"मेरे सपनों का भारत" और "भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के गुमनाम नायक" पर चयनित निबंधों का अनावरण किया
प्रधानमंत्री ने एमएसएमई प्रौद्योगिकी केंद्र और ओपन-एयर थिएटर सभागार - पेरुन्थालाईवर कामराजर मणिमंडपम का उद्घाटन किया
“भारत का जन भी युवा है, और भारत का मन भी युवा है; भारत अपने सामर्थ्य से भी युवा है, भारत अपने सपनों से भी युवा है; भारत अपने चिंतन से भी युवा है, भारत अपनी चेतना से भी युवा है”
"भारत अपने युवाओं को डेमोग्राफिक डिविडेंड के साथ-साथ डेवलपमेंट ड्राइवर भी मानता है"
“आज भारत के युवा में अगर श्रम का सामर्थ्य है, तो भविष्य की स्पष्टता भी है; इसीलिए, भारत आज जो कहता है, दुनिया उसे आने वाले कल की आवाज़ मानती है”
“युवा में वो क्षमता होती है कि वो पुरानी रूढ़ियों का बोझ लेकर नहीं चलता है; यही युवा, खुद को, समाज को, नई चुनौतियों के हिसाब से तैयार कर सकता है”
"आज के युवा 'कर सकता हूँ' की भावना से ओतप्रोत हैं, जो हर पीढ़ी के लिये प्रेरणा का स्रोत है”
"भारत के युवा वैश्विक समृद्धि की गाथा लिख रहे हैं"
"नए भारत का मंत्र - प्रतिस्पर्धा करो और जीतो; जुट जाओ और जीतो; जुट जाओ और जंग जीतो”
प्रधानमंत्री ने युवाओं से उन स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में शोध करने और लिखने का आह्वान किया, जिन्हें वह पहचान नहीं मिली जिनके वे हकदार थे

पुदुचेरी के लेफ्टिनेंट गवर्नर तमिल- साई जी, मुख्यमंत्री एन रंगासामी जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी श्री नारायण राणे जी, श्री अनुराग ठाकुर जी, श्री निशीत प्रमाणिक जी, श्री भानु प्रताप सिंह वर्मा जी, पुदुचेरी सरकार के वरिष्ठ मंत्रिगण, सांसद गण, विधायक गण, देश के अन्य राज्यों के मंत्रीगण, और मेरे युवा साथियों ! वणक्कम! आप सभी को राष्ट्रीय युवा दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं !

भारत मां की महान संतान स्वामी विवेकानंद जी को उनकी जयंती पर मैं नमन करता हूं। आज़ादी के अमृत महोत्सव में उनकी जन्मजयंती और अधिक प्रेरणादायी हो गई है। ये वर्ष, दो और वजहों से भी और विशेष हो गया है। हम इसी वर्ष श्री ऑरबिंदो की 150वीं जन्मजयंति मना रहे हैं, और इस साल महाकवि सुब्रमण्य भारती जी की भी 100वीं पुण्य तिथि है। इन दोनों मनीषियों का, पुदुचेरी से खास रिश्ता रहा है। ये दोनों एक दूसरे की साहित्यिक और आध्यात्मिक यात्रा के साझीदार रहे हैं। So, the National Youth Festival being held in पुदुचेरी is dedicated to these great sons of Mother India. Friends, Today in पुदुचेरी, MSME टेक्नोलॉजी सेंटर is Inaugurated. The role of MSME sector is very very important in creating आत्मनिरभर Bharat. बहुत ज़रूरी है कि हमारे MSMEs उस टेक्नॉलॉजी का उपयोग करें जो आज दुनिया को बदल रही हैं। इसलिए देश में आज Technology Centre Systems Program का बहुत बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। पुदुचेरी में बना MSME टेक्नॉलॉजी सेंटर उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

