प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले एक दशक में भारत की रक्षा क्षमताओं में हुए महत्वपूर्ण परिवर्तन को रेखांकित किया है।

श्री मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भरता की दृष्टि से निर्देशित और नवाचार, प्रौद्योगिकी एवं स्वदेशी विनिर्माण द्वारा संचालित भारत की रक्षा क्षमताओं में एक बड़ा परिवर्तन आया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में रक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति आत्मनिर्भरता के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने पर भारत का प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने वायु, भूमि और समुद्र में अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत किया है, स्वदेशी प्रौद्योगिकियों को आगे बढ़ाया है और आत्मनिर्भरता एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा;

"आत्मनिर्भरता की दृष्टि से निर्देशित और नवाचार, प्रौद्योगिकी एवं स्वदेशी विनिर्माण द्वारा संचालित, भारत की रक्षा क्षमताओं में पिछले दशक में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिला है।"

यह श्रृंखला पिछले 12 वर्षों में रक्षा क्षेत्र में भारत द्वारा की गई प्रगति की एक झलक प्रस्तुत करता है।

#12YearsOfSurakshitBharat

"यह श्रृंखला बताती है कि भारत ने वायु, भूमि और समुद्र में अपनी रक्षा क्षमताओं को कैसे मजबूत किया है, स्वदेशी प्रौद्योगिकियों को कैसे आगे बढ़ाया है और आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक मजबूत आधार कैसे बनाया है।"

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प्रधानमंत्री ने सम्मान और सराहना के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
June 17, 2026

प्रधानमंत्री, श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि स्नेहपूर्ण सम्मान और स्वीकृति व्यक्ति को मूल्यवान, गौरवान्वित और संतुष्ट महसूस कराती है। उन्होंने उल्लेख किया कि ऐसी पहचान न केवल आत्मविश्वास को बढ़ाती है, बल्कि व्यक्ति में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार भी करती है।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित साझा किया-

“त्वत्सम्भावितमात्मानं बहु मन्यामहे वयम्‌ ।

प्रायः प्रत्ययमाधत्ते स्वगुणेषूत्तमादरः।।”

यह सुभाषित संदेश देता है कि जब हमें किसी व्यक्ति द्वारा सम्मान के साथ स्वीकार किया जाता है, तो हम अत्यंत गर्व और सौभाग्य का अनुभव करते हैं। यह पूर्णतः सत्य है कि महान व्यक्तियों द्वारा दिया गया सम्मान किसी व्यक्ति के भीतर उसके स्वयं के गुणों के प्रति आत्मविश्वास को गहराई से जगाता है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“स्नेहपूर्ण सम्मान और स्वीकार्यता व्यक्ति को गर्व और संतोष का अनुभव कराती है। इससे जहां आत्मविश्वास बढ़ता है, वहीं एक नई ऊर्जा और उत्साह का भी संचार होता है।

त्वत्सम्भावितमात्मानं बहु मन्यामहे वयम्‌।

प्रायः प्रत्ययमाधत्ते स्वगुणेषूत्तमादरः।।”