Text of PM’s address at inauguration ceremony of “Urja Sangam-2015”

Published By : Admin | March 27, 2015 | 18:18 IST

उपस्थित सभी महानुभाव और नौजवान साथियों।

आज ऊर्जा संगम भी है और त्रिवेणी संगम भी है। त्रिवेणी संगम इस अर्थ में है कि तीन महत्‍वपूर्ण initiative जिनको आज हम Golden Jubilee के रूप में मना रहे हैं। ONGC Videsh Limited, Engineer India Limited and Barauni Refinery Limited इन तीनों क्षेत्र में गत 50 वर्षों में जिन जिन महानुभाव ने योगदान दिया है। इस अभियान को आगे बढ़ाया है और भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में ताकत देने के लिए निरंतर प्रयास किया है। मैं उन तीनों संस्‍थाओं से जुड़े सभी महानुभवों को हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं और मुझे विश्‍वास है कि जब हम Golden Jubilee Year मना रहे हैं तब पीछे मुड़कर के वो कौन सी हमारी कार्यशैली थी, वो कौन से हमारे निर्णय थे, वो कौन सा हमारा दर्शन था, जिसके कारण हम आगे बढ़े, वो कौन सी कमियां थी, जिसके कारण अगर कोई कमी रह गई थी तो वो क्‍या थी और अब जाकर के जब हम 50 साल के turning point पर खड़े हैं तब आने वाला 50 साल का हमारा लक्ष्‍य क्‍या होगा। हमारा मार्ग क्‍या होगा, हमारी शक्ति संचय के रास्‍ते क्‍या होंगे और राष्‍ट्र को शक्तिवान बनाने के लिए हमारे पुरूषार्थ किस प्रकार का होगा, उसका भी आप लोग रोड मैप तैयार करोगे, इसका मुझे पूरा विश्‍वास है।

कोई देश तब प्रगति करता है, जब विचार के साथ व्‍यवस्‍थाएं जुड़ती है, अगर विचार के साथ व्‍यवस्‍था नहीं रहती है, तो विचार बांझ रह जाते हैं, उससे आगे कुछ निकलता नहीं है और इसलिए देश को अगर प्रगति करनी है तो हर Idea को Institutionalise करना होता है और देश्‍ लम्‍बे स्‍तर से तब स्‍थाई भाव से तब प्रगति करता है जब उसका Institutional Mechanism अधिक मजबूत हो। Institutional Mechanism में auto-pilot ऐसी व्‍यवस्‍था हो कि वो नित्‍य-नूतन प्रयोग करता रहता हो।

मैं समझता हूं कि हमारे पास आने वाले युग के लिए भी, नई व्‍यवस्‍थाओं के निर्माण की आवश्‍यकता है और वर्तमान में जो व्‍यवस्‍थाएं हमारे पास है जो Institutional Mechanism हैं, उस Institutional Mechanism को भी आने वाली शताब्‍दी के लिए किस प्रकार से अधिक आधुनिक बनाया जाए, नए innovation कैसे किये जाए, young man को कैसे incorporate किया जाए और न सिर्फ भारत की सीमाओं तक लेकिन Global Perspective में हम अपने विकास की दिशा कैसे तय करे और उन लक्ष्‍यों को कैसे पार करे, कैसे प्राप्‍त करे? उन बातों पर जितना हम ध्‍यान देंगे, तो विश्‍व की भारत के पास जो अपेक्षाएं हैं और दुनिया का 1/6 population, यह 1/6 population यह कहकर नहीं रोक सकता कि हमारी यह मुसीबत है, हमारी यह कठिनाई है। दुनिया के 1/6 population का तो यह लक्ष्‍य रहना चाहिए कि विश्‍व का 1/6 बोझ हम अकेले अपने कंधों पर उठाएंगे और विश्‍व को सुख-शांति देने में हमारा भी कोई न कोई सकारात्‍मक contribution होगा। यह Global Perspective के साथ भारत को अपने आप को सजग करना होगा, भारत को अपने आप को तैयार करना होगा और मुझे विश्‍वास है जिस देश के पास 65% जनसंख्‍या 35 साल से कम उम्र की हो young mind जिनके पास हो, अच्‍छे सपने देखने का जिन लोगों में सामर्थ्‍य हो ऐसी ऊर्जावान देश के लिए सपने देखना।

…और सपने पूरा करना कठिन नहीं है और मुझे विश्‍वास है कि आज जब हम इस महत्‍वपूर्ण अवसर पर ऊर्जा संगम के समारोह में मिले हैं, तब कल, आज और आने वाले कल का भी संगम हमारे मन-मस्तिष्‍क में स्थिर हो, ताकि हम नई ऊंचाईयों को पार करने के लिए विश्‍व के काम आने वाले भारत को तैयार करने में सफल हो सकें और इस अर्थ में आज मुझे आपके बीच आने का सौभाग्‍य मिला मैं आपको इसके लिए हृदय से बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं और आपके आगे की यात्रा बहुत ही उत्‍तम तरीके से राष्‍ट्र की सेवा में काम आएगी, ऐसा मुझे पूरा विश्‍वास है।

नई सरकार बनने के बाद नये कई initiative लिये गये हैं। हम जानते हैं कि अगर हमें विकास करना है अगर हमें Global Bench Mark को achieve करना है तो हमारे लिये ऊर्जा के क्षेत्र में Self Sufficient होना बहुत अनिवार्य है। हमें किसी क्षेत्र में भी Growth करना है उसकी पहली आवश्‍यकता होती है ऊर्जा। आज Technology Driven society है और जब Technology Driven society है तो ऊर्जा ने अपनी अहम भूमिका स्‍थापित की है। ऊर्जा के स्रोत अलग-अलग हो सकते हैं, जो आज भी हमारे ध्‍यान में नहीं है वो भी शायद आने वाले दिनों में विश्‍व के सामने उजागर हो सकते है, लेकिन पूरे मानव जाति की विकास यात्रा को देखा जाए, तो ऊर्जा का अपना एक स्‍थान है, ऊर्जा एक प्रकार से विकास को ऊर्जा देने की ताकत बन जाती है और उस अर्थ में हमारे लिए ऊर्जा सुरक्षा ये आवश्‍यकता भी है और हमारी जिम्‍मेदारी भी है और उस जिम्‍मेदारी को पूरा करने की दिशा में हमने कुछ कदम उठाए हैं।

पिछले दस महीनों में इस क्षेत्र में हमने जो reform को बल दिया है और reform को बल देने के कारण कई महत्‍वपूर्ण बातें सामने आई है। हमारे यहां सामान्‍य नागरिक की चिंता करना यह हमारा पहला इरादा रहता है। हमारा मकसद है कि देश के common man को अधिक से अधिक सरलता से लाभ कैसे मिले।

सब्सिडी ट्रांसफर्स दुनिया की सबसे बड़ी गैसे सब्सिडी को ट्रांसफर करने की स्‍कीम में सिर्फ सौ दिन के कालखंड में हमने सफलता पाई है और मैं मानता हूं कि एक तो किसी चीज में शुरू करना, किसी चीज को achieve और किसी चीज को time-bound…समय रहते हुए चीजों को तोलते हुए देखें तो मैं विभाग के सभी मित्रों को सचिव श्री, मंत्री श्री को और उनकी टीम को सौ दिन के अल्‍प समय में दुनिया की सबसे बड़ी सब्सिडी ट्रांसफर स्‍कीम 12 करोड़ लोगों को बैंक खाते में सब्सिडी पहुंचना यह छोटा काम नहीं है। दुनिया का सबसे बड़ा काम है और जनधन Account जब खोल रहे थे तब तो कुछ लोग मजाक करने की हिम्‍मत करते थे, लेकिन अब नहीं करते, क्‍योंकि जनधन, जनधन के लिए नहीं था। जनशक्ति में परिवर्तित करने का प्रयास था और उसमें ऊर्जा शक्ति जोड़ने की प्रारंभ में करना था। कोई कल्‍पना कर सकता है कि beneficially को सीधा लाभ देकर के हमने कितना बड़ा leakage रोका है। मैं विशेषकर के Political पंडितों से आग्रह करूंगा कि जरा उसकी गहराई में जाए। मैं अपनी तरफ से claim करना नहीं चाहता हूं। जिस भ्रष्‍टाचार के खिलाफ लड़ने के खिलाफ बाते तो बहुत होती है लेकिन भ्रष्‍टाचार से लड़ने के लिए Institutional Mechanism, Transparent Mechanism, Policy driven व्‍यवस्‍थाएं अगर निश्चित की जाए तो हम leakage को रोक सकते हैं और यह उत्‍तम उदाहरण cash transfer के द्वारा हमने सिद्ध किया है। पहले कितने सिलेंडर जाते थे अब कितने सिलेंडर जाते हैं, इससे पता चलेगा।

पिछली बार हमने Parliament में एक छोटा सा उल्‍लेख किया था कि जिनको यह affordable है उन्‍होंने सब्सिडी क्‍यों लेनी चाहिए। क्‍या देश में ऐसे लोग नहीं निकल सकते कि जो कहें कि भई ठीक है, अब तो ईश्‍वर ने हमें बहुत दिया है, देश में हमें बहुत दिया है और गैस सिलेंडर के लिए सब्सिडी की जरूरत नहीं है। हम अपने पसीने की कमाई से अपना खाना पका सकते हैं और अपना पेट भर सकते हैं। छोटा सा स्‍पर्श किया था विषय पर लेकिन स्‍पर्श को भी देश के करीब 2 लाख 80 हजार लोगों ने सकारात्‍मक response किया और इस “Give it up” movement में भागीदारी हुए। सवाल यह नहीं है कि दो लाख, तीन लाख इसमें लोग जुड़े, सवाल यह है कि देश हमें चलाना है तो देश भागीदारी करने को तैयार होता है। देश का हर नागरिक भागीदारी करने को तैयार होता है। उनको अवसर देना चाहिए। देश के नागरिकों पर भरोसा करना चाहिए। हमारी सबसे बड़ी पहल यह है कि हम हिंदुस्‍तान के नागरिकों पर भरोसा कर करके आगे बढ़ना चाहते हैं और आपको जानकर के आनंद होगा कि समाज के एक वर्ग ने जिसने कहा कि हां भई हम अब सब्सिडी से गैस अब लेना नहीं चाहते, हम अपना पैसा दे सकते हैं। करीब 2 लाख 80 हजार से ज्‍यादा लोगों ने इसका एक प्रकार से देश को लाभ दिया है। उससे कम से कम 100 करोड़ रुपये की बचत होगी। यह 100 करोड़ रुपया किसी गांव में स्‍कूल बनाने के काम आएगा कि नहीं आएगा। किसी गरीब का बच्‍चा बीमार होगा तो उसके काम आएगा कि नहीं आएगा। जिसने भी यह काम किया है उसने एक प्रकार से गरीबों की सेवा करने का काम किया है। और यह जो सिलेंडर बचे हैं उन सिलेंडरों से हम पैसे बचाना नहीं चाहते, हम इसको गरीबों तक पहुंचाना चाहते हैं ताकि आज वो धुएं में चुल्‍हा जलाते हुए जो मां परेशान रहती है उसको कोई राह मिल जाए, उसके बच्‍चे को आरोग्‍य का लाभ मिल जाए।

