PM Modi, PM Hasina of Bangladesh jointly inaugurate two railway projects and a power link
Railway projects between India and Bangladesh to boost trade and connectivity
India to supply an additional 500MW power to Bangladesh, through the existing Bheramara-Baharampur interconnection
Enhanced cooperation between India and Bangladesh augurs well for our peoples as well as progress of both countries: PM Modi

Your Excellency

शेख हसीना, Prime Minister of Bangladesh,
ममता बनर्जी जी, Chief Minister of West Bengal,
बिप्लब कुमार देब जी, Chief Minister of Tripura,

कुछ दिन पहले काठमांडू में बिम्सटेक शिखर सम्मलेन के समय शेख हसीना जी से मेरी मुलाकात हुई थी।उससे पहले भी हम May में शान्तिनिकेतन में, और April में Commonwealth Summit के समय London में मिले थे।
और मुझे प्रसन्नता है कि आज video conference के माध्यम से आपसे एक बार फ़िर रूबरू होने का अवसर मिला।

मैंने पहले भी कई बार कहा है कि पड़ोसी देशों के leaders के साथ पड़ोसियों जैसे ही संबंध होने चाहिए। जब मन किया तो बात होनी चाहिए, जब चाहेंvisits होने चाहिए। इन सब विषयों पर हमें protocol के बंधन में नहीं रहना चाहिए।

और यह निकटता प्रधानमंत्री शेख हसीना जी के साथ मेरे संपर्क में साफ़ दिखाई देती है। अनेक मुलाकातों के अलावा यह हमारी चौथी video conference है, और निकट भविष्य में एक और video conference भी होगी।

इन video conferences की सबसे बड़ी बात है कि हम दोनों देशों के सहयोग के projects का शुभारंभ या उद्घाटन किसी VIP visit का मोहताज़ नहीं है।
Excellency, जब भी हम connectivity की बात करते हैं, तो मुझे हमेशा आपके 1965 के पहले की connectivity बहाल करने के vision का ख़याल आता है।
और मेरे लिए बहुत प्रसन्नता का विषय है कि हम पिछले कुछ वर्षों में लगातार इस दिशा में क़दम उठा रहे हैं।

आज हमने अपनी Power Connectivity बढाई है, और Railway Connectivity को और अधिक गहन करने के लिए दो projects शुरू किये हैं।
2015 में जब मैं बांग्लादेश आया था, तब हमने बांग्लादेश को 500 megawatt की अतिरिक्त बिजली आपूर्ति करने का निर्णय लिया था। और इसके लिए पश्चिम बंगाल से बांग्लादेश का transmission link काम में लिया जा रहा है। इस काम को पूरा करने में सहयोग के लिए मैं मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी का अभिनंदन करता हूँ।

इस project के पूरा होने से अब 1.16 gigawatt बिजली भारत से बांग्लादेश को supply की जा रही है। मैं समझता हूँ कि megawatt से gigawatt का यह quantum jump हमारे संबंधों के शोनाली अध्याय का प्रतीक है।

Railway के क्षेत्र में भी हमारी connectivity लगातार बढ़ रही है। इसमें बांग्लादेश की आतंरिक connectivity, और भारत के साथ connectivity, हमारे सहयोग के दो पहलू हैं। 
अखौड़ा-अगरतला की rail connectivity का काम पूरा होने पर हमारी cross-border connectivity में एक और कड़ी जुड़ जाएगी। इस project में सहयोग के लिए मैं मुख्यमंत्री श्री बिप्लब कुमार देब का अभिनंदन करता हूँ।

प्रधानमंत्री शेख हसीना जी ने बांग्लादेश के विकास के लिए महत्वकांक्षी लक्ष्य तय किये हैं – 2021 तक middle income country, और 2041 तक developed country बनने के उनके vision को साकार करने में सहयोग करना हमारे लिए गर्व का विषय है।

मुझे पूरा विश्वास है कि जैसे-जैसे हम अपने संबंध बढ़ाएंगे और लोगों के बीच रिश्ते मज़बूत करेंगे, वैसे वैसे हम विकास और समृद्धि के नए आसमान भी छूएंगे।
इस काम में सहयोग के लिए और आज के इस कार्यक्रम में उपस्थिति के लिए मैं प्रधानमंत्री शेख हसीना जी का, और पश्चिम बंगाल तथा त्रिपुरा के मुख्यमंत्रियों का हृदय पूर्वक आभार प्रकट करता हूँ।

धन्यवाद।

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The inauguration of Swaminarayan Temple is a new milestone in the cultural relations between India and France: PM Modi
September 06, 2026
It is a matter of great joy that BAPS Swaminarayan Hindu Mandir is being inaugurated in Paris: PM
This temple will surely enrich the diversity of France and energize our cultural relations: PM
India-France Strategic Partnership is special as it rests on the strong foundation of old cultural and political bonds: PM

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!