“बीते 7 सालों में हम कैसे सरकार को दिल्ली के बंद कमरों से निकालकर देश के कोने-कोने में ले आए हैं, महोबा उसका साक्षात गवाह है”
“किसानों को हमेशा समस्याओं में उलझाए रखना ही कुछ राजनीतिक दलों का आधार रहा है; ये समस्याओं की राजनीति करते हैं और हम समाधान की राष्ट्रनीति करते हैं”
“पहली बार बुंदेलखंड के लोग, यहां के विकास के लिए काम करने वाली सरकार को देख रहे हैं; पिछली सरकारें उत्तर प्रदेश को लूटते नहीं थकती थीं, हम काम करते-करते नहीं थकते हैं”
“परिवारवादियों की सरकारें किसानों को सिर्फ अभाव में रखना चाहती थीं; वो किसानों के नाम से घोषणाएं करते थे, लेकिन किसान तक पाई भी नहीं पहुंचती थी”
"बुंदेलखंड की प्रगति के लिए कर्म योगियों की डबल-इंजन वाली सरकार अथक प्रयास कर रही है"

भारत माता की, जय!

भारत माता की, जय!

जौन महोबा की धरा में, आल्हा-ऊदल और वीर चंदेलों की वीरता कण-कण में माई है, वा महोबा के वासियन को, हमाओ, कोटि-कोटि प्रनाम पौंचे।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी, यूपी के लोकप्रिय कर्मयोगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे सहयोगी श्री गजेंद्र सिंह शेखावत जी, यूपी सरकार में मंत्री डॉक्टर महेंद्र सिंह जी, श्री जीएस धर्मेश जी, संसद में मेरे साथी आर के सिंह पटेल जी, श्री पुष्पेंद्र सिंह जी, यूपी विधान परिषद और विधानसभा के साथी श्री स्वतंत्रदेव सिंह जी, श्री राकेश गोस्वामी जी, अन्य जनप्रतिनिधिगण और यहां पधारे मेरे प्यारे भाइयों और बहनों!!

महोबा की ऐतिहासिक धरती पर आकर, एक अलग ही अनुभूति होती है। इस समय देश, देश की आजादी और राष्ट्र निर्माण में जनजातीय साथियों के योगदान को समर्पित जनजातीय गौरव सप्ताह भी मना रहा है। इस समय पर वीर आल्हा और ऊदल की पुण्य भूमि पर आना, ये मेरे लिए बहुत बड़ा सौभाग्य है। गुलामी के उस दौर में भारत में एक नई चेतना जगाने वाले गुरुनानक देव जी का आज प्रकाश पर्व भी है। मैं देश और दुनिया के लोगों को गुरु पूरब की भी अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं। आज ही भारत की वीर बेटी, बुंदेलखंड की शान, वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की जयंती भी है। इस कार्यक्रम के बाद मैं झांसी भी जाऊंगा। डिफेंस का एक बहुत बड़ा कार्यक्रम वहां चल रहा है।

भाइयों और बहनों,

बीते 7 सालों में हम कैसे सरकार को दिल्ली के बंद कमरों से निकालकर देश के कोने-कोने में ले आए हैं, महोबा उसका साक्षात गवाह है। ये धरती ऐसी योजनाओं, ऐसे फैसलों की साक्षी रही है, जिन्होंने देश की गरीब माताओं-बहनों-बेटियों के जीवन में बड़े और सार्थक बदलाव किए हैं। कुछ महीने पहले ही, यहां से पूरे देश के लिए उज्जवला योजना के दूसरे चरण की शुरुआत की गई। मुझे याद है, कुछ साल पहले मैंने महोबा से ही देश की करोड़ों मुस्लिम बहनों से वादा किया था कि कि मैं मुस्लिम बहनों को तीन तलाक की परेशानी से मुक्ति दिलाकर रहूंगा। महोबा में किया वो वायदा, पूरा हो चुका है।

