Students-Parents thank the Prime Minister for cancelling class 12 exams in an impromptu session

प्रधानाध्यापक : नमस्‍ते सर!

मोदीजी : नमस्‍ते!

मोदीजी : मैंने आप सबको disturb नहीं किया ना? आप सब लोग बड़े मज़े की बाते कर रहे थे? Online calorie burn कर रहे थे आप लोग।

प्रधानाध्यापक : नमस्‍कार सर! और आप आ गए सर, आपने हमको join किया उसके लिए बहुत-बहुत शुक्रिया सर। मैंने अभी इनको बताया कि एक special guest आने वाले हैं सर, इन्‍होंने सोचा भी नहीं होगा और सर ये लोग आपके आने से पहले आपकी बहुत बात कर रहे थे। आपके बहुत सारे fan हैं यहां पर।

मोदीजी : अच्‍छा मैं तो अचानक आपके यहां आ गया हूं लेकिन मैं आपको disturb नहीं करना चाहता हूं क्‍योंकि आप बड़े ही हंसी-खुशी के माहौल में थे और मुझे लग रहा था कि अब exam का tension आपको बिल्‍कुल नहीं है। उसके कारण आपकी खुशियों का कोई पार नहीं है, ऐसा दिख रहा था। और आप कमरे में बंद होने के कारण Online calorie कैसे burn करना, वो भी सीख लिये हो।

मोदीजी : अच्‍छा कैसे हैं आप सब लोग?
छात्र : ठीक हैं सर! बहुत अच्‍छे हैं सर!
मोदीजी : आप सब स्‍वस्‍थ हैं?
छात्र : हां सर, स्‍वस्‍थ हैं!
मोदीजी : आपके परिवार के सब सदस्‍य स्‍वस्‍थ हैं?
छात्र : Yes sir!
मोदीजी : अच्‍छा ये परसों जब आपने सुना, उसके पहले tension थी और अब tension गयी, ऐसा है क्‍या?
छात्र : हां सर! बिल्‍कुल सर!
मोदीजी : मतलब आपको exam का tension होता है?
छात्र : जी सर! बहुत होता है!
मोदीजी : फिर तो मेरी किताब लिखना बेकार है, मैंने exam warrior में कहा है कि कभी tension मत रखो, फिर आप tension क्‍यों पालते थे?
छात्र : सर हम रोज़ preparation करते थे, तब tension का बात ही नहीं होता है सर।
मोदीजी : कब tension होता है?
छात्र : सर tension कुछ नहीं लगा सर और युवा की सेहत सबसे ज्‍यादा जरूरी है, इसलिए इतना बेहतरीन निर्णय लिया गया, जिसके लिए हम आपके आभारी रहेंगे आजीवन।
मोदीजी : लेकिन आप बताइये, आपका शुभ नाम क्‍या है?
छात्र : सर हितेश्‍वर शर्मा पंचकुला से।
मोदीजी : हितेश्‍वर शर्माजी! पंचकुला में रहते हैं?
छात्र : जी सर!
मोदीजी : किस सेक्‍टर में?
छात्र : सेक्‍टर दस में सर!
मोदीजी : मैं सात में रहता था, बहुत साल तक रहा हूं वहां।
छात्र : आज ही पता लगा सर मुझे।
मोदीजी : हां, मैं वहां रहता था।
छात्र : जी सर, सर बहुत आपको support करने वाले लोग यहां पर आपको देखना चाहते हैं दुबारा से।
मोदीजी : अच्‍छा ये बताओ भई, आप तो दसवी में topper थे, तो पक्‍का घर में तैयारी होगी कि बारहवी में भी top करेंगे। अब exam ही चले गए तो आपका तो सारा रूक गया?

छात्र : सर मैं वही बता रहा था, अपेक्षाएं होंगी पर मुझे अच्‍छा लगा सर क्‍योंकि मतलब अगर मैं परीक्षा देता तो वो pressure बढ़ता जा रहा था, एक saturation point reach हो चुका था और हम देख रहे थे कि इतना safe भी नहीं है और आपने बिल्‍कुल से इतना बेहतरीन निर्णय ले लिया। और मैं मानता हूं सर जो topper हैं या जो मेहनत करता है, मेहनत कभी बेकार नहीं जाती, वो ज्ञान हमेशा ही हमारे साथ रहता है सर। और जो निंतर पढ़ाई करता आ रहा है, जो consistent है, सर जो भी criteria आएगा, जो भी आप निर्णय लेंगे, तो उसमें वो फिर भी अव्‍वल ही रहेंगे। तो उसमें उन्‍हें इतनी चिंता की जरूरत नहीं है, कुछ लोग कह रहे हैं topper निराश हैं या ऐसे हैं। मैं मानता हूं कि हमने provision तो रखा ही है कि आप दुबारा पेपर दे सकते हैं। तो एक बहुत ही समझा हुआ निर्णय मैं इसको मानता हूं और इसके हम जीवन भर आपके आभारी रहेंगे।

मोदीजी : अच्‍छा बच्‍चों आप जब ये कुछ लोग रहते हैं, बड़े अपने-आप को बड़ा बहादुर मानते हैं। बड़े पहलवान मानते हैं और कहते हैं मैं मास्‍क नहीं पहनूंगा, मैं ये नियम पालन नहीं करूंगा, मैं ये नहीं करूंगा। तब आप लोगों को कैसा लगता है?

छात्र : सर इस नियम को तो मानना ही पड़ेगा सर... तो जैसे अभी आप ने बोला कि जब लोग मास्‍क नहीं डालते हैं या covid guidelines को follow नहीं करते, तो बहुत उस time पर disappointing लगता है क्‍योंकि जो हमारी सरकार है उसने इतनी awareness create की है इस pandemic को लेकर, international organisations वो बहुत awareness create कर रही हैं। जब लोग नहीं समझते इस बात को तब बहुत बुरा लगता है। और मैं आपके साथ share करना चाहूंगी कि हमने और हमारे मतलब locality में कुछ बच्‍चों ने, तो हमने एक awareness drive कुछ महीने पहले चलाई थी जब unlock हुआ था यहां पर। और हमने जैसे नुक्‍कड़ नाटक किये, हमने proper covid guidelines से लेकर लोगों में जगह-जगह जाकर उन्‍हें बताया था कि आपके लिए covid guidelines को follow करना, social distancing रखना, मास्‍क पहनना और उसके wash करना, it is very important और आप लोग इसको follow कीजिए। तो I think कि ऐसे अगर हम अपने level पर भी कुछ initiative लें और खुद responsible बनें तो बहुत बड़ा change आ सकता है।

मोदीजी : अच्‍छा मैं ये जानना चाहूंगा कि आप लोगों ने, आपका जो क्‍योंकि मैं जानता हूं कि जब 12th में बच्‍चे होते हैं तो उनके दिमाग में, परिवार में आगे क्‍या-आगे क्‍या यही चलता रहता है। आप परसों तक तो यानि एक तारीख सुबह तक तो इस mood में थे कि आज ये पढ़ूंगी, कल ये पढ़ेंगे, सुबह पांच बजे उठेंगे, चार बजे उठेंगे, ये करेंगे, वो करेंगे, सब सोचा होगा, सब time table बनाया होगा। अचानक सब चला गया, एक vacuum आ गया, उस vacuum को कैसे भरेंगे आप लोग?

छात्र : नमस्‍कार सर, विधि चौधरी Guwahati Royal Noble School से!
मोदीजी : Guwahati से हैं?
छात्र : हां सर!
मोदीजी : Guwahati से हैं?
छात्र : सर मैं बस यही कहना चाहूंगी आपने जिस तरीके से कहा अभी कि एकाएक सुबह तक सबके मन में इतनी सारी चीजे थी। सर आपने जैसे ही start किया था आपने अपना exam warriors के बारे में आपने बताया था, तो मैं बस एक चीज कहना चाहूंगी इधर सभी से कि मैं दसवी कक्षा में थी जब मतलब जब मेरी दसवी की परीक्षा होने वाली थी और मैं travel कर रही थी, कलकत्ते से यहां आ रही थी और airport में मेरे को आपकी book दिखी। सर मैंने तुरंत ही उसे खरीद लिया था और मेरी दसवी की परीक्षा होने वाली थी। मेरा ये खुद का experience था, सर मैंने एक महीने तक रोज उस book को पढ़ा था और सर इस बार मेरे को मतलब आपने book की शुरूआत ही इस चीज से की थी कि exam को त्‍यौहार की तरह मनाओ। तो सर त्‍यौहार के लिए डरने की क्‍या आवश्‍यकता? मतलब त्‍यौहार के लिए तो हम तैयारी करते हैं कि वो successful हो और आपने सबसे बड़ा मंत्र जो योगा का दिया था आखिर में मतलब आपने जो book में योगा के मंत्र से end की थी। तो सर ये दो चीजें जो हैं वो मन में लगातार थी कि माना परिस्‍थतियां अच्‍छी नहीं थी, सब कुछ था पर ये जो भावना से हमने exams की जो preparation की, मैंने बारहवीं में जिस तरीके से की, सर आप ही को धन्‍यवाद है उस book के लिए कि बिल्‍कुल भी ऐसा नहीं हुआ।

