जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना और ओडिशा में रेल ढ़ांचा परियोजनाओं के शुभारंभ से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और इन क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास में मदद मिलेगी: प्रधानमंत्री
आज देश विकसित भारत की संकल्प सिद्धि में जुटा है और इसके लिए भारतीय रेलवे का विकास बहुत महत्वपूर्ण है: प्रधानमंत्री
हम भारत में रेलवे के विकास को चार मापदंडों पर आगे बढ़ा रहे हैं। पहला- रेलवे ढ़ांचे का आधुनिकीकरण, दूसरा- रेलवे के यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं, तीसरा- रेलवे की देश के कोने-कोने में कनेक्टिविटी और चौथा- रेलवे से रोजगार सृजन और उद्योगों को मददः प्रधानमंत्री
आज भारत रेल लाइनों के शत-प्रतिशत विद्युतीकरण के करीब है, हमने रेलवे की पहुंच का भी निरंतर विस्तार किया है: प्रधानमंत्री

नमस्कार जी।

तेलंगाना के गवर्नर श्रीमान जिष्णु देव वर्मा जी, ओडिशा के गवर्नर श्री हरि बाबू जी, जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा जी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री श्रीमान उमर अब्दुल्ला जी, तेलंगाना के सीएम श्रीमान रेवंत रेड्डी जी, ओडिशा के मुख्यमंत्री श्रीमान मोहन चरण मांझी जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी अश्विनी वैष्णव जी, जी किशन रेड्डी जी, डॉ. जीतेंद्र सिंह जी, वी सोमैया जी, रवनीत सिंह बिट्टू जी, बंडी संजय कुमार जी, अन्य मंत्रीगण, सांसद, विधायकगण, अन्य महानुभाव, देवियों और सज्जनों।

आज गुरु गोविंद सिंह जी की, उनका ये प्रकाश उत्सव है। उनके विचार, उनका जीवन हमें समृद्ध और सशक्त भारत बनाने की प्रेरणा देता है। मैं सभी को गुरू गोविंद सिंह जी के प्रकाश उत्सव की शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

2025 की शुरुआत से ही भारत, कनेक्टिविटी की तेज रफ्तार बनाए हुए है। कल मैंने दिल्ली-एनसीआर में नमो भारत ट्रेन का शानदार अनुभव लिया, दिल्ली मेट्रो की अहम परियोजनाओं की शुरूआत की। कल भारत ने बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की है, हमारे देश में अब मेट्रो नेटवर्क, एक हजार किलोमीटर से ज्यादा का हो गया है। अभी आज यहाँ करोड़ों रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। उत्तर में जम्मू कश्मीर, पूरब में ओडिशा, और दक्षिण में तेलंगाना, आज देश के एक बड़े हिस्से के लिए 'new age connectivity' के लिहाज से बहुत बड़ा दिन है। इन तीनों राज्यों में आधुनिक विकास की शुरुआत, ये बताता है कि पूरा देश अब एक साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। और यही 'सबका साथ, सबका विकास' वो मंत्र है जो विकसित भारत के सपने में विश्वास के रंग भर रहा है। मैं आज इस अवसर पर, इन तीनों राज्यों के लोगों को और सभी देशवासियों को इन प्रोजेक्ट्स की बधाई देता हूं। और ये भी संयोग है कि आज हमारे ओडिशा के मुख्यमंत्री श्रीमान मोहन चरण माझी जी का जन्मदिन भी है, मैं उनको भी आज सबकी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

आज देश विकसित भारत की संकल्प सिद्धि में जुटा है, और इसके लिए भारतीय रेलवे का विकास बहुत महत्वपूर्ण है। हमने देखा है, पिछला एक दशक भारतीय रेलवे के ऐतिहासिक ट्रांसफॉर्मेशन का रहा है। रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में एक visible change आया है। इससे देश की छवि बदली है, और देशवासियों का मनोबल भी बढ़ा है।

