Congress wants to loot your property and distribute it among its favorite vote bank: PM in Betul
INDI Alliance is now thinking about the 'One year, One PM formula': PM Modi in Betul

बैतूल, मध्य प्रदेश

भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
जय सेवा- जय जोहार!
नर्मदा मैया की जय!
नर्मदा मैया की जय!

मैं बैतूल की पवित्र धरती से माँ नर्मदा और ताप्ती को प्रणाम करता हूँ। देश में इस बार लोकसभा चुनाव को लेकर एक अलग ही उत्साह है। हमारा हरदा तो देश और एमपी की हृदय-स्थली है। और हृदय से मिला आशीर्वाद कभी भी खाली नहीं जाता। ये क्षेत्र भी पूरे देश के सुर में सुर मिला रहा है। चाहे तमिलनाडु में जाओ, केरल में जाओ, जम्मू जाओ, असम जाओ। देश के हर कोने में एक ही सुर है। और उस सुर में मध्य प्रदेश का भी सुर है- फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार!

साथियों,

आज मोदी, पहले जब भी आता था, तो कुछ न कुछ लेकर के आता था। कुछ न कुछ देने के लिए आता हूं। कभी ये योजना, कभी वो योजना। कभी ये विकास का काम। कभी वो विकास का काम। आज मैं देने के लिए नहीं आया हूं। आज मैं आपसे कुछ मांगने के लिए आया हूं। सिर झुकाकर के मांगने के लिए आया हूं। मेरे लिए नहीं। आपके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मांगने के लिए आया हैं। मैं आज आपके पास मांगने के लिए आया हूं। देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए मांगने के लिए आया हूं। मैं आज आपसे मांगने के लिए आया हूं, विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए कुछ मांगने के लिए आया हूं। और मैं आपसे मांगता हूं, आपके आशीर्वाद। मुझे आपके आशीर्वाद चाहिए। आपके आशीर्वाद ये मेरी बहुत बड़ी पूंजी है। जनता-जनार्दन ईश्वर का रूप होती है। और जब जनता-जनार्दन आशीर्वाद देती है तो वो आशीर्वाद स्वयं ईश्वर के आशीर्वाद होते हैं। और ये आशीर्वाद देने का एक ही तरीका इन दिनों है कि आप कमल के निशान पर बटन दबाकर के आपका आशीर्वाद मोदी को पहुंचाइये। पहुंचाएंगे। भारी मतदान करेंगे।

ये आपका वोट ही है, जिसने पिछले 10 वर्षों में देश को तेज विकास की गारंटी दी है। आपके एक वोट ने, भारत को दुनिया की पाँचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना दिया। आपको पता है ना। दुनिया में, मैं जब, आपने मुझे काम दिया उसके पहले हम 11वें नंबर पर थे। इतने कम समय में हम पांच नंबर पर पहुंच गए। किसके कारण, किसके कारण, किसके कारण, किसके कारण, किसके कारण, किसके कारण, अरे मोदी के कारण नहीं, आपके एक वोट के कारण हो गया है ये। ये आपके वोट की ताकत है। और मैं आज आपके वोट की ताकत का साक्षात्कार कराने आया हूं। आपके एक वोट ने, विदेशों में भारत का डंका बजा दिया। आपके एक वोट ने, सीमा पर से हमें आँख दिखाने वाले दुश्मन के होश ठिकाने लगा दिए। और, ये आपका ही वोट है, जिसने अयोध्या में 500 साल के इंतजार के बाद रामलला को भव्य मंदिर में विराजमान कराया है।

((बेटा आप वो फोटो लेकर नीचे बैठ जाइये। पीछे लोगों को दिखता नहीं है। आप बैठ जाइये। जय श्री राम।))

और इन 10 वर्षों में ये जो काम हुआ है, वो तो केवल एक ट्रेलर है, ट्रैलर। अभी तो मुझे देश को, मध्यप्रदेश को बहुत आगे लेकर के जाना है। हमारे मुख्यमंत्री भाई मोहन यादव जी और उनकी पूरी टीम, जब से सरकार संभाली है, वो भी एमपी के विकास को और नई शक्ति से जुटे हुए हैं।

