लगभग 5000 करोड़ रुपये का समग्र कृषि विकास कार्यक्रम राष्ट्र को समर्पित किया
स्वदेश दर्शन और प्रसाद योजना के तहत 1400 करोड़ रुपये से अधिक की 52 पर्यटन क्षेत्र परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शुभारंभ किया गया
'हजरतबल तीर्थस्थल के एकीकृत विकास' श्रीनगर परियोजना को राष्ट्र को समर्पित किया
चुनौती आधारित गंतव्य विकास योजना के तहत चयनित पर्यटन स्थलों की घोषणा की
'देखो अपना देश पीपल्स चॉइस 2024' और 'चलो इंडिया ग्लोबल डायस्पोरा कैंपेन' लॉन्च किया
जम्मू-कश्मीर की नई सरकारी भर्तियों के लिए नियुक्ति आदेश वितरित किए
“मोदी स्नेह का यह कर्ज चुकाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा, मैं आपका दिल जीतने के लिए यह सारी मेहनत कर रहा हूं और मुझे विश्वास है कि मैं सही रास्ते पर हूं''
"विकास की शक्ति, पर्यटन की क्षमता, किसानों की क्षमताएं और जम्मू-कश्मीर के युवाओं का नेतृत्व विकसित जम्मू कश्मीर का मार्ग प्रशस्त करेगा"
“जम्मू-कश्मीर सिर्फ एक जगह नहीं है, जम्मू-कश्मीर भारत का मस्तक है और ऊंचा मस्तक विकास और सम्मान का प्रतीक है, इसलिए, विकसित जम्मू-कश्मीर विकसित भारत की प्राथमिकता है”
"आज जम्मू-कश्मीर पर्यटन के सारे रिकॉर्ड तोड़ रहा है"
"जम्मू-कश्मीर अपने आप में एक बहुत बड़ा ब्रांड है"
“आज जम्मू-कश्मीर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, क्योंकि जम्मू-कश्मीर आज खुलकर सांस ले रहा है। पाबंदियों से ये आजादी धारा 370 हटने के बाद मिली है''

जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर श्रीमान मनोज सिन्हा जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी डॉ. जितेंद्र सिंह जी, संसद में मेरे साथी, इसी धरती के संतान गुलाम अली जी, और जम्मू-कश्मीर के मेरे प्यारे भाइयों और बहनों!

धरती के स्वर्ग पर आने का ये अहसास, ये अनुभूति शब्दों से परे है। प्रकृति का ये अनुपम स्वरूप, ये हवा, ये वादियां, ये वातावरण, और उसके साथ, आप कश्मीरी भाई-बहनों का इतना सारा प्यार!

और मुझे बता रहे थे गवर्नर साहब कि स्टेडियम के बाहर भी जम्मू-कश्मीर के सभी लोग मौजूद हैं। दो सौ पिच्यासी ब्लॉकों से भी करीब एक लाख लोग टेक्नोलॉजी के जरिए जुड़े हुए हैं। मैं जम्मू-कश्मीर की अवाम का आज ह्दय से अभिनंदन करता हूं। ये वो नया जम्मू-कश्मीर है, जिसका इंतजार हम सभी को कई दशकों से था। ये वो नया जम्मू-कश्मीर है, जिसके लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बलिदान दिया था। इस नए जम्मू-कश्मीर की आंखों में भविष्य की चमक है। इस नए जम्मू-कश्मीर के इरादों में चुनौतियों को पार करने का हौसला है। आपके ये मुस्कुराते चेहरे देश देख रहा है, और आज 140 करोड़ देशवासी सुकून महसूस कर रहे हैं।

साथियों,

अभी मनोज सिन्हा जी का भाषण हम सब ने सुना। उन्होंने इतनी बढ़िया तरीके से बातों को रखा, विकास की बातों को इतने विस्तार से समझाया, शायद उनके भाषण के बाद किसी के भाषण की जरूरत नहीं थी। लेकिन आपका प्यार, आपका इतनी बड़ी तादाद में यहां आना, लाखों लोगों का जुड़ना, आपके इस प्यार से मैं जितना खुश हूँ, उतना ही कृतज्ञ भी हूँ। मोदी प्यार के इस कर्ज को चुकाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगा। और मैं 2014 के बाद जब भी आया मैंने यही कहा, मैं ये मेहनत आपका दिल जीतने के लिए कर रहा हूं, और मैं दिनों-दिन देख रहा हूं कि मैं आपका दिल जीतने की दिशा में सही दिशा में जा रहा हूं, आपका दिल मैं जीत पाया हूं, और ज्यादा जीतने की कोशिश मेरी जारी रहेगी। और ये ‘मोदी की गारंटी’ है…मोदी सुज गारंटी! और आप जानते हैं, मोदी की गारंटी यानी, गारंटी पूरा होने की गारंटी।