भाइयों और बहनों,

अब अब आज मैं यहां बुंदेलखंड की बहनों और और मेरे प्‍यारे किसान भाइयों-बहनों को बहुत बड़ी सौगात सौंपने आया हूं। आज अर्जुन सहायक परियोजना, रतौली बांध परियोजना, भावनी बांध परियोजना और मझगांव चिल्ली स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजना का लोकार्पण करने का मुझे सौभाग्‍य मिला है। 3 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनी इन परियोजनाओं से महोबा के लोगों के साथ ही हमीरपुर, बांदा और ललितपुर जिले के भी लाखों लोगों को, लाखों किसान परिवारों को लाभ होगा। इनसे 4 लाख से अधिक लोगों को पीने का शुद्ध पानी भी मिलेगा। पीढ़ियों से जिस पानी का इंतजार था, वो इंतजार आज समाप्त होने जा रहा है।

साथियों,

आपका उत्‍साह मेरे सिर-आंखों पर। आपका प्‍यार मेरे लिए बहुत कुछ है लेकिन मेरी प्रार्थना है कि देखिए आगे जगह नहीं है, आप आगे मत आने की कोशिश करिए, और वहां भी थोड़ा शांति रखिए।

साथियो,

गुरु नानक देव जी ने कहा है-

पहलां पानी जीओ है, जित हरिया सभ कोय!!

यानि, पानी को हमेशा प्राथमिकता देनी चाहिए क्योंकि पानी से ही सारी सृष्टि को जीवन मिलता है। महोबा सहित ये पूरा क्षेत्र तो सैकड़ों वर्ष पहले जल संरक्षण और जल प्रबंधन का एक उत्तम मॉडल हुआ करता था। बुंदेल, परिहार और चंदेल राजाओं के काल में यहां तालों-तालाबों पर जो काम हुआ, वो आज भी जल संरक्षण का एक बेहतरीन उदाहरण है। सिंध, बेतवा, धसान, केन और नर्मदा जैसी नदियों के पानी ने बुंदेलखंड को समृद्धि भी दी, प्रसिद्धि भी दी। यही चित्रकूट, यही बुंदेलखंड है, जिसने वनवास में भी प्रभु राम का साथ दिया, यहां की वन संपदा ने भी उन्हें आशीर्वाद दिया।

लेकिन साथियों,

सवाल ये कि समय के साथ यही क्षेत्र पानी की चुनौतियों और पलायन का केंद्र कैसे बन गया? क्यों इस क्षेत्र में लोग अपनी बेटी को ब्याहने से कतराने लगे, क्यों यहां की बेटियां पानी वाले क्षेत्र में शादी की कामना करने लगीं। इन सवालों के जवाब महोबा के लोग, बुंदेलखंड के लोग बहुत अच्‍छी तरह जानते हैं।

दिल्ली और उत्तर प्रदेश में लंबे समय तक शासन करने वालों ने बारी-बारी से इस क्षेत्र को उजाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यहां के जंगलों को, यहां के संसाधनों को कैसे माफिया के हवाले किया गया, ये किसी से छिपा नहीं है। और अब देखिए, जब इन्हीं माफियाओं पर यूपी में बुलडोजर चल रहा है, तो कुछ लोग हायतौबा मचा रहे हैं। ये लोग कितनी भी तौबा मचा लें, यूपी के विकास के काम, बुंदेलखंड के विकास के काम, रुकने वाले नहीं हैं।

साथियों,

इन लोगों ने बुंदेलखंड के साथ जैसा बर्ताव किया, उसे यहां के लोग कभी भी भूल नहीं सकते। नलकूप, हैंडपंप की बातें तो बहुत हुईं लेकिन पहले की सरकारों ने ये नहीं बताया कि भू-जल के अभाव में उससे पानी कैसे आएगा? ताल-तलैया के नाम पर फीते बहुत काटे लेकिन हुआ क्या, मुझसे बेहतर आप जानते हैं। बांधों, तालाबों के नाम पर खुदाई की योजनाओं में कमीशन, सूखा राहत में घोटाले, बुंदेलखंड को लूटकर पहले की सरकार चलाने वालों ने अपने परिवार का भला किया। आपका परिवार बूंद-बूंद के लिए तरसता रहे, इससे उनको कोई सरोकार नहीं रहा।