साथियों,

बैतूल देश की एकता अखंडता के लिए अपने प्राणों की बाजी लगाने वाले वीरों की धरती है। आदिवासी क्रांतिकारी सरदार गंजन सिंह जी कोरकू और सरदार विष्णु सिंह जी गोंड उनके योगदान को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता। लेकिन एक काँग्रेस, काँग्रेस ने कभी आदिवासी समाज के इस योगदान को स्वीकारा ही नहीं किया। ये भाजपा है जिसने भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया। भाजपा सरकार में ही लाखों आदिवासी भाइयों-बहनों को वन-अधिकार का पट्टा दिया गया है। इन 10 वर्षों में पीएम आवास, उज्ज्वला सिलैंडर, बैंक खाते और मुफ्त इलाज जैसे अनेक काम हुए हैं। इन कार्यों ने आदिवासी समाज की हमारी माताओं-बहनों-बेटियों के जीवन से बहुत-सी मुश्किलें कम कर दी हैं।

साथियों,

अगर सरकार की नीतियाँ सही हो, तो अन्नदाता क्या कर सकता है, ये बैतूल के किसानों ने करके दिखाया है। इस क्षेत्र में रबी और मूंग की फसलों का उत्पादन, जिस प्रकार से बढ़ा है। मैं हैलिकॉप्टर से उतर करके यहां पहुंचा, चारों तरफ मूंग-मूंग मूंग की ही बात हो रही हैं। यहां भी तोहफा दिया, तो मूंग का ही दिया। और इसमें तवा नदी पर बने डैम का बहुत बड़ा योगदान है। हरदा में मोरंड-गंजाल संयुक्त सिंचाई परियोजना पर भी काम शुरू हो चुका है। आज एमपी के 80 लाख से अधिक किसानों को हमारी सरकार पीएम किसान सम्मान निधि भी दे रही है। बैतूल-इंदौर फोर लेन हाइवे जैसी सड़कें भी बैतूल के किसानों और लोगों के लिए कई बड़े अवसर खोल देंगी।

साथियों,

चौबीस के इस चुनाव ने काँग्रेस पार्टी की कलई देश के सामने खोलकर रख दी है। काँग्रेस का हिडन एजेंडा, खतरनाक हिडन एजेंडा अब खुलकर के देश के सामने आ चुका है। सेक्यूलरिज्म के नाम पर, वोट बैंक की राजनीति करने वाली, ढोंग करने वाली काँग्रेस ने सामाजिक न्याय की मूलभूत भावना की भी हत्या कर दी है। अब ये खुलकर सामने आ गया है कि काँग्रेस पार्टी दलितों-पिछड़ों-आदिवासियों से कितनी ज्यादा नफरत करती है।

साथियों,

आज़ादी के बाद काँग्रेस का सबसे बड़ा विरोध बाबासाहेब अंबेडकर ने किया था। बाबासाहेब दूर का देख सकते थे। काँग्रेस कैसे देश को कैसे पतन के राह पर ले जा रही है, ये बाबासाहेब ने उस समय देख लिया था। ये बाबासाहेब अंबेडकर ही थे, जिन्होंने धर्म के आधार पर आरक्षण दिए जाने का कड़ा विरोध किया था। हमारे संविधान निर्माताओं ने लंबे समय तक इसकी चर्चा की थी। हर प्रकार के दिमाग एप्लाई किए थे। और हमारे संविधान निर्माताओं ने मिलकर के धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दे सकते, ये निर्णय किया था। ये हमारे संविधान की मूल भावना थी। लेकिन काँग्रेस के कारनामे उस संविधान की मूल भावना के भी खिलाफ हैं। लेकिन काँग्रेस हमेशा बाबासाहेब के संविधान को मिटाने और SC-ST-OBC के आरक्षण को छीनने की कोशिश करती रही है। काँग्रेस SC-ST-OBC से आरक्षण छीनकर उसे अपने खासमखास, प्रिय वोटबैंक को देना चाहती है। जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनी थी, तब उन्होंने सबसे पहले आंध्र प्रदेश में धर्म आधारित आरक्षण की शुरुआत की थी। लेकिन तब कांग्रेस अपने मंसूबों में पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाई थी।

