मैं बंगाल के हर बहन-भाई को पोइला बैसाख की शुभेच्छा देता हूं। बंगाल के सभी कार्यकर्ता साथियों को, बंगाल के सभी नागरिक भाई-बहनों को शुभो नववर्षो।
साथियों,
बीते दिनों मुझे बंगाल के हर हिस्से में जाने का, लोगों से मिलने का अवसर मिला है। जो ऊर्जा, जो उत्साह, जो जोश मैं बीजेपी के प्रति देख रहा हूं, वो अद्भुत है। यह आप के बूथ स्तर के सभी कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है। हर कार्यक्रम में मुझे आपकी मेहनत दिखाई देती है और समाज के सभी वर्ग के लोग बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। ये अपने-आप में बहुत ही सुखद अनुभव है।
‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ इस मंत्र के साथ आप टीएमसी की निर्मम सरकार के भय और बीजेपी के भरोसे को बहुत अच्छे से अपने बूथ पर लोगों तक पहुंचा रहे हैं। जो घोषणापत्र बीजेपी ने जारी किया है, उसको भी बंगाल के लोगों से बहुत सराहना मिल रही है। जो भी लोग मुझसे मिलते हैं सब कहते हैं कि आपने जो मेनिफेस्टो दिया है बहुत प्रैक्टिकल है, लागू किया जा सके, ऐसा है। समय पर हरेक क्षेत्र का विकास, हरेक के कल्याण की बात उस एक मेनिफेस्टो में है। जब मैं लोगों का यह अभिप्राय सुनता हूं तो मुझे भी बहुत संतोष होता है।
साथियों,
बंगाल में आप सब जनता के बीच में और आज मैं ज्यादा बोलने के बजाय आपके अनुभवों को आपसे सुनने के लिए बहुत उत्सुक हूं। तो चलिए बातचीत का सिलसिला शुरू करते हैं।
रीना डे- नमस्कार मैं रीना डे बोल रही हूं.. मैं कस्बा विधानसभा में रहती हूं और मैं कस्बा मंडल टू का महिला मोर्चा का अध्यक्ष हूं और अपना बूथ 253 जो 107 वार्ड में है, 253 बूथ का मैं बूथ सभापति भी हूं।
पीएम- रीना जी आप तो बहुत बढ़िया हिंदी बोल रही है। मुझे तो बहुत खुशी हुई आपकी हिंदी सुनकर के।
रीना डे - धन्यवाद।
पीएम- अच्छा रीना जी आप इतना काम कर रही है लगातार संगठन के जूझ रही हैं और एक प्रकार से आप ट्यूशन शिक्षक के रूप में भी कई परिवारों के साथ आपका निकट का संबंध भी है, तो आपके पास धरती की बहुत सी जानकारियां होंगी। बंगाल में जो भय का माहौल है—बलात्कार, मर्डर, दंगे, पॉलिटिकल वायलेंस, भ्रष्टाचार, जितनी भी बुराइयां हम कहें, सारी बुराइयां चरम पर है। हर कोई इससे परेशान है। ऐसे माहौल में सबसे अधिक महिलाएं और युवा प्रभावित होते हैं उनका तो जीवन बर्बाद हो जाता है। ये जो गुस्सा बंगाल में मुझे दिख रहा है, आपलोगों को ग्राउंड पर टीएमसी के खिलाफ क्या ऐसा ही गुस्सा नजर आता है।
रीना डे- एकदम, एकदम देख पाती हूं। जैसे मैं इस एरिया का काम कर चुकी हूं, तो लोगों से और मैं जुड़ पाई हूं तो सबका रिएक्शन एक ही है कि जो टीएमसी वाले जैसे दंगा कर रहे हैं यहां वेस्ट बंगाल में तो उससे मुक्ति पाना चाहते हैं। मतलब जनता का एक ही कहना है कि हमको इस सरकार को चेंज करना है। ये रिएक्शन तो आता ही है। मतलब किसी चीज में सटिस्फाइड नहीं है इस सरकार से। इस सरकार को तो ये लोग चेंज करना ही चाहते हैं।
पीएम- अच्छा आप जब महिलाओं से मिलती हो तो क्या बात होती है।
रीना डे - महिलाओं से जब हम लोग मतलब बात करते हैं, जैसे मैं महिला मोर्चा का अध्यक्ष हूं। तो मेरे साथ बहुत महिलाएं जुड़ी हुई हैं। वो लोग चाहती है कि उनका आत्मसम्मान बचा रहे। जैसे हमलोग सुरक्षित नहीं हैं, रात को आमतौर पर हमलोग बाहर नहीं जा सकते, जैसे कोई सुरक्षा नहीं है हमलोगों को। और एक चीज है कि हमलोग जो कहीं पर काम-वाम करके अपना खुद का जो सेफ्टी फील करें वो सेफ्टी फील हमलोग नहीं कर सकते हैं।