भाइयों और बहनों,

इन्होंने कैसे काम किया, इसका एक उदाहरण ये अर्जुन सहायक परियोजना है। वर्षों तक ये परियोजना लटकी रही, अधूरी पड़ी रही। 2014 के बाद जब मैंने देश में ऐसी लटकी हुई परियोजनायें, ऐसी लटकी हुई सिंचाई योजनाओं का रिकॉर्ड मंगवाना शुरू किया। अर्जुन सहायक परियोजना जल्द से जल्द पूरी हो, इसके लिए भी उस समय की यूपी सरकार से कई बार चर्चा की, अनेक स्‍तर पर चर्चा की। लेकिन बुंदेलखंड के इन गुनहगारों ने, यहां सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।

2017 में योगी जी की सरकार बनने के बाद आखिरकार, इस परियोजना पर काम की गति बढ़ाई गई। और आज ये परियोजना आपको, बुंलेदखंड के लोगों को समर्पित है। दशकों तक बुंदेलखंड के लोगों ने लूटने वाली सरकारें देखीं हैं। पहली बार बुंदेलखंड के लोग, यहां के विकास के लिए काम करने वाली सरकार देख रहे हैं। बुंदेलखंड के मेरे भाइयो-बहनों, इस कटु सत्‍य को कोई भुला नहीं सकता है कि वो उत्तर प्रदेश को लूटकर नहीं थकते थे और हम काम करते-करते नहीं थकते हैं।

साथियों,

किसानों को हमेशा समस्याओं में उलझाए रखना ही कुछ राजनीतिक दलों का आधार रहा है। ये समस्याओं की राजनीति करते हैं और हम समाधान की राष्‍ट्रनीति करते हैं। केन-बेतवा लिंक का समाधान भी हमारी ही सरकार ने निकाला है, सभी पक्षों से संवाद करके रास्ता निकाला है। केन-बेतवा लिंक से भी भविष्य में यहां के लाखों किसानों को लाभ होने वाला है। योगी जी की सरकार ने बीते साढ़े 4 साल के दौरान बुंदेलखंड में पानी की अनेकों परियोजनाओं पर काम शुरू करवाया है। आज मसगांव-चिल्ली स्प्रिंकलर योजना जैसी आधुनिक तकनीक का लोकार्पण, सिंचाई में आ रही आधुनिकता को दिखाता है।

साथियों,

मैं जिस गुजरात से आता हूं, वहां की जमीनी हकीकत, जो पहले के गुजरात के हालात थे, वो परिस्थितियां बुंदेलखंड से जरा भी अलग नहीं थीं। और इसलिए मैं आपकी परेशानियों को समझता हूं, आपकी तकलीफ को समझता हूं। मां नर्मदा के आशीर्वाद से, सरदार सरोवर बांध के आशीर्वाद से, आज गुजरात में कच्‍छ तक रेगिस्तान में भी पानी पहुंच रहा है। जैसी सफलता हमने गुजरात में पाई, वैसी ही सफलता, बुंदेलखंड में पाने के लिए हम दिन रात जुटे हुए हैं। भाइयो-बहनों जैसे बुंदेलखंड में से पलायन होता है ना, मेरे गुजरात में भी कच्‍छ में लगातार पलायन होता था। देश में जनसंख्‍या बढ़ती थी, कच्‍छ जिले में कम होती जाती थी। लोग कच्‍छ छोड़-छोड़कर चले जाते थे। लेकिन जब मुझे सेवा करने का मौका मिला, आज कच्‍छ, हिन्‍दुस्‍तान के जो प्रमुख जिले हैं तेज गति से आगे बढ़ने वाले उन तेज गति से आगे बढ़ने वाले जिलों में कच्‍छ हो गया है।

उत्‍तर प्रदेश के भी कई इलाकों के मेरे भाई-बहन अपना भाग्‍य कच्‍छ में आकर आजमा रहे हैं। और कच्‍छ के मेरे अनुभव से कहता हूं, हम बुंदेलखंड को भी फिर से वो ताकत दे सकते हैं, फिर से नई जिंदगी दे सकते हैं। यहां की माताओं-बहनों की सबसे बड़ी मुश्किल को दूर करने के लिए, बुंदेलखंड में जल जीवन मिशन के तहत भी तेजी से काम हो रहा है। बुंदेलखंड और साथ-साथ विंध्यांचल में, पाइप से हर घर में पानी पहुंचे, इसके लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

