ഇന്ന്, രാജ്യത്ത് സുസ്ഥിരമായ ഒരു സർക്കാരാണ് പ്രധാനം, യുവാക്കളുടെ അഭിലാഷങ്ങൾ മനസ്സിലാക്കുകയും അവർക്കായി നയങ്ങൾ രൂപീകരിക്കുകയും ചെയ്യുന്ന ഒരു സർക്കാർ: പ്രധാനമന്ത്രി മോദി
കോൺഗ്രസ് എല്ലായ്‌പ്പോഴും ദളിതരിൽ, ചിലപ്പോൾ ആദിവാസികളിൽ, ചിലപ്പോൾ ന്യൂനപക്ഷങ്ങളിൽ ഭയം ജനിപ്പിച്ചിട്ടുണ്ട്; അവർ ജനാധിപത്യത്തെയും ഭരണഘടനയെയും സംവരണത്തെയും കുറിച്ച് പ്രചരിപ്പിക്കുകയാണ്: പ്രധാനമന്ത്രി മോദി ബൻസ്വാരയിൽ

भारत माता की...भारत माता की....आप सभी को नमस्कार, राम- राम

मेवाड़, मालवा और गुजरात की संस्कृतियों की त्रिवेणी बेणेश्वर धाम की पवित्र भूमि को, मैं नमन करता हूं। कुछ समय पहले मैंने मावजी महाराज का स्मरण करते हुए गारंटी दी थी, कि जादूगर का जादू नहीं चलेगा। वागड़ ने, राजस्थान ने मोदी की वाणी का मान रखा, इसके लिए आप सभी का मैं सिर झुकाकर के वंदन करता हूं। महाराणा प्रताप, बंसिया भील और गोविंद गुरु के शौर्य की ये भूमि, आज शक्तिशाली भारत के लिए मजबूत सरकार का प्रण ले रही है। चारों तरफ मैं राजस्थान में जहां-जहां गया हूं, हिंदुस्तान के जिस-जिस कौने में पहुंचा हूं अब तक चारों तरफ एक ही बात गूंज रही है- फिर एक बार...मोदी सरकार! फिर एक बार... मोदी सरकार! फिर एक बार... मोदी सरकार!

भाइयों और बहनों,

पूरे वागड़ से भाजपा का रिश्ता, बहुत पुराना है। यहां की वीर धऱा ने हमेशा भाजपा पर अपना विश्वास जताया है। आज की वैश्विक परिस्थितियों में पूरे वागड़ का भाजपा के साथ रहना ये बहुत जरूरी है। आज भारत में स्थिर सरकार का मजबूत सरकार का होना भी बहुत जरुरी है। एक ऐसी सरकार जो सरहदों की रक्षा कर सके और जरूरत पड़े तो पाताल में भी खोजकर दुश्मनों का सफाया कर सके। एक ऐसी सरकार जो देश की महिला, किसान, गरीब, वंचित, जनजातीय, पिछड़े वर्ग, समाज के इन सभी वर्गों को सम्मान और समृद्धि की तरफ ले जा सके। एक ऐसी सरकार जो युवाओं के सपनों को समझे और उनके लिए नीतियां बनाए। और, एक ऐसी सरकार जो देश में भविष्य के हिसाब से इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कर सके। हमारा 10 साल का ट्रैक रिकॉर्ड गवाह है, ये काम सिर्फ और सिर्फ भाजपा ही कर सकती है। और कोई कर सकता है क्या? और किसी पर भरोसा कर सकते हैं क्या...और लोग यहां वोट मांगने के लिए निकले हैं उनको पूछो तो भई इतना बड़ा देश एक नाम तो बताओ हम किसको सपोर्ट करें बताओ....कोई नाम बता सकते हैं क्या.... कोई नाम बता सकते हैं क्या....क्या आप ऐसे जिसका नाम ही नहीं है, पहचान नहीं है, पुराना कोई रिकोर्ड का अता-पता नहीं है, क्या उसको इतना बड़ा देश दें सकतें हैं क्या...क्या आपके सपनों को उनके भरोसे छोड़ सकते हैं क्या... क्या आपके बच्चों के भविष्य को उनके हवाले कर सकते हैं क्या...ये मोदी है, जिसको आप जानते हैं ना, जानते हैं ना.... 23 साल से हो गये, 13 साल गुजरात में भी... ये डूंगरपुर बांसवाड़ा के लोगों ने तो मुझे बहुत निकट से देखा है... और मेरे, मैं तो आपके लिए एक प्रकार से घर का ही हूं।

साथियों,

देश के उज्जवल भविष्य के लिए, देश को मजबूत बनाने के लिए, आपके सपनों को पूरा करने के लिए, इसी आधार पर मोदी पूरे देश से, राजस्थान से, और बागड़ से आशीर्वाद मांगने के लिए आया है।

भाइयों और बहनों,

भाजपा, सबका साथ, सबका विकास, सुशासन का एक उम्दा मंत्र लेकर के समर्पण भाव से काम कर रही है। बांसवाड़ा और डुंगरपुर के जिन 3 लाख परिवारों को पक्के घर मिले हैं, उनमें से बड़ी संख्या में हमारे आदिवासी परिवार है। आप मुझे बताइए भाइयों, 10 साल में दो जिले में 3 लाख पक्के घर यह काम छोटा है क्या? छोटा है क्या? गरीबों की चिंता की ना की.. आदिवासियों की चिंता की या ना की… जहां बांसवाड़ा में पौने चार लाख से अधिक परिवारों तक नल से जल पहुंचा है, जब नल से जल आता है ना… तो माताएं-बहने आशीर्वाद किसको देंगी? माताएं बहने आशीर्वाद किसको देंगी... और माताओं-बहनों के आशीर्वाद जिस पर होते हैं, जीवन में उसे कोई तकलीफ होती है क्या? यही मेरा सौभाग्य है कि माताओं-बहनों का मुझे भरपूर आशीर्वाद मिल रहा है...

