People from all corners of India are seen in Asansol. But the misgovernance of Bengal governments affected Asansol: PM Modi
PM Modi says on May 2, which is the day of assembly election results, Didi will be given the certificate of Bengal ex-chief minister by the people of the state
In Asansol, PM Modi says Mamata Banerjee has skipped several meetings called by the Centre to discuss many key issues
PM Modi promises to implement all the welfare schemes of the central government in West Bengal if BJP is elected to power in the state

 

नमोष्कार !

मां कल्याणेश्वरी और घाघर बूढ़ी चंडी...आज मेरे लिए अवसर है इस पवित्र धरती को श्रद्धापूर्वक प्रणाम करने का। बांग्ला नव वर्ष शुरू होने के बाद आज बंगाल में मेरी ये पहली सभा है। नव वर्ष में बंगाल में बीजेपी की डबल इंजन की सरकार बनने जा रही है।

चार दोफार मोतोदान, टीएमसी होलो खान-खान !

(चार दौर का मतदान, टीएमसी खंड-खंड हो गई)। 

बाकी चार दोफार मोतोदान, दीदी-भाइपो टिकिट कटान ! 

(बाकी चार बार का मतदान, दीदी भाइपो का पत्ता साफ)।

पांचवें चरण के मतदान में भी कमल के फूल पर बटन दबा करके भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने के लिए आज सुबह से बहुत बड़ी तादाद में लोग निकले हैं। बहुत भारी मतदान हो रहा है। मैं अब तक मतदान करने वाले सभी मतदाताओं का हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं और उनका धन्यवाद करता हूं।  

साथियो

आसनसोल हो, दुर्गापुर हो, इस पूरे क्षेत्र में बंगाल ही नहीं, बल्कि देश के औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बनने की क्षमता बहुत पहले से है हमेशा से है। द्वारकानाथ टैगोर जी, राजेन मुखर्जी, बीरेंद्रनाथ मुखर्जी जैसे अनेक व्यक्तित्वों ने इस क्षेत्र की संपदा को देश की आत्मनिर्भरता के संकल्प के रूप में आगे बढ़ाया।

साइकिल से लेकर रेल तक, पेपर से लेकर स्टील तक, एल्यूमिनियम से लेकर ग्लास तक, ऐसे अनेक कारखानों में, यहां की फैक्ट्रियों में काम करने के लिए पूरे देश से लोग यहां आते हैं। आसनसोल एक प्रकार से लघु भारत है, हिन्दुस्तान का हर व्यक्ति यहां मिल जाएगा। लेकिन बंगाल में जो सरकारें रहीं, उनके कुशासन ने आसनसोल को कहां से कहां पहुंचा दिया। जहां लोग चाकरी के लिए आते थे, आज यहां से पलायन कर रहे हैं। मां-माटी-मानुष की बात करने वाली दीदी ने, यहां हर तरफ माफिया राज फैला दिया है। आसनसोल की प्राकृतिक संपदा को लूटने के लिए कोयला माफिया, नदियों की बालू को लूटने के लिए अवैध खनन माफिया, सरकारी जमीन पर कब्जे के लिए भू-माफिया।

साथियो

यहां सालनपुर, बाराबनी, जमुरिया रानीगंज, उखड़ा, बल्लालपुर से लेकर बांकुड़ा बॉर्डर तक अवैध कोयला खनन का साम्राज्य फैला हुआ है। यहां के कोयला, रेत और दूसरे खनिजों का काला माल कहां तक पहुंचता है, किस-किस तक पहुंचता है, ये हर कोई जानता है। बंगाल के ट्रक वालों को, ट्रांसपोर्ट से जुड़े साथियों को, यहां के उद्यमियों को जो भाइपो टैक्स देना पड़ता है, वो भी बंगाल के लोग भली-भांति जानते हैं। 

साथियो

इस चुनाव में आपका एक वोट सिर्फ टीएमसी को साफ करेगा, इतना ही नहीं है बल्कि आपका एक वोट यहां से माफिया राज को भी साफ करेगा। आपको पता है आपके वोट की ताकत क्या है? आपका एक वोट पूरे माफिया राज को यहां साफ कर देगा। ये ताकत है आपके वोट की।  