पीएम- अच्छा जो नौजवान है, जिनको पलायन होना पड़ रहा है, घर में बूढ़े मां-बाप है, बेटा चला गया बाहर काम कर रहा है तो ऐसे परिवारों में से क्या आता है।
रीना डे- हां वो लोग परिवार से भी तो बहुत दुखी रहते हैं जैसे कोई अपना हसबैंड, किसी का बेटा यहां पर कुछ नौकरी नहीं है तो वो बाहर जाते हैं। तो वो लोग तो बहुत लो फील करता है ऐसे जेसे... हमलोग अबने हसबेड के साथ बेटे के साथ रह नहीं पाते। यहां पर जॉब चाहिए तब वो लोग नहीं जाएगा। लोग इधर ही रहेंगे अपनी फैमिली के साथ। जो टीएमसी है हमलोगों का राज्य सरकार है वो इसमें फेल्योर है। जो युवक को काम नहीं दे पा रहा है। इसलिए लोग सब दूसरा राज्य जाके पेट चलाने के लिए रहकर काम कर रहा है।
पीएम- रीना जी, आप तो धरती से जुड़ी हुई कार्यकर्ता है। और मैं देख रहा हूं कि आपकी बातों से मैं समझ सकता हूं कि आप बहुत सक्रिय है और आपने जमीनी स्थिति को बहुत अच्छे से मेरे सामने रखा है। देखिए, टीएमसी को लोगों ने इसलिए चुना था कि वो लेफ्ट के अत्याचार से बंगाल को मुक्ति दे। लेकिन टीएमसी ने तो लेफ्ट का भी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बेटियो के माता-पिता उनकी सुरक्षा को लेकर भयभीत हैं। यह स्थिति बहुत खतरनाक है। देखिए मैं तो देख रहा हूं कि बंगाल में युवाओं को नौकरी खोने का भय, भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी का भय, आलू किसानों को मंडी में टीएमसी के सिंडिकेट का भय, सरकारी कर्मचारियों को अपना जायज हक भी कोर्ट से मांगना पड़ता है। यानि एक प्रकार से हर कोई भय में जी रहा है। चारों तरफ भय, भय, भय, भय... यही स्थिति पैदा की हुई है।
साथियों,
रीना जी ने बहुत अच्छे तरीके से बातें बताई, लेकिन कुछ बातें पूरे बंगाल के बूथ की मजबूती के लिए काम करने वाले आप सभी कार्यकर्ता भाई-बहनों से मैं उनसे भी कुछ बातें बताना चाहता हूं। आपको कुछ ऐसी बात बताता हूं जो अपने बूथ पर आपको बहुत काम आएगी। और इसलिए मेरा आग्रह है कि इन बातों को आप बूथ में सारी टीम को बताइए उसको लागू करने की योजना बनाइए। पहले आप अपने क्षेत्र में हुए अपराधों की सूची बनाइए। आप लोगों को बताइए कि ये अपराध इसलिए हो रहे हैं क्योंकि गुंडों को टीएमसी के बड़े-बड़े नेताओं का आशीर्वाद है। पुलिस थानों में भी उनके गुंडे बैठे हैं। ये सारी बात बात आपको जाकर लोगों को याद करानी पड़ेगी, बतानी पड़ेगी।
और भी एक बात बताना चाहता हूं, महिलाओं से विशेष संपर्क करें, महिलाओं की छोटी-छोटी मीटिंगें करें और उनको जब आप मिलें, बहनों को मिलें तो उनसे बड़ी-बड़ी जो घटनाएं हुई, बड़ी चर्चास्पद घटनाएं हुईं, जैसे डॉक्टर बेटी वाली घटना हो, लॉ कॉलेज वाली घटना हो, संदेशखाली की बात हो ये पुरानी सारी चीजें वीडियो निकालिए और लोगों को वीडियो दिखा-दिखा कर के सारी बातें याद कराइए। जो माताएं-बहनें रो रही हैं उनको दिखाइए ताकि महिलाओं को याद आए कि टीएमसी वाले आज भले ही आकर के सर झुका कर के बात करते हैं, लेकिन सत्ता में आते ही कैसे जुल्म करते हैं ये सारी बात बताइए।
दूसरा भी एक काम जरूर करना चाहिए। अपने मैनिफेस्टो को बहुत डिटेल स्टडी कीजिए। उसमें बहनों के लिए क्या बातें हैं, किसानों के लिए क्या बातें हैं, युवाओं के लिए क्या बातें हैं। बंगाल के भविष्य के लिए क्या बातें हैं। आप मोबाइल पर अलग-अलग प्वाइंट लिखकर रखिए। और जब आप जाएं तो हर बहन और बेटी को बीजेपी के घोषणापत्र के बारे में बताइए... कि हम सुरक्षा का माहौल कैसे बनाएंगे, आर्थिक मदद भी देंगे, पुलिस में भर्ती भी करेंगे। ऐसी हर बात महिलाओं को, बहनों को, बेटियों को 20-20, 25-25 बहनों को इकट्ठा करके बताइए, बिल्कुल बार-बार बताइए।
