোদীজীগী মপাংশিংবু থৌজাল পীনদবা তারবদি থবক পুম্নমক অসিদা অপনবশিং থোকলমগনি। মসি জয়রামজী অমসুং মহাক্কী তীমনা ঐহাক্না দিল্লীদগী পুরকপা থবক অসিবু খোঙজেল য়াইনা পাইখৎতুনা মসি ওইথোকপা ঙমহনখিবনি। অমসুং এম্স শারিবা অসি নখোয়গী ভোৎকী শক্তিননি, তন্নেল শারিবা অসি নখোয়গী ভোৎকী শক্তিননি, হাইদ্রো ইঞ্জিনীয়রিং কোলেজ শারিবা অসি নখোয়গী ভোৎকী শক্তিননি, মেদিকেল দিভাইস পার্ক শারিবা অসিসু নখোয়গী শক্তিননি। ভোৎ অমগী শক্তি অসি য়াম্না লৈ। অমসুং ঙসি হিমাচলগী অনীংবা-অপাম্বশিং অসি য়েংলগা অমগী মথংদা অমা চাউখৎ-থৌরাংগী থবক ঐহাক্না পাইখৎলি।

মতম শাংনা ঐখোয়না চাউখৎ-থৌরাংগা মরী লৈননা লৈবাক অসিদা খল কাইবা উবা ফংখি। মসি করি মরমগীনো? করিগুম্বা অফবা লম্বী লৈরবদি মদু অচৌবা সহর লৈবা রাজ্যশিংদা ওই, মদু দিল্লীগী অকোইবদা ওই। করিগুম্বা অফবা এজুকেস্নেল ইন্সতিত্যুত লৈরবদি মদু য়াম্না চাউবা সহরশিংদা ওই। অফবা হোস্পিতালশিং লৈরবদু মদু দিল্লীদা খক্তা ওই, মদুগী মপালদা লৈবা য়াদে। করিগুম্বা ইন্দস্ত্রীশিং অমসুং বিজিনেসশিং লিংখৎপা তারবদি মদু অচৌবা মফমশিংদা লিংখৎলি অমসুং মরু ওইনা লৈবাক অসিগী চীংগী মফমশিংদা তঙাই ফদবা খুদোংচাবশিং অসি অরোইবদা য়ৌরকই, চহি কয়া ঙাইরবা মতুংদা য়ৌরকই। মসিগী অরিবা ৱাখল্লোন অসিনা মরম ওইরগা লৈবাক অসিগী চাউখৎ খোঙচৎতা অকাইবা পীখি। মসিনা মরম ওইদুনা লৈবাক অসিগী অয়াম্বা শরুকশিং, মসিদা লৈরিবা মীয়াম্না খুদোংচাদবা কয়া থেংনদুনা লৈবা তাখি।

হৌখিবা চহি ৮দা লৈবাক অসিনা অনৌবা ৱাখল্লোন, মতমগা চুনবা ৱাখল্লোনগা লোয়ননা অরিবা ৱাখল্লোন তুংওইনরম্লগা মাংদা চংশিল্লি। য়েংবীয়ু হৌজিক মতম কয়াদগী ঐহাক্না মফম অসিদা লাকপদা মতমদা ঐহাক্না মফম অসিদা য়ুনিভর্সিতী অমা থম্বা পামদুনা লাকখি। অমসুং লায়েং নত্ত্রগা মেদিকেল এজুকেসনগী ওইরবসু আই.জি.এম.সি. শিমলা অমসুং তাতা মেদিকেল কোলেজকী মীপাল তাংদুনা লাকখি। অরুবা অনাবা লায়েংনবা নত্ত্রগা এজুকেসন নত্ত্রগা থবক্কী ওইরবসু হিমাচলগীদমক চান্দিগর অমসুং দিল্লীদা চৎপা তারমখি। অদুবু হৌখিবা চহি নিপান অসিদা ঐখোয়গী দবল ইঞ্জিন সরকারনা হিমাচলগী চাউখৎ খোঙচৎ অসি অনৌবা মায়োল অমদা পুরি। ঙসি হিমালচ প্রদেশতা ঙসিদি আই.আই.তি., আই.আই.এম. অমসুং আই.আই.আই.তি.গুম্বা সেন্ত্রেল য়ুনিভর্সিতীশিং লৈরে। লৈবাক অসিগী খ্বাইদগী চাউবা মেদিকেল এজুকেসন অমসুং হেল্থকী ইন্সতিত্যুত ওইরিবা এম্স অসিনা হৌজিক বিলাসপুর অমসুং হিমাচলগী মীয়ামগী চাউথোকচবা হেনগৎহল্লি।