भाइयो-बहनो 

आज आपसे शिकायत करना चाहता हूं...करूं ?...आपके खिलाफ है शिकायत...करूं ?...बुरा तो नहीं मानोंगे न...लेकिन मेरी शिकायत जरा देखिए…मैं यहां दोबार आया हूं.... लोकसभा के चुनाव में....जब मुझे प्रधानमंत्री बनना था और आप से वोट मांगने आया था। बाबुल जी के लिए वोट मांगने आया था। लेकिन पहले जब आया, तब तो मेरे लिए वोट मांगा था, फिर भी एक चौथाई भी लोग नहीं थे सभा में। लेकिन आज चारों तरफ...मैंने ऐसी सभा पहली बार देखी है। अब बताइए, मेरी शिकायत मिठी है कि कड़वी है। आज आपने ऐसा दम दिखा दिया है। ऐसी ताकत दिखा दिए...मैं जहां देख सकता हूं...मुझे लोग ही लोग दिखते हैं...बाकी कुछ दिखता ही नहीं है। क्या कमाल कर दिया है आप लोगों ने। लेकिन आगे का काम बहुत महत्वपूर्ण है। और वो है वोट देने के लिए जाना, वोट देने के लिए औरों को ले जाना। करोंगे...पक्का करोंगे...सब लोग करोंगे...देखिए तभी यहां से ये माफिया राज समाप्त होगा। ये माफियाशाही तभी समाप्त होगी।

और भाइयो-बहनो

मैं बंगाल जहां भी गया हूं यही माहौल है। और उधर क्या है?

दीदी, ओ दीदी, 

देखिए दीदी...ओ दीदी...2 मई में अब सिर्फ आधा महीना बचा है। आधा चुनाव हो चुका है। सिर्फ कुछ दिन और। कोयला धुले, मोयला जाय ना !

भाइयो और बहनो, 

सोनार बांग्ला के संकल्प के साथ बीजेपी सरकार यहां आपकी हर मुश्किल कम करने के लिए काम करेगी। बंगाल में कानून व्यवस्था का राज स्थापित किया जाएगा। कानून के राज में यहां नए उद्योग लगेंगे, बंगाल में निवेश बढ़ेगा। बीजेपी सरकार में हर कोई अपना काम करेगा। आपके जीवन में टीएमसी के तोलाबाजों की जो घुसपैठ हुई है, उसे जीरो किया जाएगा, उसे दूर किया जाएगा। पुलिस अपनी जिम्मेवारी निभाएगी, अपना काम करेगी, राज्य सरकार के अलग-अलग विभाग अपने जनसेवा का दायित्व निभाएंगे, अपना काम पूरा करेंगेप्रशासन अपनी जिम्मेवारियों को निभाते हुए जनता जनार्दन की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए दिन-रात काम करेगा। और सरकार अपनी जिम्मेवारियों को पूरा करने के लिए काम करेगी। और बीजेपी कार्यकर्ता...मैं आपको विश्वास दिलाता हूं आपकी सेवा में हरदम खड़ा रहेगा। और इसमें जो भी खेला करने की कोशिश करेगा, उस पर कानून के तहत उतनी ही सख्त कार्रवाई भी होगी।

भाइयो और बहनो,

दीदी ने बीते दस सालों में विकास के नाम पर आपके साथ विश्वासघात किया है। विकास के हर काम में, हर काम के आगे दीदी दीवार बनकर खड़ी हो गई हैं। केंद्र सरकार ने 5 लाख रुपए के मुफ्त इलाज की सुविधा दी, तो दीदी दीवार बन गईं। केंद्र सरकार ने शरणार्थियों की मदद के लिए कानून बनाया, तो दीदी इसका भी विरोध करने लगीं। केंद्र सरकार ने मुस्लिम बहनों को तीन तलाक से मुक्ति के लिए कानून बनाया, तो दीदी फिर आगबबूला हो गईं। केंद्र सरकार ने किसानों को बिचौलियों से मुक्त करने वाले कानून बनाए, तो दीदी विरोध में उतर आईं। केंद्र सरकार ने किसानों के बैंक खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर करने शुरू किए, तो दीदी ने इससे भी किसानों को वंचित रख दिया। 