साथियों,

आज पुदुचेरी के युवाओं को कामराज जी के नाम पर मनीमंडप्पम, एक प्रकार का सभागृह, multipurpose use वाला उसका एक और उपहार मिल रहा है। ये सभागृह, कामराज जी के योगदान की याद तो दिलाएगा ही, हमारे युवा टैलेंट को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का एक प्लेटफॉर्म देगा।

साथियों,

आज दुनिया भारत को एक आशा की दृष्टि से, एक विश्वास की दृष्टि से देखती है। क्योंकि, भारत का जन भी युवा है, और भारत का मन भी युवा है। भारत अपने सामर्थ्य से भी युवा है, भारत अपने सपनों से भी युवा है। भारत अपने चिंतन से भी युवा है, भारत अपनी चेतना से भी युवा है। भारत युवा है क्योंकि भारत की दृष्टि ने हमेशा आधुनिकता को स्वीकार किया है, भारत के दर्शन ने परिवर्तन को अंगीकार किया है। भारत तो वो है- जिसकी प्राचीनता में भी नवीनता है। हमारे हजारों साल पुराने वेदों ने कहा है-

"अपि यथा, युवानो मत्सथा, नो विश्वं जगत्, अभिपित्वे मनीषा,॥

यानी, ये युवा ही हैं जो विश्व में सुख से सुरक्षा तक का संचार करते हैं। युवा ही हमारे भारत के लिए, हमारे राष्ट्र के लिए सुख और सुरक्षा के रास्ते अवश्य बनाएँगे। इसीलिए, भारत में जन – जन से जग तक योग की यात्रा हो, Revolution हो या Evolution हो, राह, सेवा की हो या समर्पण की, बात परिवर्तन की हो या पराक्रम की, राह, सहयोग की हो या सुधार की, बात जड़ों से जुड़ने की हो या जग में विस्तार की, ऐसी कोई राह नहीं जिसमें हमारे देश के युवा ने बढ़-चढ़कर हिस्सा ना लिया हो। अगर कभी भारत की चेतना विभाजित होती है तो ऐसे समय शंकर जैसा कोई युवा, आदि शंकरचार्य बनकर देश को एकता के सूत्र में पिरो देता है। जब भारत को अन्याय और अत्याचार से लड़ने की जरूरत होती है तो गुरु गोबिन्द सिंह जी के बेटे युवाओं का बलिदान आज भी रास्ता दिखाते हैं। जब भारत को आज़ादी के लिए क्रांति की जरूरत होती है, तो सरदार भगत सिंह से लेकर चंद्रशेखर आज़ाद और नेताजी सुभाष तक कितने ही युवा देश के लिए अपना सब कुछ अर्पण कर देते हैं। जब भारत को आध्यात्म की, सृजन की शक्ति की जरूरत होती है तो श्री ऑरोबिंदो से लेकर सुब्रमण्य भारती से साक्षात्कार होता है। और, जब भारत को अपना खोया हुआ स्वाभिमान फिर से पाने की, अपने गौरव को दुनिया में फिर से प्रतिष्ठित करने की अधीरता होती है, तो स्वामी विवेकानन्द जैसा एक युवा भारत के ज्ञान से, सनातन आवाहन से दुनिया के मानस को जागृत कर देता है।

