Mamata Didi did not respond to calls to discuss Cyclone Fani: PM Modi

Published By : Admin | May 6, 2019 | 14:29 IST
The entire country stands together with the people of West Bengal during these trying times of ‘Cyclone Fani’: PM Modi
I called Mamata Didi twice to enquire about the situation in West Bengal but both the times my call was refused by the egoistic administration of Didi: PM Modi in West Bengal
Didi’s arrogant behavior and corrupt governance are going to bring the end of TMC’s regime in West Bengal very soon: Prime Minister Modi

आप सभी का उत्साह हर चरण के चुनाव के बाद बढ़ता ही जा रहा है, बढ़ता ही जा रहा है। आपके इस प्यार और सत्कार को मैं अपना सौभाग्य मानता हूं और आप सब को प्रणाम करता हूं।

शहीद खुदीराम बोस, मातंगिनी हाजरा, सुशील चंद्र जैसे क्रांतिवीरों की माटी को भी मेरा कोटि-कोटि नमन। साथियो, दो-तीन दिन पहले ही आप सभी ने एक भयावह चक्रवात का सामना किया है। मैं भी उड़ीसा में इस चक्रवात से हुए नुकसान का जायजा लेकर यहां आया हूं। यहां पश्चिम बंगाल में भी जो हालात बने हैं, उससे मैं भी भली-भांति परिचित हूं। जिन साथियों ने इस आपदा में अपनों को खोया है, मैं उनके प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। हम सभी इस मुश्किल घड़ी में आप सभी के साथ हैं। पूरी भारत, केंद्र सरकार के तमाम विभाग पूरी मुस्तैदी से राहत और बचाव के काम में जुटे हुए हैं। लेकिन भाइयो-बहनो, हमारे पश्चिम बंगाल की स्पीड ब्रेकर दीदी, स्पीड ब्रेकर दीदी ने इस चक्रवात पर भी राजनीति करने की भरपूर कोशिश की है। चक्रवात के समय में मैंने ममता दीदी से फोन पर बात करने की कोशिश की थी लेकिन दीदी का अहंकार इतना ज्यादा है की उन्होंने मुझसे बात नहीं की। मैं इंतजार करता रहा की शायद दीदी वापस मुझे फोन करे लेकिन उन्होंने फोन नहीं किया। मैंने फिर भी उन्हें दोबारा फोन किया, मैं पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए चिंता में था इसलिए ममता दीदी से बात करना चाहता था। वो यहां की मुख्यमंत्री हैं लेकिन दीदी ने दूसरी बार भी मुझसे बात नहीं की। आप अंदाजा लगा सकते हैं की दीदी को अपनी राजनीति की कितनी ज्यादा चिंता है, उन्हें पश्चिम बंगाल के लोगों की परवाह नहीं है। देश के लोगों के हितों के ऊपर राजनीति करने की इसी आदत ने हमेशा देश का नुकसान किया है। स्पीड ब्रेकर दीदी के इसी रवैये की वजह से पश्चिम बंगाल के विकास पर ब्रेक लगा हुआ है। चक्रवात से हुए नुकसान की समीक्षा के लिए मैं आज सुबह भी यहां के प्रशासन के साथ बैठ कर के चीजें समझना चाहता था, भारत सरकार क्या मदद करे उसकी जानकारी लेना चाहता था लेकिन अहंकार से भरी ये स्पीड ब्रेकर दीदी ने उसको भी मना कर दिया।

 

साथियो, दीदी की इसी राजनीति के बीच मैं पश्चिम बंगाल के लोगों को फिर से भरोसा देता हूं की केंद्र सरकार पूरी शक्ति से पश्चिम बंगाल की जनता के साथ खड़ी है और राहत के काम में राज्य सरकार का हर तरह से सहयोग कर रही है। भारत ने जिस तैयारी के साथ इस चक्रवात का मुकाबला किया है, आज उसकी पूरे विश्व में चर्चा हो रही है। संगठित हो कर काम करने की, तकनीक और मानवीय संवेदना की यही शक्ति है जो भारत को महान बनाती है।

