BRICS Business Council Meet: PM Modi pitches for expanding business cooperation between member countries
India is changing fast into one of the most open economies in the world with FDI inflows at an all-time high: PM Modi
GST is India's biggest economic reform ever; in one stroke, a unified market of 1.3 billion people has been created: PM
Digital India, Start-Up India and Make in India are altering economic landscape of India: PM Modi

ബഹുമാനപ്പെട്ടവരേ,

ന്യൂ ഡെവലപ്‌മെന്റ് ബാങ്ക് അധ്യക്ഷന്‍

ബ്രിക്‌സ് ബിസിനസ് കൗണ്‍സില്‍ അംഗങ്ങളേ,

ബ്രിക്‌സ് ബിസിനസ് കൗണ്‍സിലുമായി കൂടിക്കാഴ്ച നടത്താന്‍ സാധിച്ചതില്‍ ഞാന്‍ സന്തുഷ്ടനാണ്. ബിസിനസ് കൗണ്‍സില്‍ നടത്തുന്ന പ്രവര്‍ത്തനങ്ങള്‍ ബ്രിക്‌സ് കൂട്ടായ്മയുടെ കാഴ്ചപ്പാടിനു പ്രായോഗികരൂപം നല്‍കുന്നതില്‍ നിര്‍ണായകമാണ്. നിങ്ങള്‍ മെനഞ്ഞെടുത്ത പങ്കാളിത്തങ്ങളും നിങ്ങള്‍ സൃഷ്ടിച്ച ശൃംഖലകളും ഓരോ ബ്രിക്‌സ് രാഷ്ട്രത്തിന്റെയും സാമ്പത്തിക വളര്‍ച്ചയെ പ്രോത്സാഹിപ്പിക്കുന്നു. കഴിഞ്ഞ വര്‍ഷം ഗോവയില്‍ നടന്ന ഉച്ചകോടിയില്‍ എന്‍.ഡി.ബിയും ബ്രിക്‌സ് ബിസിനസ് കൗണ്‍സിലും കൂടുതല്‍ സഹകരിച്ചു പ്രവര്‍ത്തിക്കേണ്ടതുണ്ടെന്ന നിര്‍ദേശം ഉയര്‍ന്നുവന്നിരുന്നു. നിങ്ങള്‍ എന്‍.ഡി.ബിയുമായി ധാരണാപത്രം ഒപ്പുവെക്കുകയാണെന്ന് അറിഞ്ഞതില്‍ ഞാന്‍ സന്തോഷിക്കുന്നു..

ബഹുമാനപ്പെട്ടവരേ, സുഹൃത്തുക്കളേ,

ലോകത്തിലെ ഏറ്റവും തുറന്ന സമ്പദ്‌വ്യവസ്ഥകളില്‍ ഒന്നായി ഇന്ത്യ അതിവേഗം മാറുകയാണ്. പ്രത്യക്ഷ വിദേശനിക്ഷേപം 40 ശതമാനം ഉയര്‍ന്ന് ഇതുവരെയുള്ളതില്‍ വച്ച് ഏറ്റവും കൂടിയ നിരക്കായിത്തീര്‍ന്നു. ബിസിനസ് ചെയ്യുന്നത് സുഗമമായുള്ള പ്രദേശങ്ങള്‍ സംബന്ധിച്ചു ലോകബാങ്ക് പുറത്തിറക്കിയ സൂചികയില്‍ ഇന്ത്യ സ്ഥാനം മെച്ചപ്പെടുത്തി. ആഗോള മത്സരക്ഷമതാ സൂചികയില്‍ ഇന്ത്യ കഴിഞ്ഞ രണ്ടു വര്‍ഷത്തിനിടെ 32 പടി മുകളിലോട്ടു കയറി. ജൂലൈയില്‍ നടപ്പാക്കിയ ചരക്കു സേവന നികുതിയാണ് ഇന്ത്യയിലെ ഏറ്റവും വലിയ സാമ്പത്തിക പരിഷ്‌കാരം. ഒറ്റയടിക്ക് 130 കോടി പേര്‍ ഉള്‍പ്പെടുന്ന ഏകീകൃത വിപണി സൃഷ്ടിക്കപ്പെട്ടു. ഡിജിറ്റല്‍ ഇന്ത്യ, സ്റ്റാര്‍ട്ടപ്പ് ഇന്ത്യ, മെയ്ക്ക് ഇന്‍ ഇന്ത്യ പോലുള്ള പദ്ധതികള്‍ രാജ്യത്തിന്റെ സാമ്പത്തിക മേഖലയുടെ ചിത്രത്തിനു മാറ്റം സൃഷ്ടിച്ചുവരികയാണ്. വിജ്ഞാനാധിഷ്ഠിതവും നൈപുണ്യം നിറഞ്ഞതും സാങ്കേതികവിദ്യയാല്‍ നയിക്കപ്പെടുന്നതുമായ സമൂഹമായി ഇന്ത്യയെ മാറ്റാന്‍ അവ സഹായകമാണ്.

