BJP believes in 'Rashtra Bhakti' and serving the society: PM Modi

Published By : Admin | May 8, 2018 | 14:01 IST
We only have one mantra, 'Sabka Saath Sabka Vikas': PM Modi
Congress can go to any extent for power, their game is to plot brothers against each other, says the PM
Protecting the girl child is our commitment. We believe in the mantra of 'Beta Beti Ek Samaan': PM Modi in Koppal
We have embarked on a journey to make our villages smoke-free, we are ensuring cooking gas for the poor women in villages, says the PM
Congress did nothing to promote tourism and rich history of Karnataka, alleges PM

मैं सबसे पहले आप सबसे क्षमा मांगना चाहता हूं। और मैं क्षमा इसलिए मांग रहा हूं कि यहां के जो हमारे व्यवस्थापक हैं। उन्होंने जो सभा की कल्पनी की थी। और उसके हिसाब से पंडाल बनाया था लेकिन यह पंडाल बहुत ही छोटा पड़ गया। पंडाल से भी चार गुणा लोग बाहर धूप में तप रहे हैं। आपको ताप में तपना पड़ रहा है। आपको कष्ट हुआ है। इसके लिए मैं आपसे क्षमा मांगता हूं लेकिन मैं आपको विश्वास दिलाता हूं। आप जो ये ताप में तप कर रहे हो ...। ये आपका तप मैं बेकार नहीं जाने दूंगा। मैं आपका ये प्यार, आपका ये आशीर्वाद, आपकी ये तपस्या मैं इसे ब्याज समेत लौटाऊंगा। विकास करके लौटाऊंगा।

हमारा देश अगर भगवान राम का स्मरण करता है तो माता सबरी को भी कभी भूलता नहीं है। और राम-सबरी का संवाद निर्बाध प्रेम, आस्था, भक्ति, उसका प्रतीक हम सबको आज भी प्रेरणा देता है।

हम भारतीय जनता पार्टी के लोग भी राष्ट्रभक्ति, जनता जनार्दन की भक्ति, गरीबों की सेवा ...। उसी भाव को लेकर के आप सबकी सेवा में रत है। हम लोगों का एक ही मंत्र है सबका साथ, सबका विकास।

लेकिन दूसरी तरफ एक ऐसी पार्टी है जिसने आजादी के 70 साल में 60 साल तक खुद ने राज किया है। लेकिन उस पार्टी का मंत्र है - उनका परिवार, यही उनका संविधान है। उनका परिवार, यही उनकी सरकार है। वो सरकार चलाते हैं तो भी परिवार के लिए, सरकार गिराते हैं तो भी परिवार के लिए। सत्ता पाने के लिए वो किसी भी हद तक जा सकते हैं। देश तोड़ो, पंथ तोड़ो, जाति तोड़ो, परिवार तोड़ो, बिरादरी तोडो, भाई से भाई को लड़ाओ और उनकी कुर्सी बचाओ। यही उनका खेल है। कांग्रेस पार्टी की राजनीतिक सोच कितनी विकृत है। देश के भीतर कैसे जहर घोलने वाली है। आपको उनके कारनामे देखोगे तो साफ-साफ नजर आएगा।

येदुरप्पा जी जब कर्नाटक के सीएम थे तब उन्होंने कर्नाटक की समृद्ध विरासत के प्रचार, प्रसार, संरक्षण, संवर्धन के लिए एक अभियान चलाया था। और उसका प्रारंभ यहीं आपका क्षेत्र हम्पी से किया था। ताकि भावी पीढ़ियों को उससे प्रेरणा मिले। लेकिन मुझे बताया गया कि जैसे ही उनकी सरकार बनी। उन्होंने बच्चों के दिमाग में भी जहर घोलना शुरू किया। येदुरप्पा की योजना बंद कर दी। और स्कूल के बच्चों को भी स्कूल में अगर पर्यटन पर जाते हैं, ट्रिप जाने के लिए जाति के आधार पर स्थानों पर जाने का फैसला किया। इससे बड़ा दुर्दशा क्या हो सकता है।

बंधु भगनी।

आपके क्षेत्र मे एक से एक बढ़कर एक धरोहर है। हमारी पूर्वजों की दी हुई विरासत है। ये धरती तो जैन काशी के रूप में भी जानी जाती है लेकिन इस सरकार ने न उसके प्रचार के लिए कुछ किया, न प्रसार के लिए कुछ किया। न टूरिज्म डवलपमेंट के लिए कुछ किया और न ही यात्रा के लिए कुछ भी नहीं किया। कोई भी देश अपने इतिहास की, अपने सांस्कृतिक विरासत की, अपनी सामाजिक धरोहर की कभी भी उपेक्षा नहीं कर सकता है।

भाइयो बहनो।

देश की सांस्कृतिक विरासत का सामर्थ्य बने। इसके लिए भारत सरकार ने एक स्वदेश दर्शन योजना बनाई है। 5 हजार करोड़ रुपए की लागत से इस योजना के तहत लोगों को यात्रा करने की सुविधाएं बढ़े। अलग-अलग सर्किट डवलप हो, बुद्ध सर्किट हो, महात्मा गांधी हो, स्वतंत्रता सेनानी का सर्किट हो, भगवान राम का सर्किट हो, महावीर जैन सर्किट हो, रेगिस्तान का सर्किट हो, समुद्र तट का सर्किट हो। ऐसी एक स्वदेश दर्शन योजना का 5 हजार करोड़ रुपए की योजना हमने बनाई है ताकि एक भारत श्रेष्ठ भारत उसको बल मिले।

