Text of PM's remarks at launch of Social Security Schemes

Published By : Admin | May 9, 2015 | 22:12 IST

उपस्थित सभी महानुभाव,

यह कार्यक्रम कलकत्ता के एक सभागृह में हो रहा है, लेकिन देश के 115 स्था नों पर simultaneous यह कार्यक्रम चल रहा है। उस कार्यक्रम में उपस्थित भी सभी महानुभाव को मैं अपना प्रणाम करता हूं।

आज पूज्य। गुरूदेव रविंद्रनाथ टैगोर की जन्म जयंती का पावन पर्व है। बंगाल का स्म>रण करते हुए हर एक हिंदुस्ताटनी का सिर ऊंचा हो जाता है, आंखों में चमक आ जाती है, सीना चौड़ा हो जाता है। भारत के ऐतिहासिक जीवन की अनेक घटनाएं हैं, जिसकी प्रेरणा इस धरती से मिली। अगर परिवर्तन का कहीं प्रारंभ हुआ तो इसी धरती से हुआ। और गोखले जी कहा करते थे कि बंगाल जो आज सोचता है, हिंदुस्ताीन बाद में वही सोचता है।

और यह धरती एक समय था जब हिंदुस्ता्न की आर्थिक विकास की पूरी बागडोर उसके हाथ में थी। भारत की आर्थिक गतिविधि बंगाल से केंद्रित होती थी। इस धरती की विशेषता रही है कि मां दुर्गा की पूजा में तो लीन रहते हैं। लेकिन इसे सरस्वषती का भी आर्शीवाद है और साथ-साथ लक्ष्मी का भी आशीर्वाद है। और जहां सरस्वाती और लक्ष्मीm दोनों को आशीर्वाद मिले हो ऐसी यह धरती रही है। औद्योगिक जगत में भी manufacturing sector की बात करें, यही धरती है जिसने बहुत बड़ा योगदान किया है।

और अभी आदरणीय मुख्यजमंत्री जी अपने भाषण में उल्ले ख कर रहीं थी कि गांवों में बैंक भी नहीं है। 60 साल का हिसाब है यह। उनकी पीड़ा बहुत स्वालभाविक है, मैं भी उसमें अपना स्वनर जोड़ता हूं। लेकिन उन्हों ने यह बात मेरे सामने रखी, क्योंतकि उनको भरोसा है, अगर करेगा तो यही करेगा। आप कल्पूना कर सकते हैं कि देश में गरीबों के लिए बैंकों का राष्ट्री यकरण किया गया था। लेकिन इस देश के गरीब को कभी हमें बैंकों में देखने का अवसर नहीं मिला था।

आज भी यह जो स्कीाम लेकर के हम आए हैं, 80 से 90 Percent इस देश के लोग हैं, जिनको कोई insurance नहीं है, जिनको कोई पेंशन की संभावना नहीं है। सवा सौ करोड़ का देश, 80-90 प्रतिशत जनसंख्या, इन सामान्य आवश्यकताओं की पूर्ति उसके भाग्य में न लिखी हो तो कितनी पीड़ा होती है। और ये सारी योजनाएं जन्म ले रही हैं, आ रही हैं, वो गरीबों के प्रति हमारे दायित्व में से एक है, गरीबों के प्रति संवेदना में से एक है। और हम विकास कितना ही करें, नई ऊंचाइयों को कितना ही पाएं, प्राप्त करें। लेकिन अगर इसके सुफल गरीबों की झोंपड़ी तक नहीं पहुंचते हैं तो विकास अधूरा है। और इसलिए एक तरफ हम विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए सारी दुनिया को झकझोर रहे हैं, Make in India के लिए प्रेरित कर रहे हैं तो दूसरी तरफ गरीब से गरीब का बैंक का खाता खुले इसके लिए दिन-रात कोशिश करते हैं। और मुझे खुशी है कि जब प्रधानमंत्री जन-धन योजना हम लेकर के हम आए, 15 अगस्त को मैंने घोषित किया, 26 जनवरी तक पूरा करने की कल्पना थी, लेकिन देश के बैंकों में काम करने वाले सभी मित्रों ने इतनी मदद की, एक ऐसा जनांदोलन बन गया। 15 करोड़ नए खाते खोल दिए और आज देश में करीब-करीब 95 percent से ज्यादा लोग अर्थव्यवस्था की जो मुख्यधारा होती है Banking Sector उससे जुड़ गए हैं। जो कभी आधे भी नहीं थे।

ये काम सौ-सवा सौ दिन में पूरा कर दिया गया। और मैंने गरीबों को कहा था कि ये देश आपके लिए हैं, सरकार आपके लिए हैं, बैंक आपके लिए हैं। आपको एक पैसा देना नहीं है, बैंक का खाता खोलना है, Zero balance से। लेकिन गरीबों में अमीरी बहुत होती है। अमीरों की गरीबी की चर्चा करने की तो हिम्मत लोगों में कम होती है, लेकिन गरीबों की अमीरी की चर्चा मैं आज करना चाहता हूं। हमने तो कहा था Zero balance से खाते खोल देंगे। लेकिन मैं आज उन गरीबों को सलाम करता हूं कि उन्होंने मन में सोचा कि ये तो अच्छा नहीं है, ये तो हमें शोभा नहीं देता है। और मैं आज गर्व से कहता हूं कि ये जो 15 करोड़ बैंक खाते खुले उसमें 15 हजार 800 करोड़ रुपए राशि गरीबों ने जमा कर दी।

इस देश के गरीबों की अमीरी की ताकत देखिए। और तब जाकर के मन करता है, इन गरीबों के लिए कुछ करते रहना चाहिए। और मेरा ये विश्वास है, गरीबों को सहारा नहीं चाहिए। हमें हमारी सोच बदलनी होगी, हमारे कार्यकलाप बदलने होंगे, हमारे तौर-तरीके बदलने होंगे। गरीबों को सहारा नहीं चाहिए, गरीबों को शक्ति चाहिए। अगर उसको शक्ति मिलेगी तो गरीब गरीबी के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है और गरीबी से मुक्ति का आनंद लेने के लिए वो पूरी शक्ति लगाने के लिए तैयार है, उसे शक्ति देने की आवश्यकता है।

और आज जब गुरुदेव रविंद्र नाथ जी की जन्म जयंती की अवसर पर मैं बोल रहा हूं तब गुरुदेव ने 1906 में आत्मत्राण इस कविता में जो लिखा था, मैं समझता हूं 1906 की वो बात आज 2015 में भी हमें लागू हो रही है। गुरुदेव ने कहा था “It is not my prayer that you will save me from difficulties, give me the strength to overcome the difficulty. do not take away my burden or console me, give me the capacity to bear my burden” - यह बात गुरूदेव जी ने कही थी। और आज हमारा संकल्पe है उस आदेश का पालन करना जो गुरूदेव ने दिया है। और उसी में से यह योजना और कलकत्तेi की धरती पर हो रहा है। क्योंिकि मुझे विश्वांस है, जो चीज इस धरती से प्रारंभ होती है वो फिर आगे बढ़ती ही बढ़ती जाती है, परिणाम मिलता ही मिलता है। और रविंद्रनाथ जी के गुरूदेव की जन्मढ जंयती पर कोई चीज प्रारंभ होती हो और उन्होंंने जो भावना व्यिक्त की थी उसी की अभिव्य क्ति होती हो तो मुझे विश्वारस है गुरूदेव के आशीर्वाद इस योजना को सफल बनाएंगे और देश के गरीबों एक नई शक्ति प्राप्ति करने का अवसर प्रतिपादित होगा। यह मेरा पूरा विश्वारस है।

