"औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के 9 लाख से अधिक छात्रों के कौशल दीक्षांत समारोह के अवसर पर आज इतिहास रचा गया"
"विश्वकर्मा जयंती हर उस व्यक्ति का सम्मान है जो सही मायने में कड़ी मेहनत करता है, यह श्रमिक का दिन है"
"भारत में, हमने हमेशा श्रमिक के कौशल में भगवान का रूप देखा है, उन्हें विश्वकर्मा के रूप में देखा जाता है"
"इसे भारत की सदी बनाने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि भारत के युवा शिक्षा के साथ-साथ कौशल में भी समान रूप से दक्ष हों"
"आईटीआई से तकनीकी प्रशिक्षण लेकर निकले युवाओं की सेना में भर्ती के लिए विशेष प्रावधान"
"इसमें आईटीआई की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है, हमारे युवाओं को इन संभावनाओं का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए"
"भारत के कौशल में गुणवत्ता है, और विविधता भी है"
"जब एक युवा में शिक्षा की शक्ति के साथ-साथ कौशल की शक्ति भी होती है, तो उसका आत्मविश्वास अपने आप बढ़ जाता है"
"बदलती वैश्विक परिस्थितियों में, भारत के प्रति दुनिया का विश्वास है"

नमस्कार!

आज मेरा सौभाग्य है कि मुझे देश के लाखों ITI's के छात्र-छात्राओं से बातचीत करने का अवसर मिला है। स्किल डेवलपमेंट से जुड़े विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थीगण, शिक्षक गण, शिक्षा जगत के अन्य महानुभाव, देवियों और सज्जनों!

21वीं सदी में आगे बढ़ रहे हमारे देश में आज एक नया इतिहास रचा गया है। पहली बार ITI के 9 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं का कौशल दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया है। 40 लाख से ज्यादा Students हमारे साथ वर्चुअल माध्यम से भी जुड़े हुए हैं। मैं आप सभी को कौशल दीक्षांत समारोह की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं और आज सोने में सुहागा है। आज भगवान विश्वकर्मा की जयंती भी है। ये कौशल दीक्षांत समारोह, अपने कौशल से नव-निर्माण के पथ पर आपका पहला कदम, और विश्वकर्मा जयंती का पुण्य अवसर! कितना अद्भुत संयोग है। मैं विश्वास से कह सकता हूँ कि आपकी ये शुरुआत जितनी सुखद है, आपके आने वाले कल की यात्रा भी उतनी ही सृजनात्मक होगी। आपको और सभी देशवासियों को भगवान विश्वकर्मा जयंती की भी हार्दिक शुभकामनाएं।

साथियों,

विश्वकर्मा जयंती, ये कौशल की प्राण प्रतिष्ठा का पर्व है। जैसे मूर्तिकार कोई मूर्ति बनाता है, लेकिन जब तक उसकी प्राण प्रतिष्ठा नहीं होती, वो मूर्ति भगवान का रूप नहीं कहलाती। आज हम सभी के लिए गर्व की बात है कि आज विश्वकर्मा जयंती के दिन, आपके कौशल की प्राण-प्रतिष्ठा हो रही है, आपके कौशल को मान्यता मिल रही है। विश्वकर्मा जयंती सच्चे अर्थ में श्रम करने वाले व्यक्ति का सम्मान है, श्रमिक का दिन है। हमारे यहां श्रमिक के कौशल में ईश्वर का अंश देखा गया है, उसे विश्वकर्मा के रूप में देखा गया है। यानि आपके पास आज जो कौशल है, स्किल है, उसमें भी कहीं ना कहीं ईश्वर का अंश है। मैं समझता हूं कि ये आयोजन भगवान विश्वकर्मा को हमारी एक भावभीनि कौशलांजलि की तरह है। कौशलांजलि कहो या कर्मांजलि कहो, विश्वकर्मा की जयंती से अद्भुत दिवस क्या हो सकता है।

