Modi, the son of the poor, is dedicated to serving the impoverished. I vow to eradicate poverty nationwide: PM Modi in Nawada
Modi promises to uplift three crore village sisters to become 'Lakhpati Didis': PM Modi’s promise to the women in Bihar
The INDI Alliance lacks vision and credibility, with members who contradict each other in different states: PM Modi on opposition
Every vote cast on Lotus symbol on 19th April will strengthen the resolve for a ‘Viksit Bharat’: PM Modi in Nawada

भारत माता की जय।
भारत माता की जय।
भारत माता की जय।
जय छठी मइया।
अपने सबके हम प्रणाम करअ हियई।

मैं बिहार और मगध की धरती को प्रणाम करता हूँ। मगध की इस महान धरती में चन्द्रगुप्त मौर्य का शौर्य है। आचार्य चाणक्य की बौद्धिक क्षमता है। और इसमें देश को दिशा देने का अद्भुत सामर्थ्य है। ये क्षेत्र बिहार के पहले मुख्यमंत्री ‘बिहार केसरी’ श्रीकृष्ण बाबू की जन्मभूमि भी है। नवादा, लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी की भी कर्मभूमि है। मैं इन सभी महान विभूतियों को आदरपूर्वक नमन करता हूँ।

साथियों,
नवादा ने हमेशा भाजपा को, एनडीए को अपना भरपूर प्यार और भरपूर आशीर्वाद दिया है। और मैं देख रहा हूं आज भी आपका ये उत्साह, ये प्यार, ये साफ-साफ बता रहा है कि नवादा के साथ-साथ पूरे बिहार में NDA का परचम लहराने जा रहा है। मैं अभी बैठे-बैठे नीतीश जी से, हमारे सम्राट जी से बात कर रहा था, मैंने कहा भई सभा का समय क्या दिया है। क्योंकि हुजूम का हुजूम अभी आ ही रहा है। ये दोनों गेट पे मैं देख रहा हूं, यानी एक प्रकार से पूरा प्रवाह चल रहा है। ये अद्भुत नजारा है।

साथियों,
बीते 10 वर्षों में देश ने जिन ऊंचाइयों को छुआ है। देश में विकास के जो काम हुए हैं। NDA को मिल रहे विशाल जनसमर्थन में उसकी झलक दिख रही है। इसीलिए, आज पूरा देश कह रहा है- फिर एक बार.., मोदी सरकार! फिर एक बार.., मोदी सरकार! फिर एक बार.., मोदी सरकार! आज पूरा बिहार कह रहा है- फिर एक बार.., मोदी सरकार!

साथियों,
आपको याद होगा, लाल किले से मैंने कहा था- यही समय है, सही समय है। भारत के इतिहास में कई शताब्दियों के इंतजार के बाद ये समय आया है। ये वो समय है, जब हम मिलकर काम करें तो भारत विकसित हो सकता है। भारत अपनी गरीबी दूर कर सकता है। हमें इस मौके को गंवाना नहीं है और इसलिए चौबीस का ये चुनाव बहुत अहम हो गया है। बीते 10 वर्षों में बिहार के लोगों ने देशहित में लिए गए अनेक बड़े निर्णय देखे हैं। आज भारत में, बिहार में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है। आज बिहार में आधुनिक एक्सप्रेसवे बन रहे हैं। रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण हो रहा है। वंदे भारत जैसी ट्रेनें बढ़ रही हैं। डिजिटल क्रांति ने सरकार की सेवाओं को आपके मोबाइल में पहुंचा दिया है। आज पूरी दुनिया में भारत का डंका बज रहा है। आप मेरी बात से सहमत हैं। भारत का डंका बज रहा है। यूरोप में डंका बज रहा है। ऑस्ट्रेलिया में डंका बज रहा है। न्यूजीलैंड में डंका बज रहा है। अफ्रीका में डंका बज रहा है। अमेरिका में डंका बज रहा है। कैसे। ये कैसे हो रहा है। कैसे हो रहा है। कैसे हो रहा है। आपने गलत जवाब दे दिया। ये मोदी के कारण नहीं हो रहा है। ये आपके एक वोट के कारण हो रहा है। आपके उस वोट की ताकत है, जिसने देश को मजबूत सरकार दी और उसके कारण देश मजबूत कदम उठा रहा है। मुझे विश्वास है, बिहार की ये महान धरती, विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए अपना भरपूर आशीर्वाद देगी।

