ভারতকী চাউখৎপগী ৱারী অসি সাইন্স অমসুং তেক্নোলোজীগী লমদা মসিগী মাই পাকপশিংগী মখা পোল্লিঃ প্রধান মন্ত্রী মোদী
ঐখোয়না ‘ইজ ওফ দোইং সাইন্স’ ফংহন্নবা মখা তানা শাফু পীরি অমসুং রেদ তেপ হন্থহন্নবা কান্নবা মওংদা ইনফোর্মেসন তেক্নোলোজীশিং শিজিন্নরিঃ প্রধান মন্ত্রী
ঐখোয়না ভারত অসি মালেমগী থাক্তা শেমগৎনবা, ২০২৪দা য়ু.এস. দোলর বিলিয়ন ১০০গী বাইও-মেন্যুফেকচরিং হব ওইহন্নবা পান্দম থম্লিঃ প্রধান মন্ত্রী

প্রধান মন্ত্রী শ্রী নরেন্দ্র মোদীনা ঙসি বেঙ্গলুরুগী য়ুনিভর্সিতী ওফ এগ্রিকলচরেল সাইন্সেস্তা ১০৭ শুবা ইন্দিয়ন সাইন্স কংগ্রেস (আই.এস.সি.) হৌদোকখ্রে।

হৌদোক ৱারোল পীরদুনা প্রধান মন্ত্রীনা হায়খি, “ভারতকী চাউখৎপগী ৱারী অসি সাইন্স অমসুং তেক্নোলোজী সেক্তরদা মসিগী এচিবমেন্তশিংগী মখা পোল্লি। ভারতকী সাইন্স, তেক্নোলোজী অমসুং ইনোভেসনগী লেন্দস্কেপ অসি অওনবা পুরকপা মথৌ তাই।”

“লৈবাক অসিদা ময়োল চোংখৎলক্লিবা নহা ওইরিবা সাইন্তিস্তশিংগীদমক ঐহাক্কী মোতোদি– ইনোভেত, পেতেন্ত, প্রদুস অমসুং প্রোসপর”নি। তাঙ্কক মরি অসিনা ভারতপু খোংজেল য়াংনা চাউখৎপা অমগী মায়কৈদা পুরগনি হায়না মহাক্না হায়খি। মহাক্না মখা তাখি, “মীয়ামগীদমক অমসুং মীয়াম্না ইনোভেসন তৌবা অসি ঐখোয়গী অনৌবা ভারতকী মায়কৈনি”।

মহাক্না হায়খি, “অনৌবা ভারতনা তেক্নোলোজী অমসুং লোজিকেল তেম্পরামেন্ত অমসু দরকার ওই, মদুনা মরম ওইরগা ঐখোয়না ঐখোয়গী সমাজ অমসুং ইকোনোমিক সেক্তরদা অনৌবা মায়কৈ অমা পীবা ঙমগনি।” মহাক্না হায়খি মদুদি সাইন্স অমসুং তেক্নোলোজীনা থাক অমা পীদুনা মীপুম খুদিংমক্কীদমক খুদোংচাবা পীরি অমসুং মসিনা সমাজপু পুনশিলহন্নবা থৌদাং অমসু লৌরি।

প্রধান মন্ত্রীনা হায়খি, “হৌজিক ইনফোর্মেশন অমসুং কমুনিকেসন তেক্নোলোজীদা দিবেলপ তৌরকপনা অহোংবা মমলদা স্মার্ত ফোনশিং অমসুং দাতা পীবা ঙমহল্লে মদুনা লৈবাক অসিদা লৈরিবা মীপুম খুদিংমক্তা মদু শিজিন্নবা ঙমহল্লে, চহী খরগী মমাদদি মসি অখন্নবা মীওই খরা খক্তনা শিজিন্নরম্মি। মীচম প্রজানা হৌজিক্তি মসি থাজবা থম্বা হৌরক্লে মদুদি মখোয় সরকারদগী তোঙান্না তাদে। হৌজিক্তি মহাক্না সরকারগা লোয়ননা অপনবা য়াওদনা কনেক্ত তৌবা ঙম্লে অমসুং মহাক্কী খোংজেল অদু সরকার ফাওবা য়ৌহনবা ঙম্লে।”

প্রধান মন্ত্রীনা নহা ওইরিবা সাইন্তিস্তশিংবু মমল হোংবা অমসুং হেন্না ফবা ইনোভেসনগীদমক খুদোংচাবা কয়া লৈরিবা রুরেল দিবেলপমেন্তকী লমদা থবক তৌনবা অকনবা ৱাফম থমখি।