गरीब के घर तक गैस का सिलेंडर कैसे पहुंचे इसका हमने अभियान चलाया है और मैं आज विधिवत रूप से यह सफलता देखकर पहले तो हमने ऐसा ही कहा था कि चलो जरा कहे लेकिन जो response देश ने दिया है, मैं उन दो लाख 80 हजार लोगों से अधिक इस काम का जिम्‍मा लिया मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं, अभिनंदन करता हूं और देशवासियों को अपील करता हूं कि जिसके लिए भी यह संभव है अपनी जेब से.. अपना खाना पकाने की जिनकी ताकत है वो कृपया करके यह गैस सिलेंडर में सब्सिडी न लें। देने का भी एक आनंद होता है, देने का भी एक संतोष होता है और जब आप गैस सिलेंडर की सब्सिडी नहीं लेंगे तब मन में याद रखिए यह जो पैसे देश में बचने वाले हैं वो किसी न किसी गरीब के काम आने वाले हैं। वो आपके जीवन का संतोष होगा, आनंद होगा और मैं विधिवत रूप से देशवासियों से आग्रह करता हूं।

जब मैं यह विचार कर रहा था, तब मैंने Department को पूछा था कि पहले जांच करो भई! मोदी के नाम का तो सिलेंडर कोई है नहीं न! मेरा सौभाग्‍य रहा कि मुझे कभी इस दुनिया से उलझना ही नहीं पड़ा है तो उसके कारण न कभी पहले लिया था न आज है तो फिर मैं एक moral ताकत से बोल सकता था हां भई हम यह कर सकते हैं और मैं आज विधिवत रूप से देशवासियों से अपील करता हूं कि अगर आपके पास इस देश ने जहां तक पहुंचाया है, देश का योगदान है। गरीब से गरीब का योगदान है आप यहां तक पहुंचने में, आपकी जेब भरने में गरीब के पसीने की महक है। आइए हम इस “Give it Up” movement में जुड़े, हम गैस सब्सिडी को छोड़ें, सामने से offer करे और इसमें भी नये नये लक्ष्‍य प्राप्‍त करके नये record स्‍थापित करे। मैं आपको विश्‍वास दिलाता हूं जो सिलेंडर, आप सब्सिडी छोड़ेंगे वो हम गरीबों को पहुंचाएंगे। यह गरीबों के काम आएगा।

हमने एक और काम किया है....5kg का सिलेंडर। जो विद्यार्थी पढाई के लिए शहर आता है...अब वो एक पूरा सिलेंडर लेकर के क्‍या करेगा, अब बेचारा एक कमरे में रहता है या तो कोई नौकरी के लिए गये हुए लोग है। यह जो घूमन जाति के लोग है, जो एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं, उनको 5kg का सिलेंडर मिलेगा, तो ऐसे गरीब लोगों को वो affordable भी होगा और उसकी जरूरत पूरी करने की व्‍यवस्‍था होगी। हमने उस दिशा में प्रयास किया है।

हमने एक यह भी काम किया डीजल को deregulate किया। अब डीजल को deregulate करने के कारण reform के लिए एक महत्‍वपूर्ण माना जाता है। International दाम कम हुए थे तो थोड़ी सुविधा भी रही, लेकिन Market को तय करने दो, क्‍योंकि Global Market के दबाव में है और मैंने देखा है कि देश ने सहजता से इसको स्‍वीकार कर लिया है। कभी दाम ऊपर जाते हैं कभी दाम नीचे जाते हैं लेकिन लोगों को मालूम है कि भई इसमें सरकार का कोई रोल नहीं है। बाजार की जो स्थिति है वो उसी के साथ जुड़ गए है। तो भारत का नागरिक भी एक खरीदार के रूप में भी Global Economic का हिस्‍सा बनकर के अपनी जिम्‍मेदारियों को निभाने के लिए तैयार हुआ है। यह अपने आप में विकास के एक सकारात्‍मक दृश्‍य के रूप में मैं देख रहा हूं। मैं देख रहा हूं कि उसका भी लाभ होगा। हमने एक और महत्‍वपूर्ण निर्णय किया। जब ऊर्जा के क्षेत्र में चर्चा करते समय सभी क्षेत्रों में प्रयास करना पड़ेगा।

Ethanol के लिए पेट्रोल में उसको Mix करने के लिए हमने उसमें initiative लिया, विधिवत रूप से लिया। हमारे गन्‍ने की खेती करने वाले किसान परेशान है, क्‍योंकि उसकी लागत से चीनी की कीमत कम हो रही है, चीनी के कारखाने बंद हो रहे हैं। अगर उसके लिए एक नई व्‍यवस्‍था जोड़ दी जाए। अगर चीनी बनाने वाले चीनी.. उनके पास excess है, चीनी के दाम टूट रहे हैं दुनिया में कोई Import करने वाला नहीं है, तो ऐसी स्थिति में आप चीनी मत बनाइये Ethanol बनाइये, कुछ मात्रा में Ethanol बनाइये, उसको प्रट्रोल में blend कर दिया जाए। किसी समय यह petroleum lobby के बारे में ऐसा कहा जाता था कि इतनी powerful होती है कि कोई निणर्य नहीं कर सकता। हमने निर्णय किया। यहां कई लोग बैठे होंगे, शायद उनको अच्‍छा नहीं भी लगेगा, लेकिन हमने निर्णय किया है और उसके कारण हम climate की भी चिंता करते हैं, environment की भी चिंता करते हैं, at the same time हम economy की भी चिंता करते हैं। और हमारा गरीब किसान, गन्‍ने का किसान है। यह ethanol के द्वारा, अब उसकी बहुत बड़ी मदद कर रहे हैं। हमारा जो sugar sector है उसको ताकत देने का एक उत्‍तम रास्‍ता हमने किया है और पहले ethanol का MSP भी नहीं था। Minimum Support Price का निर्णय नहीं था। उसका कोई Price.. कोई कीमत तय नहीं था। हमने तय कर दिया 48.50 पैसा to 49.50 पैसा तक इसका रहेगा ताकि एक राज्‍य में एक भाव हो, दूसरे राज्‍य में दूसरा हो, तो स्थिति खराब न हो और उसके कारण कोई भी company direct ले सकती है। कोई टेंडर प्रोसेस में जाना नहीं पड़ेगा, मार्केट रेट फिक्‍स कर दिया है। मैं समझता हूं कि उसके कारण भी एक और लाभ होगा।

और एक काम हमने initiative लेने के लिए राज्‍यों से आग्रह किया है। जिन-जिन राज्‍यों में बंजर भूमि है। जहां पर अन्‍य फसल की संभावनाएं कम है, वहां पर Jatropha की खेती बहुत अच्‍छी हो सकती है। Jatropha की पैदावर अच्‍छी हो सकती है और Jatropha जैसे वो तिलहन है जिसमें से खाद्य तेल नहीं निकलता है, लेकिन कोई पदार्थ मिलता है, उसको बढ़ावा देना और उसको बायो डीजल के रूप में develop करना और जितनी मात्रा में हम बायो डीजल को मार्केट में लाएंगे, हमारा किसान जो खेत में पम्‍प चलाता है या ट्रेक्‍टर चलाता है उसको भी उसके कारण लाभ होगा। गरीब आदमी को किस प्रकार से लाभ हो, उस बल देने करने का हमारा प्रयास है।

देश में अगर हमें विकास करना है तो भारत का..और अगर सिर्फ पश्चिमी छोर का विकास हो, तो देश का विकास कभी संभव नहीं होगा। असंतुलित विकास भी कभी-कभी विकास के लिए खुद समस्‍या बन जाता है। विकास संतुलित होना चाहिए। हर राज्‍य का 19-20 का फर्क तो हम समझ सकते हैं। लेकिन 80-20 के फर्क से देश नहीं चल सकता। और इसलिए पश्चिम में तो हमें economic activity दिखती है, लेकिन पूरब जहां सबसे ज्‍यादा प्राकृतिक संपदा है, पूर्वी भारत पूरा, जहां पर समर्थ लोग हैं, उनकी शक्ति कम नहीं होती है, लेकिन उनको अवसर नहीं मिलता। देश को आगे बढ़ाना है तो हमारा लक्ष्‍य है कि भारत का पूर्वी इलाका चाहे पूर्वी उत्‍तर प्रदेश हो, बिहार हो, उड़ीसा हो, असम हो, पश्चिम बंगाल हो, north east के इलाके हों, जहां पर विकास की विशाल-विपुल संभावना है, उस पर हमने बल देने का आग्रह किया है।

Second green revolution से भूमि अगर बनेगी, तो पूर्वी भारत बनेगा, मुझे साफ दिखाई दे रहा है। जहां विपुल मात्रा में पानी है, उसी प्रकार से औद्योगिकी विकास में भी बड़ा contribute करने की संभावना पूर्वी भारत में पड़ी है और इसके लिए गैस ग्रिड नेटवर्क ऊर्जा जरूरत है। अगर पटना के पास गैस पाइप लाइन से मिलेगा, तो पटना में उद्योग आएंगे। बिहार के उन शहरों में भी उद्योग जाएंगे। असम में भी जाएंगे, पश्चिम बंगाल में भी जाएंगे, कलकत्‍ता में भी नई ऊर्जा आएगी और इसलिए हमने गैस ग्रिड का पाइप लाइन के नेटवर्क का एक बहुत अभियान उठाना हमने तय किया है और इतना ही नहीं शहरों में क्‍योंकि शहरों के pollution की बड़ी चर्चा है। और उसके लिए हमने तय किया है कि हम परिवारों में पाइप लाइन से गैस का connection करें। यह हम देना चाहते है। अब तक हिंदुस्‍तान में 27 लाख परिवारों के पास पाइप लाइन से गैस connection है। हम आने वाले चार साल में यह संख्‍या एक करोड़ पहुंचाना चाहते हैं, एक करोड़ परिवार को। अब पूरे-पूरे पूर्वी भारत में गैस ग्रिड से गैस देने का हमारा लक्ष्‍य है। मैं जानता हूं हजारों करोड़ रुपये का हमारा investment है लेकिन यह investment करना है, क्‍योंकि अगर एक बार ऊर्जा के स्रोत वहां विपुल मात्रा में होंगे, तो हमारा पूर्वी भारत में भी उद्योग लगाने वाले लोग पहुंचेंगे, अगर गैस उनको मिलता है तो उद्योग लगाने के लिए जाएंगे और फिर ऊर्जा की गारंटी होनी चाहिए, उसको लेकर के हम आगे बढ़ना चाहते हैं। हमने इस क्षेत्र में विकास करना है तो skill development में भी बल देना पड़ेगा।

इस कार्यक्रम में विशेष रूप से IIT जैसे हमारे Institution के हमारे students को बुलाया है। हमारे देश में यह बहुत बड़ी challenge है कि इस क्षेत्र में innovation कैसे करें। हम अभी भी पुराने ढर्रे से चल रहे हैं। यह young mind की जरूरत है और young mind का एक लाभ है, वो बड़े साहसिक होते हैं वो प्रयोग करने के लिए ताकत रखते हैं। जो अनुभव के किनारे पहुंचे हैं वो 50 बार सोचते है कि करू या न करूं, करूं या न करूं। अच्‍छा कबड्डी का खिलाड़ी भी Retire होने के बाद जब कबड्डी का खेल देखने खड़ा होता है, तो उसको भी डर रहता है कि अरे यह कहीं गिर न जाए, वो चिंता करता रहता है और इसलिए young mind जिसकी risk capacity बहुत होती है। ऐसे young mind को आज विशेष रूप से बुलाया है।

मैं आग्रह करता हूं कि इस क्षेत्र में बहुत innovation की संभावनाएं है। innovation को हम किस प्रकार से ऊर्जा के क्षेत्र में हमारा mind apply करे। भारत को हम ऊर्जा क्षेत्र में सुरक्षित कैसे करे, स्‍वाबलंबी कैसे करें। उसकी पहली आवश्‍यकता है innovation, technology innovation, technology up-gradation, दूसरा है skill development. हमने skill development का एक अलग department बनाया है, लेकिन skill development को भी हम area specific, need specific and development specific बनाना चाहते हैं, requirement specific बनाना चाहते हैं।