साथियों,

बीते 8 वर्षों में देश ने भगवान विश्वकर्मा की प्रेरणा से अनेक नई योजनाएँ शुरू की हैं, 'श्रम एव जयते' की इस हमारी परंपरा को पुनर्जीवित करने के लिए प्रयास है। आज देश एक बार फिर स्किल को सम्मान दे रहा है, स्किल डेवलपमेंट पर भी उतना ही जोर दे रहा है। इस सदी को भारत की सदी बनाने के लिए बहुत जरूरी है कि भारत के युवा पढ़ाई के साथ ही Skill में भी उतने ही दक्ष हों। इसी सोच के साथ हमारी सरकार ने युवाओं के कौशल विकास और नए संस्थानों के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। हमारे देश में पहला ITI, 1950 में बना था। इसके बाद के सात दशकों में करीब-करीब 10 हजार ITI's बने। हमारी सरकार के 8 वर्षों में देश में करीब-करीब 5 हजार नए ITI's बनाए गए हैं। बीते 8 वर्षों में ITI's में 4 लाख से ज्यादा नई सीटें भी जोड़ी गई हैं। इसके अलावा देशभर में National Skill Training Institutes, Indian Institute of Skills, और हजारों स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स भी खोले गए हैं। स्कूल स्तर पर स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए सरकार, 5 हजार से ज्यादा Skill Hubs भी खोलने जा रही है। देश में जो नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है, उसमें भी Experienced Based Learning को बढ़ावा दिया जा रहा है, स्कूलों में skill courses, introduce किए जा रहे हैं।

ITIs के आप सभी Students के लिए सरकार ने एक और फैसला किया है, जिसका लाभ आप सभी को हो रहा है। 10वीं पास करके ITI's में आने वाले छात्र-छात्राओं को नेशनल ओपन स्कूल के माध्यम से आसानी से 12वीं पास का सर्टिफिकेट भी मिल रहा है। इससे आपको आगे की पढ़ाई में और ज्यादा आसानी होगी। आपके लिए एक और महत्वपूर्ण निर्णय कुछ महीने पहले ही लिया गया है। अब हमारी सेना में ITI's से टेक्नीकल ट्रेनिंग लेकर निकले युवाओं की भर्ती के लिए विशेष प्रावधान है। यानि अब ITI's से निकले युवाओं को सेना में भी उनको मौका मिलेगा।

साथियों,

चौथी औद्योगिक क्रांति, 'इंडस्ट्री 4.0' के इस दौर में, भारत की सफलता में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों- ITI's की भी बड़ी भूमिका है। बदलते हुए समय में Nature of Job भी बदल रहा है इसलिए, सरकार ने इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि हमारी ITI's में पढ़ने वाले Students को हर आधुनिक कोर्स की सुविधा भी मिले। आज कोडिंग से लेकर, Artificial Intelligence, रोबोटिक्स, 3D प्रिटिंग, ड्रोन टेक्नोलॉजी, टेली-मेडिसीन से जुड़े अनेक कोर्स ITI's में शुरू किए गए हैं। आप ये भी देख रहे हैं कि आज भारत किस तरह renewable energy के क्षेत्र में, solar power के क्षेत्र में, electric vehicles के क्षेत्र में लीड ले रहा है। हमारी अनेकों ITI's में इनसे जुड़े कोर्सेस शुरू होने से आप जैसे विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर मिलने में और ज्यादा आसानी होगी।

साथियों,

आज देश में जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी का विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे Job Opportunities भी बढ़ रही हैं। जैसे आज जब देश हर गांव तक ऑप्टिकल फाइबर पहुंचा रहा है, लाखों कॉमन सर्विस सेंटर खोल रहा है, तो ITI's से पढ़कर निकले छात्र-छात्राओं के लिए गांवों में भी ज्यादा से ज्यादा अवसर बन रहे हैं। गांव-गांव में मोबाइल के रिपेयर का काम हो, खेती में नई टेक्नोलॉजी से जुड़े काम हों, ड्रोन से फर्टिलाइजर या दवा छिड़कने का काम हो, ऐसे अनेक नए तरह के रोजगार ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ रहे हैं। इन संभावनाओं का हमारे युवाओं को पूरा लाभ मिले, इसमें ITI's का रोल बहुत अहम है। सरकार इसी सोच के साथ लगातार ITI's को अपग्रेड करने का भी काम कर रही है, समयानुकूल परिवर्तन का प्रयास कर रही है।

साथियों,

स्किल डेवलपमेंट के साथ ही, युवाओं में सॉफ्ट स्किल्स का होना भी उतना ही जरूरी है। ITI's में अब इस पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। बिजनेस प्लान कैसे बनाते हैं, बैंकों से लोन पाने की कौन सी योजनाएं हैं, कैसे जरूरी फॉर्म भरते हैं, कैसे नई कंपनी रजिस्टर करते हैं, इससे जुड़ी जानकारियों को भी आपके कोर्स के साथ ही देने का काम किया जा रहा है। सरकार के इन्हीं प्रयासों का नतीजा है कि आज भारत के पास skill में quality भी आ रही है, और diversity भी है। बीते कुछ समय में हमारे ITI पास-आउट्स को World Skills Competitions में कई बड़े पुरस्कार मिले हैं।

