കിഴക്ക് നിന്ന് പടിഞ്ഞാറോട്ടും വടക്ക് നിന്ന് തെക്കോട്ടും നിലകൊള്ളുന്ന ബി ജെ പി മാത്രമാണ് ഇന്ത്യയിലെ ഏക പാർട്ടി. യുവാക്കൾക്ക് പുരോഗതി കൈവരിക്കാൻ ബിജെപി അവസരം നൽകുന്നു: പ്രധാനമന്ത്രി മോദി
1984ലെ 2 സീറ്റിൽ നിന്ന് 2019ൽ ബിജെപി ഇപ്പോൾ 303 സീറ്റിൽ എത്തിയിരിക്കുന്നു. പല പ്രദേശങ്ങളിലും പാർട്ടി 50% വോട്ട് വിഹിതം നേടുന്നു: പ്രധാനമന്ത്രി മോദി
കുടുംബം നയിക്കുന്ന മറ്റ് പാർട്ടികൾക്കിടയിൽ ബിജെപി യുവാക്കളെ സ്വാഗതം ചെയ്യുന്നതായി പ്രധാനമന്ത്രി മോദി പറഞ്ഞു
പാർട്ടിയുടെ വിജയത്തിന് കാരണം പ്രവർത്തകരുടെ കഠിനാധ്വാനവും നിശ്ചയദാർഢ്യവുമാണെന്ന് പ്രധാനമന്ത്രി മോദി പറഞ്ഞു
കോൺഗ്രസിന്റെയും ഇടതുപക്ഷത്തിന്റെയും ഭരണ മാതൃകകൾക്ക് ഇന്ത്യ സാക്ഷ്യം വഹിച്ചു, കേവല ഭൂരിപക്ഷത്തോടെ അധികാരത്തിലെത്തിയ ഒരു പാർട്ടിയുടെ മാതൃകയാണ് ഇപ്പോൾ കാണുന്നത്: പ്രധാനമന്ത്രി മോദി
ഭരണഘടനാ സ്ഥാപനങ്ങളുടെ ശക്തമായ അടിത്തറ നമുക്കുണ്ട്. അതുകൊണ്ടാണ് ഇന്ത്യയെ തടയാൻ ഭരണഘടനാ സ്ഥാപനങ്ങൾ ആക്രമിക്കപ്പെടുന്നത്: പ്രതിപക്ഷത്തിനെതിരെ പ്രധാനമന്ത്രി മോദി

भारत माता की जय!


भारत माता की जय!

कार्यक्रम में उपस्थित भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष श्रीमान जेपी नड्डा जी, हम सब के मार्गदर्शक डॉ. मुरली मनोहर जोशी जी, पार्टी के अन्य सभी पदाधिकारी, सभी सम्मानित साथी कार्यकर्तागण, देवियों और सज्जनों

भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय कार्यालय के विस्तार की देशभर के भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को बहुत-बहुत बधाई। 2018 में जब मैं कार्यालय का लोकार्पण करने के लिए आया था, तो कहा था कि इस कार्यालय की आत्मा हमारा कार्यकर्ता हैं। आज जब हम इस कार्यालय का विस्तार कर रहे हैं, तो ये भी केवल एक भवन का विस्तार नहीं है, बल्कि ये प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता के सपनों का विस्तार है। भाजपा के सेवा के संकल्प का विस्तार है। मैं पार्टी के उन कोटि-कोटि कार्यकर्ताओं के चरणों में प्रणाम करता हूँ। मैं पार्टी के सभी संस्थापक सदस्यों को भी सर झुकाकर के नमन करता हूँ।

साथियों,


आज से कुछ दिन बाद हमारी पार्टी अपना 44वां स्थापना दिवस मनाएगी। ये यात्रा एक अनथक और अनवरत यात्रा है। ये यात्रा- परिश्रम की पराकाष्ठा की यात्रा है। ये यात्रा- समर्पण और संकल्पों के शिखर की यात्रा है। ये यात्रा- विचार और विचारधारा के विस्तार की यात्रा है। और ये यात्रा, ये विस्तार, अपने-आप में बहुत ही प्रेरणादायी है। आपको याद होगा, भारतीय जन संघ ने दिल्ली के अजमेरी गेट के पास एक छोटे से ऑफिस से अपनी यात्रा शुरू की थी। उस समय हम देश के लिए बहुत बड़े सपने देखने वाले, छोटी-सी पार्टी थे। सपने बड़े थे, दल छोटा था।

