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Great improvement is now visible in just four years, Ease of Doing Business rank has improved by 65 spots in this period: PM Modi
Our Government has laid stress on Policy Driven Governance and Predictable Transparent Policies: PM Modi
In the last four years, more than 1400 archaic laws have been repealed: PM Modi

वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली जी, Commerce and Industry मंत्री श्री सुरेश प्रभु जी, World Bank के Vice President Mr. शेफ़र, आनंद महिंद्रा जी, राशेश शाह जी, सौमित्र भट्टाचार्या जी, बी.के.गोयनका जी, रमेश भारती मित्तल जी, उद्योग जगत के अन्य प्रतिनिधिगण और यहां उपस्थित अन्य महानुभव, आप सभी का लोक कल्याण मार्ग पर बहुत-बहुत स्वागत है। इसके पीछे एक कारण आपसे मिलकर दीवाली की शुभकामनाएं देना तो है ही, आपको बधाई भी देनी है, आभार भी व्यक्त करना है कि आपने देश को एक असहज की स्थिति से निकालकर, सम्मान-जनक स्थिति में, Ease of Doing Business की दृष्टि से नई ऊँचाई पर पहुंचाया है। यहां उपस्थित और जो उपस्थित नहीं है, वो सभी धन्यवाद के पात्र हैं।

ऐसे असंख्य सरकारी अधिकारी, कर्मचारी, हमारी म्यूनिसिपल कारपोरेशनों में अलग-अलग पदों पर बैठे हुए लोग, पोर्ट-एयरपोर्ट पर Clearance देने वाले अधिकारी-कर्मचारी और साथ ही उद्योग जगत के आप लोगों की भी इसमें बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। मुझे याद है कि चार-साढ़े चार साल पहले जब मैंने पहली बार कहा था कि आने वाले वर्षों में हम टॉप-50 में होंगे, तो बहुत से लोगों को ये लक्ष्य कल्पना से परे लग रहा था। 2014 से पहले उन्होंने जिस तरह की नीतियों औऱ निर्णयों में अस्थिरता देखी थी,

पॉलिसी पैरालिसिस देखी थी, उनके लिए यकीन करना मुश्किल था कि भारत टॉप 100 में भी जगह बना सकता है। मैं ऐसे लोगों की कोई गलती नहीं मानता। जब हर रोज भ्रष्टाचार, घोटालों की खबरें आ रही हों, अर्थव्यवस्था डांवाडोल हो, फिस्कल डेफिसिट बेकाबू हो, दुनिया भारत से ये कह रही हो कि आप तो डूबेंगे ही, अन्य दूसरे देशों की अर्थव्यवस्था को भी ले डूबेंगे, तो इस तरह का अविश्वास स्वाभाविक है। लेकिन सिर्फ चार साल के भीतर देश में जो 180 ड्रिग्री चेंज आया है, वो आज आप भी देख रहे हैं।

Ease of Doing Business के मामले में हम 142 रैंक से अब 77वीं रैंक पर आ गए हैं। करीब-करीब आधा पार कर लिया।

साथियों, सिर्फ चार साल में 65 अंकों का ये उछाल। ये किसी भी देश के लिए रिकॉर्ड है, अभूतपूर्व है। आज Ease of Doing Business के मामले में भारत, दक्षिण एशिया में पहले नंबर पर है। जबकि सिर्फ चार साल पहले हम छठे नंबर पर थे। लगातार दूसरे साल, भारत इस तरह का सुधार करने वाले टॉप 10 देशों की लिस्ट में शामिल हुआ है। पिछले 7-8 साल में और किसी देश ने सिर्फ दो वर्षों में 53 रैंक का सुधार नहीं किया है।

साथियों, जो दुनिया में कोई कल्पना भी नहीं कर सकता है, वो हमने करके दिखाया है।

टाप-50 का लक्ष्य हासिल करने से हम सिर्फ कुछ कदम की दूरी पर खड़े हैं। विश्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में माना है कि भारत ने 10 में 8 मानकों में अपना प्रदर्शन सुधारा है।