साथियों,

विश्व ने इस बात को माना है कि आज भारत के पास दो असीम शक्तियां हैं- एक डेमोग्राफी और दूसरी डेमोक्रेसी। जिस देश के पास जितनी युवा जनसंख्या है, उसके सामर्थ्य को उतना ही बड़ा माना जाता है, उसकी संभावनाओं को उतना ही व्यापक माना जाता है। लेकिन भारत के युवाओं के पास डेमोग्राफिक डिविडेंड के साथ साथ लोकतांत्रिक मूल्य भी हैं, उनका डेमोक्रेटिक डिविडेंड भी अतुलनीय है। भारत अपने युवाओं को डेमोग्राफिक डिविडेंड के साथ साथ डवलपमेंट ड्राइवर भी मानता है। आज भारत का युवा हमारे development के साथ साथ हमारी democratic values को भी लीड कर रहा है। आप देखिए, आज भारत के युवा में अगर टेक्नालजी का charm है, तो लोकतन्त्र की चेतना भी है। आज भारत के युवा में अगर श्रम का सामर्थ्य है, तो भविष्य की स्पष्टता भी है। इसीलिए, भारत आज जो कहता है, दुनिया उसे आने वाले कल की आवाज़ मानती है। आज भारत जो सपने देखता है, जो संकल्प लेता है, उसमें भारत के साथ साथ विश्व का भविष्य दिखाई देता है। और भारत के इस भविष्य का, दुनिया के भविष्य का निर्माण आज हो रहा है। ये ज़िम्मेदारी, ये सौभाग्य आप जैसे करोड़ों – करोड़ों देश के नौजवानों को मिला है। वर्ष 2022 का ये साल, आपके लिए, भारत की युवा पीढ़ी के लिए बहुत अहम है। आज हम 25वां नेशनल यूथ फेस्टिवल मना रहे हैं। ये नेताजी सुभाष बाबु का 125वी जन्मजयंती का वर्ष भी है। और 25 साल बाद देश आजादी के 100 वर्ष भी मनाएगा। यानि 25 का ये संयोग निश्चित रूप से भारत की भव्य-दिव्य तस्वीर बनाने का योग भी है। आजादी के समय जो युवा पीढ़ी थी, उसने देश के लिए अपना सब कुछ कुर्बान करने में एक पल नहीं गवाया था। But today's youth has to live for the country, And fulfill the dreams of our freedom fighters. महर्षि श्री ऑरोबिन्दो ने कहा था -A brave, frank, clean-hearted, courageous and aspiring youth is the only foundation, on which the future nation can be built. उनकी ये बात, आज 21वीं सदी के भारत के युवाओं के लिए जीवन मंत्र की तरह है। आज हम एक राष्ट्र के रूप में, दुनिया के सबसे बड़े युवा देश के रूप में हम एक पड़ाव पर हैं। ये भारत के लिए नए सपनों, नए संकल्पों का पड़ाव है। ऐसे में भारत के युवाओं का सामर्थ्य, भारत को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।

साथियों,

श्री ऑरबिंदो युवाओं के लिए कहा करते थे- It is the young, who must be the builders of the new world. Revolution और Evolution के इर्दगिर्द ही उन्होंने अपने जिस दर्शन को रखा था, वो युवाओं की भी असली पहचान है। यही दो गुण एक वाइब्रेंट नेशन की भी बड़ी ताकत हैं। युवा में वो क्षमता होती है, वो सामर्थ्य होता है कि वो पुरानी रूढ़ियों का बोझ लेकर नहीं चलता, वो उन्हें झटकना जानता है। यही युवा, खुद को, समाज को, नई चुनौतियां, नई डिमांड के हिसाब से evolve कर सकता है, नए सृजन कर सकता है। और आज हम देश में यही होते देख रहे हैं। अब भारत का युवा evolution पर सबसे अधिक फोकस कर रहा है। आज Disruption हो रहा है लेकिन Disruption, Development के लिए हो रहा है। आज भारत का युवा Innovation कर रहा है, समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट हो रहा है। Friends, Today's youth has a "Can Do" spirit which is a source of inspiration for every generation. ये भारत के युवाओं की ही ताकत है कि आज भारत डिजिटल पेमेंट के मामले में दुनिया में इतना आगे निकल गया है। आज भारत का युवा, Global Prosperity के Code लिख रहा है। पूरी दुनिया के यूनिकॉर्न इकोसिस्टम में भारतीय युवाओं का जलवा है। भारत के पास आज 50 हज़ार से अधिक स्टार्ट अप्स का मजबूत इकोसिस्टम है। इसमें से 10 हज़ार से अधिक स्टार्ट अप्स तो कोरोना की चुनौतियों के बीच, बीते 6-7 महीनों में बने हैं। यही भारत के युवाओं की ताकत है, जिसके दम पर हमारे देश Start-Ups के Golden age में प्रवेश कर रहा है।

