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Poorvanchal Expressway would transform the towns and cities that it passes through: PM Modi
Connectivity is necessary for development: PM Narendra Modi
Sabka Saath, Sabka Vikaas is our mantra; our focus is on balanced development: PM
PM Modi slams opposition for obstructing the law on Triple Talaq from being passed in the Parliament

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्रीमान राम नायक जी , मुख्यमंत्री, यशश्वी, तेजस्वी, परिश्रमी, श्रीमान योगी आदित्यनाथ जी, हमेशा मुस्कराने का जीनका स्वभाव है वैसे मेरे साथी उप-मुख्यमंत्री श्रीमान केशव प्रसाद मौर्या जी,औद्योगिक विकास मंत्री श्रीमान सतीश महाना जी, राज्य सरकार में मंत्री भाई श्री दारा सिंह जी, संसद में मेरे साथी और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्रीमान महेन्द्र नाथ पांडेय जी, संसद में हमारी साथी बहन नीलम सोनकर जी, विधायक भाई श्री अरुण जी और विशाल संख्या में पधारे हुए मेरे प्यारे भाइयों  और बहनों।    

ऋषि मुनियों की तपभूमि और साहित्‍य जगत को अनेक मनीषी देने वाली आजमगढ़ की इस भूमि को मैं नमन करता हूं। आज उत्‍तर प्रदेश के विकास में एक नया अध्‍याय जुड़ने की शुरूआत हुई है। पूर्वी भारत में पूर्वी उत्‍तर प्रदेश के एक बड़े क्षेत्र में विकास की एक नई गंगा बहेगी। यह गंगा पूर्वांचल एक्‍सप्रेसवे के तौर पर आपको मिलने जा रही है और जिसका शिलान्‍यास करने का हमें अवसर मिला है।

साथियों उत्‍तर प्रदेश का इस तरह विकास हो, तेज गति से विकास हो, जो इलाके पिछड़े  हैं, उन्‍हें ज्‍यादा ऊर्जा लगाकर दूसरों  के बराबर लाया जाए, इस दिशा में काम करने फैसला यह उत्‍तर प्रदेश की जनता-जनार्दन का है, आपका है, हम तो सेवक के रूप में उसका पालन कर रहे हैं। चार वर्ष पूर्व उत्‍तर प्रदेश ने भारतीय जनता पार्टी को भरपूर आशीर्वाद देकर केंद्र सरकार में कार्य करने की जिम्‍मेदारी दी। मुझे काशी से चुना और पिछले वर्ष आपने विकास की गति को दोगुना करने वाला ऐतिहासिक फैसला किया। पिछले एक वर्ष में जिस तरह से योगी आदित्यनाथ  जी की कमान में कार्य किया गया है, वह अभूतपूर्व है। बड़े-बड़े अपराधियों की स्थिति क्‍या है यह आपको भलीभांति पता है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने उत्‍तर प्रदेश में विकास का उत्‍तम वातावरण बनाने का प्रयास किया है। अपराध पर नियंत्रण लगाकर, भ्रष्‍टाचार पर नियंत्रण लगाकर योगी जी ने बड़े से बड़ा निवेश लाने और छोटे से छोटे उद्यमी के लिए व्‍यापार को सुलभ बनाने का काम किया है। किसान हो या नौजवान हो, महिलाएं  हो या पीडि़त, शोषित, वंचित वर्ग हो, सभी के उत्‍थान के लिए संकल्‍पबद्ध होकर योगी जी की सरकार आपकी सेवा में डूबी हुई है। पहले के दस वर्षों में उत्‍तर प्रदेश की जिस तरह की पहचान बन गई थी, वो पहचान अब बदलनी शुरू हो चुकी है। अब जनता का पैसा जनता के भलाई के लिए खर्च हो रहा है। एक-एक पाई को ईमानदारी के साथ खर्च किया जा रहा है। यह बदली हुई कार्य संस्‍कृति उत्‍तर प्रदेश को नई ऊंचाईयों पर ले करके जाएगी।