दो मानकों में तो हमने 100 रैंक से ज्यादा की छलांग लगाई है।

साथियों, देश में बदलाव का वातावरण लाने, रैंक सुधारने के लक्ष्यों पर हम निरंतर राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। cooperative competitive federalism को और मजबूत करते हुए हमारी राज्य सरकारों ने इसमें पूरे उत्साह से भागीदारी की है। अब हम जिला स्तर पर Ease of Doing Business से जुड़े सुधारों को लागू करने की तरफ बढ़ रहे हैं। ये मार्ग कैसे तय होगा, इस बारे में राज्य सरकारों से, हर स्टेक होल्डर से निरंतर संवाद किया जा रहा है। राज्यों में जिला स्तर पर एक रैंकिंग सिस्टम बनाने का भी प्रयास हो रहा है। कोशिश की जा रही है जिलों के बीच भी रैंकिंग को लेकर आपसी प्रतिस्पर्धा हो, एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ हो।

साथियों, Business, व्यापार या उद्योग हमारे देश की एक जरूरत है क्योंकि हमें ग्रोथ चाहिए, Infrastructure चाहिए, रोजगार चाहिए और Per Capita Income में बढ़ोतरी चाहिए। ये सब तभी संभव है जब investment हो, उद्योग, व्यापार सही दिशा में सही गति से चलें और आम आदमी को उसका लाभ मिले। इसके लिए हम Policy Driven Governance और Predictable Transparent Policies पर जोर दे रहे हैं। हमारा प्रयास discretion कम करने पर है। आप मे से बहुत से लोगों ने अनुभव भी किया होगा और इस बात की जानकारी भी होगी कि World Bank की ये रैंकिंग उन सभी चीज़ों को ध्यान में रखकर नहीं ली जाती जो हम कर रहे हैं।

रैकिंग का मूल्यांकन तो कुछ ही पैरामीटर्स के आधार पर होता है जबकि हमारी Reforms, Perform और Transform की रणनीति बहुत व्यापक है। सच पूछिए तो हम जो Reform कर रहे हैं उसका लक्ष्य World Bank की रैंकिंग से आगे बढ़कर है। देश के आम नागरिक, आम व्यापारी और छोटे-छोटे उद्यमियों के जीवन में, कामकाज में, सरलता आए, Ease of Living बढ़े, हम उसके लिए काम कर रहे हैं। आज जब Ease of Doing Business की रैंकिंग सुधर रही है, तो इसका मतलब है हमारे देश में छोटे-छोटे उद्यमियों के लिए भी कारोबार करना आसान हो रहा है, उन्हें एक शहर से दूसरे शहर में सामान भेजने में आसानी हुई है, लोगों को बिजली कनेक्शन लेना आसान हो रहा है, सरकारी मंजूरियां जल्दी मिल रही हैं, जरुरी परमिट जल्दी मिल रहे हैं। ये वो प्रयास हैं, जिनको देशवासियों की आकांक्षाओं, अपेक्षाओं से प्रेरणा मिली। जिनमें देश की आवश्यकता का भी ध्यान रखा गया और देश की उम्मीदों का भी।

साथियों, देश के Business Environment को पारदर्शी बनाने के लिए अन्य कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। हमारी सरकार ने सोच भी बदली, अप्रोच भी बदली। चाहे GST हो, Demonetisation हो, बेनामी संपत्ति कानून हो, Insolvency कोड हो, भगोड़े आर्थिक अपराधियों से जुड़ा कानून हो, ये सब इसी प्रतिबद्धता के उदाहरण हैं। सरकार के इन्हीं प्रयासों की वजह से देश में भ्रष्टाचारियों में खौफ आया है, ईमानदारी की प्रतिष्ठा बढ़ी है। अब अधिक से अधिक लोग टैक्स देने लगे हैं। उन्हें लगने लगा है कि सरकार उनके टैक्स का सही इस्तेमाल कर रही है।

