കോൺഗ്രസ് എന്നും മധ്യവർഗ വിരുദ്ധ പാർട്ടിയാണ്: പ്രധാനമന്ത്രി മോദി ഹൈദരാബാദിൽ
അത് ബിആർഎസായാലും കോൺഗ്രസായാലും അവരാരും നിങ്ങളുടെ പ്രശ്നങ്ങൾ മനസ്സിലാക്കുന്നില്ല: പ്രധാനമന്ത്രി മോദി ഹൈദരാബാദിൽ
വംശീയതയുടെ വിഷം കോൺഗ്രസിൻ്റെ സിരകളിൽ നിറഞ്ഞിരിക്കുന്നു: പ്രധാനമന്ത്രി മോദി ഹൈദരാബാദിൽ

भारत माता की..

भारत माता की…।

हैदराबाद, सिकंदराबाद, मलकाजगिरी, चेवल्ला और भोंगिर को अंदरकी नमस्कारम। आप सभी को (ये पर्दा नीचे रखो प्लीज), आप सभी को अक्षय तृतीया की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। आपके जीवन में सुख रहे, समृद्धि रहे, लक्ष्मी जी का आशीर्वाद रहे, आपका भाग्य बना रहे, सौभाग्य बना रहे, ईश्वर से यही कामना है। तेलंगाना अक्षय तृतीया एक बड़ा त्योहार होता है इसके बावजूद भी आज मैं ये दूसरा कार्यक्रम तेलंगाना में कर रहा हूं और जिस प्रकार से लोग उत्साह-उमंग के साथ जुड़ रहे हैं, भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए ये आपका कमिटमेंट दिखाता है।

साथियों,

हैदराबाद तो स्पेशल है ही ये वेन्यू भी और स्पेशल है। आपमें से बहुत लोगों को याद होगा 10 साल पहले यहीं एक विराट सभा हुई थी और एंट्री के लिए पैसे देकर के टिकट लेना पड़ता था और वो एक ऐसा टर्निंग प्वाइंट था जो इस धरती से पूरे देश में निराशा को आशा में बदलने की आंधी चली थी, और आज फिर ये दृश्य, ये माहौल साफ दिखाता है कि तेलंगाना का मूड क्या है? तेलंगाना कह रहा है कांग्रेस नक्को, बीआरस नक्को, MIM नक्को..बीजेपी को इच वोट देंगे, बीजेपी को जिताएंगे। साथियों, मैं तेलंगाना में जहां-जहां गया हूं, एक अभूतपूर्व क्रांति मैं देख रहा हूं। तेलंगाना के परिणाम पूरे देश में उत्साह भरने वाले परिणाम आने वाले हैं।

साथियों,

4 जून के नतीजे अब बिल्कुल स्पष्ट है। 4 जून को देश जीतेगा, कौन जीतेगा? कौन जीतेगा? 4 जून को 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प जीतेगा और 4 जून को भारत के विरोधी हारेंगे। 4 जून को आत्मनिर्भर भारत अभियान के विरोधी हारेंगे। 4 जून को CAA कानून के विरोधी हारेंगे। 4 जून को यूनिफॉर्म सिविल कोड के विरोधी हारेंगे। 4 जून को वोट जिहाद की बात करने वाले हारेंगे। 4 जून को आर्टिकल 370 के समर्थक हारेंगे। 4 जून को ट्रिपल तलाक के समर्थक हारेंगे। 4 जून को भ्रष्टाचार के समर्थक हारेंगे। 4 जून को तुष्टिकरण के समर्थक हारेंगे।