साथियो

बंगाल को विकास रोकने वाली नहीं, डबल इंजन की सरकार चाहिए। बंगाल की बीजेपी सरकार, आपका लाभ कराने वाली हर उस योजना को लागू करेगी, जिन्हें दीदी की सरकार ने रोका हुआ है। पहली ही कैबिनेट में पीएम किसान सम्मान निधि पर बड़ा फैसला लिया जाएगा। बंगाल के हर किसान के खाते में 18 हजार रुपए सीधे ट्रांसफर हो, जिसको दीदी ने रोकने की कोशिश की। 2 मई के बाद नई सरकार बनने के बाद दीदी नहीं रोक पाएंगी। क्योंकि सरकार आपने बनाई है...आपके लिए बनाई है...और वो आपके लिए काम करेगी।

भाइयो और बहनो

आप मुझे बताइए... दीदी को अगर आप लोगों के दु:ख-दर्द की परवाह होती, तो क्या वो आपकी भलाई के...आपके हित वाले कामों को रोकने का काम कभी करती क्या ? ये रुकावटे डालती क्या ? दीवार बनती क्या ? दीदी को अगर आपकी तकलीफ की चिंता होती, तो क्या वो तोलाबाजी होने देतीं क्या ? जरा इधर से जवाब दीजिए तोलाबाजी होने देतीं क्या ?  सिंडिकेट को आगे बढ़ाती क्या ? कटमनी वसूलने देतीं क्या ?

साथियो

दीदी, अपने अहंकार में दीदी इतनी बड़ी हो गई हैं कि हर कोई उन्हें अपने आगे छोटा दिखता है। केंद्र सरकार ने अनेक बार अनेक विषयों पर बात करने के लिए बैठकें बुलाई हैं, लेकिन दीदी कोई न कोई कारण बताकर इन बैठकों में नहीं आतीं। जैसे कोरोना पर पिछली दो बैठकों में बाकी मुख्यमंत्री आए, लेकिन दीदी नहीं आईं। नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में बाकी मुख्यमंत्री आए, लेकिन दीदी नहीं आईं। मां गंगा की सफाई के लिए देश में इतना बड़ा अभियान शुरू हुआ, लेकिन दीदी उससे जुड़ी जो बैठक होती है, उसमें भी नहीं आईं। एक-दो बार न आने का तो समझ में आता है साथियों, लेकिन दीदी ने यही तरीका बना लिया है। दीदी बंगाल के लोगों के लिए कुछ देर का समय नहीं निकाल पातीं। ये उन्हें समय की बर्बादी लगता है। और जब दीदी के तोलाबाज, कोरोना के दौरान भेजे गए राशन को लूटते हैं, तो वो उन्हें खुली छूट देती हैं। 

केंद्रीय टीमें चाहे सहयोग के लिए आएं या फिर करप्शन की जांच के लिए, दीदी उनको रोकने के लिए पूरे संसाधन लगा देती हैं। दीदी केंद्रीय वाहिनी ही नहीं, सेना तक को बदनाम करती हैं, राजनीति के लिए झूठे आरोप लगाती हैं। दीदी, खुद को देश के संविधान से ऊपर समझती हैं। दीदी चोखे ओहोन्कारेर पोरदा। (दीदी की आंखों पर अहंकार का पर्दा चढ़ा हुआ है।)

भाइयो और बहनो,

दीदी की राजनीति सिर्फ विरोध और गतिरोध तक सीमित नहीं है। बल्कि दीदी की राजनीति, प्रतिशोध की खतरनाक सीमा को भी पार कर गई है। बीते 10 साल में बीजेपी के अनेकों कार्यकर्ताओं की हत्या की गई है। अभी मेरी... यहां ऊपर आने से पहले... कई पीड़ित परिवारों से बात हुई है। दीदी की वजह से न जाने कितनी माताओं ने अपने बेटों को खोया है, न जाने कितनी बहनें आज भी अपने भाई का इंतजार कर रही हैं। दीदी की निर्ममता, उनकी असंवेदनशीलता हमें कुछ दिन पहले ही फिर एकबार दिखाई दी है, सुनाई दी है।

