2017ന് മുമ്പ് ഉത്തർപ്രദേശിന്റെ വികസനം നിശ്ചലമായ നദിയിലെ വെള്ളം പോലെയായിരുന്നു. ദരിദ്രരുടെ ക്ഷേമത്തിനായി സർക്കാർ അന്ന് ശ്രദ്ധ നൽകിയില്ല: പ്രധാനമന്ത്രി മോദി
2017ന് മുമ്പ് ഉത്തർപ്രദേശിന്റെ വികസനം നിശ്ചലമായ നദിയിലെ വെള്ളം പോലെയായിരുന്നു. ദരിദ്രരുടെ ക്ഷേമത്തിനായി സർക്കാർ അന്ന് ശ്രദ്ധ നൽകിയില്ല: പ്രധാനമന്ത്രി മോദി
അടുത്ത 25 വർഷത്തിനുള്ളിൽ, ഇന്ത്യ സ്വാതന്ത്ര്യത്തിന്റെ 100 വർഷം പൂർത്തിയാക്കുമ്പോൾ, യുപി അതിന്റെ വികസന കഥയിൽ അറിയപ്പെടണമെന്ന് ഞങ്ങൾ ആഗ്രഹിക്കുന്നു: പ്രധാനമന്ത്രി മോദി

नमस्कार!

मंच पर उपस्थित उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी, मंत्रीपरिषद के मेरे सहयोगी धर्मेंद प्रधान जी, बिजनौर, मुरादाबाद और अमरोहा के सभी मतदाता भाइयों और बहनों, भारतीय जनता पार्टी के सारे उत्साही कार्यकर्ता, भारतीय जनता पार्टी के सभी उम्मीदवार, भाइयों और बहनों। मैं सबसे पहले तो आपसे क्षमा चाहता हूं, क्योंकि आज इलेक्शन कमीशन की तरफ से कुछ मुक्ति मिलने के कारण, मैं सोच रहा था कि रूबरू आकर बिजनौर से चुनाव अभियान का प्रारंभ करूं, लेकिन मौसम के कारण मेरा हेलिकॉप्टर नहीं निकल पाया। और उसके कारण मुझे फिर एक बार वर्चुअली ही, आपके दर्शन करने का सौभाग्य मिला है।

साथियों,

ये धरती भगवान श्रीकृष्ण और पांडवों के श्रीचरणों की साक्षी है। महात्मा विदुर की कर्मभूमि और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अनेक वीर सपूत पैदा करने वाली इस धरती को मैं आदरपूर्वक मेरा नमन। आज यहां बिजनौर के साथ ही अमरोहा और मुरादाबाद के साथी भी जुड़े हुए हैं। उन सभी का भी मैं स्वागत करता हूं।

साथियों,

अपनी बात की शुरुआत, मैं इस क्षेत्र के ही मशहूर कवि दुष्यंत कुमार की दो लाइनों से करूंगा। उन्होंने लिखा था- “यहां तक आते-आते सूख जाती हैं कई नदियां मुझे मालूम है पानी कहां ठहरा हुआ होगा”। 2017 से पहले, उत्तर प्रदेश में भी विकास की नदी का पानी ठहरा हुआ था। ये पानी नकली समाजवादियों के परिवार में, उनके करीबियों में ठहरा हुआ था। इन लोगों को सामान्य मानवी की विकास की प्यास से, प्रगति की प्यास से, गरीबी से मुक्त होने की प्यास से, कभी कोई मतलब नहीं रहा। वो सिर्फ अपनी प्यास बुझाते रहे, अपने करीबियों की प्यास बुझाते रहे। और अपनी तिजोरियों की प्यास बुझाते रहे। बस अपना स्वार्थ सोचने वाली यही प्यास विकास की नदी के हर बहाव को सोख लेती है। अपना घर भर लेने की यही प्यास गरीबों को घर नहीं देने देती थी। अपनी जेबें भर लेने की यही प्यास गरीब का राशन चट कर जाती थी। प्रोजेक्ट लटकाकर कमाई करने की इसी प्यास से लाल फीताशाही और लेटलतीफी को ताकत मिलती थी।