यहां के अनेगुंडी और हम्पी का भी महात्म्य है। यह क्षेत्र महावीर हनुमान की जन्मस्थली और भगवान राम के वनवास के अहम क्षेत्रों से जुड़ी हुई है। देश के कोने-कोने से लोग जा सके। इसलिए हमने हमने हवाई यात्रा का नेटवर्क बनाने की आकर्षक योजना बनाई है। अब हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज में बैठकरके ऐसे स्थानों पर जा सके, ये काम हमने किया है।

मैं भारतीय जनता पार्टी कर्नाटक को और येदुरप्पा जी को भी बधाई देता हूं कि उन्होंने वचन पत्र में ये वादा किया है कि इस प्रकार के यात्रा स्थानों को विकास के लिए, टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए, देशभर से पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए ...।

बंधु भगनी।

दो साल पहले आपको याद होगा, मैंने इसी धरती की संतान मल्लमा ...। मल्लमा को मैंने मेरे मन की बात कार्यक्रम में उसका जिक्र किया था। इस गांव की छोटी-सी बच्ची मल्लमा, उसने शौचालय बनाने की जिद पकड़ी, शौचालय बनाने का अभियान चलाया और परिवर्तन कैसे आता है पूरे देश को दिखाने का काम यहां की बेटी मल्लमा ने किया था। मुझे खुशी है आज, मल्लमा जैसी लाखों बेटियां पूरे देश में स्वच्छ अभियान को आगे बढ़ा रही है। मैं इस धरती को विशेष नमन करता हूं जिस धरती ने हमारी मल्लमा जैसी बेटी को जन्म दिया।

भाइयो बहनो।

शौचालय ये सुविधा मात्र नहीं है। यह नारी के सम्मान के साथ जुड़ा हुआ है। ये नारी के इज्जत के साथ जुड़ा हुआ है। कोई कल्पना कर सकता है। गांव के अंदर हमारी मां-बहन, खुले में शौच जाना पड़ता है। वह अंधेरे का इंतजार करती है। सुबह सूरज उगने से पहले चली जाती है। दिनभर बेचारी जाती नहीं है। परेशानी हो तो भी जाती नहीं है। और शाम तक सूरज ढलने का इंतजार करती है। क्या मेरी माताओं-बहनों को इस अत्याचार से मुक्ति मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए ...।

भाइयो बहनो।

जब मैं लालकिले पर से शौचालय की बात कही तो लोगों ने मेरी आलोचना की, मेरा मजाक उड़ाया। और नामदार तो इस कामदार का मजाक उड़ाने में कभी पीछे ही नहीं रहते हैं। लेकिन सोने की चम्मच लेकरके पैदा हुए नामदार को  उस गरीब मां की मुसीबत का पता कैसे चलेगा। वो तो मजाक उड़ाएंगे। लेकिन हम तो गरीबों के लिए जीते हैं, गरीबों के लिए जिंदगी खपाने वाले लोग हैं।

भाइयो बहनो।

आपको जानकरके खुशी होगी कि देश को इस चीज की कितनी जरूरत थी। भले लोग मेरा मजाक उड़ाते हो। लेकिन 2014 में मेरी सरकार बनी। उसके पहले देश में गांवो में शौचालय का कवरेज सिर्फ 40 प्रतिशत था। 4 साल की कड़ी मेहनत, मल्लमा जैसी बेटियों के साथ, आज वो कवरेज 40 प्रतिशत से 4 साल में 80 प्रतिशत पहुंचा दिया है।

आपने कल्पना की है। हमारे देश में मां। गरीब मां। लकड़ी का चूल्हा जलाकरके खाना पकाती है। मैंने बचपन में मेरी मां को लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाते देखा है। पूरा घर धुएं से भर जाता था। हम बच्चे घर में खांसते रहते थे। मां परेशानी झेलती थी। लेकिन हमें खाना खिलाती थी। ऐसी करोड़ों माताएं, मेरे देश में जिंदगी गुजारती थी। और एक मां लकड़ी का चूल्हा जलाकरके खाना पकाती है तो 400 सिगरेट का धुआं हर दिन उसके शरीर में जाता है। उस मां के शरीर का हाल क्या होगा। और इसलिए हमने बीड़ा उठाया। मेरी गरीब से गरीब मां को, येलकड़ी के चूल्हे से खाना पकाने से मुक्ति दूंगा। उसको गैस का कनेक्शन दूंगा। और मुझे आज खुशी है कि इतने कम समय में 4 करोड़ परिवारों में मुफ्त गैस कनेक्शन देकरके, लकड़ी के चूल्हे के धुएं से माताओं-बहनों को मैंने मुक्ति दिलाई है।