साथियों,

भारत में रेलवे के विकास को हम चार पैरामीटर्स पर आगे बढ़ा रहे हैं। पहला- रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर का modernization, दूसरा- रेलवे के यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं, तीसरा- रेलवे की देश के कोने-कोने में कनेक्टिविटी, चौथा- रेलवे से रोजगार का निर्माण, उद्योगों को सपोर्ट। आज के इस कार्यक्रम में भी इसी विजन की झलक दिखाई देती है। ये नए डिविजन, नए रेल टर्मिनल, भारतीय रेलवे को 21वीं सदी की आधुनिक रेलवे बनाने में अहम योगदान देंगे। इनसे देश में आर्थिक समृद्धि का इकोसिस्टम डवलप करने में मदद मिलेगी, रेलवे के संचालन में मदद मिलेगी, निवेश के ज्यादा मौके बनेंगे और नई नौकरियों का सृजन भी होगा।

साथियों,

2014 में हमने भारतीय रेलवे को आधुनिक बनाने का सपना लेकर काम शुरू किया था। वंदे भारत ट्रेनों की फैसिलिटी, अमृत भारत और नमो भारत रेल की सुविधा, अब भारतीय रेल का नया बेंचमार्क बन रही हैं। आज का Aspirational India, कम समय में बहुत ज्यादा पाने की आकांक्षा रखता है। आज लोग लंबी दूरी की यात्रा को भी कम समय में पूरा करना चाहते हैं। ऐसे में देश के हर हिस्से में हाई स्पीड ट्रेनों की मांग बढ़ रही है। आज 50 से ज्यादा रूट्स पर वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। 136 वंदे भारत सेवाएं लोगों की यात्रा को सुखद बना रही हैं। अभी मैं दो-तीन दिन पहले ही एक वीडियो देख रहा था, अपने ट्रायल रन में वंदे भारत का नया स्लीपर वर्जन कैसे 180 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ रहा है, और ये देखकर मुझे ही नहीं किसी भी हिन्दुस्तानी को अच्छा लगेगा। ऐसे अनुभव ये तो शुरुआत हैं, वो समय दूर नहीं जब भारत में पहली बुलेट ट्रेन भी दौड़ेगी।

साथियों,

हमारा लक्ष्य है कि- फ़र्स्ट स्टेशन से लेकर डेस्टिनेशन तक, भारतीय रेल से यात्रा एक यादगार अनुभव बने। इसके लिए देश में 1300 से ज्यादा अमृत स्टेशनों का कायाकल्प भी हो रहा है। पिछले 10 वर्षों में रेल कनेक्टिविटी का भी अद्भुत विस्तार हुआ है। 2014 तक देश में सिर्फ thirty five percent, 35 परसेंट रेल लाइनों का electrification हुआ था। आज भारत, रेल लाइनों के शत प्रतिशत electrification के करीब है। हमने रेलवे की reach को भी लगातार expand किया है। बीते 10 वर्षों में 30 हजार किलोमीटर से ज्यादा नए रेलवे ट्रैक बिछाए गए हैं, सैकड़ों रोड ओवर ब्रिज और रोड अंडर ब्रिज का निर्माण किया गया है। अब ब्रॉड गेज लाइनों पर मानव रहित क्रॉसिंग्स खत्म हो चुकी हैं। इससे दुर्घटनाएं भी कम हुई हैं और यात्रियों की सुरक्षा भी बढ़ी है। देश में Dedicated freight corridor जैसे आधुनिक रेल नेटवर्क का काम भी तेजी से पूरा हो रहा है। ये स्पेशल corridor बनने से सामान्य ट्रैक पर दबाव कम होगा और हाई स्पीड ट्रेनों को चलाने के अवसर भी बढ़ेंगे।