हमने जब प्रधानमंत्री जनधन योजना शुरू की तब कई लोगों को लग रहा था कि क्या् होगा, कैसे होगा लेकिन आज अनुभव यह आ रहा है कि गरीबों के लिए एक के बाद एक योजनाएं - एक बार बैंक खाता खुल गया, तो हम बात वहां रोकना नहीं चाहते। वो तो हमारा foundation था हम एक के बाद एक हमारी बातें unfold करते चले जा रहे हैं। हमने कहा आपको हैरानी होगी, इस देश में कुछ लोगों को सरकारी पेंशन मिलता है करीब 35 लाख लोग, करीब-करीब 35 लाख लोग और कितना पेंशन मिलता था? किसी को सात रुपया, किसी को 20 रुपया, किसी को सवा सौ, किसी को ढ़ाई सौ। बेचारे को पेंशन लेने के लिए जाना है इस उम्र में ऑटो रिक्शास में जाए या बस में जाए तो पेंशन से ज्याकदा खर्चा उसका बस में जाने से होता था। लेकिन यह चल रहा था। हमने आकर तय किया कि जिसको भी पेंशन मिलता है एक हजार से कम किसी को नहीं होगा। और हमने देना प्रारंभ कर दिया है। क्यों ? गरीब सम्माान से जीए, उसे शक्ति चाहिए। वो शक्ति देना का प्रयास उसको हमने आगे बढ़ाया।

हमारे देश में कभी-कभी लोगों को लगता है कि ये जो बहुत बड़े-बड़े औद्योगिक घराने हैं न वो देश में बहुत बड़ी आर्थिक क्रांति करते हैं। यह बहुत बड़ा भ्रम है। उनका योगदान है लेकिन बहुत सीमित है। देश के अर्थतंत्र को कौन चलाता है? जो छोटा-सा कारोबार करने वाला व्योक्ति है, चौराहे पर खड़े रहकर के सब्जीह बेचता है, धोबी की दुकान चलाता है, biscuit बेचता है, चाय-पान का गल्लाह चलाता है, कपड़े बेचता है, readymade garment बेचता है। छोटे-छोटे लोग! हिंदुस्ताान में करीब साढ़े पांच करोड़ से ज्याेदा ये लोग देश को अर्थतंत्र को गति देते हैं। और बड़े-बड़े औद्योगिक घराने बहुत कम लोगों को रोजगार देते हैं, यह पांच-साढ़े पांच करोड़ जो छोटे काम करने वाले लोग हैं, वे करीब 14 करोड़ लोगों को रोजगार देते हैं, आप कल्पोना कर सकते हैं यानि 14 करोड़ परिवारों का पेट भरने का काम इनके द्वारा होता है। और उनकी Total संपदा जो है इतने सारे लोगों की बहुत ज्या दा नहीं है। कोई 11-12 लाख करोड़ रुपया है। और वो जो पैसा उनको चाहिए interest से, बाजार से - कोई बैंक वाला उनको पैसा नहीं देता है, व्याोपारी बड़े छोटे हैं। इन सबका average जो कर्ज है वो seventeen thousand rupees है, average अगर निकाली जाए तो seventeen thousand. उनको साहूकारों से पैसा लेना पड़ता है। उस प्रकार की कंपनियों के वहां जाना पड़ता है पैसा लेने के लिए कि जिसमें उनका खून चूस लिया जाता है। हम गरीबों की भलाई के लिए काम करने वाली सरकार होने के कारण हम एक मुद्रा बैंक का Concept इस बजट में लाए हैं और बजट में लाए इतना ही नहीं अभी तो बजट सत्र चल रहा है, वो मुद्रा बैंक का काम आरंभ हो गया। और उसके अंतर्गत ये जो साढ़े पांच करोड़ सामान्य लोग हैं, जिनको 5 हजार, 10 हजार रुपया भी मिल जाए तो बहुत तेजी से अपने काम को बढ़ा सकते हैं। उनको बैंक loan देने के लिए एक बहुत बड़ा अभियान हमने चलाया है। उनको पैसे मिलने चाहिए, सरकार सामने से जाकर के पूछ रही है कि बताओ भाई तुम्हारे आगे बढ़ने की कोई योजना है क्या? गरीबों के लिए काम करना है, एक के बाद एक कैसे काम होते हैं।

उसी प्रकार से हमारे यहां, हम Corruption के खिलाफ भी बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं, एक ऐसी क्रांति ला रहे हैं जो इस प्रकार के Leakages को अपने आप ताले लग जाएंगे। हमारे यहां गैस सिलिंडर लेने वाले को सब्सिडी मिलती है। अमीर हो, गरीब हो सबको सब्सिडी मिलती है। हमने तय किया कि सब्सिडी Direct बैंक के खाते में जाएगी। जन-धन account खोल दिए, और उस बैंक के खाते में जिसके पास गैस सिलिंडर, Direct सब्सिडी जाएगी, ये दुनिया का सबसे बड़ा विक्रम है कि करीब 12 करोड़ से ज्यादा लोगों के खाते में भारत सरकार सीधी-सीधी गैस सिलिंडर की सब्सिडी देती है। और उसके कारण पहले किसी न किसी नाम से सब्सिडी जाती थी वो सारा बंद हो गया, पहले की तुलना में बहुत बड़ा फर्क आया है। आकंड़ा में बोलना नहीं चाहता हूं इसलिए क्योंकि मैं चाहता हूं कुछ खोज करने वाले लोग इसको खोजें, आप कल्पना नहीं कर सकते हैं अरबों-खरबों रुपयों का leakage था, अरबों-खरबों रुपयों का, जो हमने रोक दिया।

जन-धन account खुलते ही उसको follow-up में किस प्रकार से काम होता है, इसके ये उदाहरण है। और आज तीन नई योजनाएं हैं। हमारे देश, हम जब मुद्रा बैंक लाए तो हमने कहा था “Funding the Unfunded” जिनको Fund नहीं मिलता है, जिनके पैसे नहीं मिलते हैं, उनको Fund देंगे। जब हम जन-धन योजना लेकर के आए तो हमने कहा था, जिसको Banking की व्यवस्था नहीं है, उसको Banking की व्यवस्था, जिसका खाता नहीं, उसका खाता खोलेंगे और आज हम आए हैं कि जिसको सुरक्षा का कवच नहीं है, उसको हम सुरक्षा का कवच देंगे।