भाइयो और बहनो, देशवासियों की जान और संपत्ती की रक्षा के लिए आपदा प्रबंध से जुड़े हमारे तमाम साथी निस्वार्थ भाव से जुड़े रहते हैं। ये हमारा सौभाग्य रहा है, इन साथियों के लिए जो राष्ट्रीय पुरस्कार हमारी सरकार ने शुरू किया, वो नेता जी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर ही किया है। राष्ट्र की रक्षा में जुटे हमारे वीरों का सम्मान देश की ताकत बढ़ाता है, ये बढ़ती हुई ताकत आज पूरी दुनिया महसूस कर रही है। भाइयो और बहनो, तीन-चार दिन पहले भारत को आतंकवाद से लड़ाई में एक बहुत बड़ी जीत मिली है। पाकिस्तान के पाले-पोसे आतंकी मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र ने अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित किया है। भाइयो-बहनो, ये सुन कर के आपको गर्व हुआ? आपको खुशी हुई, आपका माथा ऊंचा हुआ? आपका सीना चौड़ा हुआ? देश की जब बढ़ती है तो आपको गर्व होता है?

आपको इतनी खुशी होती है, इतना गर्व होता है, पूरे हिंदुस्तान को हो रहा है। लेकिन आपने भारत की इतनी बड़ी सिद्धि को लेकर के एक बार भी दीदी को देश की तारीफ करते सुना क्या, सुना क्या? शायद डरती होंगी की मसूद अजहर, उस पर कुछ बोल दिया तो शायद उनकी वोट बैंक पर खतरा आ जाएगा, उनकी वोट बैंक नाराज हो जाएगी।

भाइयो-बहनो, वोट बैंक की इसी राजनीति ने दीदी की जमीन को खिसका दिया है। अब दीदी का राजनीतिक धरातल पर रुकना, टिकना मुश्किल हो गया है। दीदी इतनी बौखला गई है की अब उन्हें भगवान की बात करना भी खटक रहा है। हालत ये है की जय श्री राम कहने वालों को, ये देश को पता चलना चाहिए और अगर मीडिया अपने आप को न्यूट्रल कहने का दावा करता है तो देश को ये खबरें पहुंचाने के लिए आगे आना चाहिए। हालत तो ये है की जय श्री राम कहने वालों को दीदी गिरफ्तार करवा कर जेल भेज रही है।

साथियो, दीदी के इसी रवैये की वजह से पश्चिम बंगाल में लोगों को अपने हिसाब से पूजा-पाठ करने में पूरी आजादी के साथ अपने व्रत, अपने पर्व, अपने त्योहार मना पाने में डगर-डगर पर दिक्कत हो रही है। साथियो, आज यहां क्या स्थिति है इससे आप भली-भांति परिचित हैं। हल्दिया पोर्ट से लेकर कंथा तक कैसे माफिया राज यहां तक है, इसके आप सभी भुक्तभोगी हैं। टीएमसी के भ्रष्टाचार का मॉडल यहां स्पष्ट दिखता है। स्कूलों में टीचर तक की भर्ती के लिए युवा साथियों से लाखों रुपए वसूले जाते हैं। जहां पर पढ़ाई पर टैक्स लगाया जा रहा है, ट्रिपल-टी टैक्स। ये ट्रिपल-टी टैक्स, पश्चिम बंगाल का बच्चा-बच्चा, तृणमूल तोलाबीजी टैक्स से परिचित है। ये तृणमूल तोलाबीजी टैक्स, ये है ट्रिपल टी टैक्स। कॉलेज में एडमिशन हो, टीचर की भर्ती हो या ट्रांसफर हो, लोग बताते हैं की सब जगह तृणमूल तोलाबीजी टैक्स लगता है।