साथियों,

रेलवे में आज कायाकल्प का जो अभियान चल रहा है, जिस तरह मेड इन इंडिया को बढ़ावा दिया जा रहा है, मेट्रो के लिए, रेलवे के लिए आधुनिक डिब्बे तैयार किए जा रहे हैं, स्टेशनों को री-डवलप किया जा रहा है, स्टेशनों पर सोलर-पैनल लगाए जा रहे हैं, 'वन स्टेशन, वन प्रोडक्ट' इसके स्टॉल लग रहे हैं, उससे भी रेलवे में रोजगार के लाखों नए अवसर बन रहे हैं। पिछले 10 साल में रेलवे में लाखों युवाओं को पक्की सरकारी नौकरी मिली है। हमें याद रखना है, जिन कारखानों में नई ट्रेनों के डिब्बे बनाए जा रहे हैं, उसके लिए कच्चा माल दूसरी फैक्ट्रियों से आ रहा है। वहां डिमांड बढ़ने का मतलब है, रोजगार के ज्यादा अवसर। रेलवे से जुड़ी विशेष स्किल को ध्यान में रखते हुए देश की पहली गति-शक्ति यूनिवर्सिटी की भी स्थापना की गई है।

साथियों,

आज जैसे-जैसे रेलवे नेटवर्क का विस्तार हो रहा है, उसी हिसाब से नए हेडक्वार्टर और डिवीजन भी बनाए जा रहे हैं। जम्मू डिवीज़न का लाभ जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश और पंजाब के कई शहरों को भी होगा। इससे लेह-लद्दाख के लोगों को भी सुविधा होगी।

साथियों,

हमारा जम्मू-कश्मीर आज रेल इंफ्रास्ट्रक्चर में नए रिकॉर्ड बना रहा है। उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लाइन इसकी चर्चा आज पूरे देश में है। ये परियोजना जम्मू-कश्मीर को भारत के अन्य हिस्सों के साथ और बेहतरी से जोड़ देगी। इसी परियोजना के तहत दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज, चिनाब ब्रिज का काम पूरा हुआ है। अंजी खड्ड ब्रिज, जो देश का पहला केबल आधारित रेल ब्रिज है, वो भी इसी परियोजना का हिस्सा है। ये दोनों इंजीनियरिंग के बेजोड़ उदाहरण हैं। इनसे इस क्षेत्र में आर्थिक प्रगति होगी और समृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।

साथियों,

भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद से हमारे ओडिशा के पास प्राकृतिक संसाधनों का भंडार है। इतना बड़ा समुद्री तट मिला है। ओडिशा में इंटरनेशनल ट्रेड की प्रबल संभावनाएं हैं। आज ओडिशा में रेलवे के नए ट्रैक से जुड़े लगभग अनेकों प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। इन पर 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हो रहा है। राज्य में 7 गति शक्ति कार्गो टर्मिनल शुरू किए गए हैं, जो व्यापार और उद्योगों को बढ़ावा दे रहे हैं। आज भी ओडिशा में जिस रायगड़ा रेल मंडल का शिलान्यास किया गया है, इससे प्रदेश का रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत होगा। इससे ओडिशा में पर्यटन, व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। खास तौर पर, इसका बहुत लाभ उस दक्षिण ओडिशा को मिलेगा, जहां जनजातीय परिवारों की संख्या ज्यादा है। हम जनमन योजना के तहत जिन अति-पिछड़े आदिवासी इलाकों का विकास कर रहे हैं, ये इंफ्रास्ट्रक्चर उनके लिए वरदान साबित होगा।

साथियों,

आज मुझे तेलंगाना के चर्लपल्ली न्यू टर्मिनल स्टेशन के उद्घाटन का भी अवसर मिला है। इस स्टेशन के आउटर रिंग रोड से जुड़ने से क्षेत्र में विकास को गति मिलेगी। स्टेशन पर आधुनिक प्लेटफॉर्म, लिफ्ट, एस्केलेटर जैसी सुविधाएं हैं। एक और खास बात है कि ये स्टेशन सोलर ऊर्जा से संचालित हो रहा है। ये नया रेलवे टर्मिनल, शहर के मौजूदा टर्मिनल्स जैसे सिकंदराबाद, हैदराबाद और काचिगुड़ा पर प्रेशर को बहुत कम करेगा। इससे लोगों के लिए यात्रा और सुविधाजनक होगी। यानि ease of living के साथ-साथ ease of doing business को भी बढ़ावा मिलेगा।