बांसवाडा और डूंगरपुर की 5 लाख से अधिक बहनों को सस्ते गैस सिलेंडर वाली उज्ज्वला गैस मिली है। अगर रोज खाना पकाना हो, धुंए से जिंदगी गुजारनी हो, और जब धुंए में कोई मां खाना पकाती है ना तो एक दिन में उसके शरीर में 400 सिगरेट का धुंआ जाता है... 400 सिगरेट का धुंआ, उस मां की चिंता कौन करेगा.... उस मां की चिंता कौन करेगा... ये बेटा करेगा और इसीलिए गैस के चूल्हे दिए... कोरोना के समय हमने मुफ्त राशन की योजना शुरू की दुनिया भर में बहुत बड़ा संकट आया था लेकिन संकट में मुझे सबसे पहली याद मेरे आदीवासी भाई-बहनों की आई, मेर गरीब परिवारों की आई, मेरे दलित, मेरे वंचित, मेरे पिछड़ो की याद आई....और मैंने मुझ पर दबाव था, कोरोना के समय के अखबार निकाल के देख लीजिए। यह कांग्रेस में बैठे हुए बड़े-बड़े अपने आप को ज्ञानी मानते हैं, दुनिया भर के जो अर्थशास्त्री हैं मुझ पर दबाव डालते थे कि रूपये दो उद्योग वालों को रुपए दो, अलग-अलग काम करने पर वरना बहुत बड़ा तूफान मच जाएगा। अर्थ तंत्र खत्म हो जाएगा, लोगों की नौकरीयां चली जाएगी लोग भूख मारेंगे, मैंने उनकी एक बात नहीं सुनी किसी भी धनी आदमी को मैंने 1 रुपया नहीं दिया, अगर मैंने दिया तो गरीब को मुफ्त राशन दिया। तिजोरी खाली कर दी लेकिन मैंने पक्का किया कि गरीबों के घर में चूल्हा जलता रहना चाहिए। गरीब का बच्चा भूखा सोना नहीं चाहिए, गरीब की मां की आंख में से कभी आंसू नहीं टपकना चाहिए, और इसलिए मैंने मुफ्त राशन की योजना चलाई। और मैं आज फिर गारंटी देने आया हूं, आने वाले 5 साल मुफ्त राशन मिलता रहेगा। इसका सबसे अधिक फायदा, मेरे आदिवासी परिवार को, मेरे दलित परिवार को और मेरे पिछड़े परिवारों को हुआ। पानी और गैस के बाद, अब मोदी का मिशन, हर घर सूर्यघर बनाने का है। मेरी कोशिश है, आपका बिजली का बिल जीरो हो जाए... यानी सरकार घर की छत पर छोटा सा सोलर प्लांट लगाने के लिए आपको पैसे देगी. आर्थिक मदद करेगी. जितनी जरूरत है उतनी बिजली फ्री आप जीरो बिल से खुद उपयोग करो और अतिरिक्त बिजली है तो सरकार खरीदेगी और आप अपने घर में बिजली से कमाई करो ये काम है। मोदी हर बार कोई ना कोई नया काम आपकी सेवा के लिए करता है, आपकी मजबूती के लिए करता है। क्योंकि मुझे मेरा देश मजबूत बनाने के लिए हर परिवार को मजबूत बनाना है।

भाइयों-बहनों,

आप लोग चुनाव प्रचार में जाते होंगे... जाते हैं? लोगों को मिलते होंगे, मिलते हैं? तो मेरा एक काम करोगे, ऐसे नहीं हाथों पर करके पूरी ताकत से बताओ.... मेरा एक काम करोगे, पक्का करोगे... अभी जब आप प्रचार में जाएंगे, तो हो सकता है किसी गांव में एक-आध दो ऐसे परिवार मिल जाए जिनको अभी गैस चूल्हा नहीं मिला होगा, एक-आध दो परिवार मिल जाएं जिनको अभी नल से जल नहीं मिला होगा, कुछ परिवार मिल जाए जिनका अभी पक्का घर नहीं मिला होगा, कुछ परिवार ऐसे होंगे पहले की तुलना में अब दो परिवार बन गए होंगे, और घर की जरूरत होगी तो मेरा एक काम करना है... उनको बता देना कि मोदी ने गारंटी दी है, की 4 जून के बाद नई सरकार बनने के बाद मैं उनके ये अधूरे काम भी पूरे कर दूंगा। ये मेरी गारंटी पहुंचा दोगे? जो भी सुविधांए मिलने के लिए वो पात्र हैं और अब तक अगर पहुंची नहीं कुछ लोग छूट गए हैं तो मोदी उनकी भी गारंटी लेता है।