বিলাসপুর এম্স অসি অতোপ্পা অহোংবা অমগী খুদমসু ওইরি অমসুং মসি এম্স মনুংদা লৈবা গ্রীন এম্সকীদমক্তসু খঙনরগনি, তশেংনা অকোইববু নুংশিজবা এম্স, মহৌশাবু নুংশিজবা এম্স ওইরগনি। হৌজিক্তা ঐখোয়গী মরুপ পুম্নমক্না হায়বীখি মদুদি মমাংগী সরকারশিংনা উরেপ-উয়ুং তম্বসু মীখল লোইখ্রবা মতুংদা কাওখিরম্মি। ঙসিসু ঐখোয়গী ধুমলজীনা উরেপ-উয়ুং তমখিবা মফমশিং থীদুনা থবক পাইখৎতবা মফমশিং য়েংশিনখি।

ঐহাক্না নীংশিংলি অমুখক ঐহাক্না রেলৱে য়েংশিবদা নখোয়গী উনাগী মনাক্তা রেলৱে লাইন অমা শেমগদবনি। মসিগী ৱারেপ অসি চহি ৩৫গী মমাংদা লৌখিবনি। পার্লিয়ামেন্তদা লাউথোকখ্রবসু ফাইল অদু শুখিদে। হিমাচলগী কনানা হংলক্কনি? অদুবু মহাক্তি হিমাচলগী মচানুপানি অমসুং হিমাচল কাউথোকপা ঙমলোই। অদুবু ঐখোয়গী সরকারনা উরেপ-উয়ুং তমখিবা প্রোজেক্ত অদুবু জাতিদা খুৎশিন্নবগী থবক তৌরি। পন্দুনা লৈবা, লোইশিন্দবা হায়বগী চহিচা অদু লোইখ্রে মরুপশিং!