साथियों,

अभी कुछ समय पहले ही मैं जम्मू आया था। वहां मैंने 32 हजार करोड़-Thirty Two Thousand Crore रुपए के इंफ्रास्ट्रक्चर और एजुकेशन से जुड़े प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया था। और आज, इतने कम अंतराल में ही आप सब के बीच मुझे श्रीनगर आ कर आप सबसे मिलने का अवसर मिला है। आज मुझे यहां टूरिज्म और विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण का सौभाग्य मिला है। किसानों के लिए कृषि क्षेत्र से जुड़ी योजना भी समर्पित की गई है। 1000 युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र भी दिये गए हैं। विकास की शक्ति...पर्यटन की संभावनाएं...किसानों का सामर्थ्य...और जम्मू-कश्मीर के युवाओं का नेतृत्व...विकसित जम्मू-कश्मीर के निर्माण का रास्ता यहीं से निकलने वाला है। जम्मू-कश्मीर केवल एक क्षेत्र नहीं है। ये जम्मू-कश्मीर भारत का मस्तक है। और ऊंचा उठा मस्तक ही विकास और सम्मान का प्रतीक होता है। इसलिए, विकसित जम्मू-कश्मीर, विकसित भारत की प्राथमिकता है।

साथियों,

एक जमाना था जब देश में जो कानून लागू होते थे, वो जम्मू-कश्मीर में नहीं लागू हो पाते थे। एक जमाना था जब गरीब कल्याण की योजनाएं पूरे देश में लागू होती थीं...लेकिन जम्म-कश्मीर के मेरे भाई-बहन उनका लाभ उनको नहीं मिलता था। और अब देखिए, वक्त ने कैसे करवट बदली है। आज यहां श्रीनगर से आपके साथ ही पूरे भारत के लिए भी योजनाओं का आरंभ हुआ है। आज श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर ही नहीं, पूरे देश के लिए पर्यटन की नई पहल कर रहा है। इसलिए जम्मू-कश्मीर के अलावा देश के 50 से ज्यादा और शहरों से भी हमारे साथ लोग अभी जुड़े हुए हैं, देश भी आज श्रीनगर से जुड़ा हुआ है। आज यहां से स्वदेश दर्शन योजना के तहत 6 परियोजनाएं देश को समर्पित की गई हैं। इसके अलावा स्वदेश दर्शन स्कीम के अगले चरण का भी शुभारंभ हुआ है। इसके तहत भी जम्मू-कश्मीर समेत देश के अन्य स्थानों के लिए करीब 30 परियोजनाओं की शुरुआत की गई है। आज प्रसाद योजना के तहत 3 परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ है, 14 और परियोजनाओं को भी लॉन्च किया गया है। पवित्र हजरतबल दरगाह में लोगों की सहूलियत के लिए जो विकास कार्य हो रहे थे, वो भी पूरे हो चुके हैं। सरकार ने 40 से ज्यादा ऐसी जगहों की पहचान भी की है, जिन्हें अगले 2 वर्षों में टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तौर पर विकसित किया जाएगा। आज ‘देखो अपना देश पीपल्स चॉइस’ अभियान भी लॉन्च किया गया है। इससे, ये एक बहुत बड़ा अनूठा अभियान है। देश के लोग ऑनलाइन जाकर के बताएंगे कि ये देखने जैसी जगह है, और उसमें जो टॉप पर आएंगे, उनके लिए सरकार पसंदीदा, लोगों की चॉइस वाला स्थान के रूप में, उसका पर्यटन स्थल के रूप में विकास करेगी। ये जनभागीदारी से निर्णय होगा। आज से प्रवासी भारतीयों को, जो दुनिया में रहते हैं ना...क्योंकि मेरा उनसे आग्रह है कि आप डॉलर, पाउंड लाओ या ना लाओ लेकिन कम से कम पांच परिवार जो नॅान....भारतीय हैं, उनको हिन्दुस्तान देखने के लिए भेजो। और इसलिए आज प्रवासी भारतीयों को भारत आने के लिए प्रोत्साहित करना, उनके दोस्तों को प्रोत्साहित करना। और इसलिए ‘चलो इंडिया’ अभियान शुरू हो रहा है। इस अभियान के तहत ‘चलो इंडिया’ वेबसाइट के द्वारा दूसरे देशों में रहने वाले लोगों को भारत आने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इन योजनाओं और अभियानों का बहुत बड़ा लाभ जम्मू कश्मीर के आप लोगों को मिलना ही मिलना है। और, मैं तो आपको मालूम है, एक और मकसद ले कर काम कर रहा हूं। मैं, जो भी टूरिस्ट इंडिया के भी निकलते हैं ना...उनको कहता हूं, आप जाइए, लेकिन एक काम मेरा भी करिए, और मेरा क्या काम है? मैं उनको कहता हूं कि आप यात्रा का जो टोटल बजट होगा, उसमें से कम से कम 5-10% बजट, आप जहां जाते हैं, वहां से लोकल कोई न कोई चीजें खरीदें। ताकि वहां के लोगों को आय हो, उनका रोजगार बढ़े और तभी टूरिज्म बढ़ता है। सिर्फ आए, देखें, चले गए..नहीं चलेगा। आपको 5%, 10% कुछ खरीदना चाहिए, आज मैंने भी खरीदा। श्रीनगर आए, एक बढ़िया चीज देखी, मन कर गया, मैंने भी ले लिया। और इसिलए, मैं इसके साथ इकोनॉमी को बड़ा मजबूत बनाना चाहता हूं।