भाइयो और बहनों

भारतीय जनता पार्टी, प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति को अपना परिवार मानती है।हमारा मंत्र है- सबका-साथ, सबका-विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास।इसलिए बीजेपी की सरकार में भाई-भतीजावाद और तुष्टीकरण की कोई जगह नहीं हैं। जब पीएम आवास योजना में घर मिलता है तो हर गरीब को घर मिलता है, उसकी जाति, पंथ, क्षेत्र नहीं देखा जाता। जब उज्ज्वला योजना में गैस का कनेक्शन मिलता है तो माताओं बहनों की जाति, पंथ नहीं पूछी जाती है। हमारी सरकार में जब मुफ्त राशन मिलता है तो किसी की बिरादरी, किसी का समाज कौन क्या है, ये किसका बेटा है, क्या है, कुछ नहीं पूछा जाता। जब गन्ना किसान का बकाया भुगतान किया जाता है, सिंचाई का पानी मिलता है, वो सभी को बराबरी से मिलता है। ये फर्क मेरे उत्तर प्रदेश के किसान, मेरे उत्तर प्रदेश के गरीब भाई-बहन, मेरे उत्तर प्रदेश के नौजवान, ये फर्क जो है न इसको कभी भूल नहीं सकते हैं। जो लोग आज जात-पात के नाम पर वोट मांग रहे हैं, जाति का वास्ता दे रहे हैं, सत्ता में आने पर इन्हें केवल ही केवल उनके परिवार का स्वार्थ याद रहता है।

साथियों,

पिछले पांच साल में योगी जी की सरकार का प्रयास रहा है कि विकास कुछ ही इलाकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसी सोच के साथ हमारी सरकार मुरादाबाद, बिजनौर, अमरोहा जैसे शहरों में भी कनेक्टिविटी बढ़ा रही है। करीब 500 किलोमीटर का दिल्ली-लखनऊ इकोनॉमिक कॉरिडोर भी मुरादाबाद से ही होकर गुजरेगा। अलीगढ़-मुरादाबाद कॉरिडोर का काम भी तेजी से पूरा किया जा रहा है।
डबल इंजन की भाजपा सरकार में मुरादाबाद-बरेली कॉरिडोर भी पूरा होने जा रहा है। गंगा एक्सप्रेस-वे के रुप में इस इलाके को बहुत बड़ी सौगात मिलने जा रही है। बिजनौर से मुरादाबाद तक के फोर लेन हाईवे पर भी तेजी से काम हो रहा है। इससे पूरा जिला आस-पास के सभी प्रमुख स्थानों से जुड़ जाएगा।

साथियों,

योगी जी की सरकार ने पिछले पांच साल में इन इलाकों में बहुत से बडे और जहां जरूरत पड़ी वहां छोटे भी, अनेकों पुल बनवाए हैं। इनसे गंगा पार से आने-जाने वाले किसानों का रास्ता भी आसान हुआ है। डबल इंजन सरकार ने सड़कें और रिंग रोड बनाकर यहां के लोगों की जिंदगी में रोजमर्रा की मुश्किलों को आसान किया है। बिजनौर में करीब 300 करोड़ की लागत से महात्मा विदुर मेडिकल कालेज का काम भी तेजी से चल रहा है।