मोदीजी : अच्‍छा मेरे सवाल का जवाब रह गया और एक नौजवान लगातार हाथ ऊपर कर रहे हैं, उनको मौका नहीं मिला है। क्‍या है आपका शुभ नाम?
छात्र : सर मेरा नाम नंदन हेगड़े है।
मोदीजी : नंद हेगड़े कर्नाटक से हैं?
छात्र : हां सर कर्नाटक से, बेंगलुरु से सर!
मोदीजी : हां बताइये!
छात्र : सर मैंने सोचा ये परीक्षा मेरा जिंदगी का अंतिम परीक्षा नहीं है सर, आगे तो बहुत परीक्षा आने वाला है सर। अब हमारे आरोग्‍य को बचा के रखना है और आगे आने वाली परीक्षाओं का सामना करना है।

मोदीजी : अच्‍छा अभी exams से free हो गये, तब मन में क्‍या आईपीएल देखने में time लगायेंगे या champions league final को देखेंगे या French open देखने के लिए दिमाग खपाओगे या जुलाई में Olympic शुरू होने वाला है, उस Olympic के लिए मन लगेगा, भारत से Olympic के लिए कौन लोग जा रहे हैं? उनका background क्‍या है? उसमें मन लगेगा कि फिर 21 तारीख को योगा दिवस है, तो उसमें मन लगेगा, क्‍या लगेगा?
छात्र : सब चीजों में मन लगेगा सर!
मोदीजी : ये चश्‍मे वाली बेटी कुछ कहना चाहती है, कबसे उसे मौका नहीं मिल रहा है उसको।
छात्र : नमस्‍कार सर! सर जैसे ही पता चला आपने हमारे exam सब cancel कर दिये तो पहले तो बहुत ज्‍यादा खुशी हुई कि finally अब एक stress कम हुआ कि अब हमें पता है कि अब हमें सिर्फ हमारे competitive exam के लिए पढ़ना है। पहले होता था कि boards की तैयारी करते फिर हम competitive exam की तैयारी करते। अब ऐसा हो गया कि हमारे पास इतना ज्‍यादा time हो गया कि बहुत अच्‍छे से हमारे competitive exam की तैयारी कर सकते हैं। तो सर मतलब मैं बहुत आभार प्रकट करती हूं।
मोदीजी : तो दिमाग से exam जाता नहीं है?
छात्र : हां सर, बिलकुल नहीं जाता।
मोदीजी : आप घर में हैं तो आपके मम्‍मी-पापा सुनते होंगे सारा अभी?
छात्र : येस सर!
मोदीजी : कहां हैं दिखाओ?
छात्र : सर मैं बुलाती हूं सर!
मोदीजी : कहां हैं दिखाओ?
मोदीजी : नमस्‍तेजी!
अभिभावक : नमस्‍कार सर!
मोदीजी : तो आपको क्‍या लगा, बेटी अब मुक्‍त हो गई तो?
अभिभावक : सर अच्‍छा decision है क्‍योंकि पूरे देश में बहुत ज्‍यादा स्‍थिति खराब है और इन बच्‍चों के ऊपर सर तनाव खत्‍म हो गया और आगे के लिए ये अपने career के लिए तैयारी कर सकते हैं, हमें अच्‍छा लगा।
मोदीजी : चलिए मुझे अच्‍छा लगा आपने बहुत उसको positive लिया है। हां और कोई बच्‍चे कुछ कहना चाहते हैं?
छात्र : नमस्‍कार सर! केन्‍द्रीय विद्यालय बेंगलुरु से हूं सर। सर मैं आपका बहुत बड़ा fan हूं सर।
मोदीजी : Thankyou
छात्र : सर आपका decision बहुत अच्‍छा था सर क्‍योंकि सर सलामत तो पगड़ी हजार, तो सर सलामत तो रखना पड़ेगा।
मोदीजी : Health is wealth, हमारे यहां कहते हैं ना?
छात्र : हां सर, सर आप ही हमारे लिए inspiration हैं।
मोदीजी : अच्‍छा सर सलामत तो पगड़ी हजार तो बराबर है लेकिन सर का मतलब आप ये तो नहीं कर रहे कि दिमाग ही सलामत कि पूरा physical body सोचते हैं?
छात्र : Physical way sir
मोदीजी : अच्‍छा क्‍या करते हैं physical fitness के लिए कितना समय देते हैं और क्‍या करते हैं?
छात्र : मैं हर दिन सुबह उठके तीस मिनट योगा करता हूं सर, योगा और exercise करता हूं सर, मैं और मेरा भाई दोनों साथ में करते हैं सर, मेरा छोटा भाई।
मोदीजी : आपके घरवाले सुन रहे हैं देखिए, फिर वरना पकड़े जाओगे, मैं पूछूंगा।
छात्र : नहीं सर! तीस मिनट हर दिन करता हूं सर, मैं और मेरा भाई दोनों साथ में मिलकर करते हैं सर, हर दिन योगा करते हैं और मैं हर दिन अपने mind को fresh करने के लिए मैं तबला बजाता हूं सर। मैं एक साल से तबला ट्रेनिंग कर रहा हूं, तो हर दिन मैं तबला बजाता हूं तो उससे मेरा mind fresh रहता है सर।
मोदीजी : तो music आपके परिवार के स्‍वाभाग में है सबके?
छात्र : हां-हां, मेरी मम्‍मी भी सितार बजाती थी सर और तानपूरा बजाती थी।
मोदीजी : इसलिए घर में संगीत का वातावरण है।
मोदीजी : अच्‍छा और जिससे अभी तक मुझे बात करने का मौका नहीं मिला है उनको अब मौका दूंगा। अभी एक बच्‍ची जिसने white earphone लगाया है वो मेरे सामने हैं, वो कुछ बताना चाहती हैं।
छात्र : नमस्‍ते सर! मेरा नाम कशिश नेगी है, मैं MRADAV Public School, Solan, Himachal Pradesh से हूं। सर आपसे सिर्फ ये कहना चाहूंगी कि it’s like dream come true, मैंने कभी सोचा नहीं था कि मतलब आपसे ऐसे मुलाकात होगी। और सर आपको thanks बोलना चाहूंगी कि आपने जो भी decision लिया है वो एकदम सही लिया है क्‍योंकि ढेड़ साल हो गया था हमें +2 के बच्‍चों को कि वो सिर्फ +2 में ही थे मतलब उनकी जिंदगी कुछ रूक सी गई थी। कुछ development भी नहीं हो रही थी और कुछ retardation भी नहीं हो रही थी तो सर आपने जो decision लिया उससे मैं बहुत खुश हूं और सर आपको thanks बोलना चाहूंगी सर thankyou.