साथियों,

इन योजनाओं से यहाँ पर्यटन उद्योगों का भी विकास होगा, रोजगार के नए अवसर होंगे। मैं जम्मू-कश्मीर के मेरे भाई-बहनों को इन विकास कार्यों के लिए बधाई देता हूँ। और अब मैं एक नए क्षेत्र के लिए आपको आह्वान करना हूं। जैसे फिल्म शूटिंग के लिए ये क्षेत्र बड़ा पसंदीदा क्षेत्र रहा है। अब मेरा दूसरा मिशन है- ‘वेड इन इंडिया’, शादी हिन्दुस्तान में करो। हिन्दुस्तान के बाहर जो शादी करने के लिए अनाब-शनाब रूपये, डॉलर खर्च करके लोग आते हैं...जी नहीं, ‘वेड इन इंडिया’, अब कश्मीर और जम्मू के लोग, हमारे श्रीनगर के लोग अब हमें ‘वेड इन इंडिया’ के लिए लोगों को शादी के लिए यहां आने का मन कर जाए और यहां आकर बुकिंग करें, यहां 3 दिन, 4 दिन बारात लेकर कर आएं, धूमधाम से खर्चा करें, यहां के लोगों को रोजी-रोटी मिलेगी। उस अभियान को भी मैं बल दे रहा हूं।

और साथियों,

जब इरादे नेक हों, संकल्प को सिद्ध करने का जज्बा हो, तो फिर नतीजे भी मिलते हैं। पूरी दुनिया ने देखा कि कैसे यहां जम्मू-कश्मीर में G-20 का शानदार आयोजन हुआ। कभी लोग कहते थे- जम्मू-कश्मीर में कौन पर्यटन के लिए जाएगा? आज यहां जम्मू-कश्मीर में पर्यटन के सारे रिकॉर्ड टूट रहे हैं। अकेले 2023 में ही 2 करोड़ से ज्यादा पर्यटक यहां आए हैं। पिछले 10 वर्षों में अमरनाथ यात्रा में सबसे ज्यादा यात्री शामिल हुए। वैष्णो देवी में श्रद्धालु रिकॉर्ड संख्या में दर्शन कर रहे हैं। विदेशी टूरिस्टों की संख्या भी पहले से ढाई गुना बढ़ी है। अब बड़े-बड़े स्टार भी, सेलिब्रिटी भी, विदेशी मेहमान भी कश्मीर में आए बिना जाते नहीं हैं, वादियों में घूमने आते हैं, यहाँ वीडियो बनाते हैं, रील बनाते हैं, और वायरल हो रही है।