साथियों,

नए भारत का यही मंत्र है- Compete and Conquer. यानि जुट जाओ और जीतो। जुट जाओ और जंग जीतो। Paralympics में भारत ने जितने मेडल जीते उतने भारत ने अब तक के इतिहास में नहीं जीते थे। ओलंपिक में भी हमारा प्रदर्शन श्रेष्ठ रहा, क्योंकि हमारे युवाओं में जीत का विश्वास पैदा हुआ। हमारे कोविड वैक्सीनेशन प्रोग्राम की सफलता में तो युवाओं की भूमिका, एक अलग ही स्तर पर नजर आई है। हम देख रहे हैं कि किस तरह 15 से 18 वर्ष के युवा तेजी से खुद को वैक्सीन लगवा रहे हैं। इतने कम समय में 2 करोड़ से ज्यादा बच्चों का टीकाकरण हो चुका है। मैं आज के किशोरों में जब कर्तव्य निष्ठा के दर्शन करता हूं तो देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए मेरा विश्वास और दृढ़ जाता है। ये हमारे किशोर 15 से 18 साल के बाल साथियों ने जो sense of responsibility है, और ये पूरे कोरोना काल में भारत के युवाओं में दिखी है।

साथियों,

सरकार का प्रयास है कि युवाओं की इसी ताकत के लिए उन्हें स्पेस मिले, सरकार का दखल कम से कम हो। सरकार की कोशिश उन्हें सही माहौल देने का है, संसाधन देने की है, उनका सामर्थ्य बढ़े, इसकी व्यवस्था बनाने की है। डिजिटल इंडिया के माध्यम से सरकारी प्रक्रियाओं को सरल करना, हज़ारों compliances के बोझ से मुक्ति, इसी भावना को बल देती है। मुद्रा, स्टार्ट अप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया ऐसे अभियानों से युवाओं को बहुत मदद मिल रही है। स्किल इंडिया, अटल इनोवेशन मिशन और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, युवाओं के सामर्थ्य को बढ़ाने का ही प्रयास है।

साथियों,

हम जानते हैं कि बेटे-बेटी एक समान हैं। इसी सोच के साथ सरकार ने बेटियों की बेहतरी के लिए शादी की उम्र को 21 साल करने का निर्णय लिया है। बेटियां भी अपना करियर बना पाएं, उन्हें ज्यादा समय मिले, इस दिशा में ये एक बहुत महत्वपूर्ण कदम है।

साथियों,

आज़ादी के इस अमृतकाल में अपने राष्ट्रीय संकल्पों की सिद्धि हमारे आज के एक्शन से तय होगी। ये एक्शन हर स्तर पर, हर सेक्टर के लिए बहुत ज़रूरी हैं। Can we work with a mission to promote Vocal for Local? शॉपिंग करते समय आपकी चॉइस में किसी भारतीय के श्रम की, भारतीय मिट्टी की महक हो, इस बात को कभी मत भुलना हर बार इसी तराजु पर चीजों को तोलना और कुछ भी खरीद करने के निर्णय से पहले इस तराजु से तोलकर के देखें कि उसमे मेरे देश के मजदूर के पसीने की महक है कि नहीं है। उसमे श्री ऑरबिंदों श्री विवेकानंद ऐसे महापुरुषों ने जिस मिट्टी को मां के समान माना है। उस भारत मां की मिट्टी की महक है कि नहीं है। Vocal for Local, हमारी बहुत समस्याओं का समाधान आत्मनिर्भरता में है। हमारे देश में बनी हुई चीजों को खरीदने में है। रोजगार भी उसी से पैदा होने वाला है। अर्थव्यवस्था भी उसी से तेज गति से बढ़ने वाली है। देश के गरीब से गरीब को सम्मान भी उसी से प्राप्त होने वाला है। और इसलिए Vocal for Local हमारे देश का नौजवान उसे अपना जीवन मंत्र बना ले। तो आप कल्पना कर सकते हैं आजादी के 100 साल कैसे भव्य होंगे कैसे दिव्य होंगे। सामर्थ्य से भरे हुए होंगे। संक्लपों की सिद्धी के पल होंगे।