मोदीजी : जिस बच्‍ची ने उंगली उठाई है, जरा बताइये बेटा।
छात्र : नमस्‍कार सर! मैं दिल्‍ली पब्‍लिक स्‍कूल, जयपुर, राजस्‍थान से बारहवी कक्षा की छात्रा हूं। मेरा नाम जन्‍नत साक्षी है। बारहवी बोर्ड की परीक्षा के लिए आपने जो निर्णय लिया है, मैं उसका स्‍वागत करती हूं। वर्तमान परिस्‍थतियों को देखते हुए यह निर्णय बिलकुल सही है क्‍योंकि बच्‍चों की सुरक्षा और सेहत सर्वोपरी है। हमें सीबीएसई पर अटूट विश्‍वास है कि वो मूल्‍यांकन हेतू जो भी मापदंड निर्धारित करेंगे, वह हमारे हित में ही होगा। मुझे पूरा विश्‍वास है कि हमें हमारी मेहनत का पूरा फल मिलेगा, धन्‍यवाद सर।
मोदीजी : अच्‍छा सब parents जितने भी हैं सारे, सब आ जाएं screen पर, बुला लिजिए अपने माता-पिता अगर हैं तो क्‍योंकि सबको इच्‍छा होगी कि चलिये ये और मेरे लिए भी अच्‍छा हो जाएगा कि आप लोगों को सबको सच बोलना पड़ेगा। नौजवान कोई मेरे सामने दिख रहे हैं, बताईये। सफेद shirt वाले सज्‍जन कुछ बोल रहे हैं।
छात्र 1 : सर मम्‍मी यहां पर हैं नहीं पर वो और मैं जब साथ में बैठते हैं तो वो बताते रहते हैं, मोदीजी कर देंगे, मोदी जी कर देंगे, चिंता मत कर और जैसे-जैसे लॉकडाउन में रहते थे तो दाढ़ी भी बढ़ती थी तो मम्‍मी कहती थी क्‍या करेगा ऐसे, मैंने कहा कि मम्‍मी ऐसे मोदीजी के fan हैं तो ऐसे ही बढ़ा के रखेंगे दाढ़ी।
छात्र 2 : सर मेरा नाम शिवांजलि अग्रवाल है, सर मैं केंद्रीय विद्यालय, जेएनयू, नई दिल्‍ली की छात्रा हूं। सर मैं ये कहना चाहूंगी exams जब cancel हो गये हैं, हमें जितना extra समय मिला है, मैं उसका अपने entrance exams की तैयारी में, अपने competitive exams की तैयारी में जो करूंगी और सर exams cancel करने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्‍यवाद।
मोदीजी : अच्‍छा आप लोग ऐसा कीजिए एक कागज में नम्‍बर लिखकर के बैठीये, ताकि मैं बोलूंगा ये नम्‍बर तो वो नम्‍बर में तुरंत बुलाऊंगा। वरना क्‍या हो रहा है कि मुझे आपका नाम तो पता नहीं क्‍योंकि मैं अचानक आ गया हूं, तो मैं ऐसे ही आपको परेशान कर रहा हूं।
अभिभावक : नमस्‍ते सर! हम आपके बहुत बड़े fan हैं। आप जो भी decision लेंगे, बच्‍चों के हित में ही होगा। हम आपके साथ हैं सर, हमेशा आपके साथ रहेंगे।
मोदीजी : नम्‍बर वन?
अभिभावक : नमस्‍कार सर! Thankyou so so much sir, आपका decision बहुत ही बढ़िया था हमारे बच्‍चों के लिए, अभी उनके पास...
मोदीजी : मैंने अभी सबको कहा कि आप इस निर्णय से बाहर जाइए, exam से बाहर निकलिये। कुछ और बाते कर सकते हैं क्‍या?
अभिभावक : बिलकुल सर, बिलकुल! और अच्‍छी बाते करें तो शाहरूख खान को मिलने से इतना अच्‍छा नहीं लगा जितना आज आपको मिलने से लगा सर। It’s a dream come true और ये बहुत अच्‍छा था सर, you are the best और अभी जो हम अपने बच्‍चों के लिए आने वाला time देखेंगे तो उसमें यही चाहेंगे कि ये समय का सदुपयोग करें और अच्‍छे से आगे जाके अपना career बनाएं।
मोदीजी : 26
अभिभावक : Sir, as a dancer I think mental health और physical health के लिए मैं dance करती हूं। तो मैं कथक करती हूं, जब cycling जाने का मन होता है तो मैं cycling करती हूं और सबसे पहली चीज जो मैंने result आने के बाद आपके decision आने के बाद की थी वो मैं बारह बजे तक सोई थी क्‍योंकि exams की वजह से सुबह आठ बजे उठना पड़ता था तो उस दिन में बारह बजे तक सोई थी सर।
छात्र : सर मेरा नाम..... मैं तमिलनाडु से हूं सर! सर मुझे पता था कि ऐसा ही कुछ बोर्ड का cancel होने वाला था सर, तो मैं बहुत कम पढ़ता था। वैसे तो हम राजस्‍थान से हैं पर रहते हम तमिलनाडु में हैं।
मोदीजी : तो आप astrology भी पढ़ते हैं, astrology जानते हैं? तो ये कैसे पता चला कि ये होने वाला है?
छात्र : हां सर! वैसे ही अनुमान लगा लिया था और अच्‍छा decision था... फैमिली के साथ अच्‍छा time spent हो गया लॉकडाउन की वजह से।
मोदीजी : वो तो हफ्ते भर में सब घरवाले नाराज हो जाएंगे देखना। तुम ये नहीं करते हो, तुम जल्‍दी उठते नहीं हो, चलो नहा लो, तुम नहाते नहीं हो, चलिये तुम्‍हारे पापा को आने का time हो गया, अब देखिए डांट पड़ने वाली है।
छात्र : नमस्‍ते सर! मेरा नाम तमन्‍ना है, मैं डीएवी मॉडल स्‍कूल, West Bengal से हूं। जैसा कि आपने कहा हमारे पास बहुत सारा time है तो लॉकडाउन में मैंने और मेरे दोस्‍त ने एक youtube channel start किया था, तो उस पर भी फोकस कर सकते हैं। और उसके साथ-साथ मैंने...
मोदीजी : क्‍या नाम है? Youtube channel का क्‍या नाम है?
छात्र : tamannasharmilee… तो उस पर हम लोग अलग-अलग type के videos डालते हैं। एक हमने छोटी सी poetry करी थी, उस पर भी video डाला है। एक short film है, वो भी डाला है।
मोदीजी : 21, हां बताओ बेटा!
छात्र : सर मेरे दादी जी और मेरे पापा के साथ हूं।
अभिभावक : Sir thankyou very much for everything you have done for our country sir. Thankyou very-very much. I don’t have any more words to say. आपने जो कुछ भी किया हर क्षेत्र में, Thankyou very-very much.
छात्र : सर मेरे से ज्‍यादा मेरी दादीजी updated हमेशा रहती हैं, आपकी हर news follow करती हैं और मुझे बताती रहती हैं कि आज ये announcement हुआ, आज ये हुआ। वो आपकी बहुत बड़ी fan हैं।
मोदीजी : अच्‍छा तो दादीजी को सारी राजनीति का पता है?
छात्र : हां सर! दादीजी को पूरी राजनीति का पता है। राजनीति news से सारी updated रहती हैं।
मोदीजी : अच्‍छा आजादी के इस बार पिच्‍छतर वर्ष हैं। आजादी के पिच्‍छतर साल हो रहे हैं। क्‍या आप लोग आजादी के जंग में आप जिस जिले में रह रहे हैं, वहां क्‍या घटना हुई थी? आजादी के समय क्‍या हुआ था? उस पर एक बड़ा अच्‍छा essay लिख सकते हैं क्‍या?
छात्र : हां सर! बिलकुल लिख सकते हैं।
मोदीजी : Research करेंगे?
छात्र : Yes sir!
मोदीजी : पक्‍का?
छात्र : Yes sir!
मोदीजी : चलिए बढ़िया!
अभिभावक : सर मैं आपकी बड़ी fan हूं सर। सर आपने जो decision लिया है वो बहुत अच्‍छा decision है सर हमे लगा। आपने मतलब सब बच्‍चों के बारे में सोचा, ये मुझे बहुत अच्‍छा लगा सर, मैं आपकी बड़ी fan हूं सर और जो आपने कश्‍मीर में जो धारा 370 हटाई थी, सर वो भी मुझे बहुत अच्‍छा लगा सर, बहुत अच्‍छा सर decision था वो।
मोदीजी : धन्‍यवादजी!
छात्र : सर ये मेरे मम्‍मी-पापा हैं!
मोदीजी : उनको सबको पता चल गया कि आपने मुझे क्‍या-क्‍या बताया है, अब आपको follow करना पड़ेगा।
अभिभावक : सर मैं कुछ कहना चाहता हूं सर! सर आपके सारे गुणों का बहुत सम्‍मान करता हूं पर आपकी इमानदारी का मैं कायल हूं सर। लेकिन सर एक गुजारिश है आपसे कि अभी भी हमारे भारत देश में जो इमानदारी से काम करना चाहते हैं उनका बहुत शोषण होता है सर। इसमें कृपया करके कुछ ऐसी नीति बनाएं कि उन लोगों को सम्‍मान मिले जिससे उनको उनकी इमानदारी को देखते हुए बच्‍चे अनुसरण करें, दूसरे अनुसरण करें।
मोदीजी : नीति तो बनती है लेकिन कुछ लोगों को नियत जो होती है वो रूकावट बनती है। हम सब मिलकर के वातावरण बनाएंगे तो जरूर बनेगा, सब अच्‍छा हो सकता है।
मोदीजी : 31?
छात्र : जय हिंद सर!
मोदीजी : जय हिंद! हां बताईये बेटा क्‍या कहना चाहती हो?
छात्र : सर मेरा नाम अरनी सामले हैं, मैं Annie Besant School, Indore से हूं। सर अभी जो आपने decision लिया वो तो अच्‍छा था ही उसके अलावा भी...
मोदीजी : आपका इंदौर किस बात के लिए मशहूर है?
छात्र : Cleanliness स्‍वच्‍छता!
मोदीजी : इंदौर ने जिस प्रकार से कमाल किया है स्‍वच्‍छता को लेकर के ये वकई सबमें चर्चा है इसकी। ये नम्‍बर पूरा दिखता नहीं बेटा, तुम्‍हारा नम्‍बर पांच है क्‍या?
छात्र : नमस्‍कार सर! सर मैं जवाहर नवोदय विद्यालय, मंडी, हिमाचल प्रदेश से हूं। सर मेरे बाबा आपके बहुत बड़े fan हैं।
मोदीजी : ये आपका गांव कहां पड़ता है जी?
अभिभावक : हिमाचल प्रदेश के पास जिला मंडी है। मंडी से नजदीक है आठ-नौ किलोमीटर... और ठीक हैं?
मोदीजी : मैं ठीक हूं! पहले तो मुझे आपके यहां से sevbadi . खाने को मिलती थी।
चलिये मुझे बहुत अच्‍छा लगा, आप सब लोगों से बात करने का मुझे मौका मिला और मेरा ये विश्‍वास और दृढ़ हुआ है कि भारत का युवा Positive भी है और Practical भी है। Negative thoughts की जगह आप लोग हर difficulty और challenge को भी अपनी ताकत बना लेते हैं। ये हमारे देश के युवाओं की एक विशेषता है। घर में रहकर आप सब युवाओं ने जितने innovations किये हैं, जितनी नयी-नयी चीजें सीखीं हैं उसने आप के अंदर के नया self confidence दिया है। और मैं देख रहा था आज मैं तो अचानक आ गया, आपको मालूम भी नहीं था फिर भी आप एक भी बातचीत करके ना आप लड़खडा़ए हैं, आप जैसे अपने teacher के साथ रोज बात करते हैं या अपने parents के साथ रोज बात करते हैं, वैसे ही मेरे से कर रहे हैं। ये जो अपनापन हैं ना, ये मेरे लिए बड़ी खुशी की बात है। मेरे लिए ये अनुभव बहुत आनंददायक है कि मैं मेरे देश के इतने कोने में बैठे हुए इन बच्‍चों के साथ इतनी सहजता से मैं बात कर पा रहा हूं। वरना तो कभी क्‍या होता है वो देखते ही चौंक जाता है अरे आप हैं, फिर वो बात ही नहीं करता है। लेकिन मैं देख रहा हूं कि आप लोग कुछ भी भुले बिना बड़ी विश्‍वास के साथ बात कर रहे हैं। ये मेरे लिए बहुत अच्‍छा अनुभव है।

