ജാമുയിയുടെ മാനസികാവസ്ഥ 'അബ് കി ബാർ 400 പാർ' എന്നതിൻ്റെ പ്രതിഫലനമാണ്, ബീഹാറിലെ 40 സീറ്റുകളും എൻ.ഡി.എയ്ക്ക് അനുകൂലമാണ്.
I.N.D.I കൂട്ടുകെട്ടിന് കീഴിൽ ബീഹാറിലെ 5-6 തലമുറകൾ കടുത്ത ദാരിദ്ര്യവും അവികസിതാവസ്ഥയും അനുഭവിച്ചിട്ടുണ്ട്.
സ്വാതന്ത്ര്യാനന്തരം ബിഹാറിലെയും ഇന്ത്യയിലെയും അവികസിതവും വലിയ തോതിലുള്ള ദാരിദ്ര്യവും കോൺഗ്രസിൻ്റെ നേതൃത്വത്തിലുള്ള ദുഷ്പ്രവൃത്തികൾ മൂലമാണ്.
പതിറ്റാണ്ടുകളായി അതിൻ്റെ വികസനം സ്തംഭിപ്പിച്ചുകൊണ്ട് ആർജെഡി-കോൺഗ്രസിൻ്റെ മാതൃക ഭരണം കൊണ്ടാണ് ബിഹാറിൽ 'ജംഗിൾ രാജിനും നക്‌സലിസത്തിനും' കാരണമായത്
ഞങ്ങൾ ബീഹാറിൻ്റെ വികസനത്തിൽ ശ്രദ്ധ കേന്ദ്രീകരിക്കുന്നു, അതേസമയം ഘമാണ്ഡിയ സഖ്യത്തിന് ബീഹാറിലെ യുവാക്കളുടെ ഭാവി അസ്ഥിരപ്പെടുത്താൻ താൽപ്പര്യമുണ്ട്

भारत माता की, भारत माता की।
गिधौर दुर्गा माई, बाबा धनेश्वर नाथ के इ पवित्र भूमि के नमन कर हिए।
भगवान महावीर के इ ज्ञान भूमि पर अपने सब के अभिनंदन कर हिए!

मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ महानुभाव और विशाल संख्या में हमें आशीर्वाद देने आए हुए मेरे प्यारे भाइयों और बहनों। मैं इस तरफ देख रहा हूं पूरा हुजूम का हुजूम अभी आ रहा है। अब जरा मैं आपको सवाल पूछना चाहता हूं कि ये चुनाव सभा है कि विजय सभा है। आपने कमाल करके रख दिया है। आज जमुई की इस खूबसूरत धरती पर उमड़ा ये जनसैलाब बता रहा है जनता का मूड क्या है। जमुई से बीजेपी और एनडीए के पक्ष में उठी ये हुंकार बिहार के साथ ही पूरे देश में गूंज रही है। जमुई, नवादा, मुंगेर, बांका के साथ-साथ बिहार की सारी 40 सीटें NDA के खाते में देने का आप बिहारवासियों का निर्धार। मैं इस निर्धार को नमन करता हूं। इसलिए पूरा बिहार कह रहा है- फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार!

साथियों,
मैं जब भी आपके बीच आया हूँ, आपने मुझे भरपूर प्यार दिया है, अपनापन दिया है। लेकिन, आज इस मंच से एक कमी हम सबको महसूस हो रही है। हमारे लिए ये पहला ऐसा चुनाव है, जब बिहार के बेटे, दलितों, वंचितों के प्रिय और मेरे परम मित्र पद्मविभूषण से सम्मानित रामविलास पासवान जी हमारे बीच नहीं हैं। मुझे संतोष है कि रामविलास जी के विचार को मेरा छोटा भाई, भाई चिराग पासवान पूरी गंभीरता से आगे बढ़ा रहे हैं। 19 अप्रैल को आप NDA को जो समर्थन देंगे, आप भाई अरुण भारती जी को जो एक-एक वोट देंगे, वो रामविलास जी के संकल्पों को मजबूती देगा।

