ग्लोबल ट्रेड शो का उद्घाटन किया और इन्वेस्ट यूपी 2.0 लॉन्च किया
उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व और उत्तर प्रदेश में विकास के अवसरों की सराहना की
"अब उत्तर प्रदेश की पहचान सुशासन, बेहतर कानून व्यवस्था, शांति और स्थिरता से होती है"
“आज यूपी आशा और प्रेरणा का स्रोत बन गया है”
"देश का हर नागरिक विकास के पथ पर चलना चाहता है और एक 'विकसित भारत' देखना चाहता है"
"आज, भारत बाध्यता से नहीं, संकल्प के साथ सुधार कर रहा है"
“जब अभिनव मूल्य और आपूर्ति-श्रृंखला विकसित करने की बात आती है तो उत्तर प्रदेश एक चैंपियन के रूप में दिखाई देता है”
“डबल इंजन सरकार का संकल्प और उत्तर प्रदेश की संभावनाएं, इससे अच्छी साझेदारी नहीं हो सकती”

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जी, ब्रजेश पाठक जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे वरिष्ठ सहयोगी और यही लखनऊ के प्रतिनिधि श्रीमान राजनाथ सिंह जी, विभिन्न देशों से आए सभी वरिष्ठ महानुभाव, यूपी के सभी मंत्रीगण और ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में पधारे इंडस्ट्री जगत के सम्मानीय सदस्य, global investor fraternity, पॉलिसी मेकर्स, कॉरपोरेट लीडर्स, देवियों और सज्जनों!

आप सभी का ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में बहुत-बहुत स्वागत है। आप सोच रहे होंगे कि मैं मुख्य अतिथि होने पर भी ये स्वागत की जिम्मेदारी क्यों उठा रहा हूं, ये इसलिए क्योंकि मेरी एक और भूमिका भी है। आप सबने मुझे भारत के प्रधानमंत्री के साथ-साथ उत्तर प्रदेश का सांसद भी बनाया है। उत्तर प्रदेश के प्रति मेरा एक विशेष स्नेह है और यूपी के लोगों के प्रति मेरी एक विशेष जिम्मेदारी भी है। मैं आज उस दायित्व को भी निभाने के लिए आज इस समिट का हिस्सा बना हूं। और इसलिए मैं देश-विदेश से यूपी आने वाले आप सभी investors का अभिनंदन करता हूं, स्वागत करता हूं।

साथियों,

उत्तर प्रदेश की धरती अपने सांस्कृतिक वैभव, गौरवशाली इतिहास और समृद्ध विरासत के लिए जानी जाती है। इतना सामर्थ्य होने के बावजूद, यूपी के साथ कुछ बातें जुड़ गई थीं। लोग कहते थे, यूपी का विकास होना मुश्किल है। लोग कहते थे, यहां कानून व्यवस्था सुधरना नामुमकिन है। यूपी बीमारू राज्य कहलाता था, यहां आए दिन हजारों करोड़ के घोटाले होते थे। हर कोई यूपी से अपनी उम्मीदें छोड़ चुका था। लेकिन सिर्फ 5-6 साल के भीतर यूपी ने अपनी एक नई पहचान स्थापित कर ली है और डंके की चोट पर कर दी है। अब यूपी को सुशासन से, Good Governance से पहचाना जा रहा है। अब यूपी की पहचान बेहतर कानून-व्यवस्था, शांति और स्थिरता के लिए है। अब यहां wealth creators के लिए नित्य नए अवसर बन रहे हैं। बीते कुछ वर्षों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर उत्तर प्रदेश के इस इंफ्रास्ट्रक्चर की जो पहल है, उसके परिणाम नज़र आ रहे हैं। बिजली से लेकर कनेक्टिविटी तक हर क्षेत्र में सुधार आया है। बहुत जल्द यूपी देश के उस इकलौते राज्य के तौर पर भी जाना जाएगा, जहां 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स हैं। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से यूपी सीधे समुद्र से जुड़ रहा है गुजरात और महाराष्ट्र के पोर्ट्स से कनेक्ट होता जा रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ यूपी में सरकारी सोच और अप्रोच में ease of doing business के लिए सार्थक बदलाव आया है।

साथियों,

आज यूपी एक आशा, एक उम्मीद बन चुका है। भारत अगर आज दुनिया के लिए Bright spot है, तो यूपी भारत की ग्रोथ को drive करने वाला एक अहम नेतृत्व दे रहा है।