1980 में जब भाजपा का जन्म हुआ, तब कुछ समय के लिए, 10 राजेंद्र प्रसाद मार्ग, पार्टी का ऑफिस बन गया था। और उसी जगह पर पहले अपने नानाजी देशमुख रहते थे। बहुत से कार्यकर्ताओं को 11 अशोक रोड, पार्टी ऑफिस के रूप में याद होगा। इसके भी काफी समय बाद पार्टी ऑफिस दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर शिफ्ट हुआ। एक तरह से, ये हमारी पार्टी की प्रगति का प्रतीक है। इस दौरान कितने ही उतार-चढ़ाव आए।

हम तो वो दल हैं, जिसने इमरजेंसी के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए, खुद अपने दल को ही देशहित में आहूत करने पर हमने हिम्मत के साथ कदम उठाया। फिर, सन चौरासी में जो हुआ, देश कभी भी उस काले पृष्ठ को भूल नहीं सकता है। और उसके बाद जो चुनाव हुआ, कांग्रेस को ऐतिहासिक बहुमत मिला था। भावनाओं से भरा हुआ वो माहौल, एक इमोशनली चार्जड एटमासफेयर, और उस आंधी में हम भी लगभग पूरी तरह से खत्म हो गए थे। लेकिन हम हताश नहीं हुए। हम निराश नहीं हुए। हमने किसी और में दोष ढूंढने की कोशिश नहीं की। आरोप-प्रत्यारोप के चक्कर में हम नहीं पड़े। हम चले गए फिर एक बार जनता-जनार्दन के बीच। हमने जमीन पर काम किया, हमने अपने संगठन को मजबूत किया। और तब जाकर आज हम यहां पहुंचे हैं।

2 लोकसभा सीटों के साथ शुरू हुआ सफर 2019 में 303 सीटों तक पहुँच गया है। आज कई राज्यों में हमें 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिलते हैं। आज उत्तर से दक्षिण तक, पश्चिम से पूरब तक, भाजपा एकमात्र Pan India पार्टी है। परिवार के कब्जे वाली पार्टियां, Family Run पार्टियों के बीच, भाजपा ऐसा राजनीतिक दल है जो युवाओं को आगे आने के लिए बहुत अवसर देता है, खुला मैदान देता है। आज भारत की माताओं-बहनों-बेटियों का आशीर्वाद जिस पार्टी के साथ है, उस पार्टी का नाम है- भारतीय जनता पार्टी।

और साथियों, आज भाजपा केवल विश्व की सबसे बड़ी पार्टी ही नहीं है। बल्कि भाजपा, भारत की सबसे Futuristic पार्टी भी है। हमारा एक ही लक्ष्य है- भविष्य के आधुनिक और विकसित भारत का निर्माण करना! और इसलिए, हमें खुद अपने लिए भी भविष्य के लक्ष्य निर्धारित करने ही होंगे। इसके लिए हमारे पास आधुनिक सोच भी होनी चाहिए, आधुनिक संसाधन भी होने चाहिए। हमें भाजपा को एक ऐसी संस्था के रूप में विकसित करना है, जिसके पास अगले 10 साल, 20 साल, 50 साल के लक्ष्य निर्धारित हैं। इसके लिए तीन बातें हर कर्तव्यनिष्ठ कार्यकर्ता, हर भाजपा सदस्य के स्वभाव में होना समय की मांग है, देश की जरूरत है। वो तीन बातें क्या हैं- एक है अध्ययन, दूसरा है आधुनिकता और तीसरा है विश्व भर से अच्छी बातों को आत्मसात करने की शक्ति।