साथियों, आप ये भी भलीभांति जानते हैं कि ये सारे सुधार, सारे फैसले इतने आसान नहीं थे। तकनीक में बदलाव करना, कानून से लेकर साफ्टवेयर तक बदलना, और कभी-कभी सॉफ्टवेयर बदलना सरल होता है, स्‍वाभाव बदलना जरा ज्‍यादा मुश्किल होता है। इन सुधारों के लिए सिस्टम को तैयार करना आसान नहीं था। लेकिन बहुत कम समय में हम ये करने में सफल रहे हैं। अनेक स्तर पर उलझे सिस्टम को आज हम Business और Citizen Friendly बनाने की दिशा में बढ़ रहे हैं। पिछले 4 साल में देश में 1400 से ज्यादा पुराने कानूनों को खत्म किया जा चुका है। पहले देश में commercial dispute को सुलझाने में औसतन डेढ़ हजार दिन लग जाते थे। 1500 दिन। यानी करीब-करीब 4 साल। तमाम प्रयासों के बाद इसे अब कम करके 400 दिनों पर ले आया गया है। इसे और कम करने की कोशिश की जा रही है। Imported समान की clearance में 2014 से पहले औसतन जहां 280 घंटों का समय लगता था, वहीं अब ये समय घटकर 144 घंटे से भी कम रह गया है। इसे भी और कम करने का प्रयास हम करके रहेंगे।

पर्यावरण मंजूरी जिसे मिलने में पहले वर्षों और महीनों लग जाते थे, अब वैसी मंजूरियां कुछ हफ्तों में मिल जाती है। अभी हाल में ही construction और अन्य सामान्य कामों के लिए पर्यावरण मंजूरी के काम को पूरी तरह से De-Centralise करके स्थानीय निकायों को दे दिया गया है। GST ने देश के लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी मजबूत किया है। पहले के मुकाबले अब Turn-Around time उसमें भी करीब-करीब 15 प्रतिशत तक की कमी आई है। इससे समय भी बच रहा है, और कंपनियों का पैसा भी। श्रम कानूनों का पालन करने के लिए पहले उद्यमियों को 50-60 अलग-अलग रजिस्टर भरने पड़ते थे। हमारी सरकार अब इन रजिस्ट्रों को कम करके 5 पर ले आई है। यानि जो काम पहले 50-60 रजिस्टर में होता था, वो अब पाँच में हो रहा है। पुरानी व्यवस्था अब हमेशा-हमेशा के लिए बदल गई है। इसी तरह जिस पासपोर्ट को बनवाने में पहले तीन-चार हफ्ते लग जाते थे, वो अब एक हफ्ते से भी कम में मिलने लगा है। पहले लोगों को इनकम टैक्स रीफंड के लिए 8-10 महीनों का इंतजार करना पड़ता था। अब वही काम कुछ हफ्तों में हो रहा है।

आपको भी याद होगा कि चार-पाँच साल पहले अक्सर ये खबर हेडलाइन बनती थी कि ज्यादा ट्रैफिक की वजह से रेलवे रिजर्वेशन की वेबसाइट hang हो गई है। हमने उस प्लेटफार्म को ज्यादा ट्रैफिक के लिए अपडेट और अपग्रेड किया जिससे लाखों- करोड़ों रेलवे यात्रियों को सुविधा हुई है। गली से लेकर रेलवे प्लेटफार्म तक सफाई अभियान, कचरे का निपटारा, यह सब देश के सामान्य मानवी की Quality of Life को सुधारने के लिए ही है। महिलाओं को रात की शिफ्ट में काम करने में दिक्कत न हो, इसके लिए भी सरकार ने कानून में बदलाव किया है। छोटे-छोटे दुकानदार, छोटे-छोटे उद्यमी देर तक अपनी दुकानें खुली रख सकें, इसके लिए भी कानून को बदला गया है।