साथियों,

स्किल डेवलपमेंट से जुड़ा एक और पक्ष है, जिसकी चर्चा की जानी उतनी ही आवश्यक है। जब किसी युवा के पास पढ़ाई की शक्ति के साथ ही स्किल की शक्ति भी होती है तो उसका आत्मविश्वास अपने आप बढ़ जाता है। युवा जब स्किल के साथ सशक्त होकर निकलता है, तो उसके मन में ये विचार भी होता है कि कैसे वो अपना काम शुरू करें। स्वरोजगार की इस भावना को सहयोग देने के लिए, आज आपके पास बिना गारंटी लोन दिलाने वाली मुद्रा योजना, स्टार्टअप इंडिया और स्टैंडअप इंडिया जैसी योजनाओं की ताकत भी है। लक्ष्य सामने है, आपको उस दिशा में आगे बढ़ना है। आज देश ने आपका हाथ थामा है, कल आपको देश को आगे लेकर जाना है। जिस तरह आपके जीवन के अगले 25 वर्ष बहुत महत्वपूर्ण हैं, वैसे ही देश के लिए भी अमृतकाल के 25 वर्ष उतने ही महत्वपूर्ण हैं। आप सभी युवा, मेक इन इंडिया और वोकल फॉर लोकल अभियान के कर्णधार हैं। आप भारत के उद्योग जगत की backbone की तरह हैं और इसलिए विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने में, आपकी बहुत बड़ी भूमिका है।

साथियों,

आपको एक और बात याद रखनी है। आज दुनिया के कई बड़े देशों को अपने सपने पूरे करने के लिए, अपनी गति को बनाए रखने के लिए skilled workforce की जरूरत है। आपके लिए देश के साथ ही, विदेश में भी अनेक अवसर इंतजार कर रहे हैं। बदलती हुई वैश्विक परिस्थितियों में, भारत के प्रति दुनिया का विश्वास भी निरंतर बढ़ रहा है। कोरोनाकाल में भी भारत ने साबित किया है कि उसका skilled workforce, उसके युवा, किस तरह बड़ी से बड़ी चुनौतियों के समाधान देने में सक्षम हैं। आज चाहे हेल्थ सर्विसेस हों या होटल-हॉस्पिटल मैनेजमेंट हो, डिजिटल सोल्यूशंस हों, या disaster management का क्षेत्र हो, भारत के युवा अपने स्किल की वजह से, अपने टैलेंट की वजह से हर देश में छा रहे हैं। मुझे याद है, विदेश यात्राओं के दौरान मुझे कितनी ही बार अलग-अलग बड़े नेताओं ने कहा है कि हमारे देश में ये इमारत भारत के लोगों ने बनाई है, ये प्रोजेक्ट भारत के लोगों ने पूरा किया है। आपको इस विश्वास का भी पूरा लाभ उठाना है।

साथियों,

आज मैं आपसे एक और आग्रह करूंगा। आपने आज जो सीखा है, वो आपके भविष्य का आधार जरूर बनेगा, लेकिन आपको भविष्य के हिसाब से अपने कौशल को upgrade भी करना ही पड़ेगा। इसीलिए, बात जब स्किल की होती है, तो आपका मंत्र होना चाहिए- 'स्किलिंग, 'रीस्किलिंग' और 'अपस्किलिंग'। आप जिस किसी भी क्षेत्र में हैं, उसमें क्या कुछ नया हो रहा है, इस पर जरूर नज़र रखें। जैसे अगर किसी ने ऑटोमोबाइल का सामान्य कोर्स किया है तो उसे अब Electric Vehicle के हिसाब से खुद को Re-Skill करना होगा। ऐसे ही हर क्षेत्र में चीजें तेजी से बदल रही हैं। इसलिए आप अपनी स्किल को बदलते समय के हिसाब से upgrade करते रहें, innovate करते रहें। अपने क्षेत्र में कौन सी नई स्किल सीखने से आपके काम की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी, ये जानना भी बहुत जरूरी होता है। इसलिए, नई स्किल भी जरूर सीखें, और अपने ज्ञान को साझा भी करें। मुझे विश्वास है, आप इसी गति से आगे बढ़ेंगे, और अपनी स्किल से, अपने कौशल से, नए भारत के बेहतर भविष्य को दिशा देंगे।

और साथियों एक बात मैं कहना चाहता हूँ कि आप कभी भी अपने आपको कम मत आंकना। भारत के उज्जवल भविष्य के लिए आपका कौशल, आपका सामर्थ्य, आपका संकल्प, आपका समर्पण देश की बहुत बड़ी पूँजी है। मेरे लिए गर्व की बात है कि आज विश्वकर्मा जयंती पर मुझे आप जैसे नौजवानों के साथ, जिनके हाथ में हुनर है, कौशल है और बहुत बड़े सपने हैं, उनसे बात करने का अवसर मिला है। भगवान् विश्वकर्मा का आप पर निरन्तर आशीर्वाद बना रहे, आपका स्किल निरंतर विकसित होता रहे, विस्तारित होता रहे, इसी भावना के साथ, आप सबको अनेक-अनेक शुभकामनाएं।

बहुत बहुत धन्यवाद!