हम-आप जानते हैं कि पंडित दीनदयाल जी जहां कहीं जाते थे, किताबें उनके साथ रहती थीं। वो प्रवास में भी पढ़ते-लिखते रहते थे। उनकी रचनाएँ उनके अध्ययन और बौद्धिक विस्तार की गवाह हैं। डॉक्टर श्यामाप्रसाद मुखर्जी के अपने घर में तो हजारों किताबें थीं। भाजपा कार्यालय की ये नई बिल्डिंग, पार्टी की उस परंपरा का एक केंद्र बनेगी और बननी चाहिए। यहाँ अध्ययन की व्यवस्था भी है, आधुनिकता भी है और विश्व भर का अनुभव प्राप्त करने की आकांक्षा भी है। मुझे विश्वास है, भाजपा का ये आधुनिक कार्यालय निरंतर इन सपनों के लिए, इन संकल्पों के लिए, इस अदम्य इच्छा और उमंग के लिए अविरत प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

साथियों,


हम भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए ये गर्व की बात है कि हम सब जिस दल में काम कर रहे हैं, जिस दल के आचार-संस्कार और विचार ने हमें गढ़ा है। उस दल की और उसके कार्यकर्ताओं की आज विश्वभर में चर्चा हो रही है। आज बीजेपी की पहचान दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक दल के तौर पर होने लगी है। आज भाजपा की तुलना दुनिया की उन ऐतिहासिक पार्टियों से होने लगी है, जिन्होंने अपने शासन काल में अपने देश का भाग्य बदल दिया था। ये समय, बीते 4-5 दशकों में भाजपा कार्यकर्ताओं के त्याग और तपस्या की वजह से आया है। ये समय, भाजपा सरकार के विकास के कार्यों की वजह से आया है। बीजेपी वो दल है, जो भारत के महत्व को, भारत के सामर्थ्य को सशक्त करने के एक ही संकल्प को लेकर के चल रहा है। हम “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र को लेकर के आगे बढ़ रहे हैं। और मुझे ये देखकर खुशी होती है कि दुनिया के कई सारे ऐसे नेता, वो हमारी भाषा से परिचित नहीं हैं, लेकिन फिर भी वे ये सबका साथ, सबका विकास मंत्र दोहराने का प्रयास करते हैं। वो अपनी भाषा में उसका अनुवाद भी करते हैं।

साथियों,


आज हमारा नॉर्थ ईस्ट, सबका साथ-सबका विकास के मंत्र का बेहतरीन उदाहरण है। नॉर्थ ईस्ट की आबादी में बहुत विविधता है। वहां अलग-अलग समुदायों के लोग हैं, आदिवासी और ईसाई समुदाय के लोग बहुतायत में हैं। इस क्षेत्र के लोग, भाजपा पर अभूतपूर्व विश्वास दिखा रहे हैं। आज, नॉर्थ ईस्ट में भाजपा के 4 मुख्यमंत्री हैं। 2 अन्य राज्यों में हमारे गठबंधन की सरकारें हैं। इस सफलता का बड़ा श्रेय, भाजपा के कार्यकर्ताओं को ही जाता है। भाजपा कार्यकर्ताओं के इसी परिश्रम की वजह से आज दक्षिण भारत में भी दूर-दूर तक पार्टी का विस्तार हो रहा है। कर्नाटका में भाजपा इतने वर्षों से मजबूत स्थिति में है। आज भी हम नंबर एक पार्टी हैं कर्नाटका में। तेलंगाना में भी लोगों का एकमात्र भरोसा, एकमात्र भरोसा सिर्फ और सिर्फ भाजपा है। आंध्रप्रदेश में लोगों का भाजपा पर विश्वास दिनोंदिन बढ़ता चला जा रहा है। तमिलनाडु और केरला में भाजपा हर जिले में, हर बूथ पर दिनों-दिन मजबूत हो रही है। एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना के साथ हो रहा भाजपा का ये विस्तार, हमें सीटों के मामले में और वोट शेयर के मामले में, सफलता की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