एक योजना है प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना - अभी फिल्म में हमने देखा, बड़ा चोट पहुंचाने वाला dialogue था कि 12 रुपए में कफन भी नहीं मिलता है। 12 रुपए में दो लाख रुपए की Insurance scheme हम लेकर के आए हैं, क्योंकि हम चाहते हैं कि देश के सामान्य व्यक्ति के जीवन में - क्योंकि संकट अमीर को नहीं आता है, संकट गरीब को आता है, फुटपाथ पर सोता है, बेचारे को मरना पड़ता है, साईकिल लेकर जाता है, मर जाता है, बच्चा स्कूल जाता है, बस के नीचे आता है, मरता है - उनकी सुरक्षा कौन करेगा? और इसलिए एक जागरुकता आए, भागीदारी बने और जैसे रविंद्रनाथ जी टेगौर ने हमें आदेश दिया है, गुरुदेव का आदेश है, उसको शक्ति दो - ये शक्ति देने का प्रयास है।

2 लाख रुपए का Insurance, अगर Injury हो गई, तो दो लाख रुपया भी मिल सकता है, एक लाख रुपया भी मिल सकता है। आप भी सोचिए, आपके यहां ड्राइवर होगा, आपके यहां झाड़ू-पोंछा करने वाले, कोई बाई काम करती होगी, खाना पकाने वाला कोई काम करता होगा। क्या आपको नहीं लगता है कि 12 रुपया खुद आपकी जेब से देकर के, उसको सुरक्षा का बीमा नहीं निकाल सकते आप? मैं इस देश के उन करोड़ों लोगों से आज प्रार्थना करना चाहता हूं कि आप अपनी जेब से, अपने यहां जो काम करने वाले लोग हैं, आपका ड्राइवर है, वो आपकी Society का lift man हो, गरीब लोग जिसके साथ आपका नेता, आपके मोहल्ले में झाडू लगाने आता है। आप उसे कहिए मेरे लिए 12 रुपये कुछ नहीं है। शाम को कभी कॉफी पीने जाता हूं तो 12 रुपये से ज्या दा खर्च करके आ जाता हूं। मैं तेरे लिए खर्च करूंगा। और अगर एक किस्तै बैंक में जमा कर दी और बैंक वालों को कह दिया कि ब्या ज उसका काटते रहिए, मुझे बताइये कि उसके जीवन को कितनी बड़ी सुरक्षा मिलेगी। और वो कभी आपको छोड़कर के जाएगा क्याउ? कभी नहीं जाएगा।

उसी प्रकार से प्रधानमंत्री जीवन ज्योोति बीमा योजना - पहले वाला जो 12 रुपये वाली स्की म में है Natural Calamity में भी अगर किसी के मृत्युन होती है तब भी उसको benefit मिलेगा। अगर आज ऐसी स्की म नेपाल में हुई होती, तो नेपाल में जो हादसा हुआ उसने परिवारजनों को सबको मदद मिल जाती। और Natural Calamity हमारे हाथ में नहीं होती है। उसी प्रकार से प्रधानमंत्री जीवन ज्योीति बीमा योजना 18 से 50 साल के उम्र के लोगों की है। आमतौर पर आपको मालूम है आप insurance निकालने जाए तो पता नहीं कितने डॉक्टेर आपको check करते हैं, कितना Medical checkup होता है - और वो तय करते हैं कि इनको दें या न दें। पता नहीं यह लुढ़क जाएगा तो। यह स्की म ऐसी है आपको सिर्फ form भरना है। अगर आप बीमार भी होंगे तो भी इसको बीमा मिल सकता है। पहली बार इस प्रकार की सोच के साथ हम आए हैं। गरीब से गरीब व्यीक्ति भी और per day एक रुपये से ज्यासदा नहीं है। 330 रुपये एक दिन का एक रुपया। अगर आप अपने ही employee को, even house wife भी अपना insurance निकाल सकती है। आप अपने छोटे-मोटे काम करने वाले अपने घर के साथ दुकान में काम करने वाले लोग, उनसे भी यह करवा सकते हैं। आप विचार कीजिए 330 रुपया एक व्यमक्ति के लिए साल में खर्च करना, न उनके लिए कोई कठिन है, न उनके लिए कोई करे तो भी कठिन नहीं है। लेकिन एक समाज को सुरक्षा देने का एक बहुत बड़ा काम हो सकता है।

तीसरी हमारी योजना आज जिसका हम प्रांरभ कर रहे हैं - अटल पेंशन योजना। आप देखिए कि हिंदुस्तापन में 10-15% लोगों को ही यह नसीब होता है पेंशन। बाकी सबके लिए बुढ़ापा कहां बिताएंगे चिंता का विषय है, कैसे बिताएंगे चिंता का विषय है। हमारे 60 साल से ऊपर के लोगों की जिंदगी कैसी हो? यह योजना ऐसी है जिसको वोट से लेना-देना नहीं है, क्योंीकि यह योजना का लाभ जब वो 60 साल का होगा, तब शुरू होगा। और अभी तो लगेगा हां यार योजना में जोड़ गया, लेकिन जब लाभ मिलना शुरू होगा न तब उसको रविंद्रनाथ टैगोर की याद आएगी, तब यह कोलकाता के कार्यक्रम की याद आएगी - और तब यह प्रसंग याद आएगा कि हां यार उस दिन यह हुआ था। अब बुढ़ापे में बच्चेद तो नहीं देख रहे, लेकिन यह मोदी जी कुछ करके गए थे यार, कुछ काम आ गया। सामान्यच रहते राजनेता उन योजनाओं को लाते हैं जिसके कारण अगले चुनाव में फायदा हो जाए। लेकिन मैं राजनेता नहीं हूं। मैं एक प्रधान सेवक के रूप में आया हूं। और इसलिए आज जो योजना लाया हूं उन नौजवानों के लिए हैं ताकि आप जब 60 साल के होंगे आपको कभी किसी के सहारे की जरूरत न पड़े। आपके भीतर की शक्ति हो, आपकी अपनी शक्ति हो। आप अपना गौरव के साथ बुढ़ापा भी बिता सको।

अगर आपकी आवश्य कता एक हजार रुपये की पेंशन की है तो उसकी स्की म है, दो हजार पेंशन चाहते हो तो उसकी स्कीयम है, तीन हजार पेंशन चाहते है तो उसकी स्की,म है, चार हजार चाहो तो उसकी स्की म है, पांच हजार चाहो तो उसकी स्कीचम है। और जून महीने से मई महीने तक उसका tenure है, उसमें जुड़ने का। बचत आपको करनी है, लेकिन यह पहली बार ऐसी पेंशन स्कीसम है कि सरकार उसमें गांरटी देती है और आपके पैसे कम पड़ गए तो पैसे भरने का जिम्मास सरकार लेती है। अगर आपको उसका रिटर्न कम मिलेगा तो उसकी जिम्मेावारी सरकार लेती है। और उसके कारण, सामान्य गृहणी भी ये अटल पेंशुं योजना के साथ जुड़ सकती है। किसान - कभी किसान ने सोचा है कि मेरे लिए पेंशन हो सकता है? इस योजना के साथ अगर आज 18 से 40 की उम्र का किसान का बेटा जुड़ा जाता है तो वो जब 60 साल का होगा, अपने आप उसका पेंशन आना शुरू हो जाएगी। एक सुरक्षा का माहौल बनेगा और उसी माहौल को बनाने के लिए सामान्य मानव के जीवन में... और खासकर के गरीब और निम्न, मध्यम वर्ग के लोग जो जीवन को एक संतोष के साथ जीना चाहते हैं, उनके लिए सरकार की योजनाएं होनी चाहिए।