साथियों,

आप में से जो लोग भी मेहनत करते होंगे, नौकरी करते होंगे, कमाते होंगे, आपके परिवार में बुजुर्ग होंगे, बूढ़े मां-बाप होंगे, नाना-नानी हो सकते हैं, चाचा-चाची हो सकते हैं, अब आप इतना काम करते हैं तो आपका मन रहता है की भई कमाई का कुछ पैसा बच्चों के भविष्य के लिए लगाएं... लेकिन परिवार में बुजुर्ग मां-बाप है उनको और कोई खर्चा नहीं होता है लेकिन कोई बीमारी आ जाए तो दवाई का खर्चा तो हो ही जाता है और वह उम्र भी ऐसी होती है की दवाई का खर्च होना ही होना होता है.. मैं आप सबको कहना चाहता हूं ये जो दवाई का इलाज का बोझ आप पर है ना, जैसे वह आपके माता-पिता है वैसे ही वो मेरे माता-पिता भी है। और इसलिए आज आपके माता-पिता का खर्च दवाई का आप उठाते हैं ना, 70 साल के ऊपर के आपके परिवार के बुजुर्गों की इलाज का खर्चा अब ये आपका बेटा उठाएगा। और इसीलिए भाजपा ने ऐलान किया है कि 70 वर्ष की ऊपर की आयु के सभी बुजुर्गों को, चाहे वो गरीब हों, मध्यम वर्ग के हों या उच्च हो, कोई भी हिंदुस्तान का कोई भी 70 साल से ऊपर का बुजुर्ग होगा उनका इलाज मुफ्त किया जाएगा। सरकार उसका जिम्मा लेगी।

भाइयों और बहनों, मैं माता त्रिपुरा सुंदरी को नमन करते हुए, माताओं-बहनों को भी मोदी की एक बड़ी गारंटी याद दिला रहा हूं। लखपति दीदी अभियान के तहत अब तक 1 करोड़ बहनों की वार्षिक आय 1 लाख से अधिक हो चुकी है। अब मोदी की गारंटी है कि 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाया जाएगा। हमारी बेटियां खेलों में खूब आगे बढ़ें, इसके लिए भी विशेष कार्यक्रम, विशेष सुविधाएं बनाई जाएगी। यहां स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी जो बहनें हैं, उनके लिए आने वाले 5 साल सुख समृद्धि के होने वाले हैं। भाजपा ने इन समूहों से जुड़ी बहनों को विशेष ट्रेनिंग का ऐलान किया है, ताकि वो भी शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, जैसे क्षेत्रों से भी जुड़ सकें। बिना गारंटी का ऋण देने वाली मुद्रा योजना के तहत लोन की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख की जा रही है। इसका फायदा भी मेरी माताओंड-बहनों को भी होगा।

साथियों,

भाजपा, गरीब कल्याण के लिए समर्पित है, पूरी ईमानदारी से काम करती है। लेकिन कांग्रेस की दुकान में भय-भूख और भ्रष्टाचार ही बिकता है। कांग्रेस ने हमेशा दलितों को डराया, कभी आदिवासियों को डराया, कभी अल्पसंख्यकों को डराया। आज भी ये कभी लोकतंत्र को लेकर, संविधान को लेकर, आरक्षण को लेकर भांति-भांति का झूठ फैला रहें हैं, भांति-भांति का डर दिखा रहे हैं। लेकिन कांग्रेस को पता नहीं है, कि भारत हर प्रकार के डर से बाहर निकल चुका है, और इसलिए इनका झूठ नहीं चल पा रहा है। आज देखिए, देशभर में जिन-जिन राज्यों में आदिवासी आबादी अधिक है, वहां कांग्रेस या तो सत्ता से बाहर है या फिर तीसरे-चौथे नंबर पर है।

साथियों,

कांग्रेस के विरुद्ध ये आदिवासी समाज का आक्रोश है इस आक्रोश के ठोस कारण हैं। आप मुझे बताइए, जब पंचायत से पार्लियामेंट तक कांग्रेस की सरकारें थीं, तब भी आदिवासी समाज था या नहीं था? आदिवासी समाज था कि नहीं था, देश गुलाम था तब भी आदिवासी समाज था कि नहीं था, प्रभु रामचंद्र के जमाने में आदिवासी समाज था कि नहीं था, लेकिन उनको तो कभी आदिवासियों के कल्याण के लिए कोई मंत्री मिनिस्ट्री बनाने का मन नहीं कर गया, बजट बनाने का मन नहीं कर गया, ये अटल जी की सरकार आई, तब पहली बार आदिवासियों के लिए अलग मंत्रालय बना अलग बजट बना.... करोड़ों आदिवासी बेटे-बेटियों में से कांग्रेस को 60 वर्षों में एक भी ऐसा नहीं मिला, जो देश का राष्ट्रपति बन सके? क्या आदीवासी समाज में क्षमता नहीं थी क्या... ज़रा सोचिए, कांग्रेस की क्या मानसिकता है। 2014 में आपने अपने इस सेवक को आशीर्वाद दिया। आज देश की पहली नागरिक, हमारी सेनाओं की सुप्रीम कमांडर, देश की राष्ट्रपति- आदिवासी समाज की एक बेटी हैं। यही असली भागीदारी है, यही बाबासाहेब के दिए संविधान की स्पिरिट है। पूरी दुनिया ने इसकी प्रशंसा की, लेकिन कांग्रेस और इंडी-गठबंधन, उनका विरोध किया।