साथियों,

हैदराबाद, सॉल्यूशन सिटी है। यहां हर प्रॉब्लम का सॉल्यूशन ढूंढा जाता है। आप मुझे बताइये क्या भारत, करप्शन जैसी प्रॉब्लम के साथ आगे बढ़ सकता है क्या? पूरी ताकत से बताइये बढ़ सकता है क्या? बढ़ सकता है क्या? क्या भारत को लाखों करोड़ के स्कैम करने वाली पार्टियां आगे बढ़ा सकती है क्या? क्या यूथ की एस्पिरेशन को इग्नोर करने वाली पार्टियां देश का भविष्य बना सकती है? क्या मीडिल क्लास के ड्रीम्स को कुचलने वाली पोलिटिकल पार्टियां, आपका भला कर सकती है? क्या हर प्रोजेक्ट में पहले करप्शन का पोटेंशियल खोजने वाली पार्टियां मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर बना सकती हैं? तो ये काम कौन कर सकता है? ये काम कौन कर सकता है? ये काम कौन कर सकता है? ये काम कौन कर सकता है? ये काम कौन कर सकता है? मोदी नहीं, ये आपका एक वोट कर सकता है। ये आपके वोट की ताकत है, जो इन सारी समस्याओं का समाधान है। आपने बीजेपी को वोट, NDA को वोट दिया, भारत भी अपनी दशकों पुरानी प्रॉब्लम्स के सॉल्यूशंस पर काम करने लगा। आज इसका परिणाम हम चारों तरफ देख रहे हैं। भारत आज डिजिटल पावर है। भारत आज फिनटेक पावर है। भारत आज स्टार्टअप पावर है। भारत आज 5वीं दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी है, भारत आज स्पेस पावर है।

साथियों,

ये तो मोदी का ट्रैक रिकॉर्ड है, लेकिन कांग्रेस का ट्रैक रिकॉर्ड क्या है? कांग्रेस का ट्रैक रिकॉर्ड है, लूट..लूट..लूट। कांग्रेस का ट्रैक रिकॉर्ड है, अपिजमेंट। कांग्रेस का ट्रैक रिकॉर्ड है, डायनेस्टी फर्स्ट। कांग्रेस का ट्रैक रिकॉर्ड है, आतंकवादियों पर नरमी। हमारे जो फर्स्ट टाइम वोटर्स हैं, मैं तो चाहूंगा कि हर परिवार अपने 18-20-22 साल के बच्चों के साथ बैठें और दस साल पहले क्या हाल थे उसकी जरा चर्चा करें। शायद इन फर्स्ट टाइम वोटर जो आज से 10 साल पहले, 8 साल 10 साल 12 साल के थे उन्हें तो याद भी नहीं होगा, 10- 11 साल पहले यहां दिलसुखनगर में सीरियल बम ब्लास्ट हुए थे। कांग्रेस की सरकार में पहले पूरे देश में ऐसी की खबरें आती रहती थीं। कोई परिवार रेस्टोरेंट में खाना खाने गया है, ब्लास्ट हो जाता है। कोई परिवार थिएटर में मूवी देखने गया है, ब्लास्ट हो जाता था। कोई परिवार बस से ट्रैवल कर रहा है, ब्लास्ट हो जाता था। आज कहीं से भी ऐसी खबरें आती हैं क्या? जरा इस तरफ से मुझे जवाब चाहिए, क्या ऐसी खबरें आती हैं क्या? उधर से जरा बताइये, ऐसी खबरें आती हैं क्या? ये बम ब्लास्ट किसने रोके? ये बम ब्लास्ट किसने रोके? ये बम ब्लास्ट किसने रोके? ये बम ब्लास्ट रोकने का काम आपने दिल्ली में एक मजबूत सरकार बनाई मोदी को उसकी सेवा का अवसर दिया, तब जाकर के ये रुका है। लेकिन ये बात कांग्रेस और इंडी गठबंधन को पसंद नहीं आ रही है। देश में ये खून-खराबा फिर से शुरू हो इसके लिए कुछ ताकतें मोदी को हटाने में जुटी है। इसलिए मैं हैदराबाद से पूरे देश को सतर्क करना चाहता हूं कांग्रेस को वोट देना मतलब, वो पुराने दिन जो कोई अनजान ‘पंजा’ आतंक को उसके साये में जीने के लिए देश को मजबूर कर दिया था, देश को मजबूर बना देता था और इसलिए फिर से एक बार देश आतंक की लपट में आना नहीं चाहता है।