साथियों,
आपके अनुभव जीवन में हर पड़ाव पर आपके बहुत काम आने वाले हैं। अगल कठिन से कठिन समय है उसको बार-बार याद करके रोने-चिल्‍लाने में समय बर्बाद मत कीजिए, कठिन समय से भी कुछ सीखा होगा, वो सीख को लेकर के आगे बढ़ेंगे आपको बहुत ताकत मिलेगी। आप जिस भी field में जाएंगे वहां काफी कुछ नया कर पाएंगे। आपने देखा होगा schools में, college में हमें team spirit के बारे में बार-बार कहा जाता है, सिखाया जाता है। United strength के relations हमें दिये जाते हैं। लेकिन कोरोना की मुश्किलों की बीच हमें ये relations करीब से देखने का, समझने का, जीने का एक प्रकार से नये तरीके से अवसर मिला है। कैसे हमारे समाज में हर किसी ने एक-दूसरे का हाथ थामा, कैसे देश ने team spirit से इतने बड़े challenge का सामना किया है। ये सब हमने experience किया है। Public participation और team work ये experience मुझे पक्‍का विश्‍वास है आपको भी एक नयी ताकत देंगे।

साथियों,
कठिन से कठिन समय में भी जितना हमारे देश का, हम लोग इतिहास देखेंगे तो पता चलेगा इस बार भी मैं जब भी किसी से बात करता हूं, जैसे मैं अभी एक बेटी बता रही थी, उसके परिवार के दो लोग उसने खो दिये। ये छोटी चीज नहीं होती जिंदगी में लेकिन फिर भी उसके आंखों में एक विश्‍वास झलख रहा है। सबको लग रहा है ठीक है आफत आई है लेकिन हम विजयी होकर निकलेंगे। हर हिन्‍दुस्‍तान के मुंह से, हर भारतीय के मुंह से यही आवाज निकल रही है, पूरी वैश्‍विक महामारी है, पूरी शताब्‍दी में कभी ऐसा संकट नहीं आया है, पिछली चार-पांच पीढ़ी में किसी ने सुना नहीं, किसी ने देखा नहीं, ऐसा हम लोगों के काल खंड में आ गया है। लेकिन फिर भी हर हिन्‍दुस्‍तानी का एक ही आवाज निकलती है, नहीं हम इसको भी मात करेंगे, हम इससे भी निकलेंगे और नई ऊर्जा के साथ देश को आगे ले जाएंगे। और मिलकर के आगे बढ़ना, यही तो हमारा संकल्‍प है और मुझे पूरा भरोसा है आप आगे जहां भी जाएंगे इसी तरह एक-साथ मिलकर के आगे बढ़ते रहेंगे और देश को नई ऊचाईयों तक ले जाएंगे।

और जैसा मैंने कहा पांच जून पर्यावरण दिवस है, कुछ ना कुछ कीजिए environment के लिए क्‍योंकि ये पृथ्‍वी को प्रकृति को बचाना हम सबको दायित्‍व बनता है। उसी प्रकार से इक्‍कीस जून, याद है ना अंतरराष्‍ट्रीय योगा दिवस है और UN में ये निर्णय जितने हुए हैं ना, ये योगा दिवस ऐसा है कि दुनिया के सबसे अधिक देशों ने इसका समर्थन किया। UN में करीब-करीब सब देशों ने इसका समर्थन किया, पहले कभी ऐसा हुआ नहीं था। तो ये योगा दिवस में आप भी अपने परिवार में रहकर के योगा को जरूर अपनाइए, योगा कीजिए और मैंने कहा बहुत सारे मैचेज हैं, ओलम्‍पिक हैं, जानना चाहिए हमारे देश के कौन होनहार खिलाड़ी इस बार ओलम्‍पिक में जा रहे हैं। ओलम्‍पिक में जाने वाले खिलाड़ियों ने कितनी मेहनत की है, कैसी कठिन परिस्‍थतियों में वो आगे आए हैं, ये जानने से हमें एक नई प्रेरणा मिलती है, हमें एक नई ताकत मिलती है। और इसलिए मुझे विश्‍वास है कि हम सब नौजवान इस समय का maximum सदुपयोग करेंगे।

इस कोरोना काल खंड में जैसे वैक्‍सिनेशन करना है, आपके परिवार में भी कुछ लोग होंगे, जिसकी रजिस्‍ट्री वगरह करने का काम आप कर सकते हैं। अगल-बगल के लोगों की रजिस्‍ट्री करवाकर के काम करोगे और जब भी जैसे-जैसे वैक्‍सीन आती जाएगी, वैक्‍सीन लोगों को मिलती जाएगी। तो सेवा के भाव से भी जरूर किसी ना किसी काम से जोड़िए। मेरी आप सबको बहुत शुभाकामनाएं हैं। आपके माता-पिताजी का आप पर आशीर्वाद बना रहे। आपके आपने सपने लेकर के आप जियें और आपके सपनों के लिए आपके मां-बाप को गर्व होगा, ऐसा मुझे पूरा विश्‍वास है। मुझे बहुत अच्‍छा लगा, मैं अचानक आपके बीच में घुस गया। आप हंसी-मजाक की बाते कर रहे थे, चुटकुले सुना रहे थे लेकिन मैंने आकर के थोड़ा disturb कर दिया आपको। लेकिन मुझे बहुत अच्‍छा लगा। मैं आपका बहुत आभारी हूं।

बहुत-बहुत धन्‍यवाद!

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पीएम मोदी की नीदरलैंड यात्रा पर भारत-नीदरलैंड का जॉइंट स्टेटमेंट
May 17, 2026

नीदरलैंड के प्रधानमंत्री श्री रॉब जेटेन के निमंत्रण पर, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 16-17 मई 2026 को नीदरलैंड की आधिकारिक यात्रा की। यह प्रधानमंत्री मोदी की नीदरलैंड की दूसरी यात्रा थी।

16 मई की सुबह, नीदरलैंड के महामहिम राजा विलेम अलेक्जेंडर और महारानी मैक्सिमा ने हेग स्थित रॉयल पैलेस हुइस टेन बॉश में प्रधानमंत्री मोदी का द्विपक्षीय बैठक के लिए स्वागत किया। महामहिम ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए दोपहर के भोजन का भी आयोजन किया।

प्रधानमंत्री जेटन और प्रधानमंत्री मोदी ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की, जिसके बाद 16 मई की शाम को रात्रिभोज का आयोजन किया गया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक और ऐतिहासिक व्यापारिक संबंधों, गहरे जन-संबंधों और मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को याद किया और इन बहुआयामी संबंधों को और अधिक गहरा करने की इच्छा व्यक्त की। इस बावत, दोनों नेताओं ने नियमित बातचीत के ज़रिए, जिसमें उच्चतम राजनीतिक स्तर पर हुई बातचीत और 2023 में भारत की जी20 की अध्यक्षता और फरवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए सार्थक सहयोग के ज़रिए विभिन्न सहयोग कार्यक्रमों में हाल के वर्षों में हासिल की गई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।

दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों और बढ़ती समानताओं को देखते हुए, दोनों नेताओं ने भारत और नीदरलैंड के संबंधों को 'रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया। इस संदर्भ में, उन्होंने एक रणनीतिक साझेदारी रोडमैप को अपनाने का स्वागत किया, जिसके तहत दोनों पक्ष राजनीतिक, व्यापार और निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष, एआई और क्वांटम सिस्टम सहित महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों, विज्ञान एवं नवाचार, स्थिरता, स्वास्थ्य, सतत् कृषि एवं खाद्य प्रणालियों, जल प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन एवं ऊर्जा संक्रमण, सतत् परिवहन, समुद्री विकास, शिक्षा, संस्कृति एवं दोनों देशों की जनता के बीच संबंधों सहित सभी क्षेत्रों में नियमित और सुनियोजित सहयोग के ज़रिए कार्य करने पर सहमत हुए। दोनों पक्षों ने नीति नियोजन के क्षेत्र में आदान-प्रदान की संभावनाओं का पता लगाने पर भी सहमति जताई।