भाईयों और बहनों, पूर्वांचल एक्‍सप्रेस वे पूरे यूपी, विशेषतौर पर पूर्वी उत्‍तर प्रदेश की आशाओं और अकांक्षाओं को नई बुलंदियां देने वाला है। पूर्वांचल एक्‍सप्रेस वे पर 23 हजार करोड़ रुपये से ज्‍यादा खर्च किए जाएंगे। लखनऊ से लेकर गाजीपुर के बीच 340 किलोमीटर के रास्‍ते में जितने भी शहर, कस्‍बे और गांव आएंगे, वहां की तस्‍वीर बदलने जा रही है। इतना ही नहीं ,इस सड़क के बनने के बाद दिल्‍ली से गाजीपुर की दूरी भी कई घंटे कम हो जाएगी और वो घंटों तक लगने वाला जाम, वो बर्बाद हो रहा पेट्रोल और डीजल, वो पर्यावरण को नुकसान यह सारी बातें एक्‍सकप्रेस वे बनने के बाद बीते हुए कल की बात बन जाएगी। और सबसे बड़ी बात कि क्षेत्र के लोगों का समय बच जाएगा और यह बहुत बड़ी बात होती है। यहां का किसान हो, पशुपालक हो, मेरा बुनकर भाई हो, मिट्टी के बर्तनों का काम करने वाला हो, हर किसी के जीवन को यह एक्‍सप्रेसवे नई दिशा देने वाला है, नई गति देने वाला है। इस रोड़ के बन जाने से पूर्वांचल के किसान भाईयों-बहनों का अनाज, फल, सब्‍जी, दूध कम समय में दिल्‍ली की मंडियों तक पहुंच पाएगा। एक प्रकार से industrial corridor के रूप में विकसित होगा। इस पूरे एक्‍सप्रेसवे के इर्द-गिर्द नये उद्योग विकसित होंगे। भविष्‍य में यहां शिक्षण, प्रशिक्षण संस्‍थान, Industrial Training Institute, Medical Institute जैसे तमाम संस्‍थाओं की संभावना मैं देख रहा हूं। इसके अलावा एक और चीज बढ़ेगी और वो है पर्यटन, tourism. इस क्षेत्र में जो हमारे महत्‍वपूर्ण पौराणिक स्‍थान है, भगवान राम से जुड़े हुए हैं, हमारे ऋषि-मुनियों से जुड़े हुए हैं, उनका अब अधिक प्रचार-प्रसार हो पाएगा। इससे यहां के युवाओं को अपने पारंपरिक कामकाज के साथ-साथ रोजगार के नये अवसर भी उपलब्‍ध होंगे।

साथियों, मुझे यह भी बताया गया है कि आने वाले में समय गोरखपुर  को भी एक एक्‍सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा बुंदेलखंड में भी ऐसा ही एकसप्रेसवे बनाने का निर्णय यहां की भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने किया है। यह सारे प्रयास उत्‍तर प्रदेश में connectivity को नये स्‍तर पर ले जाएंगे। 21वीं सदी में विकास की बुनियादी शर्त होती है connectivity। जैसे-जैसे किसी भी इलाके में connectivity बढ़ती है, वहां पर पूरा ecosystem खुद विकसित होने लगता है। Connectivity से रोजगार के नये अवसर पैदा करना, कारोबार को आसान करना और देश के किसान, गरीब, वंचित, शोषित, पिछड़ों का जीवन स्‍तर ऊपर उठाने का निरंतर प्रयास चल रहा है।