साथियों,

कांग्रेस हमेशा से एंटी मिडिल क्लास पार्टी रही है। आप याद कीजिए, जब ये सरकार में थे, तो कैसी-कैसी बातें करते थे? इनके एक नेता कहते थे कि मिडिल क्लास केयरलेस है। ये उनके नेता कहते थे कांग्रेस के, वो कहते थे कि जो आइसक्रीम पर पैसा खर्च करते हैं, वो महंगाई की शिकायत क्यों करते हैं? याद है ना ये पुराने बयान ये कांग्रेस के नेता सरकार में रहते ऐसे बयान देते थे।

साथियों,

इस बार भी कांग्रेस के मेनिफेस्टो में मिडिल क्लास के लिए जरा सा भी विचार नहीं किया गया है। लेकिन ये लोग मिडिल क्लास की कमाई का एक्स-रे करके, उसे अपने वोट बैंक की और उनको बांटने की घोषणाएं डंके की चोट पर कर रहे हैं।

साथियों,

आप मुझे बताइये आपकी जो संपत्ति है उस पर आपके संतानों का अधिकार है कि नहीं है, जरा मुझे सब के सब लोग बताइये क्या आपकी संपत्ति पर आपके संतानों का अधिकार है कि नहीं है? क्या कोई सरकार आपकी संपत्ति छीनकर के आपके संतानों का अधिकार छीन ले, ऐसी सरकार आपको मंजूर है। साथियों, कांग्रेस ये विचार करके चल रही है। साथियों, कांग्रेस की नस-नस में रेसिज्म का जहर भी भरा है। ये शहजादे के उस्ताद अपने ही देश के लोगों को चीन का, अफ्रीका का बता रहे हैं। शहजादे के उस्ताद की मानें तो आप सभी भारतीय नहीं, बल्कि अफ्रीकी हैं। कांग्रेस देश को टुकड़ों- टुकड़ों में तोड़ने वाली मानसिकता के साथ बोल रही है। ये लोग भारत को एक राष्ट्र ही नहीं मानते, इसलिए आपको कांग्रेस से, इंडी अलायंस से बहुत सतर्क रहना है।

साथियों,

आप सभी जानते हैं कि शहजादे को ऐसे खतरनाक आइडिया, ट्यूशन करके सिखाए जाते हैं और शहजादे को ट्यूशन पढ़ाने वाले ने एक और बात कही है, वो कहते हैं कि राम मंदिर और राम नवमी मनाना गलत है। वो कहते हैं कि भगवान राम की पूजा, आइडिया ऑफ इंडिया के खिलाफ है। मैं जरा आपसे पूछना चाहता हूं क्या भगवान राम का अपमान आपको मंजूर है? क्या पूजा करना गलत है क्या? क्या पूजा करना देशद्रोह है क्या? भारत को हमेशा विदेशी चश्मे से देखने वाली कांग्रेस को आइडिया ऑफ इंडिया का अंदाजा ही नहीं है। आखिर क्या है आइडिया ऑफ इंडिया? आइडिया ऑफ इंडिया भारत की हजारों साल पुरानी संस्कृति का प्रतिबिंब है। आइडिया ऑफ इंडिया यानी सत्यमेव जयते, आइडिया ऑफ इंडिया यानी अहिंसा परमो धर्मः, आइडिया ऑफ इंडिया यानी आचारः परमो धर्मः, आइडिया ऑफ इंडिया यानी नहि सत्यात् परो धर्मः, आइडिया ऑफ इंडिया- एकम सत् विप्रा बहुधा वदन्ति, आइडिया ऑफ इंडिया- वसुधैव कुटुम्बकम्, आइडिया ऑफ इंडिया- सर्व पंथ समभाव, आइडिया ऑफ इंडिया- अप्प दीपो भव, आइडिया ऑफ इंडिया- बुद्धम् शरणम् गच्छामि, आइडिया ऑफ इंडिया- सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःख भाग्भवेत्, आइडिया ऑफ इंडिया- परोपकाराय सतां विभूतय:, आइडिया ऑफ इंडिया- जन सेवा ही, प्रभु सेवा, आइडिया ऑफ इंडिया- ईश्वरः सर्वभूतानां, आइडिया ऑफ इंडिया- सरब जोति के बीच समाना, आइडिया ऑफ इंडिया- गोड इज ग्रेट, आइडिया ऑफ इंडिया- नर में नारायण, जीव में शिव, आइडिया ऑफ इंडिया- या देवी सर्वभूतेषु मातृरुपेण संस्थिता, आइडिया ऑफ इंडिया- नारी तू नारायणी, आइडिया ऑफ इंडिया- मा विद्विषावहै, आइडिया ऑफ इंडिया- मिच्छामी दुक्कड़म और आइडिया ऑफ इंडिया- अपि स्वर्णमयी लंका न मे लक्ष्मण रोचते, जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी। हमें जन्म देने वाली ये धरती मुझे स्वर्ग से भी ज्यादा प्रिय है, ये भगवान श्री राम के ही तो बोल थे, ये आइडिया ऑफ इंडिया आज केवल मान्यताओं तक सीमित नहीं है। ये आइडिया ऑफ इंडिया आज भारत की एक सशक्त पहचान है। ये आइडिया ऑफ इंडिया आज भारत की बुलंद आवाज़ है और इसलिए आज आइडिया ऑफ इंडिया यानी, इंटरनेशनल योग दिवस, आइडिया ऑफ इंडिया यानी वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर का विज़न, आइडिया ऑफ इंडिया यानी विश्व के लिए वन सन, वन अर्थ, वन ग्रिड का विचार, आइडिया ऑफ इंडिया यानी चंद्रमा पर शिवशक्ति प्वाइंट, आइडिया ऑफ इंडिया मतलब मदर ऑफ डेमोक्रेसी, आइडिया ऑफ इंडिया- जस्टिस टू ऑल, अपीजमेंट टू नन, जिन श्रीराम से हमें ये प्रेरणा मिलती है, उन्हीं प्रभु राम की पूजा को कांग्रेस आइडिया ऑफ इंडिया के खिलाफ बता रही है।