साथियों,

आज देश में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण का महायज्ञ चल रहा है। भारत के एक्सप्रेसवे, वॉटरवे, मेट्रो नेटवर्क का तेज गति से विस्तार हो रहा है। आज देश के एयरपोर्ट्स पर सबसे बेहतरीन सुविधाएं मिल रही हैं। 2014 में देश में एयरपोर्ट्स की संख्या 74 थी, अब इनकी संख्या बढ़कर 150 के पार हो चुकी है। 2014 तक सिर्फ 5 शहरों में मेट्रो की सुविधा थी, आज 21 शहरों में मेट्रो है। इस स्केल और स्पीड को मैच करने के लिए भारतीय रेलवे को भी लगातार अपग्रेड किया जा रहा है।

साथियों,

ये सभी विकास कार्य विकसित भारत के उस रोडमैप का हिस्सा हैं, जो आज हर देशवासी के लिए एक मिशन बन चुका है। मुझे विश्वास है, हम सब साथ मिलकर इस दिशा में और भी तेज गति से आगे बढ़ेंगे। मैं एक बार फिर इन परियोजनाओं के लिए देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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आंध्र प्रदेश के पास ‘विकसित भारत’ का ग्रोथ इंजन बनने का सामर्थ्य: पीएम मोदी
August 01, 2026
एविएशन, क्लीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर और कनेक्टिविटी से जुड़ी ये परियोजनाएं आंध्र प्रदेश के विकास में योगदान देंगी: पीएम
जिस धरती पर अल्लूरी सीताराम राजू जी ने आदिवासी समुदायों के कल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित किया, आज उसी धरती पर आंध्र प्रदेश के लिए एक नए एयरपोर्ट का उद्घाटन हो रहा है: पीएम
यह एयरपोर्ट आंध्र और उत्तर आंध्र के ग्रोथ के रनवे के रूप में और आंध्र के युवाओं के उज्जवल भविष्य के लिए लॉन्चपैड के रूप में काम करेगा: पीएम
विशाखापट्टनम में नए सेमीकंडक्टर प्लांट की आधारशिला रखना फ्यूचरिस्टिक टेक्नोलॉजी इंडस्ट्रीज के माध्यम से आंध्र प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं की क्षमता का लाभ उठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है: पीएम
आज देश ब्लू इकोनॉमी को मजबूत कर रहा है। विशाखापट्टनम से कृष्णापट्टनम तक पोर्ट्स का आधुनिकीकरण हो रहा है और मुलापेटा तथा रामायापट्टनम में नए पोर्ट्स बन रहे हैं, ताकि यह क्षेत्र कोस्टल इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में विकसित हो सके: पीएम

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

आंध्र प्रदेश के गवर्नर अब्दुल नज़ीर जी, गोवा के गवर्नर और इस धरती के संतान अशोक गजपति राजू जी, सीएम, मेरे मित्र चंद्रबाबू नायडू जी, डिप्टी सीएम भाई पवन कल्याण जी, मंत्रिमंडल में मेरे साथी युवा ऊर्जा से भरे हुए भाई राममोहन नायडू जी, चंद्रशेखर पेम्मसानी जी, भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा जी, राज्य सरकार के मंत्री भाई नारा लोकेश जी, उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधिगण, देवियों और सज्जनों।

अंदरिकी नमस्कारम्!

साथियों,

आज का दिन आंध्र प्रदेश के विकास के लिए, स्वर्ण आंध्र के विजन के लिए ये बहुत अहम है। मुझे आज बहुत शुभ अवसर पर, एक शुभ मास में उत्तर आंध्र की इस पवित्र भूमि पर आने का सौभाग्य मिला है। मैं सबसे पहले भगवान श्री वराह लक्ष्मी नरसिंह स्वामी के चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं श्री-कूर्मनाथ स्वामी और मां पैडितल्ली अम्मवारु को नमन करता हूं।

साथियों,

आज यहां करीब Eighteen Thousand Crore Rupees की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ, लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। एयरपोर्ट के साथ साथ ये प्रोजेक्ट्स आंध्र की रोड कनेक्टिविटी से भी जुड़े हैं। इनमें एनर्जी सिक्योरिटी से जुड़े प्रोजेक्ट्स भी हैं। ये विकास कार्य इस बात के प्रतीक हैं कि इस समय आंध्र किस स्पीड से आगे बढ़ रहा है। मैं आप सभी को इन प्रोजेक्ट्स की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

