उपस्थित सभी महानुभाव,
यह कार्यक्रम कलकत्ता के एक सभागृह में हो रहा है, लेकिन देश के 115 स्था नों पर simultaneous यह कार्यक्रम चल रहा है। उस कार्यक्रम में उपस्थित भी सभी महानुभाव को मैं अपना प्रणाम करता हूं।
आज पूज्य। गुरूदेव रविंद्रनाथ टैगोर की जन्म जयंती का पावन पर्व है। बंगाल का स्म>रण करते हुए हर एक हिंदुस्ताटनी का सिर ऊंचा हो जाता है, आंखों में चमक आ जाती है, सीना चौड़ा हो जाता है। भारत के ऐतिहासिक जीवन की अनेक घटनाएं हैं, जिसकी प्रेरणा इस धरती से मिली। अगर परिवर्तन का कहीं प्रारंभ हुआ तो इसी धरती से हुआ। और गोखले जी कहा करते थे कि बंगाल जो आज सोचता है, हिंदुस्ताीन बाद में वही सोचता है।
और यह धरती एक समय था जब हिंदुस्ता्न की आर्थिक विकास की पूरी बागडोर उसके हाथ में थी। भारत की आर्थिक गतिविधि बंगाल से केंद्रित होती थी। इस धरती की विशेषता रही है कि मां दुर्गा की पूजा में तो लीन रहते हैं। लेकिन इसे सरस्वषती का भी आर्शीवाद है और साथ-साथ लक्ष्मी का भी आशीर्वाद है। और जहां सरस्वाती और लक्ष्मीm दोनों को आशीर्वाद मिले हो ऐसी यह धरती रही है। औद्योगिक जगत में भी manufacturing sector की बात करें, यही धरती है जिसने बहुत बड़ा योगदान किया है।
और अभी आदरणीय मुख्यजमंत्री जी अपने भाषण में उल्ले ख कर रहीं थी कि गांवों में बैंक भी नहीं है। 60 साल का हिसाब है यह। उनकी पीड़ा बहुत स्वालभाविक है, मैं भी उसमें अपना स्वनर जोड़ता हूं। लेकिन उन्हों ने यह बात मेरे सामने रखी, क्योंतकि उनको भरोसा है, अगर करेगा तो यही करेगा। आप कल्पूना कर सकते हैं कि देश में गरीबों के लिए बैंकों का राष्ट्री यकरण किया गया था। लेकिन इस देश के गरीब को कभी हमें बैंकों में देखने का अवसर नहीं मिला था।
आज भी यह जो स्कीाम लेकर के हम आए हैं, 80 से 90 Percent इस देश के लोग हैं, जिनको कोई insurance नहीं है, जिनको कोई पेंशन की संभावना नहीं है। सवा सौ करोड़ का देश, 80-90 प्रतिशत जनसंख्या, इन सामान्य आवश्यकताओं की पूर्ति उसके भाग्य में न लिखी हो तो कितनी पीड़ा होती है। और ये सारी योजनाएं जन्म ले रही हैं, आ रही हैं, वो गरीबों के प्रति हमारे दायित्व में से एक है, गरीबों के प्रति संवेदना में से एक है। और हम विकास कितना ही करें, नई ऊंचाइयों को कितना ही पाएं, प्राप्त करें। लेकिन अगर इसके सुफल गरीबों की झोंपड़ी तक नहीं पहुंचते हैं तो विकास अधूरा है। और इसलिए एक तरफ हम विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए सारी दुनिया को झकझोर रहे हैं, Make in India के लिए प्रेरित कर रहे हैं तो दूसरी तरफ गरीब से गरीब का बैंक का खाता खुले इसके लिए दिन-रात कोशिश करते हैं। और मुझे खुशी है कि जब प्रधानमंत्री जन-धन योजना हम लेकर के हम आए, 15 अगस्त को मैंने घोषित किया, 26 जनवरी तक पूरा करने की कल्पना थी, लेकिन देश के बैंकों में काम करने वाले सभी मित्रों ने इतनी मदद की, एक ऐसा जनांदोलन बन गया। 15 करोड़ नए खाते खोल दिए और आज देश में करीब-करीब 95 percent से ज्यादा लोग अर्थव्यवस्था की जो मुख्यधारा होती है Banking Sector उससे जुड़ गए हैं। जो कभी आधे भी नहीं थे।
ये काम सौ-सवा सौ दिन में पूरा कर दिया गया। और मैंने गरीबों को कहा था कि ये देश आपके लिए हैं, सरकार आपके लिए हैं, बैंक आपके लिए हैं। आपको एक पैसा देना नहीं है, बैंक का खाता खोलना है, Zero balance से। लेकिन गरीबों में अमीरी बहुत होती है। अमीरों की गरीबी की चर्चा करने की तो हिम्मत लोगों में कम होती है, लेकिन गरीबों की अमीरी की चर्चा मैं आज करना चाहता हूं। हमने तो कहा था Zero balance से खाते खोल देंगे। लेकिन मैं आज उन गरीबों को सलाम करता हूं कि उन्होंने मन में सोचा कि ये तो अच्छा नहीं है, ये तो हमें शोभा नहीं देता है। और मैं आज गर्व से कहता हूं कि ये जो 15 करोड़ बैंक खाते खुले उसमें 15 हजार 800 करोड़ रुपए राशि गरीबों ने जमा कर दी।
इस देश के गरीबों की अमीरी की ताकत देखिए। और तब जाकर के मन करता है, इन गरीबों के लिए कुछ करते रहना चाहिए। और मेरा ये विश्वास है, गरीबों को सहारा नहीं चाहिए। हमें हमारी सोच बदलनी होगी, हमारे कार्यकलाप बदलने होंगे, हमारे तौर-तरीके बदलने होंगे। गरीबों को सहारा नहीं चाहिए, गरीबों को शक्ति चाहिए। अगर उसको शक्ति मिलेगी तो गरीब गरीबी के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है और गरीबी से मुक्ति का आनंद लेने के लिए वो पूरी शक्ति लगाने के लिए तैयार है, उसे शक्ति देने की आवश्यकता है।