साथियों,

ये भाजपा ही है जिसने स्वतंत्रता आंदोलन में आदिवासी समाज की भूमिका को स्वीकारा, उनके लिए समर्पित म्यूजियम बनवाए हैं। ये भाजपा ही है, जिसने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया। और अब तो भाजपा ने ऐलान किया है कि अगले साल भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्मजयंति को जनजातीय गौरव अभियान के रूप में पूरे वर्ष भर हिंदुस्तान के हर कौने में मनाया जाएगा। और मुझे पता है, जब मैं ये बातें बतांऊ ना तब कांग्रेस वालों के पेट में दर्द शुरू हो जाता होगा।

साथियों,

कांग्रेस जैसी पार्टियों को आपकी परवाह नहीं है। कांग्रेस जैसी पार्टियां सिर्फ अपनी संतानों के लिए काम करती हैं। आप सारे कांग्रेस के नेता देख लीजिए, वो अपने संतानों के लिए ही लगे हुए हैं.... इंडी- गठबंधन के सारे लोग अपने बच्चों को फिट करने में लगे हुए हैं और मोदी क्या कर रहा है? मोदी आपके संतानों के भविष्य के लिए खप रहा है। आपके संतानों के लिए, भविष्य बनाने के लिए दिन रात मेहनत कर रहा है... अब आप देखिए, माता को गर्भ के दौरान अच्छा भोजन मिले, इसके लिए भाजपा सरकार हर गर्भवती मां को 6 हजार रुपया दे रही है। आदिवासी समाज को सिकल सेल अनीमिया से मुक्ति दिलाने का मिशन तेज़ गति से चल रहा है। इस अभियान के तहत अब तक देश भर में ढाई करोड़ से अधिक आदिवासी साथियों की मुफ्त जाँच की जा चुकी है। दवाई के साथ-साथ आदिवासी युवाओं की पढ़ाई और कमाई के लिए भी अभूतपूर्व काम हो रहा है। 10 सालों में आदिवासी बच्चों के लिए हमने 400 से अधिक एकलव्य मॉडल स्कूल खोले हैं। भाजपा का संकल्प है कि इनको हम साढ़े 700 तक ले जाएंगे। हमने 24 हज़ार करोड़ रुपए की योजना उन जनजातियों के लिए भी बनाई है, जो आदिवासियों में भी सबसे पिछड़े हैं। इसमें राजस्थान की भी हमारी सहारिया जैसी कौम, सहारिया जैसी जातियां उनको हमने प्राथमिकता दी है।

साथियों,

स्वार्थ और अवसरवादिता में घिरी कांग्रेस की हालत ऐसी हो गई है कि कांग्रेस का शाही परिवार, आजादी के इतिहास में पहली बार होगा और ये नोट करिए आजादी के बाद इतने चुनाव हुए, पहली बार दिल्ली में कांग्रेस का जो शाही परिवार रहता है वो कांग्रेस को वोट नहीं देगा। अगर ये शाही परिवार कांग्रेस को वोट नहीं देता है तो आपसे वोट मांगने का उनको क्या हक है भाई... जहां इस शाही परिवार के लोग रहते हैं, वहां कांग्रेस चुनाव ही नहीं लड़ रही है। पहली बार ऐसा हो रहा है कांग्रेस की दुर्दशा कि उनका शाही परिवार खुद कांग्रेस को वोट नहीं कर पाएगा इधर राजस्थान में क्या हो रहा है हमारे यहां कांग्रेस के नेता घर-घर जाकर के क्या कह रहे हैं कांग्रेस को वोट मत दो पूरी कांग्रेस पार्टी हम पहले तो सुनते थे कि वह कहते थे बीजेपी को वोट मत दो यहां पर पूरी कांग्रेस पार्टी घर-घर जाकर कह रही है कांग्रेस को वोट मत दो। दिल्ली में शाही परिवार कांग्रेस को वोट नहीं देता यहां कांग्रेस कहती है कांग्रेस को वोट मत दो यह हाल है इस पार्टी का इस पर आप भरोसा कर सकते हैं? भाइयों बहनों इन दिनों जो लोग कांग्रेस छोड़कर के बाहर निकले हैं वे एक बात बड़ी गंभीरता से बताते हैं, वे सारे लोग कह रहे हैं कि कांग्रेस अब कांग्रेस नहीं रही है अब कांग्रेस अर्बन नक्सलों के कब्जे में चली गई है। कांग्रेस अब वामपंथियों के चंगुल में फंसी हुई है, तो हमारे मित्र ने उनको पूछा कि आप यह कैसे कहते हैं.... तो उन्होंने कहा उनका मेनिफेस्टो देख लीजिए, इस बार का कांग्रेस का मेनिफेस्टो देख लीजिए कांग्रेस ने अपने मेनिफेस्टो में जो कहा है वह चिंताजनक है, गंभीर है। और ये माओवाद की सोच को धरती पर उतारने की उनकी कोशिश है। उन्होंने कहा है कि अगर कांग्रेस की सरकार बनेगी तो हर एक ही प्रॉपर्टी का सर्वे किया जाएगा, हमारी बहनों के पास सोना कितना है उसकी जांच की जाएगी उसका हिसाब लगाया जाएगा, हमारे आदिवासी परिवारों में चांदी होती है। सिल्वर कितना है उसका हिसाब लगाया जाएगा सरकारी मुलाजिमों के पास कितनी जगह है, क्या है, और पैसे कहां है, नौकरी कहां है, उसकी जांच की जाएगी इतना ही नहीं आगे क्या कहा है यह जो गोल्ड है माताओं-बहनों का और जो संपत्ति है ये सब को समान रूप से वितरित कर दी जाएगी।