पीएम- रीना जी आपने आज की वार्ता की बहुत अच्छी शुरुआत की बहुत अच्छे तरीके से चीजें बताई आपका बहुत-बहुत धन्यवाद... चलिए अब आगे चलते हैं... अब हम से कौन बात करेंगे।
जुड़ाकिंडो- मेरे तरफ से जोहार, मैं दार्जिलिंग डिस्ट्रिक्ट से बिलॉंग करता हूं। मेरा नाम जुड़ाकिंडो है और फासीदुआ बूथ सभापति हूं एवं भारतीय टी वर्कर यूनियन का प्रेसिडेंट भी हूं।
पीएम- जुड़ाकिंडो जी सबसे पहले आपको भी और वहां उपस्थित सभी को जय जोहार।
पीएम- अच्छा मैं जब सिलिगुड़ी आया था तब आप थे क्या कार्यक्रम में। जुड़ाकिंडो बाबू बोलिए ना
जुड़ाकिंडो- हां, वहां पर मीटिंग में मैं वहां था, और एक बस में मोटा-मोटी 96 आदमी गए थे। और हम तो बगान से बिलॉन्ग करते हैं, चाय बागान से बिलॉन्ग करते हैं। और जैसे हमलोगों का चाय बागान में व्यवस्था, अस्था-व्यवस्था के ऊपर जो मरण है उस विषय को लेकर हमलोगों के बगान के क्षेत्र से पूरे के पूरे बस भर के बैठे जैसे कि हमलोगों का बगान वालों का एक चीज है कि हमलोगों का मिनिमम वेज अभी भी लागू नहीं हुआ है। हमलोगों के पूर्वज लोग डेढ़ सौ साल साल से यहां बसोबस कर रहे हैं उन लोगों के लिए ना प्रजा पट्टा दिया गया है ना तो जिस जमीन में रह रहे हैं जिस घर में रह रहे हैं उसका ना तो मालिकाना हक मिला है। तो इसलिए हमलोगों का एक आक्रोश है मन में कि कब हमलोगों का मालिकाना हक मिलेगा।
पीएम- जुड़ाकिंडो बाबू आप बहुत बढ़िया तरीके से बातें बताई लेकिन मेरे मन में इच्छा है जानने की जरा आप वो भी बताएं तो अच्छा होगा। आप तो वहां मजदूरों के यूनियन के लीडर भी हैं तो व्यापारियों के बीच भी जाते होंगें, किसानों से भी आपका संपर्क होता होगा। टीएमसी के लोगों से सबसे ज्यादा प्रभावित मजदूर है, किसान है सब मूसीबत में है। और ये जो सिडिकेट राज है, जो भ्रष्टाचारियों का गैंग है। ये लोग जो मजदूर है या जो किसान है, या जो गरीब परिवार है इन लोगों में टीएमसी वालों के प्रति कितनी नाराजगी है।
जुड़ाकिंडो बाबू.. हमारे यहां अभी जैसे प्रधानमंत्री योजना मिलता है या इदिरा आवास घर मिलता है, उसमें बी ये टीएमसी के गुंडे आता है और कहता है कि ठीक है तुमको इदिरा आवास देंगे, लेकिन इस इंदिरा आवास के प्रथम किस्त में तुमको 20 हजार या 15 हजार हमको देना पड़ेगा तब जाकर के हम दूसरा किस्त आपके खाता में फिर से डालेंगे। इस तरह हमलोगों के बगान चाय बगान के अंदर में आदिवासी मजदूरों के ऊपर इस तरह से मतलबी लोगो हमलोगों को तंग करता है इससे हमलोग बहुत त्रस्त हैं
पीएम- ये लोग इसकी चर्चा करते हैं।
जुड़ाकिंडो बाबू- बिल्कुल करते हैं इसकी चर्चा, और हमलोग इसके लिए मन भी बना लिए हैं। अगर इसी तरह चलता रहेगा तो ऐसे तो हमलोग 250 रुपया कमाते हैं प्लस अगर हमलोगों के लिए सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री योजना भी मिलता है उसके लिए भी उनलोगों को हमलोगों के लिए 15 हजार से 20 हजार रुपये तक हमलोगों को कटमनी देना पड़ता है।
पीएम- देखिए ये कमटमनी वालों का जो सरकार है ना यही सबसे बड़ी मूसीबत का कारण है। और देखिए, बगल में असम है, चाय बागान वाले लोगों को कितनी मदद मिल रही है। जमीन के पट्टे भी दे दिए और उनका खुद का घर भी बन रहा है। और ये बंगाल की सरकार है टीएमसी की उसे किसी की परवाह ही नही है।