और आज जब गुरुदेव रविंद्र नाथ जी की जन्म जयंती की अवसर पर मैं बोल रहा हूं तब गुरुदेव ने 1906 में आत्मत्राण इस कविता में जो लिखा था, मैं समझता हूं 1906 की वो बात आज 2015 में भी हमें लागू हो रही है। गुरुदेव ने कहा था “It is not my prayer that you will save me from difficulties, give me the strength to overcome the difficulty. do not take away my burden or console me, give me the capacity to bear my burden” - यह बात गुरूदेव जी ने कही थी। और आज हमारा संकल्पe है उस आदेश का पालन करना जो गुरूदेव ने दिया है। और उसी में से यह योजना और कलकत्तेi की धरती पर हो रहा है। क्योंिकि मुझे विश्वांस है, जो चीज इस धरती से प्रारंभ होती है वो फिर आगे बढ़ती ही बढ़ती जाती है, परिणाम मिलता ही मिलता है। और रविंद्रनाथ जी के गुरूदेव की जन्मढ जंयती पर कोई चीज प्रारंभ होती हो और उन्होंंने जो भावना व्यिक्त की थी उसी की अभिव्य क्ति होती हो तो मुझे विश्वारस है गुरूदेव के आशीर्वाद इस योजना को सफल बनाएंगे और देश के गरीबों एक नई शक्ति प्राप्ति करने का अवसर प्रतिपादित होगा। यह मेरा पूरा विश्वारस है।
हमने जब प्रधानमंत्री जनधन योजना शुरू की तब कई लोगों को लग रहा था कि क्या् होगा, कैसे होगा लेकिन आज अनुभव यह आ रहा है कि गरीबों के लिए एक के बाद एक योजनाएं - एक बार बैंक खाता खुल गया, तो हम बात वहां रोकना नहीं चाहते। वो तो हमारा foundation था हम एक के बाद एक हमारी बातें unfold करते चले जा रहे हैं। हमने कहा आपको हैरानी होगी, इस देश में कुछ लोगों को सरकारी पेंशन मिलता है करीब 35 लाख लोग, करीब-करीब 35 लाख लोग और कितना पेंशन मिलता था? किसी को सात रुपया, किसी को 20 रुपया, किसी को सवा सौ, किसी को ढ़ाई सौ। बेचारे को पेंशन लेने के लिए जाना है इस उम्र में ऑटो रिक्शास में जाए या बस में जाए तो पेंशन से ज्याकदा खर्चा उसका बस में जाने से होता था। लेकिन यह चल रहा था। हमने आकर तय किया कि जिसको भी पेंशन मिलता है एक हजार से कम किसी को नहीं होगा। और हमने देना प्रारंभ कर दिया है। क्यों ? गरीब सम्माान से जीए, उसे शक्ति चाहिए। वो शक्ति देना का प्रयास उसको हमने आगे बढ़ाया।
हमारे देश में कभी-कभी लोगों को लगता है कि ये जो बहुत बड़े-बड़े औद्योगिक घराने हैं न वो देश में बहुत बड़ी आर्थिक क्रांति करते हैं। यह बहुत बड़ा भ्रम है। उनका योगदान है लेकिन बहुत सीमित है। देश के अर्थतंत्र को कौन चलाता है? जो छोटा-सा कारोबार करने वाला व्योक्ति है, चौराहे पर खड़े रहकर के सब्जीह बेचता है, धोबी की दुकान चलाता है, biscuit बेचता है, चाय-पान का गल्लाह चलाता है, कपड़े बेचता है, readymade garment बेचता है। छोटे-छोटे लोग! हिंदुस्ताान में करीब साढ़े पांच करोड़ से ज्याेदा ये लोग देश को अर्थतंत्र को गति देते हैं। और बड़े-बड़े औद्योगिक घराने बहुत कम लोगों को रोजगार देते हैं, यह पांच-साढ़े पांच करोड़ जो छोटे काम करने वाले लोग हैं, वे करीब 14 करोड़ लोगों को रोजगार देते हैं, आप कल्पोना कर सकते हैं यानि 14 करोड़ परिवारों का पेट भरने का काम इनके द्वारा होता है। और उनकी Total संपदा जो है इतने सारे लोगों की बहुत ज्या दा नहीं है। कोई 11-12 लाख करोड़ रुपया है। और वो जो पैसा उनको चाहिए interest से, बाजार से - कोई बैंक वाला उनको पैसा नहीं देता है, व्याोपारी बड़े छोटे हैं। इन सबका average जो कर्ज है वो seventeen thousand rupees है, average अगर निकाली जाए तो seventeen thousand. उनको साहूकारों से पैसा लेना पड़ता है। उस प्रकार की कंपनियों के वहां जाना पड़ता है पैसा लेने के लिए कि जिसमें उनका खून चूस लिया जाता है। हम गरीबों की भलाई के लिए काम करने वाली सरकार होने के कारण हम एक मुद्रा बैंक का Concept इस बजट में लाए हैं और बजट में लाए इतना ही नहीं अभी तो बजट सत्र चल रहा है, वो मुद्रा बैंक का काम आरंभ हो गया। और उसके अंतर्गत ये जो साढ़े पांच करोड़ सामान्य लोग हैं, जिनको 5 हजार, 10 हजार रुपया भी मिल जाए तो बहुत तेजी से अपने काम को बढ़ा सकते हैं। उनको बैंक loan देने के लिए एक बहुत बड़ा अभियान हमने चलाया है। उनको पैसे मिलने चाहिए, सरकार सामने से जाकर के पूछ रही है कि बताओ भाई तुम्हारे आगे बढ़ने की कोई योजना है क्या? गरीबों के लिए काम करना है, एक के बाद एक कैसे काम होते हैं।
उसी प्रकार से हमारे यहां, हम Corruption के खिलाफ भी बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं, एक ऐसी क्रांति ला रहे हैं जो इस प्रकार के Leakages को अपने आप ताले लग जाएंगे। हमारे यहां गैस सिलिंडर लेने वाले को सब्सिडी मिलती है। अमीर हो, गरीब हो सबको सब्सिडी मिलती है। हमने तय किया कि सब्सिडी Direct बैंक के खाते में जाएगी। जन-धन account खोल दिए, और उस बैंक के खाते में जिसके पास गैस सिलिंडर, Direct सब्सिडी जाएगी, ये दुनिया का सबसे बड़ा विक्रम है कि करीब 12 करोड़ से ज्यादा लोगों के खाते में भारत सरकार सीधी-सीधी गैस सिलिंडर की सब्सिडी देती है। और उसके कारण पहले किसी न किसी नाम से सब्सिडी जाती थी वो सारा बंद हो गया, पहले की तुलना में बहुत बड़ा फर्क आया है। आकंड़ा में बोलना नहीं चाहता हूं इसलिए क्योंकि मैं चाहता हूं कुछ खोज करने वाले लोग इसको खोजें, आप कल्पना नहीं कर सकते हैं अरबों-खरबों रुपयों का leakage था, अरबों-खरबों रुपयों का, जो हमने रोक दिया।