लेकिन भाइयों और बहनों,

काँग्रेस पार्टी अभी भी वो खेल खेलना चाहती है। चोरी-छिपे करना चाहती है। पर्दे के पीछे रहकर के देशवासियों की आंख में धूल झोंककर के वो खेल खेलना चाहती है। काँग्रेस ने कर्नाटका में, ये जरा मेरे भाई-बहन सुन लीजिए बराबर कैसा पाप किया इन्होंने, कर्नाटका में OBC को जो आरक्षण मिलता है, उस OBC के कोटे से, आरक्षण का हिस्सा छीनने के लिए, पिछले दरवाजे से चोरी करने के लिए, उन्होंने कर्नाटका में जितने मुसलमान हैं, सभी मुसलमानों को OBC बना दिया। और OBC के लिए मिला हुआ आरक्षण उसको छीनने का पक्का षडयंत्र पूरा कर दिया। काँग्रेस की ये हरकत, पूरे देश के OBC समाज के लिए खतरे की घंटी है। अपने मेनिफेस्टो में भी काँग्रेस लगातार धर्म आधारित आरक्षण की बात कर रही है। तेलंगाना के काँग्रेस के मुख्यमंत्री ने अभी हाल ही में नाम लेकर कहा है कि वो मुसलमानों को आरक्षण दिलवाकर रहेंगे।

साथियों,

काँग्रेस, अपने वोटबैंक को खुश करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। अब काँग्रेस ने देश के लोगों की संपत्ति छीनकर, उसे भी अपने वोटबैंक को मजबूत करने की तैयारी शुरू की है। अगर किसी के पास एक से ज्यादा गाड़ी, एक से ज्यादा मोटर सायकिल, एक से ज्यादा घर होगा, तो काँग्रेस कहती है कि हम ऐसा कानून बनाएंगे कि आपका जो एक से अधिक है, वो काँग्रेस की सरकार छीन लेगी। जब्त कर लेगी। आपका गांव में घर है। अब बच्चे बड़े हो रहे हैं शहर में एक घर बनवा लिया तो काँग्रेस कहती है कि वो ऐसा कानून लाएंगे, एक ही घर रख सकते हो। दो है तो एक दे दो। ताकि वो अपने खास लोगों को बांटना चाहते हैं। वो कहते हैं एक्सरे करेंगे, एक्सरे। देश का। और देश की महिलाओं के पास कितने गहने हैं, उसकी भी जांच कराई जाएगी। किस महिला के पास कितना स्त्रीधन है, उसकी भी जांच कराई जाएगी। मंगलसूत्र कैसे छीन लिया जाए, उसकी योजना बनाई जाएगी। ये सब संपत्ति, सोना-चांदी छीनकर, कांग्रेस अपनी वोटबैंक मजबूत करने के खेल खेल रही है। और इस बात का वो कांग्रेस के नेता, अपनी रैलियों में खुला ऐलान कर रहे हैं। आप मुझे बताइए...आप अपनी संपत्ति किसी को भी छीनने देंगे क्या? छीनने देंगे क्या? ऐसे छीनने वालों को आप माफ करेंगे क्या?