क्या यह आपको मंजूर है क्या आपकी संपत्ति सरकार को ऐंठने का अधिकार है क्या? क्या आपकी संपत्ति को आपने मेहनत करके कमाई हुई संपत्ति को सरकार को ऐंठने का अधिकार है क्या? क्या उस संपत्ति को मेरी माताओं- बहनों की जिंदगी में सोना वो सिर्फ शो करने के लिए नहीं होता है, उसके स्वाभिमान से जुड़ा हुआ है उसका मंगलसूत्र वह एक सोने का कीमत का मुद्दा नहीं है... उसके जीवन के सपनों से जुड़ा हुआ है, तुम उसे छीनने की बात कर रहे हो अपने मेनिफेस्टो में? गोल्ड ले लेंगे सबको वितरित कर देंगें... और पहले जब उनकी सरकार थी उन्होंने कहा था कि देश की संपत्ति पर पहला अधिकतर मुसलमानों का है। इसका मतलब यह संपत्ति इकट्ठी कर के किसको बांटेंगे जिनके ज्यादा बच्चे हैं उनको बांटेंगे। घुसपैठियों को बाटेंगे, क्या आपकी मेहनत की कमाई का पैसा घुसपैठियों को दिया जाएगा, आपको मंजूर है ये... ये कांग्रेस मेनिफेस्टो कह रहा है कि वह माताओं-बहनों के सोने का हिसाब करेंगे, उसकी जड़ती करेंगे, जानकारी लेंगे और फिर उस संपत्ति को बांट देंगे और उनको बाटेंगे जिनको मनमोहन सिंह जी की सरकार ने कहा था की संपत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है। भाइयों बहनों ये अर्बन नक्सल की सोच मेरी माताओं- बहनों ये आपका मंगलसूत्र भी बचने नहीं देंगे, यहां तक जाएंगे मैं कहने आया हूं।

साथियों,

कांग्रेस में भ्रष्टाचार ही शिष्टाचार है, ये तो वागड़ के लोग अच्छी तरह जानते हैं। कांग्रेस के शासनकाल में युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ किया गया। अब कांग्रेस के पेपरलीक माफिया पर भी हमारे भजन लाल जी पूरी ताकत से लगे हैं और उनको ठिकाने लगा कर के रहेंगें। केंद्र सरकार ने भी इसके लिए एक कड़ा कानून बनाया है। अब इनको यह भी मालूम नहीं है, पार्लियामेंट में बैठते हैं पेपर लीक का कानून बन चुका है। और ये घूमते फिरते हैं कि हम कानून बनाएंगे ये कानून युवाओं को धोखा देने वालों को कड़ी सजा दिलाएगा और यह मोदी की गारंटी है।

साथियों,

कांग्रेस ने वागड़ इलाके को भी सड़क, रेल और दूसरी कनेक्टिविटी से हमेशा वंचित रखा। आपको ऐसी सुविधाएं देना ये मोदी की गारंटी है। हमने रतलाम-डूंगरपुर रेल लाइन को वाया बांसवाड़ा से जोड़ने का काम शुरू करवाया है। इस काम को भी कांग्रेस ने बरसों तक लटका कर रखा था। उदयपुर-बांसवाड़ा और डूंगरपुर को श्यामला जी गुजरात के साथ जोड़ने वाले नेशनल हाईवे से भी बहुत फायदा हो रहा है। उदयपुर में कनेक्टिविटी सुधारने के बहुत से काम हो रहे हैं इसमें हाईवे, रेलवे के कई प्रोजेक्ट शामिल हैं। बांसवाड़ा में पावर प्लांट भी बन रहा है। 4 जून के बाद ऐसे हर काम को तेज़ी से पूरा किया जाएगा।


साथियों,

बीते साल में बहुत कुछ हुआ है। लेकिन अभी हमें विकसित भारत बनाने के लिए बहुत कुछ करना है। मोदी का मिशन है- Twenty Four By Seven, For Twenty Forty Seven. मैं आपको भी इस मिशन से जुड़ने के लिए आमंत्रित कर रहा हूं। और इसके लिए, 26 अप्रैल को भारी मतदान ज़रूरी है। बांसवाड़ा से हमारे साथी भाई महेंद्र मालवीय...