साथियो

कूचबिहार में जो हुआ, उस पर कल एक ऑडियो टेप आपने सुना होगा। ऑडियो टेप सुना क्या आपने ? 5 लोगों की दुखद मृत्यु के बाद दीदी किस तरह राजनीति कर रही हैं, ये इस ऑडियो टेप के अंदर साफ-साफ खुल गया है, सामने आता है। इस ऑडियो टेप में कूचबिहार के टीएमसी नेता को कहा जा रहा है कि मारे गए लोगों के शवों के साथ रैली निकालो। दीदी, वोटबैंक के लिए कहां तक जाएंगी आप ? सच्चाई ये है कि दीदी ने कूचबिहार में मारे गए लोगों की मृत्यु से भी अपना सियासी फायदा करने की सोची। शवों पर राजनीति करने की दीदी को बहुत पुरानी आदत है।

साथियो

दीदी ने बंगाल में ये हाल बना दिया है। जनता ने भी जब उनके विरोध की कोशिश की, तो उसको कुचल दिया गया है। बंगाल की जनता के अधिकार, दीदी के लिए कोई मायने नहीं रखते। 2018 के पंचायत चुनाव पश्चिम बंगाल कभी नहीं भूल सकता। बर्धमान से लेकर बांकुरा, बीरभूमि, मुर्शीदाबाद के लोगों को आज भी याद है कैसे उनके अधिकारों को छीना गया।

आप सोचिए

बंगाल में 20 हजार से ज्यादा पंचायतों में सीधे दीदी के तोलाबाजों को निर्वाचित कर दिया गया। दीदी ने इतना आतंक फैलाया कि एक तिहाई से भी ज्यादा पंचायतों में कैंडिडेट पर्चा तक नहीं भर पाए। हमले के डर से WhatsApp तक पर नॉमिनेशन फाइल करने पड़े। जीत के बाद भी जनप्रतिनिधियों को पड़ोसी राज्यों में शरण लेनी पड़ी। लोकतंत्र के इस अपमान से, लोकतंत्र को इस तरह कमजोर किए जाने से सुप्रीम कोर्ट तक ने नाराजगी जताई। लेकिन दीदी ने लोकतंत्र का सम्मान नहीं किया, लोकतंत्र की परवाह नहीं की।

साथियो

बंगाल और भारत के लिए रोबी ठाकुर का आदर्श है - चित्तो जेथा, भॉय- शुन्नो। हृदय जहां भय मुक्त रहे। लेकिन दीदी का प्रयास रहता है- चित्तो जेथा भॉया-क्रांतो। हृदय जहां भयाक्रांत रहे। दीदी को इस बार के चुनाव में छप्पा वोट नहीं करने दिया जा रहा, तो वो और बौखला गई हैं। दीदी को गुंडागिरी-मस्तानगिरी का खैला नहीं करने दिया जा रहा है, तो दीदी बौखला गई हैं। दीदी द्वारा हर पैंतरा आजमाया जा रहा है ताकि बंगाल के लोगों को वोट देने से रोका जाए। टीएमसी द्वारा अभियान चलाए जा रहे हैं, चुनाव आयोग पर दबाव बनाया जा रहा है। दिल्ली से लेकर बंगाल तक दीदी ने मोदी के खिलाफ मोर्चा खुलवा दिया है।

दीदी, ओ दीदी, ओ आदरणीय दीदी

आप जितनी चाहे साजिशें कर लीजिए, जितनी चाहे कोशिशें कर लीजिए। इस बार आपकी साजिश बंगाल के लोग खुद ही नाकाम कर रहे हैं। इस बार बंगाल के लोगों ने ही आपके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बंगाल के लोगों ने आप पर अभूतपूर्व विश्वास किया था। अब वो आपको हमेशा-हमेशा के लिए एक ऐसा सॉर्टिफिकेट देने वाली है बंगाल की जनता इस चुनाव में, जो आप जीवन भर घर में लटका कर रख सकती हो। कौन सा सॉर्टिफेकट जनता देने वाली है, जो 2 मई को आने वाला है ? वो सॉर्टिफिकेट आने वाला है भूतपूर्व मुख्यमंत्री। यानि दीदी, ये बंगाल की जनता आपको आजीवन एक सॉर्टिफिकेट देने वाली है भूतपूर्व मुख्यमंत्री...लेकर घुमते रहना। 