भाइयो बहनो।

ये कांग्रेस का एक और पाप मैं आपको गिनाना चाहता हूं। आपको मालूम है कि आज देश में कई जिले ऐसे हैं जहां हजार अगर लड़के पैदा होते हैं तो सिर्फ 800, 850, 900 लड़कियां पैदा होती हैं। जबकि समाज में जितनी लड़के पैदा होने चाहिए, उतनी लड़कियां पैदा होनी चाहिए। लेकिन पुरानी सरकारों के दरम्यान मां के गर्भ में ही बेटियों को मार दिया जाता था। सरकार सोती रहती थी। बेटियों की संख्या कम होती गई। हमने बीड़ा उठाया है, बेटी बचाने का। मां के गर्भ में बेटियों को नहीं मारने देंगे। बेटा बेटी एक समान, इस अभियान को चलाया है। और उसका परिणाम है कि हजार बेटों के सामने नए जन्म होने वाली बेटियां पैदा होना शुरू हुआ है। आगे चलकरके ये गड्ढा भी भर जाएगा। ये काम हम कर रहे हैं।

बेटियों को शिक्षा मिले, 18 साल की उम्र के बाद, एक जीवन में सुरक्षा महसूस हो, इसके लिए सुकन्या समृद्धि योजना के तहत बेटियों के नाम अगर कोई पैसे जमा करता है तो अधिक ब्याज देने की योजना बनाई। और आज बैंकों में बेटियों के नाम करोड़ों-करोड़ रुपये के बैंकों के खाते में जमा हुए हैं। जब बेटी 18 साल की होगी, ये रुपया उनको ब्याज सहित मिलेगा।

कभी-कभी कुछ राक्षसी मनोवृत्ति वाले लोग, विकृत मानसिकता वाले लोग हमारी बेटियों पर राक्षसी कृत्य करके, बलात्कार करके, उनकी जिंदगी बर्बाद करते हैं, बेटियों को मौत के घाट उतार देते हैं।

भाइयो बहनो।

ये मोदी सरकार है जिसने फैसला लिया है कि अगर बेटियों के साथ ऐसी राक्षसी व्यवहार होगा तो ऐसा करने वालों को फांसी पर लटका दिया जाएगा। ये कानून हमने बनाया है।

साथियों।

मैं कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी को बधाई देता हूं। श्रीमान येदुरप्पा जी को बधाई देता हूं कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के मेनिफेस्टों में, भारतीय जनता पार्टी के वचन पत्र में वादा किया है कि वे महिला सशक्तीकरण को और तेजी से आगे बढ़ाएंगे। येदियुरप्पा जी ने वादा किया है। 15 मई को भाजपा की सरकार बनने के बाद कर्नाटक की महिलाओं के लिए 10 हजार करोड़ रुपए की राशि से स्त्री उन्नति फंड बनाया जाएगा। महिलाओं के नेतृत्व में कॉ-ऑपरेटिव मूवमेंट चलाई जाएगी, महिलाओं की को-ऑपरेटिव सोसाइटियां बनाई जाएगी। स्त्री उन्नति स्टोर का पूरे राज्य के अंदर जाल बिछाया जाएगा।

कर्नाटक की महिला बहने माताएं।

एक बहुत बड़ा काम येदुरप्पा की सरकार करना चाहती है। 15 मई के बाद भाजपा सरकार बनके बाद करना चाहती है। जो वुमेन सेल्फ हेल्प ग्रुप है। अगर वो पैसे ब्याज से लेंगे तो सिर्फ एक प्रतिशत ब्याज से 2 लाख रुपये की राशि इन महिलाओं को दी जाएगी। ये बहुत बड़ा क्रांतिकारी विचार येदुरप्पा जी ने रखा है।

पशुपालन और डेयरी उद्योग को बल मिले, महिलाओं को एक अतिरिक्त काम मिले, गांव की महिलाओं को काम मिले। इसलिए सौ करोड़ रुपया डेयरी फार्मिंग की योजना के लिए उन्होंने तय किया है। महिला उद्यमियों के लिए 100 करोड़ की लागत से 30 नए क्लस्टर बनाए जाएंगे।

बंधु भगनी।

कर्नाटक की एक विशेषता रही है। यहां के संत, यहां की ऋषि परंपरा, यहां के महंत, यहां के मठ, यहां के मंदिर हर पल समाज के कल्याण के लिए कोई न कोई नई योजना बनाते हैं, कुछ न कुछ समाज के लिए लगातार कर रहे हैं, सदियों से कर रहे हैं। यही कर्नाटक की विशेष पहचान है।

जल संचय के क्षेत्र में कवि मठ जतरा ...। ये कवि मठ जतरा ने जो काम किया है। मैं समझता हूं कि आने वाली पीढ़ियां याद करेगी। ऐसी महान काम इस धरती पर करके देश को दिशा दी है। मुझे बताया गया है कि पिछले वर्ष जल दीक्षा कार्य चलाया गया। समाज को ताकतवर बनाने का कैसा बड़ा अभियान यहां लोग चलाते हैं। मैं उनको नमन करता हूं।