भाईयों और बहनों, जब आपकी नीयत काम करने की हो और लक्ष्‍य विकास हो, तो काम की गति अपने आप बढ़ जाती है। फाइलों को फिर इंतजार नहीं करना पड़ा कि किसी की सिफारिश लगे और तब जा करके फाइल बढ़े। यही वजह है कि बीते चार वर्षों में उत्‍तर प्रदेश में नेशनल हाइवे का नेटवर्क लगभग दोगुना हो चुका है। 2014 से पहले जितनी लम्‍बाई के नेशनल हाईवे थे, जितनी संख्‍या में नेशनल हाईवे थे, अब उससे दोगुने हो चुके हैं। सोचिये, आजादी के बाद जितना काम हुआ, उतना सिर्फ चार साल में भाजपा की सरकार ने करके दिखाया है। अब यहां योगी जी की सरकार बनने के बाद गति और बढ़ गई है। उत्‍तर प्रदेश में सिर्फ हाईवे ही नहीं, बल्कि वाटर-वे और एयर-वे पर भी काम तेजी से चल रहा है। गंगा जी में बनारस से ह‍लदिया तक चलने वाले जहाज जिस पूरे क्षेत्र में औद्योगिक विकास को और आगे ले जाएंगे। इसके अलावा हवाई कनेक्टिविटी पर भी विशेष बल दिया जा रहा है और मैंने हमेशा सपना देखा है, हवाई चप्‍पल पहनने वाला भी हवाई जहाज में उड़ सके इसे ध्‍यान में रखते हुए सरकार उड़ान योजना को तेज गति से आगे बढ़ा रही है। इस योजना के माध्‍यम से छोटे शहरों को हवाई connectivity से जोड़ा जा रहा है। उत्‍तर प्रदेश के भी 12 एयरपोर्ट इसी योजना के तहत विकसित किये जा रहे हैं। इसके अलावा कुशी नगर में और जेवर में इंटरनेशनल हवाई अड्डों के काम को भी गति दी गई है।

भाईयों और बहनों, मोदी हो या योगी आप ही लोग हमारा परिवार हैं। आपके सपने यही हमारे सपने हैं। हम गरीब और मध्‍यम वर्ग की आशा-आकांक्षाओं से जुड़े हुए हैं, इसलिए जब उड़ान योजना के तहत किरायों की बात आई तो यह सुनिश्‍चित किया गया कि एक घंटे तक का सफर करने के लिए ढाई हजार रुपये से ज्‍यादा न खर्च करना पड़े। आज इसी का नतीजा है कि पिछले साल जितने लोगों ने ट्रेन के एसी कोच में सफर किया, उससे अधिक लोगों ने हवाई जहाज में यात्रा की। साथियों , पहले की सरकारों की नीतियां ऐसी रही कि देश का यह हिस्‍सा यह हमारा पूर्वी भारत, यह हमारा उत्‍तर प्रदेश का पूर्वी उत्‍तर प्रदेश हमेशा विकास की दौड़ में पीछे रहा है, जबकि मैंने मानता हूं कि पूर्वी भारत में देश के विकास को कई गुना तेज करने की क्षमता है, पूर्वी उत्‍तर प्रदेश में भी वैसी ही क्षमता है। यहां के नौजवान अब दूसरे राज्‍यों में जा करके अपना लोहा मनवा सकते हैं, तो जब उन्‍हें यहीं पर सही अवसर मिल जाए तो निश्चित तौर पर वो पूरे क्षेत्र का कायाकल्‍प कर सकते हैं।

साथियों जब तक पूर्व में विकास का सूर्य नहीं उगेगा, तब तक न्‍यू इंडिया की चमक फीकी रह जाएगी। और इसलिए बीते चार वर्षों में पूर्वांचल, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, नॉर्थ ईस्‍ट इन क्षेत्रों में रोड़, रेल, एयरपोर्ट से जुड़े अनेक प्रोजेक्‍ट स्‍वीकृत किए गए। देश के इस पूर्वी हिस्‍से को एक प्रकार से विकास का नया corridor बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। यहां पर नये मेडिकल कॉलेज एम्‍स, बंद पड़े खाद के कारखानों को खोलने का काम किया जा रहा है। साथियों यह जो भी कार्य है, वो इस क्षेत्र के संतुलित विकास को बढ़ावा देंगे। बिना किसी भेदभाव 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र को लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं। सबको सामान रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिले, सबका संतुलित विकास हो। हमारी सरकार गांवों को विकास का केंद्र बिंदु बनाने के लिए काम कर रही है। देश की हर बड़ी पंचायत को ऑपटिकल फाइबर से जोड़ने का कार्य तेज गति से चल रहा है। अब तक एक लाख से ज्‍यादा पंचायतों को इससे जोड़ा भी जा चुका है। लगभग तीन लाख common service centre गांव और गरीब के सशक्‍तीकरण का उनका जीवन आसान बनाने का बहुत बड़ा काम कर रहे हैं। इसके अलावा गांवों में डेढ़ लाख से ज्‍यादा आरोग्‍य के लिए लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य की चिंता करने के लिए डेढ़ लाख से ज्‍यादा wellness centre भी बनाए जा रहे हैं।