साथियों,

कांग्रेस कैसे आपकी संपत्ति को लूटना चाहती है, इसका एक और उदाहरण आज देश के सामने आया है। कांग्रेस के शहजादे के सलाहकार, कांग्रेस के बड़े नेता ने कहा है कि भारत में इनहेरिटेंस टैक्स लगना चाहिए। यानि विरासत में आपके दादा-दादी, माता-पिता ने जो कुछ बचाया है, और उनके स्वर्गवास के बाद जो आपको मिलेगा, उसमें से आधा कांग्रेस सरकार हड़प करना चाहती है। बताइये, आपके मात-पिता ने जो मेहनत करके, कमाई करके आपके लिए छोड़ा है, वो उस पर आपका अधिकार है कि नहीं है। आपका अधिकार है कि नहीं है। ये आपके परिवार की मेहनत की कमाई है कि नहीं है। क्या आप उसको कोई छीनना चाहे तो छीनना देंगे क्या। लेने देंगे क्या। क्या ऐसा सोचने वाली कांग्रेस को सत्ता में आने देंगे क्या। क्या उनके लिए लूट चलाने का रास्ता खोल देंगे क्या।

भाइयों-बहनों,

ये सोच कैसी है। अरे हमारे देश में तो अलग संस्कार है। अलग संस्कृति है। और कांग्रेस के नेता इस बयान पर बवाल के बाद अब कांग्रेस झूठ बोल रही है, ये तो शहजादे के सलाहकार की व्यक्तिगत राय है। लेकिन सच्चाई ये है कि साल 2011 में भी कांग्रेस ने इनहेरिटेंस टैक्स की वकालत की थी। कांग्रेस के तब के एक बड़े मंत्री ने प्लानिंग कमीशन में कहा था कि इनहेरिटेंस टैक्स का विचार किया जाए। विरासत पर टैक्स लगाने की कांग्रेस की पुरानी इच्छा से कांग्रेस इनकार नहीं कर सकती।

साथियों,

हमारे देश में मेहनत करके, थोड़ा-थोड़ा बचाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए कुछ ना कुछ संपत्ति छोड़कर जाने की परंपरा है। कितना ही गरीब क्यों ना हो। लेकिन दादा सोचेगा, दादी सोचेगी, नाना सोचेगा, नानी सोचेगी कि एक-आध अगर चीज है तो संभाल के रखती है। कि मेरी पोती बड़ी होगी ना, तो उसकी शादी में काम आएगा। मेरा नाती बड़ा हो जाएगा तो उसकी शादी में काम आ जाएगा। बीस-बीस, तीस-तीस साल तक वो संभाल के रखते हैं। मुसीबत के समय भी निकाल करके खर्च नहीं करते। क्यों, उनके मन में यही इच्छा रहती है कि जाऊं तो बच्चों के लिए कुछ छोड़ करके जाऊं। अब ये लोग कह रहे हैं। अब जो छोड़ोगे ना, उस पर आधा हिस्सा हमारा रहेगा। क्या आप ये मंजूर कर सकते हैं। ऐसी कांग्रेस को मध्य प्रदेश में पैर रखने देंगे क्या। हिंदुस्तान में पैर रखने देंगे क्या।

भाइयों और बहनों,

मुझे तो साफ दिखता है कि कांग्रेस का मंत्र है। आप भी ये मंत्र याद रखना कांग्रेस का। और घर-घर जाकर बताना कि क्या मंत्र है कांग्रेस का। कांग्रेस का मंत्र है- कांग्रेस की लूट जिंदगी के साथ भी लूट और जिंदगी के बाद भी लूट। जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के साथ भी लूट। जिंदगी के साथ भी। जिंदगी के साथ। जिंदगी के साथ भी। जिंदगी के बाद भी। जिंदगी के बाद भी। ये है कांग्रेस। इसलिए आपको कांग्रेस से बहुत सावधान रहना है।