भाइयो बहनो।

हमारा किसान ...। हमारा किसान ऐसी ताकत रखता है, अगर किसान को पानी मिल जाए तो मेरा किसान मिट्टी में से सोना पैदा कर सकता है। कर्नाटक का ये हमारा क्षेत्र जो सदियों से भदखड़जा के रूप में जाना जाता था। चावल का कटोरा। आज बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहा है। तुंगभद्रा और अला-मट्टी ऐसे डैम होने के बाद भी, ये सरकार सोई पड़ी है। और इसके कारण किसान पानी के बिना तरस रहा है। लेकिन ये कांग्रेस के एक अहंकारी नेता, ये अहंकारी सरकार, यहां का अहंकारी मुख्यमंत्री, खुद को कुछ समझ नहीं आता है लेकिन किसी से कुछ सीखने को भी तैयार नहीं है। अरे हिन्दुस्तान में और राज्यों ने पानी के लिए क्या काम किया है। बगल में महाराष्ट्र में डीसिल्टिंग का बड़ा काम किया है। उससे भी कुछ सीखते तो आज कर्नाटक के किसान का यह हाल न होता।

आपके 5 साल इस सरकार ने बर्बाद किए हैं। अरे बगल में महाराष्ट्र में बीजेपी सरकार को अभी तो 2-3 साल हुआ है। और दो साल के भीतर-भीतर उन्होंने डिसिल्टिंग का अभियान चलाया, सारे बांधों को गहरा किया, पानी संरक्षण ज्यादा किया और किसानों को कम अधिक मात्रा में मदद करने में सफल हुए। और यहां की सरकार ने 5 साल बर्बाद कर दिया।

भाइयो बहनो।

मैं आपको एक विनती करता हूं। एक सवाल कांग्रेस के लोगों को पूछना। जो भी कांग्रेस वाला मिले। वोट मांगने आए। इस इलाके कि जनता उससे सवाल पूछे। पूछोगे ...। जरा जोर से बताओ। पक्का पूछोगे ...। आंख में आंख मिलाकर पूछोगे ...। उनसे जवाब मांगोगे ...। उनको इतना पूछिए। कृष्णा बी ...। कृष्णा बी सिंचाई योजना के लिए आपने 2 हजार करोड़ रुपये का वादा किया था कि नहीं किया था ...। अगर वादा किया थो 2 हजार करोड़ रुपया गया कहां ...। जरा जवाब दो ...। मुझे यहां से बता रहे हैं कि 2 हजार नहीं, 10 हजार करोड़ रुपए कहा था। जवाब मांगोगे ...।  जवाब मांगोगे ...। मांगोगे ...। अगर जवाब नहीं मिला तो सजा दोगे ...। सजा दोगे ...। 12 मई को उखाड़के फेंक दोगे ...।

भाइयो बहनो।

जब जगदीश सत्तार हमारे मुख्यमंत्री थे। मेरे मित्र जगदीश सत्तार ने कृष्णा बी योजना की परिकल्पना की थी। लेकिन उनके जाने के बाद कांग्रेस सरकार ने ताले लगा दिए।

हमारा किसान शक्तिशाली हो, हमारा गांव सामर्थ्यवान हो, इसलिए किसान को सशक्त होना जरूरी है। हमने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत खेत में पानी पहुंचाने का बड़ा अभियान उठाया है। जो डैम 30-35 साल से कुछ काम नहीं होता था। वो सारे काम शुरू करवाए हैं। और आने वाले एक साल के भीतर-भीतर सारे काम पूरा करके किसानों को पानी पहुंचाने का अभियान चलाने वाले हैं।

भाइयो बहनो।

हमारे इस राज्य में भी 4 हजार करोड़ रुपये लगाकर पांच पड़े सिंचाई के बड़े प्रोजेक्ट भारत सरकार लागू कर रही है। एक पूरा हो गया है और बाकी चार भी जल्दी पूरे होने को है। लेकिन कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचार करने से खाली हो तब किसानों का सोचेगी ना और पानी के बारे में सोचेगी ना। उनको पैसों में रुचि है किसान के लिए पानी में रुचि नहीं है।

भाइयो बहनो।

हमने एक बड़ा ऐतिहासिक निर्णय किया है। आजादी के बाद कोई सरकार नहीं कर सकी। ऐसा बड़ा ऐतिहासिक निर्णय हमने किया है। अब किसान अपने खेत में जो पैदा करेगा, उसको काम करने में जो खर्च लगेगा। अगर वो मजदूर लाता है, बीज लाता है, दवाई लाता है, फर्टिलाइजर लाता है, किसी से किराए पर मशीन लाता है, किराए पर पशु लाता है, खुद के परिवार के लोग मजदूरी करते हैं, जो खर्च होगा सारा गिनकर के एमएसपी का डेढ़ गुना दिया जाएगा। ये निर्णय हमने किया है। हमने 22 हजार ग्रामीण हाटों को अपग्रेड करने की योजना बनाई है। ताकि किसान को पांच-दस किमी के रास्ते पर अपनी पैदावार बेचने की उत्तम सुविधा मिल जाए और उसको अपनी पैदावार का सही दाम मिल जाए।

हमने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लाए हैं। एक प्रकार से यह किसान की जीवन रक्षा योजना है। हमारे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रक्षा योजना है। ये प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से किसान को बुआई से पहले, बुआई के दौरान, फसल पैदान होने के बाद, फसल बाजार में जाने से पहले अगर कोई भी प्राकृतिक नुकसान होगा तो सभी समय उसको फसल बीमा का पैसा मिलेगा। ये देश पहली बार हमने ऐसी योजना देश में लाए हैं। इसी वर्ष में इसी फसल बीमा योजना के तहत अकेले कर्नाटक के किसानों को 1100 करोड़ रुपये की क्लेम राशि मिली है। आप कल्पना कर सकते हैं कि इतनी बड़ी राशि किसानों के पास इस प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जिसकी तो अभी शुरुआत है। तो भी इसका लाभ पहुंचा है।

