പങ്കിടുക
 
Comments
‘Hua Toh Hua’ statement by senior Congress leader riots has yet again shown the anti-Sikh face of the Congress as well as their indifference towards the historical wrongs committed against the Sikh community: PM Modi
Mere lip service of condemnation to the anti-Sikh statements of Congress leaders by the Congress ‘Namdar’ does not heal the victims’ wounds: PM Modi
The entire Congress party including its President must be ashamed of their actions in 1984 and must answer the Sikh community for their reckless statements: Prime Minister Modi  

दमदमा साहब की पवित्र भूमि को मैं नमन करता हूं, गुरुओं के पास आकर मुझे हमेशा ही एक सुखद अनुभव होता है। सरदार प्रकाश सिंह बादल और दूसरे वरिष्ठ साथियों के साथ जो भी समय पंजाब में मैंने बिताया है, उसने मुझे बहुत कुछ सिखाया है।

साथियो, आपने पांच वर्ष पहले जो मजबूत सरकार बनाई उसका काम आपके सामने है। आज पूरी दुनिया में भारत की साख नई बुलंदी पर है। दुनिया भर में बसे मेरे पंजाबी भाई-बहन भी इसके गवाह हैं, भारत को 21वीं सदी की एक महान ताकत बनाने के लिए फिर एक बार मजबूत सरकार की जरूरत देश को है। यही कारण है की 6 चरणों में देश ने एनडीए के पक्ष में मत दिया है। भाइयो, कांग्रेस आज पूरे देश में 50 सीट पाने के लिए संघर्ष कर रही है, क्योंकि कांग्रेस के पास नेता कन्फ्यूज हैं और सोच डिफ्यूज है, ऊपर से अहंकार चरम पर है। कांग्रेस की नीतियां बनाने वाले राजीव गांधी जी के खास सलाहकार और वर्तमान में ये नामदार के गुरु, उन्होंने 84 के दंगों को लेकर जो कहा उसकी पूरे देश में प्रतिक्रिया हुई है, ये आप भी देख रहे हैं।

साथियो, नामदार के ये खास अमेरिका से आए हुए, उनके गुरु ने कहा है की 84 में जो हुआ वो हुआ। ये कांग्रेस की सोच को दर्शाता है, कांग्रेस के अहंकार को दिखाता है। साथियो, आज मैं भटिंडा की तरफ से पूरे पंजाब की तरफ से कांग्रेस से पूछना चाहता हूं की वो कब तक इसी तरह हमारे जख्म पर नमक छिड़कती रहेगी। भाइयो-बहनो, मैं देख रहा था की नामदार ने अपने गुरु को कहा है की जो कुछ गुरु ने कहा उस पर उन्हें शर्म आनी चाहिए। मैं पूछना चाहता हूं की आखिर गुरु को किस बात के लिए डांटने का दिखावा कर रहे हो। क्या इसलिए की जो कांग्रेस के दिल में नामदार परिवार की चर्चाओं में हमेशा वो नामदार के गुरु ने सार्वजनिक रूप से वो राज खुला कर दिया, उसके लिए आप उनको डांट रहे हो क्या? क्या नामदार के गुरु को घर की बात बाहर बताने क् लिए डांटा जा रहा है? अरे नामदार शर्म आपको आनी चाहिए। 1984 के दंगों को आज 35 साल हो रहे हैं, कांग्रेस की करतूतों की वजह से आज तक इन दंगा पीड़ितों को जो न्याय मिलना चाहिए वो नहीं मिल पाया है। इंसाफ के नाम पर कांग्रेस वाले कमेटी बनाते गए, कमीशन बनाते गए। इतने गंभीर मामले को रफा-दफा करते रहे, इतना ही नहीं, गंभीर आरोप वालों को कांग्रेस ने केंद्र में मंत्री भी बनाया, गंभीर आरोप वालों को चुनाव की बड़ी-बड़ी जिम्मेदारियां दी गईं, पंजाब का प्रभारी बनाया गया। जब इसकी आलोचना हुई, पंजाब में जबरदस्त विरोध हुआ और कांग्रेस की नैय्या डूबने लगी तो फिर उनको पंजाब के प्रभारी से हटाने का ड्रामा किया। लेकिन फिर आपने क्या किया? सारी आपत्तियों को नजरअंदाज किया, पंजाब की भावनाओं का अपमान करके आपने उसी व्यक्ति को मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बना दिया। नामदार शर्म आपको आनी चाहिए।

भाइयो-बहनो, मैं देश के लोगों को ये भी याद दिलाना चाहता हूं की नामदार जब अपने दरबारियों को डांटते हैं, उन्हें शर्म की याद दिलाते हैं तो इसका मतलब क्या होता है, मैं उदाहरण बताता हूं। एक वर्ष पूर्व गुजरात में चुनाव था, चुनाव के समय उनके परिवार के खासमखास और उनके भी वो सलाहकार हैं और केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे हैं, बड़बोले भी हैं। गुजरात के चुनाव के दिनों में उन्होंने मेरे लिए अपशब्द बोले, मुझे नीच कहा और गुजरात में लोगों का पारा गर्म हो गया। जब पारा गुजरात का गर्म हो गया तो सारे कांग्रेस वाले इधर-उधर भागने लगे, बचाओ-बचाओ तो कांग्रेस को बचाने के लिए दिखावे के लिए उन्होंने ड्रामा किया, उनको पार्टी से निकाल दिया और फिर क्या हुआ, कुछ समय के बाद उस करीबी व्यक्ति को पूरे सम्मान के साथ, पूरी बेशर्मी के साथ पार्टी में फिर से स्थान दे दिया। और इसलिए मैं फिर कहूंगा, नामदार शर्म आपको आनी चाहिए, हुआ तो हुआ मतलब क्या है?