साथियों,

आप सभी इंडस्ट्री के दिग्गज यहां हैं। आप में से अधिकतर को एक लंबा अनुभव भी है। दुनिया की वर्तमान स्थिति भी आप सभी से छिपी नहीं है। आप भारत की इकॉनॉमी के आज के सामर्थ्य और यहां के macro और micro economic fundamentals को भी बहुत बारीकी से देख रहे हैं। आखिर pandemic और war के shock से बाहर निकलकर भारत fastest growing economy कैसे बना है? आज दुनिया की हर credible voice ये मानती है कि भारत की अर्थव्यवस्था ऐसे ही तेजी से आगे बढ़ती रहेगी। आखिर ऐसा क्या हुआ कि वैश्विक संकट के इस दौर में भारत ने ना सिर्फ रेसिलिएंस दिखाया, बल्कि recovery भी उतनी ही तेजी से की।

साथियों,

इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है भारतीयों का खुद पर बढ़ता भरोसा, खुद पर आत्मविश्वास। आज भारत के youth की सोच में, भारत के समाज की सोच और aspirations में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। आज भारत का हर नागरिक, ज्यादा से ज्यादा विकास होते देखना चाहता है। वो अब भारत को जल्द से जल्द विकसित होते देखना चाहता है। भारत के समाज की aspirations, आज सरकारों को भी push कर रही है और यही aspirations विकास के कार्यों में भी गति ला रही है।

और साथियों,

मत भूलिए कि आज आप जिस राज्य में बैठे हैं, उसकी आबादी करीब-करीब 25 करोड़ है। दुनिया के बड़े-बड़े देशों से भी ज्यादा सामर्थ्य, अकेले उत्तर प्रदेश में है। पूरे भारत की तरह ही आज यूपी में एक बहुत बड़ी aspirational society आपका इंतजार कर रही है।

साथियों,

आज भारत में सोशल, फिजिकल और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर जो काम हुआ है, उसका बड़ा लाभ यूपी को भी मिला है। इस कारण आज यहां समाज socially and financially बहुत अधिक Inclusive हो चुका है, कनेक्टेड हो चुका है। एक मार्केट के रुप में भारत अब सीमलेस हो रहा है, सरकारी प्रक्रियाएं भी सरल हो रही हैं। मैं अक्सर कहता हूं कि आज भारत out of compulsion नहीं, बल्कि out of conviction reform करता है। यही कारण है कि भारत 40 हज़ार से अधिक compliances को खत्म कर चुका है, दर्जनों पुराने कानूनों को खत्म कर चुका है।

साथियों,

आज भारत सही मायने में स्पीड और स्केल के रास्ते पर चल पड़ा है। एक बहुत बड़े वर्ग की बेसिक ज़रूरतों को हमने पूरा कर लिया है, इसलिए वो एक लेवल ऊपर की सोचने लगा है, आगे की सोचने लगा है। यही भारत पर भरोसे का सबसे बड़ा कारण है।

साथियों,

कुछ दिन पहले भारत सरकार का जो बजट आया है, उसमें भी आपको यही कमिटमेंट साफ-साफ दिखेगा। इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड खर्च आज सरकार कर रही है और हर वर्ष इसको हम बढ़ा रहे हैं। इसलिए आज आपके लिए infrastructure में investment के नए मौके बन रहे हैं। आज आपके लिए Health, Education, Social Infrastructure में investment के भी अनेक अवसर हैं। ग्रीन ग्रोथ के जिस रास्ते पर भारत चल पड़ा है, उसमें तो मैं आपको विशेष रूप से आमंत्रित करता हूं। इस वर्ष के बजट में 35 हज़ार करोड़ रुपए तो हमने सिर्फ एनर्जी ट्रांजिशन के लिए रखे हैं, ये दिखाता है कि हमारा इरादा क्या है। मिशन ग्रीन हाइड्रोजन हमारे इसी इरादे को बुलंद करता है। इस बजट में इससे जुड़ा पूरा इकोसिस्टम विकसित करने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ट्रांसफॉर्मेशन के लिए एक नई सप्लाई और वैल्यू चेन हम विकसित कर रहे हैं।