भाइयो-बहनो

बंगाल के लोग, बंगाल के लोगों से आपकी नफरत भी महसूस कर रहे हैं। दीदी के करीबी, शिड्यूल्ड कास्ट के मेरे भाइयों और बहनों को भिखारी कहते हैं, दीदी चुप रहती हैं। दीदी के करीबी बीजेपी को वोट देने वालों को बंगाल से बाहर फेंकने की धमकी देते हैं, दीदी चुप रहती हैं। किसी की दुखद मृत्यु पर दीदी की संवेदना भी वोटबैंक का फिल्टर लगाकर ही प्रकट होती है।

दीदी

पश्चिम बंगाल आपकी दुर्नीति से परेशान है, इतना ही नहीं है, बल्कि बंगाल को आपकी नीयत पर भी शक है। इसलिए पश्चिम बंगाल के कोने-कोने से एक ही आवाज़ सुनाई दे रही है-   

कीच्छू नेइ तृनोमूल, एबार भोट पॉद्दोफूले। (कुछ नहीं अब तृणमूल में, इस बार वोट कमल-फूल में।)

भाइयो और बहनो,

10 साल तक दीदी ने बंगाल को भेदभाव और पक्षपात वाली सरकार दी है। हालात तो ये है कि स्पोर्ट्स क्लबों, खिलाड़ियों तक की मदद में भी दीदी ने भेदभाव किया। जो स्पोर्ट्स क्लब दीदी का गुणगान करे, उनके गीत गाए, उन्हें पैसा। जो खेल पर अपना ध्यान दे, बंगाल का नाम रोशन करे, वो स्पोर्ट्स क्लब यहां पैसे के लिए तरसते हैं। दीदी की इसी दुर्नीति की वजह से बुज़ुर्गों को मिलने वाला ‘भाता’ तक सभी लाभार्थियों तक नहीं पहुंच पा रहा है। गांव की सड़क को भी दीदी की सरकार ने राजनीति का शिकार बना दिया। मनरेगा की मज़दूरी हो या फिर आपदा की राहत हो, दीदी की सरकार ने सबमें भेदभाव किया, पक्षपात किया। आपको तीन साल पहले की रामनवमी याद है? आसनसोल-रानीगंज के दंगे कौन भूल सकता है! इन दंगों में सैकड़ों लोगों की जीवन भर की मेहनत राख हो गई। सबसे ज्यादा नुकसान गरीबों का हुआ, पटरी पर दुकान लगाने वाले और छोटे व्यापारियों का हुआ। 

दंगाइयों का साथ किसने दिया? - दीदी ने।

तुष्टिकरण की नीति किसने पनपाई? – दीदी ने।

किसके कारण पुलिस दंगाइयों के पक्ष में खड़ी रही? –  दीदी के।

एक ही जवाब है न...एक ही जवाब है न...हर कोई कह रहा है दीदी के कारण...दीदी के कारण...।

भाइयो और बहनो,

जो विकास पर विरोध को, विश्वास पर प्रतिशोध को, सुशासन पर राजनीति को, प्राथमिकता देती है, ऐसी सरकार पश्चिम बंगाल का भला नहीं कर सकती। इसलिए बंगाल को आशोल पोरिबोरतोन चाहिए। आशोल पोरिबोरतोन बंगाल में सबका साथसबका विकाससबका विश्वास के लिए, आशोल पोरिबोरतोन बंगाल के युवाओं को रोजगार के लिए, आशोल पोरिबोरतोन बंगाल में कानून के राज के लिए, आशोल पोरिबोरतोन बंगाल की भलाई के लिए।