मेरे प्यारे भाइयो बहनो।

येदुरप्पा की सरकार बनानी है। किसानों की सरकार बनानी है। किसानों के कल्याण के लिए सरकार बनानी है। और इसलिए 12 मई को घर-घर जाना है। एक-एक मतदाता से मिलकरके पोलिंग बूथ तक लाना है और भारी से भारी, ज्यादा से ज्यादा मतदान कराना है।

भाइयो बहनो।

अब मतदान को 4 दिन बाकी है। मैं आपसे आग्रह करता हूं। क्या आप घर-घर जाएंगे ...। जोर से जवाब दीजिए। घर-घर जाएंगे ...। मतदाताओं को मिलेंगे ...। मतदान करवाएंगे ...। ज्यादा से ज्यादा मतदान करवाएंगे ...। कांग्रेस को उखाड़ फेकेंगे ...। भाजपा की सरकार आएंगे ...। भाजपा को जीताएंगे ...। येदुरप्पा की सरकार बनाएंगे ...। ये मिजाज आपका बताता है। 15 मई को जब परिणाम आएगा तो कांग्रेस कहीं नजर नहीं आएगी। स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित कर्नाटक निर्मिष सोना बन्नी ऐल्लरू कै जोड़ी सी। सरकार बदली सी, बीजेपी गेल्ली सी। सरकार बदली सी, बीजेपी गेल्ली सी। सरकार बदली सी, बीजेपी गेल्ली सी। सरकार बदली सी, बीजेपी गेल्ली सी। बहुत-बहुत धन्यवाद।

 

 

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भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी, दिल्ली के लेफ्टिनेंट गर्वनर विनय सक्सेना जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे सहयोगी मनोहर लाल जी, हर्ष मल्होत्रा जी, तोखन साहू जी, प्रदेश सरकार के सभी मंत्री, सभी माननीय सांसद, माननीय विधायकगण और दिल्ली के मेरे प्यारे भाईयों और बहनों।

आज हम सब दिल्ली में विकास को नई गति देने के लिए यहां इकट्ठे हुए हैं। कुछ देर पहले ही यहां साढ़े तैंतीस हजार करोड़ रूपये के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। मेट्रो के विस्तार से लेकर हजारों सरकारी कर्मचारियों के आवासों तक देश की राजधानी में सुविधाओं का लगाता मजबूत विस्तार हो रहा है, एक नई मजबूती दी जा रही है। दिल्ली के आप लोगों ने एक साल पहले जिस नई उम्मीद और नए संकल्प के साथ, यहां भाजपा की डबल इंजन सरकार बनाई थी, उसका परिणाम आज यहां विकास कार्यों में दिख रहा है। मैं दिल्ली के सभी नागरिकों को इस विकास की अविरत धारा के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आज का यह कार्यक्रम एक और वजह से भी बहुत विशेष है। आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है। आज भारत, महिला सशक्तिकरण की नई गाथा लिख रहा है। यहां रेखा गुप्ता जी के सफल नेतृत्व में राजधानी का विकास हो रहा है। राजनीति, प्रशासन, विज्ञान, खेल या समाज सेवा का क्षेत्र, भारत की नारी शक्ति हर क्षेत्र में एक नई ऊर्जा से आगे बढ़ रही है। मैं पूरे देश की नारी शक्ति को आज महिला दिवस पर हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं, और राष्ट्र के विकास में उनके असीमित योगदान के लिए ऋृण स्वीकार करता हूं और उन्हें अनेक-अनेक शुभकामनाएँ देता हूं, ताकि वो समाज और राष्ट्र को निरंतर मजबूती देती रहें, राष्ट्र को निरंतर प्रगति की राह पर ले जाने में नई ऊर्जा देती रहें।

साथियों,

दुनिया का कोई भी व्यक्ति, जब भारत जैसे विशाल लोकतंत्र के बारे में सोचता है, तो अक्सर उसके मन में दिल्ली की तस्वीर आती है। दिल्ली केवल भारत की राजधानी नहीं है। ये भारत की पहचान भी है, भारत की ऊर्जा का प्रतीक भी है। इसलिए दिल्ली का विकास केवल एक शहर का विकास नहीं होता, यह पूरे देश की छवि से जुड़ा होता है। दिल्ली जितनी आधुनिक होगी, दिल्ली जितनी सुविधाजनक होगी, दिल्ली की कनेक्टिविटी जितनी बेहतर होगी, भारत का आत्मविश्वास दुनिया के सामने उतनी ही मज़बूती से दिखाई देगा। और इसलिए मुझे खुशी है कि आज हमारी दिल्ली सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में तेज़ी से आगे बढ़ रही है। एक समय था, जब दिल्ली में खराब व्यवस्थाओं की ही चर्चा होती थी। शहर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक पहुँचने में कई कई घंटे लगते थे, बस स्टैंड्स पर, बसों और ऑटो के इंतजार में माताओं-बहनों का समय बर्बाद होता था। लेकिन आज दिल्ली की तस्वीर बदल रही है। कुछ ही दिन पहले, दिल्ली नमो भारत जैसी तेज़ ट्रेन के ज़रिए मेरठ से जुड़ी है। इससे दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा और आसान हो गई है। और आज, मेट्रो फेज-फोर के शुरू होने के साथ दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 375 किलोमीटर से भी आगे पहुंच गया है। दुनिया के बड़े-बड़े शहरों में भी मेट्रो का इतना बड़ा नेटवर्क नहीं है।