साथियों,
मोदी देश से गरीबी खत्म करने के मिशन में जुटा है। मैं भी आप ही की तरह ही गरीबी को जीकर यहां आया हूं। मैं कभी भूल नहीं सकता कि 2014 के पहले देश में क्या स्थिति थी। करोड़ों देशवासी कच्चे घरों में रहने को मजबूर थे या बेघर थे। देश के गांवों में ज्यादातर लोग खुले में शौच के लिए मजबूर थे। गरीबों के पास ना गैस कनेक्शन था, ना नल से जल आता था। गरीब का राशन बिचौलिए खा जाते थे। अस्पताल में इलाज के लिए गरीब को दर-दर भटकना पड़ता था।

साथियों,
गरीब का बेटा मोदी, गरीब का सेवक है। मैं जब तक देश के हर भाई-बहन की गरीबी दूर नहीं कर लूंगा, चैन से नहीं बैठूंगा। बीते 10 वर्षों में गरीब कल्याण के लिए जो काम हुआ, वो आजादी के बाद के 6 दशकों में भी नहीं हुआ था। इसी का नतीजा है कि 10 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। जब नीयत सही होती है, हौसले बुलंद होते हैं, तो नतीजे भी मिलते ही हैं। और साथियों, अगर मैं आपको ही पूछूंगा तो आप इस सरकार के अनगिनत काम बता देंगे। हर इलाके के लोग बोलेंगे, हां, हमारे यहां ये हुआ। हर परिवार कहेगा, हां हमारे यहां ये हुआ। दस साल में इतना काम, इतना तेजी के काम, पहले कभी किसी ने कल्पना नहीं की थी। उतनी तेजी से काम हुआ है। लेकिन भाइयो-बहनो आपको लगता होगा, सारे सर्वे वाले कहते हैं कि इस बार तो चार सौ पार पक्का है। सारे अखबार वाले लिखते हैं, चार सौ पार पक्का है। सब लोग कहते हैं कि एनडीए का जय जयकार है। लोग कहते हैं कि इतना सारा हो रहा है तो मोदी इतना काम क्यों कर रहा है।

भाइयो-बहनों,
चुनाव तो आपने जिताना तय कर लिया है। मैं तो मेहनत इसलिए करता हूं कि मुझे आपके दर्शन करने का सौभाग्य मिल जाता है। अपनों से मिलने का आनंद होता है। अपनों को मिलने से ऊर्जा मिलती है। अपनों को मिलने से प्रेरणा मिलती है। और इसलिए मैं आपके बीच आता रहता हूं। और भाईयो-बहनों इतने सारे काम हुए। कोई ये कहेगा मोदी जी इतिहास में नाम हो गया। अब तो आराम करो। मेरा उनको जवाब है- मोदी मौज करने के लिए नहीं पैदा हुआ है, मोदी मेहनत करने के लिए ही जन्मा है। और वो भी 140 करोड़ देशवासियों के लिए। अब तक बहुत हुआ है बहुत किया है, लेकिन मोदी का मन तो यही कहता है कि ये तो अभी ट्रेलर है। इतने से हमें रुकना नहीं है। अभी तो गाड़ी टॉप गियर में ले जाना है। अभी तो रनवे पर है। नई ऊंचाईयों को पार करना है। अभी तो बहुत कुछ करना है। हमें देश को, बिहार को नई ऊंचाई पर लेकर जाना है।