जन-धन account खुलते ही उसको follow-up में किस प्रकार से काम होता है, इसके ये उदाहरण है। और आज तीन नई योजनाएं हैं। हमारे देश, हम जब मुद्रा बैंक लाए तो हमने कहा था “Funding the Unfunded” जिनको Fund नहीं मिलता है, जिनके पैसे नहीं मिलते हैं, उनको Fund देंगे। जब हम जन-धन योजना लेकर के आए तो हमने कहा था, जिसको Banking की व्यवस्था नहीं है, उसको Banking की व्यवस्था, जिसका खाता नहीं, उसका खाता खोलेंगे और आज हम आए हैं कि जिसको सुरक्षा का कवच नहीं है, उसको हम सुरक्षा का कवच देंगे।
एक योजना है प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना - अभी फिल्म में हमने देखा, बड़ा चोट पहुंचाने वाला dialogue था कि 12 रुपए में कफन भी नहीं मिलता है। 12 रुपए में दो लाख रुपए की Insurance scheme हम लेकर के आए हैं, क्योंकि हम चाहते हैं कि देश के सामान्य व्यक्ति के जीवन में - क्योंकि संकट अमीर को नहीं आता है, संकट गरीब को आता है, फुटपाथ पर सोता है, बेचारे को मरना पड़ता है, साईकिल लेकर जाता है, मर जाता है, बच्चा स्कूल जाता है, बस के नीचे आता है, मरता है - उनकी सुरक्षा कौन करेगा? और इसलिए एक जागरुकता आए, भागीदारी बने और जैसे रविंद्रनाथ जी टेगौर ने हमें आदेश दिया है, गुरुदेव का आदेश है, उसको शक्ति दो - ये शक्ति देने का प्रयास है।
2 लाख रुपए का Insurance, अगर Injury हो गई, तो दो लाख रुपया भी मिल सकता है, एक लाख रुपया भी मिल सकता है। आप भी सोचिए, आपके यहां ड्राइवर होगा, आपके यहां झाड़ू-पोंछा करने वाले, कोई बाई काम करती होगी, खाना पकाने वाला कोई काम करता होगा। क्या आपको नहीं लगता है कि 12 रुपया खुद आपकी जेब से देकर के, उसको सुरक्षा का बीमा नहीं निकाल सकते आप? मैं इस देश के उन करोड़ों लोगों से आज प्रार्थना करना चाहता हूं कि आप अपनी जेब से, अपने यहां जो काम करने वाले लोग हैं, आपका ड्राइवर है, वो आपकी Society का lift man हो, गरीब लोग जिसके साथ आपका नेता, आपके मोहल्ले में झाडू लगाने आता है। आप उसे कहिए मेरे लिए 12 रुपये कुछ नहीं है। शाम को कभी कॉफी पीने जाता हूं तो 12 रुपये से ज्या दा खर्च करके आ जाता हूं। मैं तेरे लिए खर्च करूंगा। और अगर एक किस्तै बैंक में जमा कर दी और बैंक वालों को कह दिया कि ब्या ज उसका काटते रहिए, मुझे बताइये कि उसके जीवन को कितनी बड़ी सुरक्षा मिलेगी। और वो कभी आपको छोड़कर के जाएगा क्याउ? कभी नहीं जाएगा।
उसी प्रकार से प्रधानमंत्री जीवन ज्योोति बीमा योजना - पहले वाला जो 12 रुपये वाली स्की म में है Natural Calamity में भी अगर किसी के मृत्युन होती है तब भी उसको benefit मिलेगा। अगर आज ऐसी स्की म नेपाल में हुई होती, तो नेपाल में जो हादसा हुआ उसने परिवारजनों को सबको मदद मिल जाती। और Natural Calamity हमारे हाथ में नहीं होती है। उसी प्रकार से प्रधानमंत्री जीवन ज्योीति बीमा योजना 18 से 50 साल के उम्र के लोगों की है। आमतौर पर आपको मालूम है आप insurance निकालने जाए तो पता नहीं कितने डॉक्टेर आपको check करते हैं, कितना Medical checkup होता है - और वो तय करते हैं कि इनको दें या न दें। पता नहीं यह लुढ़क जाएगा तो। यह स्की म ऐसी है आपको सिर्फ form भरना है। अगर आप बीमार भी होंगे तो भी इसको बीमा मिल सकता है। पहली बार इस प्रकार की सोच के साथ हम आए हैं। गरीब से गरीब व्यीक्ति भी और per day एक रुपये से ज्यासदा नहीं है। 330 रुपये एक दिन का एक रुपया। अगर आप अपने ही employee को, even house wife भी अपना insurance निकाल सकती है। आप अपने छोटे-मोटे काम करने वाले अपने घर के साथ दुकान में काम करने वाले लोग, उनसे भी यह करवा सकते हैं। आप विचार कीजिए 330 रुपया एक व्यमक्ति के लिए साल में खर्च करना, न उनके लिए कोई कठिन है, न उनके लिए कोई करे तो भी कठिन नहीं है। लेकिन एक समाज को सुरक्षा देने का एक बहुत बड़ा काम हो सकता है।
तीसरी हमारी योजना आज जिसका हम प्रांरभ कर रहे हैं - अटल पेंशन योजना। आप देखिए कि हिंदुस्तापन में 10-15% लोगों को ही यह नसीब होता है पेंशन। बाकी सबके लिए बुढ़ापा कहां बिताएंगे चिंता का विषय है, कैसे बिताएंगे चिंता का विषय है। हमारे 60 साल से ऊपर के लोगों की जिंदगी कैसी हो? यह योजना ऐसी है जिसको वोट से लेना-देना नहीं है, क्योंीकि यह योजना का लाभ जब वो 60 साल का होगा, तब शुरू होगा। और अभी तो लगेगा हां यार योजना में जोड़ गया, लेकिन जब लाभ मिलना शुरू होगा न तब उसको रविंद्रनाथ टैगोर की याद आएगी, तब यह कोलकाता के कार्यक्रम की याद आएगी - और तब यह प्रसंग याद आएगा कि हां यार उस दिन यह हुआ था। अब बुढ़ापे में बच्चेद तो नहीं देख रहे, लेकिन यह मोदी जी कुछ करके गए थे यार, कुछ काम आ गया। सामान्यच रहते राजनेता उन योजनाओं को लाते हैं जिसके कारण अगले चुनाव में फायदा हो जाए। लेकिन मैं राजनेता नहीं हूं। मैं एक प्रधान सेवक के रूप में आया हूं। और इसलिए आज जो योजना लाया हूं उन नौजवानों के लिए हैं ताकि आप जब 60 साल के होंगे आपको कभी किसी के सहारे की जरूरत न पड़े। आपके भीतर की शक्ति हो, आपकी अपनी शक्ति हो। आप अपना गौरव के साथ बुढ़ापा भी बिता सको।