ബഹുമാനപ്പെട്ടവരേ, സുഹൃത്തുക്കളേ,

ബ്രിക്‌സ് ബിസിനസ് കൗണ്‍സില്‍ വാണിജ്യവും നിക്ഷേപത്തിനു സൗകര്യമൊരുക്കലും, നൈപുണ്യവികസനം പ്രോത്സാഹിപ്പിക്കല്‍, അടിസ്ഥാനസൗകര്യ വികസനം, സംരഭകത്വ വികസനം, ഇ-കൊമേഴ്‌സ്, ഡിജിറ്റല്‍ സമ്പദ്‌വ്യവസ്ഥ എന്നിവയ്ക്കു മുന്‍ഗണന നല്‍കുന്നു എന്നതില്‍ ഞാന്‍ സന്തുഷ്ടനാണ്. നിങ്ങളുടെ ചര്‍ച്ചകളിലൂടെ എത്രയോ സൃഷ്ടിപരമായ നിര്‍ദേശങ്ങള്‍ ഉണ്ടായിരിക്കുന്നു. ബ്രിക്‌സ് റേറ്റിങ് ഏജന്‍സി രൂപീകരിക്കാനും ഊര്‍ജ സഹകരണത്തിനും ഹരിത സമ്പത്തിനും ഡിജിറ്റല്‍ സമ്പദ്‌വ്യവസ്ഥയ്ക്കും വേണ്ടിയും ഉള്ള നിങ്ങളുടെ പ്രവര്‍ത്തനങ്ങള്‍ പ്രത്യേകിച്ചു ശ്രദ്ധേയമാണ്. നിങ്ങളുടെ പ്രവര്‍ത്തനങ്ങള്‍ക്കു ഗവണ്‍മെന്‍ുകള്‍ എന്ന നിലയില്‍ പരിപൂര്‍ണ പിന്തുണ തരുമെന്ന് അറിയിച്ചുകൊണ്ട് അവസാനിപ്പിക്കട്ടെ. നമ്മുടെ പൊതു ലക്ഷ്യങ്ങളായ ബിസിനസ് മെച്ചപ്പെടുത്തുക, നിക്ഷേപസഹകരണം മെച്ചപ്പെടുത്തുക എന്നീ കാര്യങ്ങളിലേക്ക് കൂടുതല്‍ അടുപ്പിക്കാന്‍ ബ്രിക്‌സ് ബിസിനസ് കൗണ്‍സിലിനും സാധിക്കുമെന്നും ഞങ്ങള്‍ കരുതുന്നു.

നന്ദി.

 

 

 

 

 

 

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गुजरात के मुख्यमंत्री श्रीमान भूपेंद्र भाई पटेल, राज्य के उप मुख्यमंत्री श्री हर्ष भाई संघवी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे साथी अश्विनी वैष्णव जी, राज्य के मंत्री भाई अर्जुन मोढवाडिया जी, केन्स और अल्फा ओमेगा सेमीकंडक्टर्स के प्रतिनिधिगण अन्य महानुभाव, देवियों और सज्जनों।