মরুপশিং,

হিমাচলনা জাতিগী ঙাকশেলদা চাউনা শরুক তমদুনা লাকখি, হিমাচল অসি লৈবাক শিনবা থুংবদা লৈরিবা রাস্ত্র রক্ষাগী অথৌবশিংগীদমক খঙনৈ, হৌজিক হিমাচলনা এম্স অসি লাক্লবা মতুংদা মীওইবগী পুন্সি কনবদা মরু ওইবা থৌদাং অমা লৌরগনি। ২০১৪ ফাওবদা হিমাচলদা মেদিকেল কোলেজ ৩ খক্তা লৈরমখি, মসিগী মনুংদা ২দি সরকারগীনি। হৌখিবা চহি ৮দা হিমাচলদা অনৌবা সরকারগী মেদিকেল কোলেজ ৫ শাখি। ২০১৪ ফাওবদা মহৈরোয় ৫০০ খক্তনা অন্দর অমসুং পোস্ত গ্রেজ্যুৎ তম্বা য়ারমখি ঙসিদি মসিগী মশিং অসি ১২০০ য়ৌদুনা শরুক অনি হেনগৎহনবা ঙমখ্রে। চহি খুদিংগী এম্সতা অনৌবা দোক্তরকয়া লৌরগনি, নর্সিং তমলুবা মহৈরোয়শিংনা মসিদা ত্রেনিং ফংলগনি। অমসুং মরু ওইনা ঐহাক্না জয়রামজী, মহাক্কী তীম, হকশেল মন্ত্রালয়গী কেন্দ্রগী মন্ত্রী অমসুং হকশেল মন্ত্রালয়বু থাগৎপা ফোঙদোকচরি। নদ্দাজীনা হকশেল মন্ত্রী ওইরিঙ মনুংদা ঐখোয়না ৱারেপ অসি লৌখি, নদ্দাজীনা মতম অদুদা অচৌবা থৌদাং অমা য়াখি, ঐহাক্নসু উরেপ-উয়ুং তমখি। মতম অদুদা কোরোনাগী শাথিরবা লাইচৎ লাকখি অমসুং ঐখোয়না খঙই মদুদি হিমাচলগী মীয়াম্না মখল অমা হেক্তগী কনস্ত্রক্সন তৌবা মতমদা চীং মথক্তা পোৎ পুখৎপা অসি অৱাবা অমনি। মখাদা শুবদা পুং অমদা লোইবা অদু চীংদদি নুমিৎ অমা চংই। পুম্নমক অসি লৈজরবসু, কোরোনাগী খুদোংথিবা লৈরবসু ভারত সরকারগী হকশেল মন্ত্রালয়না অমসুং রাজ্য সরকারগী জয়রামজীগী তীমনা তৌখিবা থবক অদুগী ফল ওইনা ঙসি এম্স লৈহনবা ঙমখি, এম্স মথৌ তৌবা হৌরি।

মেদিকেল কোলেজ খক্তা নত্তনা ঐখোয়না অতোপ্পা মাইকৈ অমদসু চংশিল্লি। হিমাচলনা হীদাকশিং অমসুং পুন্সি কন্নবা ভেক্সিন পুথোকপদা লৌবা থৌদাং অসি শীংথানীংঙাই ওইনা পাকথোক-চাউথোকহনখি। ব্লক দ্রগস পার্ক্কীদমক খনখিবা রাজ্য অহুমগী মনুংদা হিমাচল প্রদেশসু অমা ওইরকপা অসি রাজ্য অসিগী মীয়ামগীদমক চাউথোকচনীংঙাই ওইবা মীকুপ অমনি। মসিনা নখোয়গী অঙাংশিংগী অফবা তুংলমচৎকী য়ুম্ফল থোনবা নত্তরা? মসি নখোয়গী অঙাংশিংগী অফবা তুংলমচৎকী গরেন্তী অমা নত্তরা? ঐখোয়না অচৌবা শক্তিগা লোয়ননা থবক তৌরি অমসুং মসি ঙসিগী মীরোল লোয়ননা তুংগী মীরোলগীদমক তৌরি।

মতৌ অসুম্না মেদিকেল দিভাইস পার্ক শানবগীদমক রাজ্য ৪ খনখি, ঙসি হীদাক-লাংথক্তা তেক্নোলোজী পাকশন্না শীজিন্নরি। লৈবাক অসিদা খুৎলাই মখল অমা শানবগীদমক লৈবাক অসিদা রাজ্য মরি খনগৎখি। চাউখ্রবা ভারত অসিদা, য়ামখ্রবা মীশিং অসিদা হিমাচল অসি ঐহাক্কী অপীকপা রাজ্য অমনি অদুবু মসি অথৌবশিংগী লমদমনি অমসুং মফম অসিদা ঐহাক লৈরকখি, মসিগীদমক ঐহাক্না লমন তোল্লি। অমসুং মরিশুবা মেদিকেল দিভাইস পার্ক কদায়দা শারি – হিমাচলদা। মালেম শিনবা থুংবদগী অচৌবা মীয়াম্না মফম অসিদা লাক্লি। নালাগর মেদিকেল দিভাইস পার্ক অসি মসিগী শরুক অমনি। দিভাইস পার্ক অসি শান্নবগীদমক মফম অসিদা লুপা করোর লিশিং কয়া থাদখি। মসিগা মরী লৈনবা অপীকপা ইন্দস্ত্রীশিং মনাক নকপদা শেমগৎলগনি। মসিনা লমদম অসিগী নহারোল লিশিং কয়াদা কান্নবা পীরগনি।