साथियों, पिछले चार साल में 'प्रधानमंत्री आवास योजना' और पुरानी आवास योजनाओं को पूरा करके गांव के गरीबों के लिए एक करोड़ से ज्‍यादा घरों का निर्माण किया गया है। 'प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना' के तहत देश के हर गांवों को जोड़ने का कार्य भी अब आखिरी चरण में चल रहा है। भाईयों और बहनों देश और गांवों में स्‍वराज्‍य का यही सपना पूज्य महात्‍मा गांधी ने देखा था, बाबा साहेब अम्‍बेडकर ने देखा था, पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय जी ने देखा था, डॉक्‍टर राम मनोहर लोहिया जी ने देखा था। यह नई बन रही व्‍यवस्‍थाएं सबके लिए हैं, सबका भला करने के लिए हैं। लेकिन दुर्भाग्‍य से समता और समानता की बातें करने वाले कुछ राजनीतिक दलों ने बाबा साहेब और राममनोहर लोहिया जी के नाम पर सिर्फ राजनीति करने का काम किया। साथियों मैं आजमगढ़ के लोगों से जानना चाहता हूं क्‍या पहले की सरकारों के समय जिस तरह का विकास यहां पर हुआ है क्‍या आप कल्‍पना कर सकते हैं? उन कार्यकलापों ने आपका भला किया है? क्‍या आजमगढ़ का और विकास नहीं होना चाहिए था? क्‍या जिन लोगों पर आजमगढ़ और इस क्षेत्र के लोगों ने भरोसा किया उन्‍होंने आपका भरोसा कुचलने का काम किया है कि नहीं किया है? सच्‍चाई यह है कि इन दलों ने जनता और गरीब का भला नहीं सिर्फ और सिर्फ अपना और अपने परिवार के सदस्‍यों का भला किया है। वोट गरीब से मांगे, वोट दलित से मांगे, वोट पिछड़ों से मांगे, उनके नाम पर सरकार बनाकर उन्‍होंने अपनी तिजोरियां  भर ली इसके सिवा कुछ नहीं किया। आजकल तो आप खुद देख रहे हैं कि जो कभी एक-दूसरे को देखना नहीं चाहते थे, पसंद नहीं करते थे, वो अब एकसाथ। सुबह-शाम जब भी मिलो - मोदी, मोदी, मोदी।  भाईयों और बहनों , अपने स्‍वार्थ के लिए यह जितने जमानत पर हैं, वे मिल करके सभी परिवारवादी पार्टियां, ये सारे लोग कुनबे देख लीजिए, यह परिवार वाली पार्टियां हैं, यह सारी परिवार वाली पार्टियां मिल करके अब आपके विकास को रोकने पर तुले हुए हैं। आपको सशक्‍त होने से रोकना चाहते हैं। उन्‍हें पता है कि अगर गरीब, किसान, दलित, पिछड़े यह अगर सशक्‍त हो गए तो उनकी दुकानें हमेशा के लिए बंद हो जाएगी।