साथियों,

जम्मू-कश्मीर में पर्यटन के साथ ही कृषि और कृषि उत्पादों की बहुत बड़ी ताकत है। जम्मू-कश्मीर की केसर, जम्मू-कश्मीर के सेब, जम्मू-कश्मीर के मेवे, जम्मू कश्मीरी चेरी, जम्मू-कश्मीर अपने आप में इतना ही बड़ा ब्रांड है। अब कृषि विकास कार्यक्रम से ये क्षेत्र और मजबूत होगा। 5 हजार करोड़ रुपए के इस कार्यक्रम से अगले 5 वर्षों में जम्मू-कश्मीर के कृषि सेक्टर में अभूतपूर्व विकास होगा। विशेष तौर पर बागवानी और पशुधन के विकास में बहुत मदद मिलेगी। और अभी बहन हमीदा से जब मैं बात कर रहा था, पशुपालन को कैसी ताकत मिलने वाली है, ये बहन हमीदा से हम सीख सकते हैं। इससे रोजगार के भी हजारों नए अवसर तैयार होंगे। यहां किसानों के खातों में भारत सरकार ने करीब 3 हजार करोड़ रुपए किसान सम्मान निधि के तौर पर सीधे भेजे हैं। फलों और सब्जियों को ज्यादा समय तक सुरक्षित रखने के लिए जम्मू-कश्मीर में स्टोरेज क्षमता भी काफी बढ़ाई गई है। कुछ दिन पहले ही दुनिया की सबसे बड़ी भंडारण स्कीम शुरू की गई है। इसके तहत जम्मू-कश्मीर में भी अनेकों नए गोदाम बनाएंगे ।

साथियों,

जम्मू कश्मीर आज तेज रफ्तार से विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। यहां के लोगों को एक नहीं बल्कि 2-2 एम्स की सुविधा मिलने जा रही है। AIIMS जम्मू का उद्घाटन हो चुका है, और AIIMS कश्मीर पर तेजी से काम चल रहा है। 7 नए मेडिकल कॉलेज, 2 बड़े कैंसर अस्पताल स्थापित किए गए हैं। IIT और IIM जैसे आधुनिक शिक्षा संस्थान भी बने हैं। जम्मू-कश्मीर में 2 वंदे भारत ट्रेनें भी चल रही हैं। श्रीनगर से संगलदान और संगलदान से बारामुला के लिए ट्रेन सेवा शुरू हो चुकी है। कनेक्टिविटी के विस्तार से जम्मू-कश्मीर में आर्थिक गतिविधियां तेज हुई हैं। जम्मू और श्रीनगर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर के नए प्रोजेक्ट भी लाए जा रहे हैं। आप देखिएगा, आने वाले समय में जम्मू-कश्मीर की सक्सेस स्टोरी पूरी दुनिया के लिए एक बहुत बड़ा आकर्षण का केंद्र बनेगा। और आपने जरूर देखा होगा, रेडियो पर सुना होगा, मैं अपने मन की बात कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर की उपलब्धियों के बारे में हर बार मौका ले देता हूं कुछ ना कुछ कहने का। यहां साफ-सफाई के अभियान, यहां का हस्तशिल्प...यहां की कारीगरी, इन पर मैं मन की बात में लगातार बात करता हूं। एक बार मैंने नदरू के बारे में, कमल ककड़ी के बारे में मन की बात में बहुत विस्तार से बताया था। यहां की झीलों में जगह-जगह कमल देखने को मिलते हैं। 50 साल पहले बने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के ‘लोगो’ में भी कमल है। ये सुखद संयोग है या कुदरत का कोई इशारा, कि बीजेपी का चिन्ह भी कमल है और कमल के साथ तो जम्मू-कश्मीर का गहरा नाता है।

साथियों,

जम्मू-कश्मीर के युवाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए हमारी सरकार लगातार काम कर रही है। युवाओं के स्किल डवलपमेंट से लेकर स्पोर्ट्स तक में नए अवसर बनाए जा रहे हैं। आज जम्मू-कश्मीर के हर जिले में आधुनिक खेल सुविधाएं बनाई जा रही हैं। 17 जिलों में यहां मल्टी-परपज इंडोर स्पोर्ट्स हॉल बनाए गए हैं। बीते वर्षों में जम्मू-कश्मीर ने अनेकों नेशनल स्पोर्ट्स टूर्नामेंट्स में मेजबानी की है। अब जम्मू-कश्मीर, देश की शीतकालीन खेल- Winter Games एक राजधानी- विंटर स्पोर्ट्स कैपिटल के रूप में ये मेरा जम्मू-कश्मीर उभर रहा है। हाल ही में हुए खेलो इंडिया विंटर गेम्स में करीब एक हजार खिलाड़ी देशभर से आए, उन्होंने हिस्सा लिया।