साथियों,
बिहार की धरती, पूरे देश को दिशा दिखाने वाली रही है। बिहार की इस धरती ने आजादी की लड़ाई में और स्वतंत्र भारत की नींव मजबूत करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। लेकिन दुर्भाग्य से बिहार के सामर्थ्य के साथ, आजादी के बाद की 5-6 पीढ़ियों के साथ यहां न्याय नहीं हो पाया। बिहार को NDA गठबंधन, बहुत ही परिश्रम से, एक बड़े दलदल से बाहर निकालकर लाया है। हमारे नीतीश बाबू की इसमें बहुत बड़ी भूमिका रही है। अब समय आ गया है कि बिहार और तेज गति से विकास करे। इसलिए, 2024 का चुनाव बिहार और भारत के भविष्य के लिए बहुत निर्णायक है। ये चुनाव विकसित बिहार के सपनों को पूरा करने का चुनाव है। ये चुनाव विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने का चुनाव है। आज एक ओर कांग्रेस और आरजेडी जैसी पार्टियां हैं, जिन्होंने अपनी सरकार के समय पूरी दुनिया में देश का नाम खराब किया था। दूसरी ओर, बीजेपी और एनडीए है, जिसका एक ही लक्ष्य है- विकसित भारत का निर्माण, खुशहाल बिहार का निर्माण! आप याद करिए, 10 साल पहले दुनिया में भारत को लेकर क्या राय होती थी? कांग्रेस के राज में भारत को कमजोर औऱ गरीब देश माना जाता था। छोटे-छोटे देश, आज जो आटे के लिए तरस रहे हैं, उनके आतंकी हम पर हमला करके चले जाते थे।

और तबकी कांग्रेस दूसरे देशों के पास शिकायत लेकर जाती थी। मोदी ने कहा- ऐसे नहीं चलेगा! भारत वही महान पाटलीपुत्र और मगध वाला भारत है। भारत वही चन्द्रगुप्त मौर्य वाला भारत है। आज का भारत, घर में घुस कर मारता है। आज का भारत, दुनिया को दिशा दिखाता है। अब दुनिया देख रही है कि केवल 10 वर्षों में भारत की साख और भारत की हैसियत कैसे बढ़ी है। आज भारत दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। चंद्रमा के जिस कोने पर कोई नहीं पहुंचा था, वहां हमारा चंद्रयान, हमारा तिरंगा पहुंचा है। भारत जब G-20 की मीटिंग करता है, तो उसकी चर्चा भी पूरे विश्व में होती है। ये किसने किया? ये किसने किया? ये किसने किया? जी नहीं, आपका जवाब गलत है। ये मोदी ने नहीं, ये आपने किया है, आपके एक वोट ने किया है। आपके वोट की वो ताकत थी जिससे कारण ये सब संभव हुआ है। और इसलिए इस सफलता के हकदार अगर कोई है तो आप मेरे प्यारे देशवासी हैं।

साथियों,
आज देश कैसे बदल रहा है, बिहार खुद इसका साक्षी है। और, बिहार कैसे बदल रहा है, इसका उदाहरण जमुई में भी देख सकते हैं। आप याद करिए, हमारा ये जमुई, आरजेडी और कांग्रेस के काले दौर में यहां क्या हालत होते थे? जमुई की पहचान कैसे होती थी? जमुई आरजेडी के जंगलराज का कितना बड़ा भुक्तभोगी होता था? जमुई की पहचान नक्सलवाद से होती थी। सरकार की योजनाएं यहां नहीं पहुंचने दी जाती थीं। नक्सली यहां सड़कें नहीं बनने देते थे। इसका नुकसान यहां के गरीब, मजदूर और किसान को होता था। लेकिन आज वही जमुई विकास के हाइवे पर तेज रफ्तार पकड़ रहा है। नक्सलवाद दम तोड़ चुका है। जो लोग नक्सलवाद के रास्ते पर भटक गए थे, उन्हें हमारी सरकार ने मुख्यधारा से जोड़ा है, उनके परिवारों को पूरा सहयोग दिया है। अब इस इलाके से एक्स्प्रेसवे निकलेगा। मेडिकल कॉलेज भी खुल गया है। अब जमुई के एक ओर देवघर से हवाई जहाज की सेवाएं शुरू हो गई है, तो दूसरी ओर गया एयरपोर्ट के विस्तार की तैयारी भी चल रही है। इस इलाके में इतनी प्राकृतिक सुंदरता है, हमारा प्रयास है कि देवघर और ‘गया जी’ आने वाले लोग यहां भी आकरके जाएं। पूरे बिहार में रोड इनफ्रास्ट्रक्चर के लिए हमारी सरकार करीब 1 लाख करोड़ रुपए खर्च कर रही है। इन सारे प्रयासों से यहां रोजगार और स्वरोजगार इसके अनेकों अवसर बन रहे हैं।