दोनों नेताओं ने इस संबंध में दिसंबर 2025 में विभिन्न प्राथमिकता वाले क्षेत्रों, जैसे रक्षा, सेमीकंडक्टर और संबंधित उभरती प्रौद्योगिकियों, डिजिटल और साइबरस्पेस में सहयोग बढ़ाने, दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों में सहयोग, संयुक्त व्यापार और निवेश समिति की स्थापना, साथ ही लोथल और एम्स्टर्डम के समुद्री संग्रहालयों के बीच सहयोग पर हुए समझौतों का स्वागत किया।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने भविष्य के लिए समझौते का उल्लेख किया और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों के अनुरूप लोकतंत्र, मानवाधिकार, अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा तथा नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था सहित साझा मूल्यों और सिद्धांतों को बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता ज़ाहिर की। दोनों सरकारों ने समकालीन वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी और अस्थायी सदस्यता श्रेणियों के विस्तार सहित बहुपक्षीय प्रणाली को मजबूत और सुधारने की अपनी प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया और एक निश्चित समय सीमा के भीतर लिखित वार्ता का आह्वान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने एक सुधारित और विस्तारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के लिए भारत की स्थायी सदस्यता के लिए निरंतर मिले डच समर्थन के लिए प्रधानमंत्री जेटन को धन्यवाद दिया।

दोनों नेताओं ने भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई और इस संबंध में इस साल जनवरी में पारस्परिक रूप से लाभकारी भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के लिए वार्ता के सफल समापन का स्वागत किया। उन्होंने सहमति जताई कि यह मुक्त व्यापार समझौता, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के दौर में दुनिया की दूसरी और चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच राजनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा और आर्थिक खुलेपन और नियम-आधारित व्यापार के प्रति संयुक्त प्रतिबद्धता को उजागर करेगा। दोनों नेताओं ने सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर एक साथ हस्ताक्षर का भी स्वागत किया, जो सुरक्षा और रक्षा पर यूरोपीय संघ और भारत के संवाद और सहयोग को मजबूत करेगा और समुद्री सुरक्षा, साइबर, आतंकवाद-विरोधी और रक्षा औद्योगिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में ठोस परिणाम देगा।

दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय कानून, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान, नौवहन की स्वतंत्रता और दवाब तथा संघर्षों से परे एक स्वतंत्र, खुले, सुरक्षित और शांतिपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र के महत्व पर सहमति व्यक्त की। इंडो-पैसिफिक पर यूरोपीय संघ की रणनीति का जिक्र करते हुए, प्रधानमंत्री जेटन ने इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव (IPOI) में नीदरलैंड्स के शामिल होने और जर्मनी तथा यूरोपीय संघ के साथ क्षमता निर्माण एवं संसाधन साझाकरण का सह-नेतृत्व करने के निर्णय की घोषणा की।

यूक्रेन के मुद्दे पर, दोनों पक्षों ने जारी युद्ध पर चिंता जताई, जिसमें भारी तादाद में लोगों को कष्ट झेलने पड़ रहे हैं और जिसके वैश्विक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों पर आधारित संवाद और कूटनीति के माध्यम से यूक्रेन में व्यापक, न्यायपूर्ण और स्थायी शांति प्राप्त करने के प्रयासों का समर्थन जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।

दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया/मध्य पूर्व की स्थिति पर भी गहरी चिंता जताई और क्षेत्र तथा व्यापक विश्व पर इसके गंभीर प्रभावों का उल्लेख किया, जिनमें भारी मानवीय पीड़ा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा व्यापार नेटवर्क में व्यवधान शामिल हैं। दोनों नेताओं ने 8 अप्रैल 2026 को घोषित युद्धविराम का स्वागत किया। उन्होंने तनाव कम करने, संवाद और कूटनीति के महत्व पर बल दिया और पश्चिम एशिया/मध्य पूर्व में स्थायी शांति की उम्मीद जताई। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से निर्बाध नौवहन और वैश्विक व्यापार प्रवाह का आह्वान किया और किसी भी प्रतिबंधात्मक उपाय का विरोध करते हुए इस संबंध में चल रहे प्रयासों और पहलों के प्रति अपना समर्थन दोहराया।

आर्थिक सहयोग, व्यापार एवं निवेश

दोनों नेताओं ने कहा कि नीदरलैंड-भारत आर्थिक साझेदारी, सहयोग का एक आदर्श उदाहरण है, जो स्थिरता, नवाचार और दीर्घकालिक विकास जैसी साझा प्राथमिकताओं से प्रेरित है और दोनों देशों के लिए पारस्परिक समृद्धि का सृजन करती है। उन्होंने कुशल आपूर्ति श्रृंखलाओं और खुले बाजारों के प्रति साझा प्रतिबद्धता द्वारा समर्थित दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि का स्वागत किया। विश्व स्तरीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क वाला नीदरलैंड, रॉटरडैम बंदरगाह सहित अन्य मार्गों से, भारतीय निर्यातकों के लिए यूरोप का एक रणनीतिक प्रवेश द्वार है। वहीं, भारत डच कंपनियों के लिए एक विशाल और गतिशील बाजार प्रदान करता है, जिन्हें विस्तार के अवसरों, व्यापार-अनुकूल वातावरण और भारत में उपलब्ध कुशल प्रतिभाओं के विशाल भंडार से काफी लाभ मिलेगा। इसके साथ ही, भारतीय व्यवसाय जल प्रबंधन, सतत् कृषि और स्मार्ट शहरों के क्षेत्र में डच विशेषज्ञता का लाभ उठा सकते हैं।

दोनों देशों के बीच मौजूदा आर्थिक सहयोग पर संतोष व्यक्त करते हुए, नेताओं ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से उत्पन्न अवसरों को लेकर, विशेष रूप से आगे की वृद्धि की अपार संभावनाओं पर बल दिया। नीदरलैंड भारत के प्रमुख व्यापार और निवेश साझेदारों में से एक बना हुआ है, जो द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों की गहराई और मजबूती को दर्शाता है।

व्यापार और निवेश को और सुगम बनाने के लिए, प्रधानमंत्रियों ने सीमा शुल्क मामलों में पारस्परिक प्रशासनिक सहायता समझौते पर हस्ताक्षर का स्वागत किया, जिससे दोनों देशों के सीमा शुल्क अधिकारियों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान संभव हो सकेगा और इस प्रकार सीमा शुल्क प्रवर्तन को बढ़ावा मिलेगा तथा भारत और नीदरलैंड के बीच वैध व्यापार को सुगम बनाया जा सकेगा।

दोनों नेताओं ने भारत-नीदरलैंड संयुक्त व्यापार और निवेश समिति और फास्ट ट्रैक तंत्र जैसे अन्य माध्यमों से द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को और आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने सतत् विकास, रोजगार सृजन और सुदृढ़ मूल्य श्रृंखलाओं को समर्थन देने के लिए निवेश सुगमता बढ़ाने और नवाचार तंत्र को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करने पर सहमति जताई।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने स्टार्टअप और नवाचार में सहयोग की प्रबल संभावनाओं पर ज़ोर देते हुए कहा कि भारत और नीदरलैंड में विकसित समाधानों को वैश्विक स्तर पर, जिनमें भारतीय और यूरोपीय संघ के बाजार भी शामिल हैं, लागू किया जा सकता है। उन्होंने दोनों देशों की स्टार्टअप व्यवस्थाओं को और अधिक जोड़ने, आदान-प्रदान को सुगम बनाने और डिजिटल सॉफ्ट-लैंडिंग कार्यक्रमों के साथ-साथ व्यापार मिशनों, नवाचार मिशनों और प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलनों में भागीदारी बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग

दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग को लेकर आशय पत्र पर हस्ताक्षर का स्वागत किया और संबंधित रक्षा मंत्रालयों के बीच नियमित बातचीत और स्टाफ स्तर की वार्ताओं के ज़रिए दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को गहरा करने के महत्व पर बल दिया, ताकि सूचनाओं के आदान-प्रदान, यात्राओं, अनुसंधान, नवाचार और प्रशिक्षण गतिविधियों का बेहतर ढंग से समन्वय किया जा सके। उन्होंने दोनों देशों के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग के दायरे को और अधिक विस्तारित करने की दिशा में आगे बढ़ने पर भी सहमति व्यक्त की।