अगर आपकी आवश्य कता एक हजार रुपये की पेंशन की है तो उसकी स्की म है, दो हजार पेंशन चाहते हो तो उसकी स्कीयम है, तीन हजार पेंशन चाहते है तो उसकी स्की,म है, चार हजार चाहो तो उसकी स्की म है, पांच हजार चाहो तो उसकी स्कीचम है। और जून महीने से मई महीने तक उसका tenure है, उसमें जुड़ने का। बचत आपको करनी है, लेकिन यह पहली बार ऐसी पेंशन स्कीसम है कि सरकार उसमें गांरटी देती है और आपके पैसे कम पड़ गए तो पैसे भरने का जिम्मास सरकार लेती है। अगर आपको उसका रिटर्न कम मिलेगा तो उसकी जिम्मेावारी सरकार लेती है। और उसके कारण, सामान्य गृहणी भी ये अटल पेंशुं योजना के साथ जुड़ सकती है। किसान - कभी किसान ने सोचा है कि मेरे लिए पेंशन हो सकता है? इस योजना के साथ अगर आज 18 से 40 की उम्र का किसान का बेटा जुड़ा जाता है तो वो जब 60 साल का होगा, अपने आप उसका पेंशन आना शुरू हो जाएगी। एक सुरक्षा का माहौल बनेगा और उसी माहौल को बनाने के लिए सामान्य मानव के जीवन में... और खासकर के गरीब और निम्न, मध्यम वर्ग के लोग जो जीवन को एक संतोष के साथ जीना चाहते हैं, उनके लिए सरकार की योजनाएं होनी चाहिए।
और इसलिए वोट की राजनीति से हटकर के भी, समाज में अगर शक्ति पैदा करेंगे तो शक्तिशाली समाज स्वंय गरीबी के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए एक बहुत बड़ी सेना बनकर के खड़ा हो सकता है। और हमारी कोशिश ये है, हमें गरीबी के खिलाफ लड़ाई लड़ना है लेकिन उस लड़ाई लड़ने के लिए हमारे सिपाही, हम गरीबों को वो ताकत देना चाहते हैं, वो स्वंय इस गरीबी के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए हमारे सिपाही बनेंगे।
और इसलिए गरीबों के कल्याण के लिए आज इन तीन योजनाओं का आरंभ हो रहा है। मुझे विश्वास है कि देश के गरीब 115 स्थान पर इस कार्यक्रम को जो सुन रहे हैं। आज कार्यक्रम का आरंभ हो रहा है विधिवत रूप से, लेकिन हमने जब प्रधानमंत्री जन-धन योजना शुरू की थी तो एक हफ्ते पहले ट्रायल शुरू किया था कि भई देखो कैसे मामला गाड़ी चलती है। और तब हमारा अनुभव था प्रथम सप्ताह में जब हमने काम किया शुरू, नया था, लोगों को समझाना था। लेकिन एक सप्ताह के अंदर हम करीब 1 करोड़ लोगों के बैंक खाते खोलने में सफल हुए थे। वो भी अपने आप में एक बहुत बड़ा record था। इस बार भी हमने 1 मई से Trail basis पर काम शुरू किया था। बहुत बड़ा announcement नहीं किया था, ऐसे ही शुरू किया था। और आज मुझे गर्व के साथ कहना है कि इस 1 मई से शुरू किया हमने, इस 7 दिन के भीतर-भीतर 5 करोड़, 5 लाख लोगों ने enrolment करा दिया है।
ये अपने आप में सरकार की बातों पर भरोसा कितना है, स्वंय की सुरक्षा के लिए सामान्य मानव जुड़ने के लिए कितना आतुर है और हमारे banking sector के लोग भी सरकार के इस काम को करने के लिए कितने उमंग और उत्साह के साथ जुड़ रहे हैं, इसका ये जीता-जागता उदाहरण है। और मैं पश्चिम बंगाल को भी बधाई देता हूं, ये 5 करोड़, 5 लाख में, 42 लाख पश्चिम बंगाल में भी है, 42 lakhs. आने वाले दिनों में... क्योंकि 1 जून से योजना विधिवत रूप से प्रारंभ होने वाली है। अधिकतम लोगों से मेरा आग्रह है कि 1 जून के पहले इस योजना का लाभ लेने के लिए अपने निकट बैंकों का संपर्क करके, वो जुड़ें। और अटल पेंशन योजना में सरकार की तरफ से जो special incentive दिया जा रहा है, जिसमें सरकार आपको गारंटी दे रही है, सरकार कुछ न कुछ धन दे रही है, ये 31 December तक है। मैं चाहता हूं कि 31 December तक अटल पेंशन योजना में जो भारत सरकार का आपको योगदान मिल रहा है उसका फायदा उठाइए, जून महीने से कार्यक्रम प्रारंभ हो रहा है लेकिन इस बार हमने 30 अगस्त तक उसको लंबा किया है। तो मैं चाहूंगा कि 30 अगस्त के पहले इन तीन योजनाओं में सर्वाधिक लोग जुड़ें।
मुझे विश्वास है कि एक ऐसी सुरक्षा की व्यवस्था हम लेकर के आए हैं जो मूलतः गरीबों के लिए है, सामान्य मानव के लिए है और जो संपन्न लोग हैं, वे भी अपने यहां काम करने वाले लोगों के लिए इस काम में जुड़कर के अपने यहां काम करने वाले और कुछ तो परिवार ऐसे होते हैं दो-दो पीढ़ी तक एक परिवार उनके यहां काम करता है। ड्राइवर होंगे तो तीन पीढ़ी से ड्राइवर उनके यहीं काम करने वाले होंगे, एक प्रकार से वो परिवार के अंग बन जाते हैं। सरकार की ये योजना आपके माध्यम से गरीब की सेवा का एक कारण बन सकता है, आपके जीवन में भी संतोष का कारण बन सकता है। और आखिरकर ये धरती ऐसी है स्वामी विवेकानंद ने हमें दरिद्र नारायण की सेवा करने की प्रेरणा दी थी। ये धरती ऐसी है जहां से रामकिशन मिशन के द्वारा आज भी गरीबों के कितने सेवा के काम हो रहे हैं। हम भी उस संकल्प को लेकर के आगे बढ़ें, इस व्यवस्था का फायदा उठाएं, जन-धन की योजना को जन-कल्याण में परिवर्तित करें। इसी एक अपेक्षा के साथ मैं आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।
धन्यवाद।
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ভারত মাতা কি জয়!
ভারত মাতা কি জয়!