भाईयों-बहनों, इन सारे दलों की पोल तो तीन तलाक पर इनके रवैये ने भी खोल दी है। एक तरफ जहां केंद्र सरकार महिलाओं के जीवन को आसान बनाने के लिए प्रयास कर रही है, वहीँ यह सारे दल मिल करके महिलाओं और विशेषकर मुस्लिम बहन-बेटियों के जीवन को और संकट में डालने का काम कर रहे हैं। लाखों-करोड़ों मुस्लिम बहन-बेटियों की हमेशा मांग थी कि तीन तलाक को बंद कराया जाए और दुनिया के इस्‍लामिक राष्‍ट्रों में भी तीन तलाक की प्रथा पर रोक लगी हुई है। मैंने अखबार में पढ़ा कांग्रेस पार्टी के अध्‍यक्ष श्रीमान नामदार ने यह कहा कि कांग्रेस मुस्लिमों की पार्टी है। पिछले दो दिन से चर्चा चल रही है, मुझे आश्‍चर्य नहीं हो रहा है, क्‍योंकि पहले जब मनमोहन जी की सरकार थी तो स्‍वयं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने कह दिया था कि देश के प्राकृतिक संसाधनों पर सबसे पहला अधिकार मुसलमानों का है। यह कह चुके थे। लेकिन मैं कांग्रेस पार्टी के यह नामदार से पूछना चाहता हूं आप कांग्रेस पार्टी मुस्लिमों की पार्टी है, आपको ठीक लगे, आपको मुबारक, लेकिन यह तो बताइये कि मुसलमानों की पार्टी सिर्फ पुरूषों की ही है या महिलाओं की भी है? क्‍या मुस्लिम महिलाओं के लिए भी इज्‍जत के लिए, सम्‍मान के लिए, गौरव के लिए, उनके हक के लिए कोई जगह है क्‍या? पार्लियामेंट में कानून रोक करके बैठ जाते हैं, हो-हल्‍ला करते हैं, पार्लियामेंट चलने नहीं देते। मैं यह परिवारवादी पार्टियां, यह मोदी को हटाने के लिए मैदान में दिन-रात एक करने वाली पार्टियों को कहना चाहता हूं, अभी पार्लियामेंट शुरू होने में चार-पांच दिन बाकी है। जरा आप उन तलाक के कारण पीडि़त मुस्लिम महिलाओं को जरा मिल करके आइये, हलाला के कारण परेशान उन मां-बहनों को मिल करके आइये, उनसे पूछ करके आइये और फिर पार्लियामेंट में आप अपनी बात बताइये।

भाईयो-बहनों ,21वीं सदी में ऐसे राजनीतिक दल जो 18वीं शताब्‍दी में गुजारा कर रहे हैं वो मोदी को हटाने के नारे दे सकते हैं, देश का भला नहीं कर सकते हैं भाईयों-बहनों। जब भाजपा सरकार ने संसद में कानून ला करके मुस्लिम बहन-बेटियों को अधिकार देने की कोशिश की, वे अब उसमें भी रोड़े अटका रहे हैं। यह चाहते हैं तीन तलाक होता रहे, मुस्लिम बहन-बेटियों का जीवन नरक बना रहे, लेकिन मैं विश्‍वास दिलाता हूं कि मैं इन राजनीतिक दलों को समझाने के लिए पूरी कौशिश करूंगा, उनको समझा करके हमारी बहन-बेटियों के अधिकार दिलाने के लिए उनको साथ लाने की कोशिश करूंगा, ताकि हमारी मुस्लिम बेटियों को जो तीन तलाक के कारण परेशानियां हो रही है उससे मुक्ति मिले।