মরুপশিং,

হিমাচল প্রদেশকী অতোপ্পা লম অমসু লৈরি, মসিদা চাউখৎপগী লোইনাইদ্রবা ওইথোকপা য়াবা কয়া লোৎতুনা লৈরি। মসি মেদিকেল তুরিজমনি। মফম অসিগী ক্লাইমেৎ, মসি অসিগী অইং-অশা, মফম অসিগী অকোইবগী ফীভম, মফম অসিগী পাম্বী অসি অফবা হকশেলগা য়াম্না চুন্নৈ। ঙসি ভারত অসি মেদিকেল তুরিজমগী লমগা মরী লৈননা অচৌবা মীৎয়েং চংনীংঙাই ওইবা মফম অমা ওইরক্লি। লৈবাক অসিগী মীয়াম্না অমসুং মালেমগী মীয়াম্না মেদিকেল ত্রীৎমেন্তগীদমক ভারত্তা লাকনীংবা পোকপা মতমদা লমদম অসিগী মহৌশাগী ফজবা অসি অদুক্কী মতিক ফজবনা মরম ওইদুনা মখোয়না শোইদনা লাক্কনি, মখোয়না হেল্থ অমসুং তুরিজমগী কান্নবা ফংগনি। হিমাচলগী মখুৎ অনিমক্কতা লদুশিং পাইরি।

মরুপশিং,

কেন্দ্র সরকারনা লায়রবা অমসুং মিদল ক্লাসকী লায়েংবদা শেল চংবা হন্থহন্নবা, অফবা লায়েং ফংহন্নবা অমসুং মসিগীদমক অরাপ্পা মফমদা চৎতনবা খোঙথাংশিং লৌখৎতুনা লাকখি। ঙসি মরম অসিনা ঐখোয়না দিস্ত্রিক্ত হোস্পিতালশিংদা অমসুং খুঙ্গংশিংদা লৈরিবা ৱেলনেস সেন্তরশিংদা এম্সতগী ক্রিতিকেল ক্যের ফাওবদা অপনবা লৈতবা কন্নেক্তেতিবিতী লৈহন্নবা থবক পাইখৎলি। আয়ুশ্মান ভারত স্কিমনা রাজ্য অসিগী অয়াম্বা ইমুংশিংদা লুপা লাখ ৫ ফাওবগী লেম্না লায়েং ফংহল্লি।

স্কিম অসিগী মখাদা লৈবাক শিনবা থুংবদা পেসেন্ত করোর ৩ হেন্না অমসুং হিমাচল প্রদেশতগী বেনিফিসরী লাখ ১.৫ লাকখি। হৌজিক ফাওবদা সরকারনা লৈবাক শিনবা থুংবদা লুপা করোর ৪৫,০০০ হেন্না চাদিং তৌখি। করিগুম্বা আয়ুশ্মান ভারত স্কিম লৈরমদবাতারবদি  পেসেন্তশিংনা মশাগী ফুরিৎ খাওদগী লুপা করোর ৯০,০০০ রোম চংদিং তৌরমগনি। হায়বদি অফবা লায়েংগা লোয়ননা লায়রবা অমসুং মিদল ক্লাসকী ইমুংনা য়ামখ্রবা শেনফম অসি তুংশিনবা ঙমহনখি।