साथियों,

आज जम्मू-कश्मीर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, क्योंकि जम्मू-कश्मीर आज खुलकर के सांस ले रहा है। बन्दिशों से ये आज़ादी आर्टिकल 370 हटने के बाद आई है। दशकों तक सियासी फायदे के लिए काँग्रेस और उसके साथियों ने 370 के नाम पर जम्मू-कश्मीर के लोगों को गुमराह किया, देश को गुमराह किया। 370 से फायदा जम्मू कश्मीर को था, या कुछ राजनीतिक परिवार वही इसका लाभ उठा रहे थे, जम्मू-कश्मीर की अवाम ये सच्चाई जान चुकी है कि उनको गुमराह किया गया था। कुछ परिवारों के फायदे के लिए जम्मू-कश्मीर को जंजीरों में जकड़ दिया गया था। आज 370 नहीं है, इसीलिए जम्मू-कश्मीर के युवाओं की प्रतिभा का पूरा सम्मान हो रहा है, उन्हें नए अवसर मिल रहे हैं। आज यहाँ सबके लिए समान अधिकार भी हैं, समान अवसर भी हैं। पाकिस्तान से आए शरणार्थी, हमारे वाल्मिकी समुदाय के भाई-बहन, हमारे सफाई कर्मचारी भाई-बहन, इनको वोट देने का अधिकार 70 साल तक नहीं मिला, वो अब मिला है। वाल्मिकी समुदाय को एससी कैटेगरी का लाभ मिलने की वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है। अनुसूचित जनजातियों के लिए विधानसभा में सीटें आरक्षित हुई हैं। 'पद्दारी जनजाति', 'पहाड़ी जातीय समूह', 'गड्डा ब्राह्मण' और 'कोली' समुदाय को अनुसूचित जनजाति में शामिल किया गया है। हमारी सरकार में पंचायत, नगर पालिका और नगर निगम में अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण दिया गया। परिवारवादी पार्टियों ने जम्मू-कश्मीर के लोगों को दशकों तक इन अधिकारों से वंचित रखा। आज हर वर्ग को उनके अधिकार लौटाए जा रहे हैं।

साथियों,

जम्मू-कश्मीर में परिवारवाद और भ्रष्ट्चार का एक बहुत बड़ी भुक्तभोगी रही है, हमारी J&K Bank. इस बैंक को तबाह करने में यहां की पहले की सरकारों ने कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ी थी। बैंक में अपने नाते-ऱिश्तेदारों और भाई-भतीजों को भरकर इन परिवारवादियों ने बैंक की कमर तोड़ दी थी। मिस-मैनेजमेंट की वजह से बैंक इतना घाटे में गया था कि आप सभी के हजारों करोड़ रुपए डूब जाने का खतरा था, कश्मीर के गरीब आदमी का पैसा था, मेहनतकस इंसान का पैसा था, आप मेरे भाई-बहनों को पैसा था वो डूबने जा रहा था। J&K Bank को बचाने के लिए हमारी सरकार ने एक के बाद एक रिफ़ार्म किए। बैंक को एक हजार करोड़ रुपए की मदद देना भी तय किया। J&K Bank में जो गलत तरीके से भर्तियां हुईं थीं, उनके खिलाफ भी हमने सख्त कार्रवाई की। आज भी एंटी-करप्शन ब्यूरो ऐसी हजारों भर्तियों की जांच कर रही है। बीते 5 साल में जम्मू-कश्मीर के हजारों नौजवानों को पूरी पारदर्शिता के साथ बैंक में नौकरी मिली है। सरकार के निरंतर प्रयासों से आज J&K Bank फिर से मजबूत हो गई है। इस बैंक का मुनाफा, जो डूबने वाली बैंक थी, ये मोदी की गारंटी देखिए, डूबने वाली बैंक थी, आज उसका मुनाफा 1700 करोड़ रुपए तक पहुंच रहा है। ये आपका पैसा है, आपके हक का पैसा है, मोदी तो चौकीदार बनकर बैठा है। 5 साल पहले बैंक का बिजनेस सवा लाख करोड़ रुपए में सिमट गया था, सिर्फ सवा लाख करोड़। अब बैंक का बिजनेस सवा दो लाख करोड़ रुपए क्रॉस कर चुका है। 5 साल पहले बैंक में डिपॉजिट भी 80 हजार करोड़ रुपए से कम हो गए थे, यानि लगभग अब 2 गुना होने जा रहा है। अब बैंक में लोगों के डिपॉजिट भी सवा लाख करोड़ रुपए को पार कर गए हैं। 5 साल पहले बैंक का NPA 11 परसेंट को भी पार कर गया था। अब ये भी कम होते-होते-होते 5 परसेंट के नीचे आ गया है। पिछले 5 साल में J&K Bank के शेयरों की कीमत में भी करीब-करीब 12 गुना वृद्धि हुई है। बैंक के शेयर की जो कीमत 12 रुपए तक गिर गई थी, वो अब 140 रुपए के आसपास पहुंच गई है। जब ईमानदार सरकार होती है, नीयत जनता की भलाई होती है, तो हर मुश्किल से जनता को निकाला जा सकता है।