भाइयों और बहनों,

परिवारवादियों की सरकारों ने दशकों तक यूपी के अधिकतर गांवों को प्यासा रखा। कर्मयोगियों की सरकारों ने सिर्फ 2 साल के भीतर ही 30 लाख परिवारों को यूपी में नल से जल दिया है। परिवारवादियों की सरकारों ने बच्चों को, बेटियों को, स्कूलों में अलग शौचालय, पीने के पानी की सुविधाओं से वंचित रखा, कर्मयोगियों की डबल इंजन की सरकार ने बेटियों के लिए स्कूल में अलग टॉयलेट भी बनाए और यूपी के 1 लाख से अधिक स्कूलों, हजारों आंगनबाड़ी केंद्रों तक नल से जल भी पहुंचाया। जब गरीब का कल्याण ही सर्वोच्च प्राथमिकता हो, तो ये ऐसे ही काम होता है, इतनी तेजी से ही काम होता है।

भाइयों और बहनों,

हमारी सरकार ने बीज से लेकर बाज़ार तक हर स्तर पर किसानों के हित में भी कदम उठाए हैं। बीते 7 सालों में साढ़े 1600 से अधिक अच्छी क्वालिटी के बीज तैयार किए गए हैं। जिनमें से अनेक बीज कम पानी में अधिक पैदावार देते हैं। आज बुंदेलखंड की मिट्टी के अनुकूल मोटे अनाज, दलहन और तिलहन पर सरकार विशेष फोकस कर रही है। बीते सालों में दलहन और तिलहन की रिकॉर्ड खरीद की गई है। हाल में सरसों, मसूर जैसी अनेक दालों के लिए 400 रुपए प्रति क्विंटल तक MSP बढ़ाया गया है। भारत, खाने के तेल में आत्मनिर्भर बने, खाने का तेल विदेश से आयात करने के लिए जो हर वर्ष हम 80 हज़ार करोड़ रुपए विदेश भेजते हैं, वो 80 हजार करोड़ किसानों के पास जाएं, आपको मिले, देश के किसानों को मिले, इसके लिए राष्ट्रीय मिशन शुरु किया गया है। इससे बुंदेलखंड के किसानों को भी बहुत मदद मिलने वाली है।

भाइयों और बहनों,

परिवारवादियों की सरकारें किसानों को सिर्फ अभाव में रखना चाहती थीं। वो किसानों के नाम से घोषणाएं करते थे, लेकिन किसान तक पाई भी नहीं पहुंचती थी। जबकि पीएम किसान सम्मान निधि से हमने अब तक 1 लाख 62 हज़ार करोड़ रुपए सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे हैं। ये पूरी रकम हर किसान परिवार तक पहुंची है। परिवारवादियों ने तो छोटे किसानों-पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा से भी वंचित रखा था। हमारी सरकार ने छोटे किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा से भी जोड़ने का काम किया है।

भाइयों और बहनों,

हम बुंदेलखंड से पलायन को रोकने के लिए, इस क्षेत्र को रोज़गार में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बुंदेलखंड एक्‍सप्रेस, ये बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे और यूपी डिफेंस कॉरिडोर भी इसका एक बहुत बड़ा प्रमाण है। आने वाले समय में यहां सैकड़ों उद्योग लगेंगे, युवाओं को यहीं रोज़गार मिलेगा। अब इन इलाकों की किस्मत, सिर्फ एक महोत्सव की मोहताज नहीं रहेगी। यही नहीं, इस क्षेत्र के पास इतिहास, आस्था, संस्कृति और प्रकृति का जो खजाना है, वो भी रोज़गार का बहुत बड़ा माध्यम बनता जा रहा है। ये क्षेत्र तीर्थों का क्षेत्र है। इस स्थान को गुरू गोरखनाथ जी का आशीर्वाद मिला हुआ है। राहिला सागर सूर्य मंदिर हो, मां पीतांबरा शक्ति पीठ हो, चित्रकूट का मंदिर हो, सोनागिरि तीर्थ हो, यहां क्या नहीं है? बुंदेली भाषा, काव्य, साहित्य, गीत-संगीत और महोबा की शान- देशावरी पान, इनसे कौन आकर्षित नहीं होगा। रामायण सर्किट योजना के तहत यहां के अनेक तीर्थों को विकसित किया जा रहा है।