মরুপশিং,

ঐহাক্না অপেনবা পোক্লিবা ৱাফম অমগা লৈরি। ঐখোয়গী ইমাশিং, ইচে-ইচলশিং অমসুং ইচানুপীশিংনা সরকারগী স্কিম কয়াদগী চাউনা কান্নবা ফংলি। অমসুং ঐখোয়না খঙই মদুদি ইমাশিং, ইচে-ইচলশিং অমসুং ইচানুপীশিংগী মগুন অমা লৈ মখোয়না অৱাবা কয়া লৈরবসু, হকচাংদা অৱাবা মায়োক্নরবসু মখোয়না কনাগুম্বদা ফোঙদোক্তে। মহাক্না খঙজিল্লি, থবক তৌই, ইমুং পুম্ববু য়েংশিল্লি মরমদি মহাক্কী ৱাখলদা করিগুম্বা ইমুংগী মীওই অমনা অনাবা অদুগী মতাংদা খঙলকপা তারবদি, মহাক্কী অঙাংশিংনা খঙলকপা তারবদি লোন লৌদুনা মহাক্কী অনাবা অদু লায়েংগনি। ইমাশিংনা অনাবা অদু খাংজিন্দুনা মহাক্কী অঙাংশিংবু শেল তোনশিন্দনবা হোৎনৈ, হোস্পিতাল চৎতুনা শেল চাদিং তৌদনবা হোৎনৈ। কনানা অসিগুম্বা ইমাগীদমক খনগনি? ঐহাক্কী ইমানা অৱাবা অসি তুমিন্না খাংজিল্লি। ফীভম অসিদা মচানুপাগী কান্নবা অসি করিনো? অমসুং মসিগী ৱাখল্লোন্দা আয়ুশ্মান ভারত লাকখি। অদুনা ঐহাক্কী ইমাশিং, ইচে-ইচলশিংনা অনাবগা লোয়ননা হিংলরোই। আয়ুশ্মান ভারত স্কিমগী মখাদা কান্নবা লৌরিবা ইমাশিং, ইচে-ইচলশিংনা চাদা ৫০ হেল্লি।

মরুপশিং,

অমাংশঙ শানবা স্বচ্ছ ভারত অভিয়ান, লেম্না গ্যাস কন্নেক্সন পীনবা উজ্জ্বলা য়োজনা, লেম্না সেনিতরী নেপকিনশিং পীনবা কেম্পেন, মাতৃ বন্দনা য়োজনাগী মখাদা মীরোনবী নুপী খুদিংমক্তা মচি ওইবা চীঞ্জাক চানবা লুপা লিশিং কয়াগী মতেং পাংলি নত্ত্রগা হৌজিক পাইখৎলোবা হর ঘর জল পুম্নমক অসিনা ঐখোয়গী ইমাশিং অমসুং ইচে-ইচলশিংবু শক্তি পীনবা ঐখোয়না থবক তৌরি। দবল-ইঞ্জিন সরকারগী য়ুম্ফম অসি ঐখোয়গী ইমাশিং, ইচে-ইচলশিং অমসুং ইচানুপীশিংদা হরাউ তয়াম্বা, এক্সেসিবিলিতী, ইকাই খুম্নবা, ঙাকশেল অমসুং হকশেল ফংহন্দুনা থোনখিবনি।

কেন্দ্র সরকারনা পাইখৎখিবা স্কিমশিং অসি জয়রাম অমসুং মহাক্কী অপুনবা তীমনা, মহাক্কী সরকারনা খোঙজেল য়াংনা থবক ওইনা ওন্থোক্লি অমসুং হীরমশিং অসি থৱায় য়াওনা পাকথোক-চাউথোকহল্লি। পুম্নমক ঐখোয়গী মাংদা লৈরে, মফম অসিদা য়ুম খুদিংমক্তা তোতি ঈশিংগী কন্নেক্সন পীবগী থবক কয়াম খোঙজেল য়াংনা চংশিনবগে। হৌখিবা দিকেদ ৭ অসিদা শুপ্নগী চহি ৩গী মনুংদা হিমাচলদা পীখিবা তোতি ঈশিংগী কন্নেক্সন অসিগী মশিং শরুক অনি হেন্না হেনগৎহনখি। চহি অহুম অসিদা অনৌবা য়ুম লাখ ৮ মখাইনা তোতি ঈশিংগী খুদোংচাবা ফংখি।