साथियों,

मुझे खुशी है कि नई वैल्यू और सप्लाई चेन विकसित करने के लिए यूपी आज एक नया चैंपियन बनकर उभर रहा है। परंपरा और आधुनिकता से जुड़े उद्योगों का, MSMEs का एक बहुत ही सशक्त नेटवर्क आज उत्तर प्रदेश में vibrant है। यहां भदोही के कालीन और बनारसी सिल्क है। भदोही कार्पेट क्लस्टर और वाराणसी सिल्क क्लस्टर भी और उसकी वजह से यूपी भारत का टेक्सटाइल हब है। आज, भारत के कुल मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में 60 percent से भी ज्यादा मोबाइल अकेले उत्तर प्रदेश में होता है। मोबाइल कंपोनेंट की सबसे ज्यादा मैन्युफैक्चरिंग भी यूपी में ही होती है। अब देश के दो डिफेंस कॉरिडोर्स में से एक यूपी में बन रहा है। यूपी डिफेंस कॉरिडोर पर तेज़ी से काम चल रहा है। आज मेड इन इंडिया defense equipments की डिमांड निरंतर बढ़ रही है। भारतीय सेना को भी हम अधिक से अधिक मेड इन इंडिया डिफेंस सिस्टम, डिफेंस प्लेटफॉर्म्स देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। और इस महान काम का नेतृत्व इसी लखनऊ की धरती के हमारे कर्मवीर राजनाथ सिंह जी संभाल रहे हैं। ऐसे समय में जब भारत एक वाइब्रेंट डिफेंस इंडस्ट्री का विकास कर रहा है, तो first mover advantage आपको ज़रूर लेना चाहिए।

साथियों,

उत्तर प्रदेश में तो Dairy, Fisheries, Agriculture और Food Processing सेक्टर में अनेक संभावनाएं हैं। फल और सब्जियों को लेकर उत्तर प्रदेश में बहुत डायवर्सिटी है। ये एक ऐसा सेक्टर है, जिसमें अभी भी प्राइवेट सेक्टर की हिस्सेदारी बहुत सीमित है। आपको जानकारी होगी कि फूड प्रोसेसिंग के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम लेकर हम आए हैं। इसका लाभ आपको ज़रूर उठाना चाहिए।

साथियों,

आज सरकार का ये प्रयास है कि इनपुट से लेकर पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट तक, एक आधुनिक व्यवस्था किसानों के लिए बने। छोटे इन्वेस्टर्स, Agri Infra Fund का उपयोग कर सकते हैं। इसी प्रकार देश भर में एक बहुत बड़ी स्टोरेज कैपेसिटी विकसित करने के लिए बजट में हमने प्रावधान किया है। ये भी छोटे निवेशकों के लिए बहुत बढ़िया मौका है।

साथियों,

आज भारत का बहुत अधिक हमारा फोकस क्रॉप डायवर्सिफिकेशन पर है, छोटे किसानों को ज्यादा साधन देने और उनकी इनपुट कॉस्ट घटाने पर है। इसलिए नैचुरल फार्मिंग की तरफ हम तेज़ी से बढ़ रहे हैं। यहां यूपी में गंगा के किनारे दोनों तरफ 5 किलोमीटर क्षेत्र में नैचुरल फार्मिंग शुरु हो गई है। अब इस वर्ष के बजट में हमने किसानों की मदद के लिए 10 हज़ार बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर्स बनाने की घोषणा की है। ये नैचुरल फार्मिंग को और अधिक प्रोत्साहित करेगा। इसमें भी private entrepreneurs के लिए इन्वेस्टमेंट की अनेक संभावनाएं हैं।

साथियों,

भारत में एक और नया अभियान हमारे मिलेट्स को लेकर के शुरू हुआ है। भारत के ये मिलेट्स आमतौर पर लोगों की भाषा में उसको मोटा अनाज कहते हैं। अब उसकी कई varieties हैं, विश्व बाजार में उसकी एक पहचान बने, इसके लिए आपने बजट में सुना होगा हमने इस मिलेट्स को मोटे अनाज को एक नया नाम दिया है- श्री अन्न, ये श्री अन्न जिसमें nutrition value बहुत अधिक है, ये सुपर फुड है। जैसा श्रीफल का माहात्म्य है, वैसा ही श्री अन्न का भी माहात्म्य बनने वाला है। हमारा ये प्रयास है कि भारत का श्री अन्न ग्लोबल न्युट्रिशन सिक्योरिटी को एड्रेस करे। दुनिया इस वर्ष को International Year of Millets के रूप में भी मना रही है। इसलिए एक तरफ हम किसानों को श्री अन्न के उत्पादन के लिए मोटिवेट कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इसके लिए ग्लोबल मार्केट का भी विस्तार कर रहे हैं। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर से जुड़े साथी Ready to Eat और Ready to cook श्री अन्न के प्रोडक्ट्स में संभावनाएँ तलाश सकते हैं और मानव जाति की बड़ी सेवा भी कर सकते हैं।