साथियों, हाल ही में एक बड़ा प्रयास हमने MSME सेक्टर के लिए भी किया है। GST से जुड़े छोटे कारोबारियों को अब एक करोड़ तक का लोन सिर्फ 59 मिनट में मिल जाएगा। इसके अलावा उत्पादन बढ़ाने, मार्केट का दायरा बढ़ाने और लाइसेंस और जांच से जुड़ी उसकी परेशानी कम करने के लिए भी कई फैसले लिए गए हैं। जो उद्यम या कंपनियां नौकरी के नए अवसर बना रही हैं उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना के तहत आर्थिक मदद भी दी जा रही है। इस योजना के तहत सरकार नई नौकरी का अवसर बनाने पर तीन वर्ष तक के लिए 8.3 percent EPF Contribution सरकार खुद अपनी तरफ से कर रही है। सरकार ने Apprentice Act को भी बदला है और नई apprenticeship प्रोत्साहन योजना चला रही है। इस योजना के तहत Industry जब apprentice रखती है तो उनको दिए जाने वाले स्टाइपंड की एक चौथाई राशि सरकार देती है। बहुत सी Industries इन व्यवस्थाओं से जुड़ रही हैं।

साथियों, मैं वास्तव में Minimum Government और Maximum Governance में आस्था रखने वाला व्यक्ति हूं। उसी का परिणाम है कि दुनिया में भारत की वर्तमान में जो साख है उसको इस बात से भी मजबूती मिल रही है कि हमारा देश लगातार सुधार के पथ पर चल रहा है! लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए Reform कर रहा है। IMF हो, Moody's हो, World Economic Forum हो या UNCTAD हो, इन सभी संस्थाओं के मूल्यांकन में भारत का स्थान या तो ऊपर जा रहा है या जा चुका है। उससे भी बड़ी बात ये है कि ये सारी संस्थाएं हमारे सुधारों की प्रक्रियाओं और रफ्तार को देखते हुए भारत के भविष्य को लेकर पूरी तरह आश्वस्त और आशावान हैं।

साथियों, देश में निरंतर हो रहे इन प्रयासों के बीच अब हमारा प्रयास, भारत को जल्द से जल्द 5 Trillion Dollar के क्लब में पहुंचाने का है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमें अर्थव्यवस्था के हर सेक्टर को सुधारना होगा। हमें ये भी ध्यान रखना होगा कि अब तमाम सेक्टरों की परिभाषा भी बदल रही है। अब Manufacturing और Services एक दूसरे के पूरक होते जा रहे हैं। सर्विस सेक्टर से Manufacturing में Value Addition होता है और Manufacturing के कुछ फैक्टर सर्विस को सुधार देते हैं। नई तकनीकी, Artificial Intelligence और Information Technology अब Manufacturing Ecosystem का बेहद जरुरी हिस्सा बन चुकी हैं। इस बदलाव को हमें ध्यान में रखना होगा।

साथियों, बुनियादी बदलावों को बेहतर ढंग से लागू करने और वास्तविकताओं को विकास में समाहित करने के लिए सरकार Industrial Policy पर पर काम कर रही है। एक ऐसी नीति जो नए मायनों में इंडस्ट्री को समझ सके और इंडस्ट्री को नए आयाम समझा सके। ये औद्योगिक नीति न्यू इंडिया के उद्यमी के न्यू विजन के अनुरूप होगी। इस औद्योगिक नीति में Ease Of Doing Business का महत्व बना रहेगा।

साथियों, अब हमें Ease of Doing Business की रैकिंग में टॉप 50 में आने के लिए भी मिलकर प्रयास करना है। आने वाले दिनों में, मैं खुद इस विषय से जुड़े अलग-अलग विभागों के साथ Review Meetings करने वाला हूं। दिसंबर तक हम जो फैसले जमीन पर उतार पाएंगे, उसका प्रभाव अगले साल रैकिंग के नतीजों में दिखेगा। Clean energy का सेक्टर हो, digital world हो, health Sector हो, mobility हो, हर क्षेत्र में किए गए आपके प्रयास देश को आगे बढ़ाएंगे, आत्मनिर्भर बनाएंगे। आज के सिस्टम में, तमाम प्रक्रियाओं में Human Intervention को कम से कम किए जाने की जरूरत है। इसके लिए बहुत आवश्यकता है कि हम आधुनिक तकनीकी और Digital Technology

का इस्तेमाल और ज्यादा बढ़ाएं, जीवन के हर क्षेत्र में बढ़ाएं। एक ऐसा Work-Culture विकसित करें, जिसमें फार्म जमा करने, दस्तावेज दिखाने या फीस जमा करने के लिए सरकारी दफ्तर या किसी और एजेंसी के आफिस में जाने की जरुरत ही न हो। इस तरह का Work-Culture, Policy Driven Governance को और सशक्त करेगा। Ease of Doing Business के साथ ही Ease of Living का लाभ देश के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने के लिए हमें आपके सुझावों की जरुरत है।