लेकिन साथियों,


मैं एक बात और भी कहना चाहता हूं। भाजपा को केवल उसकी Presence और प्रभाव से नहीं समझा जा सकता है। भाजपा को जानने के लिए उसके स्वभाव को भी समझना जरूरी है। और, भाजपा का स्वभाव है- नूतनता, आधुनिकता! नूतनता हमारी निष्ठा है, और आधुनिकता हमारी अवधारणा है। इसीलिए, बीजेपी केवल चुनाव लड़ने और जीतने तक सीमित नहीं है। बीजेपी एक व्यवस्था है, बीजेपी एक विचार है। बीजेपी एक संगठन है, बीजेपी एक आंदोलन है। बीजेपी विकास की भी प्रेरणाशक्ति है, और बीजेपी बदलाव की भी प्राणशक्ति है। बीजेपी ने सियासत की सोच को बदला है, और समावेश के नए मानकों को जन्म दिया है। और इसका एक उदाहरण है भाजपा का सदस्यता अभियान और इसके माध्यम से पार्टी का विस्तार।

एक समय था जब हम राज्यों में राज्य स्तर की कमेटी बन जाय तो हम सोच रहे थे कि चलिए उस राज्य में झंडा गाड़ दिया। फिर थोड़ा समय और बीता, कार्यकर्ताओं ने परिश्रम किया, फिर हम हिसाब लगाने लगे कि भई कितने जिले हैं जहां कमेटी बनी है, कितने जिलों में कमेटी बाकी है, कब पूरा करेंगे। फिर हम एक कदम आगे चले, फिर हम सोचने लगे चलो जिले तो हो गए, बताओ भाई कितने तहसील में कमेटियां बनी है, कितने ब्लॉक लेवल पर कमेटियां बनी हैं। फिर शक्ति केंद्र आया, फिर बूथ पर फोकस हुआ, और आज हम पन्ना प्रमुख तक पहुंच गए।

भाजपा पहली पार्टी है जिसने पार्टी की व्यवस्था में संवैधानिक रूप से महिलाओं के लिए पद की व्यवस्था की है, संविधान के तहत। भाजपा पहली ऐसी पार्टी है जो अपने कार्यकर्ताओं को नए अवसर देने के लिए निरंतर तत्पर रहती है। हमने पार्टी की समितियों में, कमेटियों में हर बार 25 प्रतिशत नए लोगों को लाने की व्यवस्था शुरू की है। हम कार्यकर्ताओं की इसी ताकत से सत्ता के शिखर तक पहुंचे हैं। लेकिन हम भले ही सत्ता के शिखर पर पहुंचे हों, लेकिन हमारे पाँव आज भी उतने ही जमीन पर हैं, जितने 1980 में हुआ करते थे। भाजपा में ऐसे कार्यकर्ताओं की बहुत बड़ी फौज है, जो कष्ट उठाकर, परेशानी झेलकर, कर्तव्य भावना से लगातार देशसेवा में जुटे रहते हैं। हम जहां भी काम करते हैं, सामूहिकता की भावना से काम करते हैं, टीम वर्क के साथ काम करते हैं। भाजपा वो पार्टी है जिसमें मुक्त चिंतन होता है, नए विचार सृजित होते हैं। नए विचारों का सम्मान होता है।

चिंतन और अध्ययन करने वाला एक बहुत बड़ा वर्ग हमारे भाजपा परिवार का विशाल विस्तार है, हिस्सा है। वटवृक्ष की भांति है। भाजपा वो पार्टी है जिसमें समाज के अलग-अलग वर्गों को प्रतिनिधित्व देने के लिए प्रभावी और क्रियाशील मोर्चे और कमेटियां हैं। भाजपा में हर मोर्चा अपनी सामाजिक भूमिका में सक्रिय भी होता है, प्रभावशाली भी होता है।