अब हमने एक बार हिसाब लगाया कि सिर्फ हमारे पेट्रोलियम सेक्‍टर में जो काम करते हैं जैसे गैस की पाइप लाइन लगती है, अब गैस की पाइप लाइन लगाने वाला पानी की पाइप लाइन लगाने वाला नहीं चल सकता। उसके लिए एक special skill चाहिए। व्‍यक्ति वही होगा, extra skill की आवश्‍यकता है, value addition की आवश्‍यकता है। हमने ऐसे ही सरसरी नजर से देखा तो करीब-करीब 136 चीजें ऐसी हाथ में आई कि जो field level पर food-soldier जो है उनके skill के लिए करने की आवश्‍यकता है।

हमने एक अभियान चलाया है। आने वाले दिनों में इन सभी sectors में हम skill development को बल दे और सामान्‍य गरीब मजदूर भी है जो यह पेट्रोलियम सेक्‍टर में, ऊर्जा के सेक्‍टर में मान लीजिए solar energy पर हम initiative ले रहे हैं। अगर solar energy में initiative ले तो solar energy में वो wire-man काम करेगा कि solar energy में skill development का नये सिरे से सिलेबस बने, नये सिरे से उनके लिए कहीं एक व्‍यक्ति या दो व्‍यक्ति एक साल के दो साल के जो भी आवश्‍यक हो Skill Development Mission के साथ जोड़कर के हम पेट्रोलियम सेक्‍टर में भी ऊर्जा के सेक्‍टर में भी, ऐसी कितनी भी नई चीजें – और मैं तो चाहूंगा हम कंपनियों के साथ मिलकर के इसको करें। कंपनियां भी पार्टनर बनें और कंपनियों के साथ मिलकर के करेंगे तो Human Resource Development यह भी हमारे लिए उतना ही आवश्‍यक है जिसको लेकर के हम आगे बढ़ना चाहते हैं और मुझे विश्‍वास है कि हम आने वाले दिनों में एक प्रकार से innovation के लिए पूरा-पूरा अवसर, उसी प्रकार से इसको भी पाने का अवसर..।

2022 में भारत की आजादी के 75 साल हो रहे हैं। देश आजादी का अमृत पर्व बनाने वाला है। जिन महापुरूषों ने सपने देखे थे भारत को महान बनाने के और इसके लिए आजादी भी अपने आप को बलि चढ़ा दिया था, जवानी जेल में खपा दी थी, अपने-अपने परिवारों को तबाह कर दिया था, इसलिए कि हम आजादी की सांस ले सके, हम आजाद भारत में पल-बढ़ सके। हम वो भाग्‍यशाली लोग हैं, जो उनकी तपस्‍या और त्‍याग के कारण आज आजादी का आनंद ले रहे हैं। क्‍या हमारा जिम्‍मा नहीं है कि जिन महापुरूषों ने देश के लिए इतना बलिदान दिया हम उनको कैसा भारत समर्पित करेंगे। कैसा भारत देंगे। 2022 जबकि हिंदुस्‍तान की आजादी के 75 साल है। इस ऊर्जा के संगम में जो लोग आएं हैं मैं आपसे आग्रह करता हूं कि 2022 में जब देश आजादी का अमृत पर्व मनाए तब आज हम ऊर्जा के क्षेत्र में करीब 77% import करते हैं। तेल और गैस और पेट्रोलियम सेक्‍टर में। क्‍या आजादी के 2022 के पर्व पर, अमृत पर्व पर हम यह 77 में से कम से कम मैं ज्‍यादा नहीं कर रहा हूं, 10% import कम करेंगे, हम उतना 10% growth करेंगे, स्‍वाबलंबी बनेंगे यह सपना लेकर के आज हम कट कर सकते हैं क्‍या। एक बार हम 2022 में 10% import कमी करने में सफल हो जाते हैं, 10% growth करके हम उस ऊंचाई को पार कर सकते हैं तो मैं आपको विश्‍वास दिलाता हूं कि 2030 में हम यह import को 50% तक ला सकते हैं। लेकिन First Break-through होता है, पहला Break-through और मैं मानता हूं कि आजादी के दीवानों से बड़ी प्रेरणा क्‍या हो सकती है। आजादी के मरने-मिटने वालों को याद करके कह कि मैं इस क्षेत्र में काम कर रहा हूं, मैं मेरे देश को यह देकर के रहूंगा, आने वाले पांच-सात साल मेरे पास हैं। मैं पूरी ताकत लगा दूंगा और मैं देश में यह स्थिति पैदा करूं, ये सपने हम देखे कितने क्षेत्रों में initiative लिये है।

हम मेगावाट से बाहर नहीं निकलते, हम गीगावाट की चर्चा करने लगे हैं। 100 गीगावाट solar energy, 60 giga-watt renewable energy, wind energy की दिशा में जाना यह अपने आप में बहुत बड़े सपने हमने देखे हैं। इन सपनों से आगे बढ़ेंगे तो हमारा import कम होगा। और 10% Growth...वो तो हमारी growth requirement है..लेकिन हमारा जो Growth होगा वो 10% से ज्‍यादा लगेगा, तब जाकर के हम 77% से 10% कम कर सकते हैं। तो हमारे लक्ष्‍य ऊंचे होंगे, तब जाकर के हम इसको पूरा कर सकेंगे और मैं चाहूंगा कि उसके लिए हम प्रयास करें।

एक क्षेत्र की जितनी कंपनियां है, समय की मांग यह है कि हमारी ऊर्जा क्षेत्र की जितनी कंपनियां है Government हो चाहे वो Private कंपनियां हो, हम भारत के दायरे में ही अपने कारोबार को चलाकर के गुजारा करे यह enough नहीं है। हमारी इन कंपनियों को target करना चाहिए, जल्‍द से जल्‍द वो Multinational बने, क्‍योंकि ऊर्जा का एक पूरा Global Market बना हुआ है।

एक मैं देख रहा हूं कि इन दिनों energy diplomacy एक नया क्षेत्र उभर गया। वैश्विक संबंधों में energy diplomacy एक requirement बन गई है। हमारी कंपनियां जितनी Multinational बनेगी, उतना मैं समझता हूं इस क्षेत्र में अपनी पहुंच बना पाएंगे, अपनी जगह बना पाएंगे। उसी प्रकार से ऊर्जा के क्षेत्र में India and Middle East, India and Central Asia, India and South Asia Corridor बनाना और उसको गति देना हमारे लिए बहुत आवश्‍यक है। आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में काम करने वाले हमारे सभी महानुभव इन चीजों पर focus करके कैसे काम करे। कुछ ऐसे अनछुए क्षेत्र हैं, जिसमें हम अपना पैर पसार सकते हैं, कि North America और Africa में Gas Power के रूप में हम स्‍थापित कर सकते हैं क्‍या? मुझे विश्‍वास है कि अगर इन सपनों को लेकर के हम अगर आगे बढ़ते हैं, उसी प्रकार से हमारे जो बंदरगाह है उसके साथ LNG terminal का network उसके साथ हम कैसे जोड़ सकते हैं। कई ऐसे विषय है कि जिसको अगर हम बल देंगे तो मैं समझता हूं कि हम इन चीजों को पार कर सकते हैं और यह बात निश्चित है कि ऊर्जावान भारत ही विश्‍व को नई ऊर्जा दे सकता है। अगर भारत ऊर्जावान बनेगा तो विश्‍व को नई ऊर्जा मिलने की संभावना है, तो 1/6 population के नाते दुनिया हमारे लिए क्‍या करती है इन सपनों से बाहर निकलकर के हम विश्‍व के लिए क्‍या करते हैं, यह सपने देखकर के चलेंगे तो देश का अपने आप भला होगा।

मैं फिर एक बार इन तीनों संस्‍थाओं को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं, विभाग के इन सभी साथियों को उनके achievement के लिए हृदय से अभिनंदन करता हूं, बहुत-बहुत धन्‍यवाद।

Explore More
ಶ್ರೀರಾಮ ಜನ್ಮಭೂಮಿ ಮಂದಿರದ ಧ್ವಜಾರೋಹಣ ಉತ್ಸವ ಉದ್ದೇಶಿಸಿ ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ ಅವರ ಭಾಷಣ

ಜನಪ್ರಿಯ ಭಾಷಣಗಳು

ಶ್ರೀರಾಮ ಜನ್ಮಭೂಮಿ ಮಂದಿರದ ಧ್ವಜಾರೋಹಣ ಉತ್ಸವ ಉದ್ದೇಶಿಸಿ ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ ಅವರ ಭಾಷಣ
Scan, withdraw, done: EPFO 3.0 plans instant PF access via ATMs and UPI

Media Coverage

Scan, withdraw, done: EPFO 3.0 plans instant PF access via ATMs and UPI
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
ರೋಜ್‌ಗಾರ್ ಮೇಳದ ನೇಮಕಾತಿ ಪತ್ರಗಳ ವಿತರಣೆ ಕಾರ್ಯಕ್ರಮ ಉದ್ದೇಶಿಸಿ ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ ಅವರ ಭಾಷಣ
May 23, 2026
India’s youth are playing a vital role in accelerating the journey towards a Viksit Bharat: PM
Rozgar Mela reflects our Government’s commitment to empowering the Yuva Shakti with new opportunities: PM
The world is excited by India’s youth and technological progress and today the global community wants to partner in India’s development journey: PM
Sectors like clean energy, critical minerals, green hydrogen, and sustainable manufacturing are advancing rapidly and partnerships in these areas are creating new opportunities: PM Modi
Every Indian is moving forward with the resolve of building a Viksit Bharat by 2047: PM Modi at Rozgar Mela
Today, Rapid transformation is clearly visible even in rural areas; Enhanced connectivity has opened new avenues for farmers, small traders, and students: PM
Viksit Bharat will be built by the efforts of such youth who view their work as a means of national service: PM Modi

ಸ್ನೇಹಿತರೆ,

ದೇಶಾದ್ಯಂತ ಸಾವಿರಾರು ಯುವಕರಿಗೆ ಇಂದು ಬಹಳ ಮುಖ್ಯವಾದ ದಿನ. 51,000ಕ್ಕೂ ಹೆಚ್ಚಿನ ಯುವಕರು ಇಂದು ಸರ್ಕಾರಿ ಉದ್ಯೋಗಗಳಿಗೆ ನೇಮಕಾತಿ ಪತ್ರಗಳನ್ನು ಪಡೆದಿದ್ದಾರೆ. ನೀವು ದೇಶದ ಅಭಿವೃದ್ಧಿ ಪ್ರಯಾಣದಲ್ಲಿ ಪ್ರಮುಖ ಪಾಲುದಾರರಾಗುತ್ತಿದ್ದೀರಿ, ಅಂದರೆ ಜವಾಬ್ದಾರಿಯುತ ಪಾಲುದಾರರು. ರೈಲ್ವೆ, ಬ್ಯಾಂಕಿಂಗ್, ರಕ್ಷಣೆ, ಆರೋಗ್ಯ, ಶಿಕ್ಷಣ ಮತ್ತು ಇತರ ಹಲವು ಕ್ಷೇತ್ರಗಳಲ್ಲಿ ನೀವು ಹೊಸ ಜವಾಬ್ದಾರಿಗಳನ್ನು ವಹಿಸಿಕೊಳ್ಳಲಿದ್ದೀರಿ. ಮುಂಬರುವ ವರ್ಷಗಳಲ್ಲಿ, ಅಭಿವೃದ್ಧಿ ಹೊಂದಿದ ಭಾರತದ ಸಂಕಲ್ಪವನ್ನು ಪೂರೈಸುವಲ್ಲಿ ನೀವು ನಿರ್ಣಾಯಕ ಪಾತ್ರ ವಹಿಸುತ್ತೀರಿ.