आपने बहुत अच्छे ढंग से जुड़ाकांडो जी आपने बताया। देखिए, व्यापारी हो, किसान हो, दुकानदार हो.. हमे ये बात लोगों को याद दिलानी है कि कैसे एक समय में बंगाल व्यापार का बहुत बड़ा केंद्र था… लेकिन जैसे ही डराना, धमकाना, हर चीजे में सिंडिकेट का दखल ये सब शुरू हुआ बंगाल में व्यापार करना बहुत मुश्किल हो गया। मुजे ये आलू किसान बताते हैं कि ये सिंडिकेट वाले 2 रुपये में आलू लूटकर के ले जाते हैं, और दाम बढ़ने पर 25 रुपये में बेचते हैं। यानि किसान जो इतनी मेहनत करते हैं उन्हें दो रुपया और जो लूटकर ले जाते हैं उनको 25 रुपया यही कारण है कि किसान वहां पर आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहा है, जान दे रहा है और दूसरी तरफ इस निर्मम सरकार के सारे एजेंट ये सिंडिकेट अपने बंगले बनाने में लगे हैं। काली कमाई करने में लगे हैं।
देखिए, बूथ में आप सभी कार्यकर्ता मुझे सुन रहे हैं। जुड़ाकिंडी जो की बातें सुनी आपने, रीना जी की भी बातें आपने सुनीं, लेकिन मैं आप सब बूथ के कार्यकर्ताओं को भी कुछ बातें बताना चाहता हूं। आपका यह काम है कि आप लोगों के ये जरूर बताएं कि देश भर में जहां-जहां बीजेपी की सरकारे हैं, वहां किसी सिंडिकेट की हिम्मत नहीं होती लोगों को लूटने की। सबको बड़े मौज से व्यापार करने की आजादी है और बंगाल के जो लोग दूसरे राज्यों में रहते हैं, जहां बीजेपी की सरकारे हैं वे भी अपने घरों में बताते हैं कि वहां कितनी सुख-चैन की जिंदगी है। कितनी खुसी खी जिंदगी है।
आप सब अपने बूथ पर किसानों से, विशेष तौर पर आलू किसानों से मिलिए, दुकानदारों से, फैक्ट्री में श्रमिकों से मिलिए... आपको उन्हें ये बतान है कि फैक्ट्रियां वहीं चलती है जहां भय नहीं होता है। सरकार का काम तो लोगों को भय से बचाने का होता है। बंगाल में सरकार खुद ही भय पैदा करती है। जीना मुश्किल कर देती है।
और साथियों,
देखिए पूरी शक्ति हमारी अब बूथ में लगनी चाहिए। बूथ के अंदर युवकों की मीटिंग कीजिए फर्स्ट टाइम वोटरो की मीटिंग कीजिए। महिलाओं की अलग मीटिंग कीजिए, भेल 25-25 लोग होंगे, एक घर में बैठकर के बातें कीजिए। लेकिन ये शिलशिला चलना चाहिए... और उनको ये बी बताइए कि जहां पर बात-बात पर दंगे होते हैं, चाकू-छुरी चल जाती है, कच्चे बम चल जाते हैं। वहां व्यापार कारोबार कैसे होगा। कौन व्यापारी वहां आएगा। दंगों से गरीबों की श्रमिकों की रोजी-रोटी छिन ही जाती है। ये सारी बातें लोगों को बताइए कि ये सब निर्मम सरकार की वजह है, टीएमसी की सरकार के कारण है, टीएमसी के गुंडों के कारण है। जुड़ाकांडो जी वहां पर मेरा सबी को जय जोहार पहुंचा देना। चलिए, बहुत अच्छा लगा, आप से बात करने का मौका मिला गया अब आगे बढ़ते हैं अगला कौन कार्यकर्ता है जिनसे हमें बात करने का मौका मिलेगा।
निलोत्पल- नमस्कार मैं निलोत्पल विराट, पश्चिम बंगाल बाकुरा जिला से हूं साथ में बाकुरा विधानसभा के बूथ नंबर 13 का सदस्य हूं।
पीएम- तो निलोत्पल जी आप सोशल मीजिया पर बहुत एक्टिव है।
निलोत्पल- जी सर
पीएम- नमों एप कितने लोगों ने डाउनलोड किया होगा आपके यहां।
निलोत्पल- नमो एप अभी तो बहुत लोग डॉउनलोड कर रहा है क्योंकि नमो एप डॉउनलोड करने बहुत फायदा मिल रहा है जैसे हमलोगों में यदि कोई पढाई कर रहा है तो उनके लिए परीक्षा पर च्रचा होदा है जो आप करते हैं उसका बहुत-बहुत फायदा मिलता है।
पीएम- आज जैसे मैंने महिलाओं के नाम पर एक चिठ्ठी सोशल मीडिया पर डाली है वो चिट्ठी पहुंची होगी लोगों को।
निलोत्पल- जी जी जी सर