साथियों,

आज़ादी के इस अमृतकाल में हमने उत्तर प्रदेश को लेकर भी कई सपने देखे हैं। हम चाहते हैं आने वाले 25 वर्षों में जब देश आज़ादी के सौ साल पूरे करे तो यूपी विकास की सुनहरी गाथा के साथ अपना परचम लहराए। हमारी सरकार लगातार कोशिश में जुटी है, यहां के व्यापारियों, उद्यमियों, किसानों को हर संभव सहायता दी जाए। हमारी सरकार ने बिजनौर की नगीना काष्ठ कला को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना में शामिल किया है। इस वजह से आज बिजनौर की कला की पहचान विदेशों में और बढ़ रही है। दुनिया भर में मशहूर मुरादाबाद के पीतल को भी वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना से जोड़ा गया है। हमारी कोशिश है कि पीतल नगरी मुरादाबाद दुनिया में सोने सी चमक हासिल करे।आने वाले समय में यहां पर इंडस्ट्रियल पार्क लगेगा और दो कॉमन फैसिलिटी सेंटर भी बनेंगे। उत्तर प्रदेश की कर्मठ योगी सरकार दिन रात मेहनत में लगी है जिससे छोटे उद्यमियों को मदद मिल सके। बिजनौर, मुरादाबाद और अमरोहा के युवा के सामने अवसरों की कमी ना हो। यही हमारी प्राथमिकता है।

साथियों,

केंद्र सरकार और यूपी की भाजपा सरकार अपने किसान भाइयों के सम्मान और उनका अधिकार वापस दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले पांच साल में गन्ना किसानों को डेढ़ लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान किया गया है। इतना तो पहले की दो सरकारों में मिलाकर नहीं किया गया है। पहले की सरकारों में गन्ने की पर्ची से लेकर गन्ना बकाए के भुगतान तक हर जगह नकली समाजवादियों का राज था। पीएम किसान सम्मान निधि हो, छोटे किसानों की आर्थिक मदद हो या किसान भाइयों की फसल का बीमा हो, हमारी सरकार ने यह सब सीधे बैंक खातों में उपलब्ध कराया है, कोई बिचौलिया नहीं।

साथियों,

हम हर वो व्यवस्था लागू करने की कोशिश में जुटे हैं जहां किसानों को खाद के लिए कहीं भाग-दौड़ ना करनी पड़े, और यूरिया आपके खेतों तक कम लागत में पहुंचे। पिछली राज्य सरकारों में यूरिया आती थी किसानों के लिए लेकिन चली जाती थी कालाबाजारी करने वालों के पास। हमने प्रदेश में वर्षों से बंद पड़े गोरखपुर खाद कारखाने को फिर से चालू किया है। वहां से निकला नीम कोटेड यूरिया पूरे प्रदेश के किसानों के खेतों को लाभ पहुंचाएगा। चौधरी चरण सिंह जी के आदर्शों को अपनाते हुए हर किसान का सम्मान हमारा ध्येय है। पहले की सरकारों में यूरिया खाद के लिए यूपी के किसानों ने लाठियां तक खाई हैं। जिन्होंने सत्ता में रहते हुए किसानों को ये दिन दिखाए थे वो कभी किसानों का भला नहीं कर सकते। वो सिर्फ किसानों को धोखा दे सकते हैं।

साथियों,

ये जो लोग आज चौधरी चरण सिंह की विरासत की दुहाई देकर आपको बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं आपको एक और बात बताता हूं। आपको जानकर आश्चर्य होगा पहले की सरकार में गेहूं की जितनी सरकारी खरीद हुई थी, योगी जी की सरकार ने उससे दोगुने से भी ज्यादा गेहूं MSP पर खरीदा है। योगी जी की सरकार में किसानों से अनाज खरीद में हर साल रिकार्ड बनाया गया है। अपने किसानों को, और पूरे पश्चिमी यूपी को मैं एक बात और याद दिलाना चाहता हूं। आज जो लोग आपको बहकाने की कोशिश कर रहे हैं, उनसे ये जरूर पूछिएगा। जब उनकी सरकार थी, तब वो इस इलाके में, आपके गांवों में कितनी बिजली देते थे? यूपी में, और पश्चिमी यूपी में ये बात होती थी या नहीं कि हमारा किसान और युवा बिना बिजली के मात खा जाता है? घर-घर में चर्चा होती थी कि बिजली के अभाव में किसानों का भविष्य कैसे रौंदा जा रहा है। आज जब आपके गांव-गांव में बिजली आ रही है तो इसका हिसाब होना चाहिए या नहीं होना चाहिए? उन्होंने प्रदेश को अंधेरे में रखा ताकि अपराध बढ़े, हमने बिजली दी, ताकि विकास बढ़े।