साथियों,
बिहार और नवादा की हमारी माताओं-बहनों को लंबे समय तक जंगलराज के अंधेरे में अपना जीवन गुजारना पड़ा है। बिहार में एक वो भी समय था, जब हमारी बहन-बेटियों को सड़क पर निकलने में डर लगता था। नीतीश बाबू के प्रयासों से, हमारे सुशील मोदी जी के अथक प्रयासों से बिहार इस जंगलराज से बाहर निकला। अभी नीतीश जी विस्तार से बता रहे थे कि जंगलराज के समय शिक्षा की, स्वास्थ्य की, अन्य सुविधाओं की कैसी हालत थी। नीतीश जी के नेतृत्व में बिहार उन परिस्थितियों से बाहर निकला है। अब हर बहन के पास उसके इस भाई की, मोदी की गारंटी भी है। आज 12 करोड़ घरों में बने इज्जतघर, महिलाओं के सम्मान की गारंटी हैं। आज बिहार में करीब सवा करोड़ उज्ज्वला सिलेंडर, धुएँ से आजादी की गारंटी हैं। अकेले नवादा में ही 2 लाख से ज्यादा उज्ज्वला कनेक्शन हैं। बिहार के गरीबों को मिले सैंतीस लाख पीएम आवास महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा की गारंटी हैं। बिहार के साढ़े 8 करोड़ लोगों को मिल रहा मुफ्त राशन इस बात की गारंटी है कि किसी माँ की संतान भूखे पेट नहीं सोएगी। इतना ही नहीं। तीसरे कार्यकाल में अभी तो मोदी की कई और गारंटी आने वाली हैं। अब मोदी की गारंटी है कि गांवों की 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाएंगे। अब मोदी की गारंटी- गांव और गरीब परिवार की बहनों को ड्रोन पायलट बनाने की है। मोदी ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना भी शुरू की है, ताकि गरीबों का बिजली का बिल, मध्यम वर्ग का बिजली का बिल जीरो हो जाए, शून्य हो जाए।

लेकिन साथियों, मोदी की ये गारंटियां, कांग्रेस-आरजेडी वाले इंडी गठबंधन वालों को परेशान कर रही हैं। उनको पसंद नहीं आ रहीं हैं। इंडी गठबंधन के एक बहुत बड़े नेता ने कहा है कि मोदी जी आपको जो गारंटी देता है, उस पर बैन लगना चाहिए। अरे इतने डर गए हो क्या। अरे मोदी की गारंटी से घबरा रहे हो क्या। ये लोग कहते हैं, और कानून को जानकर कह रहे हैं कि मोदी का गारंटी देना ही गैर-कानूनी है। मेरे देशवासी, आप इस देश के मालिक हैं। आप मुझे बताइये, क्या मोदी गैर कानूनी काम कर रहा है। क्या गारंटी देना गैर कानूनी है। क्या मैं मेरे देशवासियों को मेहनत करने की गारंटी देता हूं तो क्या मैं गुनाह करता हूं। मैं मेरे देशवासियों को ये कहूं कि मैं 24 घंटे काम करूंगा तो क्या ये गुनाह है। मोदी गारंटी देता है उसको भी उन्होंने गुनाह बना दिया। अरे भाई, मोदी गारंटी इसलिए देता है, क्योंकि उसके पास गारंटी पूरी करने का माद्दा है, मोदी गारंटी इसलिए देता है, मोदी की नीयत है। मोदी गारंटी इसलिए देता है क्योंकि वो गारंटी पूरी करने के लिए जी-तोड़ मेहनत करता है। अहंकार में डूबे इंडी गठबंधन वालों को, खुद को देश का परमानेंट शासक समझने वाले इंडी गठबंधन वालों को ये समझ नहीं आएगा।

साथियों,
चुनाव में झूठ बोलना, झूठ बोलकर वोट लेना, इंडी गठबंधन वालों की पहचान यही है। इसलिए ये मोदी की गारंटी उसे भी रोकना चाहते हैं। ये भूल रहे हैं कि मोदी की गारंटी यानी, गारंटी पूरा होने की गारंटी! मोदी ने कश्मीर में 370 खत्म करने की गारंटी दी। नतीजा क्या हुआ, नतीजा क्या हुआ- 370 गई की नहीं गई। गई की नहीं गई। ये बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान की बातें करते हैं, लेकिन ये इंडी गठबंधन वाले जवाब दें कि कितने साल आपने राज किया। संविधान के नाम पर गीत गाते रहते हो, लेकिन आपने जम्मू कश्मीर में बाबा साहेब अंबेडकर का संविधान लागू होने नहीं दिया था। ये मोदी है जो बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान को जम्मू कश्मीर की धरती भी पर ले गया है। इतने सालों के बाद ले गया है।