साथियों,

तुष्टिकरण के लिए कांग्रेस और उसकी जैसी सोच वाली पार्टियां कुछ भी कर सकती है। यहां हैदराबाद में भी MIM को इसलिए ही खुली छूट दी गई है। वोट बैंक ना नाराज हो जाए इसी डर से ना तो कांग्रेस और ना ही BRS हैदराबाद मुक्ति दिवस मनाना चाहती है। लेकिन अब बीजेपी ने हैदराबाद को इस खौफ से मुक्ति दिलाने की ठानी है। केंद्र सरकार ने तय कर दिया है कि हर साल 17 सेप्टेम्बर को, 17 सितंबर को हैदराबाद मुक्ति दिवस मनाया जाएगा।

भाइयों- बहनों,

हिंदुओं को बांटो और अपने वोट बैंक को खुश करो, ये कांग्रेस की रणनीति है। इसलिए, कांग्रेस SC/ST/BC से रिजर्वेशन छीनकर रिलिजन के आधार पर बांटना चाहती है। आपने सुना होगा कि शहज़ादे के करीबी और चारा घोटाले के दोषी नेता ने क्या कहा? जेल से बाहर आये हैं और क्या बोल रहे हैं वो कहते हैं मुसलमानों को रिजर्वेशन देना ही चाहिए और फिर इतना ही नहीं वो कहते हैं पूरा का पूरा रिजर्वेशन मुसलमान को देना चाहिए। ये लोग BC कोटा के रिजर्वेशन को खत्म करके रिलिजन के नाम पर रिजर्वेशन देना चाहते हैं। इसका बहुत बड़ा प्रभाव जो GHMC चुनाव में पड़ा था वो हम सबने देखा है। जिन सीटों पर BC समाज का हक था वो उनसे छीन ली गई। कांग्रेस यही मॉडल पूरे देश में लागू करना चाहती है।