उदयपुर से मन्नालाल रावत... संसद पहुंचेंगे तो मोदी के मिशन को मज़बूत करेंगे और हां आपको बागीदोरा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी सुभाष जी को, सुभाष तमोलिया जी को भी अपना प्रचंड समर्थन देना है। आप घर-घर जाना और सबको कहना मतदान अवश्य करें...कहेंगें? मतदान करने के लिए कहेंगें? अब मुझे बताइए हमें लोकसभा भी जितनी है, यह असेंबली का चुनाव भी जितना है, लेकिन यह जितना है तो क्या करना पड़ेगा?... क्या करना पड़ेगा?.... ज्यादा से ज्यादा मतदान करना पड़ेगा, करेंगे?... मतदान करने के लिए जाएं तो गांव में बूथ में एक एक पूरे उत्सव का वातावरण बनाइए, गाना गाते-गाते सब माताएं- बहने वोट करने के लिए जाएं सामूहिक रूप से जाएं देखिए, एक माहौल बन जाएगा लोकतंत्र का उत्सव बन जाएगा और दूसरा काम हर किसी का एक ही संकल्प होना चाहिए हम हमारा पोलिंग बूथ जीत के रहेंगे.. हमारा पोलिंग बूथ हम हारेंगे नहीं... हमारे पोलिंग बूथ में हम भाजपा का झंडा झुकने नहीं देंगे, इसकी चिंता करेंगे.... पक्का करेंगे... अच्छा मेरा एक काम करेंगे? क्यों ठंडे हो गए ये मालवीय जी के लिए कहा तो सबने कहा करेंगे... अब मैं कह रहा हूं मेरा काम करेंगे तो ठंडे पड़ गए हैं, जरा हाथ ऊपर करके बताइए मेरा काम करेंगे... पक्का करेंगे, अच्छा एक काम करना घर-घर जाना और हर घर में जो भी बुजुर्ग हो उनको कहना अपने मोदी भाई बांसवाड़ा आए थे। और मोदी भाई ने मोदी भाई ने आपको राम-राम कहा है। मेरा राम-राम पहुंचा देंगे? हर परिवार को मेरा राम-राम पहुंचा देंगे? ...

बोलिए भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की...

बहुत-बहुत धन्यवाद।

 

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March 23, 2026
Today, India is moving forward with a new confidence; Now India faces challenges head-on: PM
From the Gulf to the Global West and from the Global South to neighbouring countries, India is a trusted partner for all: PM
What gets measured gets improved and ultimately gets transformed: PM
This is the new India, It is leaving no stone unturned for development: PM

नमस्कार!

पिछले कुछ समय में मुझे एक-दो बार टीवी9 भारतवर्ष देखने का मौका मिला है। नॉर्मली भी युद्धों और मिसाइलों पर आपका बहुत फोकस होता है और आजकल तो आपको कंटेंट की ओवरफीडिंग हो रही है। बड़े-बड़े देश टीवी9 को इतना सारा कंटेंट देने पर तुले हुए हैं, लेकिन On a Serious Note, आज विश्व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वो अभूतपूर्व है और बेहद गंभीर है। और इन स्थितियों के बीच, आज टीवी-9 नेटवर्क ने विचारों का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाया है। आज इस समिट में आप सभी India and the world, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। इस समिट के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। सभी अतिथियों का अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज जब दुनिया, conflicts के कारण उलझी हुई है, जब इन conflicts के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया पर दिख रहे हैं, तब India and the world की बात करना बहुत ही प्रासंगिक है। भारत आज वो देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। 2014 के पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर के आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब भारत चुनौतियों को टालता नहीं है बल्कि चुनौतियों से टकराता है। आप बीते 5-6 साल में देखिए, कोरोना की महामारी के बाद चुनौतियां एक के बाद एक बढ़ती ही गई हैं। ऐसा कोई साल नहीं है, जिसने भारत की, भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के एकजुट प्रयास से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। इस समय युद्ध की परिस्थितियों में भी भारत की नीति और रणनीति देखकर, भारत का सामर्थ्य देखकर दुनिया के अनेकों देश हैरान हैं। हमारे यहां कहावत है, सांच को आंच नहीं। 28 फरवरी से दुनिया में जो उथल-पुथल मची है, इन कठोर विपरीत परिस्थितियों में भी भारत प्रगति के, विकास के, विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इन 23 दिनों में भारत ने अपनी Relationship Building Capacity दिखाई है, Decision Making Capacity दिखाई है और Crisis Management Capacity दिखाई है।

साथियों,

आज जब दुनिया इतने सारे खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय bridges बनाए हैं। Gulf से लेकर Global West तक, Global South से लेकर पड़ोसी देशों तक भारत सभी का trusted partner है। कुछ लोग पूछते हैं, हम किसके साथ हैं? तो उनको मेरा जवाब यही है कि हम भारत के साथ हैं, हम भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं, संवाद के साथ हैं।

साथियों,

संकट के इसी समय में जब global supply chains डगमगा रही हैं, भारत ने diversification और resilience का मॉडल पेश किया है। Energy हो, fertilizers हों या essential goods अपने नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए भारत ने निरंतर प्रयास किया है और आज भी कर रहे है।

साथियों,

जब राष्ट्रनीति ही राजनीति का मुख्य आधार हो, तब देश का भविष्य सर्वोपरि होता है। लेकिन जब राजनीति में व्यक्तिगत स्वार्थ हावी हो जाता है, तब लोग देश के फ्यूचर के बजाय अपने फ्यूचर के बारे में सोचते हैं। आप ज़रा याद कीजिए 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ था? तब कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया था और तब कांग्रेस ने देश की नहीं बल्कि अपनी सत्ता की चिंता की। उस वक्त कांग्रेस ने एक लाख अड़तालीस हज़ार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने खुद कहा था कि वो आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं। यह जानते हुए भी कि ऑयल बॉन्ड का फैसला गलत है, जो रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रहे थे, उन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय किया क्योंकि जवाबदेही उस समय नहीं होनी थी, उस बॉन्ड पर री-पेमेंट 2020 के बाद होनी थी।

