भारत ने लोकतांत्रिक भावना को अपने शासन का एक मजबूत स्तंभ बनाया : प्रधानमंत्री
पिछले एक दशक में, भारत ने प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण किया , आज का भारत विश्व में प्रौद्योगिकीय रूप से सबसे समावेशी समाजों में से एक: प्रधानमंत्री
हमने डिजिटल प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण किया है, जिससे यह देश के प्रत्येक नागरिक और प्रत्येक क्षेत्र के लिए सुलभ हो गई : प्रधानमंत्री
भारत ने प्रदर्शित किया कि प्रौद्योगिकी केवल सुविधा का साधन नहीं, बल्कि समानता सुनिश्चित करने का भी एक माध्यम है: प्रधानमंत्री
इंडिया स्टैक विश्व के लिए, विशेष रूप से विकासशील देशों के लिए आशा की किरण : प्रधानमंत्री
हम न केवल अन्य देशों के साथ प्रौद्योगिकी साझा कर रहे हैं, बल्कि उन्हें इसे विकसित करने में भी मदद कर रहे हैं और यह डिजिटल सहायता नहीं बल्कि डिजिटल सशक्तिकरण है: प्रधानमंत्री
भारत के फिनटेक समुदाय के प्रयासों की बदौलत, हमारे स्वदेशी समाधान वैश्विक प्रासंगिकता प्राप्त कर रहे हैं: प्रधानमंत्री
एआई के क्षेत्र में, भारत का दृष्टिकोण तीन प्रमुख सिद्धांतों– न्यायसंगत पहुंच, जनसंख्या-स्तरीय कौशल निर्माण और उत्तरदायी तैनाती पर आधारित है: प्रधानमंत्री
भारत ने हमेशा नैतिक एआई के लिए एक वैश्विक संरचना का समर्थन किया है: प्रधानमंत्री
हमारे लिए, एआई का अर्थ है सर्वसमावेशी: प्रधानमंत्री
हमारा लक्ष्य एक ऐसे फिनटेक विश्व का सृजन करना है जहां प्रौद्योगिकी लोगों और पूरी दुनिया को समृद्ध बनाती है: प्रधानमंत्री

His excellency, प्राइम मिनिस्टर कीर स्टार्मर, आरबीआई गवर्नर, फिनटेक दुनिया के इनोवेटर्स, लीडर्स और इनवेस्टर्स, देवियों और सज्जनो! मुंबई में आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है।

साथियों,

मैं जब इसके पहले इस कार्यक्रम में आया था, तब 2024 के चुनाव बाकी थे। लेकिन उस दिन मैंने कहा था कि मैं अगले कार्यक्रम में आऊंगा और उस समय आपने सबसे ज्यादा ताली बजाई थी, और उस समय जो राजनीति शास्त्र के जानकार लोग यहां बैठे थे, उन्होंने मान लिया था कि मोदी आ रहा है।

साथियों,

मुंबई यानी The City of Energy, मुंबई यानी The City of Enterprise, मुंबई यानी The City of endless possibility. उस मुंबई में अपने मित्र प्राइम मिनिस्टर स्टार्मर का विशेष अभिनंदन करता हूं! उन्होंने ग्लोबल Fintech फेस्टिवल के लिए समय निकाला, मैं उनका आभारी हूं।

Friends,

आज से 5 साल पहले जब ग्लोबल फिनटेक फेस्टिवल शुरू हुआ था, तब दुनिया ग्लोबल pandemic से लड़ रही थी। आज यह फेस्टिवल फाइनेंशियल इनोवेशन और फाइनेंशियल कॉरपोरेशन का ग्लोबल प्लेटफॉर्म बन चुका है। इस बार इस फेस्टिवल में United Kingdom एक पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल है। दुनिया की दो बड़ी डेमोक्रेसीस के बीच यह पार्टनरशिप ग्लोबल फाइनेंशियल लेंड स्केप को और बेहतर बनाएगी। मैं यहां जो माहौल देख रहा हूं, जो एनर्जी है, जो dynamism है, वो वाकई बहुत अद्भुत है। यह भारत की इकोनॉमी के प्रति, भारत के ग्रोथ के प्रति, ग्लोबल ट्रस्ट का प्रतीक है। मैं क्रिस गोपालाकृष्णन जी को, आरबीआई गवर्नर को श्री संजय मल्होत्रा जी, सभी आयोजकों और पार्टिसिपेंट्स को, इस शानदार आयोजन के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