और आप कमाल देखिए, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष, छोटा पद नहीं है उन्होंने अभी भाषण किया, उन्होंने ये कहा और वो कहीं शायद राजस्थान में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भई राजस्थान में आकर 370 का क्या लेना-देना। मोदी यहां आकर 370 की बात क्यों करता है। ये सुनकर मुझे बहुत शर्म आई। क्या जम्मू-कश्मीर हमारा है कि नहीं है। जम्मू-कश्मीर हमारा है कि नहीं है। कांग्रेस समझ ले और सुन ले । इसी कश्मीर की रक्षा के लिए मेरे बिहार के अनेक नौजवानों ने मातृभूमि के लिए सबसे बड़ा बलिदान दिया है। कितने ही वीर-जवान तिरंगे में लिपटकर लौटे हैं, कश्मीर को बचाने के लिए। आप ये कहते हो, राजस्थान की धरती पर भी कितने ही वीर परिवार हैं, जिनके बेटे मातृभूमि में कश्मीर की रक्षा करने के लिए शहीद होकर लौटे हैं। आप ये कह रहे हैं कि हिंदुस्तान के उस कौने को क्या लेना-देना। उस कौने को क्या लेना-देना। ये टुकड़े-टुकड़े करने वाली गैंग का प्रताप है। ये लोग ऐसी भाषा बोलने लगे हैं। क्या ऐसी भाषा बोलने वालों को माफ किया जा सकता है। क्या शहीदों का अपमान सहन किया जा सकता है।

भाइयो और बहनों,
मोदी ने तीन तलाक को खत्म करने की गारंटी दी। नतीजा क्या हुआ- तीन तलाक जैसी महिला विरोधी कुप्रथा खत्म हो गई। मोदी ने भारत को आँख दिखाने वालों को सबक सिखाने की गारंटी दी। नतीजा- जो भारत को आँखें दिखाते थे, अब वो आटे के लिए भटक रहे हैं। मोदी ने गारंटी दी थी कि अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर बनेगा। आज अयोध्या में भव्य राममंदिर का शिखर आसमान छू रहा है। जो 500 वर्षों में नहीं हो पाया, जिस राम मंदिर के निर्माण को रोकने की काँग्रेस औऱ आरजेडी ने बरसों तक कोशिश की, वो राममंदिर बनकर तैयार हो गया। और ये देखिए, चलो भाई, देशवासियों ने चंदा दिया। एक रूपया, पांच रूपया, पांच सौ रूपया, हजार रूपया। देशवासियों के पैसे से राम मंदिर बना है। सरकारी तिजोरी से राम मंदिर नहीं बना है। देशवासियों ने बनाया है। इनकी क्या दुश्मनी है इस देश के लोगों से। इनकी क्या दुश्मनी है प्रभु राम से। इनकी क्या दुश्मनी है अयोध्या से। उनकी क्या दुश्मनी है हमारी विरासत से। राम मंदिर बन गया तो बोले, हम उसके प्राण-प्रतिष्ठा में नहीं जाएंगे, विरोध किया। क्या ये शोभा देता है क्या। शोभा देता है क्या। इतना ही नहीं, इनके मन में इतना जहर भरा है, इतना जहर भरा है कि उनकी पार्टी के कुछ लोग राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में आ गए तो उनको छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया। राम नवमी आ रही है, ये पाप करने वालों को भूलना मत भाइयो-बहनों। भूलना मत। इसलिए, ये भी जानते हैं कि अगर मोदी की गारंटी ऐसे ही चलती रही तो इनकी वोटबैंक की दुकान ही बंद हो जाएगी। और इसलिए ये लोग मोदी की गारंटी का विरोध कर रहे हैं।