साथियों,


भाजपा की ये एक और विशेषता है कि हमारी पार्टी समाज के साथ जुड़कर के काम करती है। भाजपा में, समाज की सेवा के माध्यम से कार्यकर्ताओं को गढ़ा जाता है। जैसे कि आपने देखा होगा, आजकल भाजपा सांसद अपने क्षेत्र में खेल प्रतियोगिताएं करा रहे हैं। इनके आयोजन में बड़ी जिम्मेदारी भाजपा के वहां स्थानीय कार्यकर्ता ही निभा रहे हैं। इसमें देश के लाखों युवाओं को भाग लेने का मौका मिल रहा है। हजारों युवाओं को पदक मिल रहे हैं, उनके लिए आगे बढ़ने के रास्ते खुल रहे हैं। और हमें भी क्षेत्र के सामर्थ्य का परिचय होता है। इसी तरह कहीं कोई प्राकृतिक आपदा हो, समाज के सामने कहीं कोई चुनौती आए, या फिर रक्तदान जैसा समाजसेवा से जुड़ा अभियान हो, भाजपा के कार्यकर्ता सबसे पहले पहुंचते हैं, और सबसे आखिर तक मोर्चे पर डटे दिखते हैं।

अभी अध्यक्ष जी बता रहे थे, कोरोना के दौरान हमारी पार्टी के लोगों ने कैसे घर-घर जाकर मुफ्त राशन और इलाज पहुंचाने में मदद की, और तब तो पता नहीं था कि जाएंगे तो क्या लेकर आएंगे। अगर बीमारी घर में लाए तो जिंदगी खतरे में पड़ जाती थी। फिर भी ये भाजपा का कार्यकर्ता है जो हर घर जाता था। आज भाजपा और भाजपा कार्यकर्ताओं का समाज के साथ जो भावात्मक संबंध है, वो किसी और राजनीतिक दल में नजर आएगा कि नहीं आएगा, ये मैं कह नहीं सकता।

साथियों,


जब हम समाज की सेवा के लिए अपना जीवन खपाते हैं, तो सरकार बनाने का अवसर मिलने पर भी, यही हमारी प्राथमिकता होता है। इसलिए ही आज पूरे भारत में भाजपा सरकारें, आकांक्षा, विकास और प्रगति का पर्याय बन रही हैं। और ये भाजपा का ब्रांड ऑफ गवर्नेंस है। जहां भी भाजपा की सरकारें हैं, वहां गरीब कल्याण के लिए योजनाएं तेज गति से चलने लगती हैं। जहां भी भाजपा की सरकारें हैं वहां योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक पहुंचना सुनिश्चित हो जाता है। जहां भी भाजपा की सरकारें हैं, वहां युवा शक्ति को आगे बढ़ने के नए अवसर बनते हैं। जहां भी भाजपा की सरकारें हैं, वहां योजनाओं में महिला सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलने लगती है। जहां भी भाजपा की सरकारें हैं, वहां कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हो जाती है। जहां भी भाजपा की सरकारें हैं, वहां Ease of Doing Business, Ease of Living के प्रयास बढ़ने लगते हैं। जहां भी भाजपा की सरकारें हैं, वहां इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास होना शुरू हो जाता है। जहां भी भाजपा की सरकारें हैं, वहां विकास और विरासत, विकास और विरासत दोनों साथ-साथ चलते हैं।

साथियों,


मैं समझता हूं, अब समय आ गया है कि हमारी यूनीवर्सिटिज, academicians और एक्सपर्ट्स भारत के पिछले 75 साल के अलग-अलग गवर्नेंस मॉडल्स की कम्पैरिटिव स्टडी करे, एनालिसिस करें। देश और दुनिया के सामने रखें। देश ने लंबे समय तक कांग्रेस का एक गवर्नेंस मॉडल देखा है। देश ने कम्युनिस्टों का भी कुछ राज्यों में गवर्नेंस मॉडल देखा है। देश ने परिवारवादी- Family Run पार्टियों के काम करने का तरीका भी देखा है। अलग-अलग गठबंधनों की सरकारों का गवर्नेंस मॉडल भी देश ने देखा है। और देश आज पूर्ण बहुमत वाली भाजपा सरकारों का गवर्नेंस मॉडल भी देख रहा है। एक निश्चित पैरामीटर्स के साथ जब इसकी एनालिसिस होगी तो गवर्नेंस के मॉडल का महत्व समझ में आएगा। देश के सामान्य मानवी को भी पता चलेगा कि गवर्नेंस के किस मॉडल ने देश को क्या दिया, उसके परिणाम क्या निकले और उनके लिए क्या बेहतर रास्ता है!