पश्चिम बंगाल के अनेक स्कूलों में टीचर नहीं है। ट्रिपल टी के चलते अनेक स्कूल में पढ़ाने के बजाए कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं। बच्चों का भविष्य, पश्चिम बंगाल की आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बर्बाद करने वाली सरकार को जब तक आप सजा नहीं देंगे, वो सुधरने वाली नहीं है। साथियो, जगाई-मथाई सिंडीकेट, ट्रिपल टी, इस कल्चर को चुनौती देने वाला आज तक कोई नहीं था। इसलिए पश्चिम बंगाल की परंपरा और महान संस्कृति से खिलवाड़ करने की उनको खुली छूट मिल गई लेकिन अब ये लंबा चलने वाला नहीं है। बीजेपी, सामान्य जन की, गरीब की, किसान की, कामगार की, बेटियों की और युवाओं की आवाज बन कर आपके साथ खड़ी है।

साथियो, आज की स्थिति में देखें तो भारत में चार अलग-अलग तरह की राजनीतिक परंपराएं चल रही हैं। ये चार परंपराएं ही तय करती हैं की देश किस दिशा की ओर जाएगा। पहली है नामपंथी, दूसरी है वामपंथी, तीसरी दाम और दमनपंथी और चौथी विकासपंथी। नामपंथी यानी जिसके लिए उसका वंशवादी नेता ही उसका हाई कमान हो और पार्टी में बाकी लोग उस हाई कमान के दरबारी, वामपंथी यानी एक ऐसी विदेशी विचारधारा जिसे पूरी दुनिया ठुकरा चुकी है, जिसके नेताओं ने हमेशा गरीबों के सपनों का फायदा उठाया और तीसरी है दाम-दमनपंथी यानी जो धन बल, गन बल, बाहुबल के दम पर सत्ता पर काबिज है। पश्चिम बंगाल में पहले नामपंथी आए, फिर वामपंथी आए, फिर दाम-दमनपंथी आए। भाइयो-बहनो, हम लेकर आए हैं विकासपंथी यानी भाजपा जैसे दल जिनके लिए सत्ता सेवा का माध्यम है और देश का चौतरफा विकास सर्वोच्च प्राथमिकता। साथियो, पश्चिम बंगाल में आपने नामपंथियों को देखा, वामपंथियों को देखा, दाम-दमन पंथियों को आज देख रहे हैं, भुगत रहे हैं। एक अवसर विकासपंथियों को दे कर देखिए, इस लोकसभा चुनाव में आपका एक वोट विकासपंथियों को मजबूत करेगा। भाइयो-बहनो, भारतीय जनता पार्टी का हर कार्यकर्ता, स्वामी विवेकानंद के एक-एक शब्द, एक-एक वाक्य को जीवन का मंत्र मानकर चलता है। बीजेपी के मूल में वही जनसंध है, जिसका प्रणेता, डाक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी, हमारा गौरव पुरुष, इसी मिट्टी की संतान थे।

भाइयो-बहनो, हमारी सरकार के पांच वर्षों से पश्चिम बंगाल के गरीब से गरीब को विकास का विश्वास मिला है। जिसको अपना पक्का घर मिला है, जिस बहन को गैस का कनेक्शन मिला है, जिसके घर में शौचालय बना है वो कह रहा है, फिर एक बार… मोदी सरकार, फिर एक बार… मोदी सरकार, फिर एक बार… मोदी सरकार।

पश्चिम बंगाल के हर गरीब साथी को ये भरोसा मिला है की ये चौकीदार घुसपैठियों की पहचान करेगा, घुसपैठ पर लगाम लगाएगा। गरीब को ये भरोसा जगा है, पूजा-पाठ करने वाले लाखों साथियों को जिन्हें अपने ही देश में पराया बनाने की कोशिश की जा रही है उनको भारत की नागरिकता मिलेगी। भाइयो-बहनो, टीएमसी सरकार आज किसानों के खाते में पैसा पहुंचाने की योजना, आयुष्मान भारत के तहत 5 लाख रुपए पहुंचाने की योजना को रोक कर के बैठ गई है। उनकी राजनीति चलनी चाहिए, गरीब का भला नहीं होना चाहिए, ऐसी विकृत मानसिकता हिंदुस्तान में कभी किसी ने देखी नहीं है।