भाइयों और बहनों,

पहले की सरकारों ने यूपी का बहुत समय गंवा दिया है। अब यूपी को उस नुकसान की भरपाई करते हुए और तेजी से आगे बढ़ना है। पहले की सरकारों का मॉडल समस्या पैदा करो फिर सहानुभूति के नाम पर सब समेट लो का था। उनके इस मॉडल से किसान, नौजवान, गरीब, शोषित, दलित सब परेशान थे। आप याद करिए, महिलाओं से, हमारी बहनों-बेटियों से छेड़छाड़ कितनी आम बात थी। हालात इतने खराब थे कि चेन लूटे जाने पर इस बात का शुक्र मनाया जाता था कि चलो जान तो बच गई। योगी जी की सरकार ने बेटियों को उस भय से मुक्त करके दिखाया है। हमने बेटियों को उनका असल सम्मान दिलाया है। हमारी सरकार ने बिजनौर, मुरादाबाद और अमरोहा में हज़ारों बहनों को उज्ज्वला के जरिए मुफ्त कनेक्शन देकर उनका जीवन आसान बनाया है। पिछले पांच साल में इन इलाकों में इंटर कालेज, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, डिग्री कालेज बनावाए हैं।

भाइयो बहनों,

पिछली सरकारों ने गरीब की कभी चिंता नहीं की। गरीब उनके लिए हमेशा राजनीति का माध्यम रहा। हमारी सरकार गरीब की हर जरूरत का ध्यान रखते हुए उसकी हर चिंता को कम करने का प्रयास कर रही है। आयुष्मान भारत के जरिए हमने गरीब को बीमारी के दौरान इलाज़ के खर्चे की चिंता से मुक्त किया है। इसका लाभ मुरादाबाद, बिजनौर और अमरोहा के तीन लाख से ज्यादा गरीब परिवारों को सुनिश्चित हुआ है। आज यूपी में हर ज़िले में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए अस्पतालों का निर्माण हो रहा है।

साथियों,

आज उत्तर प्रदेश की जनता देख रही है, समझ रही है कि यूपी का विकास कौन कर सकता है। पहले उत्तर प्रदेश को शुद्ध जल भी नसीब नहीं होता था। आज हर गांव के हर परिवार को नल से जल की सुविधा दी जा रही है। हमारी माताएं और बहनें इन कामों की वजह से हमें आर्शीवाद दे रही हैं। पहले गिनती के एक्सप्रेस-वे थे, आज नए एक्सप्रेस-वे बनकर तैयार हो चुके हैं। पहले की सरकारों ने यूपी की छवि को ख़राब किया। आज यूपी पांच अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला देश का पहला राज्य बन रहा है। यह सिर्फ भाजपा की डबल इंजन सरकार में ही हो सकता है। क्योंकि हमारी सोच ईमानदार और काम असरदार है।