১০৭শুবা আই.এস.সি.গী থিম “সাইন্স এন্দ তেক্নোলোজী : রুরেল দিবেলপমেন্ত”গী মতাংদা প্রধান মন্ত্রীনা হায়খি মদুদি সাইন্স অমসুং তেক্নোলোজী খক্তনা মরম ওইরগা দরকার ওইরবশিংদা সরকারগী প্রোগ্রমশিং য়ৌহনবা ঙম্লি।

মহাক্না ফোংদোকখি মদুদি ভারত অসি হৌজিক পীর–রিভ্যুদ সাইন্স এন্দ ইঞ্জিনীয়রিং পব্লিকেসন্সকী মশিংদা মালেমগী ৩শুবা থাক্তা লৈরে। মসিনা মালেমগী চাংচৎ চাদা ৪গা য়েংনরুবদা চাদা ১০গী চাং অমদসু হেঙ্গৎলক্লি।

ইনোভেসন ইন্দেক্সতা ভারতকী রেঙ্কিং ৫২ লৈদুনা ফিভম ফগৎলক্লি হায়নসু মহাক্না ফোংদোকখি। সরকারগী প্রোগ্রামশিং হৌখিবা চহী মঙাদা অহেনবা ইনক্যুবেতরশিং শেমগৎখিবা অসি হৌখিবা চহী ৫০দা ওইখিদ্রি হায়না মহাক্না ফোংদোকখি।

প্রধান মন্ত্রীনা হায়খি মদুদি অফবা গবর্নান্সকী পান্দম অদু ফংনবগীদমক্তা য়াম্না চাউনা তেক্নোলোজী শজিন্নরি। মহাক্না হায়খি, “ঙরাং ঐখোয়গী সরকারনা পি.এম. কিসান প্রোগ্রামগী মখাদা বেনেফিসরী কোতি ৬তা ইন্সতোলমেন্ত রিলিজ তৌখ্রে। মসি শুপ্নতংগী আধার ইনেবল তেক্নোলোজীনা মরম ওইদুনা ওইথোকপা ঙমখি।” মদুগা মান্ননা মহাক্না হায়খি মদুদি তোইলেৎ শাবা অমসুং লাইরবশিংদা ইলেক্ত্রিসিতী ফংহনবদা মতেং পাংলিবা অসি তেক্নোলোজীনি। জিও তেগ্গিং অমসুং দাতা সাইন্সকী তেক্নোলোজীনা মরম ওইরগা খুঙ্গং অমসুং সহরগী লমদমশিংগী প্রোজেক্ত কয়া অমা মতম চানা লোইশিনখি।

মহাক্না অকনবা ৱাফম থমদুনা হায়খি মদুদি দিজিতেলাইজেসন, ই কমর্স, ইন্তরনেত বেঙ্কিং অমসুং মোবাইল বেঙ্কিং সর্বিসশিংনা খুঙ্গংগী মীওইশিংবু ইফেক্তিব ওইনা মতেং পাংলি।

মহাক্না ময়ামগী মফমদা চরুখোক মৈ থাবা, গ্রাউন্দ ৱাতর তেবলগী মেন্তিনেন্স, লৌনগনবা লৈনাশিংদগী ঙাকথোকপা, এনভাইরনমেন্ত ফ্রেন্দলী ত্রান্সপোর্তেসন অসিনচিংবশিংগীদমক তেক্নোলোজীগী ওইবা পাম্বৈ পুথোক্নবা তকশিনখি। ভারতপু দোলর ত্রিলিয়ন ৫গী ইকোনোমী অমা ওইহনবদা সাইন্স অমসুং তেক্নোলোজীগী অচৌবা থৌদাং অমা লৈরি হায়না মহাক্না অকনবা ৱাফম থমখি।    

থৌরম অদুদা প্রধান মন্ত্রী মোদীনা আই.-এস.তি.ই.এম. পোর্তেলসু হৌদোকখি।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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Text of PM's statement at the start of the 18th Lok Sabha
June 24, 2024
“Today is a day of pride in parliamentary democracy, it is a day of glory. For the first time since independence, this oath is being taken in our new Parliament”
“Tomorrow is 25 June. 50 years ago on this day, a black spot was put on the Constitution. We will try to ensure that such a stain never comes to the country”
“For the second time since independence, a government has got the opportunity to serve the country for the third time in a row. This opportunity has come after 60 years”
“We believe that majority is required to run the government but consensus is very important to run the country”
“I assure the countrymen that in our third term, we will work three times harder and achieve three times the results”
“Country does not need slogans, it needs substance. Country needs a good opposition, a responsible opposition”