साथियों,
इंडी गठबंधन के पास न विज़न है, न विश्वसनीयता है। दिल्ली में जो लोग एक साथ खड़े होते हैं, अलग-अलग राज्यों में वही एक-दूसरे को गाली देते हैं। यहाँ बिहार में तो गजब हाल चल रहा है। यहां इंडी गठबंधन एक उम्मीदवार खड़ा करता है, तो दूसरा नेता कहता है कि असली उम्मीदवार वो है। यहां आपस में ही सिर-फुटव्वल मची है। ये मजबूरी में साथ आए लोग हैं। और इनकी मजबूरी का एक ही नाम है- सत्ता का स्वार्थ! इंडी गठबंधन यानी- भ्रष्टाचारियों का ठिकाना। और इंडी गठबंधन यानी- देशविरोधी नफरती ताकतों का ठिकाना। आप इनके बयान देख लीजिये! इंडी गठबंधन वाले सनातन धर्म को समाप्त करने की बात करते हैं। इंडी गठबंधन वाले भारत के एक और विभाजन करने की बात करते हैं। काँग्रेस पार्टी के नेता खुलेआम बयान दे रहे हैं कि वो दक्षिण भारत को अलग कर देंगे। दो दिन पहले कांग्रेस ने जो अपना घोषणापत्र जारी किया है, उसमें भी मुस्लिम लीग के विचारों की छाप है। कांग्रेस ने ‘घोषणापत्र’ नहीं, ‘तुष्टिकरण पत्र’ जारी किया है।

साथियों,
पूरे देश में चुनाव की हलचल बढ़ रही है। लेकिन ये ऐसा चुनाव है जिसमें विपक्ष के लोग गठबंधन बनाकर भ्रष्टाचारियों को छुड़ाने के लिए रैली तो कर रहे हैं। और हालत देखिए। दो खेमे हैं। दोनों के विचार देख लीजिए। मैं कहता हूं- भ्रष्टाचार हटाओ, वो कहते हैं-भ्रष्टाचारी बचाओ। आप मुझे बताइये, देश तोड़ने की बात करने वाले, भ्रष्टाचारियों का समर्थन करने वाले, सनातन धर्म को खात्मे की बात करने वाले, इन लोगों को बिहार माफ करेगा क्या? बिहार माफ करेगा क्या? कांग्रेस-आरजेडी वाले आपका एक भी वोट पाने के हकदार नहीं हैं। इन लोगों को सत्ता और भ्रष्टाचार की लत लग चुकी है। सत्ता से दूर जाते ही ये ऐसे छटपटाने लगते हैं जैसे मछली को पानी से बाहर निकाल दिया गया हो। इसलिए, इन्हें सत्ता से दूर रखना बहुत जरूरी है।

साथियों,
कल दिल्ली में कुछ लोग बता रहे थे। क्योंकि मैं देख रहा हूं कि ये इंडी गठबंधन इस चुनाव के मैदान में कहीं नजर नहीं आ रहा। उसके नेता नहीं आ रहे। मैंने जरा पूछताछ की भई मामला क्या है, ठंडे पड़े हो। तो उनके एक नेता ने बयान भी कर दिया कि हमारे लोग बहुत सुस्त हैं। ठंडे हैं। कुछ करना नहीं चाहते। तो उन्होंने कहा इंडी गठबंधन के वरिष्ठ नेतागिरी में पिछले पंद्रह दिन से बहुत तूफान चल रहा है। क्या तूफान चल रहा है। उनके एक नेता ने, हठ पकड़कर बैठे हैं कि जब तक इंडी गठबंधन उन्हें प्रधानमंत्री का उम्मीदवार घोषित नहीं करेगा, वो एक भी चुनाव प्रचार में नहीं जाएंगे। अब ये हाल है उनका। वो बता नहीं पा रहे, उनका नेता कौन है। और वो अंदर-अदंर लड़ रहे हैं। और इंडी गठबंधन वाले कहते हैं कि अभी नहीं, चुनाव नतीजे आने के बात तय करेंगे। अब वो अड़कर बैठ गए हैं। और वे कहते हैं कि जब तक मुझे नेता घोषित नहीं करोगे, मैं कोई रैली करने वाला नहीं। पता नहीं समझ जाएं, नहीं समझ जाएं। लेकिन ये हाल है उनका।

साथियो
मैंने हमेशा कहा है कि 140 देशवासी मेरा परिवार है। और ये सिर्फ शब्द नहीं हैं, मेरी भावना है। आपका सपना ही मेरा संकल्प है। नवादा के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए भाजपा ने हमारे साथी मित्र विवेक ठाकुर जी को उम्मीदवार बनाया है। इनको दिया गया एक-एक वोट मोदी को मजबूत बनाएगा। 19 अप्रैल को कमल छाप उसपर दिया गया हर वोट विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करेगा। आप यहाँ से जाकर नवादा के जन-जन तक मेरा प्रणाम भी जरूर पहुंचाइएगा।

मेरे साथ बोलिए
भारत माता की जय
भारत माता की जय
बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Today, the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust: PM Modi at G7 Summit in Evian, France
June 16, 2026

राष्ट्रपति मैक्रों,
Your Excellencies,

नमस्कार!