ಸ್ನೇಹಿತರೆ,

ಈ ಹಂತವನ್ನು ತಲುಪಲು ನೀವು ದೀರ್ಘ ತಯಾರಿ ಮತ್ತು ಕಠಿಣ ಪರಿಶ್ರಮದ ಮೂಲಕ ಬಂದಿದ್ದೀರಿ. ಈ ಸಾಧನೆಗಾಗಿ ನಾನು ನಿಮಗೆ ಮತ್ತು ನಿಮ್ಮ ಕುಟುಂಬಗಳಿಗೆ ನನ್ನ ಹೃತ್ಪೂರ್ವಕ ಅಭಿನಂದನೆಗಳನ್ನು ಸಲ್ಲಿಸುತ್ತೇನೆ. ನಿಮ್ಮನ್ನು ಇಲ್ಲಿಗೆ ಕರೆತರುವಲ್ಲಿ ನಿಮ್ಮ ಪೋಷಕರು ಮತ್ತು ಕುಟುಂಬಗಳ ಕೊಡುಗೆ ಅಪಾರವಾಗಿದೆ. ನಾವು ಈ ಹಂತಕ್ಕೆ ತಲುಪಲು ಕುಟುಂಬ ಮತ್ತು ಸಮಾಜ ಮಾತ್ರವೇ ದೊಡ್ಡ ಪಾತ್ರವನ್ನು ವಹಿಸಿರುವುದಿಲ್ಲ. ನಾವು ಇಲ್ಲಿಗೆ ಬಂದಿರುವುದು ನಮ್ಮಿಂದಾಗಿ ಅಥವಾ ನಮ್ಮ ಕುಟುಂಬಗಳಿಂದಾಗಿ ಮಾತ್ರ ಅಲ್ಲ. ಈ ವಿಶಾಲ ರಾಷ್ಟ್ರದ 140 ಕೋಟಿ ನಾಗರಿಕರ ಕೊಡುಗೆಯೂ ಸಹ ಬಹಳ ಮಹತ್ವದ್ದಾಗಿದೆ. ಆದ್ದರಿಂದ, ನಮ್ಮ ಜವಾಬ್ದಾರಿ ನಮ್ಮ ಮತ್ತು ನಮ್ಮ ಕುಟುಂಬಗಳ ಕಡೆಗೆ ಮಾತ್ರವಲ್ಲ, ಇಡೀ ಸಮಾಜದ ಕಡೆಗೂ ಹೋಗಬೇಕು. ಈ ಎಲ್ಲಾ ಕೆಲಸಗಳಿಗೆ ನೀವು ಇನ್ನಷ್ಟು ಸಮರ್ಥರಾಗುತ್ತೀರಿ ಎಂಬ ವಿಶ್ವಾಸ ನನಗಿದೆ. ನಿಮಗೆಲ್ಲರಿಗೂ ಶುಭ ಹಾರೈಸುತ್ತೇನೆ.

 

ಸ್ನೇಹಿತರೆ,

ನಿಮಗೆಲ್ಲರಿಗೂ ತಿಳಿದಿದೆ, ನಾನು 5 ದೇಶಗಳಿಗೆ ಭೇಟಿ ನೀಡಿ ಹಿಂತಿರುಗಿದೆ. ಅದು ಕೇವಲ 5 ದೇಶಗಳಾಗಿದ್ದರೂ ಆ ಸಮಯದಲ್ಲಿ ನಾನು ಡಜನ್ ಗಟ್ಟಲೆ ರಾಷ್ಟ್ರಗಳ ಪ್ರಮುಖ ಕಂಪನಿಗಳ ನಾಯಕರೊಂದಿಗೆ ಚರ್ಚೆಗಳು ಮತ್ತು ಸಭೆಗಳನ್ನು ನಡೆಸಿದೆ. ಎಲ್ಲೆಡೆ ನನಗೆ ಒಂದು ವಿಷಯ ಸಾಮಾನ್ಯವೆನಿಸಿತು - ಭಾರತದ ಯುವಜನರು ಮತ್ತು ಭಾರತದ ತಾಂತ್ರಿಕ ಪ್ರಗತಿಯ ಬಗ್ಗೆ ಜಗತ್ತು ತುಂಬಾ ಉತ್ಸುಕವಾಗಿದೆ. ಇಂದು ಜಗತ್ತು ಭಾರತದ ಅಭಿವೃದ್ಧಿ ಪ್ರಯಾಣದ ಭಾಗವಾಗಲು ಬಯಸುತ್ತಿದೆ. ಭಾರತವೂ ವಿವಿಧ ದೇಶಗಳೊಂದಿಗೆ ಪಾಲುದಾರಿಕೆ ಹೊಂದಿದೆ. ಭಾರತದ ಯುವಕರಿಗೆ ಅವಕಾಶಗಳನ್ನು ಖಚಿತಪಡಿಸಿಕೊಳ್ಳುವುದು, ಉದ್ಯೋಗ ಒದಗಿಸುವುದು ಮತ್ತು ಅವರ ಸಾಮರ್ಥ್ಯವನ್ನು ಬೆಳಗಿಸುವುದು ಇದರ ಉದ್ದೇಶ. ನನ್ನ ದೇಶದ ಯುವಜನರು ಜಾಗತಿಕ ಮಾನ್ಯತೆಯನ್ನು ಪಡೆಯಬೇಕೆಂದು ನಾನು ಬಯಸುತ್ತೇನೆ. ಉದಾಹರಣೆಗೆ, ಈ ಪ್ರವಾಸ ಸಮಯದಲ್ಲಿ, ನೆದರ್ಲ್ಯಾಂಡ್ಸ್‌ನೊಂದಿಗೆ ನಾವು ಸೆಮಿಕಂಡಕ್ಟರ್ ಗಳು, ನೀರು, ಕೃಷಿ ಮತ್ತು ಮುಂದುವರಿದ ಉತ್ಪಾದನೆಯ ಬಗ್ಗೆ ಚರ್ಚಿಸಿದ್ದೇವೆ. ಸ್ವೀಡನ್‌ನೊಂದಿಗೆ ಕೃತಕ ಬುದ್ಧಿಮತ್ತೆ ಮತ್ತು ಡಿಜಿಟಲ್ ನಾವೀನ್ಯತೆಯಲ್ಲಿ ಸಹಕಾರ, ನಾರ್ವೆಯೊಂದಿಗೆ ಹಸಿರು ತಂತ್ರಜ್ಞಾನ ಮತ್ತು ಕಡಲ ಸಹಕಾರ, ಯುಎಇಯೊಂದಿಗೆ ಕಾರ್ಯತಂತ್ರ ಇಂಧನ ಮತ್ತು ತಂತ್ರಜ್ಞಾನ ಪಾಲುದಾರಿಕೆಗಳ ಕುರಿತು ಪ್ರಮುಖ ಒಪ್ಪಂದಗಳು ಮತ್ತು ಇಟಲಿಯೊಂದಿಗೆ ರಕ್ಷಣಾ, ನಿರ್ಣಾಯಕ ಖನಿಜಗಳು ಮತ್ತು ವಿಜ್ಞಾನ ಮತ್ತು ತಂತ್ರಜ್ಞಾನದಂತಹ ಮಹತ್ವದ ಕ್ಷೇತ್ರಗಳಲ್ಲಿ ಒಪ್ಪಂದಗಳು ಏರ್ಪಟ್ಟವು.

ಸ್ನೇಹಿತರೆ,

ಈ ಎಲ್ಲಾ ಒಪ್ಪಂದಗಳು ಭಾರತದ ಯುವಕರಿಗೆ ನೇರ ಪ್ರಯೋಜನ ನೀಡುತ್ತವೆ. ಈ ವಿಷಯಗಳು ಭಾರತಕ್ಕೆ ಉಜ್ವಲ ಮತ್ತು ಸಮರ್ಥ ಭವಿಷ್ಯದ ಭರವಸೆ ತರುತ್ತವೆ ಎಂಬುದನ್ನು ನೀವು ಗಮನಿಸಿರಬೇಕು. ಪ್ರತಿಯೊಂದು ಹೊಸ ಹೂಡಿಕೆ, ಪ್ರತಿಯೊಂದು ತಂತ್ರಜ್ಞಾನ ಪಾಲುದಾರಿಕೆ, ಪ್ರತಿಯೊಂದು ಕೈಗಾರಿಕಾ ಸಹಭಾಗಿತ್ವವು ಭಾರತದ ಯುವಕರಿಗೆ ಹೊಸ ಅವಕಾಶಗಳನ್ನು ತರುವುದಲ್ಲದೆ, ಲೆಕ್ಕವಿಲ್ಲದಷ್ಟು ಹೊಸ ಸಾಧ್ಯತೆಗಳನ್ನು ಸೃಷ್ಟಿಸುತ್ತದೆ.

ನನ್ನ ಯುವ ಸ್ನೇಹಿತರೆ,

ನಾವು ನೆನಪಿನಲ್ಲಿಟ್ಟುಕೊಳ್ಳಬೇಕು - ಮುಂಬರುವ ಹೂಡಿಕೆಗಳು ಮತ್ತು ಪಾಲುದಾರಿಕೆಗಳು ಮುಂದಿನ 3-4 ದಶಕಗಳವರೆಗೆ ಜಾಗತಿಕ ಬೆಳವಣಿಗೆಯನ್ನು ವ್ಯಾಖ್ಯಾನಿಸುವ ಕೈಗಾರಿಕೆಗಳನ್ನು ರೂಪಿಸುವ ಕ್ಷೇತ್ರಗಳು ಇವಾಗಿವೆ. ಖಂಡಿತವಾಗಿಯೂ, ಭಾರತದ ಯುವಕರು ಇದರಲ್ಲಿ ಬಹಳ ಮಹತ್ವದ ಪಾತ್ರ ವಹಿಸುತ್ತಾರೆ.

ಸ್ನೇಹಿತರೆ,

ಭಾರತವು ಜಗತ್ತಿಗೆ ವಿಶ್ವಾಸಾರ್ಹ ಪೂರೈಕೆ ಸರಪಳಿಯ ಪಾಲುದಾರನಾಗುತ್ತಿರುವುದು ಹೇಗೆ ಎಂಬುದಕ್ಕೆ ನಾನು ನಿಮಗೆ ಒಂದು ಉದಾಹರಣೆ ನೀಡುತ್ತೇನೆ. ನಿಮ್ಮಲ್ಲಿ ಹಲವರು ಡಚ್ ಸೆಮಿಕಂಡಕ್ಟರ್ ಕಂಪನಿ ಎಎಸ್‌ಎಂಎಲ್ ಬಗ್ಗೆ ಪರಿಚಿತರಾಗಿದ್ದೀರಿ. ಎಎಸ್‌ಎಂಎಲ್ ಭಾರತದ ಟಾಟಾ ಕಂಪನಿಯೊಂದಿಗೆ ಒಪ್ಪಂದಕ್ಕೆ ಸಹಿ ಹಾಕಿದೆ. ಈ ಕಂಪನಿಯು ಅಂತಹ ಒಪ್ಪಂದವನ್ನು ಮಾಡಿಕೊಂಡಿರುವ ವಿಶ್ವದ ಕೆಲವೇ ದೇಶಗಳಲ್ಲಿ ಭಾರತವೂ ಒಂದು. ಎಎಸ್‌ಎಂಎಲ್ ಮತ್ತು ಟಾಟಾ ಎಲೆಕ್ಟ್ರಾನಿಕ್ಸ್ ನಡುವಿನ ಈ ಏಕೈಕ ಒಪ್ಪಂದವು ಭಾರತದಲ್ಲಿ ಲೆಕ್ಕವಿಲ್ಲದಷ್ಟು ಹೊಸ ಉದ್ಯೋಗಾವಕಾಶಗಳನ್ನು ಸೃಷ್ಟಿಸುತ್ತದೆ, ಮುಂದಿನ ಪೀಳಿಗೆಯ ತಂತ್ರಜ್ಞಾನಕ್ಕೆ ದ್ವಾರವನ್ನು ತೆರೆಯುತ್ತದೆ. ಅದೇ ರೀತಿ, ಸ್ವೀಡನ್‌ನೊಂದಿಗೆ ತಂತ್ರಜ್ಞಾನ ಮತ್ತು ಎಐ ಪಾಲುದಾರಿಕೆಗಳು, ಯುಎಇಯೊಂದಿಗೆ ಸೂಪರ್‌ಕಂಪ್ಯೂಟಿಂಗ್ ಸಹಕಾರ - ಇವು ಭಾರತದ ತಾಂತ್ರಿಕ ಸಾಮರ್ಥ್ಯವನ್ನು ಹೆಚ್ಚು ಬಲಪಡಿಸುತ್ತದೆ. ಈ ಒಪ್ಪಂದಗಳು ನಮ್ಮ ಯುವಕರಿಗೆ ಹೊಸ ಅವಕಾಶಗಳನ್ನು ಖಂಡಿತವಾಗಿ ಸೃಷ್ಟಿಸುತ್ತವೆ.