साथियों,

संसदीय लोकतंत्र में आज की दिवस गौरवमय है, ये वैभव का दिन है। आजादी के बाद पहली बार हमारी अपनी नई संसद में ये शपथ समारोह हो रहा है। अब तक ये प्रक्रिया पुराने सदन में हुआ करती थी। आज के इस महत्वपूर्ण दिवस पर मैं सभी नव निर्वाचित सांसदों का ह्दय से स्वागत करता हूं, सबका अभिनंदन करता हूं और सबको अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं।

संसद का ये गठन भारत के सामान्य मानवी के संकल्पों की पूर्ति का है। नए उमंग, नए उत्साह के साथ नई गति, नई ऊंचाई प्राप्त करने के लिए ये अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर है। श्रेष्ठ भारत निर्माण का विकसित भारत 2047 तक का लक्ष्य, ये सारे सपने लेकर के, ये सारे संकल्प लेकर के आज 18वीं लोकसभा का सत्र प्रारंभ हो रहा है। विश्व का सबसे बड़ा चुनाव बहुत ही शानदार तरीके से, बहुत ही गौरवमय तरीके से संपन्न होना ये हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। 140 करोड़ देशवासियों के लिए गर्व की बात है। करीब 65 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं ने मतदान में हिस्सा लिया। ये चुनाव इसलिए भी बहुत महत्वपूर्ण बन गया है कि आजादी के बाद दूसरी बार किसी सरकार को लगातार तीसरी बार सेवा करने के लिए देश की जनता ने अवसर दिया है। और ये अवसर 60 साल के बाद आया है, ये अपने आप में बहुत बड़ी गौरवपूर्ण घटना है।

साथियों,

जब देश की जनता ने तीसरे कार्यकाल के लिए भी एक सरकार को पसंद किया है, मतलब उसकी नीयत पर मोहर लगाई है, उसकी नीतियों पर मोहर लगाई है। जनता-जनार्दन के प्रति उसके समर्पण भाव को मोहर लगाई है, और मैं इसके लिए देशवासियों का ह्दय से आभार व्यक्त करता हूं। गत 10 वर्ष में जिस परंपरा को हमने प्रस्थापित करने का निरंतर प्रयास किया है, क्योंकि हम मानते हैं कि सरकार चलाने के लिए बहुमत होता है, लेकिन देश चलाने के लिए सहमति बहुत जरूरी होती है। और इसलिए हमारा निरंतर प्रयास रहेगा कि हर किसी की सहमति के साथ, हर किसी को साथ लेकर के मां भारती की सेवा करें, 140 करोड़ देशवासियों की आशाओं, आकांक्षाओं को परिपूर्ण करें।

हम सबको साथ लेकर चलना चाहते हैं, सबको साथ लेकर के संविधान की मर्यादाओं को पालन करते हुए निर्णयों को गति देना चाहते हैं। 18वीं लोकसभा में, हमारे लिए खुशी की बात है कि युवा सांसदों की संख्या अच्छी है। और हम जब 18 की बात करते हैं तो भारत की परंपराओं को जो जानते हैं, भारत की सांस्कृतिक विरासत से जो परिचित हैं, उनको पता कि हमारे यहां 18 अंक का बहुत सात्विक मूल्य है। गीता के भी 18 अध्याय हैं- कर्म, कर्तव्य और करूणा का संदेश हमें वहां से मिलता है। हमारे यहां पुराणों और उप-पुराणों की संख्या भी 18 हैं। 18 का मूलांक 9 हैं और 9 पूर्णता की गारंटी देता है। 9 पूर्णता का प्रतीक अंक है। 18 वर्ष की आयु में हमारे यहां मताधिकार मिलता है। 18वीं लोकसभा भारत के अमृतकाल की, इस लोकसभा का गठन, वो भी एक शुभ संकेत है।