साथियों,

आज़ादी के बाद जम्मू-कश्मीर परिवारवादी राजनीति का सबसे प्रमुख शिकार हुआ था। आज देश के विकास से परेशान होकर, जम्मू-कश्मीर के विकास से परेशान होकर परिवारवादी लोग मुझ पर व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं। ये लोग कह रहे हैं कि मोदी का कोई परिवार नहीं है। लेकिन इन्हें देश, इनको करारा जवाब दे रहा है। देश के लोग हर कोने में कह रहे हैं- मैं हूँ मोदी का परिवार!, मैं हूँ मोदी का परिवार! मैंने जम्मू-कश्मीर को भी हमेशा अपना परिवार माना है। परिवार के लोग दिल में रहते हैं, मन में रहते हैं। इसीलिए, कश्मीरियों के दिल में भी यही है कि- मैं हूँ मोदी का परिवार! मैं हूँ मोदी का परिवार! मोदी अपने परिवार को ये विश्वास देकर जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर के विकास का ये अभियान किसी कीमत पर नहीं रुकेगा। अगले 5 वर्षों में जम्मू-कश्मीर और तेजी से विकास करेगा।

साथियों,

कुछ ही दिनों में अमन और इबादत का महीना रमज़ान शुरु होने जा रहा है। मैं जम्मू-कश्मीर की धरती से पूरे देश को इस पवित्र महीने की अग्रिम शुभकामनाएं देता हूं। रमजान के महीने से हर किसी को शांति और सौहार्द का संदेश मिले, यही मेरी कामना है।

और मेरे साथियों,

ये भूमि तो आदि शंकराचार्य की तपोभूमि रही है। और कल महाशिवरात्रि है, मैं आपको भी और सभी देशवासियों को भी महाशिवरात्रि के पावन पर्व की अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं। मैं फिर एक बार आज की इन परियोजनाओं के लिए आप सबको बहुत-बहुत बधाई देता हूं। और फिर एक बार लाखों की तादाद में जम्मू-कश्मीर में आप लोगों के बीच आना, आपका प्यार, आपका आशीर्वाद लेना ये मेरे लिए बहुत बड़ा सौभाग्य है।

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Prime Minister Condoles the Passing of Shri Maroof Raza Ji
February 26, 2026

Prime Minister Narendra Modi has expressed grief over the passing of Shri Maroof Raza Ji, honoring his legacy in the fields of journalism.

The Prime Minister stated that Shri Maroof Raza Ji made a rich contribution to the world of journalism. He noted that Shri Raza enriched public discourse through his nuanced understanding of defence, national security, and strategic affairs.

Expressing his sorrow, the Prime Minister said he is pained by his passing and extended his condolences to his family and friends.
The Prime Minister shared on X:

“Shri Maroof Raza Ji made a rich contribution to the world of journalism. He enriched public discourse with his nuanced understanding of defence, national security as well as strategic affairs. Pained by his passing. Condolences to his family and friends”