साथियों,

बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है, और इस धुलाई का खर्चा कम नहीं आया है, ऐसी लाँड्री आपने देखी नहीं होगी। 1 लाख 48 हज़ार करोड़ रुपए की जगह, देश को 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पेमेंट करनी पड़ी क्योंकि इसमें ब्याज भी जुड़ गया था। यानी हमने करीब-करीब दोगुनी राशि चुकाने के लिए मजबूर हुए। आजकल कांग्रेस के जो नेता बयानों की मिसाइलें दाग रहे हैं, मिसाइल आई तो टीवी9 को मजा आएगा, उनकी इस विषय का जिक्र आते ही बोलती बंद हो जाती है।

साथियों,

पश्चिम एशिया में बनी परिस्थितियों पर मैंने आज लोकसभा में अपना वक्तव्य दिया है। दुनिया में जहां भी युद्ध हो रहे हैं, वो भारत की सीमा से दूर हैं। लेकिन आज की व्यवस्थाओं में कोई भी देश युद्धों से दुष्प्रभाव से दूर रहे, ऐसा संभव नहीं होता। अनेक देशों में तो स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। और इन हालातों में हम देख रहे हैं कि राजनीतिक स्वार्थ से भरे कुछ लोग, कुछ दल, संकट के इस समय में भी अपने लिए राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं। इसलिए मैं टीवी9 के मंच से फिर कहूंगा, यह समय संयम का है, संवेदनशीलता का है। हमने कोरोना महासंकट के दौरान भी देखा है, जब देशवासी एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो कितने सार्थक परिणाम आते हैं। इसी भाव के साथ हमें इस युद्ध से बनी परिस्थितियों का सामना करना है।

साथियों,

दुनिया की हर उथल-पुथल के बीच, भारत ने अपनी प्रगति की गति को भी बनाए रखा है। अगर मैं 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद, बीते 23 दिनों का ही ब्यौरा दूं, तो पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक देश में हजारों करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का काम हुआ है। दिल्ली मेट्रो रेल के महत्वपूर्ण कॉरिडोर्स का लोकार्पण, सिलचर का हाई स्पीड कॉरिडोर का शिलान्यास, कोटा में नए एयरपोर्ट का शिलान्यास, मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देना, ऐसे अनेक काम बीते 23 दिनों में ही हुए हैं। बीते एक महीने के दौरान ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भव्य स्कीम को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देशभर में 100 plug-and-play industrial parks विकसित किए जाएंगे। देश में Small Hydro Power Development Scheme को भी हरी झंडी दी गई है। इससे आने वाले वर्षों में 1,500 मेगावाट नई hydro power capacity जोड़ी जाएगी। इसी दौरान जल जीवन मिशन को साल 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। किसानों के हित में भी अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। बीते एक महीने में ही पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। और जो हमारे MSMEs हैं, जो हमारे निर्यातक हैं, उनके लिए भी करीब 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की भी घोषणा की गई है। यह सारे कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए देश कितनी तेज गति से काम कर रहा है।

साथियों,

Management की दुनिया में एक सिद्धांत कहा जाता है - What gets measured, gets managed. लेकिन मैं इसमें एक बात और जोड़ना चाहता हूं, What gets measured, gets improved और ultimately, gets transformed. क्योंकि आकलन जागरूकता पैदा करता है। आकलन जवाबदेही तय करता है और सबसे महत्वपूर्ण आकलन संभावनाओं को जन्म देता है।

साथियों,

अगर आप 2014 से पहले के 10-11 साल और 2014 के बाद के 10-11 साल का आप आकलन करेंगे, तो यही पाएंगे कि कैसे इसी सिद्धांत पर चलते हुए, भारत ने हर सेक्टर को Transform किया है। जैसे पहले हाईवे बनते थे, करीब 11-12 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से, आज भारत करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन की स्पीड से हाईवे बना रहा है। पहले पोर्ट्स पर शिप का Turnaround Time, 5-6 दिन का होता था। आज वही काम, करीब-करीब 2 दिन से भी कम समय में पूरा हो रहा है। पहले Startup Culture के बारे में चर्चा ही नहीं होती थी। 2014 से पहले, हमारे देश में 400-500 स्टार्ट अप्स ही थे। आज भारत में 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रर्ड स्टार्ट अप्स हैं। पहले मेडिकल education में सीटें भी सीमित थीं, करीब 50-55 हजार MBBS seats थीं, आज यह बढ़कर सवा लाख से ज्यादा हो चुकी हैं। पहले देश के Banking system से भी करोड़ों लोग बाहर थे। देश में सिर्फ 25 करोड़ के आसपास ही बैंक account थे। वहीं जनधन योजना के माध्यम से 55 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुले हैं। पहले हमारे देश में airports की संख्या भी 70 से कम थी। आज एयरपोर्ट्स की संख्या भी बढ़कर 160 से ज्यादा हो चुकी है।

साथियों,

पहले भी योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन आज फर्क है, आज परिणाम दिखते हैं। पहले गति धीमी थी, आज भारत fastrack पर है। पहले संभावनाएं भी अंधकार में थीं, आज संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं। इसलिए दुनिया को भी यह संदेश मिल रहा है कि यह नया भारत है। यह अपने विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है।