ইচিল-ইনাওশিং,

লৈবাক অসিনা জয়রামজী অমসুং মহাক্কী তীম অসিবু অতোপ্পা ৱাফম অমগীদমক থাগৎপা ফোঙদোক্নরি। সোসিএল সেক্যুরিতীগী মতাংদা কেন্দ্র সরকারনা পাইখৎপা খোঙথাংশিং অসি পাকথোক-চাউথোকহনখিবগীদমক থাগৎখি। ঙসি হিমাচলদা লৈরিবা ইমুং খুদিংমক্তা মীওই অমা নত্ত্রগা অমনা পেন্সনগী ফেসিলিতী ফংদবা লৈত্রে। পেন্সন অমসুং মেদিকেলগী চাদিং তৌনবা অসিগুম্বা ইমুংশিংদা পীবা তেংবাং অসি, মরু ওইনা কনা লৈজদ্রবশিংদা পীবা তেংবাং অসি শীংথানীংঙাই ওইরি। হিমাচল প্রদেশকী ইমুং লিশিং কয়ানা ৱান রেঙ্ক ৱান পেন্সন ইমপ্লিমেন্ত তৌবদগী চাউনা কান্নবশিং ফংলি।

মরুপশিং,

হিমাচল অসি খুদোংচাবশিংগী লম অমনি। অমসুং ঐহাক্না জয়রামজীবু অমুক্কা হন্না থাগৎপা ফোঙদোকচনীংই। লৈবাক শিনবা থুংবদা ভেক্সিনেসনগী থবক পাইখৎখি অদুবু নখোয়গী শাফনবগীদমক হিমাচল অসি কোরোনাগী ভেক্সিনেসন চাদা চামা কাপ্পা লোইখিবা অহানবা রাজ্য ওইখি।

মফম অসিদা দাইদ্রোদগী মৈ পুথোকখি, লৈহাউ লৈবা লম ওইরি অমসুং তুরিজম্না মরম ওইরগা লোইবা নাইদ্রবা থবক্কী খুদোংচাবশিং ফংলি। ২০১৪দগী হৌরগা খুঙ্গং অমদগী খুঙ্গং অমদা হিমাচল প্রদেশতা খ্বাইদগী ফবা ইনফ্রাস্ত্রকচর ফংহন্নবা কন্না হোৎনরি। হিমাচল প্রদেশকী মফম খুদিংমক্তা লম্বী পাংথোক্নবা থবক পাইখৎলি। হৌজিক ফাওবগী ওইনা হিমাচল প্রদেশতা কন্নেক্তিবিতীগী থবকশিংদা লুপা করোর ৫০ রোম চাদিং তৌখ্রে। পিঞ্জোরদগী নালাগর ফাওবগী লেন মরী লম্বী পাকথোকপগী থবক অসি লোইশিবা মতমদা নলাগর অমসুং বদ্দিগী ইন্দস্ত্রী ওইবা মফমশিং খক্তা কান্নবা ফংবতা নত্তনা চন্দিগর অমসুং অম্বালাদগী বিলাসপুর, মান্দী অমসুং মনালী তম্না চৎলিবা পেসেঞ্জরশিংসু কান্নবা ফংলগনি। হিমাচলগী মীয়ামদা অথেকপা লম্বীশিংদগী শাফনবা তন্নেলশিংগী নেতৱর্ক অমা য়ুম্ফম থোনখ্রে।