साथियों,

आज जब देश 25 साल के लक्ष्यों पर काम कर रहा है। अगले 5 साल का रोडमैप बना रहा है। और सरकार में आने के बाद पहले 100 दिन के निर्णयों पर काम हो रहा है, तो इंडी गठबंधन वाले भी अपनी ढफली-अपना राग आलाप रहे हैं। आपको ये सुनकर हंसी भी आ जाएगी और डर भी लगेगा। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में आया है कि इंडी गठबधन वालों में चर्चा चल रही है, क्योंकि मोदी बार-बार पूछता है कि बताओ भाई, इतना बड़ा देश, किसको सुपुर्द करें नाम तो बताना चाहिए भाई। आप बिना नाम किसी को इतना बड़ा देश सुपुर्द कर सकते हो क्या। ये लोग नाम बताने को तैयार नहीं हैं। ये तो बता दिए, भई मोदी है बताओ। आपको देना है तो ये मोदी है दीजिए। कहा कि नहीं कहा। आपके सामने नाम है ना। दूसरी तरफ नाम ही नहीं है। इतना बड़ा देश किसको देना, इसका देश को पता होने चाहिए कि नहीं होना चाहिए। जरा बोलो ना, पता होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए। आपको पता है, वो किसको देना चाहते हैं। पता है किसी को। तो ऐसा अंधेरे में हम तीर मार सकते हैं क्या। यहां तो साफ-साफ है। दस साल का अनुभव है। मोदी आपके सामने है। और सब लोगों ने कहा है कि भई मोदी हमारा उम्मीदवार है। ये लोग इसका जवाब ढूंढ़ रहे थे। जवाब मिल नहीं रहा था, लेकिन अभी कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में आया है कि मोदी बार-बार पूछ रहा है कि भई बताओ तुम्हारा नेता कौन। देश को किसको सुपुर्द करें। तो बोलते हैं, उन्होंने फॉर्मूला बनाई है। उन्होंने फॉर्मूला बनाई है कि कौन प्रधानमंत्री बनेगा। कहा जा रहा है कि ये लोग ‘One year, One PM formula बना रहे हैं। यानि एक साल-एक पीएम, दूसरे साल दूसरा पीएम, तीसरे साल तीसरा पीएम, चौथे साल चौथा पीएम, पांचवे साल पांचवा पीएम, बताओ भई क्या होगा देश का। क्या होगा। क्या होगा मुझे बताइये। देश बचेगा क्या। आपका सपना बचेगा क्या। आपके बच्चों का भविष्य बचेगा क्या। इसका मतलब ये पीएम की कुर्सी का भी ऑक्शन करने लग गए हैं। भई बताइये। जो बोली बोलेगा, एक साल बैठेगा। और मजा क्या होगा फिर। एक ऊपर बैठेगा ना...चार लोग उस कुर्सी की टांग पकड़कर बैठ जाएंगे। और मौके की तलाश में रहेंगे कि इसका साल पूरा कब होता है। उसको हिलाते रहेंगे।

भाइयों और बहनों,

यूं तो जो सुनने के बाद लगता है कि शायद मुंगेरी लाल के सपने जैसा होगा, लेकिन साथियों मैं आपको जागृत करना चाहता हूं। मैं चेताना चाहता हूं। ये मुंगेरी लाल के हसीन सपने कहावत कह करके सो जाने वाला मुद्दा नहीं है। ये बहुत डरावना खेल है। ये देश को तबाह करने वाला खेल है। यह सपना हसीन नहीं है यह आपके सपनों को चूर चूर करने वाला खेल है दोस्तों। और इसलिए जाग जाइए। चेत जाइए। आपके वोट की ताकत समझिए। मेरे प्यारे भाइयों-बहनों, देश को बचाने के लिए आप आगे आइए। जो रील्स में सोशल मीडिया पर लोग मजाक में कहते हैं उस पर इंडी गठबंधन बहुत गंभीरता से विचार कर रहा है। आप मुझे बताइए आप इस एक साल-एक पीएम वाले फार्मूले से सहमत है क्या। 5 साल में 5 पीएम आपको मंजूर है क्या। क्या देश को ऐसे परिस्थिति में छोड़ सकते हैं क्या। तो दुनिया के लोग मजाक उड़ाएंगे कि नहीं उड़ाएंगे। तो दुनिया में देश का जो आज नाम बढ़ा है वो धड़ाक से नीचे आएगा कि नहीं आएगा। ये जो चंद्रयान भेजा है अब गंगनयान भेजना है वो जा पाएगा क्या ?