G-7 समिट में हमारे गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं राष्ट्रपति मैक्रों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

आज का विश्व पहले से कहीं अधिक inter-connected और inter-dependent है। किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। Mobility, data, capital, technology, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं।

ऐसे समय में Partnerships का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। लेकिन साझेदारियाँ तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो। आज सबसे महत्वपूर्ण Strategic Asset कोई mineral, technology या market नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है।

विश्वास कि टेक्नॉलजी और supply chains को हथियार के रूप में नहीं, global good के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विश्वास कि विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेंगे। विश्वास कि वैश्विक संस्थान सभी देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे।

Friends,

पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुज़रना पड़ा। अनेक बलिदानों के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएं विकसित की। इन व्यवस्थाओं का आधार भी trust ही था।

किन्तु अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुँच रही है। कोविड ने हमें आईना दिखाया कि trust और solidarity के दावे कितने खोखले थे।

Today the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust. And the future of our partnerships depends on building this trust.

अमेरिका के राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था: Trust but Verify. यह आज के समय में भी प्रासंगिक है। भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप trusted rules based order का निर्माण करें।

Friends,

भारत ने सदैव विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है। हमारे सभी प्रयास “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” यानि, welfare and happiness for all के मूल सिद्धांत पर आधारित रहे हैं।

भारत का अनुभव दिखाता है कि विकास सबसे अधिक प्रभावी तब होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का भी आधार है। इसी सोच के साथ भारत ने International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस, Mission LiFE, और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी वैश्विक पहलों को आगे बढ़ाया है।

संकट के समय भारत ने First Responder के रूप में सभी देशों की सहायता करना अपना दायित्व समझा है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने डेढ़ सौ से अधिक देशों को दवाइयाँ और vaccines उपलब्ध कराईं।

श्रीलंका में cyclone हो, अफगानिस्तान में भूकंप हो, मोज़ाम्बिक में floods हों, या क्यूबा और जमैका में hurricane, भारत ने सदैव "Humanity First" के सिद्धांत पर कार्य किया है। हमारी विकास साझेदारियाँ भी इसी भावना को प्रतिबिंबित करती हैं। हमारे प्रयास पार्टनर देशों में capacity building और कौशल विकास पर केन्द्रित रहे हैं।

भारत का मानना है: The true test of partnership is not what we build for others, but what we enable others to build for themselves.

Friends,

आज ग्लोबल साउथ की विश्व समुदाय से बहुत उम्मीदें हैं। किन्तु उनकी अपेक्षा सहारे की नहीं, साथ की है। वे वैश्विक विकास के लाभार्थी नहीं, उसके भागीदार बनना चाहते हैं।

हमें donor–recipient की सोच से आगे बढ़कर, equal पार्टनर्स के रूप में काम करना होगा। उनके पास-पास नहीं, साथ-साथ चलना होगा। साझेदारी को dependency के बजाय, dignity से जोड़ना होगा। इन प्रयासों से हम भावी पीढ़ियों के सतत विकास की मजबूत नींव रख सकेंगे।

Friends,

अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ और वैश्विक एकजुटता तभी सार्थक बन सकती हैं, जब हम साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें। भारत का दृढ विश्वास है कि विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनावों और युद्धों का स्थायी समाधान dialogue, diplomacy और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मार्ग से ही संभव है।

हम west asia में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष से west asia में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। होर्मुज़ स्ट्रेट में maritime ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा। भारत के कई civilians को जान गंवानी पड़ी। Global maritime ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें, और Seafarers बिना भय के अपना कार्य कर सकें।

Friends,

भारत इन विषयों पर सभी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।