साथियों,

आज जो मेट्रो का नया सेक्शन शुरू हुआ है, उससे राजधानी के लाखों लोगों को बहुत बड़ी सुविधा मिलने वाली है। खासतौर पर, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लोगों के लिए अब रोज़ का सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान होगा। इन सबके साथ ही, गाज़ियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम जैसे एनसीआर के शहरों से, दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में आना जाना और भी आसान हो जाएगा।

साथियों,

आज का ये कार्यक्रम, इस बात का भी प्रमाण है कि एक वर्ष पहले दिल्ली ने जिस आपदा से मुक्ति पाई, वो कितनी जरूरी थी। अगर यहां पर आपदा सरकार न होती, तो ये मेट्रो फेज़-4 प्रोजेक्ट, बहुत पहले पूरा हो चुका होता। लेकिन आपदा वालों ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए, दिल्ली के लाखों लोगों की सुविधा को ताक पर रख दिया था। अब यहां भाजपा सरकार बनने के बाद, दिल्ली के चौतरफा विकास में बहुत तेजी आई है।

साथियों,

डबल इंजन की सरकार में, दिल्ली की हर ट्रांसपोर्ट फैसिलिटी का अपग्रेडेशन हो रहा है। दिल्ली में हर दिन लाखों लोग बसों से सफर करते हैं। इसलिए हमारी कोशिश है कि, दिल्ली के लोगों को, साफ, आरामदायक और आधुनिक बस सेवा मिले। केंद्र सरकार द्वारा दी गई चार हज़ार से अधिक इलेक्ट्रिक बसें, आज दिल्ली के लोगों की सेवा कर रही हैं। और बीते केवल एक साल में ही लगभग 1800 नई बसों को, दिल्ली की सड़कों पर उतारा गया है। इनमें सैकड़ों देवी बसें भी शामिल हैं, जो दिल्ली की कॉलोनियों और मोहल्लों को आपस में जोड़ रही हैं।

साथियों,

करीब 10 वर्षों तक यहां जो आपदा सरकार थी, उसने विकास का हर काम ठप कर रखा था। अब दिल्ली से जुडी विभिन्न चुनौतियों के समाधान के लिए हमारी सरकार, मिशन मोड पर काम कर रही है। पैरिफरल एक्सप्रेस-वे बनने से लाखों गाड़ियों को, दिल्ली में दाखिल होने की आवश्यकता नहीं पड़ती। भाजपा सरकार यमुना जी की साफ-सफाई के लिए भी, बहुत बड़े लेवल पर काम कर रही है। इसके लिए करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू किया गया है।

साथियों,

दिल्ली में पहले जो आपदा सरकार थी, उसे यहां के गरीब, मध्यम वर्ग, किसी की परेशानी से कोई फर्क नहीं पड़ता था। आपदा सरकार ने हेल्थ सेक्टर का भी बुरा हाल कर रखा था। हम आपदा सरकार को चिट्ठियां लिखते थे, भारत सरकार चिट्ठियां लिखती थी, और कहते रहे कि आयुष्मान स्कीम लागू करो। लेकिन आपदा वालों ने कभी गरीबों की परवाह नहीं की। मुझे खुशी है कि यहां रेखा जी के नेतृत्व में, भाजपा सरकार निरंतर स्थितियों को बदलने में जुटी है। बीते एक वर्ष में ही, अनेक आयुष्मान आरोग्य मंदिर यहां स्थापित किए गए हैं। इससे गरीब और मिडिल क्लास को बहुत फायदा मिल रहा है। अब दिल्ली में आयुष्मान स्कीम भी लागू है। दिल्ली के लोगों को मुफ्त इलाज भी मिल रहा है। फर्क साफ है। आपदा वालों का तरीका था- काम कम, बहाने ज्यादा। आज दिल्ली में विकास का मॉडल है, बहाने बंद, काम शुरू। पहले प्रोजेक्ट्स फाइलों में दम तोड़ते थे। आज प्रोजेक्ट्स जमीन पर उतरते हैं।

साथियों,

आज यहां आने से पहले, मैं सरोजिनी नगर गया था। वहां मुझे नए बने सरकारी आवासों को देखने का अवसर मिला। ये आवास उन सरकारी कर्मचारियों के लिए बनाए गए हैं, जो राष्ट्र के हर संकल्प को पूरा करने में दिन रात परिश्रम करते हैं। ये जरूरी है कि उन्हें रहने के लिए, सुरक्षित, साफ-सुथरे और सुविधाजनक आवास मिलें। और इसीलिए ये नई और आधुनिक इमारतें बनाई जा रही हैं। आज ऐसे हजारों नए फ्लैट्स लाभार्थियों को सौंपे गए हैं। मुझे विश्वास है कि ये नए आवास हमारे कर्मयोगियों और उनके परिवार के जीवन में, नई खुशियां और नई उम्मीद लेकर आएगी।