 

ಸ್ನೇಹಿತರೆ,

ಇಂದು ಸ್ವಚ್ಛ ಇಂಧನ, ನಿರ್ಣಾಯಕ ಖನಿಜಗಳು, ಹಸಿರು ಹೈಡ್ರೋಜನ್ ಮತ್ತು ಸುಸ್ಥಿರ ಉತ್ಪಾದನೆಗೆ ಸಂಬಂಧಿಸಿದ ವಲಯಗಳು ವೇಗವಾಗಿ ಬೆಳೆಯುತ್ತಿವೆ. ಈ ಕ್ಷೇತ್ರಗಳಲ್ಲಿನ ಪಾಲುದಾರಿಕೆಗಳು ಹೊಸ ಆರ್ಥಿಕತೆ ಮತ್ತು ಹೊಸ ಅವಕಾಶಗಳಿಗೆ ಬಾಗಿಲು ತೆರೆಯುತ್ತಿವೆ. ಸ್ವೀಡನ್, ನಾರ್ವೆ ಮತ್ತು ಇಟಲಿಯಂತಹ ದೇಶಗಳೊಂದಿಗೆ ಹಸಿರು ಪರಿವರ್ತನೆ ಮತ್ತು ಸುಸ್ಥಿರ ತಂತ್ರಜ್ಞಾನದಲ್ಲಿ ಸಹಕಾರ ಹೆಚ್ಚುತ್ತಿದೆ. ಇದು ಸ್ವಚ್ಛ ಉತ್ಪಾದನೆಗೆ ಸಂಬಂಧಿಸಿದ ಭವಿಷ್ಯದ ಕೈಗಾರಿಕೆಗಳಲ್ಲಿ ಭಾರತವನ್ನು ಬಲಪಡಿಸುತ್ತದೆ. ಇದರ ಜೊತೆಗೆ ಭಾರತವು ಬಂದರುಗಳು, ಸಾಗಣೆ ಮತ್ತು ಕಡಲ ಮೂಲಸೌಕರ್ಯಕ್ಕೆ ಸಂಬಂಧಿಸಿದ ಒಪ್ಪಂದಗಳ ಮೇಲೆ ವೇಗವಾಗಿ ಕೆಲಸ ಮಾಡುತ್ತಿದೆ. ಯುಎಇ ಮತ್ತು ನಾರ್ವೆಯೊಂದಿಗಿನ ಪಾಲುದಾರಿಕೆಗಳು ಭಾರತದ ಹಡಗು ನಿರ್ಮಾಣ ಪರಿಸರ ವ್ಯವಸ್ಥೆಯನ್ನು ಬಲಪಡಿಸುತ್ತದೆ. ಹಡಗು ನಿರ್ಮಾಣಕ್ಕೆ ಹೆಚ್ಚಿನ ಪ್ರಮಾಣದ ಕೌಶಲ್ಯಪೂರ್ಣ ಮಾನವಶಕ್ತಿಯ ಅಗತ್ಯವಿದೆ ಎಂಬುದು ನಿಮಗೆ ಚೆನ್ನಾಗಿ ತಿಳಿದಿದೆ. ಇದರರ್ಥ ಭಾರತದ ಎಂಜಿನಿಯರ್‌ಗಳು, ತಂತ್ರಜ್ಞರು ಮತ್ತು ಕೌಶಲ್ಯಪೂರ್ಣ ಕೆಲಸಗಾರರ ಬೇಡಿಕೆಯು ನೀವು ಊಹಿಸಲೂ ಸಾಧ್ಯವಾಗದ ಮಟ್ಟಕ್ಕೆ ಏರುತ್ತದೆ, ಇದು ವಿಶಾಲ ಅವಕಾಶಗಳನ್ನು ಸೃಷ್ಟಿಸುತ್ತದೆ.

ಸ್ನೇಹಿತರೆ,

ಪ್ರತಿ ಹೊಸ ಪಾಲುದಾರಿಕೆಯೊಂದಿಗೆ ಭಾರತೀಯ ನವೋದ್ಯಮಗಳು, ಸಂಶೋಧಕರು ಮತ್ತು ಯುವ ವೃತ್ತಿಪರರು ಪ್ರಪಂಚದೊಂದಿಗೆ ಸಂಪರ್ಕ ಸಾಧಿಸಲು ನಾವು ಹೊಸ ಮಾರ್ಗಗಳನ್ನು ರೂಪಿಸುತ್ತಿದ್ದೇವೆ. ಇದು ಭಾರತೀಯ ಯುವಜನರಿಗೆ ಸುಧಾರಿತ ಪರಿಣತಿ, ಜಾಗತಿಕ ಮಾರುಕಟ್ಟೆಗಳು ಮತ್ತು ಬೆಳವಣಿಗೆಗೆ ಹೊಸ ಅವಕಾಶಗಳಿಗೆ ಪ್ರವೇಶ ನೀಡುತ್ತದೆ. ಇಂದು ನಾವೀನ್ಯತೆ ನೀಡುವ, ನಿರ್ಮಿಸುವ ಮತ್ತು ಹೆಚ್ಚಿನ ಪ್ರಮಾಣದಲ್ಲಿ ತಲುಪಿಸಬಲ್ಲ ದೇಶಗಳನ್ನು ಜಗತ್ತು ಗೌರವಿಸುತ್ತದೆ. ಭಾರತವು 3 ದಿಕ್ಕುಗಳಲ್ಲಿಯೂ ವೇಗವಾಗಿ ಮುಂದುವರಿಯುತ್ತಿದೆ. ಈ ರೂಪಾಂತರದ ಹಿಂದಿನ ದೊಡ್ಡ ಶಕ್ತಿ ನೀವಾಗಿದ್ದೀರಿ - ನನ್ನ ಯುವ ಜನರು. ನಾನು ಜಗತ್ತಿನ ಎಲ್ಲೇ ಹೋದರೂ, ಭಾರತದ ಯುವ ಶಕ್ತಿಯ ಬಗ್ಗೆ ಚರ್ಚಿಸಲು ನಾನು ಸಾಕಷ್ಟು ಸಮಯ ತೆಗೆದುಕೊಳ್ಳುತ್ತೇನೆ.

ಸ್ನೇಹಿತರೆ,

ಇಂದು ಪ್ರತಿಯೊಬ್ಬ ಭಾರತೀಯನು 2047ರ ವೇಳೆಗೆ ಅಭಿವೃದ್ಧಿ ಹೊಂದಿದ ಭಾರತ ನಿರ್ಮಿಸುವ ಸಂಕಲ್ಪದೊಂದಿಗೆ ಮುಂದುವರಿಯುತ್ತಿದ್ದಾನೆ. ಈ ಗುರಿ ಸಾಧಿಸಲು ದೇಶವು ವಿವಿಧ ಕ್ಷೇತ್ರಗಳಲ್ಲಿ ಹೂಡಿಕೆ ಮಾಡುತ್ತಿದೆ. ಈ ಹೂಡಿಕೆಯು ಯುವಕರಿಗೆ ಲಕ್ಷಾಂತರ ಹೊಸ ಉದ್ಯೋಗಾವಕಾಶಗಳನ್ನು ಸೃಷ್ಟಿಸುತ್ತಿದೆ. ಉದಾಹರಣೆಗೆ, ಭಾರತವು ಸೆಮಿಕಂಡಕ್ಟರ್  ಉತ್ಪಾದನೆಗಾಗಿ ಸಂಪೂರ್ಣ ಪೂರೈಕೆ ಸರಪಳಿ ನಿರ್ಮಿಸುತ್ತಿದೆ. ಮುಂಬರುವ ವರ್ಷಗಳಲ್ಲಿ ಭಾರತದ 10 ಪ್ರಮುಖ ಸೆಮಿಕಂಡಕ್ಟರ್ ಘಟಕಗಳು ಜಾಗತಿಕವಾಗಿ ತಮ್ಮ ಛಾಪು ಮೂಡಿಸುತ್ತವೆ. ಇವು ಭಾರತದ ಯುವಕರ ಸಾಮರ್ಥ್ಯ, ಬುದ್ಧಿಶಕ್ತಿ ಮತ್ತು ಬದ್ಧತೆಯಿಂದ ನಡೆಸಲ್ಪಡುತ್ತವೆ, ಸ್ವಾಭಾವಿಕವಾಗಿ ಅವು ಉದ್ಯೋಗಗಳನ್ನು ಸೃಷ್ಟಿಸುತ್ತವೆ. ಭಾರತವು ಹಡಗು ನಿರ್ಮಾಣ, ಹಡಗು ದುರಸ್ತಿ ಮತ್ತು ಕೂಲಂಕುಷ ಪರೀಕ್ಷೆಯ ಪರಿಸರ ವ್ಯವಸ್ಥೆಯನ್ನು ಸಹ ಅಭಿವೃದ್ಧಿಪಡಿಸುತ್ತಿದೆ. ಇದಕ್ಕಾಗಿ ಸುಮಾರು 75,000 ಕೋಟಿ ರೂಪಾಯಿ ಹೂಡಿಕೆ ಮಾಡಲಾಗುತ್ತಿದೆ. ಅದೇ ರೀತಿ, ನಾವು ಭಾರತದೊಳಗೆ ಸಂಪೂರ್ಣ ಎಂಆರ್ ಒ ಪರಿಸರ ವ್ಯವಸ್ಥೆ - ನಿರ್ವಹಣೆ, ಕೂಲಂಕುಷ ಪರೀಕ್ಷೆ ಮತ್ತು ದುರಸ್ತಿ ಸೌಲಭ್ಯಗಳನ್ನು ನಿರ್ಮಿಸುತ್ತಿದ್ದೇವೆ. ಇದು ವಾಯುಯಾನ ವಲಯವನ್ನು ಹೆಚ್ಚು ಬೆಂಬಲಿಸುತ್ತದೆ ಮತ್ತು ಭಾರತದ ಯುವಕರಿಗೆ ಹೊಸ ಉದ್ಯೋಗ ವಲಯವನ್ನು ತೆರೆಯುತ್ತದೆ.