साथियों,


आज भारतीय जनता पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता को एक बात समझना बहुत आवश्यक है। देश इस समय जिस कालखंड से गुजर रहा है, वो तेज विकास के लिए बहुत अहम है। ये अमृतकाल सिर्फ शब्द समूह नहीं है। ये धरती की सच्चाई है, 140 करोड़ देशवासियों के दिलों की धकड़न है। आज हम सबसे युवा देश हैं, आत्मविश्वास से भरे हुए देश हैं। पूरे विश्व में, दुनिया के बड़े-बड़े मंचों पर आज अगर किसी का डंका बज रहा है तो नाम है हिंदुस्तान। वो नाम है भारत। ऐसे में देश के भीतर बैठी और देश के बाहर बैठी भारत विरोधी शक्तियों का एकजुट होना स्वभाविक है। ये शक्तियां, किसी भी तरह भारत से विकास का ये कालखंड छीन लेना चाहती हैं। आज भारत का सामर्थ्य अगर फिर बुलंदी की तरफ जा रहा है, तो इसके पीछे हमारी एक मज़बूत नींव है। ये नींव, ये नींव हमारी संवैधानिक संस्थाओं की है, हमारे constitutional institutions की है। इसलिए, आज भारत को रोकने के लिए हमारी इस नींव पर चोट की जा रही है। संवैधानिक संस्थाओं पर प्रहार किया जा रहा है, उन्हें बदनाम करने का अभियान छेड़ा जा रहा है। उनकी क्रेडिबिलिटी, उनकी विश्वसनीयता खत्म करने की साजिश की जा रही है। जो लोग भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, उन पर जब एजेंसियां कार्रवाई करती हैं, तो एजेंसियों पर हमला किया जाता है। जब कोर्ट कोई फैसला सुनाता है, तो कोर्ट पर सवाल उठाए जाते हैं, न्यायिक प्रणाली पर हमले होते हैं। आप सब देख रहे हैं, कुछ दलों ने मिलकर भ्रष्टाचारी बचाओ अभियान छेड़ा हुआ है। आज भ्रष्टाचार में लिप्त जितने भी चेहरे हैं, वो सब एक साथ एक मंच पर आ रहे हैं। पूरा देश ये देख रहा है, देश समझ रहा है।

साथियों,


भ्रष्टाचार ने हमारे देश का बहुत नुकसान किया है। दीमक की तरह देश को खोखला किया है भ्रष्टाचार ने। देश की जनता आज देख रही है कि पहले की सरकारों ने किस तरह भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूरी की थी। लेकिन पिछले 9 साल में भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जो अभियान चलाया, उसने आज भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों, दोनों की जड़ें हिला दी हैं। ये इस बात का प्रमाण है कि जब भाजपा आती है, तो भ्रष्टाचार भागता है। मैं आपको कुछ आंकडे़ बताना चाहता हूं आज। प्रिवेंशन ऑफ मनी लाउंडरिंग एक्ट यानि PMLA के तहत कांग्रेस की सरकार में, यानि साल 2004 से 2014 के बीच, 5 हजार करोड़ रुपए के आसपास की संपत्ति जब्त की गई थी। 5 हजार करोड़। इसी एक्ट के तहत पिछले 9 वर्षों में भाजपा सरकार ने एक लाख 10 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति जब्त की है। इस एक्ट के तहत पहले के मुकाबले दोगुने से ज्यादा केस रिकॉर्ड किए गए हैं और 15 गुना ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हमारे यहां कुछ लोगों ने कांग्रेस शासन के दौरान बैंकों को जमकर लूटा। बैंकों का करीब 22 हजार करोड़ रुपए का नुकसान करके ये लोग विदेश भाग गए। आज भाजपा सरकार ने इन लोगों की करीब-करीब 20 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करवा दी है। प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत पिछले 9 वर्षों में CBI ने लगभग 5 हजार केस दर्ज किए हैं। बीजेपी सरकार में भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे हुए सैकड़ों बड़े अधिकारियों को संविधान दिखाया, सरकार के नियम दिखाए और उनको जबरन रिटायर किया गया है, घर भेज दिया गया है, और उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।