भाइयों और बहनों,
आपको एक बात और कभी भी भूलनी नहीं है। हमेशा-हमेशा याद रखनी है। याद रखिए, कोई भी गरीब मां का बेटा इसको भूल नहीं सकता है। कोई भी किसान का बेटा भूल नहीं सकता है। कोई भी आशा- अपेक्षा लेकर जीने वाला नौजवान, मेहनत करके आगे आया नौजवान उस बात को कभी भूल नहीं सकता है। याद कीजिए, रेलवे में भर्ती के नाम पर जो लोग गरीब युवाओं से जमीन लिखवा लें, वो बिहार के युवाओं का कभी भला नहीं कर सकते। रेल मंत्री हमारे नीतीश बाबू भी थे, आज तक कोई शिकायत नहीं आई नीतीश बाबू के खिलाफ। और इन लोगों ने गरीबों की जमीन छीन ली। घमंडिया गठबंधन वालों के समय में केवल खस्ताहालें ट्रेनें चलती थीं। लेकिन अब, पूरे देश की तरह ही बिहार के लोग भी वंदेभारत ट्रेन में सफर कर रहे हैं। जल्द ही ये ट्रेनें देश के हर रूट पर दौड़ती नज़र आएगी। जमुई के पुराने रेलवे स्टेशन की जो हालत है, वो तो आप भलीभांति जानते हैं। अब जमुई का रेलवे स्टेशन भी आधुनिक बन रहा है। कुछ महीने पहले जब नए स्टेशन की तस्वीर दिखाई गई थी, तो सब जगह उसकी चर्चा हुई थी। वो दिन दूर नहीं जब बिहार के बड़े रेलवे स्टेशन भी एयरपोर्ट्स की तरह सुविधायुक्त करेंगे।

साथियों, अभी नीतीश बाबू बता रहे थे कितने सारे काम हुए। भाई चिराग बता रहे थे कितने सारे काम हुए। हमारे सम्राट जी बता रहे थे कितने सारे काम हुए। और मैं भी इतने सारे काम बता सकता हूं, शायद रातभर मीटिंग चलानी पड़े। लेकिन उसके बावजूद भी भाइयों-बहनों ये मोदी है, मोदी की कुछ सोच ही अलग है। ये इतने सारे कामों की सूची बताई जाती है न। ये 10 साल में जो हुआ, वो तो सिर्फ ट्रेलर है। अभी तो बहुत कुछ करना है। अभी तो हमें देश को, बिहार को बहुत आगे लेकर जाना है। आप मेरे साथ सहमत हैं, सहमत हैं, सहमत हैं और आगे जाना है न, बहुत आगे बढ़ना है न। बिहार को भी बढ़ाना है न, हिंदुस्तान को भी बढ़ाना है न।