साथियों,

एक बहुत जरूरी बात मैं पूरे यूपी और खासकर पश्चिमी यूपी के लोगों से कहना चाहता हूं। आपने देखा है कि योगी जी के शासन में अपराधी किस तरह खुद भागकर जेल गए और मांग करते रहे कि हमें बंद कर दो। वो सालों से इस चुनाव का इंतज़ार कर रहे हैं। उन्हें एक ही उम्मीद है, कि जल्दी से जल्दी चुनाव आए, कैसे भी सरकार बदल जाए, ताकि वो जेल से बाहर आ सकें। ये अपराधी मना रहे हैं कि किसी भी तरह पुरानी वाली माफियाराज वाली सरकार आ जाए। जो अपराधी यूपी छोड़कर भाग गए थे, वो भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सरकार बदलें तो फिर से लौटकर आयें। ये अपराधी चाहते हैं कि लूट डकैती छिनैती का जो धंधा पांच साल से ठप्प पड़ा है, यूपी की जनता से उसकी भरपाई करें। बदला देने के मूड में है। इनके गुर्गे भी पूरी ताकत लगाए हुये हैं। ये लोग जात-पात के नाम पर बंटबारा करके भाजपा को रोकना चाहते हैं। मैं आपसे कहना चाहता हूं, इस खेल से सावधान रहिएगा। इस चुनाव में और कुछ नहीं देखना है, केवल कमल छाप देखना है, केवल भाजपा को देखना है। भाजपा आएगी तो आपकी सुरक्षा होगी। ये आएंगे तो गुंडों के सपने पूरे होंगे। जब आप वोट डालने जाएं तो भी जरूर याद रखें, आप यूपी के लिए ही नहीं बल्कि देश के लिए भी वोट दे रहे हैं। आप यूपी के मतदाता है, और यूपी के विकास के बिना देश का विकास भी नहीं हो सकता! यूपी के मतदाता हमेशा ये याद रखकर वोट देते हैं। पिछले कई चुनावों में आपने ये साबित कर के दिखाया है। आज भी आपका जोश बता रहा है एकजुट होकर आप सही फैसला लेने को तैयार है। इसीलिए, मैं देख रहा हूं।

यूपी ने हैं भरी हुंकार

एक बार फिर योगी सरकार

मेरा आप सभी से एक और आग्रह है। मतदान के दिन इसी प्रकार की तेजी से , इसी प्रकार के उत्साह से, मतदान कीजिएगा। पहले मतदान,फिर जलपान।

इन्हीं शब्दों के साथ, आप सभी से फिर एक बार रूबरू नहीं पहुंच पाने के लिए क्षमा चाहता हूं।

आप सब का बहुत-बहुत धन्यवाद।

मेरे साथ पूरी ताकत से बोलिए

भारत माता की...

(दोनों हाथ ऊपर कर बोलिए) भारत माता की...

भारत माता की...

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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വിഭജന ഭീതി അനുസ്മരണ ദിനത്തിൽ വിഭജനം മൂലം ദുരിതമനുഭവിച്ചവരുടെ ധീരതയെ അനുസ്മരിച്ച് പ്രധാനമന്ത്രി
August 14, 2026
കഠിനാധ്വാനത്തിന്റെയും മനുഷ്യ പ്രയത്നത്തിന്റെയും ശക്തി ഉയർത്തിക്കാട്ടുന്ന സംസ്‌കൃത സുഭാഷിതം പ്രധാനമന്ത്രി പങ്കുവെച്ചു

വിഭജന ഭീതി അനുസ്മരണ ദിനം ആചരിക്കുമ്പോൾ വിഭജനം മൂലം ദുരിതമനുഭവിച്ച എല്ലാവരുടെയും ധീരതയെ നാം ഓർമ്മിക്കുന്നുവെന്ന് പ്രധാനമന്ത്രി ശ്രീ നരേന്ദ്ര മോദി ഇന്ന് പറഞ്ഞു. നിരവധി ജീവിതങ്ങളെ പിച്ചിച്ചീന്തുകയും കുടുംബങ്ങൾ വേരോടെ പിഴുതെറിയുകയും പ്രിയപ്പെട്ടവരെ നഷ്ടപ്പെടുകയും അളവറ്റ ദുരിതങ്ങൾ അനുഭവിക്കുകയും ചെയ്ത ചരിത്രത്തിലെ ഒരു നിമിഷമായിരുന്നു അതെന്ന് അദ്ദേഹം ചൂണ്ടിക്കാട്ടി.

