खिलाड़ियों और उनके परिवारों के साथ एक अनौपचारिक, स्वाभाविक सत्र साझा किया
135 करोड़ भारतीयों की शुभकामनाएं आप सभी के लिए देश का आशीर्वाद हैं: प्रधानमंत्री
खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण शिविर, उपकरण व अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्रदान किए गए हैं: प्रधानमंत्री
एथलीट इस बात को अनुभव कर रहे हैं कि कैसे देश, आज उनमें से प्रत्येक के लिए नयी सोच और नयी दृष्टि के साथ खड़ा है: प्रधानमंत्री
पहली बार इतनी बड़ी संख्या में और इतने खेलों के लिए खिलाड़ियों ने ओलंपिक में क्वालीफाई किया है: प्रधानमंत्री
ऐसे कई खेल हैं, जिनमें भारत ने पहली बार क्वालीफाई किया है: प्रधानमंत्री
देशवासियों पर ‘चीयर4इंडिया' की जिम्मेदारी है: प्रधानमंत्री

आपसे बात करके मुझे बहुत अच्छा लगा। वैसे सभी से बात नहीं हो पाई, लेकिन आपका जोश, आपका उत्साह पूरे देश के सभी लोग आज महसूस कर रहे हैं। कार्यक्रम में मेरे साथ उपस्थित देश के खेल मंत्री श्रीमान अनुराग ठाकुर जी, अब से कुछ दिन पहले तक खेल मंत्री के रूप में आप सब के साथ बहुत काम किया है। ऐसे ही हमारे वर्तमान कानून मंत्री श्रीमान किरण रिजीजू जी, खेल राज्यमंत्री हमारे youngest minister हैं हमारी टीम के श्रीमान निशीथ प्रमानिक जी, स्पोर्ट्स से जुड़ी संस्थाओं के सभी प्रमुख, उनके सभी सदस्य, और टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा लेने जा रहे सभी मेरे साथियों, सभी खिलाड़ियों के परिजन, आज हमारी वर्चुअल बात-चित हुई है लेकिन, मुझे और अच्छा लगता यदि मैं आप सभी खिलाडियों को यहां दिल्ली के अपने घर में host करता, आप लोगों से रू-ब-रू मिलता। इसके पहले में हमेशा करता रहा हूं। और मेरे लिए वह अवसर बड़ा उमंग का अवसर रहता है। लेकिन इस बार कोरोना के कारण वह संभव नहीं हो पा रहा है। और इस बार आधे से अधिक खिलाड़ी हमारे पहले से विदेशों में उनकी ट्रेनिंग चल रही है। लेकिन वापस आने के बाद में आपको वादा करता हूं। आप सब के साथ में जरूर सुविधा के अनुसार समय निकालकर के मिलुंगा। लेकिन कोरोना ने बहुत कुछ बदल दिया है। ओलंपिक का साल भी बदल गया, आपकी तैयारियों का तरीका बदल गया, बहुत कुछ बदला हुआ है। अब तो ओलंपिक शुरू होने में सिर्फ 10 दिन बचे हैं। टोक्यो में भी एक अलग तरह का माहौल आपको मिलने वाला है।

साथियों,

आज आपसे बातचीत के दौरान, देश को भी पता चला कि इस कठिन समय में भी देश के लिए आपने कितनी मेहनत की है, कितना पसीना बहाया है। पिछली 'मन की बात' में मैंने आपमें से कुछ साथियों के इस परिश्रम की चर्चा भी की थी। मैंने देशवासियों से आग्रह भी किया था कि वो देश के खिलाड़ियों के लिए, आप सबके लिए चीयर करें, आपका मनोबल बढ़ाएँ। मुझे ये देखकर आज खुशी होती है कि देश आपको Cheer कर रहा है। हाल के दिनों में 'हैशटैग चीयर-फॉर-इंडिया' के साथ कितनी ही तस्वीरें मैंने देखी हैं। सोशल मीडिया से लेकर देश के अलग अलग कोनों तक,पूरा देश आपके लिए उठ खड़ा हुआ है। 135 करोड़ भारतीयों की ये शुभकामनाएँ खेल के मैदान में उतरने से पहले आप सभी के लिए देश का आशीर्वाद है। मैं भी अपनी ओर से आप को ढेर सारी शुभकामनायें देता हूँ। आप सभी को देशवासियों से लगातार शुभकामनाएं मिलती रहें इसके लिए नमो एप पर भी एक खास प्रावधान किया गया है। नमो एप पर जाकर भी लोग आपके लिए चीयर कर रहे हैं, आपके लिए संदेश भेज रहे हैं।