साथियों,

तेलंगाना में जब से कांग्रेस सरकार बनी है, तब से ‘डबल आर टैक्स’ की भी बहुत चर्चा है। ‘एक आर’ तेलंगाना का और ‘एक आर’ दिल्ली का, इन्होंने मिलकर हैदराबाद को, तेलंगाना को ATM बना दिया है। मैंने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन ‘डबल आर टैक्स’ पर यहां के मुख्यमंत्री खुद सफाई दे रहे हैं। साथियों, यहां हैदराबाद में तो ‘ट्रिपल आर टैक्स’ का बोझ आपको उठाना पड़ता है। यहां ‘एक आर’, रज़ाकार का भी है। ये रज़ाकार टैक्स कैसे काम करता है, ये ओल्ड हैदराबाद में दिखता है। कांग्रेस-BRS के समर्थन वाली मजलिस के सांसद वहां लंबे अरसे से हैं, लेकिन वहां बेसिक सुविधाएं तक नहीं है। साथियों, हैदराबाद में हर साल बारिश में चारों तरफ पानी भर जाता है। लेकिन BRS हो या कांग्रेस, किसी ने भी आपकी परेशानियों को नहीं समझा। हर साल पब्लिक परेशान रहती है। इससे हेल्थ और एजुकेशन, हर सर्विस उस पर बहुत बुरा असर पड़ता है। यहां पावर कट से लोग परेशान हैं।

साथियों,

बीजेपी तेलंगाना के तेज विकास के लिए प्रतिबद्ध है। तेलंगाना को, पहला एम्स किसने दिया? तेलंगाना को 4 वंदे भारत ट्रेन किसने दी? तेलंगाना को सेंट्रल ट्राइबल यूनिवर्सिटी किसने दी? तेलंगाना में बंद पड़ी फर्टिलाइज़र फैक्ट्री किसने चालू की? टर्मेरिक बोर्ड किसने बनाया? NTPC का बड़ा बिजली कारखाना किसने बनाया? ये सारे काम बीजेपी की सरकार ने किए हैं। हमारी सरकार तेलंगाना को ग्लोबल कैपेबिलिटी के बड़े सेंटर के रूप में भी विकसित कर रही है। यहां एविएशन हब बन रहा है। ये एयरक्राफ्ट इंजन की दुनिया की सबसे बड़ी एमआरओ फैसिलिटी होगी। आत्मनिर्भर अभियान का लाभ भी तेलंगाना को मिलने जा रहा है। डिफेंस से लेकर बायो टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक मैन्युफेक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में तेलंगाना के लिए आने वाले 5 साल तेज विकास के होंगे। हसन चेरापल्ली LPG पाइपलाइन से भी इस क्षेत्र को काफी फायदा हुआ है। यहां युवाओं के लिए जॉब के, रोजगार के अनगिनत अवसर बन रहे हैं।

साथियों,

बीजेपी सरकार, सबका साथ- सबका विकास- सबका विश्वास- सबका प्रयास इस मंत्र पर चलती है। ये बीजेपी सरकार है जिसने ट्रिपल तलाक के बहाने मुस्लिम बेटियों पर हो रहे अत्याचारों को खत्म किया है। ये बीजेपी की सरकार है जिसने स्कूलों में बेटियों के लिए अलग से लाखों शौचालय बनवाएं। इससे मुस्लिम समाज की बेटियों को भी लाभ हुआ। 10 साल में बहनों को पहली बार, टॉयलेट, गैस, पानी जैसी सुविधाएं मिली हैं। पहली बार उनको भी पक्का घर, मुफ्त राशन मुफ्त इलाज की सुविधा मिली है। इसलिए हर मां-बहन कह रही है, मातृशक्ति कह रही है फिर एक बार.. फिर एक बार.. फिर एक बार.. फिर एक बार।

साथियों,

BRS को दिया आपका वोट, कांग्रेस को ही मदद करेगा और कांग्रेस को दिया आपका वोट भी केंद्र में सरकार नहीं बना सकता। इसलिए आपको भारी संख्या में भाजपा के पक्ष में, कमल के निशान पर बटन दबाकर के मतदान करना है और भाइयों-बहनों, क्या मेरा तेलंगाना मतदान के पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ सकता है? सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ सकता है? ज्यादा से ज्यादा मतदान करा सकता है, इस चुनाव में भाजपा सभी लोकसभा सीट तो जीतने वाली ही है लेकिन मुझे ज्यादा से ज्यादा पोलिंग बूथ जीतने हैं, क्या पोलिंग बूथ जिता सकते हैं? पोलिंग बूथ जिताएंगे, पूरी ताकत पोलिंग बूथ जिताने में लगाएंगे।