दोनों नेता यूरोपीय संघ के तंत्रों और अन्य साझेदारों के साथ रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी एकमत हुए और साथ ही उन्होंने एक रक्षा औद्योगिक रोडमैप स्थापित करने की संभावनाओं का पता लगाने पर भी सहमति जताई, जिसमें दोनों देशों के सशस्त्र बलों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सह-विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और सह-उत्पादन के लिए संयुक्त उद्यमों की स्थापना के ज़रिए रक्षा उपकरण, प्रणालियों, घटकों और अन्य प्रमुख क्षमताओं के निर्माण हेतु रक्षा औद्योगिक सहयोग को निर्धारित किया गया है।

दोनों नेताओं ने सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की, जिसमें रक्षा, समुद्री सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी उपायों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के अन्य पारस्परिक रूप से सहमत मामलों सहित पारंपरिक और गैर-पारंपरिक सुरक्षा मुद्दों पर दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्रों के बीच नियमित आदान-प्रदान शामिल है।

दोनों नेताओं ने वार्षिक द्विपक्षीय साइबर परामर्शों पर संतोष व्यक्त किया और साथ ही ऑनलाइन साइबर स्कूल के 8वें सत्र के आयोजन को एक खुले, स्वतंत्र और सुरक्षित साइबरस्पेस को सुनिश्चित करने के लिए, दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने का साधन बताया। इस संदर्भ में, नेताओं ने साइबरस्पेस में सहयोग बढ़ाने के लिए आशय पत्र पर हस्ताक्षर का स्वागत किया, जिसमें बहुपक्षीय मंचों में घनिष्ठ समन्वय और क्षमता निर्माण और ज्ञान के आदान-प्रदान के ज़रिए साइबर खतरों और साइबर अपराध का मुकाबला करने के लिए संयुक्त प्रयास शामिल हैं।

दोनों नेताओं ने एक खुले, स्वतंत्र, सुरक्षित, स्थिर, सुलभ और शांतिपूर्ण सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) वातावरण के महत्व पर जोर दिया, जिसे नवाचार और आर्थिक विकास का प्रवर्तक माना जाता है। इस संबंध में प्रधानमंत्री मोदी ने 19 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में नीदरलैंड की रचनात्मक भागीदारी के लिए उसे धन्यवाद दिया।

प्रधानमंत्री जेटन ने अप्रैल 2025 में भारत के जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में नागरिकों पर हुए जघन्य और घृणित आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की और आतंकवाद, जिसमें सीमा पार आतंकवाद भी शामिल है, के खिलाफ लड़ाई में भारत के प्रति नीदरलैंड की एकजुटता और अटूट समर्थन व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने दोषियों को जवाबदेह ठहराने का आह्वान किया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की साफ तौर पर निंदा की। उन्होंने आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता का दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया और आतंकवाद का मुकाबला करने में दोहरे मापदंडों को भी अस्वीकार किया।

दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र और एफएटीएफ सहित द्विपक्षीय और बहुपक्षीय तंत्रों के ज़रिए व्यापक और सतत् तरीके से आतंकवाद का मुकाबला करने की ज़रुरत पर जोर दिया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 1267 प्रतिबंध समिति द्वारा प्रतिबंधित समूहों और उनके प्रतिनिधियों, सहयोगियों, प्रायोजकों, समर्थकों और वित्तपोषकों सहित सभी आतंकवादियों और आतंकवादी समूहों के खिलाफ समन्वित कार्रवाई का आह्वान किया। दोनों पक्षों ने सभी देशों से आतंकवादी सुरक्षित ठिकानों और बुनियादी ढांचे को समाप्त करने, आतंकवादी नेटवर्क और उनके वित्तपोषण को बाधित करने और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार आतंकवाद के अपराधियों को शीघ्रता से न्याय के कटघरे में लाने की दिशा में काम जारी रखने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री जेटन ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर संयुक्त राष्ट्र व्यापक सम्मेलन (सीसीआईटी) स्थापित करने के भारत के प्रयासों के प्रति समर्थन व्यक्त किया।

दोनों नेताओं ने मानवरहित विमान प्रणालियों, आतंकवादियों द्वारा आभासी संपत्तियों के उपयोग, आतंकवादी संगठनों और सूचना तथा संचार प्रौद्योगिकियों के दुरुपयोग से बढ़ते खतरों पर भी चिंता जताई।

आतंकवाद से निपटने और इस संबंध में वैश्विक सहयोग के ढांचे को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता को स्वीकार करते हुए, दोनों नेताओं ने सभी देशों द्वारा धन शोधन विरोधी और आतंकवाद के वित्तपोषण से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों को बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।

उभरती प्रौद्योगिकियां, नवाचार, विज्ञान और शिक्षा

दोनों नेताओं ने सेमीकंडक्टर और संबंधित उभरती प्रौद्योगिकी पर साझेदारी के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर का स्वागत किया, जो निवेश, अनुसंधान और प्रतिभाओं के आदान-प्रदान सहित सेमीकंडक्टर क्षेत्र में गहन सहयोग के लिए ढांचा प्रदान करता है।

दोनों नेताओं ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में जारी सहयोग का भी स्वागत किया, जिसमें सार्वजनिक-निजी भागीदारी शुरू करने और सरकारों, व्यवसायों और ज्ञान संस्थानों की विशेषज्ञता को जोड़ने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह सहयोग विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार पर पहले से सक्रिय संयुक्त कार्य समूह के ज़रिए संयुक्त अनुसंधान और विकास परियोजनाओं, प्रतिभा गतिशीलता और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को सुगम बनाता है। दोनों नेताओं ने पिछले वर्षों में संयुक्त रूप से शुरू किए गए लगभग पचास बड़े अनुसंधान और नवाचार कार्यक्रमों पर विचार किया और साझा समाधानों के साथ सामान्य सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने के मकसद से प्रमुख सहायक प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में निरंतर सहयोग के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया।

दोनों नेताओं ने डच सेमीकंडक्टर कॉम्पिटेंस सेंटर को भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) से जोड़ने की पहल का भी स्वागत किया, जिसका मकसद सहयोग, प्रौद्योगिकी और प्रतिभा विकास के ज़रिए सेमीकंडक्टर क्षेत्र, खास तौर पर उद्योगों, स्टार्टअप्स, स्केल-अप्स, एसएमई और उनके आपूर्तिकर्ताओं को समर्थन देना और मज़बूत करना है। इसके अलावा, दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत-डच सेमीकंडक्टर ऑनलाइन स्कूल और इसके अगले चरण के लिए सराहना की।

दोनों नेताओं ने आइंडहोवेन यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी और यूनिवर्सिटी ऑफ ट्वेंटे तथा छह प्रमुख भारतीय तकनीकी संस्थानों (आईआईएससी बैंगलोर, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी गांधीनगर, आईआईटी गुवाहाटी और आईआईटी मद्रास) के बीच सेमीकंडक्टर और संबंधित प्रौद्योगिकियों में ब्रेन ब्रिज के लिए सहयोग ज्ञापन को अपनाने का स्वागत किया, जिसमें NXP, ASML, TATA और CG Semi की औद्योगिक भागीदारी है। इससे दोनों पक्षों की अकादमिक और उद्योग भागीदारी के साथ अनुसंधान विकास तथा प्रतिभा विकास को गति मिलेगी।

सतत् नवाचार के लिए महत्वपूर्ण खनिजों के रणनीतिक महत्व और मज़बूत एवं टिकाऊ आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण के लिए वैश्विक सहयोग की आवश्यकता को पहचानते हुए, दोनों नेताओं ने अन्वेषण, अनुसंधान एवं नवाचार, मूल्य श्रृंखलाओं के एकीकरण, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, चक्रीय प्रक्रिया और ईएसजी मानकों तथा संबंधित आकलन सहित महत्वपूर्ण खनिजों की मूल्य श्रृंखला में सहयोग को और मज़बूत करने में अपनी पारस्परिक रुचि व्यक्त की। इस संदर्भ में, नेताओं ने महत्वपूर्ण खनिजों पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर का भी स्वागत किया।

दोनों नेताओं ने भारत के शिक्षा मंत्रालय और नीदरलैंड के शिक्षा, संस्कृति और विज्ञान मंत्रालय के बीच उच्च शिक्षा पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर का स्वागत किया। इस समझौता ज्ञापन का मकसद दोनों देशों के उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच उनकी संबंधित शैक्षणिक प्राथमिकताओं और ज़रुरतों के मुताबिक सहयोग को बढ़ावा देना है।

दोनों नेताओं ने डच और भारतीय विश्वविद्यालयों के बीच चल रहे संस्थागत सहयोग पर भी संतोष जताया, जिसमें हाल ही में हुए सहयोग शामिल हैं, जैसे कि ग्रोनिंगन विश्वविद्यालय और नालंदा विश्वविद्यालय; डेल्फ़्ट प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और मुंबई महानगर क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण; सर्वे ऑफ इंडिया और आईटीसी, ट्वेंटे विश्वविद्यालय; व्रीजे यूनिवर्सिटेट एम्स्टर्डम और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की और कई अन्य। दोनों नेताओं ने माना कि भारत-डच शिक्षा एवं अकादमिक नेटवर्क जैसे मंच शैक्षिक और वैज्ञानिक सहयोग को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