ಸ್ನೇಹಿತರೆ,

ಇಂದು ಭಾರತವು ಪ್ರಮುಖ ಎಲೆಕ್ಟ್ರಾನಿಕ್ಸ್ ತಯಾರಕ ರಾಷ್ಟ್ರವಾಗಿದೆ. ನಾವು ಭಾರತದೊಳಗೆ ಎಲೆಕ್ಟ್ರಾನಿಕ್ಸ್‌ನ ಸಂಪೂರ್ಣ ಮೌಲ್ಯ ಸರಪಳಿಯನ್ನು ನಿರ್ಮಿಸುತ್ತಿದ್ದೇವೆ. ಪಿಎಲ್ಐ ಯೋಜನೆಯ ಮೂಲಕ, ದೇಶದಲ್ಲಿ ಎಲೆಕ್ಟ್ರಾನಿಕ್ಸ್‌ ದಾಖಲೆಯ ಉತ್ಪಾದನೆ ನಡೆಯುತ್ತಿದೆ, ಯುವಕರಿಗೆ ಲಕ್ಷಾಂತರ ಉದ್ಯೋಗಗಳು ಸೃಷ್ಟಿಯಾಗುತ್ತಿವೆ.

 

ಸ್ನೇಹಿತರೆ,

ಇಂತಹ ಅನೇಕ ಅಭಿಯಾನಗಳಲ್ಲಿ ಭಾರತದ ಸಾರ್ವಜನಿಕ ಮತ್ತು ಖಾಸಗಿ ವಲಯಗಳು ಒಟ್ಟಾಗಿ ಬೃಹತ್ ಹೂಡಿಕೆಗಳನ್ನು ಮಾಡುತ್ತಿವೆ. ಈ ಹೂಡಿಕೆಗಳು ದೇಶದ ಯುವಕರಿಗೆ ಉದ್ಯೋಗಗಳನ್ನು ನೀಡುತ್ತಿವೆ, ಅವರ ಕನಸುಗಳನ್ನು ನನಸಾಗಿಸುತ್ತಿವೆ. ಸರ್ಕಾರಿ ಉದ್ಯೋಗಿಗಳಾಗಿ - ನಿಮ್ಮ ನೇಮಕಾತಿ ಪತ್ರಗಳನ್ನು ಸ್ವೀಕರಿಸಿದ ನಂತರ ನೀವು ಅದನ್ನು ಈಗ ಕೊಂಡೊಯ್ಯುವ ಗುರುತಾಗಿ - ದೇಶಕ್ಕೆ ವ್ಯವಹಾರ ಮಾಡುವ ಸುಲಭತೆ ಎಷ್ಟು ಮುಖ್ಯ ಎಂಬುದನ್ನು ನೀವು ಯಾವಾಗಲೂ ನೆನಪಿನಲ್ಲಿಡಬೇಕು.

ಸ್ನೇಹಿತರೆ,

ಭಾರತದ ಬೆಳವಣಿಗೆಯ ಯಶೋಗಾಥೆ ಮತ್ತು ಉದ್ಯೋಗ ಸೃಷ್ಟಿ - ಎರಡೂ ನಿಮಗೆ ಚೆನ್ನಾಗಿ ತಿಳಿದಿದೆ. ಇದರಲ್ಲಿ ಮೂಲಸೌಕರ್ಯವು ದೊಡ್ಡ ಪಾತ್ರ ವಹಿಸುತ್ತದೆ. ಹಳ್ಳಿಗಳು, ಸಣ್ಣ ಪಟ್ಟಣಗಳು ​​ಮತ್ತು ದೂರದ ಪ್ರದೇಶಗಳು ಅಭಿವೃದ್ಧಿಯೊಂದಿಗೆ ಸಂಪರ್ಕ ಹೊಂದಿದಾಗ, ಪ್ರಗತಿಯ ಪ್ರಯೋಜನಗಳು ಹೆಚ್ಚಿನ ಜನರನ್ನು ತಲುಪುತ್ತವೆ. ಕಳೆದ 12 ವರ್ಷಗಳಲ್ಲಿ ರೈಲ್ವೆ, ಹೆದ್ದಾರಿಗಳು, ವಿಮಾನ ನಿಲ್ದಾಣಗಳು, ಸರಕು ಸಾಗಣೆಗಳು, ಬಂದರುಗಳು ಮತ್ತು ಡಿಜಿಟಲ್ ಮೂಲಸೌಕರ್ಯಗಳಲ್ಲಿ ಅಭೂತಪೂರ್ವ ವಿಸ್ತರಣೆ ಕಂಡುಬಂದಿದೆ. ಪ್ರತಿಯೊಂದು ಹಂತದಲ್ಲೂ ಅಭಿವೃದ್ಧಿ ನಡೆದಿದೆ. ಇಂದು ನೀವು ಯಾವುದೇ ದಿಕ್ಕಿನಲ್ಲಿ 100 ಕಿಲೋಮೀಟರ್ ಪ್ರಯಾಣಿಸಿದರೆ, ಭಾರತ ಸರ್ಕಾರದ ಕೆಲವು ಯೋಜನೆಗಳು ನಡೆಯುತ್ತಿರುವುದನ್ನು ನೀವು ನೋಡುತ್ತೀರಿ. ಹಳ್ಳಿಗಳು ಸಹ ತ್ವರಿತ ಬದಲಾವಣೆಗೆ ಸಾಕ್ಷಿಯಾಗುತ್ತಿವೆ. ಸುಧಾರಿತ ಸಂಪರ್ಕದೊಂದಿಗೆ ರೈತರು, ಸಣ್ಣ ವ್ಯಾಪಾರಿಗಳು ಮತ್ತು ವಿದ್ಯಾರ್ಥಿಗಳಿಗೆ ಹೊಸ ಮಾರ್ಗಗಳು ತೆರೆದಿವೆ. ಇಂದು ಲಕ್ಷಾಂತರ ಕುಟುಂಬಗಳು ಪಕ್ಕಾ ಮನೆಗಳನ್ನು ಪಡೆದಿವೆ. ವಾಸ್ತವವಾಗಿ, ನಾವು ನಿರ್ಮಿಸುತ್ತಿರುವ ಮನೆಗಳ ಸಂಖ್ಯೆ ಅನೇಕ ದೇಶಗಳ ಒಟ್ಟು ವಸತಿ ದಾಸ್ತಾನುಗಳನ್ನು ಮೀರಿದೆ. ಅಷ್ಟೇ ಅಲ್ಲ, ನನ್ನ ಸ್ವಚ್ಛ ಭಾರತ ಅಭಿಯಾನವನ್ನು ಜನರು ಮರೆಯಲು ನಾನು ಎಂದಿಗೂ ಬಿಡುವುದಿಲ್ಲ, ನಾನೂ ಸಹ ಅದನ್ನು ಮರೆಯುವುದಿಲ್ಲ - ಅಲ್ಲಿ ಶೌಚಾಲಯಗಳು ಬಹಳ ಮುಖ್ಯವಾದ ಪಾತ್ರ ವಹಿಸುತ್ತವೆ ಎಂದು ನಾವು ಅದನ್ನು ಒತ್ತಿ ಹೇಳುತ್ತಿದ್ದೇವೆ. ವಿದ್ಯುತ್ ಲಕ್ಷಾಂತರ ಮನೆಗಳನ್ನು ತಲುಪಿದೆ. ಮೇಲ್ಛಾವಣಿಯ ಸೌರಶಕ್ತಿಯು ಅನೇಕ ಹೊಸ ಮಾರಾಟಗಾರರನ್ನು ಕ್ಷೇತ್ರಕ್ಕೆ ತಂದಿದೆ. ಜಲ ಜೀವನ್ ಮಿಷನ್‌ನೊಂದಿಗೆ ನಲ್ಲಿ ನೀರು ಮನೆಗಳನ್ನು ತಲುಪುತ್ತಿದೆ. ನಗರಗಳಲ್ಲಿ ಪಿಎನ್ ಜಿ ಸಂಪರ್ಕಗಳನ್ನು ವಿಸ್ತರಿಸಲು ಬಯಸಿದಾಗ, ಜನರು ಪ್ಲಂಬರ್‌ಗಳ ಕೊರತೆ ಎದುರಿಸಿದ್ದನ್ನು ನಾನು ಇತ್ತೀಚೆಗೆ ಗಮನಿಸುತ್ತಿದ್ದೆ - ಏಕೆಂದರೆ ಅನೇಕ ಪ್ಲಂಬರ್‌ಗಳು ಈಗಾಗಲೇ ಜಲ ಜೀವನ್ ಮಿಷನ್‌ನಲ್ಲಿ ತೊಡಗಿಸಿಕೊಂಡಿದ್ದರು. ಕೆಲವೊಮ್ಮೆ ಕೌಶಲ್ಯಪೂರ್ಣ ಜನರ ಬೇಡಿಯುಕೆ ಪೂರೈಕೆಯನ್ನು ಮೀರುತ್ತದೆ, ಅವಕಾಶಗಳು ಎಷ್ಟು ವೇಗವಾಗಿ ಬೆಳೆಯುತ್ತಿವೆ ಎಂಬುದನ್ನು ಇದು ತೋರಿಸುತ್ತದೆ.

ಸ್ನೇಹಿತರೆ,

ಈ ಎಲ್ಲಾ ಬದಲಾವಣೆಗಳ ಪರಿಣಾಮವು ಸಾಮಾನ್ಯ ನಾಗರಿಕರ ಅನುಕೂಲಕ್ಕೆ ಸೀಮಿತವಾಗಿಲ್ಲ. ರಸ್ತೆಗಳು ಹಳ್ಳಿಗಳನ್ನು ತಲುಪಿದಾಗ, ಮಾರುಕಟ್ಟೆಗಳಿಗೆ ಪ್ರವೇಶ ಸುಲಭವಾಗುತ್ತದೆ. ಸುಧಾರಿತ ವಿದ್ಯುತ್ ಸೌಲಭ್ಯಗಳೊಂದಿಗೆ ಸಣ್ಣ ಕೈಗಾರಿಕೆಗಳು ಮತ್ತು ವ್ಯವಹಾರಗಳು ಬೆಳೆಯಲು ಪ್ರಾರಂಭಿಸುತ್ತವೆ. ಹಳ್ಳಿಗಳಲ್ಲೂ ಕೃಷಿ ಮೌಲ್ಯವರ್ಧನೆ ಕಾಣಲು ಪ್ರಾರಂಭಿಸುತ್ತದೆ. ಮೊದಲು ಅವರು ಕೆಂಪು ಮೆಣಸಿನಕಾಯಿಗಳನ್ನು ಮಾರಾಟ ಮಾಡುತ್ತಿದ್ದರು, ಈಗ ವಿದ್ಯುತ್‌ ಬಳಸಿ ಅವರು ಮೆಣಸಿನ ಪುಡಿ ಉತ್ಪಾದಿಸುತ್ತಾರೆ, ಅದನ್ನು ಪ್ಯಾಕ್ ಮಾಡುತ್ತಾರೆ ಮತ್ತು ಮಾರಾಟ ಮಾಡುತ್ತಾರೆ. ಹೀಗಾಗಿ, ಹಳ್ಳಿಗಳಲ್ಲಿನ ಗುಡಿ ಕೈಗಾರಿಕೆಗಳು ವಿಸ್ತರಿಸುತ್ತಲೇ ಇರುತ್ತವೆ. ಹೆಚ್ಚಿದ ಡಿಜಿಟಲ್ ಸಂಪರ್ಕದೊಂದಿಗೆ, ಗ್ರಾಮಸ್ಥರು ಇಡೀ ವಿಶ್ವದೊಂದಿಗೆ ಸಂಪರ್ಕ ಸಾಧಿಸುತ್ತಿದ್ದಾರೆ, ಆಧುನಿಕತೆ ಅಳವಡಿಸಿಕೊಳ್ಳುತ್ತಿದ್ದಾರೆ. ನಗರಗಳು ಮತ್ತು ಹಳ್ಳಿಗಳ ನಡುವಿನ ವ್ಯತ್ಯಾಸ ಕ್ರಮೇಣ ಕಣ್ಮರೆಯಾಗುತ್ತಿದೆ. ಇದು ಆರ್ಥಿಕತೆಯ ವೇಗ ಹೆಚ್ಚಿಸಿದೆ. ಇದೆಲ್ಲವೂ ದೇಶದ ಯುವಕರಿಗೆ ಉಜ್ವಲ ಭವಿಷ್ಯ ಖಾತರಿಪಡಿಸುವ ಸಕಾರಾತ್ಮಕ ಪರಿಣಾಮ ಬೀರುತ್ತದೆ. ಉದ್ಯೋಗಗಳು ಸೃಷ್ಟಿಯಾಗುತ್ತವೆ, ಆದರೆ ಅದನ್ನು ಮೀರಿ ರಾಷ್ಟ್ರವು ಹೊಸ ಸ್ವಾಭಿಮಾನದೊಂದಿಗೆ ಮುಂದುವರಿಯುತ್ತದೆ, ಲಕ್ಷಾಂತರ ಜನರು ಹೊಸ ಅವಕಾಶಗಳನ್ನು ಪಡೆಯುತ್ತಾರೆ.