हजारों लोगों को मौत के घाट उतार दिया, जिंदा जला दिया गया, परिवारों को तबाह कर दिया गया और बेशर्मी से कह रहे हो हुआ तो हुआ। 1984 में जो कुछ हुआ उसने पूरी इंसानियत को तार-तार कर दिया था। आपके इस चौकीदार ने इंसाफ का वादा आपसे किया था। 2014 में बादल साहब के साथ खड़े हो कर के मैंने आपको वादा किया था की आपके न्याय की लड़ाई मैं लड़ूंगा। बादल साहब के आशीर्वाद से आज मैं संतोष के साथ कह सकता हूं की एक को फांसी के फंदे तक पहुंचाया है और बाकियों को उम्रकैद मिली है और जो बचे हैं वो भी ज्यादा दिन बाहर नहीं रह पाएंगे।

भाइयो-बहनो, कांग्रेस की एक और ऐतिहासिक गलती है, जिसको सुधारने का काम अब हो रहा है। 1947 में कांग्रेस ने बंटवारा तो करा दिया लेकिन हमारे आस्था के केंद्र करतार सिंह साहब को कुछ ही किलोमीटर के फासले में पाकिस्तान में जाने दिया। ये हमारी आस्था के प्रति असंवेदनशीलता का प्रतीक है। आज हम यहां कारिडोर बनाने का काम कर रहे हैं तब भी कांग्रेस लोग पाकिस्तान के गुणगान कर रहे हैं, पाकिस्तान के गीत गा रहे हैं।

भाइयो-बहनो, पंजाब के हजारों-लाखों सपूत सरहद पर नक्सली इलाकों में सीना तान कर खड़े हैं लेकिन कांग्रेस को हमारे इन जवानों की भी कोई परवाह नहीं है। हुआ तो हुआ वाले अहंकार में ही कांग्रेस ने अपना मेनिफेस्टो, अपना ढकोसलापत्र भी बनाया है। उसमें कहा गया है की जान हथेली पर रखने वाले हमारे जवानों को, हिंसा वाले इलाकों में उनको विशेष अधिकार मिलता है उसको हटा देंगे। कांग्रेस चाहती है की आतंक के पैरोकारों और पत्थरबाजों को हमारे जवानों को लहूलोहान करने का लाइसेंस मिल जाए।
भाइयो-बहनो, कांग्रेस की तय नीतियों ने हमारे जवानों को भी खतरे में डाला है और देश की सुरक्षा को भी खतरे में डाला है। लेकिन आज पाकिस्तान को नए हिंदुस्तान के दम का एहसास हो गया है। हमारे वीर सपूतों ने घर में घुस कर के मारा है और पूरा हिंदुस्तान गर्व कर रहा है।

भाइयो-बहनो, जवानों के साथ-साथ इन्होंने किसानों को भी ऐसी ही ठगी की है, दस साल में एक बार कर्जमाफी का ढिंढोरा पीटते हैं और उसमें भी घोटाला कर देते हैं। यहां पंजाब में तो कांग्रेस ने किसानों से कर्जमाफी की बात की थी, उसकी क्या सच्चाई है ये पंजाब का एक-एक किसान जानता है। ऐसी ठगी करने की क्या जरूरत थी और आप की ठगी का परिणाम है, जिस पंजाब ने हिंदुस्तान को जिंदा रखा, जिस पंजाब के हिंदुस्तान का पेट भरा, उस पंजाब का किसान आत्महत्या के लिए मजबूर हो इससे बड़ी दर्दनाक कोई बात नहीं हो सकती है लेकिन आपने ये किया और उसको सदमा पहुंचा है ठगी का। उसको गुस्सा आया है, उसके साथ धोखा हुआ है। और कैप्टन साहब, पंजाब का आदमी आपकी गलती माफ कर सकता है, आपका धोखा कभी माफ नहीं करेगा।

भाइयो-बहनो, एक तरफ कांग्रेस के झूठे वादे हैं तो दूसरी तरफ हमारे ईमानदार प्रयास हैं। हमने संकल्प लिया है, 2022 तक किसान की आय दोगुनी करने का। इसके लिए बीज से बाजार तक काम हम कर रहे हैं। कपास सहित लगभग दो दर्जन फसलों का MSP लागत का डेढ़ गुना तय कर दिया गया है। वहीं फूड प्रोसेसिंग को लेकर भी हरसिमरत जी के प्रयासों से आप भली-भांति परिचित हैं। अब तो किसान के खाते में सीधे पैसे भी एनडीए की सरकार द्वारा जमा कराए जा रहे हैं। 23 मई को जब फिर एक बार मोदी सरकार आएगी तब इस योजना का दायरा और बढ़ाया जाएगा। पंजाब के हर किसान को ये मदद दी जाएगी।