साथियों,


आजादी के 7 दशकों में पहली बार भ्रष्टाचार पर इस तरह की चोट हो रही है। पूरे देश की जनता आज भ्रष्टाचारियों पर हो रही कार्रवाई से खुश है। आपकी यही जानकारी है न। मैं जहां जाता हूं लोग यही कहते हैं- मोदी जी रुकना मत। आज हर देशवासी समझता है- भ्रष्टाचार रुकेगा, तभी देश आगे बढ़ेगा। और जब इतना सारा करेंगे तो कुछ लोग तो नाराज होंगे ही होंगे। वो अपना गुस्सा भी निकालेंगे। लेकिन इनके झूठे आरोपों से न देश झुकेगा, न भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई थमने वाली है।

साथियों,


आपको याद होगा, कांग्रेस के नेता कभी कहा करते थे, जनसंघ के जमाने में। बड़े-बड़े नेता कहते थे- जनसंघ को जड़ से उखाड़कर फेंक देंगे। ये उनके बड़े-बड़े नेता बोलते थे जी। और आज की कांग्रेस कहती है कि मोदी तेरी कब्र खुदेगी। जनसंघ को मिटाने की, भाजपा को मिटाने की अनेक बार साजिशें हुईं। और ये तो वो लोग हैं जिन्होंने मुझे भी जेल में डालने के लिए, क्या-क्या जाल नहीं बिछाई, लेकिन वो पूरी तरह नाकाम रहे। हम अगर बचे हैं, फले हैं-फूले हैं तो जनता-जनार्दन के आशीर्वाद से। देशवासियों के प्यार से बढ़े हैं। देशवासियों का अपार प्रेम, यही तो हमारी पूंजी है, यही हमें सामर्थ्य देता है। यही हमें शक्ति देता है। देशवासियों के आशीर्वाद से हम आगे बढ़े हैं, बढ़ रहे हैं और बढ़ते ही रहेंगे। हम यहां से आगे बढ़ेंगे तो वो भी देशवासियों के विश्वास से बढ़ने वाले हैं।

साथियों,


भाजपा ये वो पार्टी नहीं है, जो अखबारों से, टीवी स्क्रीन की चमक से पैदा हुई हो। ये भाजपा ट्विटर हैंडलों और यू-ट्यूब के चैनलों से पैदा नहीं हुई है। ये भाजपा अपने कार्यकर्ताओं के त्याग, तपस्या से बनी हुई है। भाजपा जमीन पर काम करके आगे बढ़ी है। भाजपा गांव में, खेत खलिहानों में, गरीबों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर, तपकर के आगे बढ़ी है। मुझे बहुत सारे लोग कहते हैं अरे मोदी जी, अब सत्ता मिल गयी, दो-दो बार प्रधानमंत्री बन गए, अभी भी क्यों इतना दौड़ते रहते हो, क्यों भागते रहते हो, अरे कभी तो मौज करो, आराम करो। लेकिन उन लोगों को पता नहीं है बीजेपी कार्यकर्ता की नियति, आराम करना, बैठना, मौज करना हो नहीं सकती है। भाजपा के कार्यकर्ता के लिए देश की आशाएं, लोगों की आकांक्षाएं, उनके सपने ही उसकी ड्राइविंग फोर्स होती है। इसी के लिए भाजपा कार्यकर्ता दिन-रात दौड़ता है, भागता है, काम करता है, वो रुकता नहीं है, थकता नहीं है, झुकता भी नहीं है। लेकिन साथियों, हमें याद रखना है, हमारी ये लड़ाई आसान नहीं है। भाजपा को डगर डगर पर भ्रष्टाचार से लड़ना है। भाजपा को डगर डगर पर भाई-भतीजावाद से लड़ना है। भाजपा को डगर डगर पर संप्रदायवाद से लड़ना है। भाजपा को डगर डगर पर जातिवाद से लड़ना है। भाजपा को डगर डगर पर भारत विरोधी विदेशी ताकतों और उनके इकोसिस्टम से लड़ना है। क्योंकि यही वो चुनौतियां हैं जिन्होंने देश का बहुत बड़ा नुकसान किया है, बहुत समय तक नुकसान किया है।