 

ಸ್ನೇಹಿತರೆ,

ಇಂದು ಭಾರತದ ಯುವಕರು ಹಿಂದೆಂದಿಗಿಂತಲೂ ಹೆಚ್ಚಾಗಿ ಮುಂದುವರಿಯಲು ಮತ್ತು ತಮ್ಮ ಕನಸುಗಳನ್ನು ನನಸಾಗಿಸಲು ಅವಕಾಶಗಳನ್ನು ಹೊಂದಿದ್ದಾರೆ. ನಾನು ಯಾರನ್ನೂ ದೂಷಿಸುತ್ತಿಲ್ಲ. ವಾಸ್ತವವೆಂದರೆ ಎಲ್ಲವೂ ಬಹಳ ವೇಗದಲ್ಲಿ, ವಿಶಾಲ ಪ್ರಮಾಣದಲ್ಲಿ ಮತ್ತು ಅಪಾರ ವೈವಿಧ್ಯತೆಯೊಂದಿಗೆ ನಡೆಯುತ್ತಿದೆ. ಉತ್ಪಾದನೆ, ತಂತ್ರಜ್ಞಾನ, ನವೋದ್ಯಮಗಳು, ಡಿಜಿಟಲ್ ಸೇವೆಗಳು, ರೈಲ್ವೆಗಳು, ರಕ್ಷಣೆ ಮತ್ತು ಬಾಹ್ಯಾಕಾಶ - ಈ ವಲಯಗಳಲ್ಲಿ ಲೆಕ್ಕವಿಲ್ಲದಷ್ಟು ಅವಕಾಶಗಳು ನಮಗಾಗಿ ಕಾಯುತ್ತಿವೆ. ಸಾಧ್ಯವಾದಷ್ಟು ಯುವಜನರು ಈ ಅವಕಾಶಗಳಿಂದ ಪ್ರಯೋಜನ ಪಡೆಯಬಹುದು. ದೇಶದ ಯುವಕರು ತಮ್ಮ ಪ್ರತಿಭೆಯನ್ನು ಪ್ರದರ್ಶಿಸಲು ಪ್ರತಿಯೊಂದು ಅವಕಾಶವನ್ನು ಪಡೆಯುತ್ತಾರೆ ಎಂದು ಖಚಿತಪಡಿಸಿಕೊಳ್ಳುವುದು ನಮ್ಮ ಪ್ರಯತ್ನವಾಗಿದೆ. ಅದಕ್ಕಾಗಿಯೇ ಕೌಶಲ್ಯ ಅಭಿವೃದ್ಧಿ, ಉದ್ಯಮ-ಸಂಬಂಧಿತ ಶಿಕ್ಷಣ ಮತ್ತು ಭವಿಷ್ಯದ ತಂತ್ರಜ್ಞಾನಗಳ ಮೇಲೆ ನಿರಂತರ ಒತ್ತು ನೀಡಲಾಗುತ್ತಿದೆ. ಐಟಿಐಗಳನ್ನು ಆಧುನೀಕರಿಸಲಾಗುತ್ತಿದೆ. ರಾಷ್ಟ್ರೀಯ ಕೌಶಲ್ಯ ತರಬೇತಿ ಸಂಸ್ಥೆಗಳನ್ನು ಬಲಪಡಿಸಲಾಗುತ್ತಿದೆ. ಪಿಎಂ ಸೇತುನಂತಹ ಅಭಿಯಾನಗಳು ಈ ದಿಕ್ಕಿನಲ್ಲಿ ಕಾರ್ಯ ನಿರ್ವಹಿಸುತ್ತಿವೆ.

ಸ್ನೇಹಿತರೆ,

ಇತ್ತೀಚಿನ ವರ್ಷಗಳಲ್ಲಿ ದೇಶದಲ್ಲಿ ಸ್ವ-ಉದ್ಯೋಗ ಮತ್ತು ಉದ್ಯಮಶೀಲತೆಯ ಹೊಸ ಸಂಸ್ಕೃತಿ ಅಭಿವೃದ್ಧಿಗೊಂಡಿದೆ. ಭಾರತವು ವಿಶ್ವದ 3ನೇ ಅತಿದೊಡ್ಡ ನವೋದ್ಯಮ ಪರಿಸರ ವ್ಯವಸ್ಥೆಯಾಗಿದೆ. ಈ ಅಂಕಿಅಂಶವನ್ನು ನೆನಪಿಡಿ - ದೇಶದಲ್ಲಿ 2,30,000ಕ್ಕೂ ಹೆಚ್ಚು ಮಾನ್ಯತೆ ಪಡೆದ ನವೋದ್ಯಮಗಳಿವೆ. ಅವುಗಳಲ್ಲಿ ಪ್ರತಿಯೊಂದೂ ಯುವಜನರ ಗುಂಪುಗಳನ್ನು ಒಳಗೊಂಡಿದೆ. ಮುಖ್ಯವಾದ ಅಂಶವೆಂದರೆ, ಈ ಬದಲಾವಣೆ ಕೇವಲ ದೊಡ್ಡ ನಗರಗಳಿಗೆ ಮಾತ್ರ ಸೀಮಿತವಾಗಿಲ್ಲ ಎಂಬುದೇ ನನಗೆ ಅತ್ಯಂತ ತೃಪ್ತಿ ನೀಡುತ್ತದೆ. ಇತ್ತೀಚಿನ ದಿನಗಳಲ್ಲಿ 2 ಮತ್ತು 3ನೇ ಶ್ರೇಣಿಯ ನಗರಗಳ ಯುವಕರು ಸಹ ಹೆಚ್ಚಿನ ಸಂಖ್ಯೆಯಲ್ಲಿ ಸ್ಟಾರ್ಟಪ್‌ಗಳು ಮತ್ತು ನಾವೀನ್ಯತೆಯ ಜಗತ್ತಿನಲ್ಲಿ ತಮ್ಮ ಶಕ್ತಿ ತೋರಿಸುತ್ತಿದ್ದಾರೆ. ಅವರ ಸಾಮರ್ಥ್ಯಗಳನ್ನು ಗುರುತಿಸಲಾಗುತ್ತಿದೆ. ಈ ರೂಪಾಂತರವು ದೇಶದ ಆರ್ಥಿಕತೆಯ ಪ್ರಮುಖ ಭಾಗವಾಗಿದೆ. ಈ ಬದಲಾವಣೆಯಲ್ಲಿ ನಮ್ಮ ಮಹಿಳಾ ಶಕ್ತಿಯ ಪಾತ್ರವೂ ನಿರಂತರವಾಗಿ ಹೆಚ್ಚುತ್ತಿದೆ. ಇಂದು ಹೆಚ್ಚಿನ ಸಂಖ್ಯೆಯ ಮಹಿಳಾ ನೇತೃತ್ವದ ಸ್ಟಾರ್ಟಪ್‌ಗಳು ನಮಗೆ ಹೆಮ್ಮೆ ತುಂಬುತ್ತಿವೆ. ಭಾರತದಲ್ಲಿ ಮಹಿಳೆಯರು ಸ್ಟಾರ್ಟಪ್‌ಗಳಲ್ಲಿ ಪ್ರಮುಖ ಪಾತ್ರ ವಹಿಸುತ್ತಿದ್ದಾರೆ, ಅನೇಕರು ಹೆಚ್ಚಿನ ಸಂಖ್ಯೆಯಲ್ಲಿ ಮುಂದೆ ಬರುತ್ತಿದ್ದಾರೆ ಎಂದು ನಾನು ವಿಶ್ವಾದ್ಯಂತದ ಜನರಿಗೆ ಹೇಳುತ್ತೇನೆ. ಮುದ್ರಾ ಯೋಜನೆಯಡಿ, ಲಕ್ಷಾಂತರ ಮಹಿಳೆಯರು ಆರ್ಥಿಕ ಬೆಂಬಲ ಪಡೆದಿದ್ದಾರೆ. ಪಿಎಂ ಸ್ವನಿಧಿಯಂತಹ ಯೋಜನೆಗಳು ಲಕ್ಷಾಂತರ ಮಹಿಳೆಯರಿಗೆ ಸ್ವಾವಲಂಬಿಗಳಾಗಲು ಅವಕಾಶ ನೀಡಿವೆ. ಇಂದು ಹಳ್ಳಿಗಳು ಮತ್ತು ಸಣ್ಣ ಪಟ್ಟಣಗಳಲ್ಲಿ ಹಿಂದೆಂದಿಗಿಂತಲೂ ಹೆಚ್ಚು ಮಹಿಳೆಯರು ಸ್ವಂತವಾಗಿ ಹೊಸ ಉದ್ಯಮಗಳನ್ನು ಪ್ರಾರಂಭಿಸುತ್ತಿದ್ದಾರೆ.

ಸ್ನೇಹಿತರೆ,

ಈ ನೀತಿಗಳು ಮತ್ತು ನಿರ್ಧಾರಗಳ ನಡುವೆ, ನೀವು ಇನ್ನೊಂದು ವಿಷಯವನ್ನು ನೆನಪಿನಲ್ಲಿಟ್ಟುಕೊಳ್ಳಬೇಕು. ಯಾವುದೇ ವ್ಯವಸ್ಥೆಯ ನಿಜವಾದ ಶಕ್ತಿ ಅದರ ಜನರಲ್ಲಿದೆ. ಜನರ ಶಕ್ತಿ "ಜನಶಕ್ತಿ" ರಾಷ್ಟ್ರದ ಶಕ್ತಿಯಾಗುತ್ತದೆ. ನೀವು ಭಾಗವಾಗುತ್ತಿರುವ ವ್ಯವಸ್ಥೆಯು ಲಕ್ಷಾಂತರ ನಾಗರಿಕರ ಜೀವನದ ಭರವಸೆಗಳು ಮತ್ತು ಆಕಾಂಕ್ಷೆಗಳಿಗೆ ನೇರವಾಗಿ ಸಂಬಂಧಿಸಿದೆ. ಸರ್ಕಾರಿ ಉದ್ಯೋಗಗಳು ಜನರ ಜೀವನ ಸುಲಭಗೊಳಿಸುವ ಮಾಧ್ಯಮವಾಗಿದೆ. ನೀವು ಯಾವುದೇ ಇಲಾಖೆಯಲ್ಲಿ ಕೆಲಸ ಮಾಡಿದರೂ ನಿಮ್ಮ ನಡವಳಿಕೆ, ಸೂಕ್ಷ್ಮತೆ ಮತ್ತು ಕಾರ್ಯಶೈಲಿಯು ಬಹಳ ಮುಖ್ಯವಾಗುತ್ತದೆ. ರಾಷ್ಟ್ರವು ನಿಮ್ಮ ಮೇಲೆ ನಂಬಿಕೆ ಇಟ್ಟಿದೆ. ಈಗ ನಿಮ್ಮ ಕೆಲಸ, ನಡವಳಿಕೆ, ಮಾತು ಮತ್ತು ವರ್ತನೆಯ ಮೂಲಕ ಆ ನಂಬಿಕೆ ಬಲಪಡಿಸುವುದು ನಿಮ್ಮ ಜವಾಬ್ದಾರಿಯಾಗಿದೆ. ನಿಮ್ಮನ್ನು ಭೇಟಿಯಾಗುವ ನಾಗರಿಕರಿಗೆ ಹೊಸ ಆತ್ಮವಿಶ್ವಾಸ ತುಂಬಬೇಕು, ಹೊಸ ಭರವಸೆಯೊಂದಿಗೆ ಮುಂದುವರಿಯಲು ಅವರನ್ನು ಪ್ರೇರೇಪಿಸಬೇಕು. ಆದ್ದರಿಂದ, ಪ್ರತಿಯೊಬ್ಬ ಯುವ ಕರ್ಮಯೋಗಿಯೂ ತಮ್ಮ ಕೆಲಸವನ್ನು ಒಂದು ಜವಾಬ್ದಾರಿಯಾಗಿ ನೋಡಬೇಕು.