और इसलिए वोट की राजनीति से हटकर के भी, समाज में अगर शक्ति पैदा करेंगे तो शक्तिशाली समाज स्वंय गरीबी के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए एक बहुत बड़ी सेना बनकर के खड़ा हो सकता है। और हमारी कोशिश ये है, हमें गरीबी के खिलाफ लड़ाई लड़ना है लेकिन उस लड़ाई लड़ने के लिए हमारे सिपाही, हम गरीबों को वो ताकत देना चाहते हैं, वो स्वंय इस गरीबी के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए हमारे सिपाही बनेंगे।

और इसलिए गरीबों के कल्याण के लिए आज इन तीन योजनाओं का आरंभ हो रहा है। मुझे विश्वास है कि देश के गरीब 115 स्थान पर इस कार्यक्रम को जो सुन रहे हैं। आज कार्यक्रम का आरंभ हो रहा है विधिवत रूप से, लेकिन हमने जब प्रधानमंत्री जन-धन योजना शुरू की थी तो एक हफ्ते पहले ट्रायल शुरू किया था कि भई देखो कैसे मामला गाड़ी चलती है। और तब हमारा अनुभव था प्रथम सप्ताह में जब हमने काम किया शुरू, नया था, लोगों को समझाना था। लेकिन एक सप्ताह के अंदर हम करीब 1 करोड़ लोगों के बैंक खाते खोलने में सफल हुए थे। वो भी अपने आप में एक बहुत बड़ा record था। इस बार भी हमने 1 मई से Trail basis पर काम शुरू किया था। बहुत बड़ा announcement नहीं किया था, ऐसे ही शुरू किया था। और आज मुझे गर्व के साथ कहना है कि इस 1 मई से शुरू किया हमने, इस 7 दिन के भीतर-भीतर 5 करोड़, 5 लाख लोगों ने enrolment करा दिया है।

ये अपने आप में सरकार की बातों पर भरोसा कितना है, स्वंय की सुरक्षा के लिए सामान्य मानव जुड़ने के लिए कितना आतुर है और हमारे banking sector के लोग भी सरकार के इस काम को करने के लिए कितने उमंग और उत्साह के साथ जुड़ रहे हैं, इसका ये जीता-जागता उदाहरण है। और मैं पश्चिम बंगाल को भी बधाई देता हूं, ये 5 करोड़, 5 लाख में, 42 लाख पश्चिम बंगाल में भी है, 42 lakhs. आने वाले दिनों में... क्योंकि 1 जून से योजना विधिवत रूप से प्रारंभ होने वाली है। अधिकतम लोगों से मेरा आग्रह है कि 1 जून के पहले इस योजना का लाभ लेने के लिए अपने निकट बैंकों का संपर्क करके, वो जुड़ें। और अटल पेंशन योजना में सरकार की तरफ से जो special incentive दिया जा रहा है, जिसमें सरकार आपको गारंटी दे रही है, सरकार कुछ न कुछ धन दे रही है, ये 31 December तक है। मैं चाहता हूं कि 31 December तक अटल पेंशन योजना में जो भारत सरकार का आपको योगदान मिल रहा है उसका फायदा उठाइए, जून महीने से कार्यक्रम प्रारंभ हो रहा है लेकिन इस बार हमने 30 अगस्त तक उसको लंबा किया है। तो मैं चाहूंगा कि 30 अगस्त के पहले इन तीन योजनाओं में सर्वाधिक लोग जुड़ें।

मुझे विश्वास है कि एक ऐसी सुरक्षा की व्यवस्था हम लेकर के आए हैं जो मूलतः गरीबों के लिए है, सामान्य मानव के लिए है और जो संपन्न लोग हैं, वे भी अपने यहां काम करने वाले लोगों के लिए इस काम में जुड़कर के अपने यहां काम करने वाले और कुछ तो परिवार ऐसे होते हैं दो-दो पीढ़ी तक एक परिवार उनके यहां काम करता है। ड्राइवर होंगे तो तीन पीढ़ी से ड्राइवर उनके यहीं काम करने वाले होंगे, एक प्रकार से वो परिवार के अंग बन जाते हैं। सरकार की ये योजना आपके माध्यम से गरीब की सेवा का एक कारण बन सकता है, आपके जीवन में भी संतोष का कारण बन सकता है। और आखिरकर ये धरती ऐसी है स्वामी विवेकानंद ने हमें दरिद्र नारायण की सेवा करने की प्रेरणा दी थी। ये धरती ऐसी है जहां से रामकिशन मिशन के द्वारा आज भी गरीबों के कितने सेवा के काम हो रहे हैं। हम भी उस संकल्प को लेकर के आगे बढ़ें, इस व्यवस्था का फायदा उठाएं, जन-धन की योजना को जन-कल्याण में परिवर्तित करें। इसी एक अपेक्षा के साथ मैं आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

धन्यवाद।

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উত্তর প্রদেশকি হরদোইদা গঙ্গা এক্সপ্রেশৱে শঙ্গাবা মতমদা প্রধান মন্ত্রীনা পিখিবা ৱারোল
April 29, 2026
This transformative infrastructure project will boost connectivity and drive progress across Uttar Pradesh: PM
Just as Maa Ganga has been the lifeline of UP and this country for thousands of years, similarly, in this era of modern progress, this expressway passing near her, will become the new lifeline of UP's development: PM
Recently, I had the opportunity to dedicate the Delhi-Dehradun Expressway to the nation.
I had then remarked that these emerging expressways are the lifelines shaping the destiny of a developing India, and these modern pathways are today heralding India's bright future: PM
Ganga Expressway will not only connect one end of UP to the other, it will also bring limitless possibilities of the NCR closer: PM

ভারত মাতা কি জয়।

গঙ্গা মৈয়া কি জয়।

গঙ্গা মৈয়া কি জয়।

উত্তর প্রদেশকি রাজ্যপাল, অনন্দিবেন পতেল, উত্তর প্রদেশকি মুখ্য মন্ত্রী শ্রী য়োগী আদিত্যনাথ, উপ মুখ্য মন্ত্রী কেসৱা প্রসাদ মৌর্য়, ব্রিজেস পাথক, কেন্দ্রগী মন্ত্রীমন্দলদা লৈবিরিবা ঐহাক্কি মরুপ জিতিন প্রসাদ অমদি পঙ্কজ চৌধরিজি, য়ু.পি. সরকারগী মন্ত্রীশিং, সাংসদ অমসুং লেজিস্লেতিব এসেম্বলীগী মীহুৎশিং, অতৈ মীয়ামগী মীহুৎশিং অমদি ঐহাক্কী নুংশিজরবা ইচিল-ইনাও অমসুং ইচে-ইচলশিং ময়াম অমা মফম অসিদা তিনবিরি।

 

খ্বাইদগী ইহান হান্না ঐহাক্না ভগবান নরসিংহগী শেংলবা লম অসিবু ইকায় খুম্নজরি। ইমা গঙ্গানা মফম অসিদগী কিলোমিতর খরখক্তদা মহাক্কি থৌজাল পিবিদুনা চৎলি। মরম অদুনা মফম পুম্নমক অসি তিরথ চৎপাগী মফম অমদগী হেনবা নত্তে। অদুগা ঐহাক্না থাজৈ মদুদি উত্তর প্রদেশকি এক্সপ্রেশৱেগী থৌজাল অসিসু ইমা গঙ্গাগী থৌজাল অমনি। হৌজিক্তি অদোম্না পূং খরখক্তদা শঙ্গমদা য়ৌবা ঙম্লে, অমসুং কাশিদা লৈবা বাবাদা চৎলবা মতুংদা হল্লকপা য়ারে।