पिछले महीने के अंतिम दिन भी मैं साणंद में था, और इस महीने के अंतिम दिन भी मैं साणंद में हूं। 28 फरवरी को माइक्रोन के प्लांट में प्रोडक्शन की शुरुआत हुई, और आज 31 मार्च को, केन्स टेक्नॉलॉजी के सेमीकंडक्टर प्लांट में प्रोडक्शन शुरु हो रहा है। ये मात्र संयोग नहीं है, ये इस बात का प्रमाण है कि भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम, किस पेस से, किस गति से, किस स्पीड के साथ डेवलप हो रहा है। मैं केन्स टेक्नॉलॉजी की पूरी लीडरशिप को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। रमेश रघु congratulations. गुजरात सरकार को, इस प्लांट में काम कर रहे और सभी साथियों को मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आज सुबह मैं एक डिवाइन वाले कार्यक्रम में था और अभी मैं डिजिटल वाले कार्यक्रम में हूं।

साथियों,

मुझे इस बात की भी बेहद खुशी है कि भारत की कंपनी ने semiconductor चिप्स बनाने में रुचि दिखाई, और नतीजा हम सबके सामने है। हमारे भारत की अपनी कंपनी केन्स अब ग्लोबल semiconductor सप्लाई चेन का एक मजबूत हिस्सा बन गई है। ये एक बहुत शानदार शुरुआत है, एक गर्व का पल है, हर भारतवासी के लिए गर्व का पल है। आने वाले दिनों में भारत की बहुत सारी कंपनियां, ग्लोबल collaboration के माध्यम से, दुनिया को एक resilient semiconductor सप्लाइ चेन देने जा रही है।

साथियों,

आज का ये दिन, मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड, इस मंत्र को सही मायने में चरितार्थ करता है। इस प्रोजेक्ट में प्रोडक्शन शुरु होने से, भारत ग्लोबल मार्केट में, एक भरोसेमंद सेमीकंडक्टर सप्लायर के रूप में अपना रोल और सशक्त कर रहा है। आज एक प्रकार से साणंद और सिलिकॉन वैली के बीच नया ब्रिज सा बन गया है। कैलिफोर्निया की कंपनी के लिए, साणंद का ये प्लांट Intelligent Power Modules दे रहा है। मुझे बताया गया है कि यहां बनने वाले प्रोडक्ट्स का एक बड़ा हिस्सा, पहले ही एक्सपोर्ट के लिए बुक हो चुका है। साणंद में बनने वाले modules अमेरिका की कंपनियों तक पहुंचेंगे, और वहां से पूरी दुनिया को पावर देंगे। मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड के मंत्र की सफलता की गूंज दुनिया के कोने-कोने में पहुंचेगी।

साथियों,

यहां बनने वाले इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल्स से, भारत और विश्व के इलेक्ट्रिक व्हीकल इकोसिस्टम को, हैवी इंडस्ट्री को बहुत बल मिलेगा। यही ग्लोबल पार्टनरशिप ही दुनिया के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है।

साथियों,

21वीं सदी का ये दशक आरंभ से दुनिया के लिए अनेक चुनौतियां लेकर आया है। संकट पेंडमिक का रहा है, conflicts का रहा है। इसमें भी सबसे बड़ी भुक्तभोगी, ग्लोबल सप्लाई चेन रही है। चाहे चिप्स हो, रेयर अर्थ मिनरल्स हों, एनर्जी हो, ये conflicts की वजह से बहुत प्रभावित हुए हैं। ये मानवता के तेज विकास से जुड़ी चीज़ें हैं, इनकी सप्लाई चेन में, इनके फ्लो में ब्रेक लगने से, पूरी ह्यूमैनिटी का विकास प्रभावित होता है। इसलिए भारत जैसे डेमोक्रेटिक देश का इस दिशा में आगे बढ़ना, पूरे विश्व के विकास के लिए बहुत अहम है।