आज का ये आयोजन नया इतिहास, नए record, इसे रचने का भी है। आज एक ओर विकास के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं, तो साथ ही धीमसा डांस का सांस्कृतिक record भी रचा गया है, और ये चंद्रबाबू की विशेषता है कि उन्होंने दो क्षितिजों को छुआ है। एक तरफ ऊंची आसमान को छूने वाली व्यवस्था एयरपोर्ट का निर्माण और दूसरी तरफ मेरे यहां के आदिवासी बहनों के द्वारा धीमसा नृत्य का विश्व रिकॉर्ड बनाना, मैं चंद्रबाबू के इस विजन को विशेषरूप से सराहना करता हूं।

Thirteen Thousand से ज्यादा आदिवासी बहनों और बेटियों की प्रस्तुति, उनका उत्साह, उनका अनुशासन और आदिवासी संस्कृति का गौरव, ये दृश्य वाकई अद्भुत था। इसमें देश की विविधता की झलक भी थी और पीढ़ी-दर-पीढ़ी सहेजकर रखी गई जनजातीय विरासत भी थी। मैं इस प्रस्तुति के लिए आप सभी का और विशेष रूप से मेरी आदिवासी बहनों और बेटियों का बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

ये धरती अल्लूरी सीताराम राजू की धरती है। अल्लूरी सीताराम राजू जी ने जिस धरती पर आदिवासी हितों के लिए अपना जीवन समर्पित किया, आज उसी धरती पर आंध्र प्रदेश के एक नए एयरपोर्ट की शुरुआत हो रही है। ये एयरपोर्ट आंध्र और उत्तर आंध्र की ग्रोथ का रन-वे है। ये आंध्र के युवाओं के बेहतर भविष्य का लॉंन्च पैड है। मैं आंध्र प्रदेश के लोगों को, देश के लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

पहले जब एयरपोर्ट बनते थे, तो एयरपोर्ट के नाम एक ही परिवार के नाम पर चढ़ जाते थे, हमने इस परंपरा को बदला, हमने अयोध्या में एयरपोर्ट का नाम वाल्मीकि के नाम से जोड़ा, हमने पंजाब में संत रविदास जी के नाम से एयरपोर्ट का नाम जोड़ा।

और साथियों,

केंद्र की एनडीए सरकार ने ये निर्णय़ किया है कि इस नए एयरपोर्ट का नाम श्री अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर होगा। आंध्र प्रदेश का जो भी नागरिक, इस एयरपोर्ट से यात्रा करेगा, देश और दुनिया का जो भी नागरिक इस एयरपोर्ट से यात्रा करेगा, उसे अल्लूरी सीताराम राजू जी के नाम से जनसेवा और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा मिलेगी।

साथियों,

बीते twelve years में देश के एविएशन सेक्टर ने असाधारण प्रगति की है। 2014 तक देश में केवल Seventy Four एयरपोर्ट ऑपरेशनल थे। आज ये संख्या One Hundred Sixty Six है। एक समय था जब हवाई उड़ानें सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित थीं। NDA सरकार में आज छोटे शहरे के साधारण लोग भी फ्लाइट्स से आ-जा रहे हैं। Twelve years में सिर्फ एयरपोर्ट की संख्या ही नहीं बढ़ी है, हमारी उड़ान योजना के काऱण आज गरीब परिवार के लोगों को भी जहाज में बैठने का अवसर मिल रहा है। इस योजना ने गरीब से गरीब को अपना सपना पूरा करने में मदद की है। कुछ दिन पहले ही सरकार ने उड़ान योजना के दूसरे फेज की शुरुआत की है। इस पर भी Twenty Nine Thousand करोड़ रुपीज खर्च किए जाएंगे।