মরুপশিং,

ইমা গঙ্গানা চহি লিশিং কয়াদগী উত্তর প্রদেশ অমসুং লৈবাক অসিগী পুন্সি মহিং ওইদুনা লাকলিবা অদুগুম্না মোদর্ন প্রোগ্রেশকি মতম অসিদা মহাক্কি মনাক্তা চৎলিবা এক্সপ্রেশৱে অসিনা উত্তর প্রদেশকি চাওখৎ-থৌরাংগী অনৌবা পুন্সি মহিং অমা ওইরগনি। মসিসু অঙকপা থৌদোক অমনি মদুদি হৌখিবা নুমীৎ মরি-মঙা অসিদা ঐহাক ইমা গঙ্গাগী কম্পেনিদা লৈরি। এপ্রিল ২৪দা ঐহাক বঙ্গালদা লৈবা মতমদা ইমা গঙ্গাদা চৎখি, মদুগী মতুংদা ঙরাং ঐহাক কাসিদা লৈখি। ঙসি অয়ুক ঐহাক্না অমুক হন্না বাবা বিশ্বনাথ, ইমা অন্নপুরনা, অমসুং ইমা গঙ্গা চৎপগী লাইবক ফবা অমা ফংজরে। অদুগা হৌজিক, ইমা গঙ্গাগী মমিং থোনবা এক্সপ্রেশৱে অসি শঙ্গাবগী খুদোংচাবা ফংজরে। উত্তর প্রদেশ সরকারনা এক্সপ্রেশৱে অসিগী মমিং ইমা গঙ্গাগী মমিং থোনবদা ঐ হরাওই। মসিনা ঐখোয়গী চাওখৎ-থৌরাংগী মীৎয়েং অদু উৎলি অমসুং ঐখোয়গী হেরিতেজসু উৎলি। উত্তর প্রদেশকি মীওই লাখ কয়াবু গঙ্গা এক্সপ্রেশৱেদা নুংঙাইবা ফোঙদোকচরি ।

মরুপশিং,

ঙসি অসি গনতন্ত্রগী থৌরমদসু মরুওইবা নুমীৎ অমনি। হৌজিক বঙ্গালদা ভোৎ থাদবগী অনিশুবা তাঙ্কক চত্থরি, অমসুং রিপোরতশিংনা ভোৎ থাদবগী চাং য়াম্না ৱাংনা উবা ফংলি। অহানবা ফেজগুম্না মীয়াম্না মশিং য়াম্না ভোৎ থাদনবা লাকলি, অমসুং সোসিয়েল মীদিয়াদা শাংলবা ক্যুগী ইমেজশিং শন্দোকলি। বঙ্গালদা ভোৎ থাদবা অসি অকিবা লৈতবা এতমোশ্ফিয়ার অমদা পাঙথোক্লি, হৌখিবা চহি তরাগী খুজিং ৬-৭ অসিদা খনবদা ৱাবা থৌদোক অমনি। মীয়ামনা অকিবা লৈতনা মখোয়গী ভোৎ থাদরি। মসি লৈবাক অসিগী সংবিধান অমসুং লৈবাক অসিগী মপাঙ্গল কনখৎলকলিবা গনতন্ত্রগী গুন লৈবা খুদম অমনি। ঐহাক্না বঙ্গালগী অথোইবা মীয়াম্বু মখোয়গী হকশিংগী মতাংদা অসুক য়াম্না চেকশিন্না অমসুং মশিং য়াম্না ভোৎ থাদবগীদমক থাগৎপা ফোঙদোকচরি। ভোৎ থাদবা লোয়দ্রিঙৈদা হৌজিকসু পূং কয়া লেপ্লি, অমসুং গনতন্ত্রগী কুম্মৈ অসিদা চপ মান্নবা থৌনাগা লোয়ননা বঙ্গালগী মীয়ামদা শরুক য়ানবা ঐনা তকশিল্লি।

 

মরুপশিং,

মতম খরগী মমাঙদা বিহারদা মীখল পাংথোকখিবা মতমদা বিজেপি-এন.দি.এ.না অচৌবা মায়পাকাপা অমা মায়পাকাখি, মসিনা পুৱারি অমা শেমখি। ঙরাং খক্তদা গুজরাৎতা ম্যুনিসিপাল কোরপোরেশনশিং, ম্যুনিসিপালিতিশিং, দিস্ত্রিক্তা পঞ্চায়ৎশিং, তাওন পঞ্চায়ৎশিং, অমসুং তেহসিল পঞ্চায়ৎকি মীখলগী ফলশিং লাওথোকখ্রে। অদুগা অদোম উত্তর প্রদেশকি ঐহাক্কি ইচিল-ইনাওশিং, ম্যুনিসিপালিতি অমসুং পঞ্চায়ৎকি চাদা ৮০দগী ৮৫ ফাওবা বি.জে.পি. অমসুং ঐহাক্না থাজবা থম্লি মদুদি বি.জে.পি.না রাজ্য মঙা অসিদাসু পুৱারি ওইরবা মায়পাকপগী হেৎরিক অমা ফংলগনি। মে ৪গী ফলশিং অসিনা চাওখৎলবা ভারত অমগী রিজোল্ব মপাঙ্গল কনখৎহল্লগনি অমসুং লৈবাক অসিগী চাওখৎপদা অনৌবা ইনর্জি ইনজেক্ত তৌরগনি।

মরুপশিং,

লৈবাক অসিগী খোঙজেল য়াংনা চাওখৎনবগীদমক, ঐখোয়না মোদর্ন ইনফ্রাস্ত্রকচরসু য়াম্না থুনা শেমগৎকদবনি। ২০২১গী দিসেম্বরদা ঐহাক শাহজাহানপুরদা গঙ্গা এক্সপ্রেশৱেগী য়ুমফমদা লাকখি। চহি মঙা শুদ্রি, অদুগা অদোম্না উবিরমগনি, লৈবাক অসিগী খ্বাইদগী চাওবা এক্সপ্রেশৱেশিংগী মনুংদা অমা ওইরিবা উত্তর প্রদেশকি খ্বাইদগী শাংবা গ্রীন কোরিদোর এক্সপ্রেশৱে অসি চহি মঙাগী মনুংদা লোয়শিনখ্রে। ঙসি, মসি হারদোইদসু শঙ্গাবা হৌরি। মসি খক্তা নত্তনা গঙ্গা এক্সপ্রেশৱে শাবগী থবক লোয়রবা মতুংদা মসিগী শাংদোকপগী থবকসু হৌখ্রে। অথুবা মতমদা গঙ্গা এক্সপ্রেশৱে অসি মীরুৎকি মপানদা হরিদ্বার ফাওবা শাংদোক্লগনি। মসিবু মখা তানা শিজিন্ননবগীদমক ফররুখাবাদা লিঙ্ক্ এক্সপ্রেশৱে শাগনি, মসিবু অতোপ্পা এক্সপ্রেশৱেশিংগা শম্নহনগনি। মসি দবল ইনজিন সরকারগী মীৎয়েংনি! মসি বি.জে.পি.গী সরকারগী থবক্কি খোঙজেলনি! মসি বি.জে.পি.গী সরকারগী থবক তৌবগী মওংনি!