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प्रधानमंत्री 27 अगस्त को 'खेलो इंडिया डायलॉग' में युवाओं को संबोधित करेंगे
August 26, 2026
'खेलो इंडिया डायलॉग' एक ऐसा साझा मंच होगा, जहां खेल, युवा नेतृत्व, नागरिक कर्तव्य, स्वयंसेवा, फिटनेस और राष्ट्र निर्माण का एक साथ संगम देखने को मिलेगा 
खेलो इंडिया डायलॉग के तहत 'युवा संवाद' में पांच मुख्य थीमों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा: खेल, ओलंपिक आकांक्षाएं, युवा नेतृत्व, विकसित भारत और नशामुक्त युवा

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 27 अगस्त को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'खेलो इंडिया डायलॉग' को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को भारत की खेल यात्रा से जोड़ना, उनकी आकांक्षाओं को साझा करना और युवा-नेतृत्व वाले विकसित भारत के निर्माण के लिए उनके विचारों का योगदान प्राप्त करना है।

राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के उत्सव के एक हिस्से के रूप में 'मेरा युवा भारत' (MY भारत) द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रत्येक जिले से दो-दो कॉलेजों के युवाओं की भागीदारी के साथ आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है, जिसमें युवाओं की आकांक्षाओं को राष्ट्रीय विकास के एजेंडे के केंद्र में रखते हुए एक फिट, अनुशासित और खेल-समर्पित राष्ट्र का निर्माण करना शामिल है।

राष्ट्रव्यापी 'खेलो इंडिया डायलॉग' खेल, युवा नेतृत्व, नागरिक जिम्मेदारी, स्वयंसेवा, फिटनेस और राष्ट्र निर्माण को एक साझा मंच पर एक साथ लाएगा। यह युवाओं को देश की खेल संबंधी आकांक्षाओं से सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा, साथ ही यह सुनिश्चित करेगा कि उनके विचार और दृष्टिकोण भारत के युवा व खेल इकोसिस्टम पर चल रही निरंतर चर्चा का हिस्सा बनें।

राष्ट्रीय कार्यक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर संवाद आयोजित किए जाएंगे, जिनमें युवा प्रतिभागी, MY भारत के स्वयंसेवक, स्थानीय खिलाड़ी और जन प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस पहल की एक प्रमुख विशेषता खेल में रुचि रखने वाले युवाओं और भारत के अग्रणी एथलीटों व पदक विजेताओं के बीच सीधा संवाद होगी। इस कार्यक्रम का मुख्य केंद्र 'युवा संवाद' होगा, जहां युवा प्रतिभागियों को अपने विचारों, दृष्टिकोणों और आकांक्षाओं को व्यक्त करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। यह संवाद पांच थीम पर आधारित होगा:

  • बेहतर सुविधाओं, कोचिंग, खेल विज्ञान और समावेशी भागीदारी के माध्यम से भारत के खेल इकोसिस्टम में सुधार करना;
  • वैज्ञानिक तरीकों से प्रतिभा की पहचान, पारदर्शी चयन प्रक्रिया और एथलीटों के लंबे समय तक विकास के जरिए 2036 ओलंपिक के लिए नए खिलाड़ियों को तैयार करना;
  • गवर्नेंस प्लेटफ़ॉर्म और 'मेरा युवा भारत' (MY भारत) के वॉलंटियरिंग अभियानों के ज़रिए नए युवा लीडर्स तैयार करना;
  • नागरिक कर्तव्य भाव, भविष्य के लिए उपयोगी कौशल और व्यवस्थित स्वयंसेवा के माध्यम से विकसित भारत के लिए युवाओं को सशक्त बनाना;
  • 'नशा मुक्त युवा' अभियान को बढ़ावा देने के लिए खेल और साथियों के नेटवर्क का उपयोग किया जा रहा है, ताकि मादक पदार्थों के व्यसन के खिलाफ एक मजबूत लड़ाई लड़ी जा सके। इस पहल को 2 अगस्त 2026 को शुरू किए गए प्रधानमंत्री के 100-सप्ताह के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत आयोजित साप्ताहिक 'जन भागीदारी' कार्यक्रमों से और अधिक बल मिल रहा है।