साथियों,

हर बार एक विषय में अवश्य कहता हूं। दोबारा कहना चाहुंगा, और आप लोगों के बीच कहने का मन इसलिए करता है। क्योंकि आप लोगों ने इसपे लीडरशीप ली है, और वो है स्वच्छता। स्वच्छता को भी लाइफ स्टाइल का हिस्सा बनाने में आप सभी नौजवानों का बहुत बड़ा योगदान अहम है। आज़ादी की लड़ाई में हमारे ऐसे अनेक सेनानी रहे हैं, जिनके योगदान को वो पहचान नहीं मिल पाई, जिसके वो हकदार थे। उनके त्याग, तपस्या, बलिदान कोई कमी नहीं थी, लेकिन उन्हे वो हक नहीं मिला। ऐसे व्यक्तियों के बारे में हमारे युवा जितना ज्यादा लिखेंगे, रिसर्च करेंगे, इतिहास के उन पन्नों को खोज – खोजकर के निकालेंगे। उतना ही देश की आने वाली पीढ़ियों में जागरूकता बढ़ेगी। हमारे स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास अधिक तन्दुरुस्त होगा, अधिक सशक्त होगा, अधिक प्रेरक होगा।

साथियों,

पुदुचेरी एक भारत-श्रेष्ठ भारत का खूबसूरत उदाहरण है। भिन्न भिन्न क्षेत्रों से अलग-अलग धाराएं आकर इस स्थान को एकीकृत पहचान देती हैं। यहां जो संवाद होगा, वो एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को और सुदृढ़ करेगा। आपके विचारों से कुछ नया भाव निकले और जो कुछ नई चीज़ें आप यहाँ से सीखकर जाएं, वो बरसों-बरस तक राष्ट्रसेवा की प्रेरणा बनेंगे। I have full faith in the National Youth Festival and this will show the way to achieve our aspirations.

साथियों,

ये त्योहारों का भी समय है। अनगिनत त्योहार, हिन्दुस्तान के हर कोने में त्योहार। कहीं मकर सक्रांति, कहीं लोहड़ी, कहीं पोंगल, कहीं उत्तरायण, कहीं बीहू, ऐसे सभी त्योहारों की आप सबको अग्रिम शुभकामनाएं। कोरोना से पूरी सावधानी और सतर्कता के साथ हमें त्योहार मनाने हैं। आप खुश रहें, स्वस्थ रहें। बहुत-बहुत शुभकामनाएं। धन्यवाद !

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February 26, 2026
It is the first in a series of Post Budget Webinars being organised on key themes emerging from the Union Budget

Prime Minister Shri Narendra Modi will address the Post Budget Webinar on “Technology, Reforms and Finance for Viksit Bharat” on 27th February at around 11:30 AM via video conferencing. The webinar will entail discussions on public capex, infrastructure, banking sector reforms, financial sector architecture, deepening capital markets, and ease of living through tax reforms.

The webinar is the first in a series of Post Budget Webinars being organised on key themes emerging from the Union Budget 2026–27. These webinars aim to draw lessons from past experiences and obtain structured feedback from participants to strengthen and ensure outcome-oriented implementation of the Budget announcements for FY 2026-27, drawing upon the practical experience and insights of diverse stakeholders. They will bring together stakeholders from industry, financial institutions, market participants, Government, industry regulators and academia to deliberate on effective implementation pathways for key Budget announcements.