साथियों,
ये मोदी, गरीबी के ताप को सहकर यहां पहुंचा है इसलिए हर गरीब के सपने का महत्व मोदी भलीभांति जानता है। उसको जीने का प्रयास करता है। और इसलिए बिहार के मेरे नौजवान, बिहार की मेरी माताएं-बहनें, बिहार के हर बुजुर्ग मेरे शब्द लिखकरके रखिए। और ये मोदी की गारंटी है। आपका सपना ही मेरा संकल्प है। इसीलिए, केंद्र सरकार ने गरीब कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। केंद्र सरकार के प्रयास से यहां बिहार में गरीबों को सैतींस लाख पक्के घर मिले हैं। आज बिहार के करीब 9 करोड़ जरूरतमंदों को मुफ्त राशन मिल रहा है। और मोदी की गारंटी है अगले पांच साल भी मिलता रहेगा। बिहार में चौरासी लाख से ज्यादा आयुष्मान कार्ड भी बने हैं। इसलिए ही मैं कहता हूं- जब नीयत सही तो नतीजे सही।

साथियों,
बीजेपी सरकार, इंसानों की सेवा तो कर ही रहा है हमने पशुधन की भी उतनी ही रक्षा करने का तय किया है। केंद्र सरकार ने बिहार के करीब 2 करोड़ पशुओं को खुरपका-मुंहपका जैसी बीमारियों से बचाने के लिए मुफ्त में टीकाकरण का अभियान चलाया है। आपको कोविड के समय मोदी ने जो मुफ्त में टीका दिया वो याद है। मोदी पशुओं को भी टीका मुफ्त में लगा रहा है। पहले गरीबों का जो पैसा बीच में ही लूट लिया जाता था, अब वो सीधे आपके खाते में पहुंच रहा है। आज बिहार के पिच्यासी लाख से ज्यादा किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। यहां जमुई में ही किसानों को इस योजना के तहत आठ सौ पचास करोड़ रुपए से अधिक सीधे उनके बैंक खाते में पहुंचे हैं। आप मुझे बताइए साथियों....ये घमंडिया गठबंधन वालों की सरकार होती तो आपके बैंक खाते में सीधे पैसे भेजने वाली व्यवस्था बनती क्या? हो सकता क्या? आरजेडी-कांग्रेस आपके हक के सारे पैसे भी लूट लेते और आपसे साइन भी करा लेते कि हां पैसा मिल गया है।

साथियों,
आज देश के सारे भ्रष्टाचारी, जो हमेशा एक दूसरे से लड़ते थे, एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते थे...एक दूसरे को जेल में बंद करने की मांग कर रहे थे। अब वो सब मिलकर.... मोदी आया...। भ्रष्टाचारी कान खोलकर सुन लें। ये मोदी नहीं आया, 140 करोड़ देशवासियों का भ्रष्टाचारियों के प्रति गुस्सा निकलकर आया है। और इसलिए ये मोदी के खिलाफ अनाप-शनाप पता नहीं क्या-क्या बोलते हैं। साथियों, मैं कहता हूं - भ्रष्टाचार हटाओ, मोदी कहता है- भ्रष्टाचार हटाओ, वो कहते हैं-भ्रष्टाचारी बचाओ। आप मुझे बताइए भ्रष्टाचार हटना चाहिए कि नहीं हटना चाहिए। इस देश से भ्रष्टाचार जाना चाहिए कि नहीं जाना चाहिए? हर स्तर से भ्रष्टाचार जाना चाहिए कि नहीं जाना चाहिए? जिन्होंने लूटा है उन्हें लौटाना पड़ेगा कि नहीं पड़ेगा?