साथियों,

आपके साथ देशभर की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। और जब मैं आप सभी को एक साथ देख रहा हूं तो कुछ चीजें कॉमन नजर आ रही है। और जब मैं आपको देखता हूं तो कॉमन बातें है- Bold, Confident and Positive. आपमें एक कॉमन फ़ैक्टर दिख रहा है- Discipline, Dedication और Determination. आपमें commitment भी है, competitiveness भी है। यही qualities, New India की भी हैं। इसीलिए, आप सब New India के Reflection हैं, देश के भविष्य के प्रतीक हैं। आपमें से कोई दक्षिण से है, कोई उत्तर से है, कोई पूरब से है, तो कोई पूर्वोत्तर से है। किसी ने अपने खेल की शुरुआत गाँव के खेतों से की है, तो कई साथी बपचन से ही किसी स्पोर्ट्स अकैडमी से जुड़े रहे हैं। लेकिन अब आप सब यहाँ 'टीम इंडिया' का हिस्सा हैं। आप सब देश के लिए खेलने जा रहे हैं। यही diversity, यही 'टीम स्पिरिट' ही 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की पहचान है।

साथियों,

आप सब इस बात के साक्षी हैं कि देश किस तरह आज एक नई सोच, नई अप्रोच के साथ अपने हर खिलाड़ी के लिए साथ खड़ा है। आज देश के लिए आपका मोटिवेशन बहुत महत्वपूर्ण है। आप खुलकर खेलें, अपने पूरे सामर्थ्य के साथ खेल सकें, अपने खेल को, अपनी टेकनीक को और निखार सकें, इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। आपको याद होगा, ओलम्पिक के लिए एक हाइलेवेल कमेटी का गठन काफी पहले ही कर दिया गया था। Target Olympic Podium Scheme के तहत सभी खिलाड़ियों को हर संभव मदद दी गई। आपने भी इसे अनुभव किया है। पहले की तुलना में जो बदलाव आज आए हैं, उन्हें भी आप महसूस कर रहे हैं।

मेरे साथियों,

आप देश के लिए पसीना बहाते हैं, देश का झण्डा लेकर जाते हैं, इसलिए ये देश का दायित्व है कि आपके साथ डटकर खड़ा रहे। हमने प्रयास किया है। खिलाड़ियों को अच्छे ट्रेनिंग कैंप्स के लिए, बेहतर equipment के लिए। आज खिलाड़ियों को ज्यादा से ज्यादा international exposure भी दिया जा रहा है। स्पोर्ट्स से जुड़ी संस्थानों ने आप सबके सुझावों को सर्वोपरि रखा, इसीलिए इतने कम समय में इतने बदलाव आ पाये हैं।

साथियों,

जैसे खेल के मैदान में मेहनत के साथ सही स्ट्रेटजी जुड़ जाती है तो जीत पक्की हो जाती है, यही बात ग्राउंड के बाहर भी लागू होती है। देश ने 'खेलो इंडिया' और 'फिट इंडिया' जैसे अभियान चलाकर मिशन मोड में सही स्ट्रेटजी से काम किया तो परिणाम भी आप देख रहे हैं। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया है। पहली बार इतने ज्यादा खेलों में भारत के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। कई खेल ऐसे हैं जिनमें भारत ने पहली बार क्वालिफाई किया है।

साथियों,

हमारे यहाँ कहा जाता है- अभ्यासात् जायते नृणाम् द्वितीया प्रकृतिः॥ अर्थात्, हम जैसा अभ्यास करते हैं,जैसा प्रयास करते हैं, धीरे धीरे वो हमारे स्वभाव का हिस्सा हो जाता है। इतने समय से आप सब जीतने के लिए प्रैक्टिस कर रहे हैं। आप सबको देखकर, आपकी इस ऊर्जा को देखकर कोई संदेह बचता भी नहीं है। आपको और देश के युवाओं का जोश देखकर ये कह सकता हूँ कि वो दिन दूर नहीं जब जीतना ही न्यू इंडिया की आदत बन जाएगी। और अभी तो ये शुरुआत है, आप टोक्यो जाकर जब देश का परचम लहराएंगे तो उसे पूरी दुनिया देखेगी। हाँ, ये बात जरूर याद रखनी है कि जीतने का प्रैशर लेकर नहीं खेलना है। अपने दिल-दिमाग को बस एक ही बात कहिए कि मुझे अपना बेस्ट परफॉर्म करना है। मैं देशवासियों से भी एक बार फिर कहूँगा,'चीयर फॉर इंडिया'। मुझे पूरा विश्वास है, आप सब देश के लिए खेलते हुये देश का गौरव बढ़ाएँगे, नए मुकाम हासिल करेंगे। इसी विश्वास के साथ, आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद! मेरी बहुत – बहुत शुभकामनाएं और आपके परिवारजनों को मेरा विशेष प्रणाम। बहुत-बहुत धन्यवाद।