साथियों,

हमने कोरोना की आपदा के समय ही तय कर लिया था, कि भारत सेमीकंडक्टर सेक्टर का नया ग्लोबल हब बनेगा, इस सेक्टर में आत्मनिर्भर बनेगा। और सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भरता, सिर्फ एक चिप तक सीमित नहीं है। इसका मतलब है, AI में, इलेक्ट्रिक व्हीकल में, क्लीन एनर्जी में, डिफेंस में, इलेक्ट्रॉनिक्स में, ऐसे अनेक सेक्टर में भी आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा। इसलिए, साल 2021 में भारत ने इंडिया-सेमीकंडक्टर मिशन शुरु किया। यह mission सिर्फ एक industrial policy नहीं है, यह भारत के आत्मविश्वास का ऐलान है। और इसका इंपैक्ट सबके सामने है। इस मिशन के तहत, देश के 6 राज्यों में एक लाख साठ हज़ार करोड़ रुपए के 10 प्रोजेक्ट्स पर काम हो रहा है। केन्स और माइक्रोन के प्रोजेक्ट्स भी इसी का हिस्सा हैं। सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन और मैन्यूफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता के लिए भारत ने ध्रुव Sixty Four जैसा, आधुनिक माइक्रोप्रोसेसर विकसित किया है। इससे 5G इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स, industrial automation, ऐसे अनेक सेक्टर्स के लिए हमें एक अपना सुरक्षित platform मिला है।

साथियों,

सेमीकंडक्टर मिशन की अब तक की सफलता के बाद, अब भारत ने इसके अगले फेज की तरफ कदम बढ़ाया है। इसी सोच के साथ, इस वर्ष के बजट में इंडिया-सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की गई है। इस फेज का फोकस, भारत में सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट्स और मटीरियल्स के प्रोडक्शन पर है। अब हमारा प्रयास, एक फुल स्टैक भारतीय सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार करने का है। ताकि हम डोमेस्टिक और ग्लोबल सप्लाई चेन में बड़ी पार्टनरशिप कर सकें।

साथियों,

भारत आज industry led research and training centres को प्रोत्साहित कर रहा है। ताकि technology development भी हो और एक future ready skilled workforce भी तैयार हो। बहुत जल्द ही, देश में 85 हजार से अधिक डिजाइन प्रोफेशनल्स तैयार करने के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जाएगा। साथ ही, पूरे इकोसिस्टम की जरूरतों को देखते हुए प्रोफेशनल्स की ट्रेनिंग की भी व्यवस्था की जा रही है। सेमीकंडक्टर डिजाइन को बढ़ावा देने के लिए चिप्स टू स्टार्टअप भी कार्यक्रम चल रहा है। आज देश की करीब 400 यूनिवर्सिटीज और स्टार्टअप्स को, आधुनिक डिजाइन टूल्स तक access दी गई है। इससे फिफ्टी फाइव से अधिक चिप्स का डिजाइन और निर्माण किया जा चुका है।

साथियों,

इंडस्ट्री एस्टीमेट्स के अनुसार, आज भारत का सेमीकंडक्टर मार्केट करीब फिफ्टी बिलियन डॉलर, यानी करीब-करीब साढ़े चार लाख करोड़ रुपए का है। ये इस दशक के अंत तक सौ बिलियन डॉलर यानी नौ लाख करोड़ रुपए को पार कर सकता है। ये दिखाता है कि भारत में इस सेक्टर में कितनी ज्यादा संभावनाएं हैं। हमारा टारगेट अपनी ज़रूरतों की अधिक से अधिक चिप्स, भारत में ही बनाने का है। भारत के इस संकल्प को लेकर दुनियाभर के निवेशकों में जो उत्साह है, वो हमारे लिए बहुत बड़ी पूंजी है।

साथियों,

भारत एक सशक्त सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तो बना ही रहा है, साथ ही, रॉ मटीरियल की रिज़ीलियन्ट सप्लाई चेन के लिए भी बड़े प्रयास कर रहा है। पैक्स सिलिका में भारत का शामिल होना इसी प्रयास का ही एक हिस्सा है। दुनियाभर में जो हमारे पार्टनर्स हैं, उनके साथ मिलकर भारत में हम एक सुरक्षित सप्लाई चेन सुनिश्चित करना चाहते हैं।