মরুপশিং,

দিজিতেল ইন্দিয়া কন্নেক্তিবিতীগা মরী লৈননা মমাংদা তৌখিদ্রিবা থবক কয়ামরুম পাইখৎলে। হৌখিবা চহি ৮ অসিদা মেদ ইন ইন্দিয়া মোবাইল ফোনশিংগী মমলসু হোংথরে অমসুং খুঙ্গংশিংদা মসিগী নেতৱর্কশিং ফংহল্লে। হিমাচল প্রদেশ অসি অফবা ফোরজি কন্নেক্তিবিতীনা মরম ওইরদুনা দিজিতেল ত্রাঞ্জেক্সনশিংদা খোঙজেল য়াংনা চংশিল্লি। করিগুম্বা কনাগুম্বা অমনা দিজিতেল ইন্দিয়াদগী খ্বাইদগী য়াম্না কান্নবা ফংলবদি মদু হিমাচল প্রদেশকী নখোয় মীয়াম্নি। মসিনা মরম ওইরগা বিল থিবা, বেঙ্ককা মরী লৈনবা থবকশিং, এদমিসনশিং, এপ্লিকেসনশিংনচিংবা থবকশিংদা মতম খ্বাইদগী তেন্না চংলে। হৌজিক অহানবা ওইনা লৈবাক অসিদা মেদ ইন ইন্দিয়া ফাইব জী সর্ভিসশিং হৌখ্রে, মসিগী কান্নবশিং য়াম্না অথুবদা হিমাচলদসু য়ৌরক্লগনি।

ভারত্তা দ্রোনগী চৎন-কাংলোনশিং হোংদোক্লবা মতুংদা ত্রান্সপোর্তেসন্দা মখোয় শীজিন্নবগী চাং অসি হেনগৎপগা লোয়ননা এজুকেসন, হকশেল, লৌউ শিংউ অমসুং তুরিজম সেক্তরদা মসিগী কান্নবা মপুংফানা ফংলগনি। হিমাচল প্রদেশপু দ্রোন পোলিসী অমা শেম্বা অহানবা রাজ্য ওইখিবদা থাগৎপা ফোঙদোকচরি। অমসুং করিগুম্বা ঐখোয়না মসিদা কিন্নোর ফাওবা অলু পুখৎলবদি মখোয়না দ্রোনদগী মদু লৌজবা য়ারগনি অমসুং খুদক্তা অচৌবা কৈথেলদা য়ৌহনবা ঙম্লগনি। ঐখোয়গী উহৈশিংবু মাংলরোই দ্রোনশিংনা লৌখৎপা য়ারগনি। লাক্কদৌরিবা মতমশিংদা কান্নবা মখল কয়া ফংলগনি। ঐখোয়না নাগরিক খুদিংমক্তা খুদোংচাবা ফংবা হেনগৎহন্নবা অমসুং নাগরিক খুদিংমক্না চাউখৎ থৌরাং ফংহন্নবা চাউখৎ থৌরাংগী মখল অমা ফংনবা হোৎনরি। মসিনা চাউখৎলবা ভারত অমসুং চাউখৎলবা হিমাচল প্রদেশকী ফীরেপ তাক্লগনি।

বিজয়া দশমীগী য়াইফরবা কুহ্মৈ অসিদা মাইপাকপগী ঈশৈ শকপা ফংজবা অমসুং রনসিমহা মুত্থৎতুনা মাইপাকপা হৌদোকপগী খুদোংচাবা ফংজবদা ঐহাক্না য়াম্না নুংঙাইবা পোকই। পুম্নমক অসি নখোয়গী থৌজালশিংগা লোয়ননা পাঙথোকপগী খুদোংচাবা ফংজরি। ঐহাক্না এম্স য়াওনা চাউখৎ-থৌরাংগী প্রোজেক্তশিং অসিগীদমক ঐহাক্না নুংঙাইবা ফোঙদোকচরি। খুৎ অনিমক খুদুম তাদুনা ঐহাক্কা লোয়ননা হৌনা হায়বীয়ু-

ভারত ইমানা য়াইফরে। শক্তি পুম্নমক্কা লোয়ননা হৌনা হায়বীয়ু -

ভারত ইমানা য়াইফরে

ভারত ইমানা য়াইফরে

ভারত ইমানা য়াইফরে

ভারত ইমানা য়াইফরে

হন্না-হন্না থাগৎচরি!