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विश्व वन्यजीव दिवस पर प्रधानमंत्री ने वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, संस्कृत में सुभाषितम् साझा किया
March 03, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि विश्व वन्यजीव दिवस हमारी पृथ्वी को समृद्ध बनाने वाली और हमारे पारिस्थितिक तंत्र को कायम रखने वाली अद्भुत जीव विविधता का उत्सव मनाने का दिन है। उन्होंने कहा कि यह वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए काम करने वाले सभी लोगों को सम्मानित करने और उनके संरक्षण, टिकाऊ प्रथाओं और प्राकृतिक निवास की रक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दोहराने का दिन है ताकि वन्यजीव फलते-फूलते रहें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि भारत में विश्व के कुछ सबसे अद्भुत वन्य प्राणियों का निवास है और उनका पालन-पोषण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत में बाघों की विश्व की 70% से अधिक और साथ ही एक सींग वाले गैंडों की सबसे बड़ी आबादी पायी जाती है तथा एशियाई हाथियों की अधिकतम संख्या भी यहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत विश्व का एकमात्र ऐसा स्थान है जहां जंगल के राजा एशियाई शेरों की संख्या बढ़ रही है।

प्रधानमंत्री ने इस बात का उल्लेख किया कि सरकार ने वन्यजीवों के संरक्षण के लिए अनेक प्रयास किए हैं। इनमें अन्य देशों के साथ सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करने के लिए एक अद्वितीय मंच के रूप में अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस की स्थापना शामिल है। इसके अतिरिक्त, अन्य प्रयासों में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, घड़ियाल और स्लॉथ बियर के संरक्षण के उद्देश्य से की गई पहल के साथ-साथ चीतों का स्थानांतरण भी शामिल है।

प्रधानमंत्री ने भारत के सांस्कृतिक लोकाचार पर बल देते हुए कहा कि हमारे शास्त्र सभी जीवित प्राणियों के कल्याण के लिए प्रार्थना करते हैं और वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ उनके प्रति संवेदनशीलता को प्रेरित करते हैं। उन्होंने इस अवसर पर संस्कृत का नीतिपरक श्लोक साझा किया जिसमें कहा गया है-

"निर्वनो वध्यते व्याघ्रो निर्व्याघ्रं छिद्यते वनम्। तस्माद् व्याघ्रो वनं रक्षेद् वनं व्याघ्रं च पालयेत्॥"

उक्त सुभाषितम् का संदेश यह है कि जंगलों के बिना बाघ विलुप्त हो जाते हैं और बाघों के बिना जंगल नष्ट हो जाते हैं। इसलिए, बाघ जंगल की रक्षा करते हैं और जंगल बाघ की रक्षा करते हैं जो प्रकृति में परस्पर गहरी निर्भरता को रेखांकित करता है।

श्री मोदी ने X पर अपने कई पोस्टों की श्रृंखला में कहा-

विश्व वन्यजीव दिवस हमारी पृथ्वी को समृद्ध बनाने और हमारे पारिस्थितिक तंत्र को बनाए रखने वाली अद्भुत जीव विविधता का उत्सव मनाने का दिन है। यह वन्यजीवों की सुरक्षा की दिशा में काम करने वाले सभी लोगों को सम्मानित करने का दिन है। हम संरक्षण, टिकाऊ प्रथाओं और आवासों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं ताकि हमारे वन्यजीव फलते-फूलते रहें।

हमें इस बात पर गर्व है कि भारत में विश्व के कुछ सबसे अद्भुत वन्य प्राणी पाए जाते हैं। विश्व में 70% से अधिक बाघों का निवास हमारे यहां है। हमारे यहां एक सींग वाले गैंडों की सबसे बड़ी आबादी और एशियाई हाथियों की अधिकतम संख्या भी है। भारत विश्व का एकमात्र ऐसा स्थान है जहां वनराज एशियाई शेर फल-फूल रहे हैं।

एनडीए सरकार ने वन्यजीव संरक्षण के लिए कई प्रयास किए हैं। इनमें अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस की स्थापना शामिल है जो अन्य देशों के साथ सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करने के लिए एक अद्वितीय मंच है। अन्य प्रयासों में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, घड़ियाल, स्लॉथ बियर की सुरक्षा और चीतों का स्थानांतरण शामिल हैं।

"आज विश्व वन्यजीव दिवस है। हमारे शास्त्रों में सभी जीवों के कल्याण की कामना की गई है। उनसे हमें प्राणियों के संरक्षण के साथ-साथ उनके प्रति संवेदनशील होने की प्रेरणा भी मिलती है। उसका एक उदाहरण यह है...

निर्वनो वध्यते व्याघ्रो निर्व्याघ्रं छिद्यते वनम्।

तस्माद् व्याघ्रो वनं रक्षेद् वनं व्याघ्रं च पालयेत्॥”