 

ইচিল-ইনাও অমসুং ইচল-ইচেশিং,

নুমীৎ খরনিগী মমাঙদা ঐহাক্না দিল্লী-দেহরাদুন এক্সপ্রেশৱে শঙ্গাবগী খুদোংচাবা ফংজখি। ঐহাক্না মতম অদুদা হায়খি মদুদি নৌনা শাবা এক্সপ্রেশৱেশিং অসি চাওখৎলকলিবা ভারতকি পাম লায়নাশিংনাি, অমসুং মোদর্ন পাম লায়নাশিং অসিনা ঙসি ভারতকি মঙাল নাইরবা তুংলমচৎকি পাওজেল পিরি।

মরুপশিং,

লম্বি অমগীদমক চহি তরাগী খুজিং কয়া ঙাইদুনা লৈবা মতম অদু লোয়খ্রে! লাওথোকখ্রবা মতুংদা ফাইলশিং অসি চহি কয়া লেংদনা লৈগনি! মীখলগী য়ুম্ফম থোনগনি, মদুগী মতুংদা সরকারশিং লাক্কনি অমসুং চৎকনি, অদুবু থবক অদুগাি খুদম অমত্তাা লৈরমলোই। করিগুম্বা মতমদা মকোক থোঙবা ওফিসিএলশিং না অরিবা ফাইলশিং থিনবা চহি অনি থবক তৌবা তাখি। দবল ইনজিন সরকার অমদা য়ুমফম শ্তোনশিং থম্মি, অমসুং হৌদোকপগী থৌরমশিংসু মতম চা না পাংথোকই। মরম অসিনা, ঙসি য়ু.পি.গী এক্সপ্রেশৱেদগী হেন্না য়াংনা করিগুম্বা অমত্তাা লৈরবদি, মসি য়ু.পি.গী চাওখৎপগী খোঙজেলনি।

মরুপশিং,

মসিগী এক্সপ্রেশৱে অসি খোঙজেল য়াংনা চেনবা লম্বি খক্তামক নত্তে। মসি অনৌবা ওইথোকপা য়াবশিং, অনৌবা মংলানশিং, অমসুং অনৌবা খুদোংচাবশিংগী থোঙ অমনি। গঙ্গা এক্সপ্রেশৱে অসি চাওরাক্না কিলোমীতর ৬০০ শাংই। মসিনা ৱেস্তরন য়ু.পি.দা লৈবা মীরুৎ, বুলন্দশাহর, হাপুর, অমরোহা, শম্ভল, অমসুং বদাওন কোন্সিল্লি; সেন্ৎরেল য়ু.পি.দা লৈবা শাহজাহানপুর, হারদোই, উন্নাও, অমসুং রায় বরেলি; প্রতাপগর অমসুং প্রয়াগ্রাজগা লোয়ননা নোংপোক য়ু.পি.গী অতোপ্পা অকোয়বদা লৈবা জিলাশিংগা লোয়ননা য়ু.পি. গঙ্গা এক্সপ্রেশৱে অসিনা মফমশিং অসিদা লৈরিবা মীওই লাখ কয়াগী পুন্সিদা অহোঙবা পুরক্লগনি।

 

মরুপশিং,

হায়রিবা মফমশিং অসি গঙ্গা তুরেল অমসুং মসিগী মনাক নকপদা লৈবা লমহাংদা খোঙহামদবা লৈমায়না থৌজাল ফংলে। অদুবু মমাঙগী সরকারশিং না লৌমীশিংবু য়েংশিনবিদবনা মরম ওইদুনা মখোয় অৱাবা তারবা মতমদা থুংলখি! লৌমীশিংগী মহৈ-মরোংশিং অচৌবা কৈথেলশিংদা য়ৌবা ঙমখিদে। কোল্দা শ্তোরেজ ফেসিলিতি অমসুং লোজিশ্তিক্সকি অৱাৎপা লৈখি। লৌমীশিং না মখোয়গী কন্না হোৎনজমলগীদমক মতিক চাবা মমল পিখিদে। হৌজিক খুদোংচাদবশিং অসি য়াম্না থুনা কোকহনবা ঙম্লগনি। গঙ্গা এক্সপ্রেশৱে অসিনা অতেনবা মতমগী মনুংদা অচৌবা কৈথেলশিংদা য়ৌবা ঙম্লগনি। মফম অসিদা লৌউ-শিংউগীদমক্তা দরকার ওইবা ইনফ্রাস্ত্রকচর শেমগৎলগনি, মসিনা ঐখোয়গী লৌমীশিংগী শেন্থোক হেনগৎহনগনি।

মরুপশিং,

গঙ্গা এক্সপ্রেশৱে অসিনা উত্তর প্রদেশকি মতোন অমখক্কা অতোপ্পা ময়ায় অমগা শম্নহনবতা নত্তনা মসিনা এন.সি.আর.গী অচৌবা পোতেন্সিয়েলসু নক্না পুরক্লগনি। গঙ্গা এক্সপ্রেশৱেদা গাড়ীশিং চেনবা খক্তা নত্ত না মসিগী বেঙ্কতা অনৌবা ইন্দস্ত্রিগী খুদোংচাবশিংসু শেমগৎলগনি। মসিগীদমক্তা হরদোইগুম্বা অতোপ্পা জিলাশিংদা ইন্দস্ত্রিয়েল কোরিদোরশিং শেমগৎলি। মসিনা হরদোই, শাহজাহানপুর, অমসুং উন্নাও য়াওনা জিলা ১২ পুম্নমক্তা অনৌবা ইন্দস্ত্রিশিং পুরক্লগনি। ফার্মাসিয়ুতিকেল অমসুং তেক্সতাইলগুম্বা তোঙান তোঙানবা সেক্তরশিংদা ক্লস্তরশিং শেমগৎলগনি। নহারোলশিংগীদমক অনৌবা থবক ফংনবগী খুদোংচাবশিংসু শেমগৎলগনি।

মরুপশিং,

ঐখোয়গী নহারোলশিং মশামক্না মুদ্রা য়োজনা অমসুং ও.দি.ও.পি.গুম্বা স্কীমশিংগী শক্তিগা লোয়ননা অনৌবা রেকোরদশিং থম্লি। মফম অসিদা অপিকপা ইন্দস্ত্রিশিং অমসুং এম.এস.এম.ই. কনেক্তিবিতি ফগৎহনবনা মখোয়গীদমক্তসু অনৌবা লম্বি হাংদোক্লগনি। মীরুৎকি শান্ন-খোৎনবগী ইন্দস্ত্রি, শম্ভলগী খুৎ-শা হৈবা, বুলন্দশহরগী সেরামীক, হরদোইগী হেন্দলুম, উন্নাওগী লেদর, অমসুং প্রতাপগরগী অম্লাগী পোৎথোকশিং পুম্নমক অসি নেশ্নেল অমসুং ইনতরনেশ্নেল মারকেৎতা অচৌবা মওংদা য়ৌরগনি। মসিনা ইমুং লাখ কয়াগী শেন্থোক হেনগৎহনগনি। ঐঙোন্দা হায়বিয়ু, মমাঙগী এস.পি.গী সরকারনা হারদোই অমসুং উন্নাওগুম্বা জিলাশিংদা ইন্দস্ত্রিয়েল কোরিদোরশিং শাবগী ৱাখল ফাওবা খনবা ঙম্লমগদ্রা? ঐখোয়গী হারদোইদা চৎপাা এক্সপ্রেশৱে অমা কনাগুম্বা অমনা খনবিরমগনি? মসিগী থবক অসি বি.জে.পি.গী সরকারগী মখাদা খক্তদা ওইথোকপা য়াই।