साथियों,

7 मई को हमारे इस क्षेत्र में चुनाव है। विदिशा में उम्मीदवार हैं हमारे भाई शिवराज जी और यहां पर उम्मीदवार हैं हमारे दुर्गादास उईके जी। ये दोनों मेरे साथी संगठन में मैं शिवराज साथ काम करते थे। ये भी मुख्यमंत्री थे मैं भी मुख्यमंत्री था। हम साथ काम करते थे। वह पार्लियामेंट में गए थे, तब मैं महामंत्री के नाते साथ में काम करते थे। अब फिर मैं एक बार उनको ले जाना चाहता हूं। और उईके जी, उईके जी पार्लियामेंट में मेरे बहुत अच्छे साथी रहे जी। मेरे हर छोटे मोटे कामों की चिंता यह हमारे दुर्गा दास जी करते थे। इन दोनों को भारी मतों से जिताना है। और बड़ी संख्या में आप जिता करके जब उनको वोट देते हैं ना, वो मोदी को शक्ति देता है जब आप उनको वोट देते हैं तो वोट मोदी को पहुंचता है और इसलिए मोदी को मजबूत बनाने के लिए आप मतदान करें और इसके लिए ज्यादा से ज्यादा मतदान होना चाहिए। कराओगे। घर-घर जाओगे। मतदाताओं को मिलोगे। मतदान कराने के लिए कहोगे। उनको कहना आपका मतदान मोदी के लिए आशीर्वाद है। कहोगे, आपका मतदान मोदी के लिए आशीर्वाद है कहोगे। पोलिंग बूथ जीतोगे। मेरा एक और अनुरोध है, करोगे। करोगे। बहुत लोग हैं, जो यहां नहीं आए। जब मैं संगठन का काम करता था तो और नीचे तक जाता था लोगों को राम राम करके आता था, लेकिन अब जा नहीं पाता हूं। देश भर में दौड़ना पड़ता है तो बहुत कम लोगों को मिल पाता हूं लाखों लोग रह जाते हैं। लेकिन आप मेरे अपने हैं। तो एक काम बताऊं मैं आपको। आप करोगे। मेरे अपने हैं वो बता दें करेंगे। जो मानते हैं कि वो मेरे हैं, वो बता दे करेंगे। पक्का करेंगे। एक काम करना, जो लोग यहां नहीं पहुंचे हैं, उन तक जाना और कहना कि मोदी जी हरदा आए थे और मोदी जी ने आपको प्रणाम भेजा है। मेरा प्रणाम पहुंचा देंगे। हर घर में मेरा प्रणाम पहुंचा देंगे। घर-घर जाकर पहुंचा देंगे। बोलिए

भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
बहुत-बहुत धन्यवाद!

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വിഭജന ഭീതി അനുസ്മരണ ദിനത്തിൽ വിഭജനം മൂലം ദുരിതമനുഭവിച്ചവരുടെ ധീരതയെ അനുസ്മരിച്ച് പ്രധാനമന്ത്രി
August 14, 2026
കഠിനാധ്വാനത്തിന്റെയും മനുഷ്യ പ്രയത്നത്തിന്റെയും ശക്തി ഉയർത്തിക്കാട്ടുന്ന സംസ്‌കൃത സുഭാഷിതം പ്രധാനമന്ത്രി പങ്കുവെച്ചു

വിഭജന ഭീതി അനുസ്മരണ ദിനം ആചരിക്കുമ്പോൾ വിഭജനം മൂലം ദുരിതമനുഭവിച്ച എല്ലാവരുടെയും ധീരതയെ നാം ഓർമ്മിക്കുന്നുവെന്ന് പ്രധാനമന്ത്രി ശ്രീ നരേന്ദ്ര മോദി ഇന്ന് പറഞ്ഞു. നിരവധി ജീവിതങ്ങളെ പിച്ചിച്ചീന്തുകയും കുടുംബങ്ങൾ വേരോടെ പിഴുതെറിയുകയും പ്രിയപ്പെട്ടവരെ നഷ്ടപ്പെടുകയും അളവറ്റ ദുരിതങ്ങൾ അനുഭവിക്കുകയും ചെയ്ത ചരിത്രത്തിലെ ഒരു നിമിഷമായിരുന്നു അതെന്ന് അദ്ദേഹം ചൂണ്ടിക്കാട്ടി.