দদ্রা অমসুং নগর হাভেলি, দমন অমসুং দিয়ুগী এদমিনিষ্ট্রেতর, প্রফুল ভাই পতেল, সংসদকী ঐগী মরুপ কলাবেন দেলকার, দমন ম্যুনিসিপাল কাউন্সিলগী প্রসিদেন্ত দিপিকা তেন্দেল জি, দমন দিষ্ট্রিক পঞ্চয়তকী চিয়ার্মেন ধর্ম পতেল, সিলভাসা ম্যুনিসিপাল কাউন্সিলগী চিয়ার্মেন সোমনাথ দেব্রে জি, দদ্রা নগর হাভেলি দিষ্ট্রিক পঞ্চয়তকী চিয়ার্পসন নিসা ভাবসার জি, দিয়ু ম্যুনিসিপাল কাউন্সিলগী চিয়ার্মেন হরিস কপাদিয়া জি, দিয়ু দিষ্ট্রিক পঞ্চয়তকী চিয়ার্পসন কোতিয়া রাঞ্জিতাবেন, অমসুং মশিং য়াম্না মফম অসিদা তিল্লিবা ঐগী নুংশিরবা ইনাওশিং অমসুং ইচলশিং, অদোম্না মফম অসিদা পুনবগুম্না, ভিদিওগী খুৎথাংদা লক্ষদ্বিপতসু মশিং য়াম্লবা মীওইশিং ঐখোয়গী থৌরম শরুক য়ারি, মরমদি ঙসি লক্ষদ্বিপতা চাউখৎ-থৌরাংগী অনৌবা অমা হৌরে, অনৌবা প্রোজেক অমনা লক্ষদ্বিপকী মীয়ামগী পুন্সিশিংদা অওনবা অমা পুরক্লগনি, স্কিম খর শঙ্গারে অমসুং উরেপ-উয়ুং তম্লে।
মরুপশিং,
চহি খরগী মমাঙদা, ঐনা অদোমগী মরক্ত লাকপা মতমদা, ঐখোয়গী দমন য়াম্না য়াংনা অপীকপা ভারত অমা ওইরক্লে হায়না ঐনা হায়খি অমসুং ঙসিদি, ঐনা ওই থংবা শরুক্ত অপুনবা বেঙ্গল অমসুং য়েৎ থংবা নাকলদা অপুনবা অসাম উবা ফংলে। দমন অপীকপা ভারত অমগী অহিংবা খুদম অমনি। মফম অসিগী খেন্নবা, তোঙান তোঙানবা মফমশিংদগী মীওইশিং মফম অসিদা খুন্দারিবা, মসিনা অদোমদা অপুনবা ভারতকী ফজরবা শক্তম অমা পীরে। ঐখোয়দা বর পীনবা অদোম মশিং য়াম্না লাক্লে, মসিগীদমক ঐনা ময়াম পুম্নমক থাগৎপা ফোঙদোকচরি।
ইনাওশিং অমসুং ইচলশিং,
ঐ দমন অমসুং দিয়ুদা কয়ারক লাকখ্রে। ঐ দদ্রা অমসুং নগর হাভেলিদসু চৎখ্রে অমসুং মদু ঐনা চীফ মিনিষ্টর নত্ত্রগা প্রধান মন্ত্রী ওইরিঙৈদা নত্তে, ঐ মফম অসিদা কয়ারক লাকখ্রে। অদুবু হৌজিক ঐ মফম অসিদা লাকপা মতমদা অফবা লৈঙাক, অফবা লৈঙাক্কী নমুনা উরে, মসিদা য়াম্না নুংঙাইবা ফাওই। মতম পুম্নমক্ত হৌখিবা মতমগা চাংদম্নবদা ঐনা ফাওখি, লমদম অসি চাউখৎপগী লম্বীদা মাইল কয়া মাঙলোমদা চঙশিল্লে।

মরুপশিং,
দদ্রা অমসুং নগর হাভেলি, দমন অমসুং দিয়ু চহি কয়া চাউখৎনবা মঙ মঙদুনা লাকখি। মমাঙদা মঙ মঙলমখিবা মীরোল কয়া লৈখিদ্রে। অদুবু ঙসিগী মীরোলশিংনা মখোয়গী মপা-মপুশিংগী মঙলানশিং মখোয় মশাগী মীৎমাংদা মঙফাওনবা অদু মখোয়গী মীৎশিংনা উরে। ঙসি মফম অসিদা লম্বী-থোঙ, হকশেল, লাইরিক-লাইশু, তুরিজম অমসুং শহর শেমগৎপগা মরী লৈনবা প্রোজেক কয়া শঙ্গারে অমসুং উরেপ-উয়ুং তম্লে। চাউখৎ-থৌরাংগী থবকশিং অসিনা দমন অমসুং অপুনবা য়ুনিয়ন তেরিতোরিগী মীয়ামগী পুন্সি হিংবদা হেন্না লাইরগনি। মখোয়না নহারোলশিংদা অনৌবা খুদোংচাবশিং পীরগনি। থবকশিং অসিগী তুংদা, প্রাফুল পতেল অমসুং মহাক্কী কাংবুনা কন্না হোৎনবগী মমি তারে। মসিগীদমক ঐনা প্রাফুল পতেল অমসুং মহাক্কী কাংবু থাগৎপা ফোঙদোকচরি। লক্ষদ্বিপ অমসুং দদ্রা-নগর হাভেলিগী মীয়ামদা ঐনা হরাওবা ফোঙদোকচরি অমসুং য়াইফ পাউজেল পীজরি।
মরুপশিং,
ঙসি ঐ অদোমগী মরক্ত তিনবগা লোয়ননা, য়াম্না নুংঙাইবা পাউ অমা ফংলে। ঐ ঙসি অয়ুক দিল্লি থাদোরকপনি, অদুবু মশিংশিং অদু হৌজিক খক ফংবনি, পাউ অদু ফংলে, মসি তশেংনা হরাওবনি অমসুং মসিগী নুংঙাইবা অসি ঐনা অদোমদা শরুক য়াবা পাম্মী। ঙসি ফংলিবা মশিং অসিনা ভারতকী শেন্মিৎলোনগী য়ুম্ফম কয়া য়াম্না মপাঙ্গল কনবগে হায়বা ময়েক শেংনা তাক্লে। ২০২৬-২৬ গী শেনবা চহি হেক লোইবগা, ভারতকী গ্রোথ রেত চাদা ৭.৭ ওইরে, অমসুং মার্চ ৩১ দা অরোইবা ক্বাতর লোইবদা ভারতকী গ্রোথ রেত চাদা ৭.৮ ওইরে। মসি মালেমদা খ্বাইদগী য়াংনা চাউখৎপা ইকোনোমিনি। খোঙজেল অসিগীদমক ভারতমচা খুদিংমক্না চাউথোকচরে। ঙসি লৈবাক অসি রিফোর্ম এক্সপ্রেসতা চেল্লি, ঙসি লৈবাক অসিনা অসিগুম্বা য়াম্লবা ইনফ্রাষ্ট্রকচর শেমগৎপা উরে, লায়রবশিং য়াইফনবা পাক-চাউরবা থবকশিং পায়খৎপনি অমসুং থবকশিং অসিগগী ফল ওইনা খ্বাইদগী য়াংনা চাউখৎপা ইকোনোমি ওইনা লৈবাক অসি মাঙলোমদা চঙশিল্লি। ঐখোয় ময়াম্না খঙলে, মালেম অসি অৱাবশিংনা থল্লে, মালেম শীনবা থুংবগী ইকোনোমিশিংদা ৱাহংশিং হংনরে, অদুবু মালেমগী খ্বাইদগী ৱারবা মতম অসি ফাওবদা, লৈবাক অসিগী মীওই বিল্লিয়ন ১.