അതോടൊപ്പം തന്നെ ഇതിനെയെല്ലാം അതിജീവിച്ച്, ആളുകൾ ഒന്നുമില്ലായ്മയിൽ നിന്ന് തങ്ങളുടെ ജീവിതം കെട്ടിപ്പടുക്കുകയും പ്രതിസന്ധികളെ നേട്ടങ്ങളാക്കി മാറ്റുകയും നമ്മുടെ രാജ്യത്തിന്റെ പുരോഗതിക്കായി വലിയ സംഭാവനകൾ നൽകുകയും ചെയ്തുവെന്ന് പ്രധാനമന്ത്രി എടുത്തുപറഞ്ഞു. അവരുടെ ജീവിതയാത്രകൾ മാനുഷിക ആത്മവീര്യത്തിന്റെ കരുത്തിനെയാണ് ഓർമ്മപ്പെടുത്തുന്നതെന്ന് അദ്ദേഹം നിരീക്ഷിച്ചു. നമ്മുടെ രാജ്യത്ത് സൗഹാർദ്ദവും സഹോദരബന്ധവും നിലനിർത്താനും വികസിത ഭാരതം കെട്ടിപ്പടുക്കുന്നതിനായി കൂട്ടായി പ്രവർത്തിക്കാനുമുള്ള നമ്മുടെ നിശ്ചയദാർഢ്യത്തെ ഈ ദിനം കൂടുതൽ ദൃഢമാക്കുമെന്ന് ശ്രീ മോദി പ്രത്യാശ പ്രകടിപ്പിച്ചു.

ആ ഭയാനകമായ കാലഘട്ടത്തിൽ നിന്ന് കരകയറി, രാജ്യത്തിന്റെ പുരോഗതിക്കായി അമൂല്യമായ സംഭാവനകൾ നൽകിയ എല്ലാ ദേശവാസികൾക്കും പ്രധാനമന്ത്രി തന്റെ ഹൃദയം നിറഞ്ഞ പ്രണാമമർപ്പിച്ചു. പ്രതികൂല സാഹചര്യങ്ങളിലും എങ്ങനെ ലക്ഷ്യങ്ങൾ നേടിയെടുക്കാമെന്ന് ധൈര്യത്തിലൂടെയും കഴിവിലൂടെയും അവർ തെളിയിച്ചുവെന്ന് അദ്ദേഹം പ്രസ്താവിച്ചു. നന്മയുടെയും ഐക്യദാർഢ്യത്തിന്റെയും ദേശീയ മനോഭാവം കൂടുതൽ ശക്തിപ്പെടുത്താൻ ശ്രീ മോദി ഏവരോടും ആഹ്വാനം ചെയ്തു.

കഠിനാധ്വാനം, സംരംഭകത്വം, സമർപ്പിത പ്രയത്നം എന്നിവയിലൂടെയാണ് വൈവിധ്യമാർന്ന കലകൾ, ശാസ്ത്രം, സാങ്കേതിക നൈപുണ്യങ്ങൾ, കരകൗശല വൈദഗ്ധ്യം, നൂതനാശയങ്ങൾ എന്നിവ അഭിവൃദ്ധി പ്രാപിക്കുകയും വിജയത്തിലേക്ക് വഴിയൊരുക്കുകയും ചെയ്യുന്നതെന്ന് ഒരു സുഭാഷിതം പങ്കുവെച്ചുകൊണ്ട് പ്രധാനമന്ത്രി ഊന്നിപ്പറഞ്ഞു. അതുകൊണ്ട് ആരും വിധിയെ മാത്രം ആശ്രയിച്ച് കഴിയരുതെന്നും മറിച്ച് ധൈര്യം, ഉത്സാഹം, നിരന്തര പരിശ്രമം എന്നിവയിലൂടെ തങ്ങളുടെ ലക്ഷ്യങ്ങളിലേക്ക് സ്ഥിരതയോടെ മുന്നേറണമെന്നും അദ്ദേഹം കൂട്ടിച്ചേർത്തു. കാരണം മനുഷ്യ പ്രയത്നമാണ് വിധിയെ രൂപപ്പെടുത്തുന്നത്.