साथियों,

क्रिटिकल मिनरल्स में आत्मनिर्भरता के लिए, भारत ने नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन भी शुरु किया है। इसके तहत, क्रिटिकल मिनरल्स की माइनिंग और प्रोडक्शन पर बल दिया जा रहा है। मिनरल्स की री-साइकलिंग के लिए भी 1500 करोड़ रुपए की स्कीम शुरु की गई है। इस वर्ष के बजट में, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरलम् जैसे कोस्टल स्टेट्स को मिलाकर रेयर अर्थ कॉरिडोर के निर्माण की घोषणा की गई है। ये कॉरिडोर,एक ऐसा Integrated नेटवर्क होगा, जो माइनिंग, रिफाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग की एक सशक्त चेन बनाएगा। हमारा प्रयास है कि देश में क्रिटिकल मिनरल्स का एक राष्ट्रीय भंडार हो। अच्छा होता कि, ये काम 30-40 वर्ष पहले शुरु होता। लेकिन अब भारत इसके लिए मिशन मोड पर काम कर रहा है।

साथियों,

भारत का मानना है, 21वीं सदी का ये कालखंड, सिर्फ economic competition का समय नहीं है। ये फ्यूचर के tech landscape को शेप करने का समय है। इसलिए, मैं इस दशक को, इस डैकेड को, भारत का टैकेड कहता हूं। इस दशक में भारत, टेक्नॉलॉजी से जुड़े जो initiatives ले रहा है, वो आने वाले दशकों में भारत की लीडरशिप को सशक्त करेंगे। आप सभी, हाल में हुई AI impact summit की सफलता से परिचित हैं। अगर AI adoption के मामले में देखें, तो भारत दुनिया में सबसे आगे है। हम भारतीय, टेक को एक्सप्लोर करते हैं। डिजिटल इंडिया की सफलता, फिनटेक में हो रहा शानदार काम, ये technology पर भारतीयों के भरोसे को ही हम देख पाते हैं, उसे दिखाता है। और भारत का जो AI इकोसिस्टम है, उसको हमारे सेमीकंडक्टर सेक्टर के उभार से बहुत मदद मिलेगी।

साथियों,

21वीं सदी का भारत केवल बदलाव का साक्षी नहीं, बल्कि बदलाव का नेतृत्व करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।हमारी नीतियां और हमारे निर्णय, आने वाले दशकों की टेक्नोलॉजी और एनर्जी सेक्टोरिटी की मजबूत नींव रख रहे हैं। इसलिए आज भारत हर क्रिटिकल टेक्नॉलॉजी पर अभूतपूर्व निवेश कर रहा है, रिफॉर्म्स कर रहा है। हमने space sector को private players के लिए खोला है, IN-SPACe जैसी संस्थाएं बनाई गईं हैं। इसका परिणाम आज दिख रहा है। स्पेस से जुड़े हमारे स्टार्ट अप्स बहुत ही शानदार काम कर रहे हैं। इसी तरह, हाल में ही हमने Nuclear sector में SHANTI Bill जैसे ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। ये रीन्युएबल एनर्जी मिक्स में, न्यूक्लियर एनर्जी के हिस्से को बहुत अधिक बढ़ाने जा रहा है। ये हमारे AI फ्यूचर के लिए भी बहुत ज़रूरी है।

साथियों,

भारत क्वांटम कंप्यूटिंग को भी एक स्ट्रटीजिक एसेट मानकर, मिशन मोड पर काम कर रहा है। ये भारत के डिजिटल फ्यूचर को सशक्त करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा। यानी भारत, आज टेक्नॉलॉजी के विकास और टेक्नॉलॉजी के यूज, दोनों ही मामलों में बहुत तेज़ी से काम कर रहा है। ये पूरी दुनिया के इन्वेस्टर्स के लिए बहुत बड़ा अवसर है। हम Ease of Doing Business, Ease of Manufacturing, Ease in Logistics, इस पर भी निरंतर काम कर रहे हैं।

साथियों,

मुझे विश्वास है, केन्स के इस प्लांट से निकलने वाले प्रोडक्ट factory of the world के रूप में भारत के सफर को और मज़बूती देंगे। एक बार फिर आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं। बहुत बहुत धन्यवाद।