भारत मदर ऑफ डेमोक्रेसी है। जब हम डेमोक्रेसी की चर्चा करते हैं, तो यह सिर्फ इलेक्शंस या पॉलिसी मेकिंग तक ही सीमित नहीं है। भारत ने इस डेमोक्रेटिक स्पिरिट को गवर्नेंस का एक मजबूत पिलर भी बनाया है और इसका बेहतरीन उदाहरण है टेक्नोलॉजी। दुनिया में लंबे समय तक यह चर्चा काफी रही है और हम आज उस चर्चा को नकार नहीं सकते हैं, उसमें काफी सच्चाई थी और वो चर्चा थी टेक्नोलॉजिकल डिवाइड की। भारत भी उस समय इससे अछूता नहीं था। लेकिन बीते एक दशक में भारत ने टेक्नोलॉजी का भी डेमोक्रेटाइजेशन किया है। आज का भारत सबसे अधिक technologically inclusive society में से एक है!

साथियों,

डिजिटल टेक्नोलॉजी का भी हमने democratisation किया है, इसको देश के हर सिटीजन, हर रीजन के लिए accessible बनाया है। आज यह भारत का गुड गवर्नेंस मॉडल बन चुका है। ये एक ऐसा मॉडल है, जिसमें सरकार जनहित में डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलप करती है और फिर उस प्लेटफार्म पर प्राइवेट सेक्टर अपने इनोवेशन से नए-नए प्रोडक्ट तैयार करता है। भारत ने दिखाया है कि टेक्नोलॉजी केवल सुविधा नहीं, समानता का साधन भी बन सकती है।

साथियों,

इस इंक्लूसिव अप्रोच ने हमारे बैंकिंग सिस्टम को भी ट्रांसफॉर्म किया है। पहले बैंकिंग एक प्रिविलेज थी, लेकिन डिजिटल टेक्नोलॉजी ने इसको empowerment का माध्यम बना दिया। आज भारत में डिजिटल पेमेंट्स एक रूटीन बन चुका है और इसका सबसे बड़ा क्रेडिट जैम ट्रिनिटी, यानी जनधन आधार और मोबाइल को जाता है। आप यूपीआई के ट्रांजैक्शन ही देखिए, आज हर महीने 20 बिलियन ट्रांजैक्शंस हो रहे हैं, इनकी वैल्यू 25 ट्रिलियन rupees, यानी 25 लाख करोड़ रुपए से अधिक है। आज दुनिया के हर 100 real time digital transaction में से 50 अकेले भारत में होते हैं।

Friends,

इस बार ग्लोबल फिनटेक फेस्ट की जो थीम है, वो भी भारत की इसी डेमोक्रेटिक स्पिरिट को आगे बढ़ाती है, मजबूत करती है।

साथियों,

आज भारत के डिजिटल Stack की चर्चा पूरी दुनिया में है। भारत का Unified Payments Interface- UPI Aadhaar Enabled Payment System, Bharat Bill Payment System, Bharat-QR, DigiLocker, DigiYatra, Government e-Marketplace यानी GeM, ये सब भारत की डिजिटल इकॉनॉमी की रीढ़ हैं। और मुझे खुशी है कि India Stack अब नए Open Ecosystems को जन्म दे रहा है। आपमें से बहुत लोग परिचित नहीं होंगे शायद, ONDC यानी Open Network For Digital Commerce, छोटे दुकानदारों और MSMEs के लिए वरदान बन रहा है। अब ये पूरे देश के मार्केट तक पहुँच पा रहे हैं, OCEN (Open Credit Enablement Network), छोटे आंत्रप्रन्योर्स के लिए Access to Credit को आसान बना रहा है। ये सिस्टम, MSMEs के लिए Credit Shortage की समस्या का समाधान कर रही है। मुझे विश्वास है कि RBI जिस Currency की तरफ आगे बढ़ रहा है, Digital Currency के लिए, उससे भी चीज़ें बहुत बेहतर होंगी। ये सारे प्रयास, भारत के Untapped Potential को हमारी ग्रोथ स्टोरी की पावर बनाएंगे।