भाईयों-बहनों, ऐसे नेताओं से, ऐसे दलों से सावधान रहने की जरूरत है। अपने स्‍वार्थ में डूबे ये लोग सबका भला नहीं सोचते। राष्‍ट्र का भला नहीं सोच सकते। वहीं दूसरी तरफ केंद्र की जो सरकार है, यूपी की जो भाजपा की सरकार है, उसके लिए देश ही परिवार है, देश ही सर्वोपरि है, सवा सौ करोड़ देशवासी हमारा परिवार है। किसान हो, गरीब हो, वंचित हो, शोषित हो, पिछड़ों का जीवन सरल और सुगम कैसे बने इसके लिए हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। जनधन योजना के तहत उत्‍तर प्रदेश में लगभग पांच करोड़ गरीबों के बैंक के खाते खुले। लकड़ी के धुएं से मुक्ति दिलाने के लिए 80 लाख से ज्‍यादा महिलाओं को मुफ्त में गैस सिलेंडर दिया गया।  सिर्फ एक रुपया महीना और 90 पैसे प्रति दिन की प्रीमियम पर एक करोड़ 60 लाख से ज्‍यादा गरीबों को सुरक्षा कवच दिया गया। अब आयुष्‍मान भारत के तहत सरकार की तैयारी हर गरीब परिवार को सालभर में पांच लाख रुपये तक का मुफ्त ईलाज सुनिश्चित करने की है। अभी हाल ही में सरकार ने किसानों से किया अपना वादा पूरा किया। सरकार द्वारा खरीफ़  की 14 फसलों के न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य एमएसपी में बहुत बड़ी बढ़ोतरी की गई है। धान हो, मक्‍का, ज्‍वार, बाजारा, तूर, उड़द, मूंग, सूरजमुखी, सोयाबीन, तिल इनके समर्थन मूल्‍य में दो सौ रुपये से ले करके 1800 रुपये तक की वृद्धि की गई है। कई फसलों में तो लागत का सौ प्रतिशत यानि दो गुना तक मूल्‍य मिलना तय किया।

साथियों हमारी सरकार देश की, देश के नागरिकों की आवश्‍यकता को समझते हुए योजनाएं बना रही है, फैसले ले रही है। ऐसे फैसले जिनका वर्षों से इंतजार था, जिन्‍हें पहले की सरकारें सिर्फ फाइलों में घूमाती रही, उन फैसलों को लेने का काम भी भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्‍व में एनडीए की सरकार कर रही है। आपकी हर जरूरत के प्रति यह सरकार पूरी तरह संवेदनशील है। यहां इस क्षेत्र में बनारसी साड़ी के कारोबार से जुड़े बुनकर भाई-बहन भी तो अच्‍छी तरह समझ ले उन्‍हें तो पिछली सरकारों ने भुला दिया, जबकि यह सरकार उनके लिए आधुनिक मशीनों, कम ब्‍याज पर कर्ज से ले करके नये बाजार बनाने तक का काम  कर रही है। बनारस में trade facilitation centre तो पिछले साल ही शुरू हो चुका है। यह centre आप सभी बुनकर और शिल्‍पकारों के लिए नई उम्‍मीद बन करके आया है। इससे हस्‍त शिल्‍पी और हाथ से बने कालीनों को बढ़ावा मिल रहा है। वहीं योगी जी की सरकार ने taxtile sector के लिए भी नई नीति बनाई है। यहां जो भी उत्‍पादन होता है, उसका प्रचार-प्रसार और बाजार दिलाने  के लिए one district one product scheme पर काम किया जा रहा है।

भाईयों-बहनों, यहां की काली मिट्टी की कला तो अपने आप मे अनूठी है। मैं योगी जी और इनकी टीम को बधाई दूंगा जो उन्‍होंने हाल में जो माटी कला बोर्ड बनाने का फैसला लिया है, वो सराहनीय है। इससे न सिर्फ लाखों नये रोजगार सृजित होंगे, बल्कि एक कला भी जीवित रहेगी।

साथियों जब जनहित और राष्‍ट्रहित को सर्वोपरि रखा जाता है, जब गरीब की चिंता रखते हुए उसके जीवन को सरल और सुगम बनाने के लक्ष्‍य  पर काम किया जाता है, तब इस तरह के फैसले होते हैं। वरना सिर्फ कागजों में योजना बनते  और भाषणों में शिलान्‍यास होते, वो आप भलीभांति जानते हैं, आपने उसे देखा है। उत्‍तर प्रदेश और देश अब उस कार्य संस्‍कृति से आगे बढ़ चुका है।