साथियों,

एविएशन सेक्टर में देश ने एक और बड़ा माइलस्टोन हासिल किया है। कुछ ही दिन पहले काशी में जिस स्पोक एयरपोर्ट मॉडल का शुभारंभ हुआ, आज वही मॉडल पंजाब के अमृतसर तक पहुँच गया है। इससे अमृतसर से Twenty Five से ज्यादा इंटरनेशनल डेस्टिनेशन जुड़ जाएंगे। मैं इस उपलब्धि के लिए आंध्र की इस धरती से पंजाब के लोगों को भी बधाई देता हूँ।

साथियों,

हमारे आंध्र प्रदेश के पास हमेशा से विकसित भारत का ग्रोथ इंजन बनने का सामर्थ्य रहा है। आंध्र प्रदेश के विकास के लिए हमारे प्रयास डबल इंजन की स्पीड से आगे बढ़ें, इसके लिए मैंने आंध्र के लोगों से डबल इंजन सरकार का आशीर्वाद मांगा था और आज चंद्रबाबू नायडू जी के नेतृत्व में, पवन कल्याण जी के नेतृत्व में NDA की पूरी टीम आंध्र प्रदेश के लिए डबल स्पीड से काम कर रही है।

साथियों,

आज देश ब्लू इकोनॉमी को लगातार मजबूत कर रहा है। हमारा विज़न है कि ये पूरा क्षेत्र कोस्टल इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में विकसित हो, इसी लक्ष्य के साथ विशाखापट्टनम से कृष्णापट्टनम तक हमारे पुराने पोर्ट्स को आधुनिक रूप दिया जा रहा है। इसके अलावा मुलापेटा और रामायापट्टनम में हम नए पोर्ट्स भी बना रहे हैं।

साथियों,

पोर्ट डेवलपमेंट के साथ-साथ पूरे आंध्र में हाइवे और एक्सप्रेसवे का नेटवर्क तैयार हो रहा है। विशाखापट्टनम-रायपुर एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट इस पूरे क्षेत्र को रफ्तार दे रहे हैं।

साथियों,

ये पूरा रीजन देश के बड़े औद्योगिक केंद्रों से आसानी से जुड़े इसके लिए आज आंध्र प्रदेश में करीब one lakh crore रुपीज की रेलवे परियोजनाओं पर काम चल रहा है। राज्य के पूरे रेल नेटवर्क का electrification हो चुका है। यहां Seventy से ज्यादा रेलवे स्टेशनों को भी आधुनिक बनाया जा रहा है।

साथियों,

आज इस क्षेत्र के विकास में पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान भी बड़ी भूमिका निभा रहा है। पीएम गति शक्ति के माध्यम से इस पूरे क्षेत्र में रेल, पोर्ट और एयरपोर्ट को एक साथ जोड़ा जा रहा है। जब यहां ये आधुनिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तैयार हो जाएगा, तो उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, किसानों को फायदा होगा और Ease of Doing Business भी बढ़ेगा।

साथियों,

आंध्र प्रदेश हमेशा भविष्य की सोच रखने वाला प्रदेश रहा है। सॉफ्टवेयर, IT और टेक सेक्टर में आंध्र के युवाओं ने पूरी दुनिया में अपना डंका बजाया है। और इसीलिए, सरकार यहां के टैलेंट को, आंध्र प्रदेश की डेवलपमेंट पावर से जोड़ना चाहती है। हमारे टैलेंटेड युवाओं की प्रतिभा का लाभ आंध्र प्रदेश और देश को ज्यादा से ज्यादा मिले, ये बहुत आवश्यक है। इसके लिए हमारा फोकस अब सेमीकंडक्टर जैसी futuristic टेक इंडस्ट्री पर है। विशाखापट्टनम में नए सेमीकंडक्टर प्लांट का शिलान्यास, इसी दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है। चंद्रबाबू के नेतृत्व में हमारा आंध्र अब सॉफ्टवेयर के साथ-साथ manufacturing का भी हब बनेगा। इससे आंध्र में futuristic jobs तैयार होगी, टेक इंडस्ट्रीज़ के लिए नया वातावरण तैयार होगा।