'X'-ലെ തുടർച്ചയായ പോസ്റ്റുകളിൽ പ്രധാനമന്ത്രി കുറിച്ചു:

"ഇന്ന് നമ്മൾ വിഭജന ഭീതി അനുസ്മരണ ദിനം ആചരിക്കുകയാണ്. വിഭജനം മൂലം ദുരിതമനുഭവിച്ച എല്ലാവരുടെയും ധീരതയെ നാം അനുസ്മരിക്കുന്നു. നിരവധി ജീവിതങ്ങളെ പിച്ചിച്ചീന്തുകയും കുടുംബങ്ങൾ വേരോടെ പിഴുതെറിയുകയും പ്രിയപ്പെട്ടവരെ നഷ്ടപ്പെടുകയും അളവറ്റ ദുരിതങ്ങൾ അനുഭവിക്കുകയും ചെയ്ത ചരിത്രത്തിലെ ഒരു നിമിഷമായിരുന്നു അത്.

അതോടൊപ്പം തന്നെ ഇതിനെയെല്ലാം അതിജീവിച്ച്, ആളുകൾ ഒന്നുമില്ലായ്മയിൽ നിന്ന് തങ്ങളുടെ ജീവിതം കെട്ടിപ്പടുക്കുകയും പ്രതിസന്ധികളെ നേട്ടങ്ങളാക്കി മാറ്റുകയും നമ്മുടെ രാജ്യത്തിന്റെ പുരോഗതിക്കായി വലിയ സംഭാവനകൾ നൽകുകയും ചെയ്തു. അവരുടെ ജീവിതയാത്രകൾ നമ്മെ മാനുഷിക ആത്മവീര്യത്തിന്റെ കരുത്തിനെ ഓർമ്മിപ്പിക്കുന്നു.

നമ്മുടെ രാജ്യത്ത് സൗഹാർദ്ദവും സഹോദരബന്ധവും നിലനിർത്താനും വികസിത ഭാരതം കെട്ടിപ്പടുക്കുന്നതിനായി കൂട്ടായി പ്രവർത്തിക്കാനുമുള്ള നമ്മുടെ നിശ്ചയദാർഢ്യത്തെ ഈ ദിനം കൂടുതൽ ദൃഢമാക്കട്ടെ."

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

കഠിനാധ്വാനം, സംരംഭകത്വം, സമർപ്പിത പ്രയത്നം എന്നിവയിലൂടെയാണ് വൈവിധ്യമാർന്ന കലകൾ, ശാസ്ത്രം, സാങ്കേതിക നൈപുണ്യങ്ങൾ, കരകൗശല വൈദഗ്ധ്യം, നൂതനാശയങ്ങൾ എന്നിവ അഭിവൃദ്ധി പ്രാപിക്കുകയും വിജയത്തിലേക്ക് വഴിയൊരുക്കുകയും ചെയ്യുന്നത്. അതുകൊണ്ട് ആരും വിധിയെ മാത്രം ആശ്രയിച്ച് കഴിയരുത്. മറിച്ച് ധൈര്യം, ഉത്സാഹം, നിരന്തര പരിശ്രമം എന്നിവയിലൂടെ തങ്ങളുടെ ലക്ഷ്യങ്ങളിലേക്ക് സ്ഥിരതയോടെ മുന്നേറണം, കാരണം മനുഷ്യ പ്രയത്നമാണ് വിധിയെ രൂപപ്പെടുത്തുന്നത്.

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की… pic.twitter.com/lzLu5wbiXb