साथियों,

आज देश में जहां भी बीजेपी की सरकार है, हर राज्य में, हर गांव-हर शहर में, लोगों को किसी ना किसी योजना का लाभ जरूर मिल रहा है। हमारे जो गरीब परिवार हैं, जो माताएं-बहनें हैं, जो मजदूर और किसान हैं, जो छोटी-मोटी नौकरी करने वाले मेरे भाई-बहन हैं, सरकार उन सबके लिए कुछ ना कुछ जरूर कर रही है। मैं आपको हमारे रेहड़ी-पटरी पर काम करने वाले साथियों का उदाहरण बताता हूं। इनका हमारे रोजमर्रा के जीवन में कितना महत्व है, ये हमने कोरोना काल के दौरान अनुभव किया है। ये वो लोग हैं, जिन्हें एक जमाने में अपनी रेहड़ी तक किराये पर लेनी पड़ती थी। छोटा कारोबार करने के लिए हज़ार-दो हज़ार रुपये तक भी उन्हें किसी दूसरे से ऊंचे ब्याज पर लेना पड़ता था। लेकिन हमारी सरकार ने इन साथियों का दर्द समझा, और उन्हें बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा। आज प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से ऐसे लाभार्थियों को अपने काम के लिए आसान लोन मिलने लगा है। दिल्ली में भी रेहड़ी-पटरी पर काम करने वाले करीब 2 लाख साथियों को, इस योजना से करीब 350 करोड़ रुपए की मदद मिली है।

साथियों,

मुझे अभी, इन रेहड़ी पटरी वाली कुछ बहनों के साथ संवाद करने का अवसर मिला, वो किस प्रकार से सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही हैं, उसका विस्तार सुनकर मेरा मन गर्व से भर गया।

साथियों,

इसी दिल्ली में, कभी डेबिट और क्रेडिट कार्ड केवल अमीर लोगों के पास होते थे। लेकिन आज स्थिति बदल रही है। आज रेहड़ी और ठेले पर काम करने वाले साथियों के पास भी क्रेडिट कार्ड की सुविधा पहुंच रही है। सरकार ने रेहड़ी-पटरी वाले साथियों के लिए स्वनिधि क्रेडिट कार्ड देने का अभियान चलाया है। अब उनकी जेब में ही क्रेडिट कार्ड होगा जिसे वो अपनी जरूरत के अनुसार उपयोग कर पाएँगे। अब से कुछ देर पहले यहां मंच पर मुझे कुछ बहनों को ये स्वनिधि क्रेडिट कार्ड देने का अवसर मिला है। ये स्वनिधि क्रेडिट कार्ड, गरीब के स्वाभिमान का नया माध्यम बन रहा है।

साथियों,

आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, मैं देश की अपनी करोड़ों बहनों के साथ, एक और खुशी साझा करना चाहता हूं। कुछ साल पहले हमने संकल्प लिया था कि, हम देश में 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाएंगे। बहुत लोगों ने मेरी मजाक उड़ाई, कि देश के गांव में महिला लखपति दीदी बने, ये मोदी चुनाव जीतने के लिए नई-नई बातें बताता रहता है, बहुत भला-बुरा कहा गया था, बहुत मजाक उड़ाई गई थी, भांति-भांति के सोशल मीडिया पर खेल चल रहे थे। लेकिन आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर बड़े गर्व के साथ कहता हूं कि, मेरी माताओं-बहनों में कितना सामर्थ्य है, अगर उनको अवसर दिया जाए, तो वो कैसे-कैसे, नई- नई सिद्धियां हासिल कर सकती हैं। मुझे आज खुशी के साथ कहना है कि देश ने, तीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का जो संकल्प किया था, वो पूरा हो चुका है। 3 करोड़ से अधिक बहनें अब लखपति बन चुकी हैं।

साथियों,

दशकों से गांवों में हमारी बहनों के पास हुनर भी था, मेहनत भी थी, लेकिन उन्हें पूंजी और अवसर नहीं मिलते थे। और इसीलिए हमने इन बहनों को सेल्फ हेल्प ग्रुप्स से जोड़ा, बैंकों से जोड़ा, और उन्हें नई ट्रेनिंग, नए अवसर और बाजार से जोड़ने का काम किया। आज देश में 10 करोड़ से अधिक बहनें, ऐसे समूहों से जुड़ी हुई हैं। इन सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को, लाखों करोड़ रुपये की आर्थिक मदद मिली है। इसका परिणाम यह है कि आज गांवों की नारीशक्ति, आत्मनिर्भर बन रही हैं, अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं और लखपति दीदी बनकर, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बहुत मजबूत कर रही हैं।

साथियों,

हमारी बहनों की इसी सफलता ने, हमें एक नया संकल्प लेने की प्रेरणा दी है। तीन करोड़ लखपति दीदी, ये असंभव लगता था, लेकिन साकार कर दिया। अब सरकार ने तय किया है कि देश में 3 करोड़ लखपति दीदी, और नई तीन करोड़ जोड़ दी जाएंगी। यानी तीन करोड़ लखपति दीदी बन चुकी, आज हम संकल्प ले रहे हैं, तीन करोड़ और दीदी लखपति दीदी बनेंगी। मुझे पूरा विश्वास है कि देश की नारी शक्ति के आशीर्वाद से यह संकल्प भी जरूर पूरा होगा।