৪ গী অপুনবা থবকশিংগা লোয়ননা, ভারতনা মশা মথন্থ হিংজবা খক নত্তনা মাঙলোমদসু চঙশিল্লি। শেন-থুমগী লমদা অনৌবা মাইপাকপা পুরকপগীদমক লৈবাক অসিগী মীয়ামদা ঐনা হরাওবা ফোঙদোকচরি অমসুং মালেম শীনবা থুংনা অৱাবশিং মায়োক্নরিঙৈদা, য়াম্না য়াংবা খোঙজেল অমদা, রিফোর্ম, পরফোর্ম অমসুং ত্রান্সফোর্মগী লম্বীদা, অচেৎপা ৱাশক অমগা লোয়ননা লৈবাক অসি মখা তানা মাংলোমদা চঙশিনগনি হায়না ঐনা অমুক হন্না লৈবাক মীয়ামদা থাজবা পীরি। মসি মীয়ামদা পীবা ঐগী গরেন্তিনি।
মরুপশিং,
ঐখোয়গী চাউখৎপগী নমুনা অসি তুংকোইনা চৎনবা য়াবা ওইহনবগা লোয়ননা ঙসিদি চাউখৎপা অসি ঐখোয়গী ওইনা য়াম্না মরুওইরে। ঙসি, মালেমগী মহৌশাগী অকোয়বগী ফিবম নুমিৎ অসিদা, ঐখোয়গী য়ুনিয়ন তেরিতোরি অসিনা মসিগী ৱারেপ মশক খঙলে। ঙসি, অমরোমদা, লুপা করোর লিশিং কয়াগী চাউখৎ-থৌরাংগী প্রোজেকশিং শঙ্গারে অমসুং উরেপ-উয়ুং তম্লে। মসিগা লোয়ননা, ইমাগী মিংদা উ পাম্বী লাখ অমা মফম অসিদা থারে।

অসিগুম্বা য়ুনিয়ন তেরিতোরি অমদা সরকারগী বিল্দিংশিংদা চাদা ১০০ সোলার ইনর্জি শীজিন্নবা ঙম্বদা ঐ য়াম্না চাউথোকচৈ। ঙসিদি, দিয়ুদা, অয়ুক-নুংথিলগী দরকার ওইবা মৈ খুদিংমক সোলার পৱারনা পীরে অমসুং ঐখোয় মসি মখা তানা পায়খৎকদবনি। সোলার ইনর্জিগী খুৎথাংদা য়ুমশিং মৈ ফংহল্লে অমসুং মসি খক নত্তনা, ইমুংশিং অহেনবা মৈদগী শেন ফংলে। মসিগীদমক, য়ুম মথক্ত সোলার পেনেলশিং থম্বগী থবক হৌরে। মাইপাকপশিং অসিগীদমক মীয়াম পুম্নমক ঐনা থাগৎপা ফোঙদোকচরি।
মরুপশিং,
মসিগা লোয়ননা, নুমিৎ খরনি অসিদা দমনগী মীয়াম্না লু-নানবগী খোঙজং অমা পায়খৎলি হায়বা ঐ খঙলে। কমদৌনা দমন মীয়ামগী পুন্সিগী চৎনবীদা লু-নানবা অসি শরুক অমা ওইবগে হায়বা মসিনা তাক্লে অমসুং লু-নানবগী থবকশিংদা চৎনবী অসি উবা ফংলে। মখোয়না শরুক য়ারিবা থবকশিং অসিগীদমক ঐনা দমনগী মীয়াম থাগৎপা ফোঙদোকচরি।
মরুপশিং,
য়ুনিয়ন তেরিতোরি অমা ওইনা, দদ্রা নগর হাভেলি, দমন অমসুং দিয়ু ভারতকী শক্তম অমসুং চৎনবীগী পুক্কৈনি। মরম অদুনা, মফম অসি চাউখৎনবা ঐখোয়গী পান্দমশিং ইচম চম্বা নত্তে। হৌখিবা চহিদা সিলভাসাদা ঐ লাকখিবা অদু ঐ নিংশিংলি, ঐনা অদোমদা শিঙ্গাপুরগী খুদম পীখি। মতম অমদা শিঙ্গাপুর ঙা ফাবা অপীকপা খুঙ্গং অমা ওইরমখি হায়না ঐনা হায়খি। অদুবু শিঙ্গাপুরগী মীয়াম্না মঙ মঙখি, মখোয়না অচৌবা পান্দমশিং থমখি অমসুং ঙসিদি হায়রিবা শিঙ্গাপুর অদু মালেমগী খ্বাইদগী চাউবা ললোন-ইতিক্কী মফম ওইরে। ঙসিদি দদ্রা অমসুং নগর হাভেলি, দমন অমসুং দিয়ুসু চপ মান্নবা মঙলান মঙলি। নমো এয়রপোর্ত, দমনগঙ্গা তুরেল মথক্ত শাগদৌরিবা থোং, ‘বিচ ফ্রন্ত’ দা শাগদৌরিবা কনভেন্সন সেন্তরগুম্বা প্রোজেকশিং অসিনা তুংগী অচৌবা ৱারেপশিংগী ঐখোয়না য়ুম্ফম থোল্লে। প্রোজেকশিং অসিগী খুৎথাংদা, অদোমগী চৎথোক-চৎশিন হেন্না নুংঙাইরগনি। ললোন-ইতিক্কী অনৌবা খুদোংচাবশিং মফম অসিদা ফংলগনি। দমনগী নাকল অনিমক্ত চাউখৎপগী খোঙজেল হেন্না য়াংলগনি।

মরুপশিং,
মফম অসিদা হোস্পিতেলিতি ইকোনোমিগা মরী লৈনবা খুদোংচাবশিং হেনগৎলক্কনি, মদুগা লোয়ননা, ত্রান্সপোর্ত নগরগুম্বা খুদোংচাবশিংনা ললোন-ইতিক অমসুং লোজিষ্টিক্সতা অনৌবা ইনোৎ পীগনি।
মরুপশিং,
লমদম অসিদা ব্লু ইকোনোমিগীদমক ঐখোয়না থৌরাং তৌরিবা পান্দম অসি অৱাংবা তেক্নোলোজিগী ইনফ্রাষ্ট্রকচরগী মপাঙ্গল খক্তনা থবক ওইনা পাংথোকপা ঙমগনি। মরম অদুনা, ঙসি, লক্ষদ্বিপকী কালপেনি অমসুং কাদমাত ঈথৎশিংদা অনৌবা হিথাংফমশিংগী উরেপ-উয়ুং তম্লে। থবকশিং অসিনা ব্লু ইকোনোমিদা লৈবাক অসিগী মপাঙ্গল কনখৎহনগনি অমসুং ঐনা হায়খিবগুম্না, থবকশিং অসিনা লক্ষদ্বিপকী মরাইবক অহোংবা পুরক্কনি।
মরুপশিং,