साथियों,

आज हम 24 जून को मिल रहे हैं। कल 25 जून है, जो लोग इस देश के संविधान की गरिमा से समर्पित हैं, जो लोग भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं पर निष्ठा रखते हैं, उनके लिए 25 जून न भूलने वाला दिवस है। कल 25 जून को भारत के लोकतंत्र पर जो काला धब्बा लगा था, उसके 50 वर्ष हो रहे हैं। भारत की नई पीढ़ी इस बात को कभी नहीं भूलेगी कि भारत के संविधान को पूरी तरह नकार दिया गया था। संविधान के लीरे-लीरा (अस्पष्ट) उड़ा दिए गए थे, देश को जेलखाना बना दिया गया था, लोकतंत्र को पूरी तरह दबोच दिया गया था। इमरजेंसी के ये 50 साल इस संकल्प के हैं कि हम गौरव के साथ हमारे संविधान की रक्षा करते हुए, भारत के लोकतंत्र, लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा करते हुए देशवासी संकल्प लेंगे कि भारत में फिर कभी कोई ऐसी हिम्मत नहीं करेगा, जो 50 साल पहले की गई थी और लोकतंत्र पर काला धब्बा लगा दिया गया था। हम संकल्प करेंगे, जीवंत लोकतंत्र का, हम संकल्प करेंगे, भारत के संविधान की निर्दिष्ट दिशा के अनुसार जन सामान्य के सपनों को पूरा करना।

साथियों,

देश की जनता ने हमें तीसरी बार मौका दिया है, ये बहुत ही महान विजय है, बहुत ही भव्य विजय है। और तब हमारा दायित्व भी तीन गुना बढ़ जाता है। और इसलिए मैं आज देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि आपने हमें जो तीसरी बार मौका दिया है, 2 बार सरकार चलाने का अनुभव हमारे साथ जुड़ा है। मैं देशवासियों को आज विश्वास दिलाता हूं कि हमारे तीसरे कार्यकाल में हम पहले से तीन गुना ज्यादा मेहनत करेंगे। हम परिणामों को भी तीन गुना लाकर के रहेंगे। और इस संकल्प के साथ हम इस नए कार्यभार को लेकर के आगे चल रहे हैं।

माननीय, सभी सांसदों से देश को बहुत सी अपेक्षाएं हैं। मैं सभी सांसदों से आग्रह करूंगा कि जनहित के लिए, लोकसेवा के लिए हम इस अवसर का उपयोग करें और हर संभव हम जनहित में कदम उठाएं। देश की जनता विपक्ष से अच्छे कदमों की अपेक्षा रखती है। अब तक जो निराशा मिली है, शायद इस 18वीं लोकसभा में विपक्ष देश के सामान्य नागरिकों की विपक्ष के नाते उनकी भूमिका की अपेक्षा करता है, लोकतंत्र की गरिमा को बनाए रखने की अपेक्षा करता है। मैं आशा करता हूं कि विपक्ष उसमें खरा उतरेगा।

साथियों,

सदन में सामान्य मानवी की अपेक्षा रहती है debate की, digilance की। लोगों को ये अपेक्षा नहीं है कि नखरे होते रहे, ड्रामा होते रहे, disturbance होता रहे। लोग substance चाहते हैं, slogan नहीं चाहते हैं। देश को एक अच्छे विपक्ष की आवश्यकता है, जिम्मेदार विपक्ष की आवश्यकता है और मुझे पक्का विश्वास है कि इस 18वीं लोकसभा में हमारे जो सांसद जीतकर के आए हैं, वो सामान्य मानवी की उन अपेक्षाओं को पूर्ण करने का प्रयास करेंगे।

साथियों,

विकसित भारत के हमारे संकल्प को पूरा करने के लिए हम सबका दायित्व है, हम मिलकर के उस दायित्व को निभाएंगे, जनता का विश्वास हम और मजबूत करेंगे। 25 करोड़ नागरिकों का गरीबी से बाहर निकलना एक नया विश्वास पैदा करता है कि हम भारत को गरीबी से मुक्त करने में बहुत ही जल्द सफलता प्राप्त कर सकते हैं और ये मानवजाति की बहुत बड़ी सेवा होगी। हमारे देश के लोग 140 करोड़ नागरिक परिश्रम करने में कोई कमी नहीं रखते हैं। हम उनको ज्यादा से ज्यादा अवसर जुटाएं। इसी एक कल्पना, और हमारा ये सदन जो एक संकल्प का सदन बनेगा। हमारी 18वीं लोकसभा संकल्पों से भरी हुई हो, ताकि सामान्य मानवी के सपने साकार हो।

साथियों,

मैं फिर एक बार विशेषकर के नए सांसदों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं, सभी सांसदों को अभिनदंन करता हूं और अनेक-अनेक अपेक्षाओं के साथ, आइए हम सब मिलकर के देश की जनता ने जो नया दायित्व दिया है, उसको बखूबी निभाएं, समर्पण भाव से निभाएं, बहुत-बहुत धन्यवाद साथियों।