साथियो, किसानों को पानी मिले इसके लिए सतलज-यमुना सहित हमारी जितनी भी नदियां हैं उनके पानी का पूरा उपयोग करने का भी हमारा प्रयास है। कांग्रेस के कारनामों के कारण इतने बरसों तक हमारे हक का पानी पाकिस्तान जा रहा था, उसको रोकने का काम हमने शुरू कर दिया है।

भाइयो-बहनो, इस क्षेत्र में स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए यहां एम्स जैसी सुविधाएं दी गई हैं। इतना ही नहीं, आयुष्मान योजना के तहत गरीब परिवार को पांच लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज आज संभव हो रहा है। भाइयो-बहनो, श्री अकाल तख्त, दमदमा साहिब, केसगढ़ साहिब, पटना साहिब और हजूर साहिब के बीच कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए भी काम किया जा रहा है। नांनदेड़ से अमृतसर के लिए एक विशेष फ्लाइट भी चलाई जा रही है।

साथियो, हमारी आस्था, हमारी परंपरा, हमारे देश का माथा ऊंचा रहे इसके लिए केंद्र में हमें एक मजबूत सरकार चाहिए। भाइयो-बहनो, जीएसटी-लंगर कितना विवाद कर रहे थे, ये हम ही हैं जिसने लंगर को जीएसटी से बाहर कर दिया। मैं विशेषकर पंजाब के फर्स्ट टाइम वोटरों से, हमारे नवजवानों से कहूंगा, इस चुनाव में आपका वोट बहुत ऐतिहासिक है, महत्व का है। आपका वोट 21वी सदी के भारत की भूमिका तय करेगा। याद रखिएगा, तराजू के निशान पर पड़ा आपका हर वोट मोदी के खाते में जाएगा। एक बार फिर बादल साहब का, पंजाब के सभी साथियों का मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मेरे साथ पूरी ताकत से बोलिए…

भारत माता की… जय, भारत माता की… जय, भारत माता की… जय, बहुत-बहुत धन्यवाद।

 

സേവനത്തിന്റെയും സമർപ്പണത്തിന്റെയും 20 വർഷങ്ങൾ നിർവ്വചിക്കുന്ന 20 ചിത്രങ്ങൾ
Explore More
നടന്നു പോയിക്കോളും എന്ന മനോഭാവം മാറ്റാനുള്ള സമയമാണിത്, മാറ്റം വരുത്താനാവും എന്ന് ചിന്തിക്കുക: പ്രധാനമന്ത്രി മോദി

ജനപ്രിയ പ്രസംഗങ്ങൾ

നടന്നു പോയിക്കോളും എന്ന മനോഭാവം മാറ്റാനുള്ള സമയമാണിത്, മാറ്റം വരുത്താനാവും എന്ന് ചിന്തിക്കുക: പ്രധാനമന്ത്രി മോദി
Reading the letter from PM Modi para-swimmer and author of “Swimming Against the Tide” Madhavi Latha Prathigudupu, gets emotional

Media Coverage

Reading the letter from PM Modi para-swimmer and author of “Swimming Against the Tide” Madhavi Latha Prathigudupu, gets emotional
...

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Prime Minister participates in 16th East Asia Summit on October 27, 2021
October 27, 2021
പങ്കിടുക
 
Comments

Prime Minister Shri Narendra Modi participated in the 16th East Asia Summit earlier today via videoconference. The 16th East Asia Summit was hosted by Brunei as EAS and ASEAN Chair. It saw the participation of leaders from ASEAN countries and other EAS Participating Countries including Australia, China, Japan, South Korea, Russia, USA and India. India has been an active participant of EAS. This was Prime Minister’s 7th East Asia Summit.

In his remarks at the Summit, Prime Minister reaffirmed the importance of EAS as the premier leaders-led forum in Indo-Pacific, bringing together nations to discuss important strategic issues. Prime Minister highlighted India’s efforts to fight the Covid-19 pandemic through vaccines and medical supplies. Prime Minister also spoke about "Atmanirbhar Bharat” Campaign for post-pandemic recovery and in ensuring resilient global value chains. He emphasized on the establishment of a better balance between economy and ecology and climate sustainable lifestyle.

The 16th EAS also discussed important regional and international issues including Indo-Pacifc, South China Sea, UNCLOS, terrorism, and situation in Korean Peninsula and Myanmar. PM reaffirmed "ASEAN centrality” in the Indo-Pacific and highlighted the synergies between ASEAN Outlook on Indo-Pacific (AOIP) and India’s Indo-Pacific Oceans Initiative (IPOI).

The EAS leaders adopted three Statements on Mental Health, Economic recovery through Tourism and Sustainable Recovery, which have been co-sponsored by India. Overall, the Summit saw a fruitful exchange of views between Prime Minister and other EAS leaders.