 

মরুপশিং,

মতম অমদা উত্তর প্রদেশ অসি তুং কোয় না চৎপা অমসুং অনাবা লৈবা রাজ্য অমা ওই না লৌনরমমী। ঙসিদি চপ মান্নবা উত্তর প্রদেশ অসি দোল্লর ত্ৃলিয়ন ১গী ইকোনোমী অমা ওইনাবা মাংলোমদা চঙশিল্লি। মসি অচৌবা পান্দম অমনি। অদুবু মসিগী মতুংদা লৈরিবা শেম শাবা অসিদি চপ মান্ননা চাওই। মরমদি উত্তর প্রদেশতা অসিগুম্বা অচৌবা পোতেন্সিয়েল লৈরি। উত্তর প্রদেশতা লৈবাক অসিগী খ্বাইদগী চাওবা নহা ওইরিবা মীশিংগী পোতেন্সিয়েল লৈরি। মসিগী পাঙ্গল অসি ঐখোয়না উত্তর প্রদেশপু মেন্যুফেকচরিং হবা অমা ওইহন্নবা শিজিন্নরি। উত্তর প্রদেশতা অনৌবা ইন্দস্ত্রিশিং অমসুং ফেক্তারিশিং লিংখৎলগনি। মফম অসিদা অচৌবা ইনভেস্তমেন্তশিং লাকপা মতমদা খক্তদা ইকোনোমীক প্রোগ্রেশকি থোঙ হাংদোক্কনি, নহারোলশিংদা থবক ফংবগী খুদোংচাবা পিরগনি।

ইচিল-ইনাও অমসুং ইচল-ইচেশিং,

মসিগী মীৎয়েং অসি ৱাখলদা থমদুনা চহি কয়াদগী লেপ্ত না থবক পায়খত্তুনা লাকলি। মতম অমদা মায়গ্রেসনগীদমক্তা খঙনরম্বা উত্তর প্রদেশ অসি হৌজিক্তি ইনভেস্তর্স সমীৎ অমসুং ইন্দস্ত্রিয়েল কোরিদোরগীদমক খঙনরে হায়বা অদোম পুম্নমক্না মশামক্না উবা ফংলি। লৈবাক শিনবা থুংনা অমসুং মালেমগী কম্পেনিশিংনা উত্তর প্রদেশকি ইনভেস্তর শমীৎতা শরুক য়ারি। উত্তর প্রদেশতা লুপা কোতি লিশিং কয়া শেল থাদরি। করিগুম্বা ঙসি মালেমদা ভারত অসি অনিসুবা খ্বাইদগী চাওবা মোবাইল ফোন মেন্যুফেকচরর ওইরবদি, মসিদা উত্তর প্রদেশকি মশক থোকপা কন্ত্রীব্য়ুশন অমা লৈরি। ঙসিদি ভারতনা পুথোকপা মোবাইল ফোনশিংগী শরুক অহুম থোকপগী অমদি ঐখোয়গী রাজ্যদা শাবনি। নুমীৎ খরনিগী মমাঙদা ঐহাক্না নোইদাদা সেমিকন্দক্তর প্লান্ত অমগী য়ুম্ফম থোনখি।

মরুপশিং,

ময়াম পুম্নমক্না খঙবিরিবা অদুনি মদুদি এ.আই.গী মতম অসিদা সেমিকন্দক্তরশিং অসি অচৌবা লম অমা ওইরক্লি। মসিদাসু মাংজিল থানবা উত্তর প্রদেশনা মাংলোমদা চঙশিল্লি। তুংদা ঙমখৈ লৈতবা খুদোংচাবশিং লৈবা পাক চাওরবা লম অমা উত্তর প্রদেশকি মীয়ামগীদমক হাংদোক্লি।

 

মরুপশিং,

উত্তর প্রদেশকি ইন্দস্ত্রিগী চাওখৎ-থৌরাং অসিসু ভারতকি স্ত্রেতেজিক পাঙ্গল ওইরক্লি। ঙসি লৈবাক অসিগী দিফেন্স কোরিদোর অনিগী মনুংদা অমদি উত্তর প্রদেশতা লৈরে। অচৌবা দিফেন্স কম্পেনিশিং না মফম অসিদা ফেক্তারিশিং লিংখৎলি। মালেমগী ওইনা শকখঙলবা ব্রহমোশগুম্বা মীশাইলশিং উত্তর প্রদেশতা শারি। দিফেন্স ইক্বিপমেন্তশিং শাবদা মথৌ তাবা অপিকপা শরুকশিং শপ্লাই তৌনবা এম.এস.এম.ই. মসিনা উত্তর প্রদেশকি এম.এস.এম.ই. অপিকপা জিলাশিংদসু হৌজিক্তি নহারোলশিংনা অচৌবা ইন্দস্ত্রিশিংদা য়াওবগী মংলান মংফাওনহনবা ঙম্লে।

মরুপশিং,

ঙসি উত্তর প্রদেশ অসি অসুক য়াম্না য়াংনা চাওখৎলক্লি মরমদি উত্তর প্রদেশনা অরিবা রাজনিতিদা অহোঙবা পুরকপগা লোয়ননা অনৌবা মশক অমা শেমগৎলে । নিংশিংবিয়ু, মতম অমদা উত্তর প্রদেশ অসি পোৎচৈশিংগীদমক খঙনরম্মি। ঙসিদি চপ মান্নবা রাজ্য অদু লৈবাক অসিদা খ্বাইদগী য়াম্না এক্সপ্রেশৱে লৈবা রাজ্য ওইরে। হান্নদি য়ুমলোননরিবা জিলাশিং ফাওবা চৎপাদা অৱাবা ওইরম্মি। অদুবু ঙসিদি উত্তর প্রদেশতা ইনতরনেশ্নেল এয়রপোরৎ মঙা য়াওনা এয়রপোরৎ ২১ লৈরে । নোইদা ইনতরনেশনেল এয়ারপোরতসু হৌদোকখ্রে। নোইদা ইনতরনেশ্নেল এয়রপোরৎ অসি গঙ্গা এক্সপ্রেশৱেদগী পূং খরগী মনুংদা চৎলগা লৈ।

মরুপশিং,

ঐখোয়গী উত্তর প্রদেশ অসি ভগবান রাম অমসুং ভগবান কৃষ্ণগী লমনি। অদুবু মমাঙগী সরকারশিংগী থবকশিং না মরম ওইদুনা ক্রাইম অমসুং জঙ্গল রাজ অসি য়ু.পি. য়ু.পি.গী মাফিয়াশিংদা ফিল্মশিং শেমখি। অদুবু হৌজিক্তি লৈবাক শিনবা থুংনা য়ু.পি.গী লো অমসুং ওরদর অসি খুদম ওই না পনখ্রে।