साथियों,

उत्तर प्रदेश में एक और विषय में बहुत प्रशंसनीय काम हुआ है। ये काम एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट से जुड़ा है। महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष यूनिवर्सिटी, अटल बिहारी वाजपेयी हेल्थ यूनिवर्सिटी, राजा महेन्द्र प्रताप सिंह यूनिवर्सिटी, मेजर ध्यानचन्द स्पोटर्स यूनिवर्सिटी, ऐसे अनेक संस्थान अलग-अलग स्किल्स के लिए युवाओं को तैयार करेंगे। मुझे बताया गया है कि स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत अभी तक यूपी के 16 लाख से अधिक युवाओं को अलग-अलग स्किल्स में trained किया गया है। यूपी सरकार ने पीजीआई लखनऊ, आईआईटी कानपुर में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से जुड़े कोर्सेज भी शुरु किए हैं। और मैं जब अभी आ रहा था, तो शिक्षा जिनके जिम्मे होती है, हमारी गवर्नर साहेबान चांसलर के रूप में वो काम देखती है उन्होंने मुझे बताया कि उत्तर पद्रेश के लिए बड़े गर्व की बात है कि net-accreditation में इस बार उत्तर प्रद्रेश की 4 यूनिवसिर्टीज ने हिन्दुस्तान को अपना लोहा मनवा दिया है। मैं शिक्षा जगत से जुड़े लोगों को और चांसलर मैडम को ह्दय से अभिनंदन करता हूं। देश के स्टार्ट अप रेवोल्यूशन में भी यूपी की भूमिका लगातार बढ़ रही है। आने वाले कुछ वर्षों में 100 incubators और तीन State-of-the-Art Centres को स्थापित करने का लक्ष्य यूपी सरकार ने रखा है। यानि यहां आने वाले इंवेस्टर्स को टेलेंटेड और स्किल्ड युवाओं का एक बहुत बड़ा पूल भी मिलने जा रहा है।

साथियों,

एक तरफ डबल इंजन सरकार का इरादा, और दूसरी तरफ संभावनाओं से भरा उत्तर प्रदेश, इससे बेहतर पार्टनरशिप हो ही नहीं सकती। ये जो समय है, इसको हमें गंवाना नहीं चाहिए। भारत की समृद्धि में दुनिया की समृद्धि निहित है। भारत के उज्ज्वल भविष्य में दुनिया के उज्ज्वल भविष्य की गांरटी पड़ी है। समृद्धि की इस यात्रा में आप सबकी भागीदारी बहुत ही महत्वपूर्ण है। ये निवेश सबके लिए शुभ हो, मंगल हो। इसी कामना के साथ investment के लिए आगे आए हुए देश और दुनिया के सभी Investors को मैं अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं और उत्तर प्रदेश के एमपी के नाते मैं आपको भरोसा देता हूं कि उत्तर पद्रेश की आज की सरकार, उत्तर प्रदेश की आज की bureaucracy प्रगति की राह पर दृढ़ संकल्प होकर के चल पड़ी है वो आपके सपनों को साकार करने के लिए, आपके संकल्पों को सिद्ध करने के लिए पूरे सामर्थ्य के साथ अग्रदूत बनकर के आपके साथ खड़ी है, इसी विश्वास के साथ मैं फिर एक बार देश और दुनिया के investors को हमारे उत्तर प्रदेश की धरती पर निमंत्रण करता हूं, स्वागत करता हूं।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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आपने सिर्फ पदकों की संख्या ही नहीं बढ़ाई, बल्कि पूरी पीढ़ी को तैयार किया: CWG चैंपियंस से पीएम मोदी
August 10, 2026

प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।

प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?

खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।

प्रधानमंत्री – पक्का।

खिलाड़ी – हाँ जी।

खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।

प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।

खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।

प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया

प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।

खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।

प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।

खिलाड़ी – हाँ सर।

प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?

खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।

प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।

खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।

प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?

खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।

प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।

खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।

प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।

खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।

प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।

खिलाड़ी – पर..

प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।

खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।

खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।

प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।

प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?

खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।

प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?

खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।

प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।

खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।

प्रधानमंत्री – ठीक है।

खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।

प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।

खिलाड़ी – थैंक यू सर।

प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।

खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…

प्रधानमंत्री – बहुत बधाई वाह।

प्रधानमंत्री – मुस्कुराओ यार ।

प्रधानमंत्री – जो खेलेगा वो खिलेगा।