दोनों नेताओं ने भारत और नीदरलैंड के बीच खास तौर पर जलवायु परिवर्तन, जल समस्या, खाद्य सुरक्षा और वायु गुणवत्ता जैसी सामाजिक चुनौतियों के समाधान में अंतरिक्ष-आधारित अनुप्रयोगों के उपयोग पर जारी अंतरिक्ष साझेदारी और इसे और अधिक मज़बूत करने की संभावना को स्वीकार किया।

ऊर्जा सुरक्षा और परिवर्तन / चक्रीय अर्थव्यवस्था

जैव ईंधन और जैव रसायन के क्षेत्र में सक्रिय द्विपक्षीय सहयोग को देखते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने जी20 की भारत की अध्यक्षता के दौरान शुरू किए गए वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन में नीदरलैंड के शामिल होने का स्वागत किया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने जैव अर्थव्यवस्था पर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया और भारत और नीदरलैंड द्वारा सह-अध्यक्षता में चलाए गए जैव रिफाइनरी मिशन इनोवेशन प्रोग्राम की सफलता पर विचार-विमर्श किया।

'अपशिष्ट से मूल्य' पर जारी सहयोग को स्वीकार करते हुए, दोनों नेताओं ने कहा कि डच राष्ट्रीय चक्रीय अर्थव्यवस्था कार्यक्रम 2023-2030 का 2025 का अद्यतन और विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच (WCEF) 2026 की भारतीय अध्यक्षता, नए क्षेत्रों में साझेदारी के विस्तार का अवसर प्रदान करेगी। इसमें औद्योगिक चक्रीयता, सतत् और जलवायु-परिवर्तनीय शहरी प्रणालियों के लिए ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन, पायलट और स्केलेबल परियोजनाओं में प्रौद्योगिकी तैनाती, नवाचार की शुरुआत और व्यापार और निवेश प्रोत्साहन के अवसर शामिल हैं, जैसे कि बी2बी साझेदारी के माध्यम से, जिसके लिए डच कंपनियों को संसाधन दक्षता और चक्रीय अर्थव्यवस्था उद्योग गठबंधन (RECEIC) में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था। सतत् गतिशीलता के क्षेत्र में, स्मार्ट और अंतर-संचालनीय चार्जिंग अवसंरचना, बैटरी प्रौद्योगिकी और सिस्टम एकीकरण, मानकीकरण और खुले प्रोटोकॉल, भारी और मध्यम-भारी शून्य-उत्सर्जन वाहन, स्मार्ट शहरी गतिशीलता प्रणाली और बहुमॉडल एकीकरण और वैकल्पिक ईंधन और सक्रिय गतिशीलता जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा किया जा सकता है।

नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत और नीदरलैंड के बीच साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से, दोनों नेताओं ने नवीकरणीय ऊर्जा पर समझौता ज्ञापन के तहत एक संयुक्त कार्य समूह की स्थापना का स्वागत किया। यह समझौता ज्ञापन नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग के विविध एजेंडे के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान करता है, जिसमें नवोन्मेषी सौर ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, भंडारण और ऊर्जा परिवर्तन को सुगम बनाने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश शामिल हैं।

नवीकरणीय ऊर्जा पर सहयोग और द्विपक्षीय निवेश को और मजबूत करने के लिए, दोनों नेताओं ने हरित हाइड्रोजन विकास पर महत्वाकांक्षी भारत-नीदरलैंड रोडमैप का शुभारंभ किया। नेताओं ने सहमति जताई कि यह रोडमैप हरित हाइड्रोजन के उत्पादन, उपयोग और निर्यात के लिए भारत की महत्वाकांक्षा, विशाल क्षमता और प्रतिस्पर्धी लाभों का समर्थन करने में सहायक होगा, साथ ही दोनों देशों में ऊर्जा के एक स्थायी स्रोत के रूप में हरित हाइड्रोजन को तेजी से अपनाने में योगदान देगा।

इसके अतिरिक्त, नीति आयोग और नीदरलैंड के बीच ऊर्जा परिवर्तन के लिए क्षमता निर्माण पर संयुक्त आशय वक्तव्य का नवीनीकरण ऊर्जा सुरक्षा और परिवर्तन क्षेत्रों में निरंतर सहयोग सुनिश्चित करेगा।

दोनों नेताओं ने अकादमिक सहयोग को मजबूत करने के लिए ग्रोनिंगन विश्वविद्यालय (आरयूजी) और 19 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन का स्वागत किया। उन्होंने भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग और आरयूजी के बीच हाइड्रोजन पर पीएचडी फैलोशिप कार्यक्रम की स्थापना का भी स्वागत किया।

जल प्रबंधन

दोनों नेताओं ने भारत की जल संबंधी आवश्यकताओं और नीदरलैंड की विशेषज्ञता एवं अनुभव के बीच तालमेल को और बेहतर करने के लिए जल संबंधी रणनीतिक साझेदारी के तहत हुई प्रगति का भी उल्लेख किया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने जल एवं नदी प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे संयुक्त प्रयासों की सराहना की, जिनमें नमामि गंगा मिशन में साझेदारी, जलवायु परिवर्तन के दौरान शहरी नदी प्रबंधन योजनाओं के ज़रिए 'जल का लाभ उठाना', डेल्टा प्रबंधन, जल गुणवत्ता प्रबंधन, अपशिष्ट जल का पुन: उपयोग और नई जल प्रौद्योगिकियों का परिचय शामिल है। दोनों नेताओं ने सुरक्षित स्वच्छता प्रबंधन और स्वच्छ जल तक समावेशी पहुंच के महत्व पर जोर दिया और स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों के अनुरूप, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जल संरक्षण और स्वच्छता संबंधी विकासात्मक परियोजनाओं के लिए सतत् वित्तपोषण में नीदरलैंड के योगदान को स्वीकार किया।

दोनों नेताओं ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय और नीदरलैंड सरकार के अवसंरचना एवं जल प्रबंधन मंत्रालय के सहयोग से जल उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना का स्वागत किया। नेताओं ने उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल राज्यों में चल रहे विभिन्न संयुक्त कार्यक्रमों के तहत हुई प्रगति पर भी ग़ौर किया।

दोनों नेताओं ने गुजरात के कल्पसर परियोजना पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की, जहां परियोजना में डच विशेषज्ञता और तकनीकी सहायता जल पर रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने में सहायक हो सकती है।

दोनों नेताओं ने भारत के नेतृत्व वाले वैश्विक आपदा प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन (CDRI) के शहरी जल अवसंरचना सशक्तिकरण कार्यक्रम में अब तक हुई प्रगति पर भी गौर किया, जिसके ज़रिए नीदरलैंड अपनी सदस्यता के तहत अपनी विशेषज्ञता साझा करता है। दोनों नेता राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के साथ भारतीय शहरों में और वैश्विक स्तर पर 50 से अधिक CDRI सदस्य देशों में विकसित प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

समुद्री विकास

दोनों प्रधानमंत्रियों ने समुद्री सहयोग पर हाल ही में नवीनीकृत समझौता ज्ञापन का ज़िक्र किया और भारत और नीदरलैंड के बीच अक्टूबर 2025 में हस्ताक्षरित आशय पत्र में उल्लिखित रणनीतिक 'हरित और डिजिटल समुद्री गलियारे' के विकास में सहयोग करते हुए, सुरक्षित, संरक्षित और टिकाऊ समुद्री क्षेत्र की दिशा में निरंतर सहयोग के महत्व पर बल दिया। इस संदर्भ में, उन्होंने बंदरगाहों और अंतर्देशीय जलमार्गों के स्मार्ट और टिकाऊ विकास, आपूर्ति श्रृंखला अनुकूलन और हरित बंदरगाहों और जहाजरानी के क्षेत्रों में अपनी साझेदारी को और गहरा और व्यापक बनाने पर सहमति जताई। अगले कदम के रूप में, दोनों प्रधानमंत्रियों ने एक व्यापक 'हरित और डिजिटल समुद्री गलियारे पर रणनीतिक रोडमैप' विकसित करने की संभावनाओं पर विचार करने पर सहमति व्यक्त की, जिसका मकसद भारत और नीदरलैंड के बीच पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ, डिजिटल रूप से एकीकृत और आर्थिक रूप से कुशल भविष्य के लिए तैयार समुद्री गलियारे की दिशा में काम करना है।

वैश्विक और क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा, विशेष रूप से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में, साझा हितों को देखते हुए, दोनों प्रधानमंत्रियों ने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा, जिसमें बंदरगाहों और अंतर्देशीय जलमार्गों में साइबर सुरक्षा और विविध एवं मज़बूत आपूर्ति श्रृंखलाओं (महत्वपूर्ण कच्चे माल, दवा और खाद्य पदार्थ सहित) को बढ़ावा देना शामिल है, के क्षेत्र में संबंधित सरकारी संस्थाओं, व्यवसायों और ज्ञान संस्थानों के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान पर सहमति व्यक्त की।