पूर्वांचल के, यूपी के आप सभी भाई-बहनों को इस आधुनिक एक्‍सप्रेसवे का काम शुरू होने पर फिर से एक बार बहुत-बहुत बधाई के साथ आपको अनेक शुभकामनाएं देता हूं। आप इतनी बड़ी भरी संख्‍या में, इतनी गर्मी में ,यह जन सैलाब यह अपने आप में आपके प्‍यार का प्रतीक है। आप आशीर्वाद देने आएं, मैं हृदय से आपका बहुत-बहुत धन्‍यवाद करता हूं।

20 ವರ್ಷಗಳ ಸೇವಾ ಮತ್ತು ಸಮರ್ಪಣದ 20 ಚಿತ್ರಗಳು
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PM to visit UP on October 25 and launch Pradhan Mantri Atmanirbhar Swasth Bharat Yojana (PMASBY)
October 24, 2021
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PMASBY to be one of the largest pan-India scheme for strengthening healthcare infrastructure across the country
Objective of PMASBY is to fill critical gaps in public health infrastructure in both urban and rural areas
Critical care services will be available in all the districts with more than 5 lakh population
Integrated Public Health Labs to be set up in all districts
National Institution for One Health, 4 New National Institutes for Virology to be set up
IT enabled disease surveillance system to be developed
PM to also inaugurate nine medical colleges in UP
PM to inaugurate development projects worth more than Rs 5200 crores for Varanasi

Prime Minister Shri Narendra Modi will visit Uttar Pradesh on 25th October, 2021. At around 10.30 AM in Siddharthnagar, Prime Minister will inaugurate nine medical colleges in Uttar Pradesh. Subsequently, at around 1.15 PM in Varanasi, Prime Minister will launch Pradhan Mantri Atmanirbhar Swasth Bharat Yojana. He will also inaugurate various development projects worth more than Rs 5200 crore for Varanasi.

Prime Minister Atmanirbhar Swasth Bharat Yojana (PMASBY) will be one of the largest pan-India scheme for strengthening healthcare infrastructure across the country. It will be in addition to the National Health Mission.

The objective of PMASBY is to fill critical gaps in public health infrastructure, especially in critical care facilities and primary care in both the urban and rural areas. It will provide support for 17,788 rural Health and Wellness Centres in 10 High Focus States. Further, 11,024 urban Health and Wellness Centres will be established in all the States.

Critical care services will be available in all the districts of the country with more than 5 lakh population, through Exclusive Critical Care Hospital Blocks, while the remaining districts will be covered through referral services.

People will have access to a full range of diagnostic services in the Public Healthcare system through Network of laboratories across the country. Integrated Public Health Labs will be set up in all the districts.

Under PMASBY, a National Institution for One Health, 4 New National Institutes for Virology, a Regional Research Platform for WHO South East Asia Region, 9 Biosafety Level III laboratories, 5 New Regional National Centre for Disease Control will be set up.

PMASBY targets to build an IT enabled disease surveillance system by developing a network of surveillance laboratories at block, district, regional and national levels, in Metropolitan areas. Integrated Health Information Portal will be expanded to all States/UTs to connect all public health labs.

PMASBY also aims at Operationalisation of 17 new Public Health Units and strengthening of 33 existing Public Health Units at Points of Entry, for effectively detecting, investigating, preventing, and combating Public Health Emergencies and Disease Outbreaks. It will also work towards building up trained frontline health workforce to respond to any public health emergency.

Nine medical colleges to be inaugurated are situated in the districts of Siddharthnagar, Etah, Hardoi, Pratapgarh, Fatehpur, Deoria, Ghazipur, Mirzapur and Jaunpur. 8 Medical Colleges have been sanctioned under the Centrally Sponsored Scheme for “Establishment of new medical colleges attached with district/ referral hospitals” and 1 Medical College at Jaunpur has been made functional by the State Government through its own resources.

Under the Centrally Sponsored Scheme, preference is given to underserved, backward and aspirational districts. The Scheme aims to increase the availability of health professionals, correct the existing geographical imbalance in the distribution of medical colleges and effectively utilize the existing infrastructure of district hospitals. Under three phases of the Scheme, 157 new medical colleges have been approved across the nation, out of which 63 medical colleges are already functional.

Governor and Chief Minister of UP and Union Health Minister will also be present during the event.