അതോടൊപ്പം തന്നെ ഇതിനെയെല്ലാം അതിജീവിച്ച്, ആളുകൾ ഒന്നുമില്ലായ്മയിൽ നിന്ന് തങ്ങളുടെ ജീവിതം കെട്ടിപ്പടുക്കുകയും പ്രതിസന്ധികളെ നേട്ടങ്ങളാക്കി മാറ്റുകയും നമ്മുടെ രാജ്യത്തിന്റെ പുരോഗതിക്കായി വലിയ സംഭാവനകൾ നൽകുകയും ചെയ്തുവെന്ന് പ്രധാനമന്ത്രി എടുത്തുപറഞ്ഞു. അവരുടെ ജീവിതയാത്രകൾ മാനുഷിക ആത്മവീര്യത്തിന്റെ കരുത്തിനെയാണ് ഓർമ്മപ്പെടുത്തുന്നതെന്ന് അദ്ദേഹം നിരീക്ഷിച്ചു. നമ്മുടെ രാജ്യത്ത് സൗഹാർദ്ദവും സഹോദരബന്ധവും നിലനിർത്താനും വികസിത ഭാരതം കെട്ടിപ്പടുക്കുന്നതിനായി കൂട്ടായി പ്രവർത്തിക്കാനുമുള്ള നമ്മുടെ നിശ്ചയദാർഢ്യത്തെ ഈ ദിനം കൂടുതൽ ദൃഢമാക്കുമെന്ന് ശ്രീ മോദി പ്രത്യാശ പ്രകടിപ്പിച്ചു.

ആ ഭയാനകമായ കാലഘട്ടത്തിൽ നിന്ന് കരകയറി, രാജ്യത്തിന്റെ പുരോഗതിക്കായി അമൂല്യമായ സംഭാവനകൾ നൽകിയ എല്ലാ ദേശവാസികൾക്കും പ്രധാനമന്ത്രി തന്റെ ഹൃദയം നിറഞ്ഞ പ്രണാമമർപ്പിച്ചു. പ്രതികൂല സാഹചര്യങ്ങളിലും എങ്ങനെ ലക്ഷ്യങ്ങൾ നേടിയെടുക്കാമെന്ന് ധൈര്യത്തിലൂടെയും കഴിവിലൂടെയും അവർ തെളിയിച്ചുവെന്ന് അദ്ദേഹം പ്രസ്താവിച്ചു. നന്മയുടെയും ഐക്യദാർഢ്യത്തിന്റെയും ദേശീയ മനോഭാവം കൂടുതൽ ശക്തിപ്പെടുത്താൻ ശ്രീ മോദി ഏവരോടും ആഹ്വാനം ചെയ്തു.

കഠിനാധ്വാനം, സംരംഭകത്വം, സമർപ്പിത പ്രയത്നം എന്നിവയിലൂടെയാണ് വൈവിധ്യമാർന്ന കലകൾ, ശാസ്ത്രം, സാങ്കേതിക നൈപുണ്യങ്ങൾ, കരകൗശല വൈദഗ്ധ്യം, നൂതനാശയങ്ങൾ എന്നിവ അഭിവൃദ്ധി പ്രാപിക്കുകയും വിജയത്തിലേക്ക് വഴിയൊരുക്കുകയും ചെയ്യുന്നതെന്ന് ഒരു സുഭാഷിതം പങ്കുവെച്ചുകൊണ്ട് പ്രധാനമന്ത്രി ഊന്നിപ്പറഞ്ഞു. അതുകൊണ്ട് ആരും വിധിയെ മാത്രം ആശ്രയിച്ച് കഴിയരുതെന്നും മറിച്ച് ധൈര്യം, ഉത്സാഹം, നിരന്തര പരിശ്രമം എന്നിവയിലൂടെ തങ്ങളുടെ ലക്ഷ്യങ്ങളിലേക്ക് സ്ഥിരതയോടെ മുന്നേറണമെന്നും അദ്ദേഹം കൂട്ടിച്ചേർത്തു. കാരണം മനുഷ്യ പ്രയത്നമാണ് വിധിയെ രൂപപ്പെടുത്തുന്നത്.