साथियों,


बहुत सौभाग्य से, अनेकों के त्याग-तपस्या से हमें आज़ादी के अमृतकाल में राष्ट्र की सेवा करने का, राष्ट्रनिर्माण करने का अवसर मिला है। हम भारतीयों ने मिलकर 2047 तक, जब आज़ादी का सौ साल मनाएंगे तब तक विकसित भारत का लक्ष्य रखा है। आज़ादी के अमृत महोत्सव से लेकर आज़ादी के 100 वर्ष तक, देश की इस यात्रा में प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता को जी तोड़ मेहनत करनी ही करनी है। हमारे कार्यकर्ताओं को लंबी पारी के लिए तैयार करना चाहिए। दल को बनाने में जिस तरह अनेक पीढ़ियां खप गईं, उसी तरह देश आगे बढ़ाने के लिए हमें भी अपनी पीढ़ियों को खपाना होगा।

साथियों,


मैं आपको फरवरी 2018 में इसी कार्यालय में कही हुई अपनी एक बात को आज याद दिलाना चाहता हूं। 2018 में इसी भवन का लोकार्पण करते हुए मैंने कहा था कि ये कार्यालय हमारी कर्मभूमि है, लेकिन भारत की सीमा ही हमारे कार्यों की सीमा है। हमें इस भवन से ऊर्जा लेकर, सूपंर्ण भारत की सीमा को ही अपना कार्य क्षेत्र बनाना है। मुझे पूरा विश्वास है, आप सब इसी तपस्या के साथ देश के सपनों को साकार करते रहेंगे। जो सपना हमने पहले देखा था, उसे हम आज पूरा होता देख रहे हैं। जो सपना हम आज देख रहे हैं, वो भविष्य में पूरा होकर रहेगा। इसी विश्वास के साथ, आज के इस मंगल अवसर पर और नवरात्रि के पावन त्योहारों के बीच मैं आप सब को, देशवासियों को अनेक-अनेक शुभकामनाएँ देता हूं।

बहुत-बहुत धन्यवाद!


भारत माता की।भारत माता की।भारत माता की।


वंदे,वंदे,वंदे,वंदे,वंदे,वंदे,वंदे,वंदे।

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Cabinet approves increase in the Judge strength of the Supreme Court of India by Four to 37 from 33
May 05, 2026

The Union Cabinet chaired by the Prime Minister Shri Narendra Modi today has approved the proposal for introducing The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 in Parliament to amend The Supreme Court (Number of Judges) Act, 1956 for increasing the number of Judges of the Supreme Court of India by 4 from the present 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Point-wise details:

Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 provides for increasing the number of Judges of the Supreme Court by 04 i.e. from 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Major Impact:

The increase in the number of Judges will allow Supreme Court to function more efficiently and effectively ensuring speedy justice.

Expenditure:

The expenditure on salary of Judges and supporting staff and other facilities will be met from the Consolidated Fund of India.

Background:

Article 124 (1) in Constitution of India inter-alia provided “There shall be a Supreme Court of India consisting of a Chief Justice of India and, until Parliament by law prescribes a larger number, of not more than seven other Judges…”.

An act to increase the Judge strength of the Supreme Court of India was enacted in 1956 vide The Supreme Court (Number of Judges) Act 1956. Section 2 of the Act provided for the maximum number of Judges (excluding the Chief Justice of India) to be 10.

The Judge strength of the Supreme Court of India was increased to 13 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1960, and to 17 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1977. The working strength of the Supreme Court of India was, however, restricted to 15 Judges by the Cabinet, excluding the Chief Justice of India, till the end of 1979, when the restriction was withdrawn at the request of the Chief Justice of India.

The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1986 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India, excluding the Chief Justice of India, from 17 to 25. Subsequently, The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2008 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India from 25 to 30.

The Judge strength of the Supreme Court of India was last increased from 30 to 33 (excluding the Chief Justice of India) by further amending the original act vide The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2019.