साथियों,

आज हमारा प्रयास है कि अतीत में विकास का जो असंतुलन पैदा हो गया था, उसको अवसरों में बदला जाए। अब जैसे हमारा पूर्वी भारत है। हमारा पूर्वी भारत संसाधनों से समृद्ध है, दशकों तक वहां जिन्होंने सरकारें चलाई हैं, उनकी उपेक्षा ने पूर्वी भारत के विकास पर ब्रेक लगा दी थी। अब हालात बदल रहे हैं। जिस असम में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है। ओडिशा में सेमीकंडक्टर से लेकर पेट्रोकेमिकल्स तक अनेक नए-नए सेक्टर का विकास हो रहा है। जिस बिहार में 6-7 दशक में गंगा जी पर एक बड़ा पुल बन पाया था एक, उस बिहार में पिछले एक दशक में 5 से ज्यादा नए पुल बनाए गए हैं। यूपी में कभी कट्टा मैन्युफैक्चरिंग की कहानियां कही जाती थीं, आज यूपी, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।

साथियों,

पूर्वी भारत का एक और बड़ा राज्य पश्चिम बंगाल है। पश्चिम बंगाल, एक समय में भारत के कल्चर, एजुकेशन, इंडस्ट्री और ट्रेड का हब होता था। बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है। लेकिन दुर्भाग्य से, आज वहां एक ऐसी निर्मम सरकार है, जो विकास पर ब्रेक लगाकर बैठी है। TV9 बांग्ला के जो दर्शक हैं, वो जानते हैं कि बंगाल में आयुष्मान योजना पर निर्मम सरकार ने ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम आवास योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू हुई योजना के लिए ब्रेक लगाया हुआ है। यानी विकास और जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता निर्मम सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ को दे रही है।

साथियों,

देश में इस तरह की राजनीति की शुरुआत जिस दल ने की है, वो अपने गुनाहों से बच नहीं सकती और वो पार्टी है - कांग्रेस। कांग्रेस पार्टी की राजनीति का एक ही लक्ष्य रहा है, किसी भी तरह विकास का विरोध और कांग्रेस यह तब से कर रही है, जब मैं गुजरात में था। गुजरात में वर्षों तक जनता ने हमें आशीर्वाद दिया, तो कांग्रेस ने उस जनादेश को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने गुजरात की छवि पर सवाल उठाए, उसकी प्रगति को कटघरे में खड़ा किया और जब यही विश्वास पूरे देश में दिखाई दिया, तो कांग्रेस का विरोध भी रीजनल से नेशनल हो गया।

साथियों,

जब राजनीति में विरोध, विकास के विरोध में बदल जाए, जब आलोचना देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने लगे, तब यह सिर्फ सरकार का विरोध नहीं रह जाता, यह देश की प्रगति से असहज होने की मानसिकता बन जाती है। आज कांग्रेस इसी मानसिकता की गुलाम बन चुकी है। आज स्थिति यह है कि देश की हर सफलता पर प्रश्न उठाया जाता है, हर उपलब्धि में कमी खोजी जाती है और हर प्रयास के असफल होने की कामना की जाती है। कोविड के समय, देश ने अपनी वैक्सीन बनाई, तो कांग्रेस ने उस पर भी संदेह जताया। Make in India की बात हुई, तो कहा गया कि यह सफल नहीं होगा, बब्बर शेर कहकर इसका मजाक उड़ाया गया। जब देश में डिजिटल इंडिया अभियान शुरू हुआ, तो उसका मजाक उड़ाया गया। लेकिन हर बार यह कांग्रेस का दुर्भाग्य और देश का सौभाग्य रहा कि भारत ने हर चुनौती को सफलता में बदला। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव का उदाहरण है। भारत डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया का अग्रणी देश है। भारत मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,

लोकतंत्र में विरोध जरूरी होता है। लेकिन विरोध और विद्वेष के बीच एक रेखा होती है। सरकार का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन देश को बदनाम करना, यह कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। जब विरोध इस स्तर तक पहुंच जाए कि देश की उपलब्धियां भी असहज करने लगें, तो यह राजनीति नहीं, यह दृष्टिकोण की समस्या है। अभी हमने ग्लोबल AI समिट में भी देखा है। जब पूरी दुनिया भारत में जुटी हुई थी, तो कांग्रेस के लोग कपड़े फाड़ने वहां पहुंच गए थे। इन लोगों को देश की इज्जत की कितनी परवाह है, यह इसी से पता चलता है। इसलिए आज आवश्यकता है कि देशहित को, दलहित से ऊपर रखा जाए क्योंकि अंत में राजनीति से ऊपर, राष्ट्र होता है, राष्ट्र का विकास होता है।

साथियों,

आज का यह दिन भी हमें यही प्रेरणा देता है। आज के ही दिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज ही, समाजवादी आंदोलन के प्रखर आदर्श डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती भी है। यह वो प्रेरणाएं हैं, जिन्होंने देश को हमेशा स्व से ऊपर रखा है। देशहित को सबसे ऊपर रखने की यही प्रेरणा, भारत को विकसित भारत बनाएगी। यही प्रेरणा भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि टीवी9 की यह समिट भी भारत के आत्मविश्वास और दुनिया के भरोसे पर, भारतीयों पर जो भरोसा है, उस भरोसे को और सशक्त करेगी। आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं और आपके बीच आने का अवसर दिया, आप सबसे मिलने का मौका लिया, इसलिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

नमस्‍कार!