भाइयों- बहनों,

इस चुनाव में सिकंदराबाद से मेरे साथी जी. किशन रेड्डी जी, हैदराबाद से बहन माधवी लता, मलकाजगिरी से श्री इटेला राजेंदर, चेवल्ला से श्री कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी और भुवनगिरी से डॉ. बूरा नरसैया गौड़, इन सभी साथियों को विजयी बनाना है। बनाएंगे, ज्यादा से ज्यादा मतदान कराएंगे। अच्छा मेरा एक काम करोगे, ये चुनाव वाला काम नहीं है, मेरा पर्सनल काम है.. करोगे, ये मोदी का पर्सनल काम है करोगे। इनमें से किसी का काम नहीं है..मेरा है करोगे? जरा हाथ ऊपर करके बताओ..करोगे? अच्छा, तो मेरा काम बहुत सरल है ज्यादा से ज्यादा परिवारों में जाइये उन सबको मिलिए और उनको कहिए मोदी जी हैदराबाद आये थे, आप सबको नमस्कार कहा है, परिवार में सबको जय श्री राम कहा है। मेरा नमस्कार पहुंचाएंगे, मेरा जय श्री राम पहुंचाएंगे, जब परिवार के सब लोगों को मेरा नमस्कार पहुंचेगा, मेरा जय श्री राम पहुंचेगा, तो परिवार के हर कोई मुझे आशीर्वाद देंगे और जब परिवार का हर व्यक्ति मुझे आशीर्वाद देता है तो मेरी ऊर्जा अनेक गुना बढ़ जाती है और मैं उसे आपकी सेवा अधिक क्षमता के साथ कर सकता हूं।

बोलिए, भारत माता की..

भारत माता की।

बहुत- बहुत धन्यवाद।

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PM Modi’s First Decisions from Seva Teerth reflect a spirit of Seva and touch every section of society
February 13, 2026
PM signs important files relating to important decisions for women, youth and vulnerable citizens
Significant new initiatives taken: PM RAHAT Scheme, Doubling of target of Lakhpati Didis to 6 crore, Agriculture Infrastructure Fund Doubled to ₹2 lakh crore, Startup India Fund of Funds 2.0 with a corpus of ₹10,000 crore

In its very first set of decisions after shifting to Seva Teerth, PM Modi signed important files relating to decisions that reflect the spirit of Seva. These decisions touch every section of society: farmers, women, youth, and vulnerable citizens.

1. PM RAHAT Scheme: Life-Saving Protection for Every Citizen

The Prime Minister has approved the launch of the PM RAHAT scheme.

Under this initiative, accident victims will get cashless treatment of up to ₹1.5 lakh, ensuring that no life is lost due to lack of immediate medical help.

2. Doubling of target of Lakhpati Didis to 6 crore

The government has crossed the landmark of 3 crore Lakhpati Didis, more than a year ahead of the original March 2027 timeline.

The PM has now set a new, ambitious target of 6 crore Lakhpati Didis by March 2029, doubling both scale and aspiration.

3. Major Boost to Farmers: Loan Target of Agriculture Infrastructure Fund Doubled to ₹2 lakh crore.

In a move aimed at strengthening India’s entire agriculture value chain, the PM has announced the doubling of the loan target of the Agriculture Infrastructure Fund from ₹1 lakh crore to ₹2 lakh crore.

4. Startup India Fund of Funds 2.0 with a corpus of ₹10,000 crore.: the Next Wave of Innovation

To power India’s innovation ecosystem, especially in deep tech, early-stage ideas, advanced manufacturing and breakthrough technologies, the PM has approved the Startup India FoF 2.0 with a corpus of ₹10,000 crore.