साथियों,
ये कौन लोग हैं जो भ्रष्टाचार के खिलाफ इतनी बड़ी लड़ाई का विरोध कर रहे हैं? आप देखिए.. एक तरफ NDA सरकार है, जो नए उद्योग लगाने की बात करती है। दूसरी ओर ये लोग हैं, जिनकी पहचान अपहरण उद्योग की रही है। एक तरफ NDA सरकार है, जो सोलर पावर और LED लाइट की बात करती है। दूसरी ओर ये घमंडिया गठबंधन वाले लोग बिहार को लालटेन युग में रखना चाहते हैं। हम नीतीश जी के सहयोग से बिहार में हाइवे और एक्सप्रेसवे बना रहे हैं। जबकि आरजेडी ने बिहार को गड्ढे और खाई में धकेल दिया था। NDA सरकार गरीबों की उनकी जमीन का प्रॉपर्टी कार्ड दे रही है। जबकि आरजेडी के लोग गरीबों की ज़मीनों पर कब्जा करते हैं। हम महिलाओं को सुरक्षा की गारंटी देते हैं, बेटियों को नए अवसर देते हैं। जबकि आरजेडी के लोग जंगलराज में बेटियों को सड़कों से उठा लिया जाता था।

साथियों,
हमारी सरकार में राममंदिर का 500 वर्ष पुराना सपना पूरा हुआ है। जबकि यही आरजेडी-कांग्रेस ने राम मंदिर ना बने, इसके लिए पूरी ताकत लगा दी थी। आज भी ये लोग राममंदिर का उपहास उड़ाते हैं, अपमान करते हैं।

साथियों,
कांग्रेस हो या आरजेडी, इन्होंने हर मौके पर बिहार और बिहारी गौरव का अपमान किया है। यही कांग्रेस और आरजेडी थी, जिसने कर्पूरी ठाकुर का अपमान किया था। अभी कुछ ही समय पहले हमारी सरकार ने बिहार के गौरव कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिया, तब भी इन लोगों ने उसका विरोध किया। इन्हीं लोगों ने रामनाथ कोविन्द जी को राष्ट्रपति बनाने का विरोध किया था। कांग्रेस और आरजेडी ने आदिवासी महिला, द्रौपदी मुर्मू जी को राष्ट्रपति का चुनाव हराने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी। 19 अप्रैल को आपको इन गरीब विरोधी लोगों को अपने वोट से हराना है। चुन-चुन कर इनको साफ करना है। करेंगे? घर-घर जाएंगे, लोगों को समझाएंगे? आपको मेरा एक और काम करना है। घर-घर जाकर लोगों को बताएं कि मोदी जी आए थे, मोदी जी ने अपना प्रणाम भेजा है। मेरा प्रणाम पहुंचा देंगे। हर परिवार में मेरा प्रणाम पहुंचेगा, ये आपकी गारंटी, तो मेरी गारंटी है विकास की।

मेरे साथ बोलिए,
भारत माता की,
भारत माता की।
बहुत-बहुत धन्यवाद!

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The Beating Retreat ceremony displays the strength of India’s rich military heritage: PM
January 29, 2026
Prime Minister shares Sanskrit Subhashitam emphasising on wisdom and honour in victory

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, said that the Beating Retreat ceremony symbolizes the conclusion of the Republic Day celebrations, and displays the strength of India’s rich military heritage. "We are extremely proud of our armed forces who are dedicated to the defence of the country" Shri Modi added.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi,also shared a Sanskrit Subhashitam emphasising on wisdom and honour as a warrior marches to victory.

"एको बहूनामसि मन्य ईडिता विशं विशं युद्धाय सं शिशाधि।

अकृत्तरुक्त्वया युजा वयं द्युमन्तं घोषं विजयाय कृण्मसि॥"

The Subhashitam conveys that, Oh, brave warrior! your anger should be guided by wisdom. You are a hero among the thousands. Teach your people to govern and to fight with honour. We want to cheer alongside you as we march to victory!

The Prime Minister wrote on X;

“आज शाम बीटिंग रिट्रीट का आयोजन होगा। यह गणतंत्र दिवस समारोहों के समापन का प्रतीक है। इसमें भारत की समृद्ध सैन्य विरासत की शक्ति दिखाई देगी। देश की रक्षा में समर्पित अपने सशस्त्र बलों पर हमें अत्यंत गर्व है।

एको बहूनामसि मन्य ईडिता विशं विशं युद्धाय सं शिशाधि।

अकृत्तरुक्त्वया युजा वयं द्युमन्तं घोषं विजयाय कृण्मसि॥"