साथियों,

वर्ल्ड इकोनॉमी में कहीं भी, किसी भी ग्रोथ सेंटर का निर्माण सिर्फ एक फैक्ट्री से नहीं हो सकता, उसके लिए एक पूरे इकोसिस्टम की जरूरत होती है। आज आंध्र प्रदेश में हम ग्रोथ का वही इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं। चंद्रबाबू नायडू जी व्यक्तिगत स्तर पर दिन-रात मेहनत करते हैं। इसी का परिणाम है, आज दुनिया की कई बड़ी-बड़ी कंपनियां यहाँ निवेश करने के लिए आना चाहती हैं।

साथियों,

यहां सेमीकंडक्टर के साथ-साथ AI इन्फ्रा और डेटा सेंटर पर भी काम हो रहा है। Google ने भी यहां Fifteen Billion Dollars के AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर कैंपस की घोषणा की है। और भी कई ग्लोबल कंपनीज यहां नई संभावनाएं देख रही हैं। इसका बहुत बड़ा फायदा आंध्र प्रदेश के साथ-साथ देश के Youth को हो रहा है।

साथियों,

आंध्र की इंडस्ट्रियल ग्रोथ स्टोरी केवल डिजिटल टेक तक ही सीमित नहीं है। नक्कापल्ली में केंद्र सरकार बड़े फार्मा पार्क के लिए भी सहयोग दे रही है। इससे आंध्र प्रदेश, देश के एक बड़े फार्मा हब के रूप में भी विकसित होगा। ग्रीन एनर्जी की फील्ड में भी अकेले रायलसीमा क्षेत्र में Five Lakh Crore Rupees से ज्यादा का इनवेस्टमेंट हुआ है। मैं आज आंध्र प्रदेश के आप सभी लोगों को फिर विश्वास दिलाता हूं, हमारी सरकार ऐसी हर संभावनाओं को साकार करने के लिए दिन-रात, ये डबल इंजन सरकार काम करती रहेगी।

साथियों,

आज आंध्र प्रदेश में हर सेक्टर में किस स्पीड से काम हो रहा है, इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि पिछली 3 यात्राओं में ही मैंने Two Lakh Crore Rupees के प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ यहाँ किया है। मुझे खुशी है कि आंध्र की इस विकास यात्रा में ‘उत्तर आंध्र’ भी सशक्त हो रहा है। हम Visakhapatnam Economic Region, V.E.R को देश के बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य है, V.E.R एशिया का प्रमुख economic hub बने। ये एयरपोर्ट से लेकर सेमीकंडक्टर यूनिट तक इसी मिशन का हिस्सा है।

साथियों,

हमारी सरकार का मंत्र है- Investment से Employment, इसलिए सरकार ने अपनी तरफ से भी Investment बढ़ाया है और हम प्राइवेट सेक्टर को भी Investment के लिए प्रेरित कर रहे हैं। आप भी जानते हैं, जब Investment बढ़ता है, तो मैन्युफैक्चरिंग बढ़ती है, मैन्युफैक्चरिंग बढ़ती है, तो एक्सपोर्ट बढ़ता है, एक्सपोर्ट बढ़ता है, तो रोजगार के नए अवसर बनते हैं और रोजगार बढ़ता है, तो लोगों की आमदनी बढ़ती है, परिवारों की ज़िंदगी बेहतर होती है और आंध्र प्रदेश में हम यही होते देख रहे हैं।

साथियों,

मुझे पूरा विश्वास है, आज यहां जितने भी प्रोजेक्ट्स की शुरुआत हुई हैं, जिनकी नींव रखी गई हैं, वो सारे प्रोजेक्ट्स स्वर्ण आंध्रा और विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में बहुत बड़ा योगदान देंगे। चंद्रबाबू जी के नेतृत्व में आंध्र प्रदेश विकसित भारत के सपने को पूरा करने के लिए एक बहुत बड़ा ऊर्जा स्रोत बन रहा है। मैं एक बार फिर इन सभी परियोजनाओं के लिए आंध्र प्रदेश के लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ।

बहुत-बहुत धन्यवाद!

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

बहुत-बहुत धन्यवाद!