भाइयों और बहनों,

आज जब देश, अपनी माताओं-बहनों-बेटियों की सिद्धियों का गौरवगान कर रहा है, तब मैं दिल्ली-वालों के साथ, देशवासियों के साथ एक पीड़ा भी साझा करना चाहता हूं। ये पीड़ा है, ये दुख है, दिल को गहरी चोट लगी है, जो मैं आज देशवासियों के सामने, दिल्लीवासियों के सामने, मैं व्यक्त करना चाहता हूं। आज देश अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मना रहा है, और कल पश्चिम बंगाल में TMC सरकार ने, देश की राष्ट्रपति, आदरणीय द्रोपदी मुर्मू जी का घोर अपमान किया है। द्रोपदी मुर्मू जी, संथाल आदिवासी परंपरा के बहुत बड़े उत्सव में शामिल होने के लिए बंगाल गई थीं। लेकिन राष्ट्रपति जी और उस कार्यक्रम का, आदिवासियों के उस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का, आदिवासियों का गौरव करने के बजाय TMC ने, आदिवासियों के संथाल लोगों के अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण कार्यक्रम का बहिष्कार किया और राष्ट्रपति का बहिष्कार किया। वो स्वयं आदिवासी समाज से आती हैं। संथाल आदिवासी समाज के विकास के लिए उन्होंने चिंता की है। TMC सरकार ने उस कार्यक्रम को बद-इंतजामी के हवाले कर दिया।

साथियों,

ये राष्ट्रपति जी के अपमान के साथ-साथ, देश के संविधान का भी अपमान है, देश के संविधान के स्पिरिट का भी अपमान है, लोकतंत्र की महान परंपरा का भी अपमान है। जिन्होंने जीवन के संघर्षों से तपकर ऊंचाइयां हासिल की हैं, ऐसी हर बहन-बेटी, ये उसका भी अपमान है।

साथियों,

हमारे यहां कहा गया है, अहंकारे हतः पुष्टः समूलं च विनश्यति। यानी अहंकार में चूर व्यक्ति, कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः नष्ट हो जाता है! मैं आज देश की राजधानी से, आप सभी के बीच ये आह्वान कर रहा हूं, एक आदिवासी राष्ट्रपति का घोर अपमान करने वाली TMC की ये गंदी राजनीति और सत्ता का अहंकार, बहुत ही जल्द चूर-चूर होकर रहेगा। पश्चिम बंगाल की प्रबुद्ध जनता TMC को, एक नारी के अपमान के लिए, एक आदिवासी के अपमान के लिए और देश के महामना राष्ट्रपति के अपमान के लिए कभी भी माफ नहीं करेगा, देश भी कभी माफ नहीं करेगा, देश का आदिवासी समाज भी कभी माफ नहीं करेगा, देश की नारिशक्ति भी कभी माफ नहीं करेगी।

साथियों,

हमारी संस्कृति हमें हर वर्ग का, हर विचार का सम्मान करना सिखाती है। हमारी संस्कृति हमें अपनी विरासत पर गर्व करना भी सिखाती है। इसी प्रेरणा से आज हम दिल्ली की विरासत के संरक्षण का काम भी कर रहे हैं। बीते वर्षों में केंद्र की भाजपा सरकार ने, विकास भी और विरासत भी, इस मंत्र के साथ, दिल्ली की अनेक ऐतिहासिक जगहों को और बेहतर करने का काम शुरू किया है। दिल्ली में अनेक नए स्थल भी बनाए गए हैं। देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीरों के सम्मान में नेशनल वॉर मेमोरियल बनाया गया है। नया संसद भवन, कर्तव्य पथ, कर्तव्य भवन और सेवा तीर्थ, ये सभी 21वीं सदी के भारत की नई सोच को दिखाते हैं। अभी कुछ दिन पहले ही भारत मंडपम् में ऐतिहासिक ग्लोबल AI समिट हुई। भारत मंडपम और यशोभूमि जैसे स्थान, दुनिया को भारत की संस्कृति, भारत के व्यापार और भारत की क्षमता से परिचित कराने का बड़ा माध्यम बन चुके हैं। प्रधानमंत्री संग्रहालय और युगे-युगीन भारत संग्रहालय जैसे नए म्यूज़ियम भी, दिल्ली की पहचान को और मजबूत करने जा रहे हैं।

साथियों,

दिल्ली भारत की ऐतिहासिक यात्रा का शहर है, और आज यही दिल्ली देश के एक नए दौर की साक्षी बन रही है। ये नए भारत के आत्मविश्वास का दौर है। भारत का यही आत्मविश्वास, अब हमें विकसित भविष्य की तरफ ले जाएगा। इसलिए हम सभी को मिलकर अपने हर संकल्प की सिद्धि के लिए काम करते रहना है। मुझे विश्वास है, रेखा गुप्ता जी और उनकी पूरी टीम के नेतृत्व में दिल्ली में विकास का हर काम और अधिक गति पकड़ेगा। दिल्ली के हर परिवार का जीवन बेहतर होगा, सुखी होगा, समृद्ध होगा। इसी सद्भाव के साथ, एक बार फिर सभी विकास कार्यों के लिए, मैं आप सबको बहुत-बहुत बधाई देता हूं, बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

बहुत-बहुत धन्यवाद!