भाइयों और बहनों,

ऐसे ही अनेक कार्यकमों से डबल इंजन की सरकार इस दशक को बुंदेलखंड का, उत्तर प्रदेश का दशक बनाने में जुटी है। इस डबल इंजन को आपके आशीर्वाद की शक्ति मिलती रहेगी, इसी विश्वास के साथ मैं आप सबकी इजाजत ले करके यहां से अब झांसी के कार्यक्रम के लिए रवाना होने वाला हूं। आप इतनी बड़ी तादाद में आ करके हम सबको आर्शीवाद दिए, इसके लिए मैं हृदय से आपका बहुत-बहुत आभारी हूं। मेरे साथ बोलिए-

भारत माता की, जय!

भारत माता की, जय!

भारत माता की, जय!

बहुत-बहुत धन्यवाद !

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
India at Davos: From presence to partnership in long-term global growth

Media Coverage

India at Davos: From presence to partnership in long-term global growth
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
आज भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़ा है, इसका उद्देश्य जीवन और कारोबार दोनों को आसान बनाना है: 18वें रोजगार मेले में पीएम मोदी
January 24, 2026
बीते वर्षों में, रोजगार मेला एक संस्था बन गया है और इसके जरिए लाखों युवाओं को सरकार के अलग-अलग विभागों में नियुक्ति पत्र मिल चुके हैं: प्रधानमंत्री
आज, भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है; हमारी सरकार का निरंतर प्रयास है कि भारत की युवाशक्ति के लिए देश-दुनिया में नए-नए अवसर बनें: प्रधानमंत्री
आज, भारत सरकार कई देशों के साथ व्यापार और आवागमन समझौते कर रही है जो देश के युवाओं के लिए अनेकों नए अवसर लेकर आ रहे हैं: प्रधानमंत्री
आज, देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़ा है, इसका उद्देश्य देश में जीवन और कारोबार दोनों को आसान बनाने का है: प्रधानमंत्री

सभी युवा साथियों, आप सबको मेरा नमस्कार! साल 2026 का आरंभ, आपके जीवन में नई खुशियों का आरंभ कर रहा है। इसके साथ ही जब वसंत पंचमी कल ही गई है, तो आपके जीवन में भी ये नई वसंत का आरंभ हो रहा है। आपको ये समय, संविधान के प्रति अपने दायित्वों से भी जोड़ रहा है। संयोग से इस समय देश में गणतंत्र का महापर्व चल रहा है। कल 23 जनवरी को हमने नेताजी सुभाष की जयंती पर पराक्रम दिवस मनाया, और अब कल 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस है, फिर उसके बाद 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस है। आज का दिन भी विशेष है। आज के ही दिन हमारे संविधान ने ‘जन गण मन’ को राष्ट्रीय गान और ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया था। आज के इस महत्वपूर्ण दिन, देश के इकसठ हज़ार से ज्यादा नौजवान जीवन की नई शुरुआत कर रहे हैं। आज आप सबको सरकारी सेवाओं के नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं, ये एक तरह से Nation Building का Invitation Letter है। ये विकसित भारत के निर्माण को गति देने का संकल्प पत्र है। आप में बहुत सारे साथी, देश की सुरक्षा को मज़बूत करेंगे, हमारे एजुकेशन और हेल्थकेयर इकोसिस्टम को और सशक्त करेंगे, कई साथी वित्तीय सेवाओं और एनर्जी सिक्योरिटी को मज़बूती देंगे, तो कई युवा हमारी सरकारी कंपनियों की ग्रोथ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मैं आप सभी युवाओं को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

