प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मानवता की रक्षा के लिए आदरणीय बापू द्वारा अहिंसा की भावना को दर्शाने वाले संस्कृत में रचित सुभाषितम को साझा किया।
"अहिंसा परमो धर्मस्तथाऽहिंसा परन्तपः।
अहिंसा परमं सत्यं यतो धर्मः प्रवर्तते॥"
सुभाषितम् का तात्पर्य है कि अहिंसा सर्वोच्च कर्तव्य है, अहिंसा सर्वोच्च तपस्या है। अहिंसा ही परम सत्य है, जिस भाव को लेकर समस्त धर्मों की रचना हुई है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर अपनी एक पोस्ट में लिखा;
“पूज्य बापू ने मानवता की रक्षा के लिए हमेशा अहिंसा पर बल दिया। इसमें वह शक्ति है, जो बिना हथियार के दुनिया को बदल सकती है।
अहिंसा परमो धर्मस्तथाऽहिंसा परन्तपः।
अहिंसा परमं सत्यं यतो धर्मः प्रवर्तते॥"
पूज्य बापू ने मानवता की रक्षा के लिए हमेशा अहिंसा पर बल दिया। इसमें वह शक्ति है, जो बिना हथियार के दुनिया को बदल सकती है।
— Narendra Modi (@narendramodi) January 30, 2026
अहिंसा परमो धर्मस्तथाऽहिंसा परन्तपः।
अहिंसा परमं सत्यं यतो धर्मः प्रवर्तते॥ pic.twitter.com/DOkI98wdYu