साथियो

दीदी के राज में महिलाओं के साथ जो अत्याचार हुआ है, उसकी चर्चा तक दीदी ने नहीं होने दी है। राज्य सरकार के आंकड़े छिपाकर, महिलाओं पर अत्याचार की खबरों को दबाकर दीदी ने सबसे बड़ा खेला, बंगाल की महिलाओं के साथ ही किया है। मैं आज विशेष रूप से बंगाल की बहन-बेटियों को एक बात के लिए आश्वस्त करता हूं। बीजेपी की सरकार हर वर्ग, हर मत-मज़हब को उसकी बेटी की सुरक्षा और सम्मान को सुनिश्चित करेगी। दीदी की सरकार ने यहां रेप जैसे संगीन अपराध के दोषियों को जल्द से जल्द सजा सुनाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट पर अड़ंगा डाला, उसको रोक दिया। देश भर में ऐसी एक हजार अदालतें खोली जा रही हैं लेकिन दीदी ने बेटियों को न्याय दिलाने वाली ऐसी एक भी अदालत खोलने नहीं दी। बीजेपी सरकार में फास्ट ट्रैक कोर्ट का भी तेजी से निर्माण किया जाएगा। गरीब, दलित, आदिवासी बेटियों को यहां से दूसरे राज्यों में भेजने का जो अवैध काम किया जाता है, उस पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।

साथियो,

सोनार बांग्ला का यही संकल्प बंगाल बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में रखा है। बंगाल में Ease of Living, Ease of Doing Business का माहौल बनाया जाएगा। यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर पर, रोड, रेल, एयर, इंटरनेट, हर प्रकार की कनेक्टिविटी को डबल इंजन सरकार, डबल स्पीड के साथ आधुनिक बनाएगी। इस क्षेत्र को आर्सेनिक युक्त ज़हरीले पानी से मुक्ति मिले, इसके लिए पाइप से हर घर जल के प्रकल्प को तेज़ी से यहां लागू किया जाएगा। दीदी ने जो कुछ भी लाभ आप तक पहुंचने से रोका है, वो तेज़ी से मिलेगा। डबल इंजन की सरकार में डबल बेनिफिट और डायरेक्ट बेनिफिट मिलेगा। 

एबार शोंघात नॉय, शॉहोजोगिता होबे!

एबार बिरोध नॉय, बिकाश होबे!

एबार मोने भय नॉय, पेटे भात होबे!

एबार शिक्खा होबे, शिल्पो होबे, कोर्मो-शोंस्थान होबे! 

आप इतनी बड़ी तादाद में आशीर्वाद देने के लिए आए...मैं आपका बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं। दोनों हाथ ऊपर करके मेरे साथ बोलिए 

भारत माता की जय !

भारत माता की जय !

भारत माता की जय !

बहुत-बहुत धन्यवाद !

 

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PM to launch ‘Nasha Mukt Yuva for Viksit Bharat Sankalp Abhiyan’ on 2nd August
August 01, 2026
Launch to mark Beginning of 100-Week Nationwide Jan Bhagidari Campaign against Substance Abuse

Prime Minister Shri Narendra Modi will launch the ‘Nasha Mukt Yuva for Viksit Bharat Sankalp Abhiyan’ on 2nd August 2026 at 11 AM through video conferencing. The initiative aims to inspire youth to stay away from substance abuse and encourage them to become ambassadors of positive social change in their communities

The launch will mark the beginning of a 100-week nationwide Jan Bhagidari campaign against substance abuse. Under this campaign, weekly activities will be organised every Sunday across the country to promote awareness and encourage public participation in building a drug-free society. The activities will include sports events, walkathons, meditation sessions, cultural programmes, awareness campaigns, nukkad nataks, discussion forums, art competitions and community engagement programmes.

The initiative seeks to further strengthen community participation by bringing together educational institutions, youth organisations, civil society groups, industry bodies and spiritual organisations on a common platform to create a collective movement against substance abuse.

The programme will witness participation from youth across the country from over 10,000 locations. MY Bharat Volunteers, MY Bharat National Service Scheme volunteers, youth clubs, schools, colleges, universities, NGOs, youth wings of industry associations and more than 125 partner spiritual organisations will participate in the programme virtually.