'X'-ലെ തുടർച്ചയായ പോസ്റ്റുകളിൽ പ്രധാനമന്ത്രി കുറിച്ചു:

"ഇന്ന് നമ്മൾ വിഭജന ഭീതി അനുസ്മരണ ദിനം ആചരിക്കുകയാണ്. വിഭജനം മൂലം ദുരിതമനുഭവിച്ച എല്ലാവരുടെയും ധീരതയെ നാം അനുസ്മരിക്കുന്നു. നിരവധി ജീവിതങ്ങളെ പിച്ചിച്ചീന്തുകയും കുടുംബങ്ങൾ വേരോടെ പിഴുതെറിയുകയും പ്രിയപ്പെട്ടവരെ നഷ്ടപ്പെടുകയും അളവറ്റ ദുരിതങ്ങൾ അനുഭവിക്കുകയും ചെയ്ത ചരിത്രത്തിലെ ഒരു നിമിഷമായിരുന്നു അത്.

അതോടൊപ്പം തന്നെ ഇതിനെയെല്ലാം അതിജീവിച്ച്, ആളുകൾ ഒന്നുമില്ലായ്മയിൽ നിന്ന് തങ്ങളുടെ ജീവിതം കെട്ടിപ്പടുക്കുകയും പ്രതിസന്ധികളെ നേട്ടങ്ങളാക്കി മാറ്റുകയും നമ്മുടെ രാജ്യത്തിന്റെ പുരോഗതിക്കായി വലിയ സംഭാവനകൾ നൽകുകയും ചെയ്തു. അവരുടെ ജീവിതയാത്രകൾ നമ്മെ മാനുഷിക ആത്മവീര്യത്തിന്റെ കരുത്തിനെ ഓർമ്മിപ്പിക്കുന്നു.

നമ്മുടെ രാജ്യത്ത് സൗഹാർദ്ദവും സഹോദരബന്ധവും നിലനിർത്താനും വികസിത ഭാരതം കെട്ടിപ്പടുക്കുന്നതിനായി കൂട്ടായി പ്രവർത്തിക്കാനുമുള്ള നമ്മുടെ നിശ്ചയദാർഢ്യത്തെ ഈ ദിനം കൂടുതൽ ദൃഢമാക്കട്ടെ."

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

കഠിനാധ്വാനം, സംരംഭകത്വം, സമർപ്പിത പ്രയത്നം എന്നിവയിലൂടെയാണ് വൈവിധ്യമാർന്ന കലകൾ, ശാസ്ത്രം, സാങ്കേതിക നൈപുണ്യങ്ങൾ, കരകൗശല വൈദഗ്ധ്യം, നൂതനാശയങ്ങൾ എന്നിവ അഭിവൃദ്ധി പ്രാപിക്കുകയും വിജയത്തിലേക്ക് വഴിയൊരുക്കുകയും ചെയ്യുന്നത്. അതുകൊണ്ട് ആരും വിധിയെ മാത്രം ആശ്രയിച്ച് കഴിയരുത്. മറിച്ച് ധൈര്യം, ഉത്സാഹം, നിരന്തര പരിശ്രമം എന്നിവയിലൂടെ തങ്ങളുടെ ലക്ഷ്യങ്ങളിലേക്ക് സ്ഥിരതയോടെ മുന്നേറണം, കാരണം മനുഷ്യ പ്രയത്നമാണ് വിധിയെ രൂപപ്പെടുത്തുന്നത്.

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की… pic.twitter.com/lzLu5wbiXb