 

মরুপশিং,

শক্তি মাংখ্রবা অমসুং রিসোর্স লৌথোকপগী থবক্তা য়াওরবা সমাজৱাদি পার্তিনা উত্তর প্রদেশকি প্রোগ্রেশ অসিবু নুংঙাইহনবা ঙমদ্রি। মখোয়না উত্তর প্রদেশপু অমুক হন্না হৌখিবা মতমদা পুশিল্লকপা পামলি। মখোয়না খুন্নাই অসিবু অমুক হন্না খায়দোকপা অমসুং খায়দোকপা পাম্মী।

মরুপশিং,

সমাজৱাদি পার্তি অসি চাওখৎ-থৌরাংগী মায়োক্তা অমসুং নুপীগী মায়োক্তা লৈবা অনিমক ওইরি। হন্দক্কী মতম অসিদা লৈবাক অসিনা সমাজৱাদি পার্তি অমসুং কংগ্রেশগুম্বা পার্তিশিংগী অশেংবা মওং মতৌ অদু অমুক হন্না উবা ফংলে। কেন্দ্রদা লৈবা এন.দি.এ.গী সরকারনা পার্লিয়ামেন্ততা নারি শক্তি বন্ধন এমেন্দমেন্ত হৌদোকখি। করিগুম্বা মসিগী এমেন্দমেন্ত অসি পাস তৌরম্লবদি, নুপীশিংনা ২০২৯গী মীখলদগী হৌনা লেজিস্লেতিবা এশেম্বালি অমসুং লোক শভাদা রিজরবেশন ফংলমগনি! ঐখোয়গী ইমা অমসুং ইচে মশিং য়াম্না এম.পি., এম.এল.এ. ওইরমগনি অমসুং দিল্লী অমসুং লখনৌদা য়ৌরম্লগনি। অমসুং মদুসু, অতোপ্পা ক্লাস অমত্তগী সিৎ হন্থহনদনা! অদুবু সমাজৱাদি পার্তিনা মসিগী এমেন্দমেন্ত বিল অসিগী মায়োক্তা ভোৎ থাদখি।

মরুপশিং,

মসিগী বিল অসিনা রাজ্য পুম্নমক্কি সিৎশিং হেঙ্গৎলম্লগনি। ঐখোয়না পার্লিয়ামেন্ততা ময়েক শেঙনা হায়খি মদুদি রাজ্য পুম্নমক্কি সিৎশিং অসি চপ মান্নবা চাংদা হেনগৎলগনি। অদুবু উত্তর প্রদেশপু লান্না লমজিংদুনা রাজনিতি তৌরিবা দি.এম.কে.গুম্বা পার্তিশিংনা উত্তর প্রদেশকি সিৎশিং হেনগৎলক্কনি হায়বগী ৱাফম অসি য়ানিংদবা ফোঙদোকখি। অদোম্না উবিরমগনি, সমাজৱাদি পার্তিনা পার্লিয়ামেন্ততা মখোয়গী খোঞ্জেল অদু ইকোক নোঞ্জরম্মি। এস.পি.গী মেম্বরশিং অসিনা অদোমগী ভোৎ লৌদুনা পার্লিয়ামেন্ততা চৎলু, মদুগী মতুংদা পার্লিয়ামেন্ততা উত্তর প্রদেশকি মীয়াম্বু লান্না লমজিংবিরিবা মীওইশিংগা লোয়ননা লেপ্লি। মরম অসিনা উত্তর প্রদেশকি মীয়ামনা সমাজৱাদি পার্তিনা কৈদৌঙৈদা অহোঙবা পুরকপা ঙম্লোই হায়না হায়রি। মখোয়না মতম পুম্নমক্তা এন্তি-ৱুমেন পোলিতিক্সতা য়াওগনি। মখোয়না মতম পুম্নমক্তা এপিজমেন্ত অমসুং ক্রিমিনেলশিংগা লোয়ননা লৈরনি। এস.পি.না কৈদৌঙৈদসু নেপোতিজম অমসুং কাশ্তিজমগী মথকতা ৱাংখৎপা ঙম্লোই। মখোয়না মতম পুম্নমক্তা এন্তি-দিবেলপমেন্ত পোলিতিক্সতা য়াওগনি। উত্তর প্রদেশনা এস.পি. অমসুং মসিগী মরুপশিংদগী চেকশিনগদবনি।

মরুপশিং,

ঙসি লৈবাক অসিনা ৱারেপ অমখক্তংগা লোয়ননা মাংলোমদা চঙশিল্লি- চাওখৎলবা ভারতকি ৱারেপ! মসিগী ৱারেপ অসি মপুঙ ফাহনবদা উত্তর প্রদেশকি মরুওইবা থৌদাং লৈরি। ঙসি মালেম পুম্বসি করমনা লৈবগে হায়বদু অদোম পুম্নমক্না উবিরমগনি—

লান, তংদু লৈতাবা অমসুং তংদু লৈতাদবদা থুংলখি। অচৌবা লৈবাকশিংগী ফীভম অসি য়াম্না শাথিনা শোকহল্লি। অদুম ওইনমক ভারতনা চাওখৎপগী লম্বিদা চপ মান্নবা খোঙজেলদা মাংলোমদা চঙশিল্লি। মপানগী য়েক্নবশিংনা মসি পামদে। মখোয়গী শক্তিগী লমহাংদা খোঙহামদবা ইনতরনেল ফোরশ খরনা ভারতপু শোকহন্নবা হোৎনরি। অদুম ওইনমক, ঐখোয়না শাফবখক্তা নত্তনা চাওখৎ-থৌরাংগী লমদা অনৌবা মায়লশ্তোনশিংসু ফংলি। ঐখোয়না আৎমনিরভর ভারত অভিয়ান অসি মাংলোমদা পুখৎলি। ঐখোয়না খ্বাইদগী মোদর্ন ইনফ্রাস্ত্রকচর শেমগৎলি। গঙ্গা এক্সপ্রেশৱে অসি মায়কৈ অসিদা অতোপ্পা অচেৎপা খোঙথাং অমনি। ঐহাক্না থাজবা থমলি মদুদি উত্তর প্রদেশকি মীয়ামনা মখোয়গী কন্না হোতনবা অমসুং তেলেন্তকি খুৎথাংদা গঙ্গা এক্সপ্রেশৱেনা ঐখোয়গী য়ুমথোঙদা পুরক্কদবা ওইথোকপা য়াবশিং অদু খঙলগনি। মসিগী ৱারেপ অসিগা লোয়ননা অদোম পুম্নমকপু থম্মোই শেঙনা নুংঙাইবা ফোঙদোকচরি। অদোম্বু য়াম্না থাগৎচরি!

ভারত মাতা কি জয়।

ভারত মাতা কি জয়।

বন্দে মাতরম।

বন্দে মাতরম।

বন্দে মাতরম।

বন্দে মাতরম।

বন্দে মাতরম।

অদোম্বু হন্না হন্না থাগৎচরি!