युवाओं को कौशल से जोड़ना और उन्हें रोजगार-स्वरोजगार के अवसर देना, ये हमारी सरकार की प्राथमिकता रही है। सरकारी भर्तियों को भी कैसे मिशन मोड पर किया जाए, इसके लिए रोज़गार मेले की शुरुआत की गई थी। बीते वर्षों में रोज़गार मेला एक इंस्टीट्यूशन बन गया है। इसके जरिए लाखों युवाओं को सरकार के अलग-अलग विभागों में नियुक्ति पत्र मिल चुके हैं। इसी मिशन का और विस्तार करते हुए, आज देश के चालीस से अधिक स्थानों पर ये रोजगार मेला चल रहा है। इन सभी स्थानों पर मौजूद युवाओं का मैं विशेष तौर पर अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज भारत, दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है। हमारी सरकार का निरंतर प्रयास है कि भारत की युवाशक्ति के लिए देश-दुनिया में नए-नए अवसर बनें। आज भारत सरकार, अनेक देशों से ट्रेड और मोबिलिटी एग्रीमेंट कर रही है। ये ट्रेड एग्रीमेंट भारत के युवाओं के लिए अनेकों नए अवसर लेकर आ रहे हैं।

साथियों,

बीते समय में भारत ने आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अभूतपूर्व निवेश किया है। इससे कंस्ट्रक्शन से जुड़े हर सेक्टर में रोजगार बहुत बढ़े हैं। भारत के स्टार्ट-अप इकोसिस्टम का दायरा भी तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है। आज देश में करीब दो लाख रजिस्टर्ड स्टार्ट-अप हैं। इनमें इक्कीस लाख से ज्यादा युवा काम कर रहे हैं। इसी प्रकार, डिजिटल इंडिया ने, एक नई इकॉनॉमी को विस्तार दिया है। एनिमेशन, डिजिटल मीडिया, ऐसे अनेक क्षेत्रों में भारत एक ग्लोबल हब बनता जा रहा है। भारत की क्रिएटर इकॉनॉमी बहुत तेज़ गति से ग्रो कर रही है, इसमें भी युवाओं को नई-नई अपॉरचुनिटीज मिल रही हैं।

मेरे युवा साथियों,

आज भारत पर जिस तरह दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है, वो भी युवाओं के लिए अनेक नई संभावनाएं बना रहा है। भारत दुनिया की एकमात्र बड़ी इकॉनॉमी है, जिसने एक दशक में GDP को डबल किया है। आज दुनिया के सौ से अधिक देश, भारत में FDI के जरिए निवेश कर रहे हैं। वर्ष 2014 से पहले के दस वर्षों की तुलना में भारत में ढाई गुना से अधिक FDI आया है। और ज्यादा विदेशी निवेश का अर्थ है, भारत के युवाओं के लिए रोजगार के अनगिनत अवसर।

साथियों,

आज भारत एक बड़ी मैन्युफेक्चरिंग पावर बनता जा रहा है। Electronics, दवाएं और वैक्सीन, डिफेंस, ऑटो, ऐसे अनेक सेक्टर्स में भारत के प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट, दोनों में अभूतपूर्व वृद्धि हो रही है। 2014 के बाद से भारत की electronics manufacturing में छह गुना वृद्धि हुई है, छह गुना। आज ये 11 लाख करोड़ रुपए से अधिक की इंडस्ट्री है। हमारा इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट भी चार लाख करोड़ रुपए को पार कर चुका है। भारत की ऑटो इंडस्ट्री भी सबसे तेजी से ग्रो करने वाले सेक्टर्स में से एक बन गई है। वर्ष 2025 में टू-व्हीलर की बिक्री दो करोड़ के पार पहुंच चुकी है। ये दिखाता है कि देश के लोगों की खरीद शक्ति बढ़ी है, इनकम टैक्स और GST कम होने से उन्हें अनेक लाभ हुए हैं, ऐसे अनेक उदाहरण हैं, जो बताते हैं कि देश में बड़ी संख्या में रोजगार का निर्माण हो रहा है।

साथियों,

आज के इस आयोजन में 8 हजार से ज्यादा बेटियों को भी नियुक्ति पत्र मिले हैं। बीते 11 वर्षों में, देश की वर्कफोर्स में वीमेन पार्टिसिपेशन में करीब-करीब दोगुनी बढ़ोतरी हुई है। सरकार की मुद्रा और स्टार्ट अप इंडिया जैसी योजनाओं का, बहुत बड़ा फायदा हमारी बेटियों को हुआ है। महिला स्व-रोजगार की दर में करीब 15 परसेंट की बढ़ोतरी हुई है। अगर मैं स्टार्ट अप्स और MSMEs की बात करूं, तो आज बहुत बड़ी संख्या में वीमेन डायरेक्टर, वीमेन फाउंडर्स हैं। हमारा जो को-ऑपरेटिव सेक्टर है, जो हमारे सेल्फ हेल्प ग्रुप्स गांवों में काम कर रहे हैं, उनमें बहुत बड़ी संख्या में महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं।

