Published By : Admin |
February 20, 2026 | 15:53 IST
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर, लिकटेंस्टीन रियासत के वंशानुगत राजकुमार प्रिंस एलोइस ने नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लेने के लिए भारत का दौरा किया।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 20 फरवरी, 2026 को समिट के दौरान प्रिंस एलोइस से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और लिकटेंस्टीन के बीच सौहार्दपूर्ण और मैत्रीपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों की पुष्टि की।
अक्टूबर 2025 में भारत-टीईपीए मुक्त व्यापार समझौते के प्रभावी होने का स्वागत करते हुए, दोनों नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि यह समझौता द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को नई गति प्रदान करेगा। दोनों नेताओं ने कहा कि टीईपीए अगले 15 वर्षों में भारत में 100 बिलियन डॉलर के निवेश को सुगम बनाएगा। उन्होंने विशेष रूप से उच्च मूल्य वाले विनिर्माण, उन्नत प्रौद्योगिकियों और नवाचार-संचालित सेक्टरों में सहयोग और बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
यह बैठक भारत-लिकटेंस्टीन साझेदारी को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था और इसने पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग के विस्तार के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
Met HSH Hereditary Prince Alois of Liechtenstein in Delhi earlier today. Discussed the strong potential of economic linkages between our nations, particularly after the India-EFTA and cooperation in areas such as innovation, technology, skilling, R&D among others. pic.twitter.com/fvLuIZNwBu
प्रधानमंत्री ने सेवा तीर्थ में AI और डीपटेक स्टार्टअप्स के CEO के साथ राउंडटेबल बैठक की
February 20, 2026
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16 एआई और डीपटेक स्टार्टअप्स के सीईओ और संस्थापकों ने अपने विचार और कार्य प्रस्तुत किए
ये स्टार्टअप्स स्वास्थ्य सेवा, कृषि, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष और सामाजिक सशक्तिकरण जैसे विविध सेक्टरों में कार्यरत हैं जिससे कि जनमानस पर व्यापक प्रभाव डाला जा सके
प्रधानमंत्री ने प्रभावशाली सॉल्यूशन विकसित करने वाले नवोन्मेषकों की सराहना की और भारत की आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान विकसित करने की अपील की
प्रधानमंत्री ने कृषि, पर्यावरण संरक्षण, मातृभाषा में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने जैसे विभिन्न सेक्टरों में एआई प्रौद्योगिकी के उपयोग की संभावनाओं पर चर्चा की
स्टार्टअप्स ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट की सराहना की और इसे एआई से संबंधित वैश्विक चर्चाओं को आकार देने में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रतिबिंब बताया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सुबह सेवा तीर्थ में एआई और डीपटेक स्टार्टअप के सीईओ के साथ एक गोलमेज बैठक की।
इस गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने वाले स्टार्टअप्स प्रमुख सेक्टरों में जनसंख्या-स्तरीय चुनौतियों का समाधान कर रहे हैं। स्वास्थ्य सेवा में, वे उन्नत निदान, जीन थेरेपी और कुशल रोगी रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए एआई का उपयोग करते हैं जिससे कि अंतिम छोर तक गुणवत्तापूर्ण देखभाल पहुंचाई जा सके। कृषि में, वे उत्पादकता बढ़ाने और जलवायु जोखिमों के प्रबंधन में सहायता के लिए भू-स्थानिक और अंडरवॉटर इंटेलीजेंस का लाभ उठाते हैं। इस समूह में साइबर सुरक्षा, नैतिक एआई, अंतरिक्ष, न्याय और शिक्षा तक स्थानीय भाषा में पहुंच के माध्यम से सामाजिक सशक्तिकरण और उद्यम उत्पादकता को सुदृढ़ करने के लिए पुरानी प्रणालियों के आधुनिकीकरण पर केंद्रित उद्यम भी शामिल हैं। ये सभी मिलकर एक ऐसे इकोसिस्टम का प्रतिनिधित्व करते हैं जो स्थानीय आवश्यकताओं को पूरा करते हुए एआई-संचालित नवोन्मेषण में वैश्विक नेतृत्व का निर्माण करता है।
एआई स्टार्टअप्स ने भारत द्वारा अपने कृत्रिम बुद्धिमत्ता इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों की सराहना की। उन्होंने इस सेक्टर के तीव्र विस्तार और अपार संभावनाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि एआई नवोन्मेषण और तैनाती की वैश्विक गति तेजी से भारत की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि देश अब एआई विकास के लिए एक सहायक और गतिशील वातावरण प्रदान करता है, जिससे वैश्विक एआई परिदृश्य में इसकी मजबूत उपस्थिति स्थापित हो रही है। उन्होंने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट की भी प्रशंसा की और इसे एआई से संबंधित वैश्विक चर्चाओं को आकार देने में देश की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रतिबिंब बताया।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने साहसिक कदम उठाने और प्रभावशाली समाधान विकसित करने वाले नवप्रवर्तकों को बधाई दी। उन्होंने कृषि और पर्यावरण संरक्षण जैसे विभिन्न सेक्टरों में एआई प्रौद्योगिकी के उपयोग की संभावनाओं पर चर्चा की, जिसमें मृदा स्वास्थ्य की रक्षा के लिए फसल उत्पादकता और उर्वरक उपयोग की निगरानी शामिल है। भारतीय भाषाओं और संस्कृति को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर देते हुए, उन्होंने मातृभाषा में उच्च शिक्षा के लिए एआई टूल्स के विस्तार का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने सुदृढ़ डेटा प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया, गलत सूचनाओं के प्रति सावधान किया और भारत की आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान विकसित करने का आग्रह किया। यूपीआई को सरल और विस्तार योग्य डिजिटल नवोन्मेषण का एक मॉडल बताते हुए, उन्होंने भारतीय कंपनियों में विश्वास जताया और घरेलू उत्पादों पर भरोसा करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने अंतरिक्ष सेक्टर में निजी भागीदारी बढ़ाने की बात भी कही और भारतीय स्टार्टअप्स में निवेशकों की मजबूत रुचि का उल्लेख किया।
इस बैठक में एब्रिज, अदालत एआई, ब्रेनसाइटएआई, क्रेडो एआई, एका केयर, ग्लीन, इनोगल, इनवीडियो, माइको, ओरिजिन, प्रोफेज़, रासेन, रूब्रिक, सैटश्योर, सुपरनोवा और साइफा एआई के सीईओ और संस्थापक उपस्थित थे। प्रधान सचिव श्री पी.के. मिश्रा, प्रधान सचिव-2 श्री शक्तिकांत दास और राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद भी बैठक में उपस्थित थे।