साथियो, कमल के निशान को आपका एक वोट स्पीड ब्रेकर दीदी पर दबाव बनाएगा। आपका एक वोट नामपंथियो, वामपंथियों, दाम-दमनपंथियों की महामिलावट के होश ठिकाने लगाएगा। आपका एक वोट हल्दिया को फिर से अपना पुराना गौरव दिलाएगा। आप भी साक्षी हैं की आजादी के इतिहास में पहली बार हल्दिया को गंगा जी के रास्ते वाराणसी से जोड़ा गया और वाराणसी से जुड़ने का मतलब होता है, मैं वहां का एमपी हूं। आप हल्दिया में बीजेपी का एमपी चुन लीजिए, मैं सीधा-सीधा वाराणसी-हल्दिया जुड़ने से आपके साथ जुड़ जाता हूं। इनलैंड वॉटर-वे का ये रास्ता और सुगम रास्ता यहां के विकास को नई गति देने वाला है। हल्दिया और वाराणसी की विकास यात्रा अब आपस में जुड़ गई है। स्पीडब्रेकर दीदी पश्चिम बंगाल के युवाओं की आकांक्षाओं को ज्यादा दिन तक कुचल नहीं पाएगी। इसलिए आज पूरा पश्चिम बंगाल कह रहा है, पूरे पश्चिम बंगाल से आवाज उठी है, हर कोई कह रहा है- चुपचाप कमलछाप, चुपचाप कमलछाप और आगे है, बूथ-बूथ से टीएमसी साफ, बूथ-बूथ से टीएमसी साफ, बूथ-बूथ से टीएमसी साफ।

बिना किसी डर से आप कमल छाप पर बटन दबाइए। आपका वोट सीधा-सीधा मोदी के खाते में जाएगा। कमल खिलाने के आपके संकल्प के लिए और इतनी बड़ी तादाद में यहां आ कर हम सब को आशीर्वाद देने के लिए। और मैं देख रहा था हेलीपैड, चारों तरफ ऐसा जन सैलाब था भाइयो-बहनो, बंगाल एक नई क्रांति की ओर चल पड़ा है।

आप इतनी तादाद में हिम्मत के साथ हमारे साथ खड़े हैं, मैं हृदय से आपका बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं। मेरे साथ बोलिए…

भारत माता की… जय, भारत माता की… जय, भारत माता की… जय, बहुत-बहुत धन्यवाद।



 

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Prime Minister speaks with the Amir of Qatar
July 16, 2026
PM conveys heartfelt condolences on the passing of the Father Amir of Qatar
PM recalls the Father Amir’s visionary leadership and his contribution to strengthening India-Qatar relations
The two leaders reaffirm their resolve to carry forward the Father Amir’s legacy

Prime Minister Shri Narendra Modi had a telephone conversation today with the Amir of the State of Qatar, H.H. Sheikh Tamim bin Hamad Al Thani.

Prime Minister conveyed his heartfelt condolences on the passing of H.H. Sheikh Hamad bin Khalifa Al Thani, the Father Amir of Qatar.

Recalling the Father Amir’s significant contributions as the chief architect of modern Qatar, Prime Minister paid tribute to his visionary leadership, and recalled his pivotal role in strengthening India-Qatar relations over the years as well as his deep affection for India and the Indian community in Qatar.

The Amir of Qatar thanked Prime Minister for his call and conveyed his appreciation for the words of support in this difficult hour.

The two leaders reaffirmed their resolve to carry forward the Father Amir’s legacy and further strengthen the India-Qatar Strategic Partnership and people-to-people ties.

They agreed to remain in close touch.