साथियों,

आज देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़ा है। इसका उद्देश्य, देश में जीवन और कारोबार, दोनों को आसान बनाने का है। GST में नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स का सभी को फायदा हुआ है। इससे, हमारे युवा आंत्रप्रन्योर्स को लाभ हो रहा है, हमारे MSMEs को फायदा हो रहा है। हाल में देश ने ऐतिहासिक लेबर रिफॉर्म्स लागू किए हैं। इससे, श्रमिकों, कर्मचारियों और बिजनेस, सबको फायदा होगा। नए लेबर कोड्स ने, श्रमिकों के लिए, कर्मचारियों के लिए, सामाजिक सुरक्षा का दायरा और सशक्त किया है।

साथियों,

आज जब रिफॉर्म एक्सप्रेस की चर्चा हर तरफ हो रही है, तो मैं आपको भी इसी विषय में एक काम सौंपना चाहता हूं। आप याद कीजिए, बीते पांच-सात साल में कब-कब आपका सरकार से किसी न किसी रूप में संपर्क हुआ है? कहीं किसी सरकारी दफ्तर में काम पड़ा हो, किसी और माध्यम से संवाद हुआ हो और आपको इसमें परेशानी हुई हो, कुछ कमी महसूस हुई हो, आपको कुछ न कुछ खटका हो, जरा ऐसी बातों को याद करिए। अब आपको तय करना है, कि जिन बातों ने आपको परेशान किया, कभी आपके माता पिता को परेशान किया, कभी आपके यार दोस्तों को परेशान किया, और वो जो आपको अखरता था, बुरा लगता था, गुस्सा आता था, अब वो कठिनाइयां, आपके अपने कार्यकाल में आप दूसरे नागरिकों को नहीं होने देंगे। आपको भी सरकार का हिस्सा होने के नाते, अपने स्तर पर छोटे-छोटे रिफॉर्म करने होंगे। इस अप्रोच को लेकर के आपको आगे बढ़ना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों का भला हो। Ease of living, Ease of doing business, इसको ताकत देने का काम, जितनी नीति से होता है, उससे ज्यादा स्थानीय स्तर पर काम करने वाले सरकारी कर्मचारी की नीयत से होता है। आपको एक और बात याद रखनी है। तेज़ी से बदलती टेक्नॉलॉजी के इस दौर में, देश की ज़रूरतें और प्राथमिकताएं भी तेज़ी से बदल रही हैं। इस तेज़ बदलाव के साथ आपको खुद को भी अपग्रेड करते रहना है। आप iGOT कर्मयोगी जैसे प्लेटफॉर्म का जरूर सदुपयोग करें। मुझे खुशी है कि इतने कम समय में, करीब डेढ़ करोड़ सरकारी कर्मचारी iGOT के इस प्लेटफॉर्म से जुड़कर खुद को नए सिरे से ट्रेन कर रहे हैं, Empower कर रहे हैं।

साथियों,

चाहे प्रधानमंत्री हो, या सरकार का छोटा सा सेवक, हम सब सेवक हैं और हम सबका एक मंत्र समान है, उसमें न कोई ऊपर है, न कोई दाएं बाएं है, और हम सबके लिए, मेरे लिए भी और आपके लिए भी मंत्र कौन सा है- ‘’नागरिक देवो भव’’ ‘’नागरिक देवो भव’’ के मंत्र के साथ हमें काम करना है, आप भी करते रहिए, एक बार फिर आपके जीवन में ये जो नई वसंत आई है, ये नया जीवन का युग शुरू हो रहा है और आप ही के माध्यम से 2047 में विकसित भारत बनने वाला है। आपको मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं। बहुत-बहुत धन्यवाद।