साथियों, इस समय आपमें जो आत्मविश्वास है, जो भरोसा है, वो मेरी बहुत बड़ी ताकत है। आपकी हर सलाह का, सुझाव का मैं स्वागत करता हूं। और अभी महेंद्र जी बता रहे थे हम कॉरपोरेट सेक्‍टर में भी जो target तय नहीं करते, उस प्रकार से मोदी कर रहे हैं। हम गुजरात के लोगों को बचपन से सिखाया जाता है और शायद हर बच्‍चे को सिखाया जाता है - 'निशान चूक माफ, नहीं माफ निचू निशान'। यानी आप अगर target miss करते हैं तो माफ किया जा सकता है, लेकिन target अगर नीचा रखते हैं तो माफ नहीं किया जा सकता। और मेरा यह मंत्र रहा है कि लक्ष्‍य जब तय करें, तो पहुंच में हो, लेकिन पकड़ में न हो। लगना चाहिए कि मैं थोड़ा jump लगाऊंगा तो पकड़ लूंगा। विश्‍वास होना चाहिए पास में है, ज्‍यादा दूर नहीं है। इस psychology का उपयोग करते हुए मैं target तय करने की आदत वाला हूं। मुझे विश्‍वास है कि देश के अंदर यह मूल बना है, इस मूल का परिणाम भी मिल रहा है।

और एक बार फिर आप सभी को बधाई के साथ मैं अपनी बात समाप्त करता हूं।

बहुत-बहुत धन्यवाद !!!

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PM’s address at the launch of Pandit Jasraj Cultural Foundation
January 28, 2022
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“Music is a medium that makes us aware of our worldly duties and it also helps us transcend worldly attachments”
“Experience of Yoga Day has indicated that the world has benefited from Indian heritage and Indian music also has the capacity to stir the depth of the human mind”
“Every person in the world is entitled to know about, learn and get benefits of Indian music. It is our responsibility to take care of that”
“In today's era when technology’s influence is all pervasive, there should be technology and IT revolution in the field of music also”
“Today we are regenerating our centers of art and culture like Kashi”

The Prime Minister Shri Narendra Modi paid rich tribute to Pandit Jasraj on the occasion of the Jayanti of the doyen of Indian Classical Music. The Prime Minister talked of the personification of immortal energy of music by Pandit Jasraj and lauded Durga Jasraj and Pandit Shaarang Dev for keeping alive the glorious legacy of the maestro. The Prime Minister was speaking at the launch of the Pandit Jasraj Cultural Foundation via video conferencing.

The Prime Minister touched upon the vast knowledge imparted by the sages of Indian music tradition. Shri Modi said that the strength to feel the cosmic energy and ability to see music in the flow of universe is what makes Indian Classical music tradition so exceptional. “Music is a medium that makes us aware of our worldly duties and it also helps us transcend worldly attachments” the Prime Minister said.

The Prime Minister praised Pandit Jasraj Cultural Foundation for their goal of preserving India’s rich heritage of art and culture. He asked the Foundation to focus on two key aspects of this age of technology. Firstly, he said that Indian Music should create its identity in this age of globalisation. He said that the experience of Yoga Day has indicated that the world has benefited from Indian heritage and Indian music also has the capacity to stir the depth of the human mind. “Every person in the world is entitled to know about, learn and get benefits of Indian music. It is our responsibility to take care of that”, he said.

Secondly, the Prime Minister said that in today's era when technology’s influence is all pervasive, there should be technology and IT revolution in the field of music also. He called for startups dedicated solely to music, based on Indian instruments and traditions.

He also dwelled on recent efforts to regenerate the centres of culture and art like Kashi. The Prime Minister said that India has shown the way to a secured future to the world through its faith in environment preservation and love for nature. “In this Indian journey of development along with heritage, ‘Sabka Prayas’ should be included”, he concluded.