বি.জে.পি সরকারদা, ঐখোয়গী এন.দি.এ সরকারদা, ঐখোয়গী ওইনা চাউখৎপগী অহানবা থবক্তি লায়রবা, তোল্লবা, ত্রাইবেল অমসুং মিদল ক্লাস মীয়ামগী পুন্সিশিংদা অহোংবা পুরকপনি। মসিগীদমক, হকশেলগী হিরম অসি ঐখোয়গী অচৌবা মরুওইবনি। হৌখিবা চহিশিংদা, অনা-লাইয়েংবগী অফবা পান্দম অমগা লোয়ননা লৈবাক অসি মাঙলোমদা চঙশিল্লি। লাইয়েংবগা মরী লৈনবা খুদিংমক ঐখোয়না ৱারোইশিন পুরক্লে। ঙসিদি খ্বাইদগী লায়রবা ফাওবা অয়ুস্মান কার্দ পায়রে। মখোয় লুপা লাখ ৫ ফাওবা লেম্না লাইয়েংবগী খুদোংচাবা ফংলে। মতম চানা লাইওংশিং খঙদোক্নবা, প্রধান মন্ত্রী অয়ুস্মান অরোগ্যা মন্দিরশিংগী থৌরাং লৈরে। জন ঔশাধি কেন্দ্রশিংগী খুৎথাংদা মমল হোংবা হিদাকশিং ফংহল্লে। হায়রিবা খুদোংচাবশিং অসি হেন্না ফগৎনবা অমসুং হেন্না মতমগা চুনবা ওইনবা, অয়ুস্মান ভারত দিজিতল মিসনগী খুৎথাংদা ঙসিদি হকশেলগী থবকশিং তেক্নোলোজিগা শম্নরে।
মরুপশিং,
অয়ুস্মান কার্দশিং অমসুং জন ঔশাধি কেন্দ্রশিং খক্তনা মরম ওইদুনা, লায়রবা অমসুং মিদল ক্লাসশিংনা চাদিং তৌগদবা লুপা করোর ২.২৫ রোমগী শেনফম কনবা ঙম্লে।
ইনাওশিং অমসুং ইচলশিং,
কেন্দ্র সরকারগী থৌশিলশিংগী কান্নবা লমদম অসিগী মীয়ামসু চাউনা ফংলে। মতম অমদা, মফম অসিদা অফবা অনা-লাইয়েংগী খুদোংচাবশিং লৈরমদে। মফম অসিদা মেদিকেল কোলেজ অমা ফাওবা লৈরমদে। অদুবু হৌজিক মেদিকেল কোলেজ অমা লৈরে অমসুং মসিদা পোষ্ট-গ্রেজুয়েত তম্বসু হৌরে। হৌখিবা চহিদগী সিলভাসাগী নমো হোস্পিতালনা মীওই লিশিং কয়া লাইয়েংখ্রে। ঙসি দমনদা নমো হোস্পিতালসু শঙ্গারে। হৌজিক লমদম অসিগী মীয়াম অফবা অনা-লাইয়েংগী কান্নবা ফংলগনি।

মরুপশিং,
কমদৌনা ঐখোয়গী সরকারনা হকশেল মরুওইনা লৌরিবগে হায়বগী খুদম নেসনেল হেল্থ ফেমিলি সর্ভেগী ফলশিংনা ওইরে। মতম অমদা, ভারত্ত হোস্পিতালশিংদা অয়াম্বনা অঙাং উনরমদে। ঙসিদি লৈবাক অসিদা হোস্পিতালশিংদা চাদা ৯০ হেন্না অঙাং পোকপদগী চাবোকপীশিং শিবা অমসুং অঙাং শিবা মশিং হন্থরে। মিসন ইন্দ্রধনুসনা মরম ওইদুনা, অঙাং তিকা থাবগী থবক্তসু ভারত খুমাঙ চাউশিল্লে। ২০১৪ গী মমাংদা শুপ্নগী অঙাংশিংগী চাদা ৬০ খক তিকা থাখি। ঙসিদি চাদা ৯০ য়ৌরে। হেল্থ সেকুরিতিগী লমদসু অচৌবা অহোংবা অমা লাক্লে। ২০১৪ গী মমাংদা, ইমুংশিংগী চাদা ৩০ য়ৌদনা হেল্থ ইন্সুরন্স স্কিমশিং য়াওখি। ঙসিদি অয়ুস্মান ভারতনা হায়রিবা মশিংশিং অদুদা অহোংবা পুরক্লে। হৌজিক ইমুংশিংগী চাদা ৬০ হেন্না হেল্থ ইন্সুরেন্স য়াওরে।
মরুপশিং,
করিগুম্বা কনাগুম্বা অমনা হকশেলগী লমদা সরকারনা পায়খৎলিবা থবকশিংগী কান্নবশিং খ্বাইদগী ফংলবদি, মদু ঐগী লৈবাক্কী নারী শক্তিনি।
মরুপশিং,
মমাংঙৈদা লমদম অসিগী নহারোলশিং অৱাংবা থাক্কী মহৈ তম্নবা মপান্দা চৎনরমখি। অদুবু ঙসিদি, অমা খক নত্তনা জাতি থাক্কী মহৈলোয়শঙ কয়া মফম অসিদা লিংখৎলে। চহি খর অসিদা, মফম অসিদা অনৌবা স্কুলশিং শারে, স্কুলশিংদা স্মার্দ ক্লাসরুমশিংসু লৈরে। মহৈরোয় লিশিং ৪০ হেন্না মখোয়গী কান্নবা ফংলে। লাইরিক-লাইশুগী লমদা য়ুনিয়ন তেরিতোরি অসি খুমাংচাউশিল্লকপদা ঐ হরাওই। শ্বামী বিবেকানন্দা ইজুকেসন হবগুম্বা কয়া মফম অসিদা শেমগৎলি।

ইনাওশিং অমসুং ইচলশিং,
লাইরিক-লাইশুগী অওনবা অসিদা ঐখোয়গী ইচানুপীশিংসু মনিংদা লৈহৌদবা অসিসু ঐখোয়গী ৱারেপনি। মসিগীদমক, অচৌবা থবক কয়া পায়খৎলে। সরশ্বতি সাইকল স্কিম অমসুং সরশ্বতি বিদ্য য়োজনাগুম্বা স্কিমশিংনা নুপীমচাশিংদা চাউনা মতেং পাংলে।
মরুপশিং,
ঙসি দিগ্রিশিংগা লোয়ননা লৈবাক অসিগী নহারোলশিং অচুম্বা মাইকৈদা পুনবা ভারতনা হোৎনরি। লমদম অসিগী হৈথোই-শিংথোইবগা মালেমগী খুদোংচাবশিংগা শম্ননবা মখোয় অসিগুম্বা খুদোংচাবশিং ফংগদবনি। দিজাইন, লো, ইঞ্জিনিয়ারিং, মেদিকেল ইজুকেসন, আই.তি, দ্রোন অমসুং রিন্যুএবল ইনর্জিগুম্বা হিরমশিংদা হৌজিক ঐখোয়না শেম-শারিবা অসিনা ভারতকী অফবা থবক শুবা ঙম্বা মীওইশিং পুথোকপা হেনগৎহনগনি। মরম অদুনা, শীনফম কয়া তম্নবা মহৈলোয়শঙশিং মশিং হেনগৎহনবা য়াম্না মরুওই।