साथियों,

India Stack केवल भारत की सफलता की कहानी नहीं है। यह दुनिया के लिए, और मैं ये बात जब लास्ट टाइम आया था ना कहा था ना, कि अगली बार आऊंगा, ये भी उतना ही पक्का है। भारत जो कर रहा है वो विशेष रूप से Global South के देशों के लिए, आशा की एक किरण है। भारत, अपने डिजिटल इनोवेशन्स से दुनिया में Digital Cooperation और Digital Partnership बढ़ाना चाहता है। और इसीलिए हम अपने experience और open-source platform, दोनों को global public good के लिए शेयर कर रहे हैं। भारत में विकसित हुआ MOSIP (Modular Open-Source Identity Platform) इसका बहुत बड़ा उदाहरण है। आज Twenty Five से ज्यादा countries इसे अपने Sovereign Digital Identity System बनाने के लिए अपना रहे हैं। हम दूसरे देशों को टेक्नॉलॉजी शेयर करने के साथ ही टेक्नॉलॉजी डेवलप करने में भी मदद कर रहे हैं। और ये digital aid नहीं है, वरना दुनिया में कई लोगों को शौक है, हम एड दे रहे हैं, समझदार को इशारा काफी है। ये एड नहीं है, बल्कि digital empowerment है।

साथियों,

भारत की Fintech community के प्रयासों से हमारे स्वदेशी solutions को global relevance मिल रही है, इंटर-ऑपरेबल QR networks हों, open commerce हो, या open finance frameworks हों, इनमें हमारे स्टार्ट अप्स की ग्रोथ दुनिया नोटिस कर रही है। इस साल के पहले 6 महीनों में ही, भारत top three most-funded Fin-Tech ecosystems में शामिल हुआ है। ये मैं आपकी बात बता रहा हूं।

साथियों,

भारत की विशेषता सिर्फ स्केल नहीं है, हम Scale को इंक्लूजन, रज़ीलियन्स और सस्टेनबिलिटी के साथ जोड़ रहे हैं और यहीं पर AI का रोल शुरू होता है। Under-writing बायस को कम कर सकता है, fraud को real time detect कर सकता है। इसके अलावा, अन्य services को बेहतर बनाने में भी AI की बड़ी भूमिका हो सकती है। इस potential को unlock करने के लिए हमें एक साथ मिलकर डेटा, skills और governance में invest करना ही होगा।

साथियों,

AI के क्षेत्र में, भारत की approach तीन प्रमुख principles पर आधारित है- Equitable Access, Population-scale Skilling और Responsible Deployment. India-AI Mission के तहत हम high-performance computing capacity बना रहे हैं, ताकि हर innovator और start-up को सस्ती और आसान सुविधा मिले। हमारा प्रयास है कि AI के बेनिफिट, हर district तक, हर language तक पहुंचना चाहिए। हमारे Centers of Excellence, skilling hubs और indigenous AI models, ये सुनिश्चित कर रहे हैं।

Friends,

भारत हमेशा से global framework for ethical AI के पक्ष में रहा है। हमारे digital public infrastructure का experience और हमारी लर्निंग रिपॉजिटरी, दुनिया के लिए useful हो सकती है। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जिस स्तर पर हम चल रहे हैं, उसी को हम AI में भी आगे बढ़ाना चाहते हैं। हमारे लिए AI का मतलब है, और वो दुनिया से बहुत अलग है, हमारे लिए AI का मतलब है All Inclusive.