 

ಸ್ನೇಹಿತರೆ,

ಈ ನೀತಿಗಳು ಮತ್ತು ನಿರ್ಧಾರಗಳ ನಡುವೆ, ನೀವು ಇನ್ನೊಂದು ವಿಷಯವನ್ನು ನೆನಪಿನಲ್ಲಿಟ್ಟುಕೊಳ್ಳಬೇಕು. ಯಾವುದೇ ವ್ಯವಸ್ಥೆಯ ನಿಜವಾದ ಶಕ್ತಿ ಅದರ ಜನರಲ್ಲಿದೆ. ಜನರ ಶಕ್ತಿ "ಜನಶಕ್ತಿ" ರಾಷ್ಟ್ರದ ಶಕ್ತಿಯಾಗುತ್ತದೆ. ನೀವು ಭಾಗವಾಗುತ್ತಿರುವ ವ್ಯವಸ್ಥೆಯು ಲಕ್ಷಾಂತರ ನಾಗರಿಕರ ಜೀವನದ ಭರವಸೆಗಳು ಮತ್ತು ಆಕಾಂಕ್ಷೆಗಳಿಗೆ ನೇರವಾಗಿ ಸಂಬಂಧಿಸಿದೆ. ಸರ್ಕಾರಿ ಉದ್ಯೋಗಗಳು ಜನರ ಜೀವನ ಸುಲಭಗೊಳಿಸುವ ಮಾಧ್ಯಮವಾಗಿದೆ. ನೀವು ಯಾವುದೇ ಇಲಾಖೆಯಲ್ಲಿ ಕೆಲಸ ಮಾಡಿದರೂ ನಿಮ್ಮ ನಡವಳಿಕೆ, ಸೂಕ್ಷ್ಮತೆ ಮತ್ತು ಕಾರ್ಯಶೈಲಿಯು ಬಹಳ ಮುಖ್ಯವಾಗುತ್ತದೆ. ರಾಷ್ಟ್ರವು ನಿಮ್ಮ ಮೇಲೆ ನಂಬಿಕೆ ಇಟ್ಟಿದೆ. ಈಗ ನಿಮ್ಮ ಕೆಲಸ, ನಡವಳಿಕೆ, ಮಾತು ಮತ್ತು ವರ್ತನೆಯ ಮೂಲಕ ಆ ನಂಬಿಕೆ ಬಲಪಡಿಸುವುದು ನಿಮ್ಮ ಜವಾಬ್ದಾರಿಯಾಗಿದೆ. ನಿಮ್ಮನ್ನು ಭೇಟಿಯಾಗುವ ನಾಗರಿಕರಿಗೆ ಹೊಸ ಆತ್ಮವಿಶ್ವಾಸ ತುಂಬಬೇಕು, ಹೊಸ ಭರವಸೆಯೊಂದಿಗೆ ಮುಂದುವರಿಯಲು ಅವರನ್ನು ಪ್ರೇರೇಪಿಸಬೇಕು. ಆದ್ದರಿಂದ, ಪ್ರತಿಯೊಬ್ಬ ಯುವ ಕರ್ಮಯೋಗಿಯೂ ತಮ್ಮ ಕೆಲಸವನ್ನು ಒಂದು ಜವಾಬ್ದಾರಿಯಾಗಿ ನೋಡಬೇಕು.

ನನಗೆ ನೀವು ಇನ್ನೂ ಹೆಚ್ಚಿನವರು. ಹಿಂದಿನ ಕಾಲದಲ್ಲಿ ನಾವು "ಸಹಸ್ರಬಾಹು" - ಸಾವಿರ ತೋಳುಗಳನ್ನು ಹೊಂದಿರುವವರ ಬಗ್ಗೆ ಕೇಳಿದ್ದೇವೆ. ಇಂದು ನೀವು ಸರ್ಕಾರದ ತೋಳುಗಳಾಗಿದ್ದೀರಿ, ಅದೇ ನಿಜವಾದ ಶಕ್ತಿ. ಈಗಾಗಲೇ ಸೇವೆಯಲ್ಲಿರುವವರು ಮತ್ತು ಹೊಸದಾಗಿ ಸೇರುತ್ತಿರುವವರು ಎಲ್ಲರೂ ಇದರ ಭಾಗವಾಗಿದ್ದಾರೆ. ಭಾರತದ ಜನರ ಆಕಾಂಕ್ಷೆಗಳು ಜಾಸ್ತಿಯಾಗುತ್ತಿವೆ, ನಾನು ಇದನ್ನು ಅಭಿವೃದ್ಧಿಯ ಸಕಾರಾತ್ಮಕ ಸಂಕೇತ ಎಂದು ನೋಡುತ್ತೇನೆ. ನಾವು ನಮ್ಮ ಜನರ ಆಕಾಂಕ್ಷೆಗಳನ್ನು ಅರ್ಥ ಮಾಡಿಕೊಳ್ಳಬೇಕು, ಅದನ್ನು ಪೂರೈಸಲು ಅದೇ ವೇಗದಲ್ಲಿ ಕೆಲಸ ಮಾಡಬೇಕು. ಇದರಲ್ಲಿ ಸಾರ್ವಜನಿಕ ಸೇವೆಗೆ ಪ್ರವೇಶಿಸುವ ಯುವ ಜನರ ಪಾತ್ರ ಬಹಳ ಮುಖ್ಯವಾಗಿದೆ. ನೀವು ನಿರಂತರವಾಗಿ ಕಲಿಯುತ್ತಲೇ ಇರಬೇಕು. ಹೊಸ ತಂತ್ರಜ್ಞಾನಗಳು, ಹೊಸ ವ್ಯವಸ್ಥೆಗಳು ಮತ್ತು ಹೊಸ ಅಗತ್ಯಗಳಿಗೆ ನೀವು ನಿಮ್ಮನ್ನು ಸಿದ್ಧಪಡಿಸಿಕೊಳ್ಳಬೇಕು. ಐಜಿಒಟಿ ಕರ್ಮಯೋಗಿ ವೇದಿಕೆಯು ಇದರಲ್ಲಿ ನಿಮಗೆ ಹೆಚ್ಚು ಸಹಾಯ ಮಾಡುತ್ತದೆ. ಕರ್ಮಯೋಗಿ ಆರಂಭದಂತಹ ಮಾಡ್ಯೂಲ್‌ಗಳು ನಿಮ್ಮ ಜವಾಬ್ದಾರಿಗಳನ್ನು ಅರ್ಥ ಮಾಡಿಕೊಳ್ಳಲು ನಿಮಗೆ ಸುಲಭವಾಗಿಸುತ್ತದೆ. ಈ ಸಂಪನ್ಮೂಲಗಳನ್ನು ಸದುಪಯೋಗ ಪಡಿಸಿಕೊಳ್ಳುವಂತೆ ನಾನು ನಿಮ್ಮನ್ನು ಒತ್ತಾಯಿಸುತ್ತೇನೆ.

ಸ್ನೇಹಿತರೆ,

ಇಂದು ಭಾರತದ ಯುವಕರು ವಿಶ್ವಾದ್ಯಂತ ಪ್ರತಿಯೊಂದು ಕ್ಷೇತ್ರದಲ್ಲೂ ತಮ್ಮ ಛಾಪು ಮೂಡಿಸುತ್ತಿದ್ದಾರೆ. ಅದೇ ಮನೋಭಾವ, ಅದೇ ಶಕ್ತಿ ಸಾರ್ವಜನಿಕ ಸೇವೆಯಲ್ಲಿಯೂ ಗೋಚರಿಸಬೇಕು. ತಮ್ಮ ಕೆಲಸವನ್ನು ರಾಷ್ಟ್ರ ಸೇವೆ, ಜನರ ಸೇವೆ ಮಾಡುವ ಮಾಧ್ಯಮವಾಗಿ ನೋಡುವ ಅಂತಹ ಯುವಕರ ಪ್ರಯತ್ನಗಳ ಮೂಲಕ ಅಭಿವೃದ್ಧಿ ಹೊಂದಿದ ಭಾರತವನ್ನು ನಿರ್ಮಿಸಲಾಗುತ್ತದೆ. ನಮ್ಮ ಸಂಪ್ರದಾಯದಲ್ಲಿ, ಸಾರ್ವಜನಿಕ ಸೇವೆಯೇ ದೈವಿಕ ಸೇವೆ ಎಂದು ಹೇಳಲಾಗುತ್ತದೆ. ಇಂದು ನೇಮಕಾತಿ ಪತ್ರಗಳನ್ನು ಸ್ವೀಕರಿಸುವ ಯುವ ಜನರು ಭಾರತದ ಅಭಿವೃದ್ಧಿ ಪ್ರಯಾಣಕ್ಕೆ ಹೊಸ ಆವೇಗ ನೀಡುತ್ತಾರೆ ಎಂಬ ಸಂಪೂರ್ಣ ವಿಶ್ವಾಸ ನನಗಿದೆ. ನಿಮ್ಮ ಕೆಲಸ ಮತ್ತು ನಿರ್ಧಾರಗಳ ಮೂಲಕ, ಅಭಿವೃದ್ಧಿ ಹೊಂದಿದ ಭಾರತದ ಸಂಕಲ್ಪವು ಈಡೇರುತ್ತದೆ. ನೀವು ನಮ್ಮ ಮಂತ್ರ - ನಾಗರಿಕನೇ ದೈವ ಎಂಬುದನ್ನು ಎಂದಿಗೂ ಮರೆಯಬಾರದು. ನಾಗರಿಕರ ಕಲ್ಯಾಣ ನಮ್ಮ ಕರ್ತವ್ಯ. ಮತ್ತೊಮ್ಮೆ, ಇಂದು ನೇಮಕಾತಿ ಪತ್ರಗಳನ್ನು ಸ್ವೀಕರಿಸುತ್ತಿರುವ ಎಲ್ಲಾ ಯುವಕರಿಗೆ, ಅವರ ಭವಿಷ್ಯಕ್ಕಾಗಿ ಮತ್ತು ರಾಷ್ಟ್ರ ಸೇವೆ ಮಾಡುವ ಈ ಅವಕಾಶ ಪೂರೈಸಿದ್ದಕ್ಕಾಗಿ ನನ್ನ ಶುಭಾಶಯಗಳನ್ನು ಕೋರುತ್ತೇನೆ.

ಎಲ್ಲರಿಗೂ ತುಂಬು ಧನ್ಯವಾದಗಳು.