মরুপশিং,
ঙসি নিফকী ৮শুবা কেম্পসকী উরেপ-উয়ুং তম্লে। মহৈলোয়শঙ অসিনা মফম অসিগী নহারোলশিং মালেমদা মশক তাক্কনি। আই.তি.আই দমনদা দ্রোন তেক্নিসিয়ানগুম্বা অনৌবা কোর্সশিং তম্বা হৌরে। পি.এম বিশ্বকর্মা অমসুং পি.এম সুর্য়া ঘর ফ্রি ইলেক্ত্রিসিতি স্কিমগা মরী লৈনবা ত্রেনিংশিংনা নহারোলশিংদা কান্নবা পীরে।
মরুপশিং,
অনৌবা ৱাখল্লোন অমগা লোয়ননা লৈবাক অসিদা শান্নবসু চাউখৎলে। ঐখোয়গী শান্নবশিং অচৌবা সহরশিং নত্ত্রগা অচৌবা ষ্টদিয়মশিং খক্তগী ওইদ্রে। খেলো ইন্দিয়াগুম্বা থবকশিংনা মখোয়গী হৈশিংবা উৎনবা নহারোলশিংদা অনৌবা মফম অমা পীরে। মসিনা মরম ওইদুনা, শান্নবগী লমদা অপীকপা লমদমশিংগী অঙাংশিংসু জাতিগী থাক্ত শান্নবা থোক্লক্লে। ঙসি বিচ স্পোর্তকী অচৌবা মফম অমা দিয়ুনা ওইরে। ঘোগ্লাদা পাংথোকপা বিচ গেমশিং লমদম অসিদা লৈবাক অসিগী পুক্নিং চিংশিল্লে। ঙসি মফম অসিদা অনৌবা শান্নবগী মচাক-মথুমশিং মখা তানা শেমগৎলি। খানবেলগী ফুতবোল সেন্তর অমসুং দমনগী ভোল্লিবোল ত্রেনিং সেন্তরনা মফম অসিদা শান্নবা ফগৎহল্লে।

মরুপশিং,
ঙসিদি লৈবাক অসিনা তুরিজমদসু মীৎয়েং চঙলে। তুরিজমনা মফম অমগী কলা অমসুং চৎনবী য়োকখৎহনবা অসি ঐখোয়গী থবক্নি। অপীকপা মফমশিং অচৌবা খুদোংচাবশিং ফংহনগদবনি। ‘দেখো অপ্না দেস’ গুম্বা থবকশিংনা লৈবাক অসিগী খেন্নবশিং খঙনবা মীয়ামদা ইথিল পীরে। ঙসিদি হেরিতেচ তুরিজম, বিচ তুরিজম, ইকো-তুরিজম, এদভেঞ্চর তুরিজম ভারত্ত অনৌবা থৌনা লৈরে।
মরুপশিং,
দদ্রা অমসুং নগর হাভেলি, দমন অমসুং দিয়ুদা, তুরিজম অসি খুদোংচাবা মরাংকাইনা লৈবা হিরম অমা ওইরে। লমদম অসিদা মহৌশাগী ফজবা কয়া লৈরি। মরম অদুনা লৈবাক অসিদা তুরিজমগী থৌশিলশিং শেম্বদা দদ্রা অমসুং নগর হাভেলি, দমন অমসুং দিয়ু য়াম্না চাউনা কান্নবা ফংলিবনি। ২০২১ দা লমকোয়বা মীওই লাখ ৬ রোম লাকখি। ২০২৫ দা মীওই লাখ ৫০ রোম লাকখি। মসিনা তাক্লিবদি চহি খর অসিদা, তুরিজমগী লাকপা মীওই শরুক ১০ হেনগৎলে হায়বনি। মসি অফবা ইনফ্রাষ্ট্রকচর, হেন্না ফবা খুদোংচাবশিং অমসুং লু-নানবা সমুদ্র মপানশিংনা ওইহনবনি। দমন নাইত মার্কেত, রামসেতু সি-ফ্রান্ত, নমোপথ সি-ফ্রন্ত, নানি দমন ফোর্ত, গঙ্গেশ্বর তেম্পল কমপ্লেক্স, অসিগুম্বা মফমশিং অসি ঙসিদি অপুনবা লমদম অসিগী অনৌবা শক্তম ওইরে।
মরুপশিং,
দদ্রা অমসুং নগর হাভেলি, দমন অমসুং দিয়ুগী মঙলানশিং মঙফাওনবা ঙম্নবা, ঐখোয়না মফম অসিদা উদ্যোগকী থবকসু ফগৎহল্লে। খুৎশেমগী ফাইবরগী লমদা তোপ-তোপ্পা মশক অমা তাকপদা য়ুনিয়ন তেরিতোরি অসি চাউথোকচনবা মচাক অমা ওইরে। প্লাষ্টিক্কী পোৎথোক মপান্দা থাদোকপদা লমদম অসি মখা তানা চাউখৎলক্লি। মফম অসিগী উদ্যোগশিং অমসুং এম.এস.এম.ইশিং শৌগৎনবা সরকারনসু লেপ্তনা থবকশিং পায়খৎলি। এম.এস.এম.ইশিং অমসুং তোপ্পা উদ্যোগশিংদা লুপা করোর কয়াগী মতেং পাংখ্রে। য়ু.তি অসিগী অপীকপা অমসুং কোতেচ ইন্দষ্ট্রিশিংগী অনৌবা খুদোংচাবশিং লৈরে। লাক্লিবা চহিশিংদা লমদম অসি মেনুফেকচরিংগী অচৌবা মফম অমা ওইরগনি হায়না ঐনা থাজৈ।
মরুপশিং,
চাউখৎপগী পান্দম অমগা লোয়ননা মীয়ামগী খনবা লৈঙাক পুন্না লৈবা মতমদা, তশেংনা য়াম্না য়াংনা অওনবা পুরকই। দদ্রা অমসুং নগর হাভেলি, দমন অমসুং দিয়ুদা ঐখোয়না পায়খৎলিবা থবকশিংগী ফলশিং উবদা অপেনবা ফাওই। লমদম অসিগী মীয়ামদা ঐনা মপুংফানা থাজবা থম্লি। মফম অসিগী নহারোলশিং, ইমাশিং অমসুং ইচলশিং, লৌমীশিং, খুৎহৈবশিং, শিন্মীশিং অমসুং ওন্ত্রেপ্রেন্যুয়রশিংনা লাক্লিবা চহিশিংদা চাউখৎপগী খোঙচৎ অসি মখা তানা চৎকনি। অদোমগী মঙলানশিং মঙফাওনবা ঙম্নবা কেন্দ্র সরকারনা য়াম্না চেৎনবা থবক তৌগনি হায়না ঐনা থাজবা পীরি। মসিগী থাজবা অসিগা লোয়ননা, চাউখৎ-থৌরাংগী প্রোজেকশিংগীদমক ঐনা অমুক হন্না কয়ারক হরাওবা ফোঙদোকচরি। ঐগা লোয়ননা হায়মিন্নসি,
ভারত মাতা কি জয়!
ভারত মাতা কি জয়!
ভারত মাতা কি জয়!
অদোম থাগৎচরি।