साथियों,

आज दुनिया में AI के लिए 'Trust और Safety rules को लेकर डिबेट चल रही है। लेकिन भारत इसके लिए पहले ही 'ट्रस्ट लेयर' का निर्माण कर चुका है। भारत का AI मिशन, डेटा और Privacy दोनों विषयों को हैंडल करने का सामर्थ्य रखता है। हम AI में भी ऐसे प्लेटफॉर्म विकसित करना चाहते हैं, जिस पर इनोवेटर्स इंक्लूसिव ऐप्लीकेशन्स डेवलप कर सकें। Payments में हमारी प्रियॉरिटी speed और assurance है। Credit में हमारा लक्ष्य approvals, और affordability हैं। Insurance में हमारे टारगेट policies और timely claims हैं। और Investments में हमें access और transparency में सक्सेसफुल होना है। AI इस Transformation की शक्ति बन सकता है। इसके लिए AI एप्लीकेशन्स का डिज़ायन लोगों को ध्यान में रखकर करना होगा, people centric होना चाहिए। जो व्यक्ति पहली बार digital finance इस्तेमाल कर रहा है, उसे यह भरोसा होना चाहिए कि errors swiftly resolved होंगे। यही confidence, फाइनेंशियल सर्विसिज़ में Digital Inclusion को, Trust को और मजबूत करेगा।

Friends,

कुछ साल पहले UK से AI Safety Summit शुरु हुई थी। अगले वर्ष, AI Impact Summit भारत में होगी। यानी सेफ्टी पर चर्चा UK से शुरु हुई थी, अब इंपैक्ट पर संवाद भारत में होगा। भारत और UK ने ग्लोबल ट्रेड को और उस ट्रेड को लेकर win-win पार्टनरशिप का रास्ता दुनिया को दिखाया है। AI और फिनटेक में भी हमारी साझेदारी, इसी भाव को सशक्त करती है। UK की Research और Global Finance Expertise, और भारत की Scale और Talent, ये Combination पूरी दुनिया के लिए Opportunities के नए गेट खोल सकता है। हमने आज Start-Ups, Institutions और Innovation Hubs के बीच Connect को और मज़बूत करने का संकल्प लिया है। UK-India Fintech Corridor, नए startups को पायलट करने और आगे बढ़ाने के लिए अवसर बनाएगा। और साथ ही, इससे London Stock Exchange और GIFT City के बीच नए cooperation के रास्ते भी खुल सकते हैं। दोनों देशों के बीच ये financial integration, हमारी कंपनियों को फ्री ट्रेड अग्रीमेंट का ज्यादा से ज्यादा लाभ लेने में उपयोगी होगा, मदद करेगा।

साथियों,

हम सभी पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। मैं आज इस प्लेटफॉर्म से UK समेत दुनिया के हर पार्टनर को भारत के साथ Partnership के लिए Invite करता हूं। हर इन्वेस्टर को भारत की ग्रोथ के साथ ग्रो करने के लिए आमंत्रित करता हूं। हमें ऐसा Fintech World बनाना है, जहाँ Technology, People और Planet, दोनों को समृद्ध करे। जहाँ Innovation का लक्ष्य केवल Growth नहीं, बल्कि Goodness भी हो। जहाँ Finance का अर्थ केवल Numbers नहीं, बल्कि Human Progress हो। इसी आह्वान के साथ, आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं। आरबीआई को बहुत-बहुत अभिनंदन। धन्यवाद!

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Prime Minister congratulates Italian PM Giorgia Meloni on becoming the longest continuously serving Prime Minister in Italy's postwar history
September 04, 2026

Prime Minister Shri Narendra Modi today congratulated Italian Prime Minister Giorgia Meloni on becoming the longest continuously serving Prime Minister in Italy's postwar history.

The Prime Minister stated that this milestone is a reflection of the trust and confidence of the Italian people in her leadership. He further noted that her friendship has been instrumental in strengthening the India-Italy Special Strategic Partnership, adding that he looks forward to continuing their close cooperation to build a prosperous future for the people of both countries. He extended his best wishes for her continued success in the years ahead.

In a post on X, the Prime Minister shared:

"Congratulations to my friend Prime Minister Meloni on becoming the longest continuously serving Prime Minister in Italy's postwar history. This milestone is a reflection of the trust and confidence of the Italian people in her leadership.

Her friendship has also been instrumental in strengthening the India-Italy Special Strategic
Partnership and I look forward to continuing our close cooperation to build a prosperous future for the people of our countries.

My best wishes for her continued success in the years ahead.

@GiorgiaMeloni"