स्वास्थ्य क्षेत्र

दोनों नेताओं ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के महत्व पर बल दिया, विशेष रूप से संक्रामक रोगों और रोगाणुरोधी प्रतिरोध जैसे वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिमों के साथ-साथ गैर-संक्रामक रोगों के बढ़ते प्रभाव से निपटने के लिए। दोनों नेताओं ने डिजिटल स्वास्थ्य (एआई और साइबर सुरक्षा सहित) और क्षमता निर्माण में और अधिक सहयोग को प्रोत्साहित करने पर भी सहमति जताई। उन्होंने स्वास्थ्य सेवा और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर समझौता ज्ञापन के नवीनीकरण और महिला स्वास्थ्य, जलवायु और स्वास्थ्य तैयारियों के लिए क्षमता विकास और दोनों देशों में टिकाऊ स्वास्थ्य प्रणालियों पर ज्ञान के आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में नई सहयोग पहलों पर विचार करने का स्वागत किया। इस नवीनीकृत समझौता ज्ञापन के आलोक में दोनों नेताओं ने डच राष्ट्रीय जन स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संस्थान (RIVM) और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित आशय पत्र का भी स्वागत किया, जिसमें संक्रामक रोगों, वेक्टर जनित रोगों, एक स्वास्थ्य और रोग निगरानी जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

दोनों नेताओं ने इस बात पर भी बल दिया कि भारत-नीदरलैंड रणनीतिक साझेदारी के ढांचे के तहत उच्च गुणवत्ता वाली, सुलभ, सुरक्षित और टिकाऊ स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में सहयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। 2026 में, नव हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के तहत पहली संयुक्त कार्य समूह की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें समझौता ज्ञापन और इसकी कार्य योजना के कार्यान्वयन और आगे के विकास पर चर्चा की जाएगी और शैक्षणिक सहयोग, नियामक सहयोग, व्यावसायिक जुड़ाव और बाजार पहुंच पर ज्ञान के आदान-प्रदान सहित सहयोग के प्रमुख अवसरों की पहचान की जाएगी।

कृषि एवं खाद्य प्रणालियाँ

दोनों नेताओं ने कृषि, खाद्य प्रणालियों और जिम्मेदार मूल्य श्रृंखलाओं के क्षेत्र में भारत-नीदरलैंड के निरंतर सहयोग पर संतोष व्यक्त किया, जिसमें कृषि पर संयुक्त कार्य समूह के ज़रिए ज्ञान का आदान-प्रदान और अनुभव साझा करना शामिल है। नेताओं ने संरक्षित खेती, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी और मुर्गी पालन के क्षेत्र में भारत में डच कंपनियों की बढ़ती उपस्थिति का स्वागत किया। नेताओं ने कृषि क्षेत्र, जिसमें कृषि-तकनीक भी शामिल है, से संबंधित भारतीय और डच कंपनियों के बीच सहयोग के अवसरों का लाभ उठाने के महत्व पर जोर दिया।

दोनों नेताओं ने डच विशेषज्ञता के साथ भारत में कृषि संबंधी क्षेत्रों में उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना में हुई प्रगति की समीक्षा की। ये केंद्र उच्च-तकनीकी ग्रीनहाउस कृषि उत्पादन में प्रौद्योगिकी को बढ़ावा दे रहे हैं, साथ ही छोटे किसानों के लिए बेहतर कृषि उपज और क्षमता निर्माण कर रहे हैं, जिससे अधिक टिकाऊ और उच्च गुणवत्ता/उत्पादकता प्राप्त हो रही है और पानी और कृषि रसायनों का उपयोग कम हो रहा है।

दोनों नेताओं ने निरंतर सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान के ज़रिए केंद्रों के प्रभाव और प्रभावशीलता को और बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने खाद्य प्रणालियों के विभिन्न पहलुओं में व्यावसायिक शिक्षा में विस्तारित सहयोग की संभावनाओं पर भी सहमति जताई।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय तथा नीदरलैंड के कृषि, मत्स्य पालन, खाद्य सुरक्षा और प्रकृति मंत्रालय के बीच संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर का स्वागत किया। साथ ही, बेंगलुरु स्थित पशुपालन उत्कृष्टता केंद्र (CEAH) में दुग्ध उत्पादन प्रशिक्षण के लिए एक भारत-डच उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना का भी स्वागत किया गया। दोनों पक्षों ने खाद्य प्रसंस्करण सहित दुग्ध उत्पादन और अन्य संबद्ध कृषि क्षेत्रों में सहयोग जारी रखने पर सहमति जताई।

दोनों नेताओं ने भारत में जारी स्वच्छ पौधे कार्यक्रम के तहत स्वच्छ पौधा केंद्रों (सीपीसी) की स्थापना हेतु बागवानी क्षेत्र में भारत-डच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। इसका मकसद उच्च मूल्य वाली बागवानी और फलों की फसलों के रोगमुक्त, गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री की उपलब्धता को बढ़ावा देना है, ताकि भारतीय बागवानी क्षेत्र की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता और बेहतर हो सके। इस संदर्भ में, नेताओं ने भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड और नक्तुइनबाउ के बीच क्षमता निर्माण एवं समर्थन पर हुए समझौता ज्ञापन का स्वागत किया।

खाद्य सुरक्षा एवं संरक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए, दोनों नेताओं ने नीदरलैंड खाद्य एवं उपभोक्ता उत्पाद सुरक्षा प्राधिकरण (NVWA) और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के बीच हुए समझौता ज्ञापन का स्वागत किया।

जनसंपर्क एवं संस्कृति

दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत-नीदरलैंड संबंधों के मजबूत स्तंभ माने जाने वाले आपसी संबंधों की प्रगाढ़ता को भी स्वीकार किया। प्रधानमंत्री जेटन ने नीदरलैंड में रहने वाले भारतीय समुदाय द्वारा डच समाज में किए गए योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने विशेष रूप से युवा, शिक्षाविद, पेशेवर कार्यबल, खेल और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के ज़रिए दोनों देशों के बीच आपसी संपर्क को और बढ़ावा देने के अपने संकल्प को दोहराया।

दोनों देशों के बीच निष्पक्ष प्रवासन और आवागमन को सुगम बनाने के महत्व को देखते हुए, दोनों नेताओं ने प्रवासन और आवागमन पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर का स्वागत किया।

दोनों पक्षों ने अवैध प्रवासन और मानव तस्करी को रोकने और उससे निपटने तथा उच्च कुशल पेशेवरों के निष्पक्ष आवागमन को प्रोत्साहित करने के लिए सहयोग को और मजबूत करने पर भी सहमति जताई। यह दृष्टिकोण अंतरराष्ट्रीय मानकों द्वारा निर्देशित है, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रवासी श्रमिकों के साथ गरिमा और सम्मान के साथ व्यवहार किया जाए, जिसमें निष्पक्ष आवागमन, पारदर्शी वीजा प्रक्रिया और श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा शामिल है।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने डिजाइन, प्रदर्शन कला, दृश्य कला, संग्रहालय और विरासत सहयोग जैसे क्षेत्रों में आपसी ज्ञान को बढ़ाने के लिए प्रदर्शनियों और सांस्कृतिक पहलों को बढ़ावा देने सहित, उन्नत सांस्कृतिक सहयोग के ज़रिए दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को गहरा करने पर सहमति व्यक्त की और सांस्कृतिक सहयोग पर एक संयुक्त कार्य समूह की संभावित स्थापना पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

आपसी सांस्कृतिक सम्मान के महत्व पर जोर देते हुए, दोनों नेताओं ने ड्रेन्ट्स संग्रहालय और राष्ट्रीय आधुनिक कला दीर्घा के बीच हुए समझौता ज्ञापन के तहत ड्रेन्ट्स संग्रहालय में अमृता शेर-गिल की कलाकृतियों की प्रदर्शनी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने राष्ट्रीय आधुनिक कला दीर्घा में वैन गॉग की एक कलाकृति और अन्य डच कलाकृतियों की वापसी प्रदर्शनी की भी उम्मीद जताई।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने सांस्कृतिक कलाकृतियों की वापसी और पुनर्स्थापन में सहयोग के महत्व पर बल दिया और इस संबंध में लीडेन विश्वविद्यालय से चोल काल की तांबे की प्लेटों की भारतीय अधिकारियों को वापसी का स्वागत किया।

भारत और नीदरलैंड के बीच सदियों पुराने द्विपक्षीय समुद्री इतिहास को याद करते हुए, दोनों नेताओं ने एम्स्टर्डम के राष्ट्रीय समुद्री संग्रहालय और भारत के पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के बीच लोथल (गुजरात) में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (NMHC) के विकास में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर का स्वागत किया।

वार्ता सौहार्दपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई और इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के और विकास तथा भारत-नीदरलैंड रणनीतिक साझेदारी रोडमैप के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में बहुआयामी सहयोग की अपार संभावनाओं पर विश्वास व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री जेटन को उनके गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें यथाशीघ्र भारत आने का निमंत्रण दिया।