पीएम- अच्छा ये जो छोटे-छोटे वीडियों जाले हैं। वो वीडियो भी सोशल मीडिया पर लोगों को दिखाते हैं लोगों के पास पहुंचाते हैं।
पीएम- निलोत्पल जी आप तो यश नो यश नो में बोल रहे हैं अरे विस्तार से बताओ ना भाई
निलोत्पल- अभी जब चुनाव का आ रहा है तो बंगाल में बंगाल की मिटिटी से, मैं जब बूथ-बूथ जा रहा हूं तो बंगाल की मिट्टी से एक ही आवाज आ रहा है कि परिवर्तन चाहिए। बंगाल में घर-घर जा रहा हूं तो वही पर जो लोग है वो बोल रहा है कि उनके नाम पर आवास योजना आया है लेकिन उन लोगों को नहीं मिला है। टीएमसी वाला आकर कह हा है कि ये बंगाल आवास योजना है। कभी-कभी ऐसे गरीब लोगों को देख रहा हूं कि जो अबी तक बहुत बीमरा है उनका सही से इलाज नहीं हो रहा है। तो उन लोगों के अभी तक ये जो प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत का कार्ड है उनका फायदा भी नहीं मिल रहा है। ऐसे देख और सुन के बहुत दुख लग रहा है सर।
पीएम- नहीं ये जो आप कह रहे है कि लोगों को मकान नहीं मिल रहा है मकान मिलता है तो नाम बदल देते हैं। मकान भी टीएमसी के कार्यकर्ताओं को ही मिल जाता है, सामान्य नागरिक जिसका हक है उसे मिलता नहीं है। जिसको मकान मिलता है उसको कटमनी देना पड़ता है। लोगों को आरोगी की सेवा नहीं मिलती है और टीएमसी के लोग झूठ बोलते रहते हैं। इन सारी चीजों का वहां के नागरिकों में गुस्सा है क्या। वो जानते हैं क्या ये टीएमसी वाले झूठ बोल रहे हैं। और सत्या क्या है उन लोगों को पता है क्या।
निलोत्पल- हरेक आदमी इस चीज से बहुत परेशान है और हरेक आदमी सिर्फ एक ही चीज चाहता है वह है परिवर्तन।
पीएम- निलोत्पल जी आपने बहुत अच्छे तरीके से वहां पर लोग कितने परेशान है इसका वर्णन किया। देखिए 11 साल से देश में बीजेपी की सरकार है। कई सारे राज्यों में बिजेपी-एनडीए की सरकार है। और जहां बी डबल इंजन की सरकार है वहां केंद्र की हर योजना तेजी से लागू होती है। लेकिन टीएमसी इतनी अहंकारी है कि गरीब, किसान, महिला, नौजवान उनके लिए जो योजनाएं बनी हैं जिसके पैसे भारत सरकार देती है, वो भी नहीं लागू होने देती है। यानि उनलोगों को मोदी से दुश्मनी हो, राजनीति में हम समझ सकते हैं, लेकिन ये तो बंगाल के लोगों से दुश्मन करती है। ऐसी टीएमसी एक मिनट भी चलनी नहीं चाहिए। निलोत्पल जी, आप वहां पूरे राज्य के कार्यकर्ता अपना बूथ सबसे मजबूत का संकल्प लेकर काम कर रहे हैं। मैं उनके लिए भी कुछ बाते बताना चाहता हूं। आप सभी कार्यकर्ता कुछ और भी काम करिए जैसे मनरेगा को लेकर ये बहुत झूठ फैलाते हैं, जबकि मनरेगा में भी इन्होंने काम किए नहीं पैसे खा गए और फर्जी जॉब कार्ड बनवाए। अब हम जी राम जी कानून के तहत गांव में पहले सौ दिन की बात थी रोजगार की। हम 125 दिन की रोजगार की गारंटी लेकर आए, ये बात गरीबों को जरूर बताइए। क्योंकि मोदी आप गरीबों का भला करना चाहता है। आप को लोगों को आयुष्मान योजना के बारे में भी बताना है। आप लोगों को बताएं कि अगर केंद्र की पांच लाख के मुफ्त इलाज की योजना लागू हो जाती है तो गरीबों को कितना फायदा होगा। कोई गरीब बीमार रहते दबाई के बिना परेशान नहीं होगा। और देखिए, आज भारत सरकार हर परिवार को मुफ्त अनाज दे रही है, मुफ्त दवाई दे रही है, मुफ्त पढ़ाई की व्यवस्था कर रही है। ये सारी बातें बताइए लेकिन टीएमसी बंगाल के लोगों तक ये फायदा पहुंचने ही नहीं देती है। उसे बंगाल के लोगों को भयभीत रखने में ही उसको मजा आता है। निलोत्पल जी मेरी तरफ से वहां सब को नमस्कार कहिएगा और आप जिस हिम्मत के साथ काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया को और ज्यादा फैलाइए और सभी कार्यकर्ताओं को भी सोशल मीडिया पर एक्टिव होने के बारे में बताइए। चलिए आपने बहुत अच्छे विषय बताए हैं। अब आगे और किसी से मुझे बात करने का मौका मिलेगा। चलिए आपका धन्यवाद। अब हम अगले साथी के साथ बात करते हैं।
चंदन प्रधान- नमस्कार, मैं चंदन प्रधान बोल रहा हूं, मैं सालबनी विधानसभा के 153 नंबर बूथ के बूथ अध्यक्ष बोल रहा हूं। मैं आपको नमन करता हूं और प्रणाम अर्पित करता हूं।
पीएम- चंदन बाबू आप तो एकदम नौजवान है और इतने सालों से पार्टी के काम मे लगे हैं। मैंने सुना है कि आप अपने बूथ पर हर बार विजयी होकर के निकलते हैं, तो इसका मतलब है कि आप जमीन पर बहुत पक्का काम करने वाले व्यक्ति हैं। मुझे विश्वास है कि आपसे और भी जो बूथ के कार्यकर्ता होंगे उनको भी बहुत कुछ सीखने को मिलता होगा।
पीएम- अच्छा चंदन बाबू पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों के कारण लोगों में बहुत बड़ी चिंता है। कई इलाकों में तो ये डेमोग्राफी के लिए खतरा बन गए हैं। भाषा और बोली में बहुत बड़ा अंतर आने लगा है। आप बताइए आप से इस विषय पर लोग क्या बात करते हैं। और हमने जो अपने घोषणापत्र में वायदे किए हैं उसका क्या रिस्पॉन्स है।
चंदन जी- मुर्शिदाबाद, मोताबाड़ी जैसे कई जगहों को मिनी पाकिस्तान बोला जाता है। मैं बहुत जगह गया, घर-घर गया, हरेक लोगों का सिर्फ यही विषय है कि टीएमसी का मतलभ भ्रष्टाचार, आवास योजना में भ्रष्टाचार, तोलाबाजी, कटमनी और नारी के लिए कोई सम्मान नहीं कोई सुरक्षा नहीं इसलिए हरेक आदमी हरेक बूथ में सिर्फ यही चाहता है कि टीएमसी सरकार को उखाड़ कर फेंक दिया जाए।
पीएम- चंदन बाबू आपका गुस्सा भी दिखाई देता है आपकी बातों में। आपने बंगाल के हर परिवार के मन की बात बताई है। देखिए, हमें तीन स्तर पर इस मुद्दे को देखना है। एक तो घुसपैठियों के कारण जो समस्याएं आ रही है वो विषय। दूसरा, टीएमसी का जो झूठ है उसको एक्सपोज करना है और तीसरा, हमारा जो मतुआ परिवार है, नमशूद्र परिवार है जो भी शरणार्थी साथी है उनको भरोसा देना है।
साथियों,
चंदन बाबू ने बहुत बढ़िया तरीके से बातें बताईं हैं अब मैं सब बूथों के कार्यकर्तोओं को आज कुछ बताना चाहता हूं। और ये बाते बूथ पर जाकर के आप लोगों को आसानी से बता सकते हैं। अब मेरा पक्का मत है, बंगाल का कल्चर इतना रिच है, इतना समृद्ध है पूरे हिंदुस्तान को गर्व होता है और जिस प्रकार से इन घुसपैठियों के कारण बंगाली कल्चर को पूरी तरह मिट्टी में मिला दिया है। इवेन ये बंगाली भाषा शुद्ध बंगाली तो सुनने को भी मुश्किल हो गया है क्योंकि ये घुसपैठिए सब आकर के ऐसा गडबड़बाजी किया है कि हमारी बंगाली भाषा भी खतरे में पड़ गई है। हमारा कल्चर खतरे में पड़ गया है। मैं तो कहूंगा कि आप पुराने-पुराने जो लोग हैं उनकी बंगाली कैसी है उसका एक वीडियो बनाइए और आज इन घुसपैठिओं के कारण कैसी भाषा बोली जाती है उसका वीडियो बनाइए और दोनो वीडियो देखिए और लोगों को बताइए कि एक ऐसा बंगाल हमारा मिस कर रहे हैं हमारा अपना बंगाली खत्म हो रहा है ये लोगों को समझाइए वीडियो के माथ्यम से। देखिए आप लोगों को समझाइए कि घुसपैठिए ऐसे नहीं आ रहे हैं। ये टीएमसी की योजना से आते हैं, क्योंकि टीएमसी को लगता है कि ये घुसपैठिए आएगा वोट देगा और सरकारें बनती रहेगी। इनके लिए तो ये राजनीति का सबसे बड़ा एसेट है और उन्होंने घुसपैठिओं को एक कारोबार बना दिया है, एक इंडस्ट्री बना दिया है, ये घर-घर जाकर के समझाइए...
पीएम- आप देखिए ये टीएमसी वाले क्या करते हैं घुसपैठियों के बीच जाकर के कहते हं कि तुम्हें कुछ नहीं होगा, हम घुसपैठियों की पूरी रक्षा करेंगे। बस तुम हमारी सरकार बना दो। और मतुआ समाज, नामशूद्र समाज ये जो शरणार्थी लोग हैं उनको ले जाकर के डराते हैं कि ये देखिए तुम्हे निकाल देंगे, तुम्हारा घर जाएगा, परिवार जाएगा, तुम्हें वापस जाना पड़ेगा। मतलब जिन्हे जाना है उनको रहने का आश्वासन देता है और जिनको संविधान ने रहने की गारंटी दी है सीएए के कानून ने गारंटी दी है मतुआ समाज हो नामशूद्र समाज हो, ये हमारे मेहमान हैं ये हमारे अपने शरणार्थी हैं हमारे परिवार के हैं उनको कोई नहीं निकल सकता है। ये बात हमें हर जगह पर ले जाकर के इसे बताना है। ये मोदी की गारंटी है कि मतुआ, नामशूद्र किसी को भी भारत से नहीं निकाला जाएगा। चंदन बाबू बहुत अच्छा लगा आप से बात करके आप जैसे नौजवान पार्टी की बहुत बड़ी ताकत है। चलिए अब आगे कौन है जिनसे बात करते हैं।
राकेश सरकार- मैं राकेश सरकार बोल रहा हूं नदिया दक्षिण जिले से शांतिपुर मंडल दो के 256 बूथ के मैं बूथ अध्यक्ष हूं। यहां सबलोग यही बात करते हैं कि ये भ्रष्टाचार से मुझे मुक्ति चाहिए। हरेक जगह यहां के मुख्यमंत्री झूठ बोलती रहती है और हरेक बीजेपी कार्यकर्ता को आज तक मार खाना पड़ता है और वे डरे हुए रहते हैं।
पीएम- राकेश बाबू, मुझे बताया गया है कि कुछ समय पहले आपके पिता जी नहीं रहे। आपके पिताजी भी बहुत अच्छे पार्टी के कार्यकर्ता रहे हैं। लेकिन पिताजी के जाने के बावजूद भी, घर में शोक होने के बावजूद भी आप अपने पिताजी की तरह जिस प्रकार आप सिद्धांतों के लिए बंगाल के उज्ज्वल भविष्य के लिए। बंगाल के नौजवानों के लिए आप और आपका परिवार जी जान से जुटा है ये जानकरके मुझे बहुत गर्व होता है। और आप जैसे कार्यकर्ता है जिस कारण मुझे भी बहुत काम करने की प्रेरणा मिलती है।
पीएम- राकेश बाबू पहले तो परिवार में सबको मेरा प्रणाम कहिएगा। और आपके पिता ने जो संस्कार दिए हैं और पूरा परिवार जिस समर्पित भाव से काम कर रहा है हमारे लिए बहुत गर्व की बात है। अच्छा राकेश बाबू बताइए कि बंगाल में सरकार का भ्रष्टाचार और जंगलराज ये तो जगजाहिर है। लोग एक ही बात कहते हैं कि टीएमसी का की भी विधायक कोई भी मंत्री साफ सुथरा नहीं है। टीएमसी ने भ्रष्टाचार को इंस्टीच्यूशनलाइज कर दिया है। एक बात बहुत कॉमन सुनाई देती है कि टीएमसी का एक छोटा सा नेता जो कभी हजार-दो हजार कमाता था आज आलीशान बंगले में रहता हैं। क्या आप जब लोगो के बीच जाते हैं तो लोग स्वाभाविक रूप से ऐसी बातें बताते हैं क्या..
राकेश- आपने ठीक कहा मोदी जी, जैसे कि हमारे यहां के मंत्री पार्थो चटोपाध्याय उनके भी जो खास थे उनके घर के पलंग के नीचे से करोड़ों-करोड़ रुपये बरामद हुए थे और मशीन लाना पड़ा था उसे गिनने के लिए। ऐसे बहुत सारे घोटाले के साथ काफी सारे तृणमूल के नेता सिर्फ नहीं, 2026 में चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी भी ऐसे घोटाले के साथ जुड़े हुए हैं और भ्रष्टाचारी हैं। हरेक लोग पश्चिम बंगाल के यही चाहते हैं कि एक नया सरकार बने भाजपा की सरकार बने पश्चिम बंगाल में ताकि सब लोगों को इस भ्रष्टाचार से मुक्ति मिले।
पीएम- राकेश जी आप बहुत बढ़िया बोलते हैं। आप भाषण भी करते होंगे। मुझे पक्का विश्वास है कि आपका भाषण सुनने के बाद बंगाल में कोई भी वोटर अब टीएमसी के पास नहीं जा सकता है।
पीएम- और राकेश जी आपने बिल्कुल सही कहा है टीएमसी ने बंगाल में भ्रष्टाचार को समस्या नहीं सिस्टम बना दिया है। जैसा आपने कहा कोयला का घोटाला हो, बालू का घोटाला हो, जमीन का घोटाला, राशन घोटाला, परीक्षा और भर्ती घोटाला हो और करोड़ो रुपये के नोटों के खजाने निकलते हैं। और इस बार भी चुनाव में ऐसे उम्मीदवार खड़े किए गए हैं। जो टीएमसी के जिस गेम जिस डिपार्टमेंट के मंत्री वही उसको लूट लेता है। लेकिन पुराने ये सारे वीडियो निकाल करके और इसे लोगों को दिखाने चाहिए। हर मतदाता को बस में मेट्रो में आते-जाते लोगों के घर जाकर के हमारे मोबाइल से ही पुराने वीडियो दिखाकर के सत्य बताना चाहिए।
बंगाल के बूथ के सभी कार्यकर्ता भाई-बहनों, देखिए राकेश जी ने जो बात बताई है वो आप लोग भी जानते हैं। इन सारे घोटालों के बारे में बंगाल का बच्चा-बच्चा जानता है। लेकिन इसको आपको हर बूथ पर बार-बार बताना होगा। और ये भी लोगों को बताओं कि जैसा मैं कहता हूं ना कि सबका साथ सबका विकास और लूटेरों का सबका हिसाब.. ये लूटेरों का सबका हिसाब ये बात घर-घर जाकर बताइए। इस बार ये कोई बचने वाले नहीं हैं। जिन्होंने गुनाह किया है कानून उन्हें छोड़ने वाला नहीं है। दूसरी बात है एक जो चार्जशीट बंगाल बीजेपी ने बनाई है। उसे आप अपने-अपने बूथ में हर परिवार तक पहुंचाए। साथ ही हम अपने घोषणापत्र में जो समाधान हमने दिए हैं उसकी एक-एक डिटेल की चर्चा भी होनी चाहिए। आप हर युवा से मिलिए और उनकी बातें, उनकी चिंता और उनके सपने के बारे में साझा करिए उनको भरोसा दीजिए की बीजेपी रेगुलर भर्तियां करेंगी। जो बी गड़बड़ करेगा उसकी जगह सीधे जेल में होगी।
साथियों,
मुझे आज आप सबसे बातचीत करने का अवसर मिला। मैं प्रवास के समय तो आता ही हूं बात भी करता हूं, लेकिन कार्यकर्ताओं का सुनना उनको समझना ये अपनेआप में सुखद अनुभव होता है। ये बात तो सही है कि मैं सबके साथ बात तो नहीं कर पाता, लेकिन पिछले एक सवा घंटे में अलग-अलग क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से उनके अनुभव की बातें सुनना और सचमुच में बंगाल की जनता के दिल में कितना गुस्सा है उसे समझने में मुझे भी बहुत सुविधा हुई।
साथियों,
आप सभी से बातचीत करके मेरा आत्मविश्वास भी बहुत बढ़ गया है, मेरा उत्साह भी बहुत बढ़ गया है। बूथ पर जो काम आप सब मिलकर के करते हैं और मेरा पक्का विश्वास है कि बूथ पर जो काम हो रहा है वही तो विजय की सबसे अच्छी चाबी है। विजय की चाबी वहीं पर है। विजय का असली सूत्र वही है ये बंगाल में बीजेपी सरकार बनाने का स्वर्णिम अवसर है। बंगाल की जनता पूरी तरह से बीजेपी पर भरोसा कर रही है इसलिए आने वाले दिनों हम सभी कार्यकर्ताओं को दिनरात मेहनत करनी है। हमारे साथ और लोगों को भी जोड़ना है। लोग हमे वोट करे सिर्फ इतना ही नहीं, लोग हमारी बात को कनवास भी करे, वे हमारे एक प्रकार से कार्यकर्ता बन जाए और हर घर हमारे लिए चुनाव जीतने का किला बन जाना चाहिए। और इसलिए बूथ पर आप ताकत लगाइए।
साथियों,
बंगाल की विजय जीतनी प्रचंड होगी उतनी ही बड़ी राहत बंगाल के लोगों को मिलेगी और हर कार्यकर्ता का मान-सम्मान भी वही होगा। और मैं पक्का मानता हूं कि इस बार बंगाल में टीएमसी की सरकार का जाना मतलब एक पुण्य का काम होने वाला है। और इसलिए एक ही मंत्र है मेरा बूथ सबसे मजबूत.. बूथ जीतो सीट जीतो।
साथियों,
मैंने जो छह गारंटियां बंगाल की जनता को दी है हमारा घोषणापत्र उन्हीं गारंटियों को जमीन पर उतारने का रोडमैप है। इसी भाव के साथ आपको हर परिवार तक पहुंचना है। आप सभी को मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं। मुझे बहुत अच्छा लगा आप सबसे बात करने का और मैं अभी बंगाल के अलग-अलग इलाकों में आने वाला हूं। वहां आके जनता-जनार्दन का दर्शन भी करने वाला हूं। और मुझे पक्का विश्वास है इस बार टीएमसी की सरकार जाएगी, बीजेपी